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कबीरधाम / शौर्यपथ / राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तुलना नक्सलियों से करने के मुख्यमंत्री के बयान को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री और जिला पंचायत कबीरधाम की सभापति भावना बोहरा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान को निंदनीय बताया है।
भावना बोहरा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वतंत्र संगठन है जिसके लिए राष्ट्र व राष्ट्र सेवा सर्वोपरि है। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इतने बड़े संगठन की तुलना नक्सलियों से करना निंदनीय है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज अपरिचित नाम नहीं है। भारत में ही नहीं, विश्वभर में संघ के स्वयंसेवक फैले हुए हैं। भारत में लद्दाख से लेकर अंडमान निकोबार तक इसकी नियमित शाखायें हैं जिसका प्रत्येक स्वयंसेवी राष्ट्र व मातृभूमि के सेवा के लिए अनवरत कार्य कर रहें हैं।स्वयंसेवकों द्वारा समाज के उपेक्षित वर्ग के उत्थान के लिए, उनमें आत्मविश्वास व राष्ट्रीय भाव निर्माण करने हेतु डेढ़ लाख से अधिक सेवा कार्य चल रहे हैं। संघ के अनेक स्वयंसेवक सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में समाज के विभिन्न बंधुओं के सहयोग से अनेक संगठन चला रहे हैं।
भावना बोहरा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के शासन में जिस प्रकार से हिंसा व अपराधिक मामले बढ़ रहें हैं वह चिंतनीय है, लेकिन सरकार के आला नेताओं द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं है। छत्तीसगढ़ हमेशा से खुशहाल प्रदेश रहा है जहाँ हर वर्ग और समाज के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। परन्तु जब से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आई है तब से यहां अशांति का माहौल है। जनता से किये वादों को पूरा करने की बजाय राज्य सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। अपनी कुनीति और नाकामयाबी को वह दूसरों के सर थोपने का प्रयास कर रही है।
भावना बोहरा ने आगे कहा कि संघ का प्रत्येक कार्यकर्ताओं ने कोरोना संकट हो या प्राकृतिक आपदा या कोई भी परिस्थति हो वे सदैव राष्ट्र व जनता की सेवा के लिए दिन-रात कार्य करते रहें हैं।राष्ट्र व समाज पर आने वाली हर विपदा में स्वयंसेवकों द्वारा सेवा के कीर्तिमान खड़े किये गये हैं। संघ से बाहर के लोगों यहां तक कि विरोध करने वालों ने भी समय-समय पर इन सेवा कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। ऐसे संगठन की जो माँ भारती के लिए अपनी जान न्योछावर करने से भी नहीं डरते उनकी तुलना नक्सलियों से करना अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। आरएसएस का सिद्धांत सिर्फ राष्ट्रप्रेम है उसकी विचारधारा में धर्म, जाती, भेद का कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ऐसा बयान देने से पहले संघ के सिद्धांतो, उसकी विचारधारा, उसके आदर्शों एवं संस्कृति का अध्ययन करना चाहिए।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना नक्सलियों से करने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सांसद संतोष पांडे ने जमकर भड़ास निकालते हुए हमला बोला। सांसद ने मुख्यमंत्री के बयान को अत्यंत दुखद और होशो हवास से परे बताया है। उन्होंने कहा कि हाथ कंगन को आरसी क्या, उनके पिता प्रतिमाह मानपुर के जंगलों में बिना सुरक्षा के घुसते हैं और नक्सली के रूप में रासुका में तीन बार सजायाफ्ता और जेल यात्री तथाकथित आदिवासियों के नेता से क्या गुफ्तगू षड्यंत्र रचते हैं, क्या वे इसे स्पष्ट करेंगे। बयान देने के पूर्व मुख्यमंत्री को थोड़ा इतिहास की भी जानकारी होनी चाहिए कि उनके पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने युद्ध, बाढ़ और महामारी में संघ की सेवा भावना को देखते हुए गणतंत्र दिवस परेड में आमंत्रित कर सम्मानित किया था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संघ का संचालन तो देश से होता है किंतु राजीव गांधी फाउंडेशन का संचालन और फंडिंग तो वेटिकन सिटी और चीन से हो रही है बताएं कि राजीव गांधी फाउंडेशन में राष्ट्रहित में क्या-क्या कार्य किए हैं। वे यह भी जान लें कि आरएसएस का सिद्धांत सिर्फ राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र सर्वोपरि है। संघ की विचारधारा में धर्म, जाति, भेद का कोई स्थान नहीं। बयान के पूर्व उन्हें आरएसएस के सिद्धांतों का अध्ययन करना चाहिए।
प्रदेश में कानून व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुका है। अधिकारी अपनी मर्जी से बयान दे रहे हैं। भोले भाले तीर्थयात्री और पर्यटकों को प्रताड़ित कर जेल भेजा जा रहा है। प्रदेश में आर्थिक स्थिति लचर है, इन्हीं अकर्मण्यताओं को छुपाने के लिए संघ को अपना ढाल बना रहे हैं। अपने बयान की समाप्ति पर सांसद ने मुख्यमंत्री से यह भी पूछा कि उत्तर प्रदेश में की गई 50-50 लाख की घोषणा वाली राशि वे कांग्रेस के पार्टी फंड से या राजीव गांधी फाउंडेशन से करेंगे कि छत्तीसगढ़ वासियों के खून पसीने से सरकारी कोष में जमा की गई राशि को देने वाले हैं।
भाजपा बताये जशपुर के जैसे त्वरित कार्यवाही लखीमपुर में क्यों नहीं हुयी थी?
जशपुर मामले में गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के भाजपाई का रिश्तेदार
रायपुर/ शौर्यपथ / जशपुर मामले में भाजपा द्वारा लिये गये प्रेस कांफ्रेस और आंदोलन को कांग्रेस ने भाजपा की स्तरहीन राजनीति बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि जब घटना के अपराधी गिरफ्तार हो चुके है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलॉफ धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका है। अपराधियों के विरूद्ध गांजा तस्करी के लिये 20 बी एन डी पीएस एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। प्रथम दृष्टया लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही की जा चुकी है। मृतक के परिजनों को 50 लाख मुआवजा देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने कर दिया है। घायलों का समुचित बेहतर ईलाज करवाया जा रहा है। फिर भारतीय जनता पार्टी इस दुर्घटना को लेकर किस बात का आंदोलन कर रही है?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में रोड एक्सीडेंट की घटना पर इतनी कड़ी कार्यवाही के बाद आंदोलन की नौटंकी कर रही है। लखीमपुर की घटना के समय भाजपाईयों की संवेदना कहां गयी थी। वहां पर तो भाजपा नेता के पुत्र ने आंदोलनरत किसानों को मारने का इरादा बनाकर गाड़ी चढ़ा कर उनकी हत्या किया था तब भी योगी सरकार को हत्या का मुकदमा दर्ज करने में पांच दिन लग गये थे। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भाजपा नेता के पुत्र को सरेंडर करने का अवसर दिया गया था। हत्या के आरोपी को सरेंडर का अवसर दिया जाता है या उसका गिरेबान पकड़ कर सलाखों के पीछे डाला जाता है। भाजपा बताये जशपुर के जैसे त्वरित कार्यवाही लखीमपुर में क्यों नही हुयी थी?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा ने लाश पर राजनीति कर रही है। पहले भाजपा ने घटना को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जब सफल नहीं हुये तब आंदोलन को नौटंकी कर रहे है। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिये कि घटना में पकड़ाये अपराधी का मध्यप्रदेश के सिंगरौली की भाजपा नेत्री से क्या संबंध है? भाजपा शासित मध्यप्रदेश नशा और गांजा की खपत का इतना बड़ा अड्डा कैसे बन गया है। आज उड़ीसा से निकलने वाला गांजा जो छत्तीसगढ़ में लगातार पकड़ा जा रहा है वह मध्यप्रदेश ही जाता है इसका सीधा अर्थ है कि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार नशे के कारोबार गांजा तस्करों को प्रश्रय दे रही है। भाजपा मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ आंदोलन का साहस क्यों नहीं दिखाती? भाजपा जशपुर की घटना में पकड़ाये अपराधी की रिश्तेदार जो सिंगरौली भाजपा की नेत्री है उस पर कार्यवाही का साहस क्यों नहीं दिखाती है।
रायपुर । शौर्यपथ । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा कवर्धा तनाव के कारण अपना जन्मदिन नहीं मनाने के निर्णय को कांग्रेस ने घड़ियाली आंसू बहाने की संज्ञा दी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह को वास्तव में कवर्धा की इतनी ही चिंता होती तो कवर्धा में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनती ही नहीं। रमन अपने पुत्र को समझा लेते तो कवर्धा में तनाव होता ही नहीं। युवाओं के दो छोटे समूह के झगड़े को भारतीय जनता पार्टी संघ ने सांप्रदायिक तनाव का रंग देने का प्रयास किया। रमन सिंह के पुत्र पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और वर्तमान सांसद संतोष पांडेय ने वहां पर माहौल को और बिगाड़ने का काम किया। रमन सिंह जेल में बंद उपद्रवी तत्वों के लिये चिंहित है लेकिन कवर्धा में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये दोनों पक्षों से शांति की अपील रमन सिंह ने कभी नहीं किया। रमन सिंह जन्मदिन नहीं मनाने की नौटंकी करने के बजाय अपने पुत्र को शांति और सद्भाव की शिक्षा देते तो प्रदेश और कवर्धा का ज्यादा भला होता। रमन सिंह प्रदेश के तीन बार 15 सालों तक मुख्यमंत्री रहे है। प्रदेश की जनता उनसे इतनी अपेक्षा तो रखती है कि खोई हुई सत्ता प्राप्ति के जतन के लिये वे प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब पर प्रहार नहीं करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कवर्धा में शांति की स्थापना और कर्फ्यू में ढील के बाद जिस प्रकार से संघ भाजपा और विहिप के लोगों ने प्रदेश भर में प्रदर्शन किया, उससे स्पष्ट हो गया कि कवर्धा तनाव संघ और भाजपा की सुनियोजित प्रयोग था जिसे भाजपा पूरे प्रदेश में फैलाकर अपनी राजनैतिक रोटी सेकना चाहती है। एक शहर के दो गुटों के छोटे से झगड़े को सांप्रदायिक तनाव में बदलने की साजिश के बाद उसको प्रदेश स्तर पर विस्तारित करने की भाजपा की योजना बेनकाब हो चुकी है। प्रदेश और देश की जनता भाजपा के चरित्र को जान चुकी है भाजपा अपने राजनैतिक हितों को साधने के लिये किसी भी स्तर तक जा सकती है।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के आरएसएस और नक्सली संगठनों की प्रदेश से बाहर संचालन की जो बातें कहीं है वो कटु सत्य है। भाजपा के तिलमिलाह बता रही है तीर निशाने पर लगी है। भाजपा के नेताओं को बताना चाहिये आजादी के दिन से लेकर आज तक हिन्दु, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, सभी धर्म समप्रदाय के लोगों ने तिरंगा फहराया, लेकिन आरएसएस के मुख्यालय में 50 साल तक तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया? आरएसएस मुख्यालय में तिरंगा फहराने गये युवाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों करवायी गयी? छत्तीसगढ़ के संघ नेताओं को नागपुर मुख्यालय से जो आदेश मिलता है वो चाहें छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार आचरण के विपरीत हो छत्तीसगढ़ के संघी पालन करते है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका माना जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी ने वनवास काल के दौरान शबरी के झूठे बेर खाकर प्रेम का संदेश दिया। बाबा घासी दास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया जो छत्तीसगढ़ की मूल भावना है, लेकिन आरएसएस के स्थानीय नेता इसके विपरती जाकर छत्तीसगढ़ में धर्म को धर्म से लड़ाने वैमनस्यता फैलाने नागपुर के आदेश का पालन करते है।
आरएसएस से जुड़े लोग कई बार सार्वजनिक मंचो से एवं संघ के आंतरिक कार्यक्रमों में सविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बनाये संविधान को बदलने की बात कह चुके है। और नक्सली तो भारतीय संविधान के विपरीत ही काम करते है। जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ में नक्सली अपने विचारधारा को आम जनता के ऊपर लादने के लिए हिंसा का मार्ग अपनाते हैं। संविधान के खिलाफ काम करते हैं। आरएसएस भी अपने विचारधारा को आमजनता के ऊपर जोर जबरदस्ती लादने की कोशिश करती है। दोनों में अंतर सिर्फ इतना है कि नक्सली गोली का सहारा लेती है और आरएसएस से जुड़े लोग वैमनस्यता फैलाने वाली जहरीली बोली का। दोनों सामाजिक समरसता एकता अखंडता भाईचारा को खंडित करने वाले क्रिया कलापों से पीछे नही हटती है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ संघ के नेता नागपुर के आदेश में तीन बार रमन भाजपा की सरकार बनाये। दो बार केंद्र में मोदी की सरकार बनाये लेकिन दोनों सरकार ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं के साथ धोखा देने का काम किया। मोदी सरकार तो सरकारी सम्पत्ति को कौड़ी के मोल बेच रही है। देश की नवरत्न कम्पनियों, रेलवे स्टेशन, रेल्वे हवाई अड्डा, विमान कम्पनी, गेल, भेल, पेट्रोलियम कम्पनी, सहित लगभग हर सरकारी संस्थानों को चंद पूंजीपत्तियो को सौंप रही है और आरएसएस मौन है। तीन कृषि कानून देश पर थोपा जा रहा है जिसके खिलाफ देश भर के किसान आंदोलनरत है आरएसएस मौन है।
रायपुर । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कवर्धा विवाद में शांति बहाली के बाद आरएसएस भाजपा द्वारा विभिन्न संगठनों को लेकर धरना-प्रदर्शन पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि, कवर्धा की सम्माननित जनता साजिस कर्ताओ के मंसूबे को जान चुकी है और उन्हें पहचान भी चुकी है। भाजपा की पितृ संस्था आरआरएस ने पहले तो साजिश कर शांत धर्मनगरी कवर्धा में बाहरी असामाजिक तत्वो के द्वारा साजिस कर उन्माद फैलाया और अब परिस्थितियां सामान्य हो रही है तो उसे सियासी रंग देने का असफल प्रयास कर रही हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, आरएसएस,भाजपा के अनुषांगिक संगठनों का धरना-प्रदर्शन आग में घी डालने के बराबर। धर्मनगरी कवर्धा की शांति-सौहार्द धूमिल करने वाले दोषियों को प्रशासन सबूतों के आधार पर कार्यवाही कर रही हैं। कवर्धा की जनता शांति चाहती है। भाजपा वहां अशांति फैलाने में लगी है। कवर्धा में शांति समिति की बैठक के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने शांति बहाल करने में प्रशासन के प्रयासों पर संतोष जताया था। भारतीय जनता पार्टी, विहिप और आरएसएस के लोगों ने प्रशासन के रोक के बाद जबरिया रैली निकाल कर नारेबाजी कर माहौल को और तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया। भाजपा सोची समझी साजिश के तहत प्रदेश का धार्मिक सौहादर्य बिगाड़ने के प्रयास में लगी है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, पहले प्रदेश में धर्मांतरण का झूठा माहौल बनाने की कोशिश की गयी। जब काल्पनिक धर्मांतरण के मुद्दे की हवा निकल गई तब भाजपा कवर्धा जैसे क्षेत्र को चिन्हित करके सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहती है। आरएसएस भाजपा बेबुनियाद झूठे आरोप लगाकर दोषियों को बचाना चाहती हैं।
रायपुर। शौर्यपथ । देश में उत्पन्न कोयला संकट के लिए कांग्रेस ने मोदी भाजपा सरकार के हम दो और हमारे दो के नीति को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा की सरकार अपनी गलतियों, नाकामियों के लिए कब तक विदेशों पर ठीकरा फोड़कर आम जनता की आंखों में धूल झोंकते रहेंगे। आजादी के बाद देश में हमेशा कोयले का स्टॉक 15 दिन से अधिक का रहता था। 2014 से 2016 के बीच कोल इंडिया लिमिटेड ने कोयला उत्पादन में रिकार्ड बनाया था। इसके बाद अडानी ग्रुप का कोयला क्षेत्र में दखल बढ़ा। ऐसा क्या हुआ कि बीते 7 साल में मोदी भाजपा के कार्यकाल में देश में कोयला का स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। देश के अधिकांश कोयला खदानों पर मोदी के मित्रो का कब्जा है। मोदी सरकार अपने मित्रों के मुनाफ़ाखोरी को संरक्षण दे रही है। देश में कोयला की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता और निरंतर खनन होने के बाद कोयला का संकट उत्पन्न होना और केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद पटेल का बारिश के चलते कोयला की कमी बताना एवं विदेशों में कोयला महंगा होने का रोना, रोना देश की जनता के ऊपर आने वाली बिजली संकट और बिजली के दरों में बढ़ोतरी की साजिश को ईशारा करता है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मोदी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में कोयला संकट मोदी भाजपा निर्मित है। मोदी सरकार विद्युत संशोधन अधिनियम 2020 लागू करने का रास्ता बना रही है जिससे कि कोयला उत्पादन एवं विद्युत संयंत्रों को पूर्णतः निजी हाथों में सौपने के रास्ते खुल जायेगा। भाजपा शासित राज्यों को छोड़कर बाकी राज्य सरकारों ने विद्युत संशोधन अधिनियम 2020 का विरोध किया और इसे देश एवं देश की जनता के हित के खिलाफ करार दिया है। जिस प्रकार से 4 माह पहले केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग ने राज्यों के साथ बैठक कर बिजली की दरों में बढ़ोतरी का जो प्रस्ताव पास किया और मोदी भाजपा की सरकार ने देश के अधिकांश विद्युत ताप घरों को निजी हाथों में सौंपने की नीति बनाई है इससे स्पष्ट नजर आता है कि कोयला का संकट मोदी भाजपा और उनके मित्रों के द्वारा निर्मित की गई है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कोयला संकट पर मोदी सरकार को देश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करना चाहिए और कोयला मामले पर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। देश की जनता को मोदी सरकार बताएं, देश के अधिकांश कोल माइंस किसके अधिकार में है? राज्य सरकार के विद्युत उत्पादन संयंत्रों को कोयला का सप्लाई करने का अधिकार किन के पास है?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने कोयला की आपूर्ति और उपलब्धता की समीक्षा की है। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 23290 मीट्रिक टन कोयला की आपूर्ति हो रही है। जिसे बढ़ाकर 29500 मीट्रिक टन करने के निर्देश दिए गए हैं एसआईसीएल के द्वारा छत्तीसगढ़ में कोयला का उत्पादन किया जा रहा है और गुणवत्ता युक्त कोयला छत्तीसगढ़ के मांग के अनुसार प्राथमिकता से छत्तीसगढ़ को उपलब्ध कराया जाने का निर्देश दिया गया है।
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा द्वारा चांवल वितरण में गड़बड़ी बताकर किये गए प्रदेशव्यापी प्रदर्शन पर तीखा पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, मुद्दा विहीन भाजपा बेबुनियाद, तथ्यविहीन आरोपो के आधार पर जनता में भ्रम पैदा कर गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। भूपेश सरकार गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना के साथ जनता से किये गये वायदों को पूरा करते हुए अग्रसर है। भाजपा का यह प्रदर्शन नौटंकी मात्र है, झूठे आरोप है। कोरोना काल से उपजे संकट के दौर में भाजपा मोदी सरकार की बेरुखी को देखते हुए, पूर्व से ही कांग्रेस भूपेश सरकार ने गरीबों को 35 किलो चावल मुफ्त वितरण देना शुरू करवाया था। बाद में केंद्र सरकार ने 5 किलो चावल देने की घोषणा की थी।
केंद्र, राज्य के केवल 51. 20 लाख राशन कार्डधारियों के लिए प्रधानमंत्री योजना का निशुल्क चावल का आवंटन दिया गया है जबकि राज्य शासन द्वारा 58.91 लाख परिवारों को निशुल्क चावल का वितरण नवंबर 2021 तक किया जाएगा इससे स्पष्ट है कि केंद्र से प्राप्त आवंटन से अधिक चावल का वितरण राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है, तथा अतिरिक्त वितरण किए जा रहे चावल की सब्सिडी राज्य शासन द्वारा वाहन की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, छग देश का पहला राज्य है जहां आबादी की 97 प्रतिशत जनसंख्या को राज्य में पहली बार कांग्रेस भूपेश सरकार सर्वभौम पीडीएस के तहत अंत्योदय, अन्नपूर्णा, निराश्रित, निःशक्तजन, एपीएल वर्ग को खाद्यान्न का लाभ दे रही है।
रायपुर/ शौर्यपथ /
भारतीय जनता पार्टी कवर्धा मामले में राजनैतिक रोटी सेकने की घृणित कुचेष्टा में लगी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कवर्धा तनाव भाजपा की सांप्रदायिक षडय़ंत्र का नतीजा है। कवर्धा की जनता शांति चाहती है भाजपा वहां अशांति फैलाने में लगी है। कवर्धा में शांति समिति की बैठक के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने शांति बहाल करने में प्रशासन के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया था। वहां के हालात भी नियंत्रण में थे। भारतीय जनता पार्टी, विहिप और आरएसएस के लोगों ने प्रशासन के रोक के बाद जबरिया रैली निकाल कर नारेबाजी कर माहौल को और तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया। भाजपा द्वारा कवर्धा में बाहर से रायपुर, कुरूद, धमतरी, राजनांदगांव, दुर्ग के लोगों को लाकर माहौल खराब किया गया।
भाजपा सोची समझी साजिश के तहत प्रदेश का धार्मिक सौहादर्य बिगाडऩे के प्रयास में लगी है। पहले प्रदेश में धर्मांतरण का झूठा माहौल बनाने की कोशिश की गयी। जब काल्पनिक धर्मांतरण के मुद्दे की हवा निकल गई तब भाजपा कवर्धा जैसे क्षेत्र को टारगेट करके सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कुचेष्टा में लग गई। भाजपा की यह कुचाल कभी सफल नहीं होगी। सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ कर राजनैतिक रोटी सेकना भाजपा की पुरानी फितरत है। कवर्धा में भी भाजपा यही कर रही है।
वहां पर कफ्र्यू और धारा 144 लगी है लेकिन भाजपा के नेता वहां जबरिया जाना चाहते थे ताकि मीडिया अटेंशन मिल सके वहां के हालात में सुधार हो यह भाजपा नहीं चाहती। वहां जाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता ओछी राजनीति कर रहे थे वे माहौल को सुधारने के बजाय और बिगाडऩे में लगे थे। आज तक भाजपा के किसी भी बड़े-छोटे नेता ने शांति और सौहादर्य बनाये रखने के लिये जनता के बीच कोई अपील नहीं जारी किया। भाजपा सांप्रदायिक तनाव को बिगाड़ कर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। सांप्रदायिक तनाव छत्तीसगढ़ की तासीर नहीं रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कवर्धा से विधायक मोहम्मद अकबर है जो अपने सांप्रदायिक सौहादर्य और भाई चारे के लिये जाने जाते है। प्रदेश की जनता ने देखा है 1992 में मोहम्मद अकबर ने राजधानी रायपुर के नई मंडी में भव्य विशाल राम मंदिर बनवा कर धार्मिक सद्भावना की मिशाल कायम किया था। आज भी मंडी के राम मंदिर में मोहम्मद अकबर के नाम की ज्योति दोनों नवरात्रि में जलती है। मंदिर की सारी व्यवस्था पुजारी आदि की पूरी व्यवस्था तीनों दशक से अकबर ही संभालते है। प्रशासन के सूझ-बूझ से कवर्धा के हालात अब सुधर रहे हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
