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संगठन के सशक्तिकरण और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्यकर्ताओं में भरा गया नया उत्साह
नारायणपुर | शौर्यपथ
भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय नारायणपुर में आज भाजपा ग्रामीण मंडल की नवगठित कार्यकारिणी की परिचयात्मक बैठक बड़े ही गरिमामय और अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुई। यह बैठक संगठन के विस्तार, मजबूती और भविष्य की रणनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
बैठक की शुरुआत भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुई, जिससे राष्ट्रीय चेतना और संगठन के प्रति समर्पण का भाव प्रकट हुआ।
बैठक में प्रमुख रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष संध्या पवार, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपसाय सलाम, वरिष्ठ नेता बृजमोहन देवांगन, जिला महामंत्री संदीप कुमार झा, गौतम गोलछा, जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी तथा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रेमनाथ उसेंडी मंचासीन रहे।
जिलाध्यक्ष संध्या पवार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा,
"भारतीय जनता पार्टी का मूल मंत्र है — संगठन ही शक्ति है। हमें हर बूथ को सशक्त बनाकर जनसंघर्ष की जमीन पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी है।"
पूर्व जिलाध्यक्ष रूपसाय सलाम ने पार्टी की गौरवशाली यात्रा की चर्चा करते हुए सभी नवगठित पदाधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक, निष्ठा और कर्मठता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
वरिष्ठ नेता बृजमोहन देवांगन ने कहा कि कार्यकर्ताओं को भाजपा की विचारधारा से जनता को जोड़ना चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आए।
ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रेमनाथ उसेंडी ने नवगठित कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय देते हुए संगठन की भावी योजनाओं और कार्यदिशा को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि पार्टी का लक्ष्य है हर गांव, हर घर तक संगठन की पहुंच और भरोसे को मजबूत करना।
कार्यक्रम का संचालन ग्रामीण महामंत्री प्रभुलाल दुग्गा ने कुशलता से किया।
अंत में मंडल उपाध्यक्ष सोहन चौहान ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिचयात्मक बैठक आगामी संगठनीय गतिविधियों के लिए दिशा निर्धारित करने का माध्यम बनेगी।
इस अवसर पर गोपाल दुग्गा, बुधराम कोर्राम, रूपनारायण ठाकुर, रेनू सलाम, मोहन साहू, लक्ष्मण करंगा, राजबती दुग्गा, देवी कुमेटी, सुनीता नाग, रेनी मरकाम सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
?️ रिपोर्ट: हरिया सोनी
?️ स्रोत: शौर्यपथ न्यूज़, नारायणपुर
जगदलपुर। शहर के इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में रविवार को आयोजित संभाग स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में कोंडागांव के उभरते हुए खिलाड़ी मोहम्मद अर्सलान खान ने U-12 आयु वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया।
इस प्रतियोगिता में कुल 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया। छह राउंड की प्रतियोगिता में अर्सलान ने 5 अंक अर्जित किए, जो उनकी सूझबूझ और मानसिक एकाग्रता को दर्शाता है। प्रतियोगिता का आयोजन U-9, U-12, U-15, U-19 और ओपन कैटेगरी में किया गया था।
विद्यालय: चावरा हायर सेकेंडरी स्कूल, कोंडागांव (कक्षा 5वीं)
निवासी: ग्राम सर्गीपाल, कोंडागांव
पिता: मोहम्मद फिरोज खान
इतनी छोटी उम्र में इस बाल खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा से परिवार, विद्यालय और पूरे जिले का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया है। उनके घर में इस उपलब्धि से हर्ष और उत्सव का माहौल है।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे द्वारा मोहम्मद अर्सलान को ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।
स्थान – कोण्डागांव/जगदलपुर
प्रकाशन – शौर्यपथ न्यूज़
कोण्डागांव, 5 जुलाई 2025 – महिलाओं के अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग करने वाले आरोपी अमान वीरानी को कोण्डागाँव पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अमान वीरानी (निवासी मस्जिद गली, वार्ड क्रमांक 11, थाना केशकाल) ने पीड़िता के साथ दोस्ती कर उसका अश्लील वीडियो व फोटो तैयार किया और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक शोषण व पैसों की मांग करता रहा। आरोपी न केवल पीड़िता बल्कि अन्य कई महिलाओं को भी इसी तरह फंसाकर ब्लैकमेल कर चुका है।
पीड़िता की शिकायत पर कोण्डागाँव पुलिस ने बीएनएस की धारा 64(1), 64(2)(ड), 308(2), 324(4), 115(2), 351(2) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वॉय. अक्षय कुमार के निर्देशन में, अति. पुलिस अधीक्षक श्री कौशलेंद्र देव पटेल व केशकाल थाना प्रभारी श्री अरुण नेताम के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूरे अभियान में थाना केशकाल के प्रभारी ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान, सउनि हेमंत देवांगन, सुमित्रा सेठिया, प्र.आर. ललित नेताम, संजय बिसेन, म.आर. सोनल यादव, कोण्डागांव प्रभारी टामेश्वर चौहान, साइबर सेल के उनि अमिताभ खाण्डेकर सहित टीम के अन्य सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पीड़िता समेत अन्य संभावित पीड़िताओं की पहचान के प्रयास भी जारी हैं।
नारायणपुर/शौर्यपथ /विक्रम बैस उर्फ चिंटू हत्याकांड एवं साजिश के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी विप्लव हलधर को नारायणपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी 4 जुलाई को हुई जब पुलिस ने सटीक सूचना, सतर्कता एवं तकनीकी सहायता के माध्यम से घेराबंदी कर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।
हत्या की साजिश डेढ़ महीने पहले रची गई थी
गौरतलब है कि दिनांक 13 मई 2024 को नारायणपुर निवासी विक्रम बैस की निर्मम हत्या की गई थी। इस अंधे हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या में संलिप्त छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मनीष राठौर, जसप्रीत सिंह सिद्धू, विश्वजीत नाग, विप्लव हलधर एवं विवेक अधिकारी ने करीब डेढ़ महीने पहले ही इस हत्या की साजिश रच ली थी।
साजिशकर्ता और सलाहकार की भूमिका में था विप्लव हलधर
पुलिस के अनुसार, विप्लव हलधर हत्या और साजिश के मास्टरमाइंड मनीष राठौर का करीबी सहयोगी एवं मुख्य सलाहकार था। यह गिरोह नक्सलियों के नाम का भय दिखाकर लोगों को धमकाने, पत्र और बैनर के जरिए आतंक फैलाने में भी शामिल रहा है। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बिहार से ₹3 लाख में खरीदी गई थी, और लोकसभा चुनाव के समय अंतागढ़ मार्ग में नक्सली पर्चे और बैनर लगाए गए थे।
पहले से भी आपराधिक मामलों में नामजद था आरोपी
विप्लव हलधर पहले से ही थाना नारायणपुर के अपराध क्रमांक 21/2020 में विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी था, जिसमें धारा 384, 387, 506 IPC एवं IT एक्ट की धाराएं 66(E), 67(A) शामिल हैं। वह इस मामले में जमानत लेकर फरार था और मनीष राठौर के ठिकाने में छिपकर रह रहा था।
हत्या की रात का घटनाक्रम
घटना की रात करीब 10:15 बजे विक्रम बैस स्वामी आत्मानंद हिंदी मिडियम स्कूल बखरूपारा तिराहा के पास अपने घर जा रहा था, तभी संजय माणिकपुरी किराना दुकान के पास उसे रास्ते में रोककर सिर पर गड़ासे से वार किया गया और फिर दो गोलियां—एक छाती में और एक पेट में—मारकर हत्या कर दी गई थी।
अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं ये आरोपी
हत्या के मामले में पहले ही विश्वजीत नाग, संदीप यादव उर्फ संजू, राजीव रंजन यति उर्फ राजू/बिहारी, आर. सैमुअल उर्फ रायनुन्तलम, जसप्रीत सिंह उर्फ पोतू, और विवेक अधिकारी उर्फ सिदाम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
नरेश देवांगन की ख़ास रिपोर्ट
जगदलपुर, शौर्यपथ।
बस्तर का किसान आज फिर से ठगा गया है। जिन कंधों पर देश की खाद्य सुरक्षा टिकी है, उन्हीं किसानों को खाद के नाम पर लूटा जा रहा है। मानसून दस्तक दे चुका है, खेतों में बुवाई का समय है, मगर किसान को समय पर खाद नहीं मिल रही – और जो मिल रही है, वह भी "ओवररेट" और "जबरन पैकेज" के साथ।
कृषि विभाग की नाक के नीचे बस्तर जिले में खाद माफिया बेलगाम हो चुके हैं। किसान यूरिया की एक बोरी के लिए 100 से 120 रुपये तक अधिक भुगतान कर रहे हैं, और दुकानदारों की मनमानी का यह आलम है कि बिना GST बिल के खाद दी जा रही है।
कहीं विभाग की मिलीभगत तो नहीं?
प्रश्न बड़ा है और गंभीर भी – क्या कृषि विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारी इस गोरखधंधे में साझेदार हैं? किसान तो यही कह रहे हैं। उनकी मानें तो विभागीय अधिकारियों को सब पता है, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं कर रहा।
जबर्दस्ती नेनो यूरिया थोपने की रणनीति
तोकापाल के किसान आयुतु ने आरोप लगाया कि लक्ष्मीनाथ कृषि केंद्र से खाद खरीदते समय दुकानदार ने 480 रुपये वसूले और जब उसने बिल मांगा, तो न केवल मना कर दिया गया बल्कि यूरिया के साथ जबरन 500 ml की नेनो यूरिया की बोतल भी थमा दी गई। इनकार करने पर जवाब मिला – “बिना नेनो लिए यूरिया नहीं मिलेगा।”
सोमारू नाग, जो जगदलपुर ब्लॉक से हैं, ने बताया कि उनके इलाके के महालक्ष्मी कृषि केंद्र में यूरिया की बोरी 410 रुपये में बेची जा रही है, वह भी बिना पक्के बिल के।
जब इस संबंध में महालक्ष्मी कृषि केंद्र के संचालक से बात की गई, तो उन्होंने कबूल किया कि “हमें ऊपर से निर्देश मिले हैं – जितनी बोरी यूरिया देंगे, उतनी नेनो यूरिया देनी ही पड़ेगी।”
विभाग चुप, किसान पस्त
पूरा मामला सीधे तौर पर सरकारी नीति और किसानों के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। सत्ताधारी सरकार की नीतियां किसानों के हित में भले हों, लेकिन ज़मीन पर उन्हें पलीता लगाया जा रहा है। सवाल यह भी है कि अगर खाद की कोई कमी नहीं है, तो फिर स्टॉक के बावजूद ब्लैक क्यों हो रही है?
सरकार को देना होगा जवाब
यदि सरकार किसानों के साथ खड़ी है, तो इन माफियाओं और विभागीय मिलीभगत पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई करनी होगी। वरना सुशासन की जगह कुशासन का ठप्पा लगते देर नहीं लगेगी।
जगदलपुर, शौर्यपथ। ग्यारहवाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग ’ योग संगम और हरित योग थीम पर सामूहिक योग कार्यक्रम शहर के इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में किया गया। योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जगदलपुर विधायक किरण देव शामिल हुए। इस अवसर पर श्री देव ने कहा कि करें योग-रहें निरोग इसी भावना के साथ स्वस्थ शरीर के लिए नियमित योग आसनों का अभ्यास करें। भारत वर्ष की पुरातन विधा योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष कसरत के रूप में पहचान मिली है। आज पूरे विश्व सहित प्रदेश के सभी जगहों पर योगाभ्यास किया जा रहा है। इस दौरान विधायक श्री देव ने एक पेड़ माँ के नाम के तहत स्टेडियम परिसर में पौधरोपण भी किया ।
इस योगाभ्यास कार्यक्रम में महापौर संजय पाण्डे, पार्षद वेद प्रकाश और जिले के गणमान्य जनप्रतिनिधि, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता, सभी जिला स्तरीय अधिकारी, गणमान्य जनप्रतिनिधिगण, बहु संख्या में योगाभ्यास करने वाले नागरिक उपस्थित थे। जिले के विभिन्न विकासखंड मुख्यालय स्कूलों, आश्रम-छात्रावास सहित ग्राम पंचायत स्तर में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लोगों ने उत्साह के साथ योगाभ्यास में हिस्सा लिया। विकासखंड लोहांडीगुड़ा के चित्रकोट जलप्रपात के समीप आयोजित योगाभ्यास में विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप सहित अन्य गणमान्य लोगों ने योग किया ।
18 जून को कस्तुरमेटा में लगाया जाएगा शिविर
नारायणपुर/शौर्यपथ /कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार जिले में 30 जून 2025 तक धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति को पात्रता अनुसार व्यक्तिगत हक एवं लाभों से संतृप्त किया जाना है, जिसके तहत् 17 जून को धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत जिले के ग्राम पंचायत एड़का में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत देवगांव, दुग्गाबेंगाल, एड़का, गरांजी, गढ़बेंगाल, बोरपाल, आमासरा एवं ताड़ोपाल के ग्रामीणजन सम्मिलित हुए। इसी प्रकार 18 जून को ओरछा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कोडोली उर्फ कस्तुरमेटा में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इसी प्रकार जिले के विकासखंड नारायणपुर अंतर्गत 20 जून को ग्राम पंचायत बड़ेजम्हरी में, 21 जून को बेनूर में, 23 को रेमावण्ड, 27 को धौड़ाई, 30 को पालकी में तथा विकासखण्ड ओरछा अंतर्गत 24 जून को ग्राम पंचायत सोनपुर, 25 को ओरछा और 28 जून को कोहकामेटा में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में आधार, आयुष्मान, पीएम जनमन खाता, पीएम किसान सम्मान निधि जैसे 25 चिन्हांकित योजनाओं हेतु शिविर लगाया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य शिविर, सिकल सेल जांच और हितग्राहियों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा।
जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान में ग्राम स्तर पर शिविरों के माध्यम से आप आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, सिकल सेल स्क्रीनिंग, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, किसान केडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, पी एम जनधन खाता, फसल बीमा, पी एम जीवन ज्योति बीमा योजना, पी एम सुरक्षा बीमा योजाना, पेंशन योजना (वृद्धा पेंशन, विधवा पेशन, दिव्यांग पेंशन), मनरेगा, जौब कार्ड, पी एम विश्वकर्मा, मुद्रा लोन, महिला एवं बालविकास विभाग की विभिन्न योजना सुकन्या समृद्धि योजना, अटल पेंशन योजना, श्रम कार्ड, ई-श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (एल.पी. जी.), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, बाड़ी विकास, जल जीवन मिशन अन्तर्गत नल कनेक्शन, सामुदायिक नल जल, जन्म प्रमाण पत्र, प्रत्येक घरों में विद्युत उपलब्धता, पोषण वाटिका, प्रधानमंत्री आवास योजना, व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालय निर्माण तथा कौशल प्रशिक्षण सेवाओं के प्रदाय हेतु आवेदन दे सकते है।
जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेण्डी ने कहा कि धरती आबा योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों से गरीबी, अशिक्षा और असमानता को समाप्त किया जाएगा। यह अभियान ग्रामीणों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने और उनका सीधा लाभ दिलाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। योजनाएं तभी सफल होंगी जब जनता स्वयं जागरूक होकर उनमें भागीदारी निभाएं। सरकार केवल योजनाएं बना सकती है, लेकिन उनकी सफलता जनता की सक्रियता पर निर्भर है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे यह अभियान ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। इस शिविर में आधार, आयुष्मान, पीएम जनमन खाता, पीएम किसान सम्मान निधि जैसे 25 चिन्हांकित योजनाओं हेतु शिविर लगाया गया साथ ही स्वास्थ्य शिविर, सिकल सेल जांच और हितग्राहियों का पंजीयन सुनिश्चित किया गया।
शिविर में एसडीएम गौतमचन्द पाटिल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग राजेन्द्र सिंह, डीपीएम राजीव बघेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एलएन पटेल, सभी पंचायत के सरपंचगण एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।
जगदलपुर , शौर्यपथ। प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनसुलभ, पारदर्शी और संवादात्मक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के निर्देश के पश्चात अब राज्य की पुलिस कार्यप्रणाली में प्रयुक्त होने वाले कठिन, पारंपरिक एवं आम नागरिकों की समझ से बाहर उर्दू-फारसी शब्दों को हटाकर उनकी जगह पर सहज और प्रचलित हिंदी शब्दों का उपयोग किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आम नागरिक जब किसी शिकायत, अपराध सूचना अथवा अन्य कार्य से थाने जाता है, तो वह अक्सर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर या अन्य दस्तावेजों की भाषा को लेकर असमंजस में रहता है। अन्य भासाओ के शब्द आम लोगों के लिए अनजाने होते हैं, जिससे वे न तो अपनी बात ठीक से समझा पाते हैं और न ही पूरी प्रक्रिया को ठीक से समझ पाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस का उद्देश्य नागरिकों की सहायता और सुरक्षा है, तो उसकी भाषा भी ऐसी होनी चाहिए जो नागरिकों की समझ में आए और उनके विश्वास को बढ़ाए।
उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस महानिदेशक द्वारा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि पुलिस की व्यवहारिक कार्यवाहियों में प्रयुक्त कठिन, पारंपरिक शब्दों को सरल और स्पष्ट हिंदी में बदला जाए। इसके लिए एक शब्द सूची भी तैयार की गई है, जिसमें पुराने कठिन शब्दों के स्थान पर उपयोग किए जाने योग्य सरल विकल्प सुझाए गए हैं।
इस पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी अधीनस्थ अधिकारियों को इस विषय में अवगत कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि यह आदेश केवल औपचारिकता भर न रहे, बल्कि इसका वास्तविक कार्यान्वयन प्रदेश की प्रत्येक पुलिस चौकी, थाने और कार्यालय में दिखे।
छत्तीसगढ़ पुलिस अब केवल कानून का पालन कराने वाली संस्था न होकर जनसंवाद का माध्यम भी बनेगी। भाषा के इस सरलीकरण से शिकायतकर्ता को अपनी बात स्पष्ट रूप से कहने, सुनने और समझने में सुविधा होगी। एफआईआर जैसी प्रक्रिया, जो अब तक केवल अधिवक्ताओं या पुलिस कर्मियों की समझ में आती थी, वह अब आम नागरिक के लिए भी बोधगम्य हो सकेगी।
1 अदम तामील-सूचित न होना
2 इन्द्राज -टंकन
3 खयानत-हड़पना
4 गोश्वारा-नक्शा
5 दीगर-दूसरा
6 नकबजनी -सेंध
7 माल मशरूका लूटी-चोरी गई सम्पत्ति
8 मुचलका-व्यक्तिगत बंध पत्र
9 रोजनामचा-सामान्य दैनिकी
10 शिनाख्त-पहचान
11 शहादत-साक्ष्य
12 शुमार-गणना
13 सजायाफ्ता- दण्ड प्राप्त
14 सरगना -मुखिया
15 सुराग -खोज
16 साजिश -षडयंत्र
17 अदालत दिवानी -सिविल न्यायालय
19 फौजदारी अदालत- दांडिक न्यायालय
20 इकरार नामा -प्रतिज्ञापन
21 बनाम विक्रय -पत्रक
22 इस्तिफा -त्याग-पत्र
23 कत्ल-हत्या
24 कयास -अनुमान
25 खसरा क्षेत्र- पंजी
26 खतौनी -पंजी
27 गुजारिश -निवेदन
28 जब्त -कब्जे में लेना
29 जमानतदार -प्रतिभूति दाता
30 जमानत -प्रतिभूति
31 जरायम- अपराध
32 जबरन -बलपूर्वक
33 जरायम पेशा -अपराधजीवी
34 जायदादे मशरूका -कुर्क हुई सम्पत्ति
35 दाखिलखारिज- नामांतरण
36 सूद -ब्याज
37 हुजूर -श्रीमान/महोदय
38 हुलिया -शारीरिक लक्षण
39 हर्जाना क्षति-प्रतिपूर्ति
40 हलफनामा-शपथ-पत्र
41 दफा- धारा
42 फरियादी -शिकायतकर्ता
43 मुत्तजर्रर -चोट
44 इत्तिलानामा- सूचना पत्र
45 कलमबंद करना -न्यायालय के समक्ष कथन
46 गैरहाजिरी -अनुपस्थिति
47 चस्पा- चिपकाना
48 चश्मदीद- प्रत्यक्षदर्शी
49 जलसाजी- कूटरचना
50 जिला बदर -निर्वासन
51 जामतलाशी -वस्त्रों की तलाशी
52 वारदात- घटना
53 साकिन- पता
54 जायतैनाती- नियुक्ति स्थान
55 हाजा स्थान-परिसर
56 मातहत -अधीनस्थ
57 जेल हिरासत -कब्जे में लेना
58 फौती -मृत्यु सूचना
59 इस्तगासा- छावा
60 मालफड -जुआ का माल मौके पर बरामद होना
61 अर्दली -हलकारा
62 किल्लत मुलाजमान- कर्मगण की कमी
63 तामील कुनन्दा- सूचना करने वाला
64 इमदाद -मदद
65 नजूल -राज भूमि
66 फरार -भागा हुआ
67 फिसदी- प्रतिशत
68 फेहरिस्त -सूची
69 फौत- मृत्यु
70 बयान- कथन
71 बेदखली-निष्कासन
72 मातहत- अधीन
73 मार्फत- द्वारा
74 मियाद -अवधी
75 रकबा-क्षेत्रफल
76 कास्तकार- कृषक
77 नाजिर -व्यवस्थापक
78 अमीन राजस्व -कनिष्ठ अधिकारी
79 राजीनामा -समझौता पत्र
80 वारदात -घटना
81 संगीन -गंम्भीर
82 विरासत -उत्तराधिकार
83 वसियत- हस्तांन्तरण लेख
84 वसूली -उगाही
85 शिनाख्त- पहचान
86 सबूत साक्ष्य-प्रमाण
87 दस्तावेज- अभिलेख
88 कयास -अनुमान
89 सजा -दण्ड
90 सनद -प्रमाण पत्र
91 सुलहनामा-समझौता पत्र
92 अदम चौक- पुलिस असंज्ञेय हस्ताक्षेप, अगोग्य अपराध की सूचना
93 कैदखाना- बंदीगृह
94 तफतीश/तहकीकात -अनुसंधान/जाँच/विवेचना
95 आमद/रवाना/रवानगी-आगमन, प्रस्थान
96 कायमी-पंजीयन
97 तेहरीर- लिखित या लेखीय विवरण
98 इरादतन- साशय
99 खारिज/खारिजी/रद्द निरस्त/निरस्तीकरण
100 खून आलुदा रक्त-रंजित/रक्त से सना हुआ
101 गवाह/गवाहन- साक्षी/साक्षीगण
102 गिरफ्तार/हिरासत -अभिरक्षा
103 तहत् -अंतर्गत
104 जख्त, जख्मी, मजरूब -चोट/घाव घायल/आहत
105 दस्तयाब -खोज लेना/बरामत
106 मौका ए वारदात-घटना स्थल
107 परवाना- परिपत्र/अधिपत्र
108 फैसला- निर्णय
109 हमराह -साथ में
प्रमोशन की प्रतीक्षा में रिटायर हो रहे अधिकारी, नीचे ग्रेड के कर्मचारियों को सौंपा जा रहा शीर्ष पद का कार्यभार
कोंडागांव/रायपुर | शौर्यपथ न्यूज
छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन व्यवस्था की हालत चिंताजनक होती जा रही है। नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में वर्षों से स्थायी सीएमओ (मुख्य नगरपालिका अधिकारी) की नियुक्ति नहीं की गई है। हालत यह है कि जिन पदों पर अनुभवी अधिकारियों को बैठना चाहिए, वहां आज सहायक राजस्व निरीक्षक, बाबू और मोहर्रिर जैसे निचले दर्जे के कर्मचारी कुर्सी संभाल रहे हैं।
कोंडागांव जिले की बात करें तो जिला मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण नगरपालिका में एक सहायक राजस्व निरीक्षक को सीएमओ पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जबकि फरसगांव जैसी नगर पंचायत में पूर्णकालिक सीएमओ पदस्थ है। इससे न केवल वरिष्ठता का अपमान हो रहा है, बल्कि योग्य अफसर प्रमोशन की आस में रिटायर होते जा रहे हैं।
? 87 नगरीय निकायों में सीएमओ का पद रिक्त
प्रदेश की 87 नगरपालिकाएं और नगर पंचायतें इस समय स्थायी सीएमओ विहीन हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने नियमों और वरिष्ठता को ताक पर रखकर प्रशासन को 'जुगाड़ व्यवस्था' से चलाना शुरू कर दिया है। इन पदों पर योग्य अफसरों की नियुक्ति की जगह 4-5 ग्रेड नीचे के कर्मचारियों को प्रभारी बनाकर बिठा दिया गया है।
? 10 जिला मुख्यालयों में भी वही हाल
दंतेवाड़ा, जशपुर, नारायणपुर, सुकमा, खैरागढ़, सारंगढ़, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़ और कोंडागांव जैसे प्रमुख जिला मुख्यालयों में भी यही स्थिति बनी हुई है। इनमें कहीं बाबू, तो कहीं सहायक राजस्व निरीक्षक “सीएमओ” की कुर्सी संभाल रहे हैं।
? सीएमओ और बाबू में पांच ग्रेड का अंतर
सीएमओ पद का ग्रेड पे 5400 होता है, जबकि जिन कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है उनका ग्रेड पे केवल 1900 या 2200 है। इसका मतलब यह हुआ कि बिना पर्याप्त प्रशासनिक अनुभव और अधिकार क्षेत्र वाले कर्मचारियों को मनमाने ढंग से ऊंचे पदों पर बैठा दिया गया है।
? प्रश्न उठता है:
क्या छत्तीसगढ़ शासन के पास योग्य CMO कैडर के अधिकारी नहीं हैं?
क्यों वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी कर निचले दर्जे के कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है?
क्या यह प्रशासनिक क्षमता के साथ खिलवाड़ नहीं है?
✍️ निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ की नगरीय निकायों में कुर्सी नहीं, सिफारिशें काम कर रही हैं। जिससे ना सिर्फ प्रशासन की साख गिर रही है, बल्कि योग्य अधिकारियों में हताशा भी फैल रही है। सरकार यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं देती तो आने वाले समय में शहरी प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता की उम्मीद करना बेमानी होगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
