August 09, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    रायगढ़ /शौर्यपथ/

    मछली पालन से चैतन को मिला रोजगार, आया जीवन स्तर में बदलाव

    शासन की योजना से ग्रामीण आजीविका और रोजगार के अवसर विकसित हो रहे है। जिससे लोग स्वयं का रोजगार अपनाकर अपने परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभा पा रहे हैं। विकासखंड तमनार के ग्राम केशरचुंवा के चैतन राम राठिया पूर्व में मत्स्याखेट तक सीमित थे। जिससे उन्हें प्रतिदिन आखेट पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उनके पूरे परिवार को आर्थिक समस्याओं से जुझना पड़ता था। लेकिन आज शासन की योजना और प्रोत्साहन से श्री राठिया द्वारा 12 सदस्यों का मछुआ समूह बनाकर शासकीय तालाब को 10 वर्षीय पट्टे पर लेकर मछली पालन प्रारंभ किया गया। जिससे आज राठिया को स्थायी आय का साधन निर्मित हो चुका है और उनका पूरा परिवार खुशहाल है।

    मछुआ समूह को मछली पालन के माध्यम से स्वालंबन हेतु तालाब को समूह को 10 वर्षीय पट्टे का आबंटन दिया गया। जिसमें समूह अब मछली पालन कर रहे है। समूह द्वारा 15 से 20 हजार की उन्नत किस्म के मछली बीज का संचयन किया जा रहा हैं। जिसमें मछली पालन विभाग द्वारा समूह को मछली पकडऩे एवं मछली बेचने के लिए जाल व आइस बॉक्स प्रदान किया गया। मछली उत्पादन में साल में तीन बार अप्रैल, मई व जून में मत्स्याखेट का कार्य किया जाता है। जिसे स्थानीय व साप्ताहिक बाजार में विक्रय हेतु 80 से 90 किलो ग्राम मछली निकालकर 150-200 प्रति किलो की दर से विक्रय किया जाता हैं। जिससे प्रत्येक सप्ताह 15 से 20 हजार रुपये आय प्राप्त होती थी। इसी प्रकार साल भर में 9 से 10 क्विंटल तक का मत्स्य उत्पादन किया जा रहा है। जिससे समूह को सालाना डेढ़ से दो लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। समूह का कहना है आय बढऩे से मछुआरा समूह के सदस्यों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। आय बढऩे से समूह के सदस्यों को अपने परिवार के भरण-पोषण में आसानी हो रही है एवं वे अपने बच्चों को भी उच्च शिक्षा दिला पा रहे है।

    एसडीएम  अरूण वर्मा एवं उनकी टीम ने ग्राम बजरंगपुर नवागांव में अवैध प्लॉट हटाने की कार्रवाई की
    राजनांदगांव /शौर्यपथ/

    कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आज एसडीएम अरूण वर्मा, तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता और नगरीय निकाय की टीम ने ग्राम बजरंगपुर नवागांव के खसरा नंबर 279/19 भूमिस्वामी, उमराव पिता मौजीराम के अवैध प्लॉट हटाने की संयुक्त कार्रवाई की। अवैध प्लॉटिंग हेतु बनाए गए मुरूमयुक्त रोड रास्ता और लगाए गए खूंटा पिलहर को ध्वस्त किया गया। नगर निगम राजनांदगांव द्वारा अवैध प्लॉटिंग करने वाले व्यक्तियों को नोटिस भी जारी किया गया है। आने वाले दिनों में नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग करने वालो के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हल्का पटवारियों से अवैध प्लॉटिंग करने वालों की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

    आर्थिक, समाजिक, शैक्षिणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों का समुचित विकास करना छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य ध्येय- अकबर

    रायपुर /शौर्यपथ/

    आर्थिक, समाजिक, शैक्षिणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों का समुचित विकास करना छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य ध्येय- अकबर वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज बुधवार को कबीरधाम जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र के सहसपुर लोहारा नगर पंचायत की आम जनता को करोड़ो रूपए के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने क्षेत्र के जन आकांक्षाओं के अनुरूप 1 करोड़ 23 लाख 59 हजार रूपए के 6़ अलग-अलग विकास मूलक कार्यों का भूमिपूजन किया। साथ ही उन्होंने यादव समाज, निषाद समाज तथा नगर वासियों के मांगों को पूरा करते हुए सहसपुर लोहारा में शीतला मंदिर के समीप भवन निर्माण की आधारशिला भी रखी।

    मोहम्मद अकबर ने कहा कि आर्थिक, समाजिक, शैक्षिणिक रूप से पिछड़े लोगों का जीवन उत्थान और पिछड़े क्षेत्रों का समुचित विकास करना छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य ध्येय है। राज्य सरकार ने जनता से जो वादा किया था, उन्हें प्राथमिकता से पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में जनहित से जुड़े मांग और समस्याओं का प्राथमिकता में निदान कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि वर्षाे से उपेक्षित सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में विकास कार्यों की पहल से इसके मुख्यधारा में जुड़कर आगे बढ़ने के नए रास्ते खुलेंगे।

    मंत्री अकबर ने नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में बस स्टैंड में 73.82 लाख रूपए से सी.सी.रोड निर्माण, वार्ड क्रमांक एक के सामुदायिक भवन परिसर में 7.47 लाख रूपए से पेवर ब्लॉक, टॉयलेट, बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक तीन, नौ और दस में 5-5 लाख रूपए की लागत राशि से सामुदायिक भवन और वार्ड क्रमांक 15 में 27.30 लाख की लागत से आर.सी.सी.नाली निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष उषा मनहरण श्रीवास सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    आगामी सीजन में उत्पादन रकबे में बढ़ोत्तरी के लिए बनेगी कार्ययोजना

    प्रदेश में 69 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती है मिलेट्स की खेती

    अगले खरीफ वर्ष तक फसल उत्पादन रकबा 1.17 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मिलेट मिशन की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की आयोजित की गई बैठक

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश के मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रारंभ किए गए मिलेट मिशन के तहत प्रदेश में कोदो-कुटकी और रागी के उत्पादन रकबे में बढ़ोत्तरी के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में 69 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में इन फसलों का उत्पादन किया जाता है। अगले खरीदी वर्ष तक फसल उत्पादन के क्षेत्र को बढ़ाकर एक लाख 17 हजार हेक्टेयर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

    मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित मिलेट मिशन की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में कृषि विभाग-बीज विकास निगम-छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ को आगामी सीजन में मिलेट्स के उत्पादन के रकबे में बढ़ोत्तरी और जरूरी बीज की उपलब्धता, उपलब्ध कोटो-कुटकी-रागी के प्रसंस्करण और मार्केटिंग के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाने और राज्य स्तरीय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने कोदो-कुटकी-रागी के फायदों के विषय में किसानों को जानकारी देेने और इनके उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित करने कहा है।

    बैठक में मिलेट्स के प्रसंस्करण के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा कोदो-कुटकी-रागी की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इस खरीदी वर्ष में अब तक 27 हजार क्विंटल मिलेट्स की खरीदी की जा चुकी है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में निर्धारित समर्थन मूल्य के तहत कोदो 30 रूपए, कुटकी (काला) 30 रूपए, कुटकी (भूरा) 30 रूपए, रागी 33.77 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जा रही है। बैठक में प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, संचालक कृषि यशवंत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम भुवनेश यादव, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला शामिल थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने बालोद जिले के डौण्डीलोहारा स्थित निवास कार्यालय में मंगलवार को छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना अंतर्गत जिले की 36 महिला स्वसहायता समूहों और सक्षम योजना के तहत दो हितग्राहियों को 23 लाख 70 हजार रूपए के स्वीकृत ऋण राशि का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर भेंड़िया ने महिलाओें को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

    भेंड़िया ने छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना अंतर्गत डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 08 व डौण्डी विकासखण्ड के 18 एवं गुरूर विकासखण्ड के 10 महिला स्वसहायता समूहों सहित कुल 36 महिला स्वसहायता समूहों को 21 लाख 70 हजार रूपए का चेक वितरण किया। उन्होंने सक्षम योजना से डौण्डी विकासखण्ड की 02 महिला हितग्राहियों को 02 लाख रूपए का चेक प्रदान किया।

    उल्लेखनीय है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर व आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला कोष के माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है

    रायपुर /शौर्यपथ/

    भूमकाल आंदोलन आदिवासियों के स्वाभिमान, जल, जंगल, जमीन

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भूमकाल दिवस के एक दिन पहले आज अपने रायपुर निवास कार्यालय से नगर पालिका कांकेर के घड़ी चौक में स्थापित अमर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा का वर्चुअल लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमर शहीद गुण्डाधुर को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने बस्तर में भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व किया। भूमकाल आंदोलन सन् 1909 में प्रारंभ हुआ था। यह आंदोलन आदिवासियों के स्वाभिमान, आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन तथा आदिवासियों की स्वतंत्रता की लड़ाई थी। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेजों से लोहा लिया। वो अंग्रेजों के सामने झुके नहीं। उन्होंने आदिवासी समाज को जोड़ा।

    वर्चुअल लोकार्पण

    विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मंडावी रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, नगरपालिका कांकेर अध्यक्ष सरोज ठाकुर, जिला पंचायत कांकेर अध्यक्ष हेमन्त ध्रुव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षद, गोंडवाना समाज के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक इस अवसर पर कांकेर में उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि 1857 की क्रांति के पहले ही परलकोट के राजा अमर शहीद गैंद सिंह ने 1925 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फुका। 1857 की लड़ाई में अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई छेड़ी थी। हमारे इन जननायकों ने अपनी आजादी की किसी भी कीमत पर गिरवी नही रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में हमारे इन वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अमूल्य योगदान जिस तरह रेखांकित होना था, वैसा रेखांकित नही हो पाया। अब हमारा आदिवासी समाज जागृत हो रहा है और इन वीरों के योगदान को रेखांकित  करने के साथ उनका स्मरण कर रहा है।

    मुख्यमंत्री  बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासियों के हित में अनेक कदम उठाए हैं। जमीन वापसी, किसानों की ऋण माफी के साथ वनवासियों को वन अधिकार देने का काम राज्य सरकार द्वारा किया गया। वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और उनके वेल्यू ऐडिशन के साथ कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इन कार्यो से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। इनके साथ-साथ आदिवासी अंचलों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहंुचाने के बेहतर उपाय किए गए हैं। बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए। बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें अच्छे अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई अस्पताल नहीं जाते हैं, इसलिए हाट बाजार क्लिनिक योजना प्रारंभ की गई, जिसका यह सुखद परिणाम रहा कि बस्तर में उल्टी, दस्त और डायरिया के प्रकरण में कमी आई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में मलेरिया उन्मूलन अभियान से मलेरिया के मामले में भी उल्लेखनीय कमी आई है। राज्य सरकार ने कुपोषण से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया, जिससे बच्चों और महिलाओं में कुपोषण कम हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि बस्तर के लोग शारीरिक रूप से सशक्त हों, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से मजबूत हों, इसके साथ उन्हें अधिकार मिलें, तो वे और आगे तरक्की करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अमर शहीद गुण्डाधुर की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए कांकेरवासियों द्वारा उनकी प्रतिमा की स्थापना के कार्य की सराहना की।

    कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रंेसिंग से जुड़े विधानसभा के उपाध्यक्ष  मनोज सिंह मण्डावी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भूमकाल क्रांति के महानायक अमर शहीद गुण्डाधुर ने आजादी के 37 साल पहले सन् 1910 में बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई छेड़ी, जिनके कब्जे में पूरा देश था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में आदिवासियों के समग्र विकास और उनकी संस्कृति और परम्पराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यो का विस्तार से उल्लेख किया।

    कांकेर में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित संसदीय सचिव  शिशुपाल सोरी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर के प्रवेश द्वार कांकेर में आज स्थापित की जा रही अमर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा आदिवासी समाज सहित सम्पूर्ण बस्तर को गौरवान्वित करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर के शूरवीरों ने आजादी की अलख जगाई और सारे समाज को एक सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम को जिला पंचायत कांकेर के अध्यक्ष  हेमंत धु्रव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने सम्बोधित किया। आभार प्रदर्शन नगर पालिका कांकेर की अध्यक्ष सरोज ठाकुर ने किया।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राज्य सैनिक बोर्ड छत्तीसगढ़ के मध्य विशेष बैठक

    छत्तीसगढ़ में भूतपूर्व सैनिकों, उनके परिजनों, शहीदों के परिवारों के कल्याण और उनके पुनर्वासन को लेकर संचालनालय, सैनिक कल्याण, रायपुर में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। संचालक सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ एवं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय रायपुर के तत्वाधान में राज्य के पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक सैनिक कल्याण परिषद के नवनिर्मित सभागार में 8 फरवरी को आयोजित की गई इस प्रथम बैठक की अध्यक्षता संचालक संचालनालय सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़, ब्रिगेडियर विवेक शर्मा विशिष्ट सेवा मेडल ने की। बैठक का संचालन कैप्टन अनुराग तिवारी, भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर ने किया। बैठक में राज्य शासन के गृह विभाग का प्रतिनिधित्व  एफ केरकेट्टा,उप सचिव गृह विभाग ने किया।

    प्रतिवर्ष माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में सैनिकों के कल्याण से संबंधित बातों और संबंधित मुद्दों को रखा जाता है। इस बैठक में रक्षा मंत्रालय और सेना के अधिकारी भी मौजूद होते हैं।इस बार की वार्षिक बैठक जल्द ही आयोजित होने वाली है और उसी की तैयारियों को लेकर ये विशेष बैठक आयोजित की गयी थी।
    इस बैठक में राज्य के सभी भूतपूर्व सैनिक संगठनों को भी शामिल किया गया था। बैठक में इनसे संबंधित मुद्दे तथा उनपर निर्भर परिवारों की समस्याओं की चर्चा विस्तार से की गयी। बैठक में विभिन्न भूतपूर्व सैनिक संगठनों के 40 प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में जिला सैनिक बोर्ड के 4 अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे जबकि 6 जिला सैनिक कल्याण अधिकारी वर्चुअल मोड में बैठक में उपस्थित हुए। बैठक में रिटायर कर्नल रैंक के अधिकारी तथा सेना से संबंधित छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा क्षेत्र के अन्य अधिकारी भी भूतपूर्व सैनिक संगठनों की तरफ से उपस्थित थे।

    बैठक में भूतपूर्व सैनिक संगठनों के सामने आ रही विभिन्न प्रकार की परेशानियों की चर्चा की गयी। इसके साथ ही शहीद परिवारों को दी जाने वाली एक्सग्रेशिया एमाउंट, भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण, वीरता पुरस्कार में दी जाने वाली राशि में बढ़ोत्तरी और राज्य में भूतपूर्व सैनिकों के लिए नौकरियों की संभावनाओं पर विचार किया गया।

    ऐसा पहली बार हुआ था कि एक साथ 14 भूतपूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारी एवं उनके प्रतिनिधि संगठित हुए थे और उनकी बैठक हुई। इस बैठक की कार्यसूची को विधिपूर्वक राज्य के सभी संगठनों से सुविचार करने के पश्चात तैयार किया गया था। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी पूर्व सैनिकों सैनिक परिवारों वीर नारियों, वीर माताओं, विधवाओं एवं द्वितीय विश्व युद्ध की नारियों की समस्याओं पर सुचारू रूप से विचार, चर्चा और उनका समाधान निकालना था।

    भूतपूर्व सैनिकों को पहले ही राज्य और केंद्र सरकार के द्वारा शहीदों के परिजनों और उन पर निर्भर परिवारों के लिए चलायी जा रही योजनाओं के बारे में जिसमें स्कालरशिप, चिकित्सा सुविधा और जरूरतमंदों के लिए वित्तीय सहायता शामिल है, की जानकारी दी गयी थी। अपनी तरह की इस पहली बैठक में जिसमें सभी जिला सैनिक कल्याण संगठन, भूतपूर्व सैनिक शामिल थे, इसको लेकर सभी ने अपनी खुशी जाहिर की और राज्य सैनिक बोर्ड के संचालक को बधाई दी।

    नेहा कक्कड़ ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक फोटो शेयर की है. इस फोटो में मशहूर सिंगर ग्लैमरस अंदाज में नजर आ रही हैं. इस पर पति रोहनप्रीत सिंह ने कमेंट किया है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    नेहा कक्कड़ ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक फोटो शेयर की है. इस फोटो में मशहूर सिंगर ग्लैमरस अंदाज में नजर आ रही हैं. नेहा कक्कड़ के स्टाइलिश अंदाज ने न सिर्फ फैन्स का दिल जाती है बल्कि उनके पति Rohanpreet Singh ने भी उनकी इस फोटो को बहुत पसंद किया है. रोहनप्रीत ने Neha Kakkar की इस फोटो पर कमेंट किया है और उन्होंने अपनी पत्नी को 'सबसे ज्यादा सुंदर' बताया है. इस तरह नेहा कक्कड़ की इस फोटो को खूब पसंद किया जा रहा है, और फैन्स भी इसे लेकर खूब कमेंट कर रहे हैं.

    नेहा कक्कड़ ने इस फोटो को बिना किसी कैप्शन के शेयर किया है. नेहा के भाई टोनी कक्कड़ ने इस फोटो पर हार्ट और फायर के इमोजी के साथ कमेंट किया है. वहीं फैन्स इस फोटो पर लिख रहे हैं ब्यूटीफुल नेहू तो कोई कह रहा है 'लव यू नेहू.' इस फोटो को एक घंटे के अंदर ही तीन लाख से ज्यादा लाइक्स आ गए. वैसे भी नेहा कक्कड़ की सोशल मीडिया पर जबरदस्त फॉलोइंग है.

    नेहा कक्कड़ के इंस्टाग्राम पर 67.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं. नेहा कक्कड़ और रोहनप्रीत सिंह की शादी 2020 में हुई थी. नेहा और रोहनप्रीत दोनों ही सिंगर हैं, और सोशल मीडिया पर दोनों को ही काफी पसंद किया जाता है. 2005 में नेहा सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल में नजर आई थीं. उन्होंने मीराबाई नॉट आउट फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया, हालांकि यह डेब्यू बतौर कोरस सिंगर था. लेकिन उन्हें लोकप्रियता कॉकटेल फिल्म के सॉन्ग सेकंड हैंड जवानी से मिली, और वह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय आवाज बन गईं.

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से नगर पालिका कांकेर के घड़ी चौक में स्थापित शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा का वर्चुअल लोकार्पण किया।
    विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मंडावी रायपुर से कार्यक्रम में जुड़े।संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, नगरपालिका कांकेर अध्यक्ष सरोज ठाकुर, जिला पंचायत कांकेर अध्यक्ष हेमन्त ध्रुव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षद, गोंडवाना समाज के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक इस अवसर पर कांकेर में उपस्थित थे।

    यादें शेष /शौर्यपथ/ 

    एक्टर और एथलीट, प्रवीण कुमार सोबती, जिन्होंने महाभारत में भीम का रोल प्ले किया था का आज (7 फरवरी) को उनके दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया। एक एक्टर के रूप में, वो कई फिल्मों का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने बीआर चोपड़ा के 'महाभारत' में 'भीम' का किरदार निभा कर पॉपुलैरिटी हासिल की। प्रवीण के निधन के बाद सेलेब्स से लेकर फैन्स तक उन्हें याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान उनके साथ 'महाभारत' में 'दुर्योधन' बने पुनीत इस्सर ने भी अपने दोस्त की याद में कुछ किस्से सुनाए और बताया कि उन्हें भीम का रोल कैसे मिला था।

    पुनीत ने सुनाए प्रवीण से जुड़े किस्से

    पुनीत ने कहा, "बीआर चोपड़ा जो महाभारत के प्रोड्यूसर थे, वो चाहते थे कि मैं भीम का किरदार निभाऊं। लेकिन मैंने अपना मन बना लिया था कि मैं दुर्योधन का ही रोल प्ले करूंगा। दरअसल मेरी फिजीक और रेसलर बॉडी भीम के रोल के लिए बिलकुल सूट करती थी। इसलिए बीआर सर को लगा कि मुझे ही भीम का रोल प्ले करना चाहिए। लेकिन मैं दुर्योधन का रोल प्ले करने के लिए अड़ा था, लेकिन शो में दुर्योधन से भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग कास्ट लाना चुनौती बन गई थी।"

    पुनीत की बेटी को लगता था प्रवीण से डर

    पुनीत ने आगे कहा, "फिर मैंने प्रवीण कुमार का नाम सजेस्ट किया क्योंकि वो 6 फीट 8 इंच लंबे इंटरनेशनल एथलीट थे। वो मुझसे भी बहुत लंबे थे। प्रवीण जी भी मान गए और बाकी तो हिस्ट्री है ही। जब मैं दिल्ली जाता था, तब मैं हमेशा उनसे मिलता था, बात करता था। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का था। मेरा और उनका महाभारत में फाइट सीन था, उसका प्रोमो देखकर मेरी बेटी प्रवीण जी से डर गई थी। फिर जब वो मेरे घर आए, तो उन्होंने उससे बात की और उसे कंफर्टेबल फील करवाया। उन्होंने लगातार उसे एक-से-एक चुटकुले सुनाए।

    असल जिंदगी में पुनीत और प्रवीण थे अच्छे दोस्त

    पुनीत कहते हैं, "हम दोनों शो में दुश्मन थे, लेकिन असल जिंदगी में हम दोनों भाइयों की तरह थे। पिछले कुछ सालों से वो घर पर ही रह रहे थे और अपनी जिंदगी को शांतिपूर्वक तरीके से जी रहे थे। तब मुझे यह कहते रहना पड़ा था कि मेरी बॉडी अब और भी मजबूत हो गई है, आओ मुझे मारो। भीम को मुझे मारना था। यह सबसे चुनौतीपूर्ण सीन में से एक था, जिसे हम दोनों को अपनी लाइफ में करना था।"

    प्रवीण की बात करें तो उन्होंने 1981 में आई फिल्म 'रक्षा' से अपना डेब्यू किया था। लेकिन उन्हें पहचान 'महाभारत' के भीम से मिली थी। उनकी आखिरी फिल्म 1998 में आई 'ट्रेन टू पाकिस्तान' थी।

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