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राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारतीय थल सेना भर्ती द्वारा थल सैनिक के विभिन्न प्रवर्गों में भर्ती के लिए 17 फरवरी से 2 मार्च 2021 तक पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम दुर्ग में आयोजित होगी। उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव ने बताया कि जिले के जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में अपने आवेदन थल सेना भर्ती रैली के लिए प्रेषित किया है वे अपना प्रवेश पत्र निकाल सकते हैं। वर्तमान में रैली के लिए कोई नवीन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। थल सेना भर्ती रैली में शारीरिक परीक्षण के तहत 1600 मीटर की दौड़, न्यूनतम 6 बीम लगाना, 9 फीट का गड्ढ़ा कूदना एवं बैलेंसिंग बीम पर चलना होगा। दौड़ व बीम लगाने के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित है साथ ही अन्य क्रियाकलाप में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। भर्ती रैली में सम्मिलित होने के लिए अभ्यार्थी को अपने साथ प्रवेश पत्र, सभी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर हलफनामा निर्धारित प्रारूप अनुसार 10 रूपए के स्टाम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित, एनसीसी प्रमाण पत्र, 20 रंगीन पासपोर्ट फोटो लेकर समय-सीमा एवं स्थल में अपनी उपस्थिति देना सुनिश्चित करें। साथ ही कोविड-19 को ध्यान रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग एव आवश्यक सामग्री का अवश्य उपयोग करें।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने गौरव पथ स्थित राजनांदगांव महुआ प्रसंस्करण केन्द्र का निरीक्षण किया। महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में लघुनोपज से निर्माण कर रहे महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ आरटीएस (जूस), महुआ चटनी, महुआ चिक्की, महुआ लड्डू, महुआ पापड़ी बनाए जा रहे हैं। वन मंत्री ने महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में कार्य कर रही महिलाओं से उत्पाद की जानकारी ली। प्रसंस्करण केन्द्र में स्थापित मशीनों के कार्य विधि तथा कच्चे माल कक्ष का अवलोकन किया। मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि शासन द्वारा वन उत्पादों का वेल्यू एडिशन किया जा रहा है। वनों से प्राप्त होने वाले उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है। इसके लिए शासन द्वारा प्रभावी कदम भी उठाए जा रहे है। उन्होंने महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में बनाए जा रहे उत्पादों के लाभ के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में बनाए जा रहे उत्पादों की सराहना की।
वनमंडलाधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि राजनांदगांव जिला सघन वन एवं जैवविधिता से परिपूर्ण तथा समृद्ध है। यहां लघुवनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। अंचल में लघुवनोपज महुआ बहुतायत प्राप्त होता हैं। जहां विभिन्न श्रृंखला में महुआ से बने स्वादिष्ट उत्पाद महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ आरटीएस (जूस), महुआ चटनी, महुआ चिक्की, महुआ लड्डू एवं सूखा महुआ उपलब्ध है। प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइडे्रट, आयरन एवं कैल्शियम से भरपूर महुआ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। प्रोसेसिंग यूनिट में जामुन चिप्स भी बनाया जा रहा है, जो प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, विटामिन ए एवं सी से भरपूर है और डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी श्रवण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आम नागरिक उपस्थित थे।
आनंद वाटिका नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी : मंत्री मोहम्मद अकबर
राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने लगभग 80 लाख रूपए की लागत से रानी सागर बुढ़ा सागर स्थित आनंद वाटिका, बर्थडे पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पार्क में स्थापित ऋषियों की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किया। लोकार्पण के बाद उन्होंने पार्क का निरीक्षण भी किया। पार्क में प्राकृतिक सौंदर्य तथा स्वास्थ्य के लिए विभिन्न प्रकार के फूल तथा छायादार पौधे लगाए गए हैं। जिससे नागरिकों को सुंदर एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने वहां बच्चों के लिए निर्मित एडवेंचर गेम स्थल, फव्वारा का अवलोकन किया।
मंत्री अकबर ने निरीक्षण के दौरान आनंद वाटिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि आनंद वाटिका का निर्माण नागरिकों केलिए बहुत ही उपयोगी है, यहां लोगों को स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिलेगा। बर्थडे पार्क के निर्माण से लोगों को जन्मदिन मनाने के लिए हराभरा प्राकृतिक स्थल मिलेगा। वहीं बच्चों के मनोरंजन के लिए एडवेंचर स्थल भी बनाया गया है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी श्रवण, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आम नागरिक उपस्थित थे।
० सेल्फी जोन में दिलाया जाएगा नशा छोड़ने का संकल्प
० मानसिक अस्वस्थता पर नियंत्रण तथा बचाव करने के लिए बेहतर प्रयास
राजनांदगांव / शौर्यपठ / अगर आप मानसिक तौर पर हार रहे हैं तो आप शारीरिक तौर पर जीत नहीं सकते, इस संदेश के साथ लोगों की मानसिक अस्वस्थता पर नियंत्रण तथा इससे बचाव करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला राजनांदगांव की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। तंबाकू, सिगरेट या शराब जैसे अन्य मादक पदार्थों का सेवन करने से रोकने के लिए गांव-गांव में जनजागरुकता के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान की सफलता के लिए स्थानीय संगठनों की भी मदद ली जा रही है, ताकि लोगों की नशे की प्रवृत्ति छुड़ाकर उन्हें मानसिक तौर अस्वस्थ होने से भी रोका जा सके।
जिले में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के अलग-अलग क्षेत्र में सेल्फी जोन भी बनाए जा रहे हैं, जिसका प्रमुख उद्देश्य लोगों को नशापान की प्रवृत्ति को त्यागने के लिए प्रेरित करना है। जिले के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा बनाए गए सेल्फी जोन में आई एम द बेस्ट एंड आई लव माय सेल्फ स्लोगन का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के गैरसंचारी रोग प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार विकास राठौर ने बताया, श्स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य लोगों को मानसिक विकारों से पीड़ित होने से बचाकर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है। इसी क्रम में 13 फरवरी को नगर पालिक निगम राजनांदगांव के मुख्य कार्यालय परिसर में आयोजित किए जा रहे पुष्प महोत्सव में भी सेल्फी जोन बनाया जाएगा, जहां पर मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहन देते हुए लोगों को नशा त्यागने का संकल्प दिलाया जाएगा। इसके अलावा मानसिक विकारों पर नियंत्रण तथा इससे बचाव के उद्देश्य से मानसिक विकारों से पीड़ित होने की स्थिति में इसका त्वरित इलाज कराने के प्रति लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया, सेल्फी जोन को काफी आकर्षक बनाया गया है, ताकि लोग सेल्फी जोन में आकर अपनी सेल्फी लेने हेतु सहजता से प्रेरित हो सकें और सेल्फी जोन के उद्देश्यों के प्रति उन्हें जागरुक किया जा सके। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया, अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक जिले में 771 नए मानसिक रोगी मिले, जिसमें सबसे अधिक 101 केस साइकोसिस के मिले हैं। वहीं इस अवधि में 59 नए मानसिक रोगियों को मानसिक रोग चिकित्सालय में भर्ती कर उनका इलाज किया गया है। उन्होंने बताया, मानसिक रोग के लक्षणों को यदि समय पर पहचान लिया जाए तो उचित इलाज के जरिए इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।
हालांकि, हर मानसिक बीमारी के लक्षण उसके कारक और परिस्थितियों के आधार पर भिन्न होते हैं और ये भावनाओं, विचारों और व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं। मानसिक बीमारी के कुछ सामान्य लक्षण भी होते हैं जिनमें उदास महसूस करना, व्याकुल होना, ध्यान केंद्रित करने में कमी होना, भय या चिंता से ग्रस्त होना, बार-बार मनोदशा में परिवर्तन होना, थकान-कमजोरी होना, नींद में दिक्कतों का सामना करना, कभी-कभी दैनिक कार्यों में असमर्थता और भूलने की समस्या होना शामिल हैं। इस विषय पर जन-जागरुकता के ही उद्देश्य से जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर दो घंटे से ज्यादा बिताना खतरनाक : डा. मनोरे
मनोरोग चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शरद मनोरे ने बताया, नशे की प्रवृत्ति के साथ-साथ सोशल मीडिया पर छाए रहने की सनक भी काफी हद तक लोगों को मनोरोगी बना रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे विभिन्न एप लोगों के दिलो-दिमाग पर हावी हो चुके हैं, जबकि सोशल मीडिया पर दो घंटे से ज्यादा बिताना मनोरोग का संकेत है। सोशल मीडिया पोस्ट पर लाइक, कमेंट या व्यू न आने से यूजर्स में नकारे जाने का भाव पैदा होता है। इससे भावनात्मक बोझ बढ़ता है। वे अन्य दोस्तों के सोशल मीडिया कनेक्शन देखकर सोचते हैं कि दूसरे लोग ज्यादा खुश हैं। इसी तरह वेब सीरीज, गेमिंग और स्मार्ट फोन से लोकप्रियता और पैसे कमाने का चस्का भी बीमार बना रहा है। नतीजतन ज्यादातर युवा अवसाद, कुंठा और भूलने जैसी बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।
० घुमका थानाक्षेत्र के कलकसा गांव का मामला
० पूर्व सरपंच पर लगाया जान से मारने की धमकी देने का आरोप
राजनांदगांव / शौर्यपथ / घुमका थानाक्षेत्र के ग्राम कलकसा के जमीन विवाद मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। एक पक्ष का आरोप है कि, तत्कालीन सरपंच ने कलेक्टर तक अपनी शिकायत पहुंचने से बौखलाकर शिकायतकर्ता को अब जान से मारने की धमकी दी है। इस पूरे मामले में पीड़ित ने घुमका थाने में आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
बताया जा रहा है किए ग्राम कलकसा निवासी संतराम नागपुरे ने सरपंच पद पर रहते हुए भी दबंगतापूर्वक गांव की घास भूमि (पहन-3 स्थित शासकीय पहाड़-चट्टान भूमि, खसरा नंबर-282 की लगभग 3 एकड़ जमीन) पर कब्जा कर लिया था। उक्त भूमि पर वह पत्थर का अवैध उत्खनन करा रहा था और बेच भी रहा था। इसके अलावा उसी भूमि पर वह खेती भी करता था, जिसकी गांव के ही लेखराम नागपुर पिता स्व. दशरथ लाल ने कलेक्टर से शिकायत की थी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि जमीन पर अवैध रूप से मशीन लगाकर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इसी तरह पत्थर तथा गिट्टी का अवैध व्यापार किया जा रहा है। इसके अलावा संतराम के द्वारा शासकीय भूमि पर नलकूप खनन कराकर तथा फेंसिंग तार से घेरा बंधवाकर सरपंच पद का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इस शिकायत के उपरांत शासकीय अधिकारियों ने बाकायदा मामले की जांच की और गड़बड़ी मिलने पर संतराम नागपुरे को ऐसा करने से मना किया गया। वहीं शिकायत तथा जांच-पड़ताल होने से नाराज संतराम ने तैश में आकर खुद को आग लगाने की कोशिश की तथा लेखराम को भी जलाकर मार डालने का प्रयास करने लगा। लेखराम के अनुसार घटना के दौरान संतराम कह रहा था कि तुझे नहीं छोडूंगा। इस दौरान किसी तरह उससे बचकर भाग निकलने के बाद लेखराम ने अब घुमका थाना पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। पुलिस को दिए गए आवेदन में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए लेखराम ने अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने आनंद वाटिका का निरीक्षण कर वहीं निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सतीश मसीह, संतोष पिल्लेए, सुनीता फडनवीस, राजेश गुप्ता चम्पू, गणेश पवार, राजा तिवारी की उपस्थिति में तकनीकि अधिकारियों एवं विभागीय प्रमुखों की बैठक लेकर बजट प्रावधानों के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली।
महापौर श्रीमती देशमुख ने बैठक में बजट क्रियान्वयन के संबंध में बिंदूवार चर्चा कर कार्य के संबंध में जानकारी लेते हुये शासन को भेजे गये प्रस्ताव के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने गोधन न्याय योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। इस संबंध में आयुक्त कौशिक ने कहा कि निगम द्वारा रेवाडीह, नवागांव, लखोली एवं मोहारा में गोबर सह गौठान केन्द्र बनाया गया है। जहां शहर से एकत्र गोबर को लाकर कृषि विभाग के अधिकारियों के सहयोग से खाद बनाने की प्रक्रिया की जा रही है। महापौर श्रीमती देशमुख ने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाये।
पौनी पसारी योजना के संबंध में निगम द्वारा की गयी कार्यवाही के संबंध में महापौर श्रीमती देशमुख द्वारा जानकारी ली गयी, जिस पर कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी ने कहा कि उक्त योजना के तहत 4 स्थानों पर चबूतरा निर्माण कार्य प्रारंभ है। महापौर श्रीमती देशमुख ने कहा कि उक्त निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्ण कराया जाये, ताकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बजट समीक्षा के तहत शव फ्रिजर महापौर निधि से क्रय करने के संबंध में जानकारी ली तथा एटीएम मशीन की स्थापना एवं गढ कलेवा खोले जाने के साथ-साथ चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिग्नल पर नागरिकों की सुविधा के लिये शेड निर्माण तथा छत्तीसगढ पारंपरिक परिप्रेक्ष्य में सौदर्यीकरण किये जाने के संबंध में जानकारी ली।
कार्यपालन अभियंता जोशी ने बताया कि शव फ्रिजर व स्वर्ग रथ क्रय की प्रक्रिया की गयी है तथा गढ कलेवा खोले जाने की प्रक्रिया पूर्णता की ओर है। इसके अलावा मेडिकल काम्पलेक्स निर्माण के लिये भूमि की मांग की गयी है। पुत्री शाला में काम्पलेक्स निर्माण हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। शेष व्यवसायिक परिसर निर्माण किये जाने प्रक्रिया की जा रही है। महापौर श्रीमती देशमुख ने अन्य प्रावधानों को भी प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वयन करने निर्देशित किये।
बैठक के उपरांत महापौर श्रीमती हेमा देशमुख द्वारा द्वारा आनंद वाटिका का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा राजनांदगांव प्रवास के दौरान इसका लोकार्पण किया जायेगा। निमार्णाधीन योगा हाल निरीक्षण के दौरान उन्होने कहा कि इसका कार्य अविलंब पूर्ण किया जाये, ताकि नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया के हाथों इसका लोकार्पण कराया जा सके। इस अवसर पर दोनो कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी व यूके रामटेके, लेखा अधिकारी यूए वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव, सहायक अभियंता अतुल चोपड़ा व संदीप तिवारी, उपअभियंतागण दीपक माहला, हरशिंकर वर्मा, देवव्रत सिंह, सुश्री सुषमा साहू, श्रीमती गरिमा वर्मा, श्रीमती ज्योति साहू आदि उपस्थित थे।
० सिंघनपुरी जंगल विकासखंड में ओपन हाउस कार्यक्रम
० ग्रामीणों से जागरुकता का किया आह्वान
कवर्धा / शौर्यपथ / जिले के सिंघनपुरी जंगल विकासखंड में ओपन हाउस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा हेतु जागरुकता का प्रयास किया गया। इस मौके पर चाइल्ड लाइन परियोजना-1098 कबीरधाम द्वारा बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही यह बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर. 1098 मददगार हो सकता है।
ओपन हाउस कार्यक्रम के अवसर पर सरपंच बालूराम जंघेल ने कहा, बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए सरकार द्वारा विभिन योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस दिशा में ग्रामीणों की जागरुकता भी आवश्यक है। हेल्पलाइन नंबर-1098 की सेवा 24 घंटे मिलती है। बच्चों की मदद के लिए इस हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से ग्रामीण किसी भी समय बच्चों की मदद कर सकते हैं। कार्यक्रम में थाना प्रभारी आनंद शुक्ला ने बढ़ते अपराध तथा इससे बचाव के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, अपराधिक प्रवृत्तियों की रोकथाम करने के लिए ग्रामीणों की जागरुकता आवश्यक है।श्
निरीक्षक प्रभारी महिला सेल कवर्धा रमा कोप्टी ने महिला संरक्षण अधिनियम 2005 की जानकारी देते हुए कहा, मानसिक हिंसा, शारीरिक हिंसा, भावनात्मक हिंसा तथा आर्थिक हिंसा सहित किसी भी प्रकार से किसी महिला का यदि शोषण हो रहा है तो वह महिला सेल की मदद ले सकती हैं। जिले में महिलाओं के संरक्षण के लिए सखी सेंटर एवं बच्चों के संरक्षण के लिए चाइल्ड लाइन सेंटर भी संचालित हैं। उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी विस्तार के साथ जानकारी दी।
चाइल्ड लाइन के टीम मेंबर महेश निर्मलकर ने उपस्थित बच्चों एवं ग्रामीणों को बालक संरक्षण अधिनियम 2012 की जानकारी देते हुए कहा, श्बच्चों के साथ यौन शोषण या उत्पीड़न के लिए कठोर सजा के प्रावधान किए गए हैं। सजा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाया गया है। टीम मेंबर राजेश कश्यप ने कहा, चाइल्ड लाइन 24 घंटे चलने वाली निःशुल्क राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा है। यह निःशुल्क फोन एवं आउटरीच सेवा उन बच्चों के लिए है, जिन्हें देखभाल एवं संरक्षण की जरूरत है।
श्रम निरीक्षक सीआर नंदा ने कहा, बाल श्रम निषेध है। किसी भी बच्चे से श्रम करवाने पर 6 माह से 3 वर्ष तक सजा एवं 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। ओपन हॉउस में बच्चों ने सांस्कृतिक रंग भी बिखेरे। वहीं नोबल कोरोना वायरस के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए।
वसूली की गई 10 लाख 16 हजार रूपए की बकाया राषि
179 बकायादारों की काटी गई बिजली कनेक्षन
कवर्धा/राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी द्वारा बकायेदार उपभोक्ताओं से बकाया राजस्व वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में क्षेत्रीय स्तर पर गठित अधिकारियों की टीमों द्वारा कवर्धा जिले में बकाया वसूली अभियान चलाकर 38 बकायादार उपभोक्ताओं से 10 लाख 16 हजार रूपए की बकाया राषि वसूल की गई है तथा बकाया राषि भुगतान नहीं करने वाले 179 उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्षन भी विच्छेदित किये गए। गौरतलब है कि पाॅवर कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को निर्धारित समयावधि में बिजली बिल के भुगतान के लिए स्पाॅट बिलिंग के माध्यम से विद्युत देयक जारी किये जाते है।
कवर्धा वृत्त के अधीक्षण अभियंता एस0 के0 दुबे ने बताया कि क्षेत्रीय स्तर तथा स्थानीय स्तर के अधिकारियों की टीमों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि लंबित देयकों का अविलंब भुगतान करें ताकि विद्युत कनेक्षन विच्छेदन जैसी अप्रिय स्थिति का सामना ना करना पड़े।
छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी रायपुर स्थित ईआईटीसी कार्यालय द्वारा आॅनलाइन सैप प्रणाली में आवष्यक अपडेषन के कारण 12 फरवरी 2021 से 22 फरवरी 2021 तक प्रदेष के सभी जिले में आनलाइन बिल भुगतान जैसे गुगल पे, फोन पे, मोर बिजली ऐप सहित समस्त आनलाइन सेन्टर एवं ग्राहक सेवा केन्द्र में बिल भुगतान की सुविधा प्रभावित रहेगी। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए पाॅवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी द्वारा राजनांदगांव एवं कवर्धा जिले के समस्त विद्युत कार्यालयों एवं वितरण केन्द्रों में 12 फरवरी से 22 फरवरी तक प्रातः 8 बजे से षाम 6 बजे तक बिल भुगतान करने की अतिरिक्त सुविधा प्रदान की गई है। पाॅवर कंपनी ने समस्त उपभोक्ताओं से अपील करते हुूए कहा कि उपरोक्त अवधि के दौरान देयकों के भुगतान के लिए विद्युत कार्यालयों एवं वितरण केन्द्रों में उपस्थित होकर बिल भुगतान कर रसीद प्राप्त कर लेंवें।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन के मंशानुरूप जिले के समस्त नागरिको को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान - भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता अंतर्गत ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) वर्तमान में केवल भर्ती एवं ओ0पी0डी0 मरीज का बनाकर नि:शुल्क प्रदाय किया जा रहा हैं। जिससे कि उन परिवार अथवा परिवार के सदस्यों को अपने राशनकार्ड के अनुसार स्वास्थ्य सहायता की पात्रता की जानकारी भलीभांति हो सके एवं आपात स्थिति में परिवार या सदस्य, स्वयं आसानी से निर्णय ले सकें कि उन्हें किस श्रेणी के पंजीकृत अस्पताल (शासकीय एवं निजी) में ईलाज प्राप्त करना हैं, साथ ही उन्हें ईलाज में होने वाले आर्थिक व्यय का भय भी ना हो।
उद्देश्य की पुर्ति हेतु जिला राजनांदगॉव में ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनवाने हेतु जिले के समस्त 59 शासकीय चिकित्सालयों एवं 19 निजी चिकित्सालयों में आने वाले केवल आईपीडी एवं ओपीडी मरीजों को ही योजनांतर्गत ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) नि:शुल्क बनाया जा सकता है। ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनवाने हेतु जिले में पंजीकृत निजी अस्पताल - बालाजी आई हॉस्पिटल, छत्तीसगढ़ ई.एन.टी. केयर हॉस्पिटल, क्रिश्चयन फेलोसिप हॉस्पिटल, डी.एन.ए. क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल, गॉधी नर्सिंग होम, गौतम हेल्थ केयर अम्बागढ चौंकी, गौतम नर्सिंग होम मानपुर, जय तुलसी नर्सिंग होम, जीवन रेखा हॉस्पिटल, पारख नर्सिंग होम, राजनांदगांव मेडिसिटी हॉस्पिटल, सॉई कृपा हॉस्पिटल, संजीवनी नर्सिंग होम, शारदा हॉस्पिटल, श्रीराम हॉस्पिटल, शुक्ला मल्टी स्पेश्लिटी हॉस्पिटल, स्पर्श चाईल्ड केयर, उद्याचल धर्माथ नेत्र चिकित्सालय, यूनाईटेड हॉस्पिटल। पात्रता - एसईसीसी सूची में शामिल परिवार, अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्ड धारी परिवारों को 5 लाख रूपए परिवार एवं शेष अन्य राशनकार्ड धारी परिवारों को 50 हजार रूपए /परिवार को प्रति वर्ष नि:शुल्क ईलाज पंजीकृत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में मिलेगा।
ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनाने हेतु शासन के नियमानुसार अभी किसी भी वार्ड/पंचायत/ग्राम स्तर पर शिविर नहीं लगाया जायेगा। आवश्यकतानुसार मरीज उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती होते समय मान्यता प्राप्त शासकीय एवं निजी अस्पताल में ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) तत्काल बनाया जा सकता हैं। आयुष्मान - भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता अंतर्गत से संबंधित अधिक जानकारी, शिकायत एवं समस्या के निराकरण हेतु कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनांदगॉव एवं हेल्प लाईन टोल फ्री नम्बर 104 पर 24 x 7 सम्पर्क किया जा सकता हैं। जब भी अस्पताल जायें, राशनकार्ड एवं आधार कार्ड अवश्य लेकर जाएं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा का दशम सत्र 22 फरवरी से 26 मार्च 2021 तक चलेगा। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने विधानसभा प्रश्नों, ध्यानाकर्षण सूचनाओं, स्थगन प्रस्तावों की जानकारी समय-सीमा में भेजने के लिए अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने कहा है। कलेक्टर वर्मा ने जिले के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि विधानसभा सत्र के दौरान कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर नहीं जाएंगे और न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे।
सभी अधिकारीगण अपने कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए उनके नाम, पदनाम, दूरभाष नंबर एवं मोबाईल नंबर की जानकारी कार्यालय कलेक्टर को तत्काल भेजने कहा गया है। कार्यालयीन दिवसों के अतिरिक्त अपने कार्यालय में अवकाश के दिनों में पर्याप्त लिपिक एवं भृत्य की ड्यूटी लगाना भी सुनिश्चित करने कहा गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन परिवहन, आवास एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, विधि एवं विधायी कार्य विभाग एवं प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर 12 फरवरी को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेंगे। समीक्षा बैठक दोपहर 1 बजे शुरू होगी। पूर्व में यह बैठक 13 फरवरी को आयोजित थी।
अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने 12 फरवरी को आयोजित समीक्षा बैठक के लिए सभी विभागीय अधिकारी 10 फरवरी को सुबह 11 बजे तक अपने विभाग की जानकारी 12 प्रतियों में जिला कार्यालय के अधीक्षक कक्ष क्रमांक 10 में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को आयोजित समीक्षा बैठक में सभी अधिकारी दोपहर 1 बजे अनिवार्य रूप से उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
अब तक 12 हजार लोग कोविड वैक्सीनेशन के प्रथम खुराक से टीकाकृत
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड वैक्सीनेशन हेतु जिले में प्रथम चरण में अब तक कुल 15018 हेल्थ केयर वर्कर समूह का पंजीयन भारत सरकार के कोविन पोर्टल पर किया गया है। जिनमें से राजनांदगांव जिले में अभी तक कुल 12 हजार लोग कोविड वेक्सीनेशन के प्रथम खुराक से टीकाकृत किये जा चुके है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए चिन्हांकित फ्रंट लाईन वर्कर बटालियन, पीटीएस, पुलिस एवं आईटीबीपी के जवानों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। राजनांदगांव जिले अंतर्गत कोविन पोर्टल पर कोविड वैक्सीनेशन पंजीकृत ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो कि आज दिनांक तक कोविड टीका के प्रथम खुराक से टीकाकृत नहीं हुए हैं वे तत्काल नजदीकी कोविड टीकाकरण केन्द्र में जाकर कोविड टीका के प्रथम खुराक लगवायें।
उल्लेखनीय है कि जिले के कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण भी कोविड टीका के प्रथम खुराक से टीकाकृत हो चुके हैं। डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि राजनांदगांव जिले में अभी तक कुल 12 हजार लोगों को कोविड वेक्सीनेशन के प्रथम खुराक से टीकाकृत किया जा चुका है, जिनमें किसी भी टीकाकृत लाभार्थियों में कोई भी प्रकार की गंभीर प्रतिकूल प्रभाव के प्रकरण दर्ज नहीं हुए हंै। कोविड वेक्सीन पूर्णत: सुरक्षित एवं प्रभावी है। विभाग द्वारा समस्त कोविड वेक्सीनेशन सेंटरों में आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक चिकित्सकीय अमलों की उपलब्धता करायी गई है।
शासन द्वारा हेल्थ वर्कर्स समूह का निर्धारण किया गया है जिसमें अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी, नर्स एवं सुपरवाईजर्स, चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ, सहयोगी कर्मचारी, मेडिकल एवं पैरामेडिकल छात्र-छात्रा शासकीय एवं अशासकी चिकित्सकीय संस्था के लिपिकीय एवं प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रथम चरण में शामिल किया गया है। सभी पंजीकृत हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड वैक्सीनेशन हेतु निर्धारित सत्र स्थल में आकर वैक्सीनेशन कराने एवं कोरोना महामारी के नियंत्रण में भागीदारी निभाने हेतु अपील किया गया है।
अधिक से अधिक संख्या में टीका लगवाएं कोरोना वारियर्स ,साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में धान खरीदी के कार्य के बाद सभी एसडीएम को स्टेकिंग किए हुए बारदानों के भौतिक सत्यापन एवं धान के उठाव के कार्य में गति लाने के लिए कहा। कलेक्टर श्री वर्मा ने कोरोना वैक्सीनेशन के संबंध में समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बाद राजस्व, पुलिस एवं नगरीय निकाय के सभी अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को टीका लगाया जा रहा है, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीकाकरण केन्द्र में एक दिन में 100 लोगों का टीका लगना है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद भी प्रोटोकाल का पालन करना आवश्यक है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार जिले में कम हुई है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन जरूरी है। कोविड-19 के सैम्पल की संख्या में गति लाने की जरूरत है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं का परीक्षण प्राथमिकता से करें। इसके लिए स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है। सभी बिना किसी भय के वैक्सीन लगवाएं। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में वैक्सीनेशन के दौरान डॉक्टर की विशेष ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर वर्मा ने 27 एवं 28 फरवरी को लालबहादुर नगर में आयोजित होने वाले लोक मड़ई एवं कृषि मेला के आयोजन के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग जल संरक्षण के लिए अच्छा कार्य करें। जिले में बड़ी संख्या में नदी और नाले हैं और सिंचाई के साधन भी पर्याप्त उपलब्ध हैं। लेकिन कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां जल स्तर ठीक नहीं है। हमारे प्रदेश में औसत वर्षा होती है, जो पर्याप्त है।
योजनाबद्ध तरीके से इस दिशा में कार्य करते हुए जल संरक्षण करने तथा जल स्तर को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मई में बेसलाईन सर्वे भी करें, ताकि कुआं एवं ट्यूबवेल में जल के स्तर का पता चल सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों में श्रमिकों की संख्या बढ़ाये तथा कार्य करने वाले श्रमिकों के परिवार को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने के लिए मेहनत से कार्य करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी जनपद सीईओ गौठानों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोधन न्याय योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है और इसके माध्यम से जनसामान्य लाभान्वित हो रहे हैं। अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की आपूर्ति करने के साथ ही अन्य कई कार्य भी कर रहे हैं जो एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गोबर का रखरखाव ठीक तरह से होना चाहिए और वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण के कार्य में गति लाएं। शासन की फ्लैगशिप योजनाओं क्रियान्वयन के संबंध में डेशबोर्ड पर नियमित रूप से डाटा एन्ट्री कराएं। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में ऑनलाईन एन्ट्री में देर नहीं होना चाहिए। शासन की दर्पण पोर्टल पर नियमित रूप से डाटा प्रवृष्टि कराएं।
नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने 13 एवं 14 फरवरी को आयोजित पुष्प महोत्सव के तैयारी के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागों को वहां स्टाल लगाने के लिए कहा। कलेक्टर ने दिव्यांगजनों के लिए शिविर आयोजन करने के लिए समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री एचआर सोम ने बताया कि स्कूल की फीस के निर्धारण के लिए टीम का गठन किया गया है। कलेक्टर ने टीम के सदस्यों के नाम सूचना पटल पर चस्पा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव श्री बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ संजय यादव, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी एसडीएम एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / केन्द्र सरकार द्वारा किसान परिवारों की वित्तीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत की गई है। जिसके अंतर्गत अपवर्जन श्रेणी (सरकारी कर्मचारी, पेंशनधारी एवं आयकरदाता) के किसान परिवार को छोड़कर शेष किसान भू-स्वामी को 3 किस्तों में 2000 रूपए सालाना राशि 6000 रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। कृषकों को योजना का लाभ पंजीयन की तिथि से मिलना प्रारंभ होता है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसान परिवार, भू-स्वामी पंजीयन के लिए बी-1, बैंक दस्तावेज, आधार कार्ड के साथ घोषणा पत्र जमा कर क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पास आवेदन कर सकते है या लोक सेवा केन्द्र, प्रधानमंत्री किसान पोर्टल से सीधे पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के बाद किसान के आधार का यूआईडीएआई तथा बैंक विवरण का पीएमएफएस से सत्यापन किया जाता है। दोनों प्रक्रिया सही पाये जाने पर कार्रवाई की जाती है। जिले में बहुत से किसानों का त्रुटिपूर्ण पंजीयन होना पाया गया है। जिसमें आधार कार्ड नम्बर गलत होना, आधार कार्ड के अनुसार नाम न होना तथा बैंक खाता क्रमांक, आईएफएससी कोड सही नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। जब तक त्रुटिपूर्ण जानकारी में सुधार नहीं किया जाएगा तब तक योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पायेगा।
किसानों से अपील है कि क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर आधार कार्ड एवं बैंक विवरण से संबंधित जानकारी में आवश्यक सुधार करा लें। जिससे की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ किसानों को मिल सके। इसी प्रकार पात्र किसान परिवार नवीन पंजीयन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या लोक सेवा केन्द्र या पीएम किसान पोर्टल से सीधे पंजीयन करा सकते है। जिसके लिए पंजीकृत किसान को आवश्यक दस्तावेज सहित घोषणा पत्र क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या जिला कार्यालय उप संचालक कृषि को उपलब्ध कराएंं, ताकि दस्तावेज परीक्षण के बाद अनुमोदन की कार्रवाई की जा सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
