August 07, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

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    छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा लगातार विस्तार : मुख्यमंत्री बघेल

    कोरिया में 44 करोड़ रूपए की लागत से नवीन जिला अस्पताल तथा मातृ एवं शिशु अस्पताल का भूमिपूजन

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी स्थित निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला मुख्यालय कोरिया में 44 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले नवीन जिला अस्पताल तथा मातृ एवं शिशु अस्पताल का वर्चुअल भूमिपूजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने की। इनमें 35 करोड़ रूपए की लागत से 200 बिस्तर नवीन जिला अस्पताल और 9 करोड़ रूपए की लागत से 50 बिस्तर वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल का निर्माण होगा। इससे कोरिया जिले सहित आस-पास के लोगों को अत्याधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का भरपूर लाभ मिलेगा।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बीते तीन वर्षो में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों के निकट पहुंचाने तथा इलाज को किफायती बनाने की दिशा में लगातार काम किया है। इस कड़ी में आज कोरिया के जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण सौगात मिली है, इससे प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल के लोगों सहित कोरिया के जिलेवासियों को अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मिलेगा। इस अवसर पर गृह तथा लोक निर्माण मंत्री और कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू, सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरो, विधायक यू.डी.मिंज सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री बघेल ने आगे बताया कि कोरिया जिले के सम्पूर्ण विकास के लिए वहां अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का तेजी से क्रियान्वयन जारी है। आज कोरिया जिले को मिली सौगात की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में अहम भूमिका होगी। इनमें निर्माण होने वाले सर्वसुविधायुक्त नवीन जिला अस्पताल में आधुनिक आईसीयू ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, एमआईआर, ईसीजी आधुनिक लैब, बर्न यूनिट, डायलिसिस यूनिट, सर्जिकल वार्ड, ब्लड बैंक, कैजुअलटी एवं ट्रामा यूनिट तथा अन्य अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसमें 7 लाख 45 हजार से अधिक जिलेवासियों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं जिला मुख्यालय में ही उपलब्ध हो जाएंगी। नवीन मातृ एवं शिशु अस्पताल से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को नई दिशा मिलेगी। नवीन मातृ एवं शिशु अस्पताल में आईसीयू, एनसीआर, एसएनसीयू, प्रसव कक्ष एवं अन्य अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होगी।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि वर्तमान में कोरिया जिले में 22 उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए 33 वेंटीलेटर बेड, 60 आईसीयू बेड, 539 ऑक्सीलनयुक्त बेड जोड़े गए हैं। महिलाओं एवं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के रूप में प्रभावी पहल की गई है। बहुत कम समय में हमें इसके बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। कोरिया जिले में कुपोषण का स्तर वर्ष 2019 में 24.52 प्रतिशत था। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत किए गए प्रयासों से यह घटकर अप्रैल 2022 में मात्र 6.41 प्रतिशत रह गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियन के अंतर्गत यहां अब तक 8948 बच्चों को कुपोषण मुक्त किया जा चुका है। कोरिया जिले ने राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक हासिल किया है, जो सराहनीय है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले के सम्पूर्ण विकास को तीव्र गति दी जा रही है। इनमें वर्ष 2022-23 के बजट में कोरिया जिले की 17 सड़कों एवं पुल-पुलियों के लिए 47 करोड़ 60 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है, इससे जिले में सड़कों का विस्तार होगा, आवागमन की सुविधा बढ़ेगी तथा आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। जिले के विकासखण्ड भरतपुर के कोटाडोल को नवीन तहसील एवं भरतपुर तथा खडग़वां-चिरमिरी में नवीन अनुविभाग कार्यालय बनाए जा रहे हैं। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के निर्माण की प्रक्रिया जारी है, नया जिला जल्द अस्तित्व में होगा। नये जिले के लिए ओएसडी की नियुक्ति कर दी गई है। कोरिया जिले में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना का शुरूआती बिंदु है। यहां स्थित सीतामढ़ी-हरचौका को भी पर्यटन तीर्थ के रूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
    कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत, गृह तथा कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव, सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत,गुलाब कमरो, डॉ.प्रीतम राम तथा संसदीय सचिव सुश्री अम्बिका सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया और कोरिया जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली सौगात के लिए आभार जताया। कार्यक्रम में आयुक्त स्वास्थ्य डॉ.सी.आर.प्रसन्ना,प्रबंध संचालक सी.जी.एम.एस.सी.अभिजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अपील पर 01 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर अपने आहार और संस्कृति के गौरव की अनुभूति के लिए देश-विदेश के कोने-कोने में बसे छत्तीसगढ़ के लोग बोरे-बासी खाकर श्रम का सम्मान करेंगे।
    मुख्यमंत्री की अपील पर छत्तीसगढ़ के सांसद, विधायक, जन प्रतिनिधि और युवा पीढ़ी भी बोरे-बासी खाकर देश दुनिया में अपने खानपान अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम और गर्व की अभिव्यक्ति करेंगे, इसके साथ ही सोशल मीडिया पर हैश टैग प्तरुड्डड्ढशह्वह्म्ष्ठड्ड42022 ,प्तबोरे-बासी , प्तष्द्दद्वशस्रद्गद्य के माध्यम से अपनी फोटो-वीडियो शेयर करेंगे।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री की अपील पर छत्तीसगढ़ होटल एवं रेस्टोरेन्ट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बधाई देते हुए कहा है कि आगामी 01 मई मजदूर दिवस पर हमारे संस्थान में कार्यरत कर्मचारी जिनकी मेहनत एवं कर्तव्य निष्ठा से हमारे व्यापार को मजबूती मिलती है उनके सम्मान के लिए और उनके परिजनों व साथियों के लिए बोरे बासी व्यंजन की व्यवस्था करेंगें। स्थानीय खान पान को छत्तीसगढिय़ा सम्मान के साथ जोड़कर आपने हमारी संस्कृति, विरासत और परंपरा को संजोने का अद्भुत कार्य किया है। मुख्यमंत्री जी आपने कहा था कि हर श्रमिक, किसान और काम करने वाली बहनों के पसीने में बासी की महक है। यह वास्तव में आपकी संवेदना और आपके मन मे श्रमिकों के सम्मान को दर्शाता है। इसके लिए हम आपके हृदय से आभारी हैं।
    बोरे बासी की विशेषता
    बोरे बासी छत्तीसगढ़ का ऐसा भोजन है जो बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रात भर रख कर बनाया जाता है। फिर सुबह उसमें हल्का नमक डालकर टमाटर की चटनी या अचार और कच्चे प्याज के साथ खाया जाता है। छत्तीसगढ़ के लोग प्राय: सुबह बासी का ही नाश्ता करते हैं। बोरे बासी खाने से न सिर्फ गर्मी और लू से राहत मिलती है, बल्कि बीपी कंट्रोल रहता है डि-हाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना का अभिवादन करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं...

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्य सचिव  अमिताभ जैन ने राज्य में खोले जा रहे एकलव्य विद्यालयों में छात्रों की सुवधिाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि एकलव्य विद्यालय ऐसे सुगम स्थान पर स्थापित करें जहां छात्रों को आने जाने में असुविधा नही हो। मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये कि विद्यालय जहां स्थापित किये जा रहे है वहां पर भूमि इत्यादि के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करवाये। गौरतलब है कि भारत शासन द्वारा छत्तीसगढ़़ में 50 नए एकलव्य विद्यालय अदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत किये है। इन आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के बच्चें शिक्षा प्राप्त करेंगे। प्रत्येक विद्यालय में 420 बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। मुख्य सचिव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एकलव्य विद्यालयों के संबंध में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।

    बैठक में अनुसूचित जाति जनजाति विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 50 एकलव्य विद्यालयों का स्थापना की जा रही इनमें बलरामपुर जिले में ग्राम बरतीकला, रामनगर, देवीगंग, दोहना, और बुड़ा बगीचा (नवापारा) में एकलव्य विद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इसी तरह से बीजापुर में नुकनपाल, रूद्राराम और दुगईगुड़ा में और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में लाटा और नेवसा पेण्ड्रारोड़ में एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे है। बस्तर में मेटावाड़ा कोयेपाल, गोटिया, कोडेनार, छिंदावाड़ा में दंतेवाड़ा में मेटापाल, हारम और कुआकोण्डा में एकलव्य विद्यालय खोला जा रहा है। गरियाबंद में गिरहोला, जशपुर में घोलेंग, रैरूमाकला (सुखरापारा), धुंधरूडांड, कर्दना और पण्डरीपानी में एकलव्य विद्यालय स्थापित किया जायेगा। कोण्डागांव जिले में बेड़मा, कोरगांव, शामपुर और चिचाड़ी में और कोरबा जिले में लाफा और रामपुर में एकलव्य स्कूल खुलेगा। कोरिया जिले में घुघरा, जामथान में एकलव्य स्कूल खुलेगा। रायगढ़ जिले में बयासी, छत्तनगढ़ और पोटरा में एकलव्य स्कूल खुलेगा। अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव जिले में खवाशफाकड़ी और माडिंग-पिंडलिंग धेनु में और सुकमा में ऐराबोर और बालाटिकरा (छिंदगढ़) में एकलव्य स्कूल खुलेगा। सूरजपुर जिले में खोरमा, पालदानोली और बकिरमा में तथा सरगुजा में रिखी, सहानपुर, पेटला और शिवपुर में स्कूल खुलेगा। कांकेर जिले के अंजनी, फरसकोट, हिलचुर और नरहरपुर तथा नारायणपुर जिले में ओरछा में एकलव्य विद्यालय खोला जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सचिव श्री डी.डी.सिंह, संचालक अनुसूचित जाति जनजाति विकास विभाग श्रीमती शम्मी आबिदी और संबंधित जिलों के कलेक्टर सहित वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

     रायपुर / शौर्यपथ /

    राज्य सूचना आयुक्त  अशोक अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के सभी निजी विश्वविद्यालय भी सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे में आते हैं और आवेदक को सूचना देना उनका कर्तव्य है। अग्रवाल छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों के लिए आयोजित सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। श्री अग्रवाल ने राज्य के 15 निजी विश्वविद्यालयों के जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम को ठीक से पढ़ लेने से ही अधिकतर प्रश्नों के उत्तर मिल जाते हैं और अपील की स्थिति निर्मित नहीं होती है। श्री अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि सूचना में देरी होने पर संबंधित विश्वविद्यालय का जन सूचना अधिकारी जिम्मेदार होता है तथा प्रार्थी भ्रामक जानकारी मिलने पर सीधे राज्य सूचना आयोग में शिकायत कर सकता है।
    कार्यशाला में निजी विश्वविद्यालयों को सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 की अलग-अलग धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया तथा उन्हें तृतीय पक्ष और गोपनीय दस्तावेजों के संबंध में भी जानकारी दी गयी। कार्यशाला में ये जानकारी भी दी गयी कि आनलाइन वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्रकाशित करने पर लोगों को स्वत: जानकारियां मिलेंगी और इससे जानकारी मांगने के आवेदनों में कमी आएगी। कार्यशाला में निजी विश्वविद्यालयों के जन सूचना अधिकारियों ने राज्य सूचना आयुक्त से सूचना के अधिकार अधिनियम से संबंधित सवाल भी पूछे जिसका राज्य सूचना आयुक्त ने जवाब दिया।

    छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के नया रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में आभार प्रकट करते हुए आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष श्री उमेश कुमार मिश्र ने कहा कि इस कार्यशाला से आयोग के अधिकारियों व कर्मचारियों समेत प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों को लाभ मिलेगा और वो सूचना के अधिकार अधिनियम की आवश्यकता को समझते हुए बेहतर कार्य कर सकेंगे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सदस्य प्रशासनिक श्री ब्रजेश चंद्र मिश्र समेत प्रदेश के 15 निजी विश्वविद्यालयों के जन सूचना अधिकारी तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में पुलिस प्रशासन को त्वरित एक्शन के लिए 61 नए वाहनों की सौगात दी है। आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हाईवे पेट्रोलिंग व मानव तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग के 61 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। इनमें हाईवे पेट्रोलिंग अंतर्गत 15 वाहन, मानव तस्करी विरोधी इकाई के अंतर्गत 24 वाहन तथा कानून व्यवस्था हेतु 22 वाहन शामिल हैं। इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  प्रदीप गुप्ता , पुलिस महानिरीक्षक डॉ आनंद छावड़ा, पुलिस महानिरीक्षक श्री एस सी द्विवेदी , पुलिस अधीक्षक रायपुर प्रशांत अग्रवाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक  संजय शर्मा उपस्थित रहे ।

    हाईवे पेट्रोलिंग की व्यवस्था के तहत राजमार्गों पर आम नागरिकों को सुरक्षित एवं निर्वाध आवागमन के साथ-साथ सड़क दुर्घटना में तत्काल राहत एवं सहायता करने के उद्देश्य से 15 नए आर्टिगा वाहन उपलब्ध कराए गए है। ये वाहन बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, कबीरधाम, बिलासपुर , कोरबा, जांजगीर चांपा, रायगढ़, सरगुजा एवं बस्तर( जगदलपुर) में संचालित होंगे । हाईवे पेट्रोलिंग वाहन में पुलिस बल आवश्यक उपकरण तथा सामग्री से सुसज्जित होकर पूर्व निर्धारित स्थल पर तैनात रहते है तथा सामान्यत: पूर्व निर्धारित राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क खण्ड (सेगमेंट) में भ्रमण करते हैं। संबंधित खण्ड में दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर हाईवे पेट्रोल तत्काल स्वत: क्रियाशील होकर घटनास्थल पहुंचकर पीडि़त को समुचित सहायता एवं चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु तत्काल नजदीकी अस्पताल तक रवाना करने की व्यवस्था करते हैं। क्षेत्राधिकार के थाना को घटना की सूचना देकर आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराते है। यदि घटनास्थल पर किसी प्रकार कानून-व्यवस्था स्थिति निर्मित होती है तो स्थानीय बल के पहुंचने तक कानून-व्यवस्था बनाये रखते है। थाना प्रभारी तथा स्टॉफ के घटना स्थल पहुंचने तक घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए राजमार्ग में आवागमन को सामान्य बनाये रखते है।
    प्रदेश में कुल 30 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन पूर्व से जिला रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कांकेर तथा कोण्डागांव जिलों में संचालित है। सड़क सुरक्षा मद से एक करोड़ 19 लाख 6 हजार 977 रूपए से 15 नवीन हाईवे पेट्रोल वाहन क्रय किये गए है।
    इसी तरह मानव तस्करी विरोधी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट द्वारा गुम बच्चों के ऐसे प्रकरण, जिसमें बालक लंबे समय तक बरामद नहीं हो पाता है, तो मानव तस्करी की उपधारणा में प्रभावी विवेचना करना मानव तस्करी के पीडि़तों का बचाव कार्य, पीडि़तों की उचित देखभाल एवं काउंसलिंग उपलब्ध कराना पुलिस एवं अन्य विभागों के संबंधित अधिकारियों हेतु प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कराना, मानव तस्करी के अपराधों का रिकार्ड का संधारण करना, अंतर्राज्यीय समन्वय स्थापित करना एवं मानव तस्करी के विरूद्ध जनजागरूकता अभियान का संचालन करना है।
    मानव तस्करी की रोकथाम हेतु पूर्व में राज्य के 11 जिले क्रमश: जिला जशपुर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, महासमुंद, बस्तर, नारायणपुर एवं बलरामपुर को एक-एक चार पहिया वाहन, मोटर सायकल एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराये गये थे। इस वर्ष राज्य के सभी जिलों में निर्भया फण्ड के तहत 3-60 करोड़ रूपए से नवीन एएचटीयू की स्थापना एवं पूर्व गठित एएचटीयू के सुदृढ़ीकरण हेतु नए वाहन प्रदान किए गए है। इस फण्ड से कुल 24 हल्का वाहन तथा 46 मोटर सायकल व अन्य संसाधन क्रय कर पूर्व एवं नवगठित प्रत्येक एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट को उपलब्ध कराया गया है।


    दुर्ग / शौर्यपथ /

    प्रदेश में उद्योग परिदृश्य को बेहतर करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने अब तक 167 एमओयू किए हैं। इन के माध्यम से 78000 करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में प्रस्तावित है, इनमें 90 इकाइयों को लगाने की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज हथखोज में नवनिर्मित रेल इंडस्ट्रियल पार्क एवं भारी एवं हल्का ओद्योगिक क्षेत्र भिलाई में निर्मित अधोसंरचनाओं के लोकार्पण के अवसर पर नागरिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहले जब ओद्योगिक क्षेत्र बनते थे तब मौलिक सुविधाओं का अभाव होता था और इसके लिए काफी कोशिश करनी होती थी। आज रेलपार्क की अधोसंरचना देखी। सारी सुविधा यहां मौजूद है। यहां जल्द ही यूनिट्स लग जायेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में 19550 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है जिसके माध्यम से 33000 लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि प्रधान राज्य है और इसकी संभावनाओं को देखते हुए हमने फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर विशेष जोर दिया। खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में 478 इकाइयों के माध्यम से 1167 करोड रुपए का निवेश किया गया है जिससे 6000 लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल इंडस्ट्रियल पार्क लगने के पश्चात यहां पर औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार होगा। प्रदेश में उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए अधोसंरचना के क्षेत्र में और नीतियों के क्षेत्र में हर संभव सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इस पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
    रेल पार्क के बारे में प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज पिंगुवा ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और रेल पार्क के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रेल पार्क में 22 भूखंड हैं। इसमे अधोसंरचना की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फ़ूड पार्कों की स्थापना की दिशा में उद्योग विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। इससे कृषि प्रधान हमारे राज्य का तेजी से आर्थिक विकास हो सकेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, भिलाई चरोदा के महापौर श्री निर्मल कोसरे, सभापति श्री कृष्णा चंद्राकर एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस दौरान संभागायुक्त श्री महादेव कांवड़े, आईजी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सीएसआईडीसी के एमडी श्री अरुण प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
    उल्लेखनीय है कि रेल पार्क में 8 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने का लाभ रेलवे के लिए उपकरण तैयार करने वाली यूनिटों को होगा। एक ही जगह पर अधोसंरचना उपलब्ध होने का लाभ उद्यमियों को होगा तथा रेलवे के लिए भी रेल पार्क बन जाने से आसानी होगी। इसके साथ ही आज हल्के एवं भारी औद्योगिक क्षेत्र में सवा चार किमी सीसी रोड का लोकार्पण भी किया गया। इसकी लागत बारह करोड़ रुपए है। आभार ज्ञापन उद्योग एवं व्यापार केंद्र के महाप्रबंधक श्री सिमोन एक्का ने किया।

     दुर्ग / शौर्यपथ /

    किसी राज्य की सबसे बड़ी पहचान उसकी सांस्कृतिक समृद्धि से होती है खनिज संपदा से नहीं। हमने छत्तीसगढ़ में अपनी परंपरा को सहेजने और इसे देश दुनिया को दिखाने की दिशा में कार्य किया है। आज की जनधारा समूह द्वारा आयोजित कर्मवीर सम्मान समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की एक अद्भुत सांस्कृतिक पहचान रही है। हमारी परंपराएं हमारा लोक संगीत, जीवन शैली को लेकर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर रही है। दुर्भाग्य से अब तक छत्तीसगढ़ केवल खनिज समृद्ध राज्य के रूप में देश भर में जाना जाता था। हमने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा रही है और छत्तीसगढ़ हमेशा से आत्मनिर्भर राज्य रहा है। हमारा आर्थिक जीवन भी हमारे सांस्कृतिक जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।

    बस्तर का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में लोहे की खदानें है पुराने जमाने में यहां के लोग उच्च गुणवत्ता का लोहा गलाते थे और इसके बदले चांदी खरीदते थे। जिससे सुंदर आभूषण तैयार करते थे। इस तरह हमेशा से समृद्ध व्यापार छत्तीसगढ़ में होता आया है। पशुपालन को लेकर भी छत्तीसगढ़ में समृद्ध परंपरा रही थी। भिलाई के उतई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां मवेशी बाजार लगता था। केवल यहां ही नहीं, पूरे देश भर में मवेशी बाजार लगते थे लेकिन पशुधन संवर्धन को लेकर नीति नहीं होने की वजह से ऐसे बाजारों का अस्तित्व समाप्त होता चला गया। किसी कृषि प्रधान क्षेत्र को विकसित करने के लिए पशुपालन को समृद्ध करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। इस सोच को लेकर हम नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना लेकर आए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज की जनधारा समूह द्वारा आज कर्मवीरों का सम्मान किया जा रहा है। भिलाई कर्मवीरों की भूमि रही है। जब भिलाई में इस्पात भवन के सामने प्रतीक चिन्ह स्थापित करने का निर्णय लिया गया तो यहाँ के वरिष्ठ अधिकारी श्री खचारिया जी के साथ स्वामी आत्मानंद बैठे थे। श्री खचारिया जी ने उनसे पूछा इस प्रतीक के नीचे क्या लिखा जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में सूक्त वाक्य है सत्यमेव जयते, तो श्रमिकों के लिए श्रमेव जयते होना चाहिए और तब से यह सुंदर वाक्य इस प्रतीक चिन्ह में लिखा हुआ है और भिलाई के हजारों लोगों को प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खूबी यहां के लोगों के आपसी सौहाद्र्र को लेकर है और इसे हम कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित कवि श्री संपत सरल की कविताओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि वे संपत सरल की कविताएं सुनते हैं और इन कविताओं में व्यवस्था के प्रति जो व्यंग्य होता है, उससे व्यवस्था को बेहतर करने की समझ भी बनती है। इस दृष्टि से व्यंग्य बेहद कारगर साबित होता है। उन्होंने हरिशंकर परसाई के उद्धरण भी दिए। इस मौके पर आज की जनधारा समूह के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से सुभाष की बात कार्यक्रम के लिए प्रश्न भी पूछे। सुभाष की बात वीआईपी न्यूज़ का एक कार्यक्रम होता है और इसमें प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा अतिथि से प्रश्न पूछते हैं।
    अपने प्रश्नों में श्री मिश्रा ने मुख्यत: यह जानना चाहा कि छत्तीसगढ़ का सुशासन का मॉडल आखिर कहां से आया और इतना सफल कैसे हो पाया? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुशासन के मॉडल को बनाने के लिए हमने यहां की क्षेत्रीय विशेषताओं को लिया। छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। जब तक कृषि प्रधान राज्य में कृषि से संबंधित बुनियादी समस्याओं को हल करने की दिशा में प्रयास नहीं किया जाएगा तब तक सुशासन का एक मॉडल तैयार नहीं हो सकता था। हमने ग्रामीण विकास की योजनाओं को राज्य में क्रियान्वित किया। इसका जमीनी असर हुआ और तेजी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वावलंबी होने की दिशा में अग्रसर हुई। इस मौके पर अपने संबोधन में पत्रिका के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जो नवाचार हुए हैं। उसे देश भर में सराहा गया है और यह देश भर के लिए मॉडल बन गई है। छत्तीसगढ़ में गोबर खरीदी की जो योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आरंभ की अब उसे देश के दूसरे राज्यों में मॉडल के रूप में अपनाया जा रहा है।

    इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के बारे में विस्तार से चर्चा की इस मौके पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी मौजूद थे। साथ ही दुर्ग विधायक  अरुण वोरा, दुर्ग महापौर  धीरज बाकलीवाल, भिलाई महापौर  नीरज पाल, रिसाली महापौर  शशि सिन्हा, आज की जनधारा समूह के सीईओ श्री सौरभ मिश्रा, एडीशनल सीईओ  आशीष जायसवाल, ब्यूरो चीफ श्री रमेश गुप्ता, वीआईपी न्यूज़ के ब्यूरो चीफ श्री सुबोध तिवारी सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आज की जनधारा के एप भी लांच किया तथा समूह द्वारा निकाली जाने वाली चार पत्रिकाओं का विमोचन भी किया।

     बेमेतरा/नवागढ़/शौर्यपथ /

    भारतीय जनता पार्टी बेमेतरा जिला महामंत्री विकास धर दीवान ने धर्मांतरण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि वे कांग्रेस की राजमाता को खुश करने के लिए धर्मांतरण को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं तो आदिवासियों की मांग तत्काल पूरी करते हुए धर्मांतरित लोगों को जनजातीय लाभ बंद करें। दीवान ने कहा कि नारायणपुर में जनजातीय सुरक्षा मंच के सम्मेलन में हजारों आदिवासियों ने भूपेश बघेल को पैगाम भेज दिया है कि जनजातीय समाज उनके छलावे में नहीं आने वाला। आदिवासी समाज भूपेश बघेल सरकार के संरक्षण में हो रहे धर्मांतरण से पीडि़त है। श्री दीवान ने कहा कि भूपेश बघेल के कान में खास खानदानी राजनीतिक तेल भरा होने की वजह से आदिवासियों की आवाज़ उन्हें सुनाई नहीं दे रही है। वे आदिवासी समाज का सुस्पष्ट स्वर अनसुना कर रहे हैं। भूपेश बघेल हाल ही पिछले बस्तर दौरे में आदिवासी समाज के नेतृत्व को सत्ता की धौंस दिखा चुके हैं। उनकी पुलिस ने निहत्थे आदिवासियों पर लाठियां बरसाई लेकिन आदिवासी समाज से माफी मांगने की बजाय भूपेश बघेल ने आदिवासी नेतृत्व को ही दादागिरी दिखाई। सत्ता के मद में चूर भूपेश बघेल का अहंकार चकनाचूर होने का वक्त आ गया है।

    जिला महामंत्री विकास दीवान ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदतन झूठ बोलते हैं कि किसी भी व्यक्ति को बलपूर्वक यदि धर्मांतरण कराया गया हो तो एक नाम बता दें। तो अब वे बतायें कि उनके राज में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण नहीं हो रहा है तो उद्वेलित जनजातीय समाज धर्मांतरित लोगों को आदिवासी लाभ बंद करने की मांग क्यों कर रहा है।क्यों यह लाभ बंद नहीं कर रहे।

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