August 07, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राज्यपाल अनुसुईया उइके से आज राजभवन में पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने मुलाकात की। राज्यपाल ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि बृजमोहन अग्रवाल का 1 मई को जन्म दिवस था।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    कुसमी में पीडीएस दुकान का किया निरीक्षणमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज ‘भेंट-मुलाकात‘ अभियान के प्रथम दिन कुसमी थाने, शासकीय उचित मूल्य की दुकान, कुसमी के नगर पंचायत दफ्तर का निरीक्षण किया।

    कुसमी के नगर पंचायत दफ्तर का निरीक्षण कियामुख्यमंत्री ने शासकीय उचित मूल्य दुकान कुसमी में मौजूद हितग्राहियों से मुलाकात की और अपने हाथों से राशन तौलकर हितग्राहियों को वितरित किया। मुख्यमंत्री ने पीडीएस दुकान का निरीक्षण करते हुए कार्डधारकों की संख्या और हर महीने मिलने वाले राशन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से राशन बांटने पर 64 साल की एक बुजुर्ग महिला ने आशीर्वाद दिया।
    मिलने वाले राशन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से राशन बांटने पर 64 साल की एक बुजुर्ग महिला ने इस दौरान शशिकला नाम की महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत की कि उसका नाम गरीबी रेखा सूची से काट दिया गया है और उसके पास राशन कार्ड नहीं है। शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कलेक्टर बलरामपुर से बात की और नगर पंचायत सीएमओ को निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार निर्देशित करने और हिदायत के बावजूद भी अगर जनता को परेशान होना पड़ेगा, तो कार्रवाही निश्चित है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से चर्चा कर राशन वितरण की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने पूछा कि सबको बराबर राशन मिल रहा है या नहीं इस पर महिलाओं ने राशन मिलने की उन्हें जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से राशन की दर के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री ने उचित मूल्य दुकानदार से स्टाक पंजी मांग कर देखी और राशन कार्ड के संबंध में जानकारी ली।


    मिलने की उन्हें जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से राशन की दर के बारे में भी पूछाशासकीय उचित मूल्य दुकान कुसमी में दर्ज कार्डधारकों की संख्या 1246 है। इस दुकान का संचालन कुसमी वन समिति करती है। मुख्यमंत्री के अपने निरीक्षण में ये पाया कि मई माह के वितरण के लिए चावल, शक्कर, चना एवं नमक का अग्रिम स्टाक रखा हुआ है।

    कुसमी के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल तोड़कर गाड़ी से उतरे और लोगों के बीच जा पहुंचे। मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि पुलिस से संबंधित कोई समस्या तो नहीं है।

    कुसमी थाने की निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने थाने की रोज नामचा का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने मालखाने का निरीक्षण किया। इस दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया और संसदीय सचिव श्री चिंतामणि महाराज भी मुख्यमंत्री के साथ थे।


    मुख्यमंत्री श्री बघेल के नगर पंचायत कुसमी के कार्यालय के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में रूचि नहीं ली जा रही साथ ही उनके द्वारा कार्य के दौरान लापरवाही बरती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से चर्चा कर कुसमी के नगर पालिका अधिकारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित अमल करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मंत्रालय से श्री एस.के. दुबे का निलंबन आदेश जारी कर दिया गया है।

     

     

     

     

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने आज उज्जैन में भगवान महाकाल की विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाएं भी राज्य के हर हिस्से में स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक तरक्की की नई राह तैयार कर रही हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसेे कुसमी जैसे क्षेत्र की महिलाएं भी शामिल हैं। आज बलरामपुर जिले में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सामरी क्षेत्र की सीता महिला स्वसहायता समूह एवं कुसमी क्षेत्र की दुर्गा महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। महिलाओं के द्वारा मुख्यमंत्री को समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों से भरी एक टोकरी गिफ्ट की गयी। इस टोकरी में रागी का आटा, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, सरसो का तेल एवं इमली अचार रखा हुआ था। महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों ने मुख्यमंत्री बघेल को उनकी कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए उनका आभार प्रकट किया।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान नगर पंचायत कुसमी के वयोवृद्ध एल्डरमैन बहादुर राम से उनके निवास में जाकर मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर बहादुर राम के परिवारजनों ने परंपरागत रूप से सरगुजिया पगड़ी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बहादुर राम से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और उनके घर के सदस्यों से भी मिले। मुख्यमंत्री ने घर में बनाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का आनंद भी लिया। इस मौके पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया और संसदीय सचिव  चिंतामणि महाराज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ /शौर्यपथ/

    ग्राम देवी देवताओं की पूजा करने के लिए ग्राम स्तर पर एक ग्राम पुजारी की व्यवस्था रहती हैं, जिसें स्थानीय स्तर पर बैगा कहा जाता है। जिनके द्वारा अक्ती तिहार के अवसर पर ग्राम देवी देवता की पूजा की जाती है। बैगा द्वारा आने वाले फसल अच्छी हो इसके लिए विशेष प्रार्थना भी की जाती है। इस अवसर पर खेतों में बखर बैल और बीज लेकर खेत में जाते है फिर पूजा के बाद बखर चलाकर खेत में धान का बीज छिड़कते है आज की यह बुआई शुभ मानी जाती है। तत्पश्चात् कृषक खरीफ मौसम की खेती के लिए तैयारी करते है।

    रसायनिक खादों से भूमि उपज का हो रहा क्षरण

    वर्तमान परिस्थिति में खेती के स्वरूप में काफी बदलाव आया है। जिसके कारण कृषको की लागत खेती में बढ़ती जा रही है और आमदनी घटती जा रही है साथ लोगो के स्वास्थ्य पर भी रासायनिक एवं कीटनाशक के उपयोग से प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिसके लिए इस ओर ध्यान देते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अक्ती तिहार के अवसर पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए माटी पूजन कार्यक्रम का आयोजन गौठान एवं पंचायतों में किया जा रहा है। यह सच है कि केमिकल और फर्टिलाईजर ने हरित क्रांति में अहम रोल निभाया है ,लेकिन यह भी जरूरी हो गया है कि अब हम प्राकृतिक खेती को अपनाने की दिशा में कार्य करना होगा। प्राकृतिक खेती अपनाने में लागत कम हो जाती है, परंतु न तो उत्पादन में कमी आती है और न किसान की आय में, बल्कि इस तरह की खेती से उत्पादन और आय दोनो में स्थिरता आती है।

    प्राकृतिक और जैविक खेती को लौटे किसान
    प्राकृतिक खेती अपनाने का अर्थ केवल हरित क्रांति से पहले के तरीकों पर वापस जाना नही है, बल्कि इन पारंपरिक तरीकों को अपनाने में पिछले 40-50 वर्षो में हासिल किए गए ज्ञान और अनुभव का भी प्रयोग किया जाना है। प्राकृतिक खेती अपनाने का उद्देश्य यह है कि किसान को सम्मानजनक और सुरक्षित आमदनी मिले, छोटी जोत की खेती भी सम्मानजनक रोजगार और जीवन दे, हर मनुष्य को स्वास्थ्यवर्धक और पर्याप्त भोजन मिले। इसके अलावा पर्यावरण संतुलन में भी प्राकृतिक खेती का महत्वपूर्ण योगदान है।

    जीरो खर्च होने वाली होती है प्राकृतिक खेती

    प्राकृतिक खेती में कोई बाजार से कीटनाशक एवं रसायनिक उर्वरक क्रय करने की आवश्यकता नही होती है। वही दूसरी ओर, किसान अपने खेत में हुई पैदावार में से ही अगली फसल के लिए बीज भी सुरक्षित करके रख लेता है, जिससे उन्हे बीज भी बाजार से खरीदना नही पड़ता है। जिसके कारण कृषकों को इसके लिए अतिरिक्त व्यय करने की आवश्यकता नही होती है, सिर्फ उनकी मेहनत के अलावा और कोई लागत नही होती है।

    कैसे बनते है प्राकृतिक खाद एवं कीटनाशक

    प्राकृतिक खाद एवं कीटनाशक बनाने के लिए गाय के गोबर और गौमूत्र का इस्तेमाल करते है। गाय के गोबर और गौमुत्र में गुड़,बेसन,मिट्टी आदि मिलाकर किसान जीवामृत बना रहे है, जिन्हे खेतो में सिंचाई के पानी के साथ पहुंचाया जा सकता है। वही गौमूत्र में धतुरा, नीम,सीताफल, आक, बेसरम के पत्ते की आवश्यकता होती है। जिसे मिलाकर अलग-अलग कीटों के प्रभावी प्रबंधन में उपयोग किया जाता है।

    अक्ती तिहार पर भूमि सुरक्षा के प्रमुख बिन्दु


    रासायनिक खेती से हानिः-

    01. रासायनिक खेती करने से मिट्टी जहरीली और जमीन बंजर हो रही है।
    02. जमीन में स्थित सुक्ष्मजीव जो मिट्टी को नरम और उपजाऊ बनाते है मर जाते है।
    03. मिट्टी धीरे-धीरे कठोर हो जाती है।
    04. रासायनिक खेती से खद्यान सामग्री के साथ-साथ नदी तालाबों और भुमिगत जल भी धीरे-धीरे प्रदुषित हो रही है।
    05. सामान्य खेती की तुलना में अधिक खर्च आता है।
    06. मृदा (मिट्टी) की अम्लता एवं क्षारीयता बढ़ रही है जिससे फसल उत्पादन कम हो रही है।
    07. रसायनिक खेती से सुक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता घट रही है।
    08. रसायनिक खेती से मनुष्यों को केंसर, मधुमेह तथा कई प्रकार के भयानक बिमारीयां हो रही है।
    09. मृदा की भौतिक, रासयनिक एवं जैविक गुणों पर विपरित प्रभाव पडता है।

    जैविक खेती से फायदेः-

    01. जैविक खेती करने पर भूमि, जल और वायु प्रदूषण बहुत कम होता है।
    02. जैविक खेती करने पर पौष्टिक और जहर मुक्त भोजन का उत्पादन होता है।
    03. भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि हो जाती है।
    04. जैविक खाद के उपयोग करने से भूमि की गुणवत्ता में सुधार आता है।
    05. भूमि की जल धारण क्षमता बढ़ती है एवं भूमि क ेजल स्तर में वृद्धि होती है।

    फसल परिवर्तन के फायदेः-

    01. भूमि के पी.एच. तथा क्षारीयता में सुधार होता है।
    02. भूमि की संरचना में सुधार होता है।
    03. मृदा क्षरण की रोकथाम होता है।
    04. फसलों का बिमारियों एवं कीटों से बचाव होता है।
    05. खरपतवारों की रोकथाम होती है।
    06. वर्ष भर आय प्राप्त होती रहती है।
    07. भूमि में विषाक्त पदार्थ एकत्र नहीं होने पाते है।
    08. उर्वरक - अवशेषों का पूर्ण उपयोग हो जाता है।

     

     

     

     

     

    विशेष लेख /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ के रीति रिवाज,तीज त्यौहार जनमन को प्रकृति,पशु पक्षी से जुड़ने और उनके संरक्षक बनने का संदेश अनादिकाल से देते आ रहे हैं।ऐसा ही एक पर्व "अक्षय तृतीया" हैजिसे छत्तीसगढ़ में अक्ती के नाम से जानते हैं।,इस वर्ष अक्ती 3 मई को है।इस पर्व में मिट्टी के मटके,सुराही दान करने की प्रथा है।इस पर्व में प्यासों के लिए सुराही-मटके दान करने की परम्परा के साथ साथ पक्षियों के लिए सुराही से घोसला बनाने की अभिनव पहल करें।इस पहल से आपकी जिंदगी में खुशनुमा सुबह की शुरुआत अवश्य होगी।

    सुराही- मटके केवल पानी भरने के लिए ही नहीं,बल्कि पक्षियों के घोसला बनाने के लिये भी बेहद उपयोगी है।गर्मी बीत जाने के बाद इन्हें फेंके नहीं।इन्हें पेड़ की शाखाओं पर,घरों में मुंडेर पर अथवा अन्य किसी भी सुरक्षित स्थान पर लटका दें। ऐसे लटके हुये सुराही में गौरैया,गिलहरी,उल्लू, नीलकंठ,पहाड़ी मैना,जैसे पक्षी बड़ी सहजता से अपना बसेरा बना लेते हैं।मानव समुदाय का सबसे करीबी पक्षी गौरैय्या को सुराही में घर बनाना विशेष पसंद है।आंगन में फुदकती गौरैया अहसास कराती है कि -"परिंदे जिनके करीब होते हैं,वे बड़े खुशनसीब होते हैं"।

    यह सर्वविदित है कि पुराने बृक्षों की संख्या लगातार घटती जा रही है। ऐसे बृक्षों की खोह में बसेरा बनाने वाले प्रजातियों के पक्षियों को विकल्प के रूप में पेड़ पर लटकते सुराही मिल जाते हैं।पेड़ों में लटकाए सुराही में बसेरा बनाकर वे बिना कैद किये आपके आसपास चहकते हुए परिवार के सदस्य बन जाते हैं।

    पक्षी मित्र बनने,लुप्त होते पक्षियों को बचाने का उत्तम उपाय यही है कि उन्हें पिजरें में कैद करना तत्काल बंद कर दें।अपने करीब रखने के लिए घर आंगन के पेड़ पौधे,मुंडेर पर सुराही,मटकी बांधने के साथ ही हर सुबह दाना-पानी देना आंरभ करें। इससे बारहों महीना चौबीस घण्टे पक्षियों के कलरव से आपका मन आनंदित होगा।पक्षियों का परिवार आशीष देते हुए कहेगा- समाज उसे ही पूजता है, जो अपने लिए ही नहीं दूसरों के लिए भी जीता है।

    अतः धरा को हरा बनाने का संकल्प लेते हुये धरती के आभूषण पशु,पक्षी,पेड़ पौधे की हिफाज़त करें।याद रखें ऐसे सभी कार्य किसी ईबादत से कम नहीं है।

    विजय मिश्रा "अमित"

     

     

    विशेष लेख /शौर्यपथ/

    मनुष्य के तन-मन-धन सबको संवारने में पक्षी परिवार का अतिमहत्वपूर्ण योगदान होता है।जन्मजात विविध क़िस्म के पक्षी मानव मित्र होते हैं।फलों,फसलों में लगे कीड़ों मकोड़ों को खाकर वे न केवल फलों और फसलों की रक्षा करते हैं,अपितु फूलों के परागकण को एक फूल से दूसरे फूल में पहुंचाने का भी कार्य पक्षियों द्वारा किया जाता है।इसी प्रक्रिया से पेड़ पौधों में फल और बीज का निर्माण होता है।बहुपयोगी वनों का विस्तार होता है।
    पक्षियों से बढ़ती दूरियों के कारण इंसान की जिंदगी नीरस होती जा रही है।साथ ही कोयल,कौआ,गौरैया फाक्ता,बुलबुल,कबूतर जैसे पक्षियों से बढ़ती दूरी मानव समुदाय के लिए अनेक अर्थों में हानिकारक सिद्ध हो रही है।

    सहजता-निर्भयता से गौरैया घर बना लेती थी।उसके भीतर पलते पखेरुओं की चीं चीं से कमरा भर उठता था।अब तो ऐसी मनमोहक स्थिति लगभग खत्म हो चली है।अगर भूले से किसी घर के भीतर गौरैया घोसला बनाने लगे तो लोग उसे पहले ही भगा देते हैं।घर में कचरा फैला रही है ,खराब कर रही है कहते हुये गौरैया को पनाह देने में लोग हिचकते हैं।कई ऐसी घटनायें भी देखने को मिली है,जब घर के अंदर घूमते हुये पॅखे से टकरा कर गौरैया की जान चली गई।

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कुसमी में आम जनता से रूबरू चर्चा के लिए आयोजित ‘भेंट-मुलाकात‘ में कुसमी के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक-2 में आम के पेड़ की ठंडी छांव में मुख्यमंत्री से चर्चा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। मुख्यमंत्री उनसे मिलने के लिए पैदल चलकर स्थल पर पहुंचे।

    मुख्यमंत्री आम जनता की मांग पर कुसमी-सामरी-बलरामपुर पहुंच मार्ग में कंठी घाट के पास करीब 8 किलोमीटर सड़क डामरीकरण, कुसमी में आलू, टाउ और मिर्ची के फूड प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना, कुसमी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नई तकनीक वाली एक्सरे मशीन, आईटीआई में नए ट्रेड खोलने आईटीआई के नए भवन निर्माण तथा नगर पंचायत कुसमी में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था करने की घोषणा की। इसके साथ ही साथ उन्होंने कुसमी से कोरंधा होकर लातेहार सड़क को राजकीय राजमार्ग बनाने के लिए झारखण्ड सरकार से चर्चा करने का आश्वासन दिया। कुसमी में बिजली कटौती और ओव्हर लोड की समस्या की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री को इस कार्यक्रम के दौरान सभा में मौजूद प्रिया यादव नाम की बच्ची के दिल के ऑपरेशन के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने उसकी मां को पास बुलाकर बच्ची के स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की। मां ने बताया कि ऑपरेशन के बाद बच्ची का स्वास्थ्य अब बहुत बेहतर है। श्री बघेल ने बच्ची को गोद में उठाकर दुलारा और आशीर्वाद दिया। इस बच्ची प्रिया यादव का शासन से मिली 3.5 लाख रूपए की राशि से इलाज हुआ है, बच्ची की मां ने इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। श्री बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं से उनके कामकाज के बारे में जानकारी ली। समूह की महिलाओं ने उनके समूह द्वारा तैयार की गई सामग्री की टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों से चर्चा कर प्रवेश, पढ़ाई, पमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुसमी के स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों से चर्चा कर प्रवेश, पढ़ाई, परीक्षा की जानकारी ली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों से अपनी फिटनेस का राज साझा किया। बच्चों द्वारा पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा- किसानी, योगा और तैराकी ही उनके स्वस्थ जीवनचर्या का आधार है।

     

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