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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग। दुर्ग की राजनीति हमेशा से छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख केंद्र रही है। लेकिन पिछले चार दशकों से यहाँ कांग्रेस का संगठन एक ही 'परिवार' और 'रिमोट कंट्रोल' की राजनीति के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। यह एक ऐसी व्यवस्था थी जहाँ निर्णय संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं, बल्कि एक खास दरबार में लिए जाते थे। परिणाम? जमीनी स्तर पर संगठन की कमजोरी, निष्क्रिय कार्यकर्ता और जनता से दूरी।
धीरज बाकलीवाल: ‘जमीनी संगठन’ और ‘बूथ मज़बूती’ का नया दौर
लेकिन अब दुर्ग शहर कांग्रेस में एक 'नयी रोशनी' दिखाई दे रही है, जिसका श्रेय शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल को जाता है। बाकलीवाल ने पुरानी परिपाटी को चुनौती देते हुए संगठन को फिर से सक्रिय करने का काम शुरू किया है। उनका स्पष्ट विश्वास है कि एक 'सशक्त बूथ ही सशक्त संगठन की आधारशिला' है।
संगठनात्मक कसावट: बाकलीवाल ने 5 ब्लॉक, 10 मंडल, 60 वार्ड और 275 बूथों पर संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने का अभियान चलाया है।
सक्रिय विपक्ष: वह केवल संगठनात्मक कार्यों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि जनता के मुद्दों को भी मजबूती से उठा रहे हैं। चाहे वो ई-चालान का मुद्दा हो या हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के छात्रों के भविष्य से जुड़ी लापरवाही, बाकलीवाल प्रशासन के सामने मजबूती से पक्ष रख रहे हैं।
सामाजिक सरोकार: धीरज बाकलीवाल सामाजिक रूप से भी जनता से जुड़ रहे हैं। तिरुपति से लौटे तीर्थयात्रियों का स्वागत और ऐसी अन्य गतिविधियाँ उन्हें जनता के करीब ला रही हैं।
अरुण वोरा की ‘गिरती साख’ और ‘गुटबाजी’ का घेरा
दूसरी ओर, पूर्व विधायक अरुण वोरा की कार्यशैली अब चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके समय में संगठन के निर्णय एक ही दरबार से लिए जाते थे। पुराने जिला अध्यक्षों को तो संगठन की गतिविधियों की जानकारी तक नहीं होती थी; हर छोटे-बड़े सवाल का जवाब 'वोरा जी से पूछकर बताएंगे' में सिमट जाता था। जानकार मानते हैं कि पूर्व की राजनीति केवल चुनाव के समय कार्यकर्ताओं को याद करने और संगठन को अपनी मुट्ठी में रखने तक सीमित थी। यह 'एकल ध्रुवीय' व्यवस्था दुर्ग में कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई।
चुनौतियां अभी बाकी हैं: ‘मतलबपरस्त’ नेताओं और ‘चाटुकारों’ की फौज
यद्यपि यह 'नया उदय' सुखद है, लेकिन धीरज बाकलीवाल के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। संगठन में अभी भी ऐसे नेताओं की फौज है जो केवल सत्ता के लाभ के लिए मंचों पर आसीन हो जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनकी कोई अहमियत नहीं है। चाटुकारों की यह फौज गुटबाजी को हवा देती है और संगठन के कार्यों में बाधा डालती है।
निष्कर्ष: ‘नयी रोशनी’ से ‘भविष्य की जीत’ की ओर
अगले 17-18 महीनों में चुनावी मोड शुरू हो जाएगा। बाकलीवाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन 'मतलबपरस्त' नेताओं से बचते हुए कर्मठ कार्यकर्ताओं की ऐसी टीम तैयार करना है, जो कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचा सके। यदि धीरज बाकलीवाल इसी तरह संगठन और कार्यालय को आबाद रखने में सफल रहे, तो दुर्ग शहर कांग्रेस के लिए यह 'नया उदय' न केवल सुखद होगा, बल्कि भविष्य की जीत का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
यह राजनीतिक लेख दुर्ग कांग्रेस में चल रही इस बड़ी उथल-पुथल और 'नयी रोशनी' की शुरुआत को बयां करता है।
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई गति देते हुए कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में 27 एकड़ में विकसित होने वाले नवीन औद्योगिक क्षेत्र का भूमिपूजन आज वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। करीब 10.59 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र न केवल निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित करेगा।
मंत्री श्री देवांगन ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अधोसंरचना विकास कार्यों की शुरुआत करते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि “विकसित कोरबा” के सपने की मजबूत नींव है। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 1980 के बाद पहली बार कोरबा में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जो जिले के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” विजन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में उद्योगों के विस्तार और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नई औद्योगिक नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन भूमि आवंटन और समयबद्ध प्रक्रियाओं ने निवेशकों के लिए माहौल को सरल, पारदर्शी और अनुकूल बनाया है।
मंत्री ने विशेष रूप से बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराने जैसी पहलें उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
44 औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा अवसर
छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र में 44 औद्योगिक इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि नई नीति के तहत पात्र इकाइयों को कुल निवेश का लगभग 65% तक अनुदान/सहायता प्रदान की जा रही है।
सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार ने जानकारी दी कि लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास कार्यों की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और टेंडरिंग कार्य प्रगति पर है। “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को सभी आवश्यक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कोरबा: ऊर्जा नगरी से बहुआयामी औद्योगिक हब की ओर
इस परियोजना के माध्यम से कोरबा, जो अब तक कोयला और बिजली उत्पादन के लिए जाना जाता रहा है, विविध उद्योगों के केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में अग्रसर होगा। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और युवाओं के पलायन में कमी आएगी।
कार्यक्रम में विधायक श्री प्रेमचंद्र पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
यह भूमिपूजन कोरबा के औद्योगिक भविष्य की नई इबारत लिखने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां निवेश, रोजगार और विकास की त्रिवेणी एक साथ बहती नजर आएगी।
रायपुर /
विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आगामी 8 मई को राज्य स्तर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रेडक्रॉस राज्य शाखा, रायपुर के चेयरमैन श्री तोमन साहू की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस विशेष अवसर पर समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के रेडक्रॉस वालंटियर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।
इस दौरान रेडक्रॉस की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार कर जारी की गई। योजना में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, विशेष अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। साथ ही, रक्तदान शिविरों का व्यापक आयोजन कर रक्त की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित करने और “रक्तदान महादान” के संदेश को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक और सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है, जिससे उनमें मानवीय मूल्यों और सेवा भाव का विकास हो सके। जिला शिक्षा अधिकारियों को माहवार गतिविधियों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए हैं।
कार्ययोजना में शैक्षणिक भ्रमण, प्राकृतिक अध्ययन, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, काउंसलर प्रशिक्षण, ट्रैकिंग कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, रक्तदाता दिवस, विश्व योग दिवस, जनसंख्या दिवस, साक्षरता दिवस, अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस, दिव्यांग दिवस, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सहित विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। साथ ही, विद्यार्थियों को नई दिल्ली में लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी प्रस्तावित है। बैठक में चेयरमैन श्री तोमन साहू, कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह सम्मान निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर /
भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा दिनांक 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य को योजना के प्रभावी संचालन, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था तथा पारदर्शी क्लेम प्रबंधन प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ को Best Performing Large State के रूप में निम्नलिखित श्रेणियों में चयनित किया गया—
1. हाई ट्रिगर एफिकेसी
इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध क्लेम की पहचान एवं उनके प्रभावी विश्लेषण में उल्लेखनीय दक्षता प्रदर्शित की है। उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा सुदृढ़ ऑडिट व्यवस्था के माध्यम से अनियमितताओं की समयबद्ध पहचान सुनिश्चित की गई है।
2. टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पेसियस क्लेम्स
इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध दावों के त्वरित निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम की जांच, निर्णय एवं निष्पादन सुनिश्चित कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत किया गया है।
राज्य में क्लेम ऑडिट तंत्र को सशक्त बनाने, ट्रिगर-आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के कारण संदिग्ध प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसके परिणामस्वरूप क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से हम प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। यह पुरस्कार हमारे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम और सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। हम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।”
रायपुर ।
भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप जिताने में निर्णायक भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ की होनहार खिलाड़ी संजू देवी को राज्य सरकार ने 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया है। यह प्रदेश के खेल इतिहास में पहली बार है जब किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी राशि प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समारोह में संजू को चेक सौंपा। इस अवसर पर बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया गया।
संजू देवी ने अपने दमदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया। नवंबर 2025 में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी वर्ल्ड कप में उन्हें “मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP)” चुना गया। फाइनल मुकाबले में भारत के कुल 35 अंकों में से 16 अंक अकेले संजू ने अर्जित किए, जो उनकी निर्णायक भूमिका को दर्शाता है। सेमीफाइनल सहित पूरे टूर्नामेंट में उनके खेल ने टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम योगदान दिया।
कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाली 23 वर्षीय संजू श्रमिक परिवार से आती हैं। उन्होंने जुलाई 2023 से बिलासपुर की बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को निखारा। वे छत्तीसगढ़ की पहली महिला कबड्डी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया और दो प्रमुख प्रतियोगिताओं—एशियन चैंपियनशिप (ईरान, मार्च 2025) और वर्ल्ड कप—में भारत को स्वर्ण दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संजू की उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव मंच और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संजू जैसी बेटियां आज नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं और आने वाले समय में प्रदेश का नाम और ऊंचा करेंगी।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि संजू देवी का प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाने वाला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया जा रहा है।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
संजू देवी की कहानी संघर्ष, अनुशासन और अटूट जज्बे की मिसाल है। गरीबी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने जुनून, मानसिक मजबूती और कड़ी मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया। ईस्ट जोन और ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं से लेकर इंडिया कैंप और फिर भारतीय टीम तक उनका चयन लगातार बेहतर प्रदर्शन का परिणाम रहा।
आज संजू देवी केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि प्रतिभा और परिश्रम के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
सुरंगों में घुसकर कार्रवाई, उपकरण भी बरामद, प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती
रायपुर /
कोरिया जिला के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में कोयला जब्त किया है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को सुबह से सघन अभियान चलाकर अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया और मौके से करीब 150 बोरी यानी 6 टन 61 किलो अवैध कोयला बरामद किया।
सुरंगों में घुसकर की गई कार्रवाई, उपकरण भी जब्त
जिले में गठित टास्क फोर्स के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने सुरंगों के भीतर प्रवेश कर कार्रवाई की और कोयले के साथ-साथ फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप तथा बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए। इससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध उत्खनन संगठित रूप से संचालित किया जा रहा था।
कानूनी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज
इस मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी बंद की गईं खदानें, फिर दोहराई जा रही गतिविधियां
वन विभाग के अनुसार देवखोल क्षेत्र में पूर्व में भी अवैध खदानों को ब्लास्ट कर बंद किया गया था। एसईसीएल के माध्यम से सुरंगों को सील करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है, लेकिन कुछ लोग इन्हें दोबारा खोलने का प्रयास करते हैं। हाल ही में पटना पुलिस द्वारा भी 3 टन 200 किलो अवैध कोयला जब्त कर बीएनएस की धारा 106 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
प्रशासन की सख्ती, लगातार निगरानी
जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
वनमंडलाधिकारी ने भी कहा कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा और आगे और सख्ती बरती जाएगी।
ग्रामीणों के लिए रोजगार के विकल्प उपलब्ध
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में आजीविका के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि लोग अवैध गतिविधियों से दूर रहें। वी-बीजी रामजी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) के तहत स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुरमा एवं आसपास के क्षेत्रों में 20.07 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 54 लाख रुपये के 30 कार्य प्रस्तावित हैं, जिन्हें मांग के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देश, वैकल्पिक आजीविका पर जोर
जिला कलेक्टर ने इस जोखिमपूर्ण कार्य से ग्रामीणों को दूर रहने की अपील करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला पंचायत के सीईओ को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
*कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यो की समीक्षा की*
दुर्ग/कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी नगर निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (नगर पालिका परिषद) एवं नगर पंचायत अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने हितग्राहियों को निर्माण कार्य में सक्रिय रूप से प्रेरित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में हितग्राहियों से सतत संपर्क बनाए रखते हुए निर्माण कार्यो की नियमित निगरानी करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाए। जिन हितग्राहियों की निर्माण कार्य में रुचि नहीं है, उनकी बैठक लेकर उन्हें समझाइश दी जाए, इसके बावजूद रूचि नही लेने पर उनकी आवास स्वीकृति निरस्त करने की कार्यवाही करने को कहा। इसके साथ ही जिन हितग्राहियों ने अपने अंशदान की पूरी राशि जमा कर दी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास का पजेशन दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और हितग्राहियों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदारों को कार्य में तेजी लाने के लिए कहा गया। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित कार्यों को मई माह तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा सहित सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।
गुंडरदेही (बालोद)
आज नगर पंचायत गुण्डरदेही कार्यालय के सभा कक्ष में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन और मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोमल ठाकुर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी गर्मी के मौसम में नागरिकों को होने वाली पेयजल की किल्लत और अन्य विकास कार्यों पर चर्चा करना था।बैठक में पेयजल के गंभीर संकट को देखते हुए कार्ययोजना तैयार की गई। अध्यक्ष प्रमोद जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गर्मी के दिनों में किसी भी नागरिक को पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए, यह नगर पंचायत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
*बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय:*
*1.पेयजल संकट का समाधान:* पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नदी में 5 एचपी (HP) की मोटर लगाकर मुख्य पानी टंकी को भरने का निर्णय लिया गया।
*2.वैकल्पिक व्यवस्था:* जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से सिनटेक्स टंकी (Sintex Tank) लगवाई जाएगी।
*3.गंभीर क्षेत्रों में टैंकर सप्लाई* जिन वार्डों में पानी की समस्या विकराल है, वहां नियमित रूप से टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
*4.सार्वजनिक प्याऊ:* राहगीरों और आम जनता की सुविधा के लिए शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर सार्वजनिक प्याऊ घर खोलने का प्रस्ताव पारित किया गया।
*5.पानी की बर्बादी पर रोक:* जल आपूर्ति विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि पानी का अनुचित उपयोग न हो। जो नल लीक हो रहे हैं या खराब हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि पानी व्यर्थ न बहे।
*6.निरंतर मॉनिटरिंग:* पानी की समस्या को देखते हुए पूरे समय इसकी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
*7.विकास कार्य और स्ट्रीट लाइट:* बैठक में स्ट्रीट लाइट की स्थिति पर चर्चा हुई और पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों के लिए पार्षद निधि से प्रस्ताव देने की बात कही।
*अध्यक्ष की दो टूक: "पानी की एक बूंद भी न हो बर्बाद"*
अध्यक्ष प्रमोद जैन ने उपस्थित अधिकारियों और पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा, "गर्मी का समय है, ऐसे में पानी का संकट किसी आपदा से कम नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आम जनता को पानी के लिए न भटकना पड़े। हमें न केवल पानी की आपूर्ति बढ़ानी है, बल्कि उसका संरक्षण भी करना है। जल का अनुचित उपयोग करने वालों पर भी निगरानी रखें।"
*बैठक में इनकी रही उपस्थिति*
बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, उपाध्यक्ष विजय सोनकर, सीएमओ कोमल ठाकुर, सब इंजीनियर पाठक, श्रवण निर्मलकर सहित पार्षदगण - पोषण निषाद, संतोष नेताम, लोकेश्वरी शंकर यादव, रामबती सोनकर, हेमंत सोनकर, सुल्ताना तिगाला, सलीम खान, हेमलता सोहन सोनी, पूजा बिंझेकर, शैल महोबिया, फैज बख्श और सेवक महिपाल उपस्थित रहे।
दुर्ग। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 'सुशासन' की नई इबारत लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दुर्ग नगर निगम में बैठा 'बाजार विभाग' उनके इन दावों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा की संदिग्ध कार्यशैली और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की रहस्यमयी चुप्पी ने आज शहर की व्यवस्था को नरक बना दिया है। सवाल यह है कि ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हैं या फिर सफेदपोश रसूखदारों के 'चाटुकार' बनकर रह गए हैं?
राम रसोई: 'सेवा' की आड़ में ज़मीन का खेल और मिश्रा-चंद्राकर का मौन
बस स्टैंड स्थित 'राम रसोई' का मामला इस वक्त शहर में चर्चा का विषय है। प्रतिष्ठित व्यापारी चतुर्भुज राठी, जिनके पास धन-संपत्ति का अंबार है, उन्होंने राम रसोई के नाम पर बस स्टैंड की बेशकीमती ज़मीन हथिया ली। अनुबंध के मुताबिक दोनों समय भोजन देना था, लेकिन हकीकत में केवल एक समय की औपचारिकता निभाई जा रही है।
हैरत की बात यह है कि अनुबंध की समय सीमा खत्म हुए महीनों बीत गए, शिकायतें फाइलों में दफन हैं, लेकिन बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा कभी फाइल 'परिषद' में होने का बहाना बनाते हैं तो कभी 'सचिवालय' का। सचिवालय ने साफ कर दिया है कि फाइल उनके पास नहीं है। तो क्या मिश्रा जी ने यह फाइल टेबल के नीचे मिलने वाले 'काले धन' के बदले कहीं छिपा दी है?
सत्ता का सुख या सुशासन का अपमान?
महापौर श्रीमती अलका बाघमार खुद को विकास की वीरांगना कहलवाना पसंद करती हैं, लेकिन उनके नाक के नीचे बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर सत्ता की मलाई चाटने में व्यस्त हैं। चुनावी सीजन में बड़े-बड़े वादे करने वाले चंद्राकर अब रसूखदार कब्जेधारियों के सामने नतमस्तक क्यों हैं? छोटे गरीबों की गुमटियों पर बुलडोजर चलाने वाला निगम प्रशासन 'राम रसोई' के अवैध कब्जे के सामने 'भीगी बिल्ली' क्यों बन जाता है?
भाजपा की साफ-सुथरी छवि पर रसूखदारों का 'पोस्टर वार'
चतुर्भुज राठी जैसे व्यापारी, जो भाजपा कार्यालयों में नजर आते हैं और महापौर के पोस्टर लगाकर खुद को पार्टी का हितैषी बताते हैं, क्या उन्हीं के दबाव में अभ्युदय मिश्रा और शेखर चंद्राकर ने घुटने टेक दिए हैं? यदि मुख्यमंत्री के सुशासन का डंका बज रहा है, तो दुर्ग निगम के ये 'सिपहसालार' भाजपा की छवि को क्यों धूमिल कर रहे हैं?
कटाक्ष: दुर्ग निगम के इतिहास में शायद अभ्युदय मिश्रा पहले ऐसे बाजार अधिकारी होंगे, जिनके पास घोटालों की पूरी लिस्ट है, लेकिन कार्रवाई करने के नाम पर उन्हें 'लकवा' मार जाता है। वहीं शेखर चंद्राकर का मौन यह साबित कर रहा है कि उनके लिए जनता के हित नहीं, बल्कि खास लोगों से करीबी ज्यादा अहम है।
अगली किश्त में होगा बड़ा खुलासा...
बाजार विभाग का यह सड़ांध भरा खेल यहीं खत्म नहीं होता। इंदिरा मार्केट की पार्किंग में चल रही अवैध वसूली और उस पर अभ्युदय मिश्रा की 'सहमति वाली चुप्पी' का कच्चा चिट्ठा हम अगले अंक में खोलेंगे।
देखना होगा कि क्या महापौर अलका बाघमार सत्ता सुख का त्याग कर इन लापरवाह अधिकारियों पर चाबुक चलाती हैं, या फिर जनता यूं ही इन झूठे वादों के जाल में फंसकर त्रस्त रहेगी?
दुर्ग। शौर्यपथ ।
जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने थाना छावनी में पदस्थ आरक्षक नितिन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
? वायरल वीडियो बना कार्रवाई की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षक क्रमांक 864 नितिन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह थाना छावनी क्षेत्र के कथित गुंडा-बदमाश एवं आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के साथ केक काटते हुए नजर आए।
प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध आचरण एवं विभागीय मर्यादा के उल्लंघन का प्रतीत हुआ, जिसके बाद पुलिस विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की।
⚖️ अनुशासनहीनता और आपराधिक तत्वों से संबंध का आरोप
जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि आरक्षक का यह कृत्य पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला है। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता तथा आपराधिक तत्वों से अनुचित संबंध का मामला मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबित आरक्षक को रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच किया गया है।
? निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित आरक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
? सख्त संदेश: बर्दाश्त नहीं होगा अनुचित आचरण
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की सख्त अनुशासनात्मक नीति के तहत उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि किसी भी कर्मचारी द्वारा आपराधिक तत्वों से संबंध या अनुचित व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
? शौर्यपथ विश्लेषण:
यह कार्रवाई न केवल विभागीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता को मजबूत करने का भी प्रयास है। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर निर्णय प्रशासन की गंभीरता को दर्शाते हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में सुशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार वर्ष 2025 की तर्ज पर इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिलों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरण, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया है।
सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक, साथ ही मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
अभियान के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे। वे हितग्राहियों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी प्राप्त करेंगे। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण एवं समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे तथा सामाजिक संगठनों और नागरिकों से सुझाव भी प्राप्त करेंगे।
सुशासन तिहार 2026 को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग एवं जिला प्रशासन को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बनाएं, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने भी स्व-गणना के तहत अपनी जानकारी दर्ज की
रायपुर /छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्व-गणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे।मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे SE ID जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक श्री प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
रायपुर । शौर्यपथ ।
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियों को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज मुख्यमंत्री निवास से ‘ऑनलाइन स्व-गणना’ अभियान का संयुक्त शुभारंभ किया। इस पहल के साथ राज्य में डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित जनगणना प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
दोनों नेताओं ने स्वयं केंद्रीय पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर इस अभियान की शुरुआत की और कागजरहित, तकनीक-आधारित जनगणना के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मजबूत संदेश दिया। यह पहल गृह मंत्रालय द्वारा देशभर में शुरू किए गए डिजिटल जनगणना अभियान के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे “राष्ट्रीय महत्व का मिशन” बताते हुए कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने प्रदेशवासियों से 16 से 30 अप्रैल तक चलने वाले इस 15 दिवसीय अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उन्होंने कहा कि “सटीक और अद्यतन डेटा ही वह सशक्त माध्यम है, जिससे सरकार यह सुनिश्चित कर सकती है कि आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचें।”
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी स्व-गणना फार्म भरकर नागरिकों को इस अभियान से जुड़ने का संदेश दिया और इसे पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
कैसे करें स्व-गणना:
स्व-गणना प्रक्रिया के तहत नागरिक अपने मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग इन कर 33 बिंदुओं वाली प्रश्नावली भर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर एक 11 अंकों की स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे बाद में प्रगणक के सत्यापन के दौरान प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
दो चरणों में होगी जनगणना:
जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी—
पहला चरण (अप्रैल–सितंबर 2026): मकान सूचीकरण और आवासीय सुविधाओं से जुड़े 33 मानकों पर डेटा संग्रह
दूसरा चरण (फरवरी 2027): जनसंख्या गणना
विशेष बात यह है कि इस बार 1931 के बाद पहली बार जातिगत गणना भी शामिल की जाएगी, साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित विस्तृत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।
डिजिटल-प्रथम इस पहल से न केवल डेटा की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि संसाधनों के बेहतर आवंटन और प्रभावी नीतिगत निर्णयों का मार्ग भी प्रशस्त होगा। यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार साबित होने जा रहा है।
रायपुर ।
राजधानी रायपुर में बैंकिंग सुविधाओं को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर बैंक के मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिन्हा, शाखा प्रबंधक श्री अनिल यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक परिसर में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर एवं सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अत्याधुनिक तकनीक और सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ ग्राहकों के बैंकिंग कार्य अब अधिक सरल, तेज और प्रभावी होंगे।
मुख्यमंत्री ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक ने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का उत्कृष्ट निर्वहन किया है और भविष्य में भी आम नागरिकों के विश्वास को इसी तरह बनाए रखेगा। उन्होंने शाखा के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपने 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए भवन में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के साथ उन्नत ग्राहक अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
