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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने भी 4-0 से दर्ज की जीत, पहले सेमीफाइनल में न्यायधानी से भिड़ंत
रायपुर । छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में बैलाडिला बुल्स ने अपने आखिरी लीग मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए चक्रधर चैंपियंस को 6-2 से करारी शिकस्त दी और सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। करो या मरो के मुकाबले में उतरी बुल्स की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। आनंद ने पहले ही मिनट में रिवर्स फ्लिक से गोल कर टीम का खाता खोला। जसकरण सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे, जबकि आनंद और गोपाल ने भी एक-एक गोल किया।
चक्रधर चैंपियंस की ओर से खोगेश्वर बाग और युवराज वाल्मीकि ने गोल किए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके। इस जीत के साथ बैलाडिला ने नॉकआउट में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली।
इधर, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने भी मैनपाट टाइटन्स को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। आशीष तानी पूर्ति ने शानदार हैट्रिक लगाई और अपने कुल गोलों की संख्या 12 पहुंचा दी। वहीं ओम कुमार यादव ने एक फील्ड गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित की।
सेमीफाइनल का मुकाबला आज: लीग चरण के परिणामों के बाद पहले सेमीफाइनल में 31 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे टॉप क्वालीफायर न्यायधानी नाइट्स का मुकाबला संस्कारधानी स्ट्राइकर्स से होगा। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में शाम 7:30 बजे बैलाडिला बुल्स और मैनपाट टाइटन्स आमने-सामने होंगे।
भाजपा 13 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी, सपा ने यूपी में जीतीं पांच सीटें; कर्नाटक में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, महाराष्ट्र में MVA को तीन सीटों पर सफलता
नई दिल्ली। देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति में कई अहम सियासी संकेत दिए हैं। 23 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद 28 और 29 अक्टूबर को घोषित परिणामों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा 13 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं विपक्षी दलों ने भी महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई।
इन चुनावों का सबसे चर्चित परिणाम महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर सामने आया, जहां कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा प्रत्याशी सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से पराजित कर अपनी सीट बरकरार रखी। वंजारी को 67,231 मत मिले, जबकि कोहले को 63,960 मत प्राप्त हुए। नागपुर में कांग्रेस की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा-सपा के बीच मुकाबला: प्रदेश की 11 शिक्षक एवं स्नातक सीटों में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं। सपा ने वाराणसी की दोनों सीटों सहित लखनऊ और आगरा में भी सफलता हासिल की। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सपा की जीत विशेष चर्चा में रही। भाजपा ने मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ शिक्षक, आगरा स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद सहित छह सीटों पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
बिहार में NDA को चार सीटें: आठ सीटों के परिणाम में भाजपा ने तीन और जदयू ने एक सीट जीतकर NDA का आंकड़ा चार पहुंचाया। राजद ने पटना शिक्षक सीट पर डॉ. संजीव कुमार के माध्यम से सफलता हासिल की। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर विधान परिषद में अपना खाता खोला। निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी ने भी जीत दर्ज की। पटना शिक्षक सीट पर भाजपा के लंबे समय से प्रतिनिधित्व कर रहे नवल किशोर यादव की हार भी चर्चा का विषय रही।
कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन का क्लीन स्वीप: राज्य की चारों सीटों पर NDA गठबंधन ने जीत दर्ज की। भाजपा ने तीन और जेडीएस ने एक सीट अपने नाम की। जेडीएस के ए.पी. रंगनाथ ने बेंगलुरु शिक्षक सीट पर कांग्रेस के मौजूदा सदस्य पुट्टन्ना को 908 मतों से हराया। भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक सीटों पर जीत हासिल की। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस चारों सीटों पर पराजित रही।
महाराष्ट्र में विपक्षी MVA को तीन सीटें: पांच सीटों के चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने तीन और सत्तारूढ़ महायुति ने दो सीटें जीतीं। कांग्रेस ने नागपुर स्नातक सीट बरकरार रखी, जबकि एनसीपी (शरद पवार गुट) ने पुणे स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीटों पर जीत दर्ज की। महायुति की ओर से भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने पुणे शिक्षक और शिवसेना (शिंदे गुट) के किरण सरनाईक ने अमरावती शिक्षक सीट पर सफलता हासिल की।
पार्टीवार चुनावी तस्वीर: भाजपा 13, समाजवादी पार्टी 5, एनसीपी (शरद पवार गुट) 2, कांग्रेस 1, जदयू 1, जेडीएस 1, राजद 1, जन सुराज 1, शिवसेना (शिंदे गुट) 1 और निर्दलीय 2 सीटों पर विजयी रहे। इस प्रकार NDA के हिस्से में कुल 16 और अन्य दलों एवं निर्दलीय प्रत्याशियों के हिस्से में 12 सीटें आईं।
चार राज्यों के इन चुनावों ने स्पष्ट किया कि विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर राजनीतिक दलों के प्रदर्शन में राज्यवार अंतर देखने को मिला। भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल सीटों में बढ़त बनाई, वहीं उत्तर प्रदेश में सपा की सफलता, बिहार में जन सुराज का प्रवेश और महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस की जीत ने विपक्षी खेमे को भी महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार दिया।
SIR के जरिए वोटों में कथित हेरफेर, इलेक्टोरल बॉन्ड, जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और प्रेस की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल; महंगाई, बेरोजगारी व कानून व्यवस्था को लेकर साय सरकार पर भी साधा निशाना
दुर्ग । जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के महामंत्री राहुल शर्मा ने भाजपा द्वारा 30 अक्टूबर को दुर्ग में आयोजित किए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ आंदोलन को राजनीतिक दिखावा और हास्यास्पद करार देते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र और लगभग एक वर्ष से छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है। ऐसे में भाजपा का लोकतंत्र बचाने के नाम पर पदयात्रा और आंदोलन करना समझ से परे है। जो पार्टी स्वयं लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोपों से घिरी है, वह आज लोकतंत्र की रक्षा का नारा दे रही है। यह आंदोलन जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
राहुल शर्मा ने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा किस लोकतंत्र को बचाने की बात कर रही है? उन्होंने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर कर्नाटक के आलंद में 6,018 मतदाताओं के नाम कथित तौर पर फर्जी तरीके से हटाए जाने के मामले, बिहार में SIR के दौरान 65 लाख मतदाताओं के नाम हटने की आशंका तथा छत्तीसगढ़ में 2023 विधानसभा चुनाव के बाद 12 लाख से अधिक मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी की शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुचिता के नाम पर यदि मताधिकार प्रभावित होता है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित की गई चुनावी बॉन्ड व्यवस्था के माध्यम से भाजपा को 8,252 करोड़ रुपये का चंदा मिलने का दावा सामने आया है, जो कुल बॉन्ड राशि का लगभग 48 प्रतिशत बताया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 के 140वें स्थान से गिरकर 2024 में 161वें स्थान पर पहुंचना चिंताजनक है। वहीं, लोकतंत्र सूचकांक में भारत को ‘त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र’ की श्रेणी में रखा जाना भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था पर भी घेरा
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपये देने की बात की जाती है, लेकिन दूसरी ओर रसोई गैस की कीमत लगभग 1,200 रुपये और डीजल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर पार होने से आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। उन्होंने बेरोजगारी दर 6.5 प्रतिशत होने का दावा करते हुए युवाओं को एक लाख नौकरियां देने के वादे पर भी सवाल उठाए। दुर्ग जिले में पिछले 10 महीनों के दौरान अपराधों में 35 प्रतिशत वृद्धि का आरोप लगाते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा।
राहुल शर्मा ने धार्मिक स्थलों को राजनीतिक कार्यक्रमों का मंच बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रांगण और राधा-कृष्ण मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को राजनीतिक गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं है। भगवान और धर्म के नाम पर राजनीति करना भाजपा की राजनीतिक कार्यशैली को दर्शाता है।
भाजपा से पूछे जनता के सवाल
कांग्रेस महामंत्री ने भाजपा को उसके पुराने वादों की याद दिलाते हुए पूछा कि दो करोड़ रोजगार का वादा कहां गया, काला धन वापस लाने का दावा कहां रह गया और महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के बीच लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वाले नेता उस समय कहां थे? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने का वास्तविक अर्थ मतदाताओं के अधिकार, संस्थाओं की स्वतंत्रता और जनता की आवाज की रक्षा करना है, न कि सत्ता और कुर्सी बचाना।
अंत में राहुल शर्मा ने कहा कि भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान का असली मकसद लोकतंत्र की रक्षा नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन और सत्ता बचाना है। 30 अक्टूबर को दुर्ग की जनता भाजपा से इन सवालों का जवाब मांगेगी। कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की आवाज है और जनता इस सच्चाई को समझ रही है।
कार्यालयीन व्यवस्था दुरुस्त करने निगम प्रशासन का फैसला, पूर्व में जारी आदेशों में किया गया आंशिक संशोधन
भिलाई । नगर पालिक निगम भिलाई में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुचारु और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा विभागीय फेरबदल किया गया है। निगम प्रशासन ने पूर्व में जारी आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए विभिन्न विभागों में पदस्थ 35 कर्मचारियों के विभागीय कार्यों और दायित्वों में बदलाव किया है।
इस प्रशासनिक बदलाव के पीछे कार्यालयीन कार्यों का बेहतर संचालन, विभागीय समन्वय में सुधार और शासकीय कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना प्रमुख उद्देश्य बताया गया है। आदेश के तहत संबंधित कर्मचारियों को उनके नवीन विभागीय दायित्वों के अनुरूप कार्यभार ग्रहण कर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम प्रशासन की इस कवायद को विभागीय कार्यप्रणाली व्यवस्थित करने और कार्यालयीन व्यवस्था में कसावट लाने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 35 कर्मचारियों के विभागीय दायित्वों में हुए इस बदलाव से निगम के कामकाज में कितनी तेजी और प्रभावशीलता आती है।
प्रदेशभर में डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर एक साथ दबिश, जय बग्गा और वैभव गोलछा के आवास पर दस्तावेजों की पड़ताल; दुर्ग-भिलाई सहित कई शहरों में भी जांच तेज
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ में कथित कोल लेवी और CSMCL शराब घोटाले से जुड़े मामलों की जांच ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार सुबह आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीमों ने प्रदेशभर में एक साथ छापेमार कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के तहत राजनांदगांव में दो कारोबारियों के आवास जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे।
जानकारी के अनुसार, जांच टीम ने राजनांदगांव में कारोबारी जय बग्गा के निवास पर दबिश दी। वहीं दूसरी टीम ने सनसिटी स्थित कारोबारी वैभव गोलछा के आवास पर छापेमारी की। दोनों स्थानों पर जांच अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की पड़ताल किए जाने की सूचना है।
प्रदेश के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कोल लेवी और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) से जुड़े कथित शराब घोटाले की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसियों की टीमें रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, गरियाबंद और राजिम सहित प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, डेढ़ दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी जा रही है।
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
फिलहाल छापेमारी और दस्तावेजों की जांच की कार्रवाई जारी है। दोनों कारोबारियों के ठिकानों से क्या-क्या दस्तावेज अथवा अन्य साक्ष्य मिले हैं, इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कार्रवाई पूरी होने और जांच एजेंसियों के अधिकृत बयान के बाद ही इस अभियान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रदेशभर में चल रही इस कार्रवाई को कोल लेवी और कथित शराब घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
SDM के ज्ञापन पर पुलिस ने BNS की धारा 296 और IT एक्ट की धारा 67 के तहत दर्ज किया मामला
दुर्ग । समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम के खिलाफ कलेक्टर और एसडीएम पर कथित अभद्र टिप्पणी वाला व्हाट्सऐप स्टेटस लगाने के मामले में जेवरा सिरसा चौकी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने BNS की धारा 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गांव के जितेंद्र देशमुख (33) की शिकायत पर दुर्ग ग्रामीण एसडीएम कार्यालय ने 27 अक्टूबर को कार्रवाई संबंधी ज्ञापन जारी किया था। पुलिस को 28 अक्टूबर को ज्ञापन मिलने के बाद अपराध दर्ज किया गया।
सरपंच ने दी सफाई: अरुण गौतम का कहना है कि उनके आठ वर्षीय बेटे ने गलती से मैसेज व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगा दिया था। जानकारी मिलते ही उन्होंने उसे हटा दिया। उन्होंने इसे पुराने विवादों से जोड़कर उठाया गया मामला बताया है।
शिकायत में सरपंच के पुराने प्रशासनिक एवं कानूनी विवादों और उनकी पत्नी को 6.67 लाख रुपये से अधिक की वसूली का नोटिस मिलने का भी उल्लेख है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस विवादित स्टेटस और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में रेल, बस, विमान और निजी वाहनों से पहुंचेगा कांग्रेस का जत्था; 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटेंगे देशभर के कांग्रेसजन
दुर्ग । दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली कांग्रेस की राष्ट्रीय महारैली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ को लेकर दुर्ग कांग्रेस ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। कार्यकर्ताओं का काफिला रेल, बस, विमान और निजी वाहनों के माध्यम से दिल्ली पहुंचेगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस महारैली में शामिल होने के लिए शुक्रवार सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रवानगी शुरू हो गई। गोंडवाना, हमसफर और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सहित विभिन्न ट्रेनों से कार्यकर्ता दिल्ली रवाना हुए। वहीं वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी विमान से पहुंचेंगे।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर बुलंद होगी आवाज : बाकलीवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के संकल्प को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दुर्ग से बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों की भागीदारी संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सभी कार्यकर्ता अनुशासन और एकजुटता के साथ महारैली में शामिल होंगे।
अलग-अलग जत्थों में दिल्ली रवाना हुए कांग्रेसजन
हमसफर एक्सप्रेस से रवाना होने वाले जत्थे का नेतृत्व दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गुरदीप सिंह भाटिया कर रहे हैं। इसमें पार्षद मनीष बघेल, अयूब खान, देवीश्री साहू, दीपक साहू, ज्ञानदास बंजारे, अजय शर्मा, माहेश्वरी ठाकुर, डॉ. भूपेंद्र वर्मा, नंदा राउत सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हैं।
विमान से दिल्ली पहुंचने वाले दल का नेतृत्व धीरज बाकलीवाल एवं ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर करेंगे। इस दल में पूर्व विधायक अरुण वोरा, प्रतिमा चंद्राकर, राजेंद्र साहू, दीपक दुबे, संदीप वोरा, आर.एन. वर्मा, अल्ताफ अहमद और नासिर खोखर सहित वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी शामिल हैं।
बस से रवाना होने वाले दल का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष आनंद कपूर ताम्रकार कर रहे हैं। वहीं कामगार मजदूर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर के नेतृत्व में पांच वाहनों का काफिला सड़क मार्ग से दिल्ली के लिए रवाना होगा।
रामलीला मैदान में दर्ज कराएंगे भागीदारी
दुर्ग शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता 1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय महारैली में शामिल होकर पार्टी के राष्ट्रीय अभियान में अपनी भागीदारी निभाएंगे। विभिन्न माध्यमों से दिल्ली पहुंच रहे कांग्रेसजनों की यह रवानगी दुर्ग जिले में महारैली को लेकर संगठनात्मक तैयारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को सामने लाती है।
पीएचडी धारक एवं उच्च शिक्षित शिक्षाविद् की पहचान, 15 वर्षों से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय
रिसाली । नगर पालिक निगम रिसाली में महापौर पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। इसी बीच उच्च शिक्षित एवं पीएचडी धारक डॉ. रामेश्वरी वासु बंजारे ने कांग्रेस पार्टी से महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। शिक्षा, सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों से सक्रिय डॉ. बंजारे अपनी शैक्षणिक योग्यता और सामाजिक गतिविधियों के चलते चर्चा में हैं।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में 15 वर्षों का अनुभव
डॉ. रामेश्वरी वासु बंजारे रिसाली क्षेत्र के प्रतिष्ठित महाविद्यालय में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। वे लंबे समय से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, जरूरतमंदों की सहायता तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़ी गतिविधियों में योगदान दे रही हैं। सामाजिक जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय सहभागिता रही है।
शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ सामाजिक पहचान
पीएचडी की उपाधि प्राप्त डॉ. बंजारे को शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता रहा है। उनका प्रयास महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित रहा है।
सेवा और विकास के उद्देश्य से राजनीतिक दावेदारी
डॉ. रामेश्वरी वासु बंजारे का कहना है कि वे रिसाली क्षेत्र की सेवा और समग्र विकास के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी के माध्यम से अपनी भूमिका निभाना चाहती हैं। उनकी दावेदारी के साथ अब रिसाली में महापौर पद के लिए कांग्रेस के संभावित चेहरों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से अंतिम निर्णय होना बाकी है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किश्त जारी, प्रत्येक पात्र किसान को मिले 2,000 रुपये; अंजोरा और पाहंदा में मनाया गया पीएम किसान उत्सव दिवस
दुर्ग। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किश्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से जारी की। इस अवसर पर दुर्ग जिले के 76,395 किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल 15.47 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। राशि जारी होने के साथ ही जिले के किसानों में उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर जिले में कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा एवं पाहंदा (अ) में पीएम किसान उत्सव दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से किया गया, जिसमें किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना और किश्त जारी होने की प्रक्रिया देखी। कार्यक्रम के दौरान कई किसानों के खातों में राशि पहुंचने पर खुशी जाहिर की गई।
अंजोरा में विधायक ललित चंद्राकर रहे मुख्य अतिथि
कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा में आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, जिला पंचायत सदस्य प्रिया साहू, जनपद कृषि स्थायी समिति के सभापति गोकुल वर्मा, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एम. गेदले, उप संचालक कृषि संदीप कुमार भोई तथा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. विकास खुंणे सहित वैज्ञानिक, अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
वहीं पाहंदा (अ) में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर मुख्य अतिथि तथा राजेश चंद्राकर अध्यक्षता में शामिल हुए। यहां वरिष्ठ वैज्ञानिक विजय जैन सहित कृषि विभाग के अधिकारी और किसान मौजूद रहे। दोनों केंद्रों में क्रमशः 140 और 70 किसानों ने सहभागिता की।
सालाना मिलते हैं 6 हजार रुपये
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये तीन समान किश्तों में दिए जाते हैं। प्रत्येक किश्त में 2,000 रुपये सीधे बैंक खाते में अंतरित किए जाते हैं।
कृषि विभाग ने योजना से अब तक वंचित पात्र किसानों से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की है। इसके लिए आधार कार्ड, फार्मर आईडी और ऋण पुस्तिका सहित आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी लोक सेवा केंद्र में आवेदन किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने किसानों से सीधा संवाद कर खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा की।
दुर्ग में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ आमसभा में विपक्ष पर तीखा हमला; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में महेश कॉलोनी से गंजपारा तक निकली पदयात्रा
दुर्ग । भारतीय जनता पार्टी के देशव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के तहत शुक्रवार को दुर्ग के महेश कॉलोनी स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर प्रांगण में विशाल आमसभा आयोजित की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था की छवि खराब करने का आरोप लगाया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।
चुनाव में हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर उठाते हैं सवाल : नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश और प्रजातंत्र की जननी है। देश की चुनावी प्रक्रिया की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना होती है, लेकिन कांग्रेस चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर चुनावी व्यवस्था को स्वीकार करती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने लगती है।
नड्डा ने कांग्रेस के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान करीब 1 लाख 30 हजार लोगों को जेल में डालकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया था। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में आपातकाल लगाया गया, उसका आज लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करना विरोधाभासी है।
SIR को बताया मतदाता सूची की पारदर्शिता का माध्यम
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर बोलते हुए नड्डा ने कहा कि देश में अब तक 12 बार यह प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें 10 बार कांग्रेस और दो बार भाजपा के शासनकाल में पुनरीक्षण हुआ। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची को व्यवस्थित बनाने के लिए करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं पारदर्शी बनाना है। भाजपा इस प्रक्रिया के विरोध में फैलाए जा रहे कथित भ्रम का हर स्तर पर जवाब देगी।
कांग्रेस पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप
नड्डा ने हालिया विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद चुनावों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जनता को गुमराह करने के बजाय उनका विश्वास जीतने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही घुसपैठ के मुद्दे पर कहा कि देश की व्यवस्था घुसपैठियों के सहारे नहीं चलने दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना करते हुए नड्डा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित हाथों में है और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बनाने में सफल नहीं होगी।
मुख्यमंत्री साय सहित दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
आमसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप एवं गजेंद्र यादव, दुर्ग सांसद विजय बघेल, विधायक ललित चंद्राकर, रिकेश सेन एवं ईश्वर साहू, पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता, दुर्ग संभाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही, जिला संगठन प्रभारी नंदन जैन, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा, महापौर अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, सभापति श्याम शर्मा, जितेंद्र साहू, सुषमा जेठानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न वक्ताओं ने भी कांग्रेस की नीतियों और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए भाजपा के अभियान की जानकारी दी।
आमसभा के बाद निकली पदयात्रा
आमसभा के पश्चात श्री राधा-कृष्ण मंदिर प्रांगण, महेश कॉलोनी से गंजपारा चौक तक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इसके माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने एसआईआर और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर जनजागरण किया तथा विपक्ष द्वारा इस प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब जनता तक पहुंचाने का संदेश दिया।
आयोजन को सफल बनाने में जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, महापौर अलका बाघमार, जिला महामंत्री दिलीप साहू, एल्डरमैन तेखन सिन्हा, जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार एवं अशोक राठी, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश (राकेश) सेन, कार्यालय प्रभारी मोहम्मद आसिफ अली, जिला मीडिया प्रभारी राजा महोबिया, संतोष सोनी एवं डॉ. सुनील साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
मुख्य सचिव विकासशील ने की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर दिया जोर
रायपुर । मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों और विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ अधूरे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज आम नागरिकों की शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता से गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने को कहा। साथ ही निराकरण की जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
15 नवंबर तक पूरी होगी गिरदावरी
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने आगामी 15 नवंबर से पहले सभी फसलों की गिरदावरी पारदर्शिता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गिरदावरी की जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्रामसभा में उपलब्ध कराई जाए। जिन किसानों के खेतों की गिरदावरी छूट गई है, वे ग्रामसभा में आवेदन देकर इसे पूरा करवा सकते हैं।
अधूरे निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरे करने पर जोर
लोक निर्माण विभाग को शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे कार्य शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए गए। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन में तेजी लाने को कहा गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्वीकृत निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग को शहरी क्षेत्रों में सुगम आवागमन के लिए सुव्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। बैठक में राज्योत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
पारस पोर्टल, अमृत 2.0 और भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा
बैठक में पारस पोर्टल के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा करते हुए आधारभूत संरचना परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 के कार्यों में बिना विलंब प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों से आवश्यकताएं और प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव शहला निगार, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
280 अन्य बसाहटों को जोड़ने 804 करोड़ रुपये की लागत से 263 सड़कों के प्रस्ताव; 373 पुलों के निर्माण पर भी विचार
रायपुर । बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों को सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण सकारात्मक पहल मिली है। संभाग की 485 बसाहटों के सड़क कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 280 अन्य बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए 804.06 करोड़ रुपये की लागत से 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर है।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों की जरूरतों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से विशेष छूट एवं सड़क-पुल निर्माण में सहयोग का अनुरोध किया था। केंद्रीय मंत्री चौहान ने पत्र के माध्यम से सड़क संपर्क विस्तार, स्वीकृत कार्यों और प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी देते हुए सकारात्मक रुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार जताया है।
1,168 बसाहटों में सड़क संपर्क की प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री के अनुसार बस्तर संभाग की कुल 1,168 बसाहटों से संबंधित सड़क कार्य विभिन्न चरणों में हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के प्रथम बैच में 234 बसाहटों के कार्य स्वीकृत हैं। इनमें बस्तर की 87, बीजापुर की 44, दंतेवाड़ा की 12, कांकेर की 41, कोंडागांव की 34 और सुकमा की 16 बसाहटें शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 474 अन्य चिन्हांकित बसाहटों के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।
दूसरे बैच में सात जिलों की 280 बसाहटों के लिए 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं ग्रामीण सड़क सर्वे ऐप के माध्यम से शेष पात्र बसाहटों की पहचान और जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। सड़क निर्माण से वनांचल के गांवों को स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनबाड़ी, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। कृषि उपज के परिवहन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।
373 पुलों के प्रस्तावों पर भी विचार
सड़क संपर्क के साथ पुल निर्माण को भी गति देने की तैयारी है। पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम बैच के तहत 206 तथा पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत 167 पुलों के प्रस्तावों पर अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में विचार किया गया है। केंद्रीय मंत्री के पत्र के अनुसार इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बस्तर संभाग में 55 लंबे पुलों के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। नारायणपुर जिले में पीएम-जनमन के तहत 22 लंबे पुलों के प्रस्ताव हैं, जिनकी अनुमानित लागत 87.45 करोड़ रुपये है।
नक्सलमुक्त गांवों के लिए विशेष छूट की मांग
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि कम आबादी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क सुविधा से वंचित छोटी बसाहटों के लिए विशेष छूट दी जाए। उन्होंने 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क स्वीकृति देने तथा निर्धारित जनसंख्या संबंधी मापदंडों में राहत देने का सुझाव रखा था।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शेष पात्र बसाहटों की पहचान के लिए ग्राम सड़क सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से चार माह का सर्वेक्षण शुरू किया गया है। क्लस्टर आधारित व्यवस्था और विशेष छूट के अनुरोध का परीक्षण उपलब्ध तथ्यों एवं लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के साथ बस्तर में विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और रोजगार की सुविधाएं पहुंचें। सड़क और पुल निर्माण से दूरस्थ गांवों की मुख्यधारा से जुड़ने की राह आसान होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर की शेष पात्र बसाहटों को भी चरणबद्ध तरीके से बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ा जा सकेगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
