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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
हवन-पूजन कर लिया आशीर्वाद, डॉ. श्रुतिका और श्रद्धालुओं के साथ गरबा कर साझा की पर्व की खुशियां
भिलाई / शौर्यपथ। नवरात्रि के पावन अवसर पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव अपनी पत्नी, बेटे और परिवार के साथ माता रानी के हवन-पूजन में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।
इस दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने माता रानी की आरती की और डॉ. श्रुतिका सहित श्रद्धालुओं के साथ गरबा कर नवरात्रि की खुशियां साझा कीं। भक्तिमय माहौल में विधायक को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। सभी ने भक्ति और उल्लास के साथ पर्व मनाया तथा एक-दूसरे को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
पूजन के पश्चात विधायक देवेंद्र यादव ने श्रद्धालुओं को माता रानी का भोग-प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि आस्था, भक्ति और शक्ति की उपासना का पर्व है। यह हमें आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता के साथ रहने की प्रेरणा देता है।
गौरतलब है कि नवरात्रि के दौरान भिलाई सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हवन-पूजन, आरती और गरबा के आयोजन किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता रानी की आराधना कर रहे हैं। धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और लोग उत्साहपूर्वक पर्व की खुशियां मना रहे हैं।
कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में शामिल होकर गाए जसगीत, श्रद्धालुओं से की आत्मीय मुलाकात
रायपुर / शौर्यपथ / महाअष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित मां दंतेश्वरी, मां परमेश्वरी और मां चंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। रात्रि में उन्होंने कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में माता काली के दर्शन किए और श्रद्धालुओं के साथ माता सेवा में शामिल होकर जसगीत गाए।
सौ वर्षों से अधिक पुरानी है खप्पर यात्रा की परंपरा
कवर्धा में महाअष्टमी की रात्रि निकलने वाली खप्पर यात्रा को सौ वर्षों से अधिक पुरानी धार्मिक परंपरा माना जाता है। मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिरों से जुड़ी यह परंपरा क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता काली के स्वरूप में खप्पर धारण कर नगर भ्रमण करने की यह परंपरा सुख-शांति, सुरक्षा और लोककल्याण की कामना से निभाई जाती है।
श्रद्धालुओं के साथ भक्ति में हुए शामिल
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खप्पर वाली माता के दर्शन कर इस प्राचीन परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने दूर-दराज से पहुंचे युवाओं और श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। माता सेवा में शामिल होकर जसगीत गाए। माता के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्री शर्मा ने कहा कि कवर्धा की खप्पर यात्रा प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोकआस्था की अनमोल धरोहर है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ती है। महाअष्टमी पर माता के दर्शन और श्रद्धालुओं के साथ आराधना में शामिल होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
डब्ल्यूआरएस मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन; कहा—प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आचरण में उतारना ही सच्ची आराधना
छत्तीसगढ़ से प्रभु श्रीराम का गहरा आत्मीय नाता, 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत किए अयोध्या धाम में दर्शन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विजयादशमी केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर अडिग रहने का शाश्वत संदेश है। प्रभु श्रीराम का जीवन सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने कहा कि सही और गलत के बीच चुनाव करते समय सदैव सत्य, न्याय और मानवता के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित विजयादशमी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हजारों लोगों की उपस्थिति में धनुष-बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया तथा प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ से प्रभु श्रीराम का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने माता सीता और लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के वनांचलों में समय बिताया था। यही कारण है कि प्रदेश की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में प्रभु श्रीराम का विशेष स्थान है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। रावण के पास अपार सैन्य शक्ति थी, लेकिन प्रभु श्रीराम ने सत्य, धर्म, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयासों के बल पर विजय प्राप्त की। यह प्रसंग बताता है कि बाहुबल और संसाधनों से बड़ी शक्ति नैतिकता और सत्य की होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी अधर्म का साथ देने के परिणामों का संदेश देता है। प्रभु श्रीराम की सच्ची आराधना तभी सार्थक है, जब हम उनके आदर्शों को आचरण में उतारें, कमजोरों की सहायता करें और अन्याय के विरुद्ध खड़े हों।
आतंकवाद और माओवाद के विरुद्ध दृढ़ संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर सहित प्रत्येक क्षेत्र में विश्वास, खुशहाली और विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
श्रीरामलला दर्शन योजना से 49 हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और लंबे संकल्प की ऐतिहासिक सिद्धि थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना शुरू की है। इसके माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
समरस और समृद्ध छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाते हुए सत्य, न्याय, करुणा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समरस और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, जयंती भाई पटेल, सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी, नेशनल क्लब एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
16.85 लाख के कथित अधिक भुगतान की जांच के बाद कार्रवाई, वसूली के निर्देश और कारण बताओ नोटिस पर लगी रोक; संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब
भिलाई-बिलासपुर / शौर्यपथ / नगर निगम भिलाई में पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के मामले में उप अभियंताओं और एक सहायक अभियंता को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। न्यायालय ने कलेक्टर दुर्ग के वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधी निर्देशों तथा निगम के मुख्य अभियंता द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
29 अनुबंधों की जांच में सामने आई अनियमितताएं
मामला नगर निगम की परियोजना शाखा के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में कराए गए पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों से जुड़ा है। इन कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद कलेक्टर दुर्ग ने 3 सितंबर 2026 को निगम आयुक्त को पत्र जारी किया था। लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, दुर्ग के कार्यपालन अभियंताओं की संयुक्त जांच में 16,85,457 रुपये का अधिक भुगतान दर्ज पाया गया।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, 29 अनुबंधों में से 21 में माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा और मौके पर मिली वास्तविक मात्रा के बीच अंतर पाया गया। इसके बाद संबंधित कार्यों का माप दर्ज करने वाले अभियंताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और कथित अधिक भुगतान की वसूली के निर्देश दिए गए।
इसके परिपालन में निगम के मुख्य अभियंता ने उप अभियंता अर्पित बंजारे, चंदन निर्मल, श्वेता महेश्वर, पुरुषोत्तम सिन्हा, रीमा हुमने, कृष्ण कुमार जंघेल तथा सहायक अभियंता श्वेता वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
अभियंताओं ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
कार्रवाई को चुनौती देते हुए अर्पित बंजारे एवं अन्य अभियंताओं ने अधिवक्ता सिबाशीष मिश्रा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु के समक्ष हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता जैनब मुस्तफा वनक ने पक्ष रखा।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि जांच प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया और उनका पक्ष सुने बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उन्होंने दलील दी कि संबंधित पत्राचार में पहले ही कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई और वसूली के निर्देश दिए जा चुके थे, जिससे निष्पक्ष सुनवाई तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पालन पर सवाल उठते हैं।
अधिकारियों से जवाब तलब
याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर दुर्ग के 3 सितंबर 2026 के पत्र में उल्लिखित अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं वसूली संबंधी निर्देशों और निगम के मुख्य अभियंता द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी। न्यायालय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव, कलेक्टर दुर्ग, नगर निगम भिलाई के आयुक्त, मुख्य अभियंता और संबंधित कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
फिलहाल यह न्यायालय की अंतरिम राहत है। इससे पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोपों का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है। मामले में संबंधित अधिकारियों के जवाब और आगे की न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।
वार्ड 8 और 9 में नूजूल भूमि पर कथित कब्जों का मामला गरमाया, पाइपलाइन के लिए पहले हटाने और मुआवजा दिए जाने के दावों की जांच की मांग
कृष्णा मंडल दंतेवाड़ा / शौर्यपथ /
बचेली। नगर में नूजूल भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में एक ठेकेदार के कथित अतिक्रमण पर कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग वार्ड क्रमांक 8 और 9 में पांच अन्य कथित कब्जों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाना प्रशासन की प्राथमिकता है, तो सभी शिकायतों पर समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित पांच स्थानों पर भी नूजूल भूमि पर कब्जे किए गए हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में नगरपालिका और राजस्व प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एक पर कार्रवाई, पांच अन्य मामलों में क्या हुई कार्रवाई?
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित मामलों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी से सवाल करने पर प्रकरण दर्ज होने की बात कही जाती है। हालांकि, उनका दावा है कि पांच कथित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अब तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित भूमि का राजस्व रिकॉर्ड क्या है, शिकायतों की जांच हुई है या नहीं और यदि प्रकरण दर्ज किए गए हैं, तो उनमें अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
पाइपलाइन के लिए पहले हटाए गए थे कब्जे, मुआवजे का भी दावा
मामले में स्थानीय लोगों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एनएमडीसी की पाइपलाइन बिछाने के दौरान संबंधित पांच लोगों के कब्जे हटाए गए थे और उस समय मुआवजा भी दिया गया था। इसके बावजूद अब उसी भूमि पर दोबारा कब्जा किए जाने का आरोप है।
यदि ये दावे सही पाए जाते हैं, तो यह जांच जरूरी है कि पहले हटाए गए कब्जे दोबारा कैसे स्थापित हुए, मुआवजा किन परिस्थितियों में दिया गया था और दोबारा कब्जे की जानकारी मिलने पर संबंधित विभागों ने क्या कदम उठाए।
नगरपालिका सीएमओ और एसडीएम की भूमिका पर सवाल
नूजूल भूमि की स्थिति, अतिक्रमण की शिकायतों और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर नगरपालिका सीएमओ तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि वार्ड 8 और 9 में चिह्नित पांचों कथित कब्जों की जांच की गई है या नहीं। यदि जांच लंबित है, तो उसके कारण और कार्रवाई की समयसीमा भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
फिलहाल, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। भूमि अभिलेखों, पूर्व कार्रवाई के दस्तावेजों और मुआवजे से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सभी कब्जों पर समान कार्रवाई की मांग
बचेली में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि सरकारी भूमि से जुड़े सभी मामलों की नियमानुसार जांच हो। यदि अन्य स्थानों पर भी अवैध कब्जे पाए जाते हैं, तो उन पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन वार्ड 8 और 9 के पांचों कथित अतिक्रमणों की जांच कर कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करेगा, या इन मामलों में लोगों को जवाब का इंतजार करना पड़ेगा? नगरवासियों की नजर अब नगरपालिका और राजस्व प्रशासन के अगले कदम पर है।
श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पूजा-अर्चना, दीक्षारंभ और सेवा गतिविधियों का आयोजन
भिलाई / शौर्यपथ / श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति एवं वरिष्ठ शिक्षाविद आई.पी. मिश्रा का जन्मदिवस विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय परंपरा, संस्कार और आध्यात्मिक भावना के साथ मनाया गया। आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, सेवा और जीवन मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।
विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. स्मिता सेलट ने कहा कि आई.पी. मिश्रा का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायी है। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, चरित्र, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।
श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी से संबद्ध संस्थानों में कहीं दीक्षारंभ कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया गया, तो कहीं धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन हुआ। मेडिकल कॉलेज में रुद्राभिषेक सहित विशेष पूजा-अर्चना की गई। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों में भाग लेकर कुलाधिपति के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की।
इस अवसर पर कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाना आवश्यक है। ईश्वर के प्रति कृतज्ञता, समाज के प्रति उत्तरदायित्व और जीवन मूल्यों का सदैव महत्व रहता है। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से परिचित कराना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
विजयादशमी पर पुलिसकर्मियों ने जनसुरक्षा, कर्तव्यनिष्ठा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का लिया संकल्प
कोंडागांव / शौर्यपथ / विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को थाना कोंडागांव परिसर में सुबह 10 बजे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजा संपन्न हुई। इस दौरान अस्त्र-शस्त्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर धर्म, सत्य और अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंडागांव के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। शस्त्रों की साफ-सफाई के बाद हल्दी, कुमकुम, मौली और पुष्प अर्पित कर पूजा की गई।
शक्ति के साथ कर्तव्य और जनसुरक्षा का संकल्प
पुलिस विभाग में विजयादशमी पर शस्त्र पूजा की परंपरा शक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। यह पुलिसकर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रखरखाव, जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है।
बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त कर धर्म की स्थापना की थी। विजयादशमी का पर्व संदेश देता है कि शक्ति का उपयोग अन्याय और अधर्म के विरुद्ध तथा समाज एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर पुलिस विभाग की जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए शांति, सद्भाव और सुरक्षा बनाए रखने का संदेश दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित अतिथियों, प्रशासन, समिति और शहरवासियों को दिया धन्यवाद
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ जन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित भव्य विजयादशमी महोत्सव, रावण दहन और सुप्रसिद्ध भजन गायिका स्वास्ति मेहुल जैन की संगीतमय प्रस्तुति की सफलता पर समिति अध्यक्ष सौरभ कोठारी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सहयोगियों, मीडिया प्रतिनिधियों और शहरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनता को संबोधित कर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। सांसद संतोष पांडे और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने भी अपने संबोधन से आयोजन की गरिमा बढ़ाई। महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व मंत्री खूबचंद पारख, नीलू शर्मा, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, राजेश जैन और सुनील मूंदड़ा सहित सभी अतिथियों के प्रति भी उन्होंने कृतज्ञता जताई।
भजन संध्या और आतिशबाजी ने मोहा मन
भजन गायिका स्वास्ति मेहुल जैन की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, भव्य रावण दहन और करीब 10 मिनट तक चली आकर्षक आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। शानदार मंच सज्जा और हजारों लोगों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बनाया।
प्रशासन और समिति के सहयोग को सराहा
सौरभ कोठारी ने जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं में विभागों के समन्वित सहयोग से कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ।
उन्होंने समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि आयोजन की सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण और जिम्मेदारी का परिणाम है।
शहरवासियों और मीडिया का जताया आभार
सौरभ कोठारी ने व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों और समस्त शहरवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनता के उत्साह, सहयोग और स्नेह ने महोत्सव को भव्यता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जन महोत्सव समिति भविष्य में भी राजनांदगांव की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन करती रहेगी। महोत्सव की सफलता में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग और आशीर्वाद समिति के लिए अमूल्य है।
पुलगांव विसर्जन स्थल पर सफाई, प्रकाश, क्रेन, अस्थायी कुंड और साउंड सिस्टम की होगी व्यवस्था
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए नगर पालिक निगम दुर्ग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयुक्त लीना कोसम ने वार्ड क्रमांक 55 पुलगांव स्थित शिवनाथ नदी के गुरुद्वारा के पास निर्धारित विसर्जन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यह व्यवस्था 19 से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
आयुक्त के आदेशानुसार उप अभियंता करण यादव, सहायक राजस्व निरीक्षक नरेंद्र मनहरे, शिवा यादव एवं गोपाल सूर्या को पहुंच मार्ग का समतलीकरण, अस्थायी कुंड निर्माण तथा आवश्यकतानुसार शामियाना, कुर्सी और टेबल की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सफाई दरोगा मनोहर शेंद्रे और रामलाल भट्ट विसर्जन स्थल की साफ-सफाई, चूना मार्किंग, डस्टबिन की व्यवस्था तथा सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करेंगे। सहायक अभियंता संजय ठाकुर एवं उप अभियंता मोहित मरकाम को प्रकाश व्यवस्था, साउंड सिस्टम और माइक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कार्यशाला अधीक्षक शौएब अहमद प्रतिमा विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था संभालेंगे।
तीन पालियों में होगी ड्यूटी
विसर्जन स्थल पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है। सुबह 6 से दोपहर 2 बजे, दोपहर 2 से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह 6 बजे तक कर्मचारी तैनात रहेंगे। सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता के निर्देशन में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
निगम प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं मिलें और आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
गंजपारा से पोटियाकला तक पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा का लिया आशीर्वाद, समितियों से निर्धारित समय पर प्रतिमा विसर्जन की अपील
दुर्ग / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन-पूजन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए शहरवासियों को शक्ति और भक्ति के महापर्व नवरात्र की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री यादव ने गंजपारा, पद्मनाभपुर कालीबाड़ी, सत्तीचौरा, गांधी चौक, ढीमरपारा, ग्रीन चौक, संगम चौक उरला, वृंदानगर, विराट नगर बोरसी, स्टेशन रोड, पोटियाकला, डिपरापारा, सिकोला बस्ती और जवाहरनगर सहित दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विराजित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन किए। उन्होंने झांकियां देखने निकले नागरिकों से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। नवरात्र की विभिन्न संध्याओं में भी वे शहर के पंडालों, जस-झांकी, जगराता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।
मंत्री ने कहा कि नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं पर माता का आशीर्वाद बना रहे। दुर्गवासियों की अटूट आस्था, लोकसंस्कृति से जुड़ाव और सामूहिक सहभागिता शहर को भक्तिमय उत्सव के रंगों से सराबोर करती है। उन्होंने मां जगदंबा से सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
निर्धारित समय पर प्रतिमा विसर्जन की अपील
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्गा उत्सव समितियों से अपील की कि वे मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित समय-सीमा में करें। उन्होंने पुलिस विभाग से विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निगम प्रशासन से पार्किंग, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तिरंगे पर युवा कवि मयंक शर्मा की कविता सुनकर सम्मान में खड़े हुए श्रोता, हास्य-व्यंग्य और भक्ति रचनाओं ने भी जीता दिल
दुर्ग / शौर्यपथ / गंजपारा दुर्गोत्सव समिति द्वारा दुर्गा धाम, पुरानी गंजमंडी में 17 अक्टूबर को 58 वर्षों से चली आ रही साहित्यिक परंपरा के तहत कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। मां शारदे के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों ने देशप्रेम, भक्ति, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन का संचालन दुर्ग के युवा कवि मयंक शर्मा ने किया। तिरंगे के पांच रंगों पर आधारित उनकी कविता ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। कविता की पंक्तियां सुनकर श्रोता सम्मान में खड़े हो गए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। मयंक शर्मा ने सुनाया—
“पापा जब द्वारे पे तिरंगा ओढ़ आए थे,
तो मैंने देखा खून से तिरंगा लाल-लाल था।”
बिहार के नालंदा से आईं कवयित्री अल्पना आनंद ने ओढ़नी गीत के माध्यम से धार्मिक भाव प्रस्तुत किए। इंदौर के एकाग्र शर्मा ने शिव, राम और हनुमान पर मुक्तक सुनाए। प्रयागराज के हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने हास्य-व्यंग्य के जरिए खुशियां बांटने का संदेश दिया। दिल्ली के सुदीप भोला ने मोबाइल पर रील बनाने की प्रवृत्ति पर कटाक्ष किया, जबकि मुंबई के गीतकार चंदन राय ने प्रेम और यादों पर आधारित गीतों से समां बांधा।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद विजय बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू, पूर्व महापौर आरएन वर्मा और दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर उपस्थित रहे।
समिति के संरक्षक संतोष रूंगटा, संजय रूंगटा, चतुर्भुज राठी, किशोर जैन, विनीत जैन, अध्यक्ष रवि पिडिआर, कार्यकारी अध्यक्ष अमित यादव, कोषाध्यक्ष जितेंद्र राठी, एल्डरमैन तुलसी साहू एवं पार्षद पति सुरेश गुप्ता सहित अन्य अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संचालन मनोज शर्मा ने किया तथा आभार संतोष रूंगटा ने व्यक्त किया।
भिलाई / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा और मां काली के दर्शन किए तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान उन्होंने हुडको स्थित अन्नपूर्णा मंदिर, सेक्टर-7 के मां तुलजा भवानी मंदिर, मरोदा सेक्टर, सेक्टर-1 बिजली ऑफिस स्थित मां शारदा भवानी मंदिर तथा चरोदा स्थित काली मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
श्री पांडेय ने मां दुर्गा से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि मां जगदंबा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे तथा हर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
बचेली में रविवार को हुई कार्रवाई से उठे सवाल, बेदखली के बाद पुनर्वास की व्यवस्था पर भी मांगा जा रहा जवाब
नजूल जमीन पर कथित कब्जों के लिए एक समान मापदंड अपनाने की मांग; एसडीएम और नगरपालिका प्रशासन की भूमिका पर सवाल
कृष्णा मंडल /
दंतेवाड़ा। शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले के बचेली नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और आदिवासी परिवारों के पुनर्वास को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को 10 आदिवासी परिवारों के मकान ढहा दिए गए। कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन परिवारों के रहने के लिए वैकल्पिक जमीन या पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी या नहीं।
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी उठ रहा है कि गरीब परिवारों के मकानों पर सख्ती दिखाने वाला प्रशासन कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोगों, एक ठेकेदार और अन्य लोगों के अतिक्रमण के मामलों में उतना सक्रिय नजर नहीं आता। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि बचेली में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई किन नियमों और मापदंडों के आधार पर की जा रही है।
गरीबों पर सख्ती, प्रभावशालियों पर कार्रवाई कब?
यदि नजूल जमीन पर अवैध कब्जा हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि कथित प्रभावशाली लोगों के कब्जों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। प्रशासन को ऐसे मामलों की स्थिति सार्वजनिक कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाना चाहिए।
कुछ मामलों में पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बाद मुआवजा दिए जाने और कथित तौर पर दोबारा नजूल जमीन पर कब्जे होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रशासन को बताना चाहिए कि मुआवजा किन नियमों के तहत और किन लोगों को दिया गया तथा दोबारा कब्जे की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई।
10 परिवार बेघर, पुनर्वास की जिम्मेदारी किसकी?
मकान तोड़ने की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी होने की बात कही जा रही है। यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी था, तो क्या कार्रवाई से पहले पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया गया? क्या प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई गई? प्रशासन को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
यह मामला केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के भविष्य और बुनियादी जरूरतों से भी जुड़ा है। कार्रवाई की वैधानिकता के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि बेदखल परिवारों के लिए आगे क्या व्यवस्था की गई है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल
नगरपालिका क्षेत्र के नागरिक अपने जनप्रतिनिधियों से उम्मीद करते हैं कि वे जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठाएं। ऐसे में सवाल है कि प्रभावित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास और राहत के लिए अध्यक्ष, पार्षदों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने क्या पहल की है।
प्रशासन स्पष्ट करे अपनी स्थिति
बचेली में हुई कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन, एसडीएम और नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अतिक्रमण हटाने का आधार, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था और अन्य कथित कब्जों पर की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
बड़ा सवाल यही है कि क्या अतिक्रमण के खिलाफ कानून समान रूप से लागू हो रहा है? यदि कब्जा अवैध है, तो कार्रवाई सभी मामलों में निष्पक्ष होनी चाहिए। वहीं, बेदखल किए गए परिवारों को लागू नियमों के अनुसार राहत और पुनर्वास संबंधी विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। प्रशासन की पारदर्शिता और समान कार्रवाई ही इन सवालों का संतोषजनक जवाब दे सकती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
