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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
खेल / शौर्यपथ / अमेरिका में लंबे समय के इंतजार के बाद राष्ट्रपति के लिए हुए चुनाव के नतीजे आ गए हैं। जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को इस चुनाव में हरा दिया है और बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। बाइडेन की इस जीत के बाद ट्विटर पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। क्रिकेट जगत में भी इस चुनाव को लेकर कई दिग्गज खिलाड़ियों ने अपनी राय रखी है। इसी बीच, जो बाइडेन की जीत के बाद इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का एक छह साल पुराना ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
दरअसल, साल 2014 में जोफ्रा आर्चर द्वारा किए गए इस ट्वीट में आर्चर ने एक शब्द लिखा था, 'जो' लोग आर्चर के इस ट्वीट को जो बाइडेन की जीत के साथ जोड़कर देख रहे हैं और आर्चर की 6 साल पहले की गई भविष्षवाणी को सही मान रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स की टीम ने आर्चर के इस ट्वीट को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
जोफ्रा आर्चर का प्रदर्शन इस सीजन आईपीएल में काफी दमदार रहा था, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की तरह से खेले 14 मैचों में 20 विकेट अपने नाम की थी। इस दौरान आर्चर काफी किफायती भी रहे थे और उनका इकॉनमी महज 6.55 का रहा था। हालांकि, आर्चर के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भी राजस्थान की टीम प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही थी। राजस्थान के बल्लेबाजों का प्रदर्शन इस पूरे टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा, कप्तान स्टीव स्मिथ का बल्ला भी शुरुआती मैचों के बाद खामोश ही दिखाई दिया। बेन स्टोक्स ने आखिरी के मैचों में कुछ अच्छी पारियां जरूर खेली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मनोरंजन / शौर्यपथ /करोड़ों लोगों के दिल में बसने वाले अभिनेता शहीर शेख जल्द शादी करने वाले हैं। जी हां, खबरों के मुताबिक, शहीर शेख रूमर्ड गर्लफ्रेंड रुचिका कपूर संग इस महीने के आखिर में शादी के बंधन में बंध जाएंगे। हाल ही में शहीर ने रुचिका कपूर संग फोटो शेयर कर रिलेशनशिप कन्फर्म किया।
रुचिका कपूर, एकता कपूर फिल्म्स की हेड हैं। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद शहीर ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर रिलेशनशिप स्टेटस कन्फर्म किया है। एक एंटरटेनमेंट पोर्ट्ल के मुताबिक, दोनों नवंबर के अंत तक शादी कर सकते हैं। इसमें केवल करीबी दोस्त और परिवार के लोग शामिल होंगे। कोर्ट मैरिज के बाद दोनों एक छोटा-सा सेलिब्रेशन घर पर रखेंगे।
सूत्र के मुताबिक ईटाइम्स के हवाले से पता चला है कि शहीर शेख काफी प्राइवेट इंसान हैं। वह अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करना पसंद नहीं करते हैं। पहले भी उन्होंने कभी नहीं किया है। दो साल पहले शहीर की मुलाकात रुचिका से एक कॉमन दोस्त के जरिए हुई थी। उस समय रुचिका फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के काम में व्यस्त थीं। दोनों अच्छे दोस्त बने और डेढ़ साल पहले ही डेट करना शुरू किया। अब दोनों ही इस रिलेशनशिप को आगे लेकर जाना चाहते हैं।
बता दें कि शहीर शेख ‘महाभारत’, ‘ये रिश्ते हैं प्यार के’, ‘झांसी की रानी’ और ‘तेरी मेरी लव स्टोरी’ समेत कई सीरियल्स का हिस्सा रह चुके हैं।
बालोद / शौर्यपथ / राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी अंतर्गत निर्मित गौठानों में ‘‘गोधन न्याय योजना‘‘ के तहत् खरीदी गई गोबर से बनाई गई उत्पाद आजीविका का साधन बन रहे है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ ही अन्य उत्पादन जैसे गोबर के दीए व जैविक कीटनाशक का निर्माण किया जा रहा है। जिला बालोद के महिला स्वसहायता समूहों एवं गौठान समितियों के द्वारा गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के अलावा, फिनाइल, गोबर के दिये आदि अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है।
वर्मी कम्पोस्ट एवं वर्मी कल्चर निर्माण हेतु बालोद जिले के गौठान समितियों एवं स्व-सहायता समूहों को सरकारी विभागों द्वारा गोबर, फसल व अन्य जैविक अवशेष एकत्रीकरण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, वर्मी कल्चर उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट की पैकेजिंग, भण्डारण एवं विक्रय की जानकारी से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विभाग उप संचालक ने बताया कि जिले के 158 गौठानों में 2857 वर्मी बेड स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 1805 वर्मी बेड का निर्माण हो चुका है। 1351 वर्मी टांके भरे गये है तथा 955 वर्मी टांका में केचुआ (वर्म) डाला गया है, जिससे 287.10 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है, जिसका प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण के पश्चात समितियों के माध्यम से 250 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि रबी के अनाज दलहन, तिलहन, सब्जियों में इसका उपयोग होने लगा है। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों को जैविक खाद से उत्पादित अनाज, दाल, तिलहन, फल, सब्जी मिल सकेगा। इससे कृषकों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की बेहतर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। राज्य में शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में दो हजार 686 आक्सीजन युक्त बेड हैं और 4827 बेड और बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 25196 जनरल बेड, 1120 आई सी यू बेड, 724 एच डी यू बेड उपलब्ध हैं। कोविड मरीजों को लाने ले जाने के लिए 213 एबंुलेंस जिसमें 193 बेसिक लैब सुविधाओं वाली और 20 आधुनिक लैब सुविधाओं से लैस है। मुक्तांजलि के तहत 60 वाहन उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में 29 डेडिकेटेड कोविड केयर अस्पताल, 127 कोविड केयर सेंटर हैं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने आज कलेक्टोरेट के सामने आम्बेडकर चौक के समीप छŸाीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित विपणन प्रशिक्षण सह उत्पाद प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री वनधन विकास योजना के तहत राजवन फूड्स का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन व्ही. एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने मानपुर के शहद का स्वाद लिया और उन्होंने समूह की महिलाओं को अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। राजवन फूड्स के अंतर्गत शहद, कुलथी, हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर, बांस मोवा एवं अन्य उत्पाद उपलब्ध हैं। वनधन केन्द्र के समूह की महिलाओं द्वारा वनधन केन्द्र के अंतर्गत कार्य करते हुए स्थानीय रूप से उपलब्ध मिर्च, मसाले एवं अन्य खाद्य पदार्थों के प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में ट्रायफ्रेड द्वारा भी विशेष सहयोग दिया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिले में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिले के वनधन केन्द्र में उत्पादित खाद्य पदार्थ राजवन फूड्स के नाम से ब्रांडिग की गई है।
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम पतोरा के गौठान पहुंचे। वहां स्वसहायता समूह की महिलाओं ने दीवाली त्योहार के लिए सुंदर डिजाइनर दीये, सजावटी सामग्री तथा परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के पैकेट की सामग्री उन्हें दिखाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बिहान बाजार के बुकलेट का भी लोेकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा संचालित आयमूलक गतिविधियों और उनके द्वारा उत्पादित सामग्री की गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सामग्रियों को केवल स्थानीय स्तर विक्रय करने के बजाए इसकी मार्केटिंग अन्य बाजारों एवं शहरों में की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को महिला समूहों के उत्पाद की मार्केटिंग एवं ऑनलाईन विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि आनलाइन प्लेटफार्म के लिए बातचीत चल रही है। इन उत्पादों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने दुर्ग में बिहान बाजार जिला पंचायत परिसर में आरंभ किया गया है। केवल दो दिनों में 3 लाख रुपए की बिक्री बिहान बाजार में हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि जिन वस्तुओं की बाजार में ज्यादा माँग है, उन्हें तैयार करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि इन्हें सिलाई मशीन का प्रशिक्षण भी दें। अगरबत्ती, फिनाइल, साबुन जैसे उत्पादों के निर्माण के लिए भी सभी समूहों को प्रेरित करें। कोशिश यह हो कि स्थानीय मार्केट में अधिकाधिक उत्पाद स्थानीय एसएचजी ही उपलब्ध करा दें। इससे आय का रास्ता खुलेगा।
मुख्यमंत्री ने गौठान में वर्मी कंपोस्ट उत्पादन को भी देखा। मुख्यमंत्री ने पूछा कि डिकंपोजर डाला या नहीं। महिला समूह से जुड़ी सुमन ने बताया कि डिकंपोजर के उपयोग से खाद बनाने में लगने वाला समय काफी कम हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों को आत्मनिर्भर बनाना है। आप लोग जितना काम गोधन न्याय योजना पर करेंगे, आपकी आय उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने पहाटियों से भी बातचीत की। पहाटियों ने बताया कि इससे हमें आय जरिया मिल गया है।इस मौके पर गुंडरदेही के विधायक श्री कुंवर निषाद, संभागायुक्त श्री टीसी महावर, आईजी विवेकानंद सिन्हा, सीएफ श्रीमती शालिनी रैना, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी प्रशांत ठाकुर, सीईओ सच्चिदानंद आलोक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान
श्री अरविंदो योगा एन्ड नॉलेज फाउंडेशन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं और शिक्षकों को किया गया सम्मानित
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महर्षि अरविन्द अध्यात्मिक चेतना के पुंज थे। हमारे ऋषि मुनियों ने अपने तप और ज्ञान से जो अध्यात्मिक ऊंचाईयां प्राप्त की और जो अनुसंधान किए उनकी चर्चा युगों-युगों से विश्व पटल पर होती रही है और होती रहेगी। महर्षि अरविन्द ऐसी ही महान विभूति थे। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित ''दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड'' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने श्री अरविंदो योगा एन्ड नॉलेज फाउंडेशन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं और शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा सम्मानित होने वाले सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। "द प्रोग्रेस" श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन उच्चशिक्षा की गुणवत्ता के लिए देश, विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रोफेसर, सहा. प्राध्यापको, शिक्षकों, विद्यार्थियों के लिए अनेक पाठ्यसहगामी क्रियाओं जैसे अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय कार्यशाला, सेमिनार, यूथ कैम्प, एफडीपी जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए हम अच्छे नागरिक तैयार नहीं कर सकते, शिक्षक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने के साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। श्री बघेल ने कोरोना काल में अध्यात्म के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। इस दौर में सबसे महत्वपूर्ण कार्य संक्रमण से बचाव करते हुए अपने जीवन को व्यवस्थित करना है। श्री बघेल ने कहा कि कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की मन: स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अनेक लोग अवसाद में आ जाते हैं। जिसका इलाज अध्यात्म के पास है। अवसाद से बचने के लिए ध्यान, योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आयोजकों के आग्रह पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ''नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी'' योजना सहित शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित वैज्ञानिक डॉ. अनिल के. गुप्ता, श्री शंकरचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैंनेजमेनट एण्ड टेकनोलोजी, रायपुर के अध्यक्ष श्री निशांत त्रिपाठी, अरविन्दो फाउंडेशन की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्था प्रोग्रेस के प्रबंध संचालक डॉ एस.एम.घोष और चेयरमेन डॉ.बी.के.स्थापक, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर विशेष अतिथि के रूप में इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा है। आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से चिंतित है। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में इस योजना से मदद मिलेगी। नरवा योजना में हमने सभी नालों के वाटर रिचार्जिंग का कार्य हाथ में लिया है। जंगलों में नालों की वाटर रिचार्जिंग से वनों, वनौषधियों और जैवविविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में सहायता मिलेगी। गरवा योजना के अंतर्गत मवेशियों के बेहतर प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना के अंतर्गत दो रूपए प्रति किलो की दर पर गोबर खरीदी का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस योजना के तहत पिछले तीन माह में पशुपालकों और संग्राहकों को अब तक 47 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। इस योजना से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गोबर के विक्रय से मिलने वाली राशि से पशुपालकों के लिए पशुओं के चारे की व्यवस्था करना आसान हुआ है। मवेशियों को बांध कर रखने से खेत सुरक्षित है। खेतों की फैंसिंग का खर्च बचने से कृषि लागत कम हुई है। पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि गोबर से महिला समूह वर्मी कम्पोस्ट बना रहे हैं। इसकी कीमत 8 रूपए प्रति किलो रखी गई है, लेकिन वर्मी कम्पोस्ट 10 से 12 रूपए प्रति किलो की दर पर बिक रहा है। इस काम से महिलाओं को आमदनी का नया जरिया बना है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है। जैविक खेती के उत्पादों से रसायन मुक्त अनाज, कृषि और उद्यानिकी फसलों की उपलब्धता बढ़ेगी और कैंसर जैसी बीमारियों में कमी आएगी। पशुओं के बेहतर प्रबंधन से डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में लघुवनोपजों की खरीदी और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के तहत प्रारंभ किए जा रहे 52 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चों को अंगेजी स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। यह भी चाहते है कि आज की प्रतिस्पर्धा के दौर में उनके बच्चे भी किसी से पीछे न रहे। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार 130 करोड़ रूपए की लागत से 52 अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ कर रही है।
"द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020" कार्यक्रम का आयोजन श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग, छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों को फाउंडेशन की ओर से दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों कुल 85 अवार्ड प्रदान किए गए। इस "द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020" में कुल 162 पंजीयन हुये जिसमें से विद्वानों द्वारा 94 अवार्ड का चयन किया गया, जिसमें 04 लघुउद्योग, 02 विश्वविद्यालय, 05 महाविद्यालय, 80 महाविद्यालयींन शिक्षक शिक्षिकाएँ, 08 विद्यालयीन शिक्षकों को अवार्ड से सम्मानित किया गया। इंटरप्रोन्योरशिप अवार्ड वर्ग में अरिसटोम टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड, भिलाई, आई.आई.ओ.टी.लैब,नागपुर, महाराष्ट्र, सिंपलेक्स कास्टिंग लिमिटेड, भिलाई, सतीश दीक्षित कलास्सेस, रायपुर, विश्वविद्यालय अवार्ड ओ. पी. जिंदल युनिवर्सिटी, रायगढ़, छत्तीसगढ़, वाय. बी. एन. युनिवर्सिटी, राँची, झारखंड को सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय अवार्ड जयंत कुमार चक्रवर्ती, राजेंद्र अकाडेमी फोर टीचर एजुकेशन, गोपालपुर, दुर्गापुर, पश्चिम वर्धमान, रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलोजी, रायपुर, छत्तीसगढ़, स्कूल ऑफ अलाइड साइंस, सेलम, देवसंस्कृति कालेज ऑफ एजुकेशन, भिलाई को दिया गया। कार्यक्रम में "द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020" श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग के ट्रस्टी सुश्री इंद्राणी घोष, अध्यक्ष डॉ. एस. एम. घोष, डॉ. किरण बाला पटेल, सुश्री मीनाक्षी पटेल उपस्थित थीं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
