July 29, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6075)

    धमतरी शौर्यपथ

    इस वक्त की एक बड़ी खबर धमतरी से निकल कर आ रही है धमतरी में दो कोरोना संक्रमित मरीज की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने कर दी है ।धमतरी कलेक्टर रजत बंसल ने इसकी अधिकारिक पुष्टि भी की है। सूत्रों के अनुसार यह दोनों मरीज एक निजी अस्पताल के स्टाफ बताए जा रहे हैं। जिला, स्वास्थ्य, पुलिस प्रशासन उस क्षेत्र में पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है ।आसपास के क्षेत्रों को सील की जा रही है। दोनों को एम्स ले जाने की तैयारी की जा रही है ।सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि यह दोनों कुछ दिनों पहले एक गांव में गए थे ।उसके बाद एक ज्वेलरी शॉप में भी इन्होंने खरीदारी की है किन किन जगहों पर यह गए थे इसका भी पता लगाया जा रहा है ।फिलहाल शहर वासियों को संयम रखने की अपील कलेक्टर रजत बंसल ने की है। सावधान रहें सतर्क रहें।

    शौर्यपथ हेल्थ

     

    कोरोना वायरस संक्रमण के बीच देश में अमेरिका और यूरोपीय देशों की एक रहस्यमय बीमारी ने दस्तक दी है। इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण चेन्नई में एक 8 साल के बच्चे में दिखे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों ने बताया कि इस बीमारी की वजह से बच्चे के पूरे शरीर में सूजन आ गई और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए। कोरोना वायरस जैसे लक्षण भी दिख रहे थे।

    कोरोना वायरस से जुड़ी बताई जा रही इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण चेन्नई में एक आठ साल के बच्चे में देखे गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इस दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे के पूरे शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए थे और उसके पूरे शरीर में सूजन आ गई थी, जिसके बाद उसे कांची कामकोटि चाइल्ड्स ट्रस्ट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। हालाँकि अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका है।

    जनता की शिकायत पर विधायक ने नव निर्मित मटन मार्केट का निरीक्षण किया

    धमतरी/नगरी/शौर्यपथ

    उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवम सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव द्वारा नगर पंचायत नगरी मे नव निर्मित निर्माण कार्य मटन मार्केट का निरीक्षण किया गया ।
    चूंकि कुछ दिन पहले सिहावा विधायक डॉ. ध्रुव से मटन व्यवसायियों एवं वार्ड क्रमांक 13,14,15 के नागरिकों द्वारा नगर पंचायत की मनमानी के बारे मे लिखित शिकायत किया गया था।
    जिसमे विधायक मोहदया द्वारा
    निरीक्षण किया गया एवं शिकायत सही पाया गया ।
    इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर पंचायत नगरी से इस निर्माण कार्य के बारे मे पूछे जाने पर गोल मोल जवाब देने लगे व नागरिकों द्वारा निर्माण कार्य के टेंडर के विषय मे पूछा गया तो सी. एम .ओ .ने बताया कि यह निर्माण कार्य पुराने ज़ोनल कार्य मे समलित कर लिया गया है। जो कि नियम के विरुद्ध है ।क्योंकि कोई भी ज़ोनल कार्य एक काम के लिए 49 हजार रुपये निर्धारित है। उससे अधिक राशि के कार्य का निविदा आमंत्रित किया जाता है ।
    चूंकि इस निर्माण कार्य को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि यह कार्य कंही अधिक राशि का है।
    से कम का नही है। इसमें नगर पंचायत के अधिकारियों एवं परिषद के सदस्यों की मिलीभगत नज़र आ रही है।
    इस दौरान नगर व्यवस्था समिति अध्यक्ष ललित प्रसाद शर्मा एवं उपाध्यक्ष माखन भरेवा ने बताया कि मटन मार्केट के नाम से, पूर्व में दो स्थान में निर्माण किया जा चुका है, अब यह तीसरा निर्माण कार्य है। इससे साफ़ प्रतीत होता है कि नगर पंचायत द्वारा शासन के पैसे का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है ।

    विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने इस विषय सी एम ओ नगर पंचायत नगरी को फटकार लगाते हुए, "कहा कि शासन के पैसो का दुरुपयोग कांग्रेस की सरकार मे बर्दाश्त नही करेगी" एवं वार्ड वासिंयों को आश्वस्त किया है कि मटन मार्केट नगर की आराध्य देवी शीतला माता मंदिर परिसर के नज़दीक नही लगाया जाएगा ।

    इस दौरान सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एल एल ध्रुव , विधायक प्रतिनिधि रुद्रप्रताप नाग, ललित शर्मा, माखन भरेवा , वार्ड पार्षद 13 सोहन चतुर्वेदी , वार्ड पार्षद 15 भूपेन्द्र साहू , पूर्व पार्षद हरीश साहू, पूर्व एल्डरमैन अनिरुद्घ साहू, रत्न साहू एवं गणमान्य वार्ड वासी उपस्थित थे

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश के किसानों, मजदूरों और वनवासियों की जेब में पैसा आने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूती होगी बल्कि इससे ग्रामीण और शहरी व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी। पिछले साल हमने देखा है कि किसानों की ऋण माफी और 2500 क्विंटल में धान खरीदी से देशव्यापी मंदी के बावजूद छत्तीसगढ़ इससे अछूता रहा यह इस साल भी होगा।
    मुख्यमंत्री बघेल आज यहां आकाशवाणी से प्रसारित विशेष भेंटवार्ता में कोरोना संकट के दौर में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों, प्रवासी मजदूरों, वनवासियों और ग्रामीणों सहित समाज के सभी वर्गो के हित में उठाए जा रहे कदमों के बारें में विस्तार से जानकारी देते हुए उपरोक्त बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले, उनके साथ न्याय हो इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की है। इस योजना से प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ रूपए चार किश्तों में दिया जा रहा है। पहली किश्त 1500 करोड़ रूपए की राशि 21 मई को किसानों के खातों में राजीव गांधी जी की शहादत दिवस पर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा पिछले साल किसानों की ऋण माफी और 25 सौ प्रति क्विंटल में धान खरीदी की गई थी, लेकिन भारत सरकार के निर्देशानुसार हमें इस साल समर्थन मूल्य पर ही धान खरीदी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों की जो स्थिति है वह किसी से छुपी हुई नहीं है और ऐसी स्थिति में उनका हक है कि हम वह राशि उन्हें दे। ऐसी स्थिति में हम लोगों ने राजीव गांधी किसान योजना लागू की और इस योजना के तहत जो धान के साथ-साथ मक्का उत्पादक किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ और गन्ना उत्पादक किसानों को 13 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से कृषि आदान सहायता राशि मुहैया करा रहे है। आने वाले वर्ष में दलहन तिलहन की फसल को भी इस योजना में शामिल करेंगे ताकि किसान अपनी पसंद से कोई भी लगाएं उनकों इसका लाभ मिलें प्रदेश के भूमिहीन किसानों को भी इस योजना में शामिल करने के लिए हमने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों की कमेटी बना दी गई है जो 2 महीने के भीतर अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के सामने प्रस्तुत करेगी।
    वनोपज संग्रहण से आदिवासियों को पिछली से साल से इस साल आमदनी में बढ़ोत्तरी
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि लॉकडाउन के बावजूद भी हमने छत्तीसगढ़ में मनरेगा के काम शुरू किए और अभी लगभग 26 लाख मजदूर मनरेगा में काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ राजीव गांधी किसान योजना के तहत हमने किसानों के खातों में राशि दी है इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ के 44 प्रतिशत वनांचल में आदिवासी और परंपरागत निवासी रहते है। जिनकी अर्थव्यवस्था लघु वनोपज पर आधारित है। इस परिस्थिति में भी जब सारी दुकानें बंद है जो लोग लघु वनोपज खरीदते हैं वह काम बंद पड़ा था। ऐसे समय में हमने ग्रामीण स्तर पर स्व सहायता समूहों के माध्यम से महुआ, इमली की खरीदी की शुरुआत की है। महुआ इमली और इसके बाद तेंदूपत्ता के काम को भी हमने रोका नहीं। भारत सरकार ने महुआ का समर्थन मूल्य 17 रूपए तय किया था जब मांग बढ़ी तो छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे 17 से बढ़ाकर 30 रूपए कर दिया इस प्रकार पिछले वर्षों में जितनी आमदनी लोगों को हुई थी उस से बढ़कर आमदनी इस साल हुई। जंगल में रहने वाले हमारे भाई बहन हैं उनकी जेब में 2500 करोड़ रुपए आएगा ।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ किसान और दूसरी तरफ मजदूर और तीसरी तरफ हमारे आदिवासी जो वनांचल में रहते हैं इन सबकी जेब में पैसा आएगा जब इनकी जेब में पैसा होगा और इनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी तो चाहे वह ग्रामीण व्यवसाय हो चाहे वह शहर के व्यवसाय हो वह बढ़ेगा ही। इसका अनुभव हमने पिछले साल ही कर लिया है। हमने ऋण माफी की और 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी की। पूरे देश में मंदी का दौर रहा लेकिन छत्तीसगढ़ में मंदी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा इस वर्ष भी ऐसा होगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कभी पलायन नहीं करते थे और जंगल में ही उनकी सारी आवश्यकता पूरी हो जाती थी लेकिन धीरे-धीरे जंगल से आंवला, चिरौंजी और आम के पेड़ काटने लगे और आय के जो स्रोत थे वह घटने लगे। इस साल हमने निर्णय लिया है कि ऐसे पेड़ लगाए जाए जिनसे आदिवासियों को सीधा लाभ मिलें। हम इस साल 70 लाख फलदार पौघे लगाने जा रहे है। जिसमें हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, आंवला आदि होंगे जो आदिवासियों की आय के स्रोत बनेंगे। साथ मैंने यह निर्देश भी दिया है कि वन अधिकार का जो पट्टा दिया है वहां इन पेड़ों का लगाएं और इन पेड़ों के बीच में जिमीकांदा-हल्दी आदि जो पेड़ की छाया में भी पैदा हो सकते हैं उन्हें भी लगाए ताकि निरंतर आए मिलती रहे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 90 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठान हैं वह प्रारंभ हो चुके हैं। अभी ये पूरी क्षमता के साथ वह काम नहीं कर रहे हैं लेकिन समय धीरे-धीरे बीते जा रहा है वैसे वैसे उनकी क्षमता बढ़ती जा रही है। जो व्यवसाय शहरी मजदूरों को रोजगार देते हैं हमारी कोशिश है कि वो जल्दी से जल्दी खुले। श्री बघेल ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए हमने 43 स्पेशल ट्रेन चलाने की सहमति दी है। विभिन्न प्रदेशों आने वाले मजदूरों के 16 हजार 499 क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाए हैं जिसमें लोगों के रहने, भोजन और स्वास्थ्य जांच आदि की व्यवस्था की गई है।
    किसी भी प्रदेश के श्रमिक सभी हमारे मेहमान है
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ 7 राज्यों से घिरा हुआ है। इन राज्यों के अलावा कई अन्य राज्यों के मजदूर छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रहे हैं। बड़ी संख्या में मजदूर पैदल आ रहे है जिनके लिए राज्य सरकार भोजन, पानी, स्वास्थ्य जांच के साथ चरणपादुका और उन्हें राज्य की सीमा तक सकुशल पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। हम यह समझते हैं कि ये जो श्रमिक हैं वह किसी भी प्रदेश के हो हमारे मेहमान हैं उनकी बराबर देखभाल हो। मैं सभी भाई बहनों से अपील करना चाहता हूॅ। संकट की इस घड़ी में जो लोग आ रहे हैं वह हमारे अपने हैं, हमारे रिश्तेदार है,ं हमारे भाई-बहन हैं। हमारे गांव के लोग हैं, हमारे शहर के लोग हैं ऐसे में हम लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि उनकी देखभाल करें उनके साथ ऐसा कोई व्यवहार न करें जिससे उन्हें ठेस पहुंचे। साथ ही हमारी गाइडलाइन है उसका भी कड़ाई से पालन होना होना चाहिए उनकी देखरेख भी करें और नियमों का कड़ाई से पालन भी करें । हमारे मजदूर भाई जो दूसरे प्रदेश से आए हैं उनसे भी मैं अपील करना चाहता हूं कि यह संकट के समय में थोड़ा धैर्य और संयम रखें आप अपने गांव पहुंच गए हैं हजारों किलोमीटर चलकर आए हैं अब थोड़े दिन की बात है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जो कोरोना पॉजिटिव मरीज आए हैं उनके साथ हम लोग को अच्छा व्यवहार करना चाहिए और साथ ही उनके इलाज की व्यवस्था हमें करनी है। मैं समझता हूं कि पहले प्रथम चरण में हम सभी छत्तीसगढ़ के लोगों ने मिलकर काम किया है, संकट आया है इससे हमें घबराने की आवश्यकता नही है। जब हमने प्रथम चरण में बहुत अच्छा काम करके दिखाएं हैं तो द्वितीय चरण में भी अच्छा काम करेंगे कुछ दिन की बात है। यदि आप ठीक ढंग से बचाव कर लिए तो हम करोना को परास्त करने में सफल होंगे।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि बीपीएल परिवारों के राशनकार्डधारियों को जून माह का भी चावल भी निशुल्क मिलेगा। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें भी प्रति व्यक्ति के मान से 5 किलो चावल मिलेगा। जिनके पास जॉब कार्ड मनरेगा का नहीं है उसको भी हम तत्काल जॉब कार्ड बना कर देंगे ताकि उन्हें मनरेगा में काम मिल सके । यहां के उद्योग के श्रमिक बाहर गए है बाहर से श्रमिक यहां आएं है उद्योग को इन श्रमिकों को एडजस्ट करना चाहिए और उनकों अवसर देना चाहिए। हम मनरेगा के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर रहे है जिससे मजदूरों को रोजगार मुहैया हो सकेगा। हमारी कोशिश है कि सब को रोजगार दे सके। हमने लॉकडाउन के प्रारंभ होने के साथ ही सब्जियों सहित सभी जरूरी आवश्यकताओं की सामग्रियों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की। कालाबाजारी पर कड़ाई से निगरानी रखी जिससे लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नही करना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में हमें कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी पड़ेगी। भीड़-भाड़ वाली जगह में जाने से बचे। मास्क अनिवार्य रूप से लगाए और अपने हाथों को धोते रहे। इन सुरक्षात्मक उपायों को अपनाने से ही हम सभी इस संक्रमण पर विजय प्राप्त कर सकेंगे।

    धमतरी/नगरी/शौर्यपथ

    जंगलपारा, वार्ड क्रमांक 7, नगरी निवासी, 41 वर्षीय , पवन साहू ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या की।

      दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के सर्वांगीण विकास के लिए विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल ने नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया से मुलाकात कर अलग अलग विकास कार्यों के लिए लगभग 40 करोड़ की राशि की मांग रखी है। जिसमें शहर के 19 निस्तारी तालाबों में जा रहे गंदे पानी को रोकने हेतु नाली निर्माण के लिए 2.94 करोड़, समस्त 60 वार्डों में अधोसंरचना विकास हेतु सड़क, नाली, पुलिया प्रकाश व्यवस्था व उद्यान के 209 प्रस्तावित कार्यों के लिए 29.24 करोड़ एवं शहर के पशुधन की सुरक्षा व डेयरी संचालकों के लिए बोरसी व उरला दो स्थानों में सर्व सुविधायुक्त गोकुल नगर निर्माण के लिए 8 करोड़ रु की राशि शामिल है।
    विधायक वोरा ने कहा कि कोरोना संकट के बाद 60 वार्डों में जनकल्याणकारी विकास कार्यों को गति देना आवश्यक है निस्तारी तालाबों का संरक्षण व आमजनों की मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित विकास कार्य शासन की प्राथमिकताओं में हैं। जिसके लिए राशि की मांग की गई है।
    महापौर बाकलीवाल ने कहा कि सैद्धांतिक स्वीकृति मिलते ही प्राक्कलन बना कर निकाय विभाग को प्रेषित किया जाएगा व अतिशीघ्र सभी कार्यों को प्रारंभ कराया जाएगा। मंत्री डहरिया ने विधायक व महापौर की मांग पर अपनी सहमति दे दी है जिसके विभागीय आदेश शीघ्र जारी कर दिए जाएंगे।

    धमतरी/नगरी/शौर्यपथ

    कोरोना महामारी के दौरान अन्य राज्यो व जिलों से घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरो के लिए कलेक्टर रजत बंसल के आदेशानुसार विकासखण्ड नगरी के 102 ग्राम पंचायतों में104 तथा नगर पंचायत में 5 कुल मिलाकर 109 कोरेन्टीन सेंटर बनाया गया है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता गांधी के निर्देश पर सभी केंद्रों के लिए प्रभारी अधिकारीयों की नियुक्ति एसडीएम सुनील शर्मा द्वारा किया गया है।वर्तमान में अन्य राज्यों व जिलों से आये 121 लोगों को 28 कोरेन्टीन सेंटर में व 39 को होम आइसोलेशन में रखा गया है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी आर साहू ने बताया कि कोरेन्टीन सेंटरों में भोजन सहित अन्य समस्त व्यवस्थाएं ग्राम पंचायतों द्वारा की जा रही है।जिला प्रशासन के कड़े निर्देश पर किसी भी व्यक्ति को उनके घर से खाने पीने के सामान लाने की अनुमति नही दी गई है।केंद्रों में तखे तथा घरों में आइसोलेट किये गए व्यक्तियों का गांव में घूमना फिरना भी प्रतिबंधित किया गया है।यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है तो संबंधित के खिलाफ धारा 188 के तहत पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश सरपंच व सचिवों को दिया गया है।                                     

    सीईओ पी आर साहू द्वारा बताया गया कि लिखमा,सियारीनाला,केरेगांव,बनरोद,झुंझराकसा,आमगांव,जैतपुरी,भोथापारा,भीतर रास,कोलियारी, मल्हारी,उमरगांव,गट्टासिल्ली,नवागांव (सा)आदि के केंद्रों में ठहराए गए लोगों की व्यवस्था पंचायतों द्वारा की जा रही है।इन केंद्रों की मॉनिटरिंग हेतु जिला कलेक्टर द्वारा सेक्टर अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है।एसडीएम शर्मा व एसडीओपी नितीसठाकुर के मार्गदर्शन में सम्बंधित थाना प्रभारियों द्वारा भी इन केंद्रों में होम आइसोलेशन रखे व्यक्तियों की सतत निगरानी की जा रही है।

    बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित अस्पताल श्री राम केयर में आईसीयू में एक इंजीनियरिंग छात्रा के साथ बलात्कार करने का मामला सामने आया है। जहाँ हॉस्पिटल के दो वार्ड बॉय ने ही इस घटना को अंजाम दिया है।

    जानकारी के अनुसार 18 मई को मां ने बेटी को चाय बनाकर दिया। चाय पीने के बाद वह सोने चली गयी। कुछ ही देर में उसके मुंह से झाग निकलते देखा गया। युवती ने बताया वह दवाई खाई है और रिएक्शन हो गया है। युवती को लेकर पिता सिम्स पहुंचा। यहां से उसे दूसरे अस्पताल भेज दिया गया।

    मास्क के अंदर से ही पेन व कागज मांगा
    मजबूर पिता फिर उसे लेकर अमेरी रोड स्थित श्रीराम केयल अस्पताल आ गया। यहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था। बच्ची यहां स्वस्थ्य हो रही थी। उसके चेहरे पर आक्सीजन का मास्क लगा था। पिता के अनुसार 22 मई की सुबह उसकी बेटी ने इशारे में बताया पर पिता को समझ में नहीं आया। इसके बाद वह मास्क के अंदर से ही पेन व कागज मांगा।

    पिता के अनुसार उसकी बेटी ने लिखा कि दो वार्ड ब्वाय ने दुष्कर्म किया इसी बीच बच्ची को कई बार इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया। बच्ची होश में आया तो अपने साथ हुए घटना की जानकारी दी। उसे बहुत तकलीफ है। बच्ची के पिता ने सिविल लाइन थाना को सूचना दिया। टीआई परिवेश तिवारी श्रीराम केयर पहुंचे। मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता के पिता के अनुसार प्रबंधन मामले को दबाने का दबाव बना रहा है।

    धमतरी/नगरी/शौर्यपथ

    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह लगभग 8:00 बजे मुंबई में मजदूरी कर रहा युवक जंगल पारा वार्ड क्रमांक 7 नगरी निवासी , बिना नगर प्रशासन के जानकारी के अपने घर नगरी पहुंच गया।
    जब वार्ड वासियों को इस बात की जानकारी हुई तो वार्ड में दहशत फैल गई और उन्होंने नगर प्रशासन को इस बात की जानकारी दी।
    इसके बाद नगर प्रशासन, पुलिस विभाग की टीम उस घर में पहुंचकर ,घर को बाहर से ताला लगाकर ,परिवार के सभी सदस्यों को क्वॉरेंटाइन किया ।
    जैसा कि हम सबको पता है कोरोना के मामले में मुंबई रेड जोन में आता है ।
    इसके बावजूद युवक बिना नगर प्रशासन की जानकारी के अपने घर पहुंच गया।
    लोगों का कहना है कि वह पास के तालाब में नहाने गया और उसके गंदे कपड़े भी उस तालाब में धोए गए ।
    जानकारी के बाद वार्ड वासियों में दहशत का माहौल है।
    समाचार लिखे जाने तक युवक के घर के बाहर ताला लगा दिया गया था, पर धर के बाहर क्वॉरेंटाइन नोटिस चस्पा नहीं किया गया था।

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