Google Analytics —— Meta Pixel
May 26, 2026
Hindi Hindi

जांजगीर - चांपा / शौर्यपथ / जिला धोबी समाज का विवाह योग्य बेटा बेटी परिचय सम्मेलन आरक्षण संघर्ष समिति का विस्तार 5 मार्च को जान्जगीर में दोपहर 1:00 बजे से आयोजित है समाज के प्रवक्ता शिव निर्मलकर ने बताया इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर आ रहे हैं
सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विजय बरेठ करेंगे स्वागत समिति के संयोजक जिला युवा अध्यक्ष ललित बरेठ को बनाया गया है सम्मेलन में समाज के लिए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान धोबी समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए बनाई गई आरक्षण संघर्ष समिति का जिले में विस्तार किया जाएगा कार्यक्रम की तैयारी में आज एक बैठक जान्जगीर में हुई जिसमें जिलाध्यक्ष विजय बरेट ने कहा प्रदेश अध्यक्ष श्री सूरज निर्मलकर द्वारा चलाए जा रहे जागरण अभियान और सरकार के समक्ष समाज के से समय-समय पर रखा गया जिसका परिणाम है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा अपने बजट अभिभाषण जो विधानसभा में दिया गया है जिसमें धोबी समाज के उत्थान के लिए रजक कल्याण बोर्ड के गठन के लिए प्रावधान किया गया यह समाज के लिए ऐतिहासिक और स्वर्णिम अवसर है इस आयोजन को लेकर जिले के समाज जनों में जबरदस्त उत्साह है और सभी सो जाती बंधु आपसी मनमुटाव फिरका परस्ती को किनारे कर के इस आयोजन में शामिल हों सम्मेलन में जिले के विवाह योग्य बेटा बेटी को साथ लेकर के परिचय देने के लिए पहुंचे अगर रिश्तेदार होते हैं और दोनों पक्ष में आम सहमति बन गई तो चट मंगनी पट ब्याह भी कर सकते हैं

‘गांव में लगे सूचना शिविर से प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी मिल रही है। मेहनतकश किसान जहां एक ओर कर्जमाफी से उबरकर अपने हितों की चिंता कर पा रहे हैं वहीं गोधन न्याय योजना गांव व गरीब लोगों में पहुंच बनाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में कामयाब रही है।‘ उक्त बातें ग्राम पंचायत देवपुर के सरपंच श्री चेतनलाल यदु ने कही। जनसम्पर्क विभाग द्वारा आज धमतरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत देवपुर में आयोजित साप्ताहिक हाट-बाजार के अवसर पर प्रदेश सरकार के विगत दो वर्षों की उपलब्धियों एवं विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी सह सूचना शिविर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीणों को निःशुल्क पत्र-पत्रिकाएं व पुस्तिकाएं भी बांटी गईं।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद ग्राम देवपुर की श्रीमती सीताबाई साहू ने कहा कि पिछले एक साल से कोरोना महामारी के संकट के दौरान भी मनरेगा के जरिए ग्रामीणों को रोजगार दिलाया और सबसे अच्छी बात यह रही कि धमतरी जिले में सबसे ज्यादा मानव श्रम सृजित हुआ, इसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है। पंच श्री अमरसिंह साहू ने कहा कि सूचना शिविर से सरकार के लोकहित के कामों का पता चल रहा है। उन्होंने नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना को गांव की उन्नति का वास्तविक आधार बताया। श्री आशाराम देवांगन ने किसानों की कर्जमाफी को सबसे अधिक राहत देने वाली योजना बताया। सुरजी बाई ने छायाचित्रों का अवलोकन कर कहा कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी तो नहीं है, लेकिन छायाचित्र के माध्यम से सरकार के कामकाज का आसानी से पता चल रहा है। इसी तरह श्री गजानंद साहू, श्री जयप्रकाश साहू तथा मनीराम साहू ने कहा कि ऐसे शिविरों के जरिए शासन की योजनाओं और सकारात्मक कामों का पता चलता है, इसलिए समय-समय पर शिविर जरूर लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा साप्ताहिक बाजार में खरीदी करने आए अनेक ग्रामीणों ने भी न सिर्फ प्रदर्शनी का अवलोकन किया, अपितु शासन की फ्लैगशिप योजनाओं पर आधारित पुस्तकें एवं ब्रोशर भी निःशुल्क प्राप्त किए।

धमतरी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 68 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए गए हैं। योजना शुरू होने से अब तक की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। गौरतलब है कि जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 85 लाख मानव दिवस सृजित करने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 68.08 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं। औसतन 50 लाख मानव दिवस सृजन के लक्ष्य को पार करते हुए यह आंकड़ा 68 लाख के ऊपर पहुंच गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य के मार्गदर्शन में चालू वित्तीय वर्ष में अब तक एक लाख 39 हजार परिवारों को रोजगार प्रदाय किया गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में मनरेगा के तहत एक लाख 59 हजार परिवार पंजीकृत हैं। पंजीकृत परिवार में से एक लाख 47 हजार 812 परिवार रोजगार मूलक कार्यों में सक्रिय हैं। इसके अलावा 14 हजार 102 परिवार को सौ दिवस का रोजगार मिला है तथा 944 दिव्यांगों ने 20,090 मानव दिवस सृजित किए हैं।
जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 237 करोड़ रूपये के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इसमें से अब तक 163 करोड़ रूपए व्यय किये जा चुके हैं। जिसमें से 129 करोड़ 61 लाख रूपए से अधिक मजदूरी और 26 करोड़ 71 लाख रूपए से अधिक सामग्री में व्यय किए गए हैं। मुख्य रूप से इस वित्तीय वर्ष में वनाधिकार पट्टाधारी लगभग चार हजार परिवारों को भूमि सुधार एवं डबरी निर्माण कार्य से लाभान्वित किया गया है। साथ ही नवगठित 15 ग्राम पंचायतों में नए पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया है, वहीं 225 ग्राम पंचायतों में नवीन गौठानों की स्वीकृति के अलावा 54 सहकारी समितियों में 333 नग धान चबूतरा के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए। इसी तरह ढाई सौ ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन एवं मनरेगा के अभिसरण से सामुदायिक शौचालय निर्माण का कार्य स्वीकृत किया गया तथा नरवा परियोजना के तहत 21 नालों का उपचार का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही छः ग्राम पंचायतों में वनाधिकार पट्टाधारी परिवारों के निजी भूमि विकास सहित वृक्षारोपण के कार्य डी.एम.एफ. एवं मनरेगा के अभिसरण से कराये गए। जिले में सामुदायिक वृक्षारोपण के तहत 300 एकड़ भूमि में ब्लाॅक प्लांटेशन का कार्य किया गया तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए डबरी निर्माण, तालाब निर्माण एवं गहरीकरण के कार्य कराये गए।
इसी तरह गौठान परियोजना के तहत ग्राम पंचायत भटगांव में लेमनग्रास उत्पादन के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से ढाई लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। बताया गया है कि शासन की गाईडलाइन अनुसार चरणबद्ध तरीके से योजना के तहत प्राथमिकता से कार्य कराये जा रहे हैं। जिले में प्रति दिवस 59 हजार 123 श्रमिक मनरेगा के तहत नियोजित हैं। इससे श्रमिकों के आर्थिक विकास में सहयोग मिल रहा है। जिले में श्रमिकों में जागरूकता लाने की दृष्टि से माह के प्रत्येक सात तारीख को रोजगार दिवस का आयोजन कर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। योजनांतर्गत रोजगार दिवस के दिन श्रमिकों से काम की मांग प्राप्त करने एवं योजना प्रचार-प्रसार करने तथा योजनांतर्गत छूटे परिवारों का पंजीयन एवं पंजीकृत परिवारों द्वारा काम की मांग पर कार्यवाही एवं क्रियान्वयन करने के निर्देश पंचायतों को दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि कोविड 19 की अवधि के दौरान सभी ग्राम पंचायतों में सोशल डिस्टेंस के साथ मनरेगा के तहत कार्य शुरू किए गए।

पुलिस अधीक्षक श्री बी. पी. राजभानु ने यातायात के बढ़ते दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु सड़क सुरक्षा माह के दौरान जन जागरूकता अभियान के तहत वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देकर उसका पालन करने समझाइश दिये जाने निर्देशित किया गया। साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग द्वारा सतत पेट्रोलिंग करते हुए सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों एवं जरूरतमंदों की आवश्यक सहयोग किया जा रहा है। फिर भी कुछेक वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक महोदय ने यातायात पुलिस के अधिकारी व कर्मचारियों को अनुशासित रहने तथा अपने निर्धारित ड्यूटी पॉइंट पर सजगता से ड्यूटी करते हुए सुचारू रूप से यातायात का संचालन करने तथा अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया।

उक्त निर्देश के परिपालन एवं उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्रीमती सारिका वैद्य के दिशा निर्देश में यातायात प्रभारी श्री गगन बाजपेई द्वारा परिवहन विभाग धमतरी से समन्वय स्थापित कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत आज यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा में श्यामतराई में वाहन चेकिंग किया जा रहा है। जिसमें तकनीकी संसाधनों-स्पीड राडार, ब्रीथ एनालाइजर, एल्कोमीटर आदि का उपयोग करते हुए चेकिंग की जा रही है। साथ ही बिना हेलमेट, तीन सवारी, बिना सीट बेल्ट, बिना नंबर प्लेट, ओव्हरलोड, प्रेशर हॉर्न के उपयोग एवं नो पार्किंग पर कार्यवाही की जा रही है। अब तक 45 वाहन चालकों को नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है।

उक्त कार्यवाही में यातायात प्रभारी निरीक्षक श्री गगन बाजपेई अपने यातायात स्टाफ के साथ एवं जिला परिवहन अधिकारी श्री गौरव साहू परिवहन विभाग के निरीक्षक श्री ध्रुव व स्टाफ सम्मिलित रहें।

राष्ट्रीय परेड में शामिल और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त स्वयं सेवकों ने की राज्यपाल से मुलाकात

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय परेड में शामिल हुए और राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्राप्त एनएसएस के स्वयं सेवकों ने सौजन्य मुलाकात की है। ज्ञातव्य है कि एनएसएस का राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से छत्तीसगढ़ के दो स्वयं सेवकों को सम्मानित किया गया था। इन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त छात्र श्री राकेश कुमार और श्री सत्येन्द्र साहू को राज्यपाल सुश्री उइके ने भी सम्मानित किया है।
राज्यपाल सुश्री उइके ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले स्वयं सेवकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना सौभाग्य की बात है और आप लोगों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है। सुश्री उइके ने कहा कि मैं स्वयं भी पहले एनएसएस से जुड़ी हुई थी। एनएसएस से राष्ट्रीयता की भावना जागृत होती है और एनएसएस के शिविरों में भाग लेने से कोई भी छोटा काम करने से भी हीन भावना नहीं आती है तथा समाजहित में समर्पित होकर लोगों की सेवा करने की भी भावना भी पैदा होती है। एनएसएस से नेतृत्व क्षमता का विकास होता है और कॉन्फिडेंस जागृत होने से व्यक्ति असफल नहीं होता है।
राज्यपाल ने कोरोना काल के दौरान एनएसएस के स्वयं सेवकों द्वारा चलाया गया जागरूकता अभियान और कोविड-19 से बचाव के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अपने प्रदेश एवं देश के प्रति अपनेपन की भावना से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरूषों की जीवनी पढ़ने से बहुत कुछ सीखने को मिलती है और काम करने के तरीके से व्यक्ति की पहचान बनती है। राज्यपाल ने कहा कि लोगों से मिलने के दौरान वे जहां आम जनता की समस्याएं सुनती है, वहीं उन्हें राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित भी करती है। इस अवसर पर एनएसएस के राज्य समन्वयक डॉ. समरेन्द्र सिंह, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीता बाजपेयी, डीपी विप्र महाविद्यालय बिलासपुर की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रीना ताम्रकार और छात्रा कु. भावना जायसवाल, कु. ज्योति, कु. यशोदा राजवाड़े, छात्र श्री जितेश कुमार देवांगन, विशाल कुमार देवांगन, श्री लकेश कुमार सिदार, सत्येन्द्र साहू एवं राकेश कुमार उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश की प्रथम महिला राज्यपाल और सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि 2 मार्च पर नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रीमती नायडू ने अपनी लेखनी और विद्वत्ता से अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हेें भारत कोकिला के नाम से विश्व भर में जाना जाता है। महिलाओं की जागरूकता की दिशा में भी उन्होंने कई काम किए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि श्रीमती नायडू के जीवन मूल्य हमें सही मार्गदर्शन देते रहेंगे।

रायपुर की तर्ज पर राज्य के अन्य सभी नगर निगमों में भी तुंहर सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा
रायपुर के सभी 70 वार्डों में 27 जनवरी से 2 मार्च तक चलाया गया विशेष अभियान
अभियान से 44 हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा 27 जनवरी से 2 मार्च तक आयोजित ’तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ कार्यक्रम के समापन अवसर पर शामिल हुए। उन्होंने नगर निगम रायपुर की इस अभिनव पहल की सराहना की और इसे आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस मौके पर ’तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ की उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे रायपुर के अलावा प्रदेश के अन्य सभी नगर पालिक निगमों में भी आयोजन कराने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 70 वार्डों में 27 जनवरी से 2 मार्च तक चलाए गए ’तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ कार्यक्रम के तहत 44 हजार से अधिक लोगों को सीधा-सीधा लाभ पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों में भी जनसुविधा के विस्तार के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना संकट के दौर में नगरीय निकायों में नागरिकों की बहुत सी समस्याएं लंबित रह गई थी। इसके त्वरित निराकरण के लिए वर्तमान में रायपुर नगर निगम द्वारा अभिनव पहल करते हुए उक्त विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उनकी दिक्कतों को दूर करने में काफी मददगार रहा है। इसके तहत नगर निगम रायपुर के सभी 70 वार्डों में चलाए गए अभियान के अंतर्गत 44 हजार से अधिक लाभ पहुंचाया गया है। इनमें लगभग 7 हजार नागरिकों को राशनकार्ड तथा 7 हजार श्रमिक पंजीयन कार्ड जारी किए गए हैं। इसी तरह नगर निगम रायपुर के 14 हजार से अधिक लोगों को डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड वितरित कर लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह कार्यक्रम के तहत वार्डों में आयोजित शिविर में सार्वजनिक सेवाओं में सुधारों के साथ राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रमिक पंजीयन कार्ड, व्यवसाय ऋण, आवास, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना आदि राहत सामग्री भी वितरित किए गए जो इस कार्यक्रम की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। उन्होंने इस अवसर पर शिविर में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शासकीय कर्मियों और स्वैच्छिक संगठनों को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में समस्त नगरीय निकायों के सुदृढ़ीकरण के लिए अधोसंरचनाओं के निर्माण सहित नागरिकों की सुविधाओं के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है। उन्होंने नागरिकों की सुविधा के लिए तुंहर सरकार तुंहर द्वार नाम से संचालित कार्यक्रम की विशेष रूप से सराहना की। इस अवसर पर नगर पालिक निगम रायपुर के महापौर एजाज ढ़ेबर ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल की मंशा के अनुरूप नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए यह कार्यक्रम चलाया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं मितव्ययता के लिए भी पहचाना जाएगा। इसके तहत सभी जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों का सायकल पर मुख्यालय आकर एक साथ बस में सवार होकर शिविर स्थल में पहुंचना और जनसमस्याओं का निराकरण करना इस कार्यक्रम को एक नई पहचान व एक नया स्वरूप दे गया है। इससे वाहनों के डीजल व फ्यूल व्यय पर होने वाली लगभग 22 लाख रूपए की राशि की बचत हुई है। पार्षद सुश्री शीतल कुलदीप ने कार्यक्रम से संबंधित गीत की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, राज्य हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष तथा विधायक कुलदीप जुनेजा, वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति प्रमोद दुबे, सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती अलरमेलमंगई डी., कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, नगर कमिश्नर सौरभ कुमार सहित वार्ड के पार्षदगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कोरबा के मेडिकल कॉलेज का किया वर्चुअल शुभारंभ: मेडिकल कॉलेज भवन का भी किया भूमि पूजन
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार एक साथ मिलेंगे चार नए शासकीय मेडिकल कॉलेज
कोरबा मेडिकल कॉलेज के साथ कांकेर और महासमुन्द के मेडिकल कॉलेजों के लिए बजट में किया गया प्रावधान
चंदूलाल चंद्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज का किया जाएगा अधिग्रहण
कोरबा मेडिकल कॉलेज में होंगी 100 सीटें: लगभग 325 करोड़ रूपए की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज का भवन

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कोरबा जिले ने अधोसंरचना विकास, पर्यटन, शिक्षा और अब चिकित्सा के क्षेत्र में भी विकास की नई दिशा पकड़ी है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि कोरबा जिला छत्तीसगढ़ का एक सुंदर, स्वस्थ और शिक्षित जिला बने। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार है जब एक साल में छत्तीसगढ़ को चार शासकीय मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहे हैं। इनमें से एक साल में कोरबा, कांकेर और महासमुन्द में तीन नए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिली। इसके साथ ही साथ चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय को अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज यहां विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष से कोरबा मेडिकल कॉलेज का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ और मेडिकल कॉलेज के नए भवन का भूमि पूजन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था तब रायपुर में एक मेडिकल कॉलेज था। इसके बाद बिलासपुर, रायगढ, अंबिकापुर, राजनांदगांव और जगदलपुर में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों की कमी हमेशा बनी रहती है। डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदेशवासियों को उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार का प्रयास है कि हर लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज बने। आने वाले समय में जिला स्तर पर भी मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जांजगीर में भी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने के लिए प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा कोरबा को एक्सप्रेशनल जिले के रूप में चिन्हित किया है। राज्य सरकार इसे विकसित जिला बनाने का प्रयास कर रही है। कोरबा के सतरेंगा को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में तीन नए मेडिकल कॉलेजों कोरबा, कांकेर और महासमुन्द के लिए बजट में 300 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। आगामी अप्रैल माह में इन मेडिकल कॉलेजों के लिए बजट आबंटन जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरबा की पहचान ऊर्जाधानी के रूप में है। आने वाले समय में इस जिले की पहचान चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में भी होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कोरबा अंचल के लोगों का यह सपना था कि यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो। जिससे यहां के बच्चे डॉक्टर बन सकें। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कुछ दिन पहले ही कोरबा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की थी। आज इसका शुभारंभ हो रहा है। यह जिले के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि चार माह की अल्पावधि में ही इस मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ हो रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए धन राशि भी आबंटित कर दी गई है। कोरबा वनांचल के साथ कोयलांचल भी है। इसी अंदाज में यहां बेहतर से बेेहतर सुविधाओं का विकास हो जिसका लाभ अंचल के लोगों को मिले। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि आज का दिन हम सब के लिए गर्व और खुशी का दिन है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में प्रदेश में तीन नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति प्राप्त हुई, उसमें से कोरबा मेडिकल कॉलेज का आज शुभारंभ हो रहा है। छत्तीसगढ़ लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि जनहित में महत्वपूर्ण है।
स्कूल शिक्षा मंत्री और कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि कोरबा मेडिकल कॉलेज का भवन निर्माण लगभग 325 करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। इस मेडिकल कॉलेज में 100 सीट होंगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ होने पर जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा का मेडिकल कॉलेज इसी वर्ष से प्रारंभ हो रहा है। यहां के आईटी कॉलेज परिसर में मेडिकल कॉलेज बनेगा। इसके लिए 25 एकड़ जमीन आबंटित कर दी गई है। भवन निर्माण के लिए जल्द निविदा जारी होगी। उन्होंने कहा कि कोरबा जिला खनिज की सर्वाधिक रायल्टी देने वाला, रेल्वे को सर्वाधिक राजस्व देने वाला जिला है, यहां कोयला खदानें संचालित है। जिले के लोगों की यह मांग थी कि कोरबा में सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो। मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से आज इस मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ हुआ। लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत सहित मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम कंवर और एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सलाहकार मण्डल के अध्यक्ष मोहित राम केरकेट्टा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
कोरबा में स्थापित होने वाले इस नए मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू करने के लिए तात्कालिक तौर पर झगरहा के आईटी कॉलेज के दो ब्लॉकों में पृथक व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन के लिए आईटी कॉलेज के पीछे 25 एकड़ भूमि चिन्हांकित कर ली गई है। इस भूमि पर मेडिकल कॉलेज भवन का भूमि पूजन किया गया।
भूमि पूजन समारोह में राजधानी से वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव जुड़े। कोरबा के कार्यक्रम स्थल पर प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और कोरबा लोकसभा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम कंवर, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के सलाहकार मण्डल अध्यक्ष मोहित राम केरकेट्टा, कोरबा नगर निगम के महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर और नगर निगम के सभापति श्याम सुंदर सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के लिए केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत तीन नए मेडिकल कॉलेज कोरबा, कांकेर और महासमुंद में खोले जाने है। कोरबा जिले में 325 करोड़ रूपए की लागत से एक सौ विद्यार्थी प्रति वर्ष प्रवेशित क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की कुल लागत में से 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। पहले साल में मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के दाखिले के बाद एनॉटोमी, फिजियोलॉजी, बायो-कैमेस्ट्री विषयों की पढ़ाई शुरू होगी।

भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेसों ने एक बार फिर इस 28 फरवरी 1 को 18,320 टन हॉट मेटल का उत्पादन कर एक नया दैनिक रिकॉर्ड कायम किया जो उनके द्वारा 17 फरवरी 2021 को निर्मित 18,287 टन के रिकॉर्ड को पार कर सेल में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। विदित हो कि सेल-बीएसपी ने 17 फरवरी 2021 को निर्मित 18,287 टन का उत्पादन सेल के किसी भी इस्पात संयंत्र द्वारा सबसे अधिक दैनिक हॉट मेटल उत्पादन था। ब्लास्ट फर्नेस ने 28 फरवरी 2021 को 2006 टन पीसीएम ढलाई (पिग कास्टिंग मशीन) कर अब तक का एक नया सर्वश्रेष्ठ दैनिक रिकॉर्ड दर्ज किया, जो कि 19 दिसंबर 2020 को किये गए 1500 टन ढलाई से अधिक है। इसी प्रकार संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेसों ने माह फरवरी, 2021 में 4,45,762 टन हॉट मेटल का उत्पादन करते हुए अब तक का बेस्ट फरवरी का नया कीर्तिमान दर्ज किया जो कि लीप-ईयर फरवरी 2008 में निर्मित 4,43,715 टन हॉट मेटल से कहीं अधिक है।
रिफ्रेक्टरी मटेरियल प्लांट-3 जिसने हाल के सप्ताहों में नए दैनिक रिकॉर्ड बनाए हैं। आएमपी-3 ने भी फरवरी, 2021 में 31,509 टन उत्पादन कर जनवरी, 2021 में बनाये 28184 टन के अपने पिछले रिकॉर्ड को पार करते हुए अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन दर्ज किया है। 260 मीटर रेल डिस्पैच में भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है। फरवरी 2021 में 67 रेक डिस्पैच कर नया रिकॉर्ड बनाया। इसी क्रम में प्लांट के एसपी-3 ने भी 4,25,899 टन सिंटर के उत्पादन के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ फरवरी दर्ज किया है, जो पिछले सर्वश्रेष्ठ 3,68,105 को पार कर बनाया गया है जो कि फरवरी -2019 (गैर लीप-ईयर) में हासिल किए गए रिकॉर्ड से कहीं अधिक है।
संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 ने भी फरवरी 2021 में 15,211 टन का अपना सर्वश्रेष्ठ दैनिक उत्पादन दर्ज किया है, जो जनवरी-2021 के दौरान हासिल किए गए पिछले 15,044 टन से अधिक है। सिंटर प्लांट-2 ने भी 28 फरवरी, 2021 को 9045 टन का अपना सर्वश्रेष्ठ दैनिक उत्पादन दर्ज किया है, जो 26 फरवरी, 2021 को 9010 टन के पिछले सर्वश्रेष्ठ को पार कर बनाया गया है। गौरतलब है कि तीन साल के अंतराल के बाद, एसपी-2 ने 9000 टन के दैनिक उत्पादन को प्राप्त किया है । विदित हो कि अपने 26 फरवरी, 2021 के 9010 टन के उत्पादन से पहले, एसपी-2 का अब तक का सबसे अच्छा उत्पादन 9026 टन 3 अप्रैल 2018 को दर्ज किया गया था। संयंत्र के कोक ओवन और कोल केमिकल विभाग ने भी 1 नवंबर, 2009 के 793 ओवन पुशिंग की तुलना में 28 फरवरी 2021 को 797 ओवन पुश कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
संयंत्र के एम आर डी ने भी अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन को निरंतर जारी रखते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 मे 3,23,438 टन से अधिक मटेरियल डिस्पैच कर सार्वकालिक सर्वश्रेष्ठ निष्पादन का कीर्तिमान दर्ज किया। उल्लेखनीय है कि 2008-09 मे स्थापित पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड 2,86,842 टन को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के एक माह पूर्व ही पार कर लिया है। विभाग ने फरवरी, 2021 माह मे 49,601 टन मटेरियल डिस्पैच कर फरवरी 2012 मे स्थापित 20,020 टन के कीर्तिमान मे 147 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। विदित हो कि एम आर डी अक्टूबर 2020 से पिछले पांच माह से निरंतर बिके हुए मटेरियल के डिस्पैच का सर्वश्रेष्ठ मासिक रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है ।
भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी, श्री अनिर्बान दासगुप्ता, कार्यपालक निदेशक (वक्र्स) श्री राजीव सहगल और प्लांट के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने ब्लास्ट फर्नेस, आरएमपी-3, सिंटर प्लांट्स, कोक ओवन, एमआरडी और रेल बनाने वाली टीमों के सदस्यों के साथ-साथ इनके सहयोगी विभागों को बधाई दी है।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)