July 27, 2026
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    दुर्ग / शौर्यपथ / सुरक्षित परिवहन को ध्यान में रखते हुए 32 वॉ सड़क सुरक्षा माह में फरवरी 1 में हथखोज ट्रांसपोर्ट नगर में भारी वाहन चालको का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण का आयोजन किया गया जिसमें स्पर्श हास्पिटल रामनगर के डॉक्टर अनुप दुबे एवं उनकी टीम स्वास्थ्य/नेत्र परीक्षण में 55 चालक/परिचालको का परीक्षण किया गया जिसमें 09 लोगो को चश्मा लगाने हेतु सुझाव दिया गया, 05 बीपी के मरीज पाये गये 01 शुगर शिकायत पायी गई। यह शिविर आगामी 02 दिवस 2 और 3 फरवरी तक हथखोज ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित किया जावेगा।
    इसी प्रकार यातायात प्रशिक्षण के लिये गुरजीत सिंह, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) के द्वारा बीएसपी के कुल-95 अधिकारियों को एच.आर.डी. भवन मेन गेट भिलाई इस्पात संयंत्र में सड़क सुरक्षा के संबंध में पी.पी.टी. के माध्यम से विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया जिसके अंतर्गत वाहन चालन करने से पहले हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए वाहन कहां पार्क करना चाहिए कहां नहीं, ओव्हर टेक करते समय कौन-कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए एवं कौन-कौन सी छोटी-छोटी गलतियों से हम सड़क में दुर्घटना के शिकार होते है, प्रशिक्षण के दौरान उप पुलिस अधीक्षक के द्वारा अधिकारियों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों को भविष्य में यातायात के सभी नियमों का पालन करने हेतु शपथ दिलाया गया तथा अपने-अपने क्षेत्रों में घर परिवार एवं मित्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कहा गया जिससे भविष्य में हम जिला दुर्ग को सड़क दुर्घटना मुक्त करने के लिए किये जा रहे प्रयासों मे सफल हो सकें। कार्यक्रम के दौरान प्रधान आरक्षक राजमणी सिंह, आरक्षक तिलक साहू उपस्थित रहें।

    दो करोड़ रूपए की लागत से बना आदिवासी सामाजिक भवन लोकार्पित

    सुकमा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार अनुसूचित जनजातियों के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हरसंभव उपाय कर रही है। मुख्यमंत्री ने आज यहां सुकमा जिला मुख्यालय में एक करोड़ 99 लाख की लागत से बने सर्व आदिवासी समाज के समाजिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भवन परिसर में पांच लाख रुपए की लागत से बूढ़ा देव मंदिर बनाए जाने की भी घोषणा की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकमा में उद्योग मंत्री कवासी लखमा जी के प्रयासों से यह सर्व सुविधायुक्त सामाजिक भवन बनाया गया है, जो समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे सामाजिक कार्यक्रम, शादी-विवाह सहित अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सुविधा होगी। उन्होंने सुकमा जिले के सभी ग्राम पंचायतों में देवगुड़ी और घोटुल बनाए जाने की भी घोषणा की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल गतिविधियों में संलिप्तता के नाम पर निर्दोष आदिवासी, जो जेल में बन्द है, उनकी रिहाई के लिए विधिसंवत कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिटफण्ड कम्पनियों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है, इन कम्पनियों में निवेश करने वाले लोगों को उनकी निवेश की गई राशि लौटाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिहीन परिवारों को जमीन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सर्व आदिवासी समाज सुकमा द्वारा प्रस्तुत मांग पत्रों पर गंभीरता से कार्यवाही करने की बात कही। लोकार्पित सर्व आदिवासी समाज के समाजिक भवन में आठ वीआईपी कक्ष सहित स्टोर रूम, बैठक कक्ष का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही परिसर में 06 दुकानों का निर्माण भी किया गया है, जिनसे होने वाली आय से भवन का संधारण किया जाएगा।
    उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासियों के हितैषी हैं। मुख्यमंत्री द्वारा आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।मंत्री लखमा ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में रहने वाले सभी भूमिहीन वनवासियों को भूमि दी जाएगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, सांसद दीपक बैज, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष पोज्जा राम मरकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    सुकमा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज सुकमा के कुम्हाररास स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लोकार्पण के दौरान वहां परंपरागत खेल पिट्टूल खेल रहे बच्चों को देखकर खुद को रोक नहीं सके और बच्चों के हाथों से गेंद लेकर पिट्टूल खेलने लगे। मुख्यमंत्री ने अपनी अचूक निशानेबाजी का जौहर दिखाते हुए एकदम सटीक निशाना साधा।
    बच्चों ने अपने हाथों से बनाई मुख्यमंत्री की पेंटिंग उन्हें भेंट की
    मुख्यमंत्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लोकार्पण के बाद विद्यालय परिसर का अवलोकन किया और वहां विद्यार्थियों द्वारा बनाई गईं सुंदर कलाकृतियां भी देखीं। इस दौरान कक्षा नवमी की छात्रा प्रीति सेठिया ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से बनाई उनकी सुंदर पेंटिंग भेंट की।

    सुकमा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज सुकमा सुकमावासियों को लगभग 225 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। जिला मुख्यालय सुकमा में आयोजित आमसभा में उन्होंने 149.45 करोड़ रुपए के 62 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लगभग 75 करोड़ रुपए के 59 करोड़ रुपए के विकास कार्यो का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग, पशुधन विकास विभाग एवं मत्स्य विभाग, कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 214 हितग्राहियों को 65 लाख 74 हजार 930 रूपए का चेक व 54 हितग्राहियों को सामग्री और उपकरण प्रदान किया। उन्होंने इस मौके पर सहजता से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए 50 स्कूटी और दो एंबुलेंस भी प्रदान की।
    मुख्यमंत्री ने जिन कार्यो का लोकार्पण किया उनमें मुख्य रूप से तालनार-कोडरीपाल मार्ग के शबरी नदी पर 10.96 करोड रूपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल, 1 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल भवन का उन्नयन कार्य, 16 करोड़ रूपये की लागत से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, 6 करोड़ रुपए की लागत से कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा, 5 करोड़ 52 लाख रूपए की लागत से छिन्दगढ़, दोरनापाल और कोन्टा के तीन मुख्यमंत्री सुपोषण केन्द्र, डेढ़ करोड़ रूपए की लागत से मेडिकल ड्रग्स गोदाम, एक करोड़ 99 लाख रूपए कंी लागत सेे सर्व आदिवासी सामुदायिक भवन, एक करोड़ रूपए की लागत सेे केन्द्रीय पुस्तकालय, 9 करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से विभिन्न बालक एवं बालिका छात्रावास, वनबंधु आश्रम, कन्या हाई स्कूल भवन, किस्टाराम, बाडनपाल, पोगाभेज्जी, आरगट्टा, कांजीपानी, गंजेनार, गोंडेरास, 8 धुर नक्सल-प्रभावित स्थानों में 2 करोड़ 82 लाख रूपए की लागत से उप-स्वास्थ्य केन्द्र, 8 करोड़ 67 लाख रूपए के विभिन्न स्थानों पर सड़क एवं 05 स्थानों पर पुल-पुलिया, जनपद पंचायत सुकमा क्षेत्रातंर्गत 16 स्थानों पर एक करोड़ 3 लाख रूपए की लागत सेे आंगनबाड़ी भवन, महिला स्वसहायता समूह हेतु एक करोड़ 30 लाख रूपए की लागत से 25 नग आजीविका कार्य हेतु शेड, पाकेला, चिपुरपाल, पुसपाल, रामाराम, केरलापाल, बुडदी व ढोंढरा में निर्मित एक करोड़ 5 लाख रूपए की लागत से ठोस तरल प्रबंधन हेतु शेड, 2 करोड़ 8 लाख रूपए लागत के 7 हाट बाजार शेड शामिल हैं।
    मुख्यमंत्री ने जिन नये स्वीकृत कार्यो का भूमिपूजन किया, उनमें मुख्य रूप से 4 करोड़ 65 लाख रूपये की लागत से शासकीय महाविद्यालय भवन तोंगपाल, 4 करोड़ 75 लाख रूपए की लागत से डोलेरास छिन्दगढ़ सुकमा में 100-100 सीटर बालक आश्रम भवन, 3 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से छिन्दगढ़, तोंगपाल, मारेंगा, नेतानार, लेदा आदि 25 स्थानों ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य, 102 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से लगभग 158 किलोमीटर के नए सड़क, रामपुरम, चिंगावरम, नीलावरम, झापरा आदि कुल 11 स्थलों पर 6 करोड़ 65 लाख रूपए की लागत सेे ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य, 23 स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों पर 4.5 करोड़ रूपए की लागत से सौर-विद्युतीकरण संयंत्र की स्थापना कार्य शामिल है।

    पक्षी महोत्सव गिधवा परसदा में आये विशेषज्ञों ने बताया पक्षियों का महत्व

    दुर्ग / शौर्यपथ / बेमेतरा जिले के गिधवा परसदा में चल रहे पक्षी महोत्सव के दूसरे दिन विशेग्यो ने पक्षियों और उसके महत्व सहित पक्षियों का हमारे जीवन में महत्व को विस्तार से समझाया। पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों ने गिधवा और पसरदा में आये पक्षियों का दर्शन किया। कार्यक्रम में सबसे पहले प्रोफेसर श्री हितेंद्र टंडन ने पक्षी और किसानों के बीच संबंध के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि सैकड़ो वर्षो से पक्षी हमारे जीवन का हिस्सा हैं मुर्गे की बांग से किसान सुबह उठता और अपने दिन की शुरुआत करता था। मौसम का अनुमान भी किसान पक्षियों के आने से करते थे, देवभोग के एक गाँव मे जब-जब पक्षी आये तब किसानों ने खेती प्रारम्भ करते हैं। बारिश के आगमन को पक्षियों के आगमन से जोड़ कर देखते हैं।
    उन्होंने बताया कि बगुला सबसे पहले किसानों के खेतों से कीट को साफ करता है, जैसे ही तालाब में पानी भरता है तो कीड़े मकोड़े के अंडे उपर आ जाते हैं उन्हें ये खाते हैं पहले कीटनाशक का पहला काम पक्षी करते हैं। वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य मोहित साहू ने पक्षियों के प्रवास को विस्तार से समझाते हुए कहा कि रशिया चाइना उत्तरी ध्रुव के पास से 8 से 10 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, रास्ते मे कई पर्वत आते हैं जिनको भी पार करके ये इंडोनेशिया मलेशिया तक जाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत मे पक्षियों का प्रवास 3 मार्ग से होता है ,जिसमे सेंट्रल एशियन फ्लावे सबसे छोटा मार्ग है जिसमे लगभग 30देश आते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ पक्षी पहाड़ो के ऊपर से उड़ते है कुछ पहाड़ो के दरारो से निकलते हैं। कुछ पक्षी समुद्र की करीब से उड़ते हैं। डिमाइजल क्रेन और बार हेडेड गूस हिमालय के ऊपर से उड़ के आते हैं। 29 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ कर आते हैं।
    उन्होंने इस क्षेत्र में देखे गए पक्षी ब्लैक टेल्ड गोडविट के बारे में बताया कि यह मात्र 11 दिनों में 12 हजार किलोमीटर की यात्रा करके प्रशांत महासागर के ऊपर उड़कर अलास्का से न्यूजीलैंड तक जाता है। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पीसीसीएफ आर के सिंह ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता और गाँव मे सामुदायिक सहभागिता पक्षियों के संरक्षण की बात कही साथ ही कहा कि स्कूल स्तर पर बच्चों को ये शिक्षा दिए जाने के सम्बंध में हमे विचार करने चाहिए। जशपुर वाइल्ड लाइफ वेलफेयर के सौरभ सिंग के द्वारा गिधवा परसदा में जल संरक्षण पर व्याख्यान दिया गया। बच्चों के लिए पेंटिंग और प्रश्रोत्तरी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।

    - नगरीय प्रशासन मंत्री ने 8 करोड़ 71 लाख 50 हजार रूपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
    - 1 करोड़ 37 लाख रूपए के विकास कार्य, विभिन्न समाजों के भवन निर्माण एवं जीर्णोद्धार की घोषणा
    - मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत व्यवसायिक परिसर में 100 नग दुकान बनाने और डोंगरगांव में मुख्यमंत्री पालिका बाजार बनाने की घोषणा
    - श्रम विभाग के विभिन्न योजनाओं के तहत 40 लाख 90 हजार रूपए की राशि का चेक हितग्राहियों को प्रदान की गई
    -राजीव गांधी आश्रय योजनांतर्गत 192 हितग्रहियों को पट्टा वितरण किया गया

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगरीय प्रशाासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने आज डोंगरगांव में 8 करोड़ 71 लाख 50 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर 3 करोड़ 34 लाख 50 हजार रूपए का लोकार्पण एवं 5 करोड़ 37 लाख रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को 40 लाख 90 हजार रूपए का चेक प्रदान किया। मंत्री डॉ. डहरिया ने 1 करोड़ 37 लाख रूपए विकास कार्य, विभिन्न समाजों के भवन निर्माण एवं जीर्णोद्धार की घोषणा की। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत व्यवसायिक परिसर में 100 नग दुकान बनाने और डोंगरगांव में मुख्यमंत्री पालिका बाजार बनाने की घोषणा की। कार्यक्रम में राजीव गांधी आश्रय योजनांतर्गत 192 हितग्राहियों को पट्टे का वितरण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल, विधायक खैरागढ़ देवव्रत सिंह, अंत्यावसायी वित्त निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिला एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।
    नगरीय प्रशाासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के विकास कार्यों में तेजी आई है। नगरीय निकाय के विकास में प्रदेश सबसे आगे रहा है। राज्य में सर्वाधिक किसान निवास करते है। किसानों के समृद्ध और मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा। शासन द्वारा किसानों की कर्ज माफी, बिजली बिल हाफ और समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। प्रदेश में किसान को समृद्ध बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। सिंचाई कर भी माफ किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सभी क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। नगरीय निकाय क्षेत्रों में बहुत सारी योजनाएं लागू की गई हैं, जिसके माध्यम से सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। इसका श्रेय शहर के नागरिकों को जाता है। जिन्होंने इस पर ध्यान दिया। नगर निगम क्षेत्रों में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत पट्टे का वितरण किया जा रहा है। जिससे पट्टे मिलने से हितग्राहियों के लिए मोर जमीन मोर मकान योजना के अंतर्गत घर बनाया जा रहा है।
    इसी तरह स्लम एरिया में रहने वाले हितग्राहियों को मोर मकान मोर चिन्हारी योजना के अंतर्गत मकान, बिजली, पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा मुख्यमंत्री मितान योजना लाने पर विचार कर रही है। जिसके तहत सभी शासकीय सेवाएं घर पहुंच माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जल आवर्धन योजना के तहत घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। नगरीय निकाय क्षेत्रों को टैंकर मुक्त करने पर कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को राशि उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से राशि का उपयोग बाजार में हो रहा है और प्रदेश के बाजार में मंदी का असर नहीं पड़ा है।
    छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू ने विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए स्थल का चयन सभी की सहमति से किया जाता है। जिसमें पार्षदए, पत्रकार, समाजसेवी तथा अन्य नागरिकों की सलाह ली जाती है। अंत्यावसायी वित्त निगम के अध्यक्ष श्री धनेश पाटिला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की संस्कृति और विकास को बढ़ावा देते हुए कार्य कर रहे है। उन्होंने किसानों के लिए अनेक योजनाएं लागू की है और लगातार विकास के कार्य कर रहे है। जिसके माध्यम से किसान समृद्ध और मजबूत हो सके। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री भुनेश्वर बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण में भी शहर में लगातार विकास कार्य जारी रहा है। शासन द्वारा राजीव गांधी आश्रय योजना लाई गई है, जिसमें पट्टा वितरण कर हितग्राहियों को मालिकाना हक दिया जा रहा है। शासन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को पहचान देने के लिए इस पर लगातार कार्य कर रही है। शासन द्वारा नरवा, गरूवा, घुरूवा एवं बाड़ी योजना, लोककला पंडवानी, सुआ, नाचा और लोकव्यंजन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई है। विधायक खैरागढ़ श्री देवव्रत सिंह ने कहा कि नगरीय कल्याण विकास में लगातार कार्य चल रहा है और इन दो सालों में डोंगरगांव का भी विकास तेजी से हुआ है।
    कार्यक्रम में मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत व्यवसायिक परिसर में 100 नग दुकान बनाने और डोंगरगांव में मुख्यमंत्री पालिका बाजार बनाने की घोषणा की। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रूपए, मुखियार समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रूपए, संत रविदास भवन निर्माण के लिए 10 लाख रूपए, पटेल समाज भवन निर्माण के लिए 7 लाख रूपए एवं सतनामी समाज भवन जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने डोंगरगांव में 1 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से वृद्धाश्रम, 11 लाख रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक 2 में चिल्ड्रन पार्क, 13 लाख रूपए की लागत से निषाद समाज भवन, 10 लाख रूपए की लागत से वैष्णव समाज भवन, 4 लाख रूपए की लागत से महिला ब्राम्हण समाज भवन, 5 लाख रूपए की लागत से राजपूत समाज भवन, 5 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक भवन, 6 लाख 50 हजार रूपए की लागत से सेन समाज भवन, 5 लाख रूपए की लागत से अतिरक्ति कक्ष सतनाम समाज एवं सामुदायिक भवन मटिया तथा 1 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से ग्राम कोनारी में आईटीआई भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 2 करोड़ रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक 2 के पुष्प वाटिका, 1 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से खेल मैदान (स्टेडियम), 40 लाख रूपए की लागत के हाट बाजार, 20 लाख रूपए की लागत का गौठान निर्माण, 67 लाख रूपए की लागत के ड्रेनेज सिस्टम, 30 लाख रूपए के पौनी पसारी, 25 लाख रूपए लागत के ओपन थियेटर, 5 लाख रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक 11 में गार्डन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया।
    इस अवसर पर नगरीय प्रशाासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने श्रम विभाग के विभिन्न योजनाओं के तहत 40 लाख 90 हजार रूपए की राशि हितग्राहियों को प्रदान की। भगिनी प्रसूति सहायता योजनांंतर्गत 66 महिला श्रमिकों को 3 लाख 30 हजार रूपए की सहायता राशि, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 15 श्रमिकों के परिजनों को 15 लाख रूपए की सहायता राशि, असंगठित कर्मकार भगिनी प्रसूति सहायता योजना के तहत 46 महिला श्रमिकों को 4 लाख 60 हजार रूपए की सहायता राशि, मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 18 श्रमिकों के परिजनों को 18 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर नगर पंचायत डोंगरगांव के अध्यक्ष हीराभाई निषाद, उपाध्यक्ष ललित लोढ़ा, एसडीएम डोंगरगांव हितेश पिस्दा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी आरबी तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यसभा सांसद छाया वर्मा ने कहा है कि आम बजट 2021 में सरकार का सारा का सारा जोर सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में बेचने पर है। रेल्वे, खनन, एयरपोर्ट, एअर इंडिया, बीपीसीएल, खान, खनन क्षेत्र की कंपनियां, ंबीमा क्षेत्र में 49 से एफडीआई 74 प्रतिशत करना जैसे तमाम क्षेत्र हैं, जिनको निजी हाथों में मनमाने तरीके से सौंपने की नीति/घोषणा इस बजट में सरकार द्वारा किया गया है।
    सवाल है कि निजी क्षेत्र जनहित और राष्ट्रहित के काम कितना करेंगे, यह बात देश के बड़े औद्योगिक घरानों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार की गलत नीतियों के कारण चंद निजी कंपनियों की आय देश की संपत्ति के दोहन के बाद तकरीबन हर वर्ष दोगुनी होती जा रही है, यह नितान्त चिंता की बात है। रेलवे जैसा विभाग, देश में सबसे ज्यादा रोजगार देता है, इसे निजी हाथों में सौंपने का क्या कारण है? सरकार कारण नहीं बताती, मनमानी तरीके से राष्ट्र की संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने का उपक्रम चला रही है। सरकार सब कुछ निजी हाथों में बेचने पर आमादा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आज बेरोजगारी चरम पर है और जो क्षेत्र रोजगार दे सकता है, उसे सरकार निजी हाथों में सौप रही हैं। नौजवानों का भविष्य अंधकार में है, हम अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा रहे हैं, अच्छे बेहतर जॉब-नौकरी के लिए पर उनका भविष्य सरकार अंधकार की ओर ले जा रही है, यह बजट से प्ररिलक्षित हो रहा है।
    जहां तक किसानों की बात है, इस बजट में किसानों के लिए आश्वासनों के अलावा और कुछ नहीं दिखता है। पूरा का पूरा बजट किसानों की आय आश्वासनों के जरिए डेढ़ गुणा करने की बात के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जबकि सरकार कहती है कि किसानों की आय 2022 तक दोगुनी कर देगी, दोगुना होगी या डेढ गुणा, यह विरोधाभासी बातें किसानों के लिए, इस बजट में है।
    दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार के राज में कृषि उपकरण पर 4 से 12 प्रतिशत टैक्स था लेकिन भाजपा सरकार जीएसटी लागू किया और कृषि में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर 28 प्रतिशत तक टैक्स लगा दिया है। यह किसानों के साथ भद्दा मजाक है, इतना ज्यादा कृषि उपकरणों पर टैक्स किसानों के साथ धोखा है। जहां तक एमएसपी की बात है तो सरकार मात्र आश्वासन दे रही है की एमएसपी थी है और रहेगी। इसके अलावा कुछ नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि एमएसपी के लिए कोई कानून है ही नहीं। वह सरकार के घोषणा के आधार पर एक एक्सक्यूटिव आदेश के जरिए लागू है। इसीलिए देश भर के 6 प्रतिशत किसानों को ही एमएसपी का लाभ मिल पा रहा है। फिर सवाल है कि एमएसपी जब कानून ही नहीं है तो जब नए कानून के तहत निजी क्षेत्र किसानों की उपज खरीदेगा तो वह एमएसपी दर पर अनाज क्यों खरदेगा, जब कोई कानून ही नहीं है, तो मनमाने तरीके से किसानों के उत्पाद को निजी क्षेत्र खरीदेगा। जिसके आसानी के लिए सरकार पहले ही कानून दी है। ऐसे हालात में सरकार खुद किसानों को गुमराह कर रही है कि एमएसपी था, है, रहेगा। ऐसे में किसान का कल्याण कैसे होगा ?
    सरकार यह भी कह रही है कि वह तो निजी हाथों में सब कूछ सौंप ही रही है, राज्यों को भी प्रोत्साहन देगी कि वह भी निजी हाथों में अपने-अपने उपक्रमों को सौंपने की प्रक्रिया अपनाएं।
    किसान अपने खेतों में सिंचाई के लिए डीजल का इस्तेमाल करता है। डीजल पर सात से आठ प्रतिशत वृद्धि इस 1 साल में प्रति लीटर हुई है जबकि एमएसपी पर प्रति कुंटल चंद रुपए बढ़ाने की घोषणा सरकार करती है। वह भी गारंटी नहीं है कि वह एमएसपी दर पर खरीदेगी। जब सरकार डीजल पर प्रति लीटर वृद्धि करती है तो क्यों नहीं किसानों द्वारा उत्पादित खद्यान्न पर प्रति किलो की दर से एमएसपी दर में इजाफा किया जाए, जैसे डीजल और पेट्रोल पर वृद्धि हो रही है। अगर वाकई किसानों की आय बढ़ानी है, किसानों की आय दोगुनी करनी है तो सरकार कुंटल की बजाय प्रति किलो की दर पर एमएसपी की दर बढ़ाए और बाध्यकारी कानूनी खरीदने के लिए लाए।
    इस बजट में ज्यादातर चीजें आश्वासनों पर है, एमएसपी, पर्यावरण स्वच्छ करने के लिए बड़ी राशि की घोषणा की गई है। गंगा निर्मल स्वच्छ बनाने की योजना में अरबों रुपया लगा दिया गया पर गंगा कितनी निर्मल-स्वच्छ हुई, यह किसी से छिपा नहीं है। सरकार की नीतियों से पर्यावरण कितना स्वच्छ होगा, यह बात भविष्य की गर्त में है लेकिन पिछले कुछ वर्षों का सरकारी कामकाज देखा जाए तो पर्यावरण के मामले में मात्र किसानों पर उनके अवशेष जलाने पर फाइन लगाने से ज्यादा और कुछ सरकार ने नहीं किया है। यह आश्वासनों से काम चलाने वाली सरकार है, जमीनी धरातल पर उतरने वाली नहीं।
    इस बजट में आधी आबादी यानी महिलाओं की उपेक्षा साफ नजर आती है। महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। आधी आबादी की उपेक्षा, निंदनीय है। सब कुछ ऑनलाइन करने पर सरकार का जोर है। पर सरकार यह भूल रही है कि देश में कितने टेक्नोलॉजी साधन-सम्पन्न लोग हैं, जो ऑनलाइन के जरिए सब कुछ पा लेंगे। लॉकडाउन में शिक्षा पूरी तरह ऑनलाइन थी, इसमें क्या दिक्कतें आई, समस्याओं की वजह से बच्चों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ा, इसका मूल्यांकन करना चाहिए था। ऑनलाइन के फायदे और दूष्प्रभाव दोनों हैं। किसान, आम आदमी और मजदूर ऑनलाइन व्यवस्था से लाभ कितना उठा पाएगा, यह बात किसी से छिपी नहीं है। ऑनलाइन की व्यवस्था से आम आदमी को गुमराह करने जैसा है। वन नेशन वन राशन कार्ड पर सरकार लंबे समय से काम कर रही है, धरातल पर इस दिशा में कितना काम हुआ है। सरकार आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर रही है। आश्वासनों, निजी हाथों में सरकारी कंपनियों को सौपने के अलावा इस बजट में और कुछ नजर नहीं हा रहा है।

    धमतरी / शौर्यपथ / जिले के धमतरी विकासखंड के ग्राम पंचायत भटगांव में छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण योजना नरूवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी के तहत हुए नवाचार का स्थल भ्रमण में आये गौरेला-पंेड्रा-मरवाही के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर. के. खुंटे के नेतृत्व में उनके अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा किया गया। सर्वप्रथम भ्रमण दल द्वारा ग्राम पंचायत भटगांव का अवलोकन किया गया जिसमें लगभग 03 एकड़ बंजर भूमि में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के सहयोग से चारागाह विकसित किये गये हैं। जय भवानी महिला स्वसहायता समूह द्वारा लेमनग्रास, एलोविरा की खेती की जा रही है। समूह की महिलाओं द्वारा 15 क्ंिवटल लेमनग्रास पत्ती निकालकर मल्टीयुटीलिटी सेंटर छाती में विक्रय किया गया जिससे 50 हजार रूपये की भी आमदनी हुई। इसके अतिरिक्त हरी सब्जी बरबट्टी, धनिया, मैथी, प्याज भाजी, टमाटर, लौकी का उत्पादन कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते जा रहे हैं। वर्मी टैंक संरचना तकनीकी मापदण्ड अनुरूप होने से गुणवत्तापूर्ण वर्मीखाद का उत्पादन हो रहा है। समूह की महिलाओं ने सब्जी वर्गीय फसल उत्पादन की भी विस्तृत जानकारी दी गई। तत्पश्चात् भ्रमण दल द्वारा नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत गुहाननाला में वन अधिकार अधिनियम के तहत 21 पट्टाधारी परिवार के भूमि में निर्माण से पूर्व की स्थिति से अवगत कराया गया उक्त जमीन पूर्व में भर्री एवं टिकरा पड़ी हुई थी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 10 हितग्राहियों के कुल 07 एकड़ भूमि का सुधार किया गया। 03 हितग्राहियों के निजी जमीन पर डबरी निर्माण कराया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के भ्रमण दल को अवगत कराया कि गुहाननाला के वन अधिकार पट्टा प्राप्त जमीन में विभिन्न विभागों के अभिसरण से कार्ययोजना तैयार कर कार्य करवाया गया है।
    मनरेगा योजनांतर्गत भूमि सुधार कार्य, डबरी निर्माण कार्य एवं फलदार पौध रोपण हेतु गड्ढा खुदाई कार्य व तीन वर्ष के लिए देखरेख हेतु उद्यानिकी विभाग द्वारा तथा जिला खनिज न्यास मद से चैनलिंक फैंसिंग व ड्रीप स्थापना कार्य, कृषि विभाग द्वारा जिला खनिज न्यास मद से बोरवेल कार्य व आत्मा योजनांतर्गत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत रागी, उड़द, दाल प्रदर्शन तथा इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग द्वारा सब्जी मिनी किट एवं गेंदाफूल रोपण का कार्य वन अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त भूमि में कराया गया है। वहीं एफ.आर.ए. जमीन में पौध रोपण हेतु प्रयुक्त वर्मी खाद गौठान समिति से क्रय कर उपयोग में लाया जा रहा है तथा मल्टीयुटीलिटी सेंटर में समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित चैनलिंक फैंसिंग व सीमेंट पोल का भी उपयोग किया जा रहा है।
    मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ने बताया कि- एफ.आर.ए. भूमि के कार्यों का उद्देश्य वन अधिकार पट्टा प्राप्त एक चक में भूमि (कम से कम 10 एकड़) का चयन कर समस्त विभागों की योजनाओं के समन्वय से कार्ययोजना तैयार कर हितग्राहियों को आर्थिक लाभ प्रदाय किया जा रहा है। फलदार आम वृक्षारोपण का लाभ 03 से 05 वर्ष के पश्चात प्राप्त होगा किंतु इस समयावधि में आर्थिक लाभ हेतु कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खरीफ एवं रबी में उन्नत किस्म के बीज फूल प्रदर्शन इत्यादि के माध्यम से साल भर आय प्राप्ति के साधन उपलब्ध करवाये गये हैं तथा तीन साल तक पौधे की देखरेख हेतु महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिकों का मजदूरी भुगतान रोपित पौधे की गणना की हिसाब से दी गई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के भ्रमण दल के अधिकारियों को गुहाननाला के लाभान्वित हितग्राही श्रीमती राधिका नेताम ने 20 डिसमील जमीन में बरबट्टी सब्जी उत्पादन कर 07 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की है। हीरालाल मरकाम ने आधा एकड़ भूमि में बरब्टी, मिर्च, धनिया पत्ती से 40 हजार रूपये कमाकर आत्मनिर्भर हुआ। कु. पुष्पा मरकाम ने 05 डिसमील जमीन लौकी, सेमी, बरब्टी से 15 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त किया। श्रीमती कुंती बाई ने आधा एकड़ जमीन में टमाटर, मिर्च, बैगन, बरब्टी, धनिया, मिर्च के उत्पादन से 16 हजार रूपये की आमदनी की। कुपोषण को दूर करने में कुंती बाई द्वारा उत्पादित सब्जी संजीवनी की तरह काम आया ।
    संजय मरकाम ने एक एकड़ भूमि में मल्लिका प्रजाति के 60 नग आम का पौधा रोपण किया गया है वहीं गेंदा फूल से 05 हजार रूपये, बरब्टी से 15 हजार रूपये, सेमी से 10 हजार रूपये की आमदनी होना बताया। नगरी विकासखंड में हितग्राही द्वारा विभिन्न विभागों के अभिसरण से अर्जित आमदनी और प्रयोग को देखकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के भ्रमण दल के अधिकारी काफी अभीभूत हुए उन्होंने इस प्रयोग को अपने क्षेत्र में करने की बात कही। एक दिवसीय भ्रमण दल में धमतरी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आर. के. खुंटे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, ओ.पी. शर्मा परियोजना अधिकारी,अहिरवार उपसंचालक कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, तकनीकी सहायक के साथ सहायक परियोजना अधिकारी धमतरी मनरेगा जिला पंचायत, डी.एस. कुशवाहा सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग धमतरी, पी.आर. साहू मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी, एनआरएलएम, प्रदान टीम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    31जनवरी को पोलियो दिवस के अवसर पर नगर पंचायत नगरी के आंगन बाड़ी केंद्र जंगल पारा में नगर पंचायत नगरी के महिला एवं बाल विकास विभाग के सभापति श्रीमती
    ललीता साहु,पार्षद जितेन्द्र साहु,एवं षार्षद श्रीमती सुनीता निर्मलकर ने शुन्य से पांच वर्ष के बच्चों को पोलियो दवा की खुराक पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की।तथा उन्होंने बच्चों की सुरक्षा में चुक न हो इसके लिए माताओं को बच्चों को इसकी सभी खुराक अनिवार्य रुप से पिलाने के लिए प्रेरित किया। बाहर से आए हुए अतिथि बच्चों को भी पोलियो दवा की खुराक पिलाई गई।दुसरे दिन भी आंगन बाड़ी कार्यकर्त्ता दवा पीने से बचे हुए बच्चों को घर घर घुमकर पोलियो की दवा का खुराक पिलाकर अपने दायित्व का निर्वहन किए।इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती दमयंती साहु, सुशीला गिरी,सहायिका नीरा भरेवा,जानकी साहु, वार्ड की आशा,टुकेश्वरी साहु, गायत्री निषाद,अश्वनी खरे आदि उपस्थित थे।

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