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मुख्यमंत्री ने किसानों से चर्चा कर टोकन, धान खरीदी की व्यवस्था
आदि की ली जानकारी
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ /


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत कृषि सहकारी समिति सरखो धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने धान बेचने आए किसानों से चर्चा कर टोकन एवं धान खरीदी व्यवस्था संबंधी जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने हाथों से धान को रगड़ कर चावल निकाला और धान में टूट और पाखड़ की गुणवत्ता का अवलोकन किया। उन्होंने मंडी फड़ में सरखो के किसान श्री घासीराम साहू, संजय साहू, रेशमलाल साहू, केदारनाथ साव और हनुमान दास से चर्चा कर एकड़ के हिसाब से धान का उत्पादन, धान बेचने में कोई परेशानी तो नहीं, यहाँ की व्यवस्था, धान बेचने के बाद राशि खाता में आया कि नही, टोकन मिलने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रहा है आदि की जानकारी प्राप्त की। किसानों ने मंडी की व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर की।

मुख्यमंत्री ने सरखो में गोधन न्याय योजन के तहत गोबर संग्राहकों से गोबर विक्रय की जानकारी ली। गोबर विक्रेता तेंदुभाठा निवासी धनकुल ने बताया कि वे अब तक गोबर एकत्र कर 24 हजार रुपये का गोबर बेच चुका है और प्राप्त राशि से अपने लड़के के शादी के शेष कर्ज को चुका दिया है, गोबर विक्रेता श्री संजय यादव ने बताया कि वे 29 हजार रुपए का गोबर बेच चुका है और गोबर से प्राप्त राशि से तीन गाये भी खरीदे है। कुछ पैसे बैंक में जमा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने खुशी जाहिर करते हुए किसानों को लगन और मेहनत से और अच्छा काम करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने सरखो सोसायटी स्थित हनुमान मंदिर का पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के खुशहाली के लिए भगवान हनुमान से आशीर्वाद मांगा। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव, स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव सहित सोसायटी के किसान उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि आदर्श धान उपार्जन केन्द्र सरखो में 1068 किसानों का पंजीयन है। अब तक 869 किसानों के द्वारा 37 हजार 629 क्विंटल धान बेचा जा चुका है। इस केन्द्र में 46 हजार क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें से 81.4 प्रतिशत धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को अब तक 7.05 करोड़ रूपये का भुगतान हो चुका है। खरीदे गए धान में से 22 हजार 610 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है। केन्द्र के पंजीकृत 1068 किसानों का कुल रकबा 1243.22 हेक्टेयर है। इस आदर्श धान उपार्जन केंद्र में धान को सुरक्षित रखने के लिए चबूतरा और अहाता निर्माण किया गया है। पर्यावरण एवं सुंदरता को ध्यान में रखते हुए प्लांटेशन भी किया गया है। पंजीकृत किसानों की संख्या के आधार पर धान तौल की व्यवस्था भी की गई है इसके अलावा बेमौसम बारिश से सुरक्षित धान रखने के लिए तिरपाल आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मरवाही / शौर्यपथ / राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नरवा विकास योजना के तहत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल के अंतर्गत जैतरणी नाला में 5 करोड़ रूपए की लागत राशि से 94 हजार 331 भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया गया है। यह निर्माण कैम्पा मद की वार्षिक कार्ययोजना 2019-20 में स्वीकृत राशि से वन परिक्षेत्र खोड्री में हुआ है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 6 जनवरी को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला प्रवास के दौरान जैतरणी नाला में नवनिर्मित विविध संरचनाओं का भी लोकार्पण करेंगे।
इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी कैम्पा व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि कैम्पा मद के अंतर्गत मरवाही वन मंडल के जैतरणी नाला में 5 करोड़ रूपए की राशि से 94 हजार 331 भू-जल आवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इनमें 2 लाख 83 हजार रूपए की लागत राशि से 130 गली प्लग, एक करोड़ रूपए से 91 हजार 977 कन्टूर ट्रेंच, 4 लाख 73 हजार रूपए से 817 ब्रशवुड चेक डेम तथा 46 लाख 64 हजार रूपए की लागत राशि से 1 हजार 311 लूज बोल्डर चेक डेम का निर्माण शामिल है। इसी तरह 44 लाख रूपए की लागत राशि से 31 सी.सी.टी., 68 लाख रूपए से 31 ग्रेबियन, 8 लाख रूपए से 11 परकोलेशन टेंक, 1 करोड़ 21 लाख रूपए से 3 स्टाप डेम तथा 32 लाख रूपए की लागत राशि से 20 कंटूर बंड का निर्माण किया गया है। इनके निर्माण से वनांचल क्षेत्र के 12 गांव लाभान्वित होंगे। साथ ही इससे 312 एकड़ रकबा में अतिरिक्ति सिंचाई सुविधा का लाभ किसानों को मिलेगा।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जांजगीर जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक बीमा तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्यों का फीता काटकर विधिवत लोकार्पण किया ।लोकार्पण पश्चात उन्होंने तालाब में बोटिंग का आनंद लिया और सौंदर्यीकरण के कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा के अध्यक्ष चरण दास महंत जांजगीर जिले के प्रभारी और राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री टी एस सिंहदेव मौजूद थे ।
तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्यों के अवलोकन के पश्चात मुख्यमंत्री ने 12 वीं शताब्दी में स्थापत्य कला से निर्मित ऐतिहासिक विष्णु मंदिर का अवलोकन किया। अवलोकन पश्चात मंदिर के सामने सामूहिक फोटोग्राफी भी कराई।
जिला मुख्यालय जांजगीर के ऐतिहासिक भीमा तालाब के आकर्षक सौंदर्यीकरण का कार्य जिला खनिज न्यास मद से 6 करोड़ 50 लाख रूपयें की लागत से किया गया है। तालाब के सौंदर्यीकरण से स्थानीय नागरिकों में हर्ष का महौल है। तालाब में प्रवेश के लिए दो आकर्षक भव्य द्वार, चार व्यूव पाईंट, वाहन पार्किंग, चैपाटी का भी निर्माण किया गया है। रात्रि में रंगीन प्रकाश अपनी छटा बिखेरती है। जिससे लोगों का ध्यान सहज ही आकर्षित कर रही है। सुबह-शाम सैर करने वालों के लिए तालाब के चारों तट में 1.25 किलो मीटर का परिक्रमा पथ, व्यायाम के लिए ओपन जीम की भी व्यवस्था की गई है। बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क झुला बनाया गया है। साथ ही नगरीय विकास प्रशासन की योजना के तहत तालाब पार मेें बापू की कुटिया का निर्माण किया गया है।
गार्डन में आगंतुकों के बैठने के लिए चबूतरे बनाए गए हैं। जिसमें मनोरंजन के लिए टीव्ही और खेलने के लिए कैरमबोर्ड की व्यवस्था की गई है। प्राचीन विष्णु मंदिर देखने आने वाले दर्शकों को भीमा तालाब का मनमोहक सौंदर्यीकरण आकर्षित करेगा। तालाब के चारों ओर और 5 हजार दर्शकों की क्षमता वाला ओपन आडीटोरियम बनाया गया है। रात्रि के समय तालाब के पानी में प्राचीन विष्णु मंदिर का प्रतिबिम्ब पर्यटकों को आकर्षित करेगा। सुरक्षा के दृष्टि से स्थायी ग्रील और आरसीसी वाल पर बस्तर आर्ट भी बनाया गया है।
इस अवसर पर विधायक नारायण चंदेल, नगरपालिका अध्यक्ष भगवान दास गढेवाल,
कलेक्टर यशवंत कुमार, पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारूल माथुर,जिला पंचायत सीईओ तीर्थ राज़ अग्रवाल, पार्षद गण, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने जांजगीर-चाम्पा जिले को दी 1083 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
सम्मेलन में 1051 हितग्राहियों को 1.12 करोड़ की सामग्री एवं चेक वितरित
चन्द्रपुर इलाके की तीन नहरों के संधारण कार्यों को मुख्यमंत्री की स्वीकृति
राजीव गांधी किसान न्याय योजना जारी रहेगी
किसानों की तरक्की से ही छत्तीसगढ़ बनेगा समृद्ध राज्य: मुख्यमंत्री बघेल
जांजगीर - चांपा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में अगला सरकारी मेडिकल कॉलेज जांजगीर-चाम्पा जिले में खोला जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय जांजगीर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस आशय की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने आज जिले की जनता को 1083 करोड़ रुपये के 1255 विकास कार्यों की सौगातें दी हैं। इनमें 262 करोड़ रुपये के 419 विकास कार्यों का लोकार्पण और 821 करोड़ रुपये के 836 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 1051 हितग्राहियों को 1 करोड़ 12 लाख रुपये की सामग्री एवं चेक वितरित किये। मुख्यमंत्री बघेल ने सम्मेलन में हसदेव नहर परियोजना के चन्द्रपुर क्षेत्र की तीन नहरों के संधारण कार्यों की स्वीकृति की घोषणा भी की। किसान सम्मेलन की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने की। विशेष अतिथि के रूप में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री प्रेमसिंह टेकाम, कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत विधायक रामकुमार यादव, श्रीमती इंदु बंजारे और केशव प्रशाद चंद्रा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महती सभा में किसानों के प्रति किये गये अपनी सरकार के वायदों को फिर से दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के धान का उचित दाम दिलाने के लिए वचनबद्व है। इसके लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना में धान के साथ मक्का और गन्ना की खेती को प्रोत्साहन के लिए किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से आदान सहायता राशि दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत दी जा रही राशि किसानों को धान उत्पादन के लिए बोनस नहीं बल्कि उनकी मेहनत के प्रति सम्मान स्वरूप दे रही है। प्रति एकड़ 10 हजार रूपये के हिसाब से यह राशि आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों में खेती के प्रति उत्साह बढ़ा है। इतनी बड़ी राशि मिलने से उनमें समृद्धि भी आई है। इसका असर बाजार पर भी देखने को मिला है। यहां तक कि किसानों और ग्रामीणों की बदौलत ही हमने आर्थिक मंदी का भी सफलता के साथ मुकाबला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा दिनों-दिन हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को समर्थन मूल्य खरीदी के दायरे में ला रहे हैं। आज से दो साल पहले हमने 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी किये थे। इस साल अब तक लगभग 54 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों और मजदूरों की बहुतायत वाला प्रदेश है। उनकी मजबूती में ही राज्य का विकास निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल की कठिन चुनौती के बावजूद भी हमने विकास कार्य की गति धीमी होने नहीं दी। एक तरफ जहां सांसद निधि और वेतन कटौती जैसी अन्य उपाय कई सरकारों ने किये, लेकिन हमनें इन सभी से छत्तीसगढ़ को अछूता रखा। विधायक निधि के 2 करोड़ सहित तमाम विकास के कार्य पूर्व की तरह चल रहे हैं। हजारों करोड़ रूपये के विकास कार्यों को गति देने के लिए ही हमने जिलों का सघन दौरा करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खेती किसानी और तीज तिहार के उचित मौके पर ही हमने किसानों को राशि उपलब्ध कराई है। तीन किश्त अब तक दिये जा चुके हैं। चौथी किश्त चालू वित्तीय वर्ष में वितरित करा दी जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि एफसीआई द्वारा चावल उपार्जन की अनुमति इस साल विलंब से मिली है। आम तौर पर धान खरीदी की शुरूआत में ही अनुमति मिल जाया करती हैैैै।
मुख्यमंत्री ने जांजगीर जिले के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा धान का उत्पादन इसी जिले से होता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता, बिसाहूदास महंत जैसे हमारे महान पुरखों की दूर-दर्शिता के वजह से जांजगीर आज राज्य के सर्वाधिक सिंचित जिले में शुमार है। हसदेव नहर परियोजना का जांजगीर जिले में विस्तार का श्रेय इन्ही राजनेताओं को जाता है। इसका लाभ उठाकर जिले के किसान समृद्ध और खुशहाल हो रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि धान बेचकर फटफटी खरीदने की बात अब पुरानी हो गई। गोबर बेचकर फटफटी खरीदने का नया चलन अब शुरू हो गया है। गोधन न्याय योजना की सफलता का यह कमाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 11 हजार ग्राम पंचायतों में गौठान बनाये जाएंगे। अब तक 7400 स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 4100 में गोबर खरीदी का काम हो रहा है। ये गौठान केवल गाय एवं बैलों के आरामगाह नहीं बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए संपूर्ण आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित किये जाएंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री का अपने गृह जिले में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों, मजदूरों सहित नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी का मौके पर हाल-चाल जानने के लिए सभी जिलों का सघन दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे अफसरों से आत्मीय वातावरण में बात करते हैं। यह अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों के प्रयासों से जांजगीर जिले में सर्वाधिक सिंचाई और नहरों का जाल फैला हुआ है। पिछले साल के 7.86 लाख मीटरिक टन से इस साल ज्यादा धान के आवक का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जांजगीर जिले से अनेक युवा अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देशों मे रहते हैं। उन लोगों तक छत्तीसगढ़ के नरवा, गरवा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के पुर्नजागरण की गुंज सुनाई देती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जांजगीर जिले प्रभारी मंत्री टी.एस.सिंहदेव ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार ने पिछले दो साल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल किये हैं। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में तो सरकार को प्रथम स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण अब घटने लगा है। उन्होंने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों की मांग पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग पर सहमति जताई और अनुशंसा सहित प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति केन्द्र सरकार द्वारा दी जाती है। विधायक रामकुमार यादव, केशव प्रसाद चन्द्रा और श्रीमती इंदु बंजारे ने भी समारोह को सम्बोधित किया। जिला कलेक्टर यशवन्त कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विगत दो सालों मे राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के अंतर्गत हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यसभा के पूर्व सांसद रामाधार कश्यप, पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, चुन्नीलाल साहू, चैनसिंह सामले, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चन्द्राकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण किसान उपस्थित थे।
जिले में 46 लाख 70 हजार 226 क्विंटल धान की खरीदी
नये धान खरीदी केन्द्र के खुलने से किसानों को मिल रही सुविधा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले के 139 धान खरीदी केन्द्र में लगातार धान की खरीदी की जा रही है। इस वर्ष 22 नये केन्द्रों में धान की खरीदी प्रारंभ हुई है। नये धान खरीदी केन्द्र के खुलने से किसानों को धान विक्रय में सुविधा हुई है। अब गांव के पास में ही अपने धान का विक्रय कर रहे हैं। इससे किसानों के धान परिवहन में सुविधा मिली है। वहीं आने-जाने में लगने वाला समय और संसाधान की भी बचत हुई है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 1 लाख 20 हजार 94 किसानों ने अपने धान का विक्रय किया है। लगभग 46 लाख 70 हजार 226 क्विंटल धान की खरीदी हो गई है। जो पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक है। अब तक कस्टम मिलिंग के तहत 6 लाख 44 हजार 25 क्विंटल धान का उठाव मिलर्स द्वारा किया जा चुका है। वहीं संग्रहण केन्द्र में 5 लाख 87 हजार 476 क्विंटल धान का उठाव किया गया है।
धान खरीदी केन्द्र में की जा रही बारदाने की व्यवस्था
जिले में अब तक 1 लाख 20 हजार 94 किसानों ने किया धान का विक्रय
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में धान की खरीदी लगातार जारी है। धान खरीदी केन्द्र में मिलर्स द्वारा धान का उठाव किया जा रहा है तथा बारदाने की उपलब्धता कराई जा रही है। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में धान खरीदी की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। धान खरीदी केन्द्र में बारदाना लगातार पहुँचाया जा रहा है और धान का उठाव भी किया जा रहा है। किसी भी केन्द्र में धान खरीदी नहीं रूकनी चाहिए। धान खरीदी में जिन सोसायटियों द्वारा लापरवाही की जा रही है उन पर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान की खरीदी लगातार चलनी चाहिए। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मिलर्स द्वारा प्राप्त बारदाना गुणवत्ता पूर्ण हो यह ध्यान रखा जाए। किसानों द्वारा भी बारदाने लाए जा रहे हैं जिसमें उनके धान की खरीदी लगातार करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में सभी समन्वय के साथ कार्य करें और सभी संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। धान खरीदी की व्यवस्था के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा नोडल अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि धान की गुणवत्ता सही होनी चाहिए। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ज्यादा धान की खरीदी की जा चुकी है। जिले में अब तक 1 लाख 20 हजार 94 किसानों ने धान विक्रय किया है।
कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि गौठानों में गोबर की खरीदी तथा वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण सुचारू रूप से चलनी चाहिए तथा इसके लिए बनाए एप में एन्ट्री किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय के लिए योजना बनाए। जिले के बड़े किसान तथा शासकीय विभागों द्वारा इसका उपयोग किया जाए। किसानों को वर्मी कम्पोस्ट खरीदी के लिए प्रेरित करें। इसका विक्रय भी लगातार होना चाहिए। वर्मी कम्पोस्ट विक्रय से आमदनी होने पर गौठान को सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल के रूप में तैयार किया जा सकता है। आंकाक्षी जिले के संकेतकों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और पोषण में गंभीरता से कार्य करने की जरूरत है। गर्भवती माताओं की एएनसी चेकअप तथा उनकी लगातार मॉनिटरिंग करें। गर्भवती महिलाओं को विभिन्न टीका और दवाईयों की जरूरत होती है, उन्हें उपलब्ध कराएं।
कलेक्टर वर्मा ने वनधन केन्द्र के भवन निर्माण की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन ठेकेदारों ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है उन पर कार्रवाई करें। उन्होंने हाट बाजार क्लीनिक योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के सभी हाट बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रहे और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोविड-19 की सुरक्षा को देखते हुए इस वर्ष मड़ई-मेले के आयोजन को प्रतिबंध किया गया है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इसका आयोजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में कोविड मरीजों की संख्या में कमी आई है लेकिन कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है। जिले में कोविड-19 की सुरक्षा के लिए मास्क, सोशल डिस्टेसिंग के लिए अभियान चलाया जाए। विभिन्न स्थानों पर भीड़ नियंत्रण करने के लिए लगातार कार्य करें। कोविड वेक्सिनेशन के लिए शहर में सेंटर बनाए गए हैं। सभी सेंटरों में पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।
कलेक्टर वर्मा ने समय-सीमा में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों का निराकरण होने के बाद इसकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों को दिया जाए। अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, वन अधिकार पत्रों का पुर्नविलोकन, सामुदायिक वन अधिकार पट्टे, सामुदायिक वन संसाधन पत्र सहित अन्य लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ संजय यादव, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।
धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में बुधवार 06 जनवरी को उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर मौर्य के निर्देशानुसार अशासकीय स्कूलों में विद्यालय फीस समिति और नौ सदस्यीय जिला फीस समिति का गठन किया गया है। जिले में फीस अधिनियमन का परिचालन सुचारू रूप से हो एवं समिति द्वारा अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के मद्देनजर उक्त प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें समिति के अध्यक्ष, प्राचार्य, कलेक्टर द्वारा नामांकित एक अभिभावक, अशासकीय संस्था के प्राचार्य द्वारा नामांकित एक अभिभावक एवं संस्था प्रमुख को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने कहा गया है। स्थानीय बिलाईमाता मंदिर के पीछे स्थित शहीद वीर नारायण सिंह सामुदायिक भवन में सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक धमतरी विकासखण्ड और दोपहर दो से तीन बजे तक कुरूद, मगरलोड और नगरी विकासखण्ड के लिए यह प्रशिक्षण रखा गया है।
धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने आज दोपहर राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और ई-कोर्ट के प्रकरणों को विशेष रूप से फोकस करते हुए लंबित मामलों का निराकरण आगामी 15 फरवरी तक करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने राजस्व के विभिन्न प्रकरणों का तहसीलवार एवं कोर्टवार समीक्षा करते हुए प्रकरणों में गति लाने के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष मंे आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि राजस्व के अधिकांश प्रकरण चूंकि आमजनता की समस्याओं से जुड़े रहते हैं, इसलिए उनका निराकरण प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। नामांतरण के मामलों में पटवारी प्रतिवेदन शीघ्रता से प्राप्त कर प्रकरणों का डिस्पोजल करें। इस दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि यदि पटवारी प्रतिवेदन एक माह के बाद भी प्राप्त नहीं होता तो संबंधित पटवारी को कोर्ट में बुलाकर जवाबतलब करें। अगर पटवारी प्रतिवेदन समय पर प्राप्त कर लें तो केस के निराकरण में भी गति आएगी। उन्होंने ई-कोर्ट के मामले मंे जिले को श्रेष्ठ बनाने की बात कही। इसी तरह अविवादित नामांतरण के निराकरण के लिए संबंधित पंचायत से प्रस्ताव पारित कर सरलीकृत प्रक्रिया अपनाएं, लेकिन आवेदकांे को पर्याप्त अपील के अवसर भी दें।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि धान-खरीदी के मामले में जिले में अपनाई गई टोकन वितरण की प्रक्रिया बेहतर है, जिसके चलते किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिल रही है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में पंजीकृत 1.11 किसान में से अब तक 87 हजार 500 किसानों ने 27 लाख क्विंटल यानी 507 करोड़ रूपए का धान बेच चुके हैं। साॅफ्टवेयर की समस्या की वजह से कुछ भुगतान शेष थे, उनका भी शीघ्रता से भुगतान किया जा रहा है। कलेक्टर ने माह के पहले व चैथे शनिवार को ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाने वाले जनचैपाल के माध्यम अधिकांश प्रकरणों का मौके पर निराकृत करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए। इसी तरह जिले के 20 माॅडल गौठानों में बहु गतिविधि संचालित करने के लिए लगातार दौरा कर उसमें ग्रामीण आजीविका को जोड़ने के लिए संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश कलेक्टर ने बैठक में दिए। इसके अलावा पटेल एवं कोटवार नियुक्ति, स्लम पट्टा नवीनीकरण, भुइयां पोर्टल अद्यतीकरण, डिजिटल हस्ताक्षर, लोक सेवा केन्द्र के प्रकरण सहित तहसील कोर्ट में लंबित प्रकरणों की प्रगति की सिलसिलावार समीक्षा कलेक्टर ने की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल, तीनों अनुविभाग के एसडीएम सहित डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार बैठक में उपस्थित रहे।
धमतरी / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले के 74 सहकारी समितियों के 89 खरीदी केन्द्रों के जरिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। अब तक 87 हजार 531 पंजीकृत किसानों से पांच अरब सात करोड़ रूपए के दो लाख 70 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। इसके तहत अब तक दो अरब 70 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान किसानों के खातों में कर दिया गया है। खाद्य अधिकारी श्री बी.के.कोर्राम ने बताया कि जिन किसानों का एक दिसम्बर का भुगतान पब्लिक फायनेंस मैनेजमेंट सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों की वजह से रूका हुआ था, उसका निराकरण कर लिया गया है तथा उनके खाते में भी राशि डाल दी गई है।
गौरतलब है कि जिले के 183 पंजीकृत राईस मिलर्स से चार लाख 80 हजार 608 मीट्रिक टन धान उठाव के लिए अनुबंध किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 50 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव मिलर्स द्वारा किया गया है। कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य ने जिले के उसना मिलर्स को शीघ्र अनुबंध कर धान खरीदी केन्द्रों से धान उठाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खरीदी केन्द्रों में सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी आगे भी जारी रह सके।
खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले के संग्रहण केन्द्र भाठागांव और भोयना में आठ हजार मीट्रिक टन का डी.ओ. जारी कर लगातार धान का परिवहन किया जा रहा है। जिले में अनुमानित चार लाख 40 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी के विरूद्ध 22 हजार गठान बारदाने की जरूरत होगी। इसके हिसाब से अब 17 हजार चार सौ गठान बारदाने जिले में उपलब्ध हैं। मिलर्स और उचित मूल्य की दुकान से लगातार बारदाने प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदाने हैं।
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