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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

खाना खजाना / शौर्यपथ / गार्लिक नान खाने के शौकीन इसे बार-बार खाना चाहते हैंं लेकिन मार्केट से गार्लिक नान खाने से बेहतर है कि आप मन चाहे जायकों के साथ घर में गार्लिक नान बनाएं। इसे गर्मा-गरम दाल मखनी के साथ पनीर बटर मसाला के साथ सर्व कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं इसकी रेसिपी
सामग्री
मैदा - एक कप
आटा - आधा कप
ड्राई यीस्ट - आधा बड़ा चम्मच
चीनी - आधा छोटा चम्मच
दही - 1 बड़ा चम्मच
दूध - एक तिहाई कप
तेल - एक बड़ा चम्मच
नमक - स्वादानुसार
आधा कप गुनगुना पानी
लहसुन - बारीक कटे हुए 3-4 बड़े चम्मच
धनियापत्ती - बारीक कटे हुए 3 बड़े चम्मच
मक्खन
विधि
नान का आटा तैयार करने के लिए सबसे पहले यीस्ट का मिश्रण तैयार कर लें। इसके लिए एक कटोरे में ड्राई यीस्ट और चीनी डालकर 1/2 कप गुनगुना पानी डालें। चम्मच से मिश्रण को हिलाकर 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें। अगर 15 मिनट बाद मिश्रण में झाग होता है तो यीस्ट कारगर है। लेकिन झाग नहीं होने पर समझ जाएं यीस्ट निष्क्रीय है या आप बहुत ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल कर चुके हैं। ऐसे में ये मिश्रण इस्तेंमाल न करें और दूसरा मिश्रण तैयार करें।
अब परात में मैदा और आटा छानें। फिर इसमें दही, तेल और नमक डालकर मिक्स कर लें। फिर इसमें यीस्ट का मिश्रण और एक कप दूध डालकर अच्छी तरह से मिलाएं और नरम आटा गूंथ लें।
अब आटे को तेल से चिकना करें और गीले कपड़े से ढक कर 1 से 2 घंटे के लिए रख दें। आटे को फिर से 2-3 मिनट तक या नरम होने तक गूंथ लें।
इसे 5-6 बराबर भागों में बाट लें और गोले बना लें। इन गोलों को गीले कपड़े से ढककर 30 मिनट के लिए फिर रख दें। 30 मिनट बाद आटे का एक गोला लें और उसे हथेलियों के बीच दबाकर लोई के जैसा आकार दें। सूखे आटे की सहायता से इसे चकले में लंबा बेल लें। अब ऊपर से थोड़ा कटा हुआ लहसुन और कटा हुआ हरा धनिया छिड़कें और हाथ या बेलन से धीरे से दबा दें।
अब नान को पलटें (लहसुन वाली सतह नीचे की तरफ रखें) और सादी वाली सतह में ब्रश या हाथ से पानी लगाकर गीला करें।
फिर लोहे के तवे को मध्यम आंच पर गर्म करें (नान बनाने के लिए नॉन-स्टिक तवे का उपयोग न करें)। जब तवा गर्म हो जाए तो पानी वाले नान की सतह को तवे पर रखें। 1 मिनट में आपको रोटी पर बुलबुले से दिखने लगेंगे।
तवे का हैंडल पकड़ें और उल्टा करके सीधे गैस पर रखें। तवे को इधर-उधर घुमाते हुए नान की सतह पर हल्के भूरे रंग के धब्बे आने तक सेकें। अब नान को आसानी से कड़छी के सहारे निकाल लें। अब आप पाएंगे की निचली सतह भी सुनहरी हो गई है। इसे मक्खन लगाकर सर्व करें।

लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / जब भागती-दौड़ती जिंदगी से थक जाओ, तो थमने के लिए घूमने-फिरने के लिए निकल जाओ।पर्यटन के शौकीन इस बात को बखूबी समझते होंगे।घूमने फिरना सेहत के लिहाज से किसी रिफ्रेशिंग टॉनिक से कम नहीं है।इससे आप शारीरिक रूप से फिट तो बनते ही है, साथ ही इससे आप मानसिक रूप से मजबूत भी बनते हैं।आप में सकारात्मकता का संचार होता है।पर्यटन को समर्पित आज ऐसा ही दिन है विश्व पर्यटन दिवस।आइए, जानते हैं इससे जुड़ीं खास बातें।
क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस
पर्यटन से रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। विश्व पर्यटन दिवस लोगों में पर्यटन के प्रति जागरूकता लाने और अधिक से अधिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। पर्यटन से किसी भी देश को आर्थिक स्थिति को भी ऊपर ले जाने में मदद करता है। कुछ देशों की आर्थिक स्थिति पर्यटन पर ही निर्भर करती है। पर्यटन दिवस का उद्देश्य देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करना भी होता है।
क्या है इस साल की थीम
हर साल पर्यटन दिवस की एक अलग थीम होती है। इस बार की पर्यटन की थीम पर्यटन और ग्रामीण विकास है। इससे ग्रामीण इलाकों को युवाओं और लोगों को रोजगार प्रदान करना है। पर्यटन से कई लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। किसी भी देश की सांस्कृतिक विरासत को भी पर्यटन से बढ़ावा मिलता है।
कब हुई विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत
विश्व पर्यटन दिवस उन लोगों के लिए बहुत खास होता है जो लोग पर्यटन से जुड़े हुए हैं। इस दिन देश, राज्य और दूसरे देश पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कार्य करते हैं। विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत सन् 1970 में विश्व पर्यटन संस्था के द्वारा की गई थी। सन् 1980 में 27 सितंबर को पहली बार विश्व पर्यटन दिवस मनाया गया।

लाइफस्टाइल/शौर्यपथ / वो शाख है ना फूल,
अगर तितलियां ना हों,
वो घर भी कोई घर है
जहां बच्चियां ना हों.
आज घर की रौनक और गर्व का दिन यानी बेटी दिवस है। बदलते परिवेश में भारत में बेटियों के प्रति नजरिए को लेकर बहुत बदलाव आया है लेकिन अभी भी भार त को बेटी के महत्व को समझने के लिए एक लम्बा रास्ता तय करना है।केवल आज के दिन ही नहीं, बल्कि आज से आप बेटियों के महत्व को समझते हुए उनके सपनों को उड़ने के लिए पंख दे सकते हैं।कोशिश करें, कि आप बेटियों के अस्तित्व को तलाशने में उनकी मदद करें। आइए, जानते हैं डॉटर्स डे पर कुछ जरूरी बातें-
क्यों मनाया जाता है डॉटर्स डे
बेटियों के लिए खास प्यार जताने के लिए डॉटर्स डे मनाया जाता है। सिर्फ बेटियों के लिए ही नहीं, बेटा , मां , पिता और यहां तक की दादा-दादी के लिए भी साल में एक खास दिन रखा गया है।
भारत में क्यों मनाया जाता है डॉटर्स डे
हालांकि, भारत में बेटी दिवस मनाने की एक खास वजह बेटियों के प्रति लोगों को जागरुक करना। इस दिन बेटी को न पढ़ाना, उन्हें जन्म से पहले मारना, घरेलू हिंसा, दहेज और दुष्कर्म से बेटियों को बचाने के लिए भारतीयों को जागरुक करना है। उन्हें यह समझाना कि बेटियां बोझ नहीं होती, बल्कि आपके घर का एक अहम हिस्सा होती हैं।
बेटी दिवस के संदेश
खिलती हुई कलियां है बेटियां
मां बाप का दर्द समझती है बेटियां
घर को रोशन करती है बेटियां
लड़के आज हैं तो आने वाला कल है बेटियां
Happy Daughters Day 2020
सूरज बनने के बाद भगवान के पास जो रौशनी बची
उसे बेटी बना कर हमारे घर भेज दिया
Happy Daughters Day 2020
बेटियां बाप की आंखों में छिपे ख्वाब को पहचानती हैं,
और कोई दूसरा इस ख्वाब को पढ़ ले तो बुरा मानती हैं
Happy Daughters Day 2020
बेटी की हर ख्वाहिश पूरी नहीं होती,
फिर भी बेटियां कभी भी अधूरी नहीं होतीं

दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के कांकेर में एक पत्रकार के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही मारपीट का विरोध करने पहुँचे वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला के साथ मारपीट की गई। यह घटना बेहद निंदनीय कृत्य है, दुर्ग जिला प्रेस क्लब इसकी कड़ी निंदा करता है। साथ ही हम सब कड़ी कार्यवाही की मांग करते है। इस घटना को लेकर दुर्ग जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष शमशेर खान ने कहा कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला है। पत्रकार विषम परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। जनहित में समस्याओं को उठाते हैं। पत्रकारों पर आए दिन फर्जी मुकदमे लादकर पत्रकारों को दबाया जा रहा है। उनके साथ मारपीट की जा रही हैं। पत्रकारों का संरक्षण सरकार और प्रशासन का नैतिक कर्तव्य है। इस तरह की घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में शीघ्र पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करे। जिसका उल्लेख कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में किया था।
दुर्ग जिला प्रेस क्लब के समस्त सदस्य सर्वश्री रवि सोनकर , पवन केशवानी , सौरभ शर्मा , सुरेन्द्र , राजेन्द्र , प्रहलाद दुबे , शरद पंसारी , अभिषेक सांवल , मनीष चरक , येनु देवांगन , मनोज देवांगन सही दुर्ग जिला प्रेस क्लब के सदस्य जिला कलेक्टर से मिलकर प्रदेश के राज्यपाल , मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे और जिम्मेदार लोगो पर कार्यवाही की मांग करेंगे .

भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई की जनता को ठगने वाले, झूठी वाहवाही लूटने वाले, विकास कार्यों में छोटी सोच रखकर दलगत राजनीती करने वाले नेता अब अपने आप को बड़ा पाकसाफ बता रहे हैं। पहले वे खुद अपने बारे में सोचें अपने कार्यकाल में भाजपाई वार्डों में हुए एकतरफा बंदरबाट और कांग्रेसी वार्डों और वहाँ की जनता को झुनझुना पकड़ाया है इसलिए पहले वे देखें कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्या किया है। वोट मांगने लोगों को भरमाते रहे, विकास कार्य के नाम में सिर्फ भूमिपूजन करते रहे। यही नहीं टाउनशिप में एलईडी लाइन लगाने के नाम पर सरकार का लाखों रूपए का भ्रष्टाचार किया जिसका कोई माई-बाप नही है और स्थिति यह कि आज टाउनशिप के वार्डों जगह जगह में सिर्फ अंधेरा छाया रहता है।
यही नहीं जब पूरे शहर में डेंगू महामारी छाई थी। बच्चों सहित कई लोगों की जान चली गई थी पूरे शहर में मातम छाया था। तब पूर्व मंत्री अपने सेक्टर 9 बंगले में एसो आराम से नगर निगम पर आरोप लगाने की राजनीति कर रहे थे। तब उन्हें जनता का दुख नहीं दिखा। आज भी जब कोरोना महामारी का दौर चल रहा है ऐसे में भी मंत्री को कभी फुर्सत नहीं मिली की वे एक दिन भी जनता के सहयोग के लिए अपने बंगले से बाहर निकले और गरीबों की मदद करें।
कोरोना काल में अपने दल के पार्षदों तक को जनता के पास न जाने और घर पर रहने की सलाह देने वाले पूर्व मंत्रीजी का पार्षदों पर बयान देना उनकी गिरती लोकप्रियता और खत्म होती साख को दर्शाता है जिससे वे अपना आपा खो बैठे हैं और इस तरह के बयानबाजी करने को मजबूर हो गए हैं।
ऐसे वोट लोभी, स्वार्थी नेता के अंध भक्त आज उनकी बढ़ाई कर रहे हैं। पर वे भूल रहे हैं कि कोरोनाकाल में पूर्व मंत्रीजी स्वयं लुप्त हैं। जो अन्य भक्त पार्षद अपने नेता की बढ़ाई रहे हैं उसने भी इस कोरोना काल में उनकी कोई मदद नहीं की बल्कि भिलाई के युवा महापौर ने पूरे शहर की जनता को अपना परिवार माना और वे खुद लगातार जुटे रहे। कोरोना से अपने टीम के साथ निरंतर लड़ते रहे। युवा महापौर और विधायक ने एक कोरोना से लड़ाई में एक दिन भी घर पर ना बैठकर लगातार आमजन, अधिकारियों-कर्मचारियों और पार्षदों से संवाद बनाये रखा और तो और कोरोना से जंग के दौरान कोरोना संक्रमित भी हुए। जनता के लिए अपनी जांन तक जोखिम में डाली। लेकिन जनता के आर्शीवाद और प्यार ने उन्हें फिर से स्वस्थ्य कर दिया और वे फिर से कोरोना की जंग जीतने जनता के साथ खड़े है। पार्टी भेदभाव के परे दलगत राजनीति से कोसो दूर केवल भिलाई और भिलाई की जनता के लिए समर्पित होकर नि:स्वार्थ भाव से महापौर ने हर क्षेत्र में संभव सकारात्मक प्रयास किया है चाहे सभी 70 पार्षदों को पार्षद-निधि की राशि कोराेना वायरस से लड़ने खर्च करने की स्वीकृति शासन से मांग कर लाए,चंदूलाल को 800 बिस्तर का कोविड अस्पताल बनाना हो या फिर शंकराचार्य को संक्रमितों के लिए आरक्षित करवाना हो या फिर बीएसपी से अतिरिक्त वेंटीलेटर की व्यवस्था करने के लिए आदेशित किया, मुख्यमंत्री जी से माँग कर डोनेशन आन व्हील्स की शुरुवात की समाज के सबसे निचले क्रम तक हर जरूरतमंद के लिए राशन व सामग्री जुटाना हो या अन्य मदद की व्यवस्था करना हो महापौर जी सदैव आगे रहे। लेकिन महापौर ने इस बात का कभी बखान नहीं किया।

राजनांदगांव/शौर्यपथ / ऐसा समय जिसमें व्यक्ति एवं परिवार व्यापार से, सामाजिक व्यवहार से, शारीरिक व्याधियों से ,आर्थिक संसाधनों की कमी से लगातार संघर्षरत है
ऐसे में शहर राजनांदगांव जिले एवं प्रदेश की निजी स्कूलों द्वारा जो मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण दिया गया है उसे राजनांदगांव एवं प्रदेश के पालक कभी नहीं भूलेंगे ।
शहर की मुख्यतः दो शिक्षण संस्थाएं जिसमें एक व्यक्तिगत नाम से चार स्कूलों का संचालन हो रहा है एवं दूसरी जो धार्मिक संस्था की आड़ में दुर्जनो को प्रबंधन प्रमुख बनाकर पालको को प्रताड़ित करने के अपने असीम ज्ञान एवं क्षमताओं का बेहूदा प्रदर्शन कर रहे हैं ।

बच्चों ने स्कूलों का दरवाजा तक नहीं देखा किंतु पालकों के दरवाजे तक स्कूलों का नोटिस जरूर आ गया जैसे पालक अनुबंधित है (स्कूल प्रबंधन को बिना सेवा लिए भी भुगतान करना ही होगा)
निजी स्कूल प्रबंधन टीचर्स के वेतन को आधार बनाकर उनकी वेतन लागत से भी 10 गुना ज्यादा शिक्षण शुल्क की मांग कर रहे हैं ऑनलाइन शिक्षा के मानक शिक्षा विभाग द्वारा तय किए जाएं
(केवल फोटो और वीडियो अपलोड करके ऑनलाइन शिक्षा कारगर सिद्ध नहीं हो सकती)

राजनांदगांव में स्कूलों की इन मनमानियां के चलते कोरोना पीड़ित पालक मंच बन गया है जिसमें पालकों को हो रही परेशानी की आवाज जिला प्रशासन एवं प्रदेश प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है इस कोरोना पीड़ित पालक मंच के संयोजक श्री विकास बाफना ने बताया कि निजी स्कूलों ने इस कोरोना काल में मानवता से परे मनमानियों की सारी हदें पार कर दी हैं ।
1 सर्वप्रथम पालकों की अनुमति के बिना बिना स्तरहीन ऑनलाइन शिक्षा का दिखावा
2 उसके बाद माननीय हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए शिक्षण शुल्क को बढ़ाकर मांगना
3 उसके बाद फीस जमा नहीं करने पर ऑनलाइन शिक्षा से वंचित करने की धमकी देना
4 उसके बाद बच्चों को भी मैसेज कर पालकों पर भावनात्मक दबाव बनवाना
5 फिर ऑनलाइन शिक्षा से वंचित करना
6 ड्रॉप करने का विकल्प देना
7 ड्रॉप करने का विकल्प चुनने के बाद यदि पुनः प्रवेश मांगा जाएगा तो पूरे सत्र की मनमानी फीस देना ही होगा ऐसी शर्त रखना
8 स्कूलों से टीसी लेने की बात कहना
9 और तो और दो मुख्य निजी स्कूलों का आपसी सहमति ऐसी भी एक दूसरे की टीसी को एडमिशन भी नहीं देने की योजना बनाई।
इन्हीं मनमानीयों के विरोध में 21 सितंबर को कोरोना पीड़ित पालक मंच राजनांदगांव द्वारा जयस्तंभ चौक से जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय तक जिला प्रशासन ,माननीय मुख्यमंत्री, एवं माननीय महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम बारिश के कारण स्थगित हो गया था जो आगे प्रस्तावित है । और जल्द ही पालकों का भीषण विरोध शहर की सड़कों पर दिखेगा....

भिलाई नगर / शौर्यपथ / महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशानुसार निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज सभी जोन के वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान में रोड की सफाई, रोड की धुलाई, नालियों की सफाई, विभिन्न कार्यालयों में सैनिटाइजिंग, सड़क किनारे पड़े हुए मलबा, सड़कों की धुलाई इत्यादि कार्य किया गया! पूरे जोन क्षेत्र में 1480 कर्मचारी इस अभियान में जुटे रहे, जोन क्रमांक 1 में 400, जोन क्रमांक 2 में 390, जोन क्रमांक 3 में 280 और जोन क्रमांक चार में 410 स्वच्छता कर्मचारी ने इस अभियान को अंजाम दिया! इनके कार्यों की मॉनिटरिंग निगम के अधिकारियों ने की!
निगमायुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली मौजूद रहे! टोटल लॉकडाउन में विशेष अभियान के तहत प्रमुख सड़कों के किनारे, खेल मैदान और शासकीय भवनों के परिसर में बिखरे पड़े पालीथिन, थर्माकोल के कचरे को एकत्र किया गया। रोड किनारे की कंटीली झाडिय़ों की कटाई की गई। जोन-1 के सफाई कर्मियों की टीम ने नेशनल हाइवे के किनारे और दक्षिण गंगोत्री सर्कस मैदान में बिखरे पड़े पॉलीथिन, थर्माकोल और टायर सहित अन्य कचरे को एकत्र किया। संजय नगर सार्वजनिक शौचालय, दक्षिण गंगोत्री उत्तर गंगोत्री एवं होजियारी मार्केट सुपेला रोड किनारे उग आई झाड़ियों की कटाई की। नालियों की सफाई के साथ डस्टबिन से कचरा खाली किया गया। वार्ड-4 राधिका नगर में विशेष अभियान चलाकर सड़क, नाली की सफाई कर ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव किया गया!
जोन-2 वैशाली नगर की टीम ने कंप्रेसर मशीन से पानी का छिड़काव कर गौरवपथ और डिवाइडर की सफाई कराई। ओम शांति ओम चौक को पानी से धुलाई किया। नंदनी रोड की झाड़ू से सफाई की गई। वार्ड-13 राजीव नगर की सड़क नालियों की सफाई के साथ सैनिटाइज किया गया। वार्ड-11 शांति नगर रोड किनारे और वार्ड-16 स्थित कुरूद स्थित बिजली ऑफिस परिसर की जंगली घास और कंटीली झाडिय़ों की कटाई की गई। वार्ड-18 के सड़क नालियों की सफाई की। जोन-3 की टीम ने वार्ड-21 जेपी नगर, भोला किराना स्टोर्स, कर्मा भवन, मन्नू मोबाइल के सामने, जेपी नगर स्कूल रोड, गुप्ता होटल के पास , महिला सुलभ शौचालय परिसर की सफाई कर खाली जगहों पर बिखरे पड़े कचरे को उठाया। व्यंक्टेशवर टॉकीज के सामने पार्किंग स्थल और रोड किनारे की झाड़ियों की कटाई की। वार्ड-23 तालाब परिसर की सफाई में टीम जुटी हुई है।
जोन-4 की टीम ने वार्ड- 29 संजय नगर लाइन, बापू नगर, श्री राम चौक, वार्ड-33 क्रांति मार्केट बस्ती, नेशनल हाइवे के सर्विस रोड, केनाल रोड, शिव मंदिर, वार्ड-36 मुस्लिम बस्ती, लोहार बस्ती, होंडा शो रूम, गौतम नगर चौक, वार्ड-37 नंदनी रोड, वार्ड-35 शासकीय नवीन महाविद्यालय का सफाई किया! जोन की टीम ने वार्ड-9 कोहका स्थित प्राथमिक चिकित्सालय, श्री शंकराचार्य कोविड अस्पताल और वार्ड-29 शासकीय चिकित्सालय को सैनिटाइज किया गया। कलेक्टर भुरे ने सभी नगरीय निकायों को सड़क, नालियों की सफाई के साथ डिवाइडर, चौक-चौराहे, तालाब, मार्केट, मंडी, सावर्जनिक भवनों की सफाई और सैनिटाइज करने कहा है। सड़कों के किनारे डंप बिल्डिंग मटेरियल और मलबा को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसी तारतम्य में भिलाई निगम ने टोटल लॉकडाउन में विशेष सफाई अभियान चलाया!
संक्रमण से मुक्त रखने व्यापक स्तर पर सैनिटाइजिंग अभियान कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने के लिए निगम क्षेत्र में व्यापक सैनिटाइजिंग अभियान चलाया गया! थाना, सार्वजनिक क्षेत्र, व्यवसायिक क्षेत्रों, अस्पतालों, मार्केट एरिया, मकानों, अस्पतालों एवं दुकानों को सैनिटाइज किया गया!

रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल द्वारा नक्सल समस्या पर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने कहा कि जिनके राज में नक्सल समस्या को खाद, पानी मिली वही ज्ञान दे रहे है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने के पहले भारतीय जनता पार्टी और बृजमोहन अग्रवाल को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। प्रदेश आज नक्सलवाद के दंश को झेल रहा है तो उसके पीछे भारतीय जनता पार्टी की रमन सरकार जबाबदेह है । जिसके राज में नक्सलवाद बस्तर के तीन ब्लाकों से निकल कर प्रदेश के 14 जिलो तक पहुंच गया।
उस रमन सरकार में बृजमोहन अग्रवाल गृहमंत्री सहित अनेक प्रमुख विभागो के मंत्री पूरे पन्द्रह साल तक रह चुके है । जब तक सत्ता में थे तब तक न भाजपा को और बृजमोहन को नक्सल समस्या की कोई चिंता थी। पन्द्रह सालो में नक्सल समस्या से निपटने के लिए भाजपा सरकार ने किसी भी प्रकार की ठोस राजनैतिक, सामाजिक आर्थिक और सामरिक नीति नही बनाई । हर बड़े नक्सल वारदात के बाद उसे नक्सलियों की कायराना हरकत बता कर भाजपा के हुक्मरान अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते थे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के राज में बस्तर का आम आदमी नक्सलवाद और सुरक्षा बलों के दो पाटों में पीस रहा था । राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्प्ष्ट कहा कि उनकी सरकार बस्तर में रहने वाले नागरिकों, व्यापारियों, पत्रकारों, सुरक्षा बलों के जवानों जन प्रतिनधियों की मंशा के अनुरूप काम करेगी ।सरकार बस्तर वासियों की मंशा के अनुरूप वहां काम कर रही है । बस्तर के आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार का प्रमुख ध्येय है। सुरक्षा बल के जवान उसी दिशा में काम कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बस्तर में भाजपा सरकार ने वहाँ के नागरिकों की संविधान प्रदत्त अधिकारों को लंबित कर दिया था। नागरिकों को छोटी-छोटी धाराओं में वर्षो तक बन्द रखा था। आदिवासियों को नक्सली बता कर जेलों में डाल दिया था लेकिन भाजपा सरकार उनके विरुद्ध आरोप साबित नही कर पाती थी ।बस्तर में भाजपा की रमन सरकार ने आदिवासियों के खिलाफ विद्वेषवश झूठे मुक़दमें बनवाये थे कुछ लोगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज गिरफ्तारियां कर ली गयी उनके खिलाफ वर्षो तक चालान नही प्रस्तुत किया ।न्यायालय में सुनवाई नही शुरू हुई । जिन धाराओं के तहत उनकी गिरफ्तारियां की गई थी उन धाराओं में दोष सिद्ध हो जाने पर उतनी सजा नही थी जितने दिनों से वे आदिवासी न्याय की आस में जेलों में निरुद्ध रखे गए है।
कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्षो में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई का निर्णय लिया ।इसके लिए जस्टिस पटनायक की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई गई है जो बैठक कर मामलों की समीक्षा कर रही है । कुछ आदिवासियों की रिहाई के कानूनी अड़चने दूर भी की जा रही है। भाजपा को इस प्रकार निर्दोषों को जेलों में बंद करने के लिए बस्तर की जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिये। प्रदेश में नक्सल के विस्तार को नही रोक पाने की नैतिक जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिये।

कचांदूर स्थित कोविड केयर सेंटर में अब तक 2117 मरीज स्वस्थ होकर लौटे घर


दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना महामारी की लड़ाई में कई ऐसे अनगिनत योद्धा हैं। जो अपना तो फर्ज निभा ही रहे हैं, बल्कि पर्दे के पीछे रहकर बड़ा काम भी कर रहे हैं। वे अपनी जान की परवाह किए बगैर कोविड केयर सेंटर में भर्ती बुजुर्ग एवं दिव्यांग मरीजों का परिवार के सदस्य की तरह देखभाल कर रहे है। इनकी सेवा भावना से ही कोविड केयर सेंटर कचांदुर में भर्ती संक्रमित मरीज रोग से लड़ने के लिए अपना हौसला बड़ा रहे हैं। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचांदुर में संचालित कोविड केयर सेंटर में सामान्य मरीजों के साथ बुजुर्ग एवं दिव्यांग मरीज भर्ती हैं। जिनका इलाज मेडिकल स्टॉफ कर रहे हैं। इनकी देखभाल मेडिकल ऑफिसर के सुपरविजन में चिकित्सीय स्टाफ में सम्मिलित वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मी और नर्स कर रहे हैं। वे अपने हाथों से दृष्टिहीन दिव्यांग मरीजों का सुबह- शाम चाय नाश्ता देते हैं, खाना खिलाते हैं। समय पर उन्हें दवाइयां देते हैं।
ये कोरोना योद्धा दिव्यांग मरीजों की एक आवाज में पीपीई किट पहनकर सरपट वार्ड पहुंच जाते हैं। उनको टायलेट, बाथरूम तक हाथ पकड़कर लेकर जाने और वापस बेड तक छोड़ने का पूरा ख्याल रख रहे हैं ऐसी ही एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भर्ती है जिसकी दृष्टि कमजोर है इनकी संपूर्ण देखरेख की जा रही है। कोविड केयर सेंटर में ऐसे दिव्यांग मरीजों की संख्या 3 है। जिनमें 1 महिला और 2 पुरुष मरीज हैं। शिफ्ट के अनुसार वार्ड ब्वाय और नर्स देखभाल कर कोरोना को हराने और मरीज को जल्द स्वास्थ्य लाभ दिलाने में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। 4 शिफ्ट में मेडिकल स्टाफ एवं उनकी टीम मरीजों की देखभाल कर रही है! मरीजों को उनके बेड तक नाश्ता से लेकर भोजन मुहैया कराया जा रहा है!
2117 मरीज स्वस्थ होकर लौट चुके हैं घर बिना लक्षण वाले मरीजों को रखकर उनका उपचार कर कोविड के दायरे से बाहर लाने में कोविड केयर सेंटर कचांदूर स्थित केंद्र ने लगभग 2117 मरीजों को स्वस्थ कर दिया है! सबसे सुंदर सेंटर से विदाई का क्षण होता है, स्टाफ विदा करता है और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देता है, ऐसे ही पत्रकारिता जगत से जुड़े हुए उमेश पांडे कचांदूर स्थित कोविड सेंटर से स्वस्थ होकर घर लौट गए है उन्होंने बताया कि समय पर भोजन मिला, भोजन की गुणवत्ता अच्छी है, स्वास्थ्य देखभाल अच्छी हुई मैं व्यवस्था से संतुष्ट हूं! 5 अगस्त से यहां कोविड केयर सेंटर आरंभ किया गया था! इसके बाद से यहां पर 2291 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है! कोविड केयर सेंटर के प्रभारी डॉ अनिल शुक्ला ने बताया कि अभी 103 मरीज भर्ती है! प्रत्येक 6 घंटे में टीम बदली जाती है, कोविड वारियर की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है! इन सभी के रहने के लिए सुविधा उपलब्ध कराई गई है! आइसोलेशन की सुविधा के लिए रिटायरिंग रूम भी उपलब्ध है!
निगमायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि ऑक्सीजन लेवल की नियमित मॉनिटरिंग करते रहे! ऐसे 69 मरीज जिन्हें ऐसी समस्या आई उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर किया गया! नोडल अधिकारी रघुवंशी समय-समय पर स्वयं भोजन की गुणवत्ता जांच परख रहे हैं! खाना रिच प्रोटीन डाइट का उपलब्ध कराया जा रहा है! अस्पताल की व्यवस्था बेहतर रहे, इसके लिए सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड सेंटर बनाया गया है! मरीजों की भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक के सारे कार्य इसी के माध्यम से किए जाते हैं, मरीजों तक सूचना पहुंचाने का यह एक बेहतर माध्यम है! सीसीटीवी कैमरे से मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इस पर नजर रखी जा रही है!
ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए 44 बेड की व्यवस्था कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं निगम आयुक्त रघुवंशी के निर्देश पर ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था कोविड केयर सेंटर में की गई है! कमांडिंग सेंटर का कार्य देख रहे आशीष चंद्राकर ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में मरीजों का ऑक्सीजन लेवल निरंतर चेक किया जा रहा है, ऑक्सीजन लेवल कम होने पर मरीजों को प्राथमिक तौर पर ऑक्सीजन बेड में रखा जाता है, स्थिति सुधार नहीं होने पर तत्कालिक रूप से हायर सेंटर में रेफर किया जाता है! महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव के प्रयास से शुरू किए गए इस कोविड सेंटर की मॉनिटरिंग लगातार उच्च अधिकारी कर रहे है! कोविड सेंटर के सभी वार्ड में स्वच्छ पानी के लिए आरओ वाटर, हास्पिटल की साफ-सफाई, सेनिटाइजिंग और सुबह शाम चाय-नाश्ता, काढ़ा, गरम पानी और खाने की व्यवस्था का प्रबंध किया है। यहां पर भर्ती मरीजों को जल्द स्वास्थ्य लाभ दिलाने हर संभव प्रयास किया जा रहा है!

सेंटर से 100 लोग डिस्चार्ज हुए
कोरोना पीडि़त मरीजों को मिली नि:शुल्क सुविधाएं
स्वस्थ होकर नागरिकों ने आभार व्यक्त किया

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 संक्रमण की विभीषिका का सामना करने में जिले की उदयाचल एवं श्री शांति विजय सेवा समिति ने आगे बढ़कर लोगों की मदद की है। उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से अभी 100 लोग डिस्चार्ज हुए हैं। उदयाचल समिति के भावेश बैद ने कहा कि कोविड-19 केयर सेंटर की संचालन के दरम्यान यह बात महसूस हुई कि मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। लोगों की दुआ एवं स्नेह से हमें ऐसी गंभीर स्थिति में सेवाभावी कार्य के लिए प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर के प्रेरणा स्रोत कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा है। उन्होंने हमें आगे बढ़कर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कुछ तकलीफे और समस्याएं भी सामने आई। जिनका हम समय पर समाधान खोज पाए और सभी के लिए सुचारू व्यवस्था कर पाएं। उनकी प्रेरणा से ही यह सेंटर इतने सफलता पूर्वक कार्य कर रहा है।
केशर नगर के मेहुल मारू ने बताया कि कोविड-19 पॉजिटिव आने के बाद इस केयर सेंटर में भर्ती हुए। उन्होंने कहा कि आपदा के इस दौर में उदयाचल सेवा समिति द्वारा किए जा रहे सेवाभावी कार्य के लिए धन्यवाद देने के लिए शब्द नहीं हैं। सेंटर में केटली, थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, बीपी मशीन एवं अन्य व्यवस्था की गई है। वे प्रतिदिन के पौष्टिक आहार की प्रशंसा करते हुए बताते हैं कि उपमा, पोहा एवं अन्य नाश्ते के साथ पनीर एवं विविध प्रकार की सब्जी खिचड़ी, हल्दी मिला दूध, नारियल पानी, फल आदि सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही है। उन्होंने लोगों से कहा है कि कोरोना के जरा भी लक्षण दिखे तो सबसे पहले टेस्ट कराएं और बिल्कुल न डरे। सिर्फ सकारात्मक सोच रखे तभी कोरोना से लड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले हार्ट की भी तकलीफ थी लेकिन अब वे पूर्णत: स्वस्थ है और अपने घर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के परामर्श से कोविड-19 केयर सेंटर में आ सकते है।
उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से ठीक होकर जाने के बाद महेश शर्मा ने समिति के भावेश से अपने परिजनों से बात करवाकर धन्यवाद दिया और कृतज्ञता ज्ञापित की। सहदेव नगर की प्रियल पाल ने बताया कि सेंटर में सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हंै।

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