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नई दिल्ली / शौर्यपथ / बेंगलुरु बेंगलुरु में 2008 में हुए सीरियल ब्लास्ट का भगोड़ा आरोपी 12 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा. आरोपी धमाके के बाद विदेश में जाकर छुप गया था. लेकिन ख़ुफ़िया एजेंसियों ने पिछले साल उसे ढूंढ निकाला और जैसे ही वो देश लौटा सोमवार को उसे तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया.
शोएब पिछले 12 सालों से पुलिस को चकमा देता रहा लेकिन आखिरकार सोमवार को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया जैसे ही वो दुबई से वापस लौटा. संदीप पाटिल संयुक्त आयुक्त क्राइम बेंगलुरु पुलिस ने बताया, " एक आरोपी जिसने सीरियल ब्लास्ट में अहम भूमिका निभाई थी वह 2008 में धमाके के बाद विदेश भाग गया था. पिछले साल सेंट्रल एजेंसी से हमें पता चला था कि वह कहां है.''
पुलिस ने शोएब को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है. शोएब पर आरोप है कि उसने 2008 में बेंगलुरु में हुए सीरियल ब्लास्ट की प्लानिंग के साथ साथ ना सिर्फ आतंकियों को असलहा, बारूद और रहने का ठिकाना मुहैय्या कराया बल्कि उनके भाग निकलने के लिए मदद की. कुल 32 में से 22 आरोपी पकड़े गए जो शोएब को मिलाकर 23 हो गए हैं.
बता दें कि 25 जुलाई 2008 में दोपहर डेढ़ बजे पहला धमाका हुआ था और इसके बाद शहर के अलग अलग हिस्सों में 6 और यानी कुल 7 धमाके हुए थे और बाद में एक ज़िंदा बम कोरमंगला में निष्क्रिय किया गया था. रिमोट डिवाइस से किए गए इन लो इंटेनसिटी धमाकों में 20 लोग घायल हुए थे और एक की मौत हुई थी.
मामला 12 साल पुराना है शोएब की फ़ाइल पुलिस के पास तो है लेकिन समस्या ये है कि जांच से जुड़े ज़्यादातर अधिकारी रिटायर हो चुके हैं. ऐसे में पुरानी कड़ियों को नए सिरे से जोड़ने की चुनौती पुलिस के सामने है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / गुवाहाटी केंद्र सरकार की ओर से जारी कोविड-19 गाइडलाइंस के तहत देशभर में स्कूल-कॉलेजों को आंशिंक रूप से खोलने की अनुमति दे दी गई है, जिसके बाद सोमवार से असम में कई स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं. कोविड-19 महामारी के चलते देश में पिछले छह महीनों से सभी शिक्षण संस्थान बंद थे. अब सोमवार से इन्हें आंशिक रूप से खोलने की इजाज़त मिल गई है. हालांकि, कई राज्यों ने अभी भी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है.
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए SOP (Standard of Procedure) के तहत कहा गया है कि 21 सितंबर से देशभर के स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों और 50 फीसदी स्टाफ के लिए स्कूल खोले जा सकते हैं. इसमें कहा गया है कि कक्षा 9 से कक्षा 12वीं तक के बच्चों को स्कूल आने की अनुमति होगी. हालांकि, कंटेनमेंट ज़ोन के तहत आने वाले स्कूल बंद ही रहेंगे. स्कूल आने वाले बच्चों को अपने टीचरों का निर्देशन और अभिभावकों की लिखित इजाजत लेनी होगी.
असम की राजधानी गुवाहाटी में स्कूल और कॉलेज खुलने के बाद बहुत से छात्र-छात्राएं स्कूल लौटे. यहां के एसबी देवरा कॉलेज कैंपस में छात्र मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करते दिखे. यहां पर परवीना रॉय नाम की एक छात्रा ने बताया कि यहां पर छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों और दूसरे प्रोटोकॉल्स का पालन करने की शर्त पर कॉलेज आने की अनुमति है.
परवीना ने कहा, 'कॉलेज कैंपस में फिर आकर अच्छा लग रहा है. हमने ऑनलाइन क्लासेज़ से अपनी पढ़ाई जारी रखी थी लेकिन मुझे पारंपरिक तरीके से क्लासरूम में पढ़ाई करना बहुत याद आया. मैं बहुत खुश हूं कि मैं अपने दोस्तों से मिल सकती हूं. मुझे लगता है कि हम जब तक सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करेंगे, मास्क पहनेंगे और हाथ सैनिटाइज़ करते रहेंगे, तबतक हम संक्रमण से बचे रहेंगे और कॉलेज आते रह पाएंगे.'
बता दें कि असम में कोरोनावायरस के मामलों में लगातार तेजी आ रही है. यहां पर पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 829 नए केस सामने आए हैं. फिलहाल राज्य में कुल एक्टिव मामलों की संख्या 29,609 है. राज्य में अभी तक वायरस से कुल 578 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,29,133 लोग इससे ठीक हो चुके हैं.
दुर्ग / शौर्यपथ /कृषि विधेयक को किसानों के लिए विनाशकारी बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। राजेंद्र ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार अगर सचमुच किसानों की हितैषी हैं तो पूरे देश में धान और गेहूं का समर्थन मूल्य 25 सौ रुपए घोषित करे। राजेंद्र ने कहा कि गेहूं का समर्थन मूल्य मात्र 50 रुपए बढ़ाने वाले भाजपा नेता किस मुंह से कांग्रेस पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं।
राजेंद्र ने सवाल किया कि 6 साल से केंद्र में भाजपा सत्तारूढ़ है। मोदी सरकार ने 6 साल तक स्वामीनाथन रिपोर्ट क्यों दबाए रखा? सच ये है कि कांग्रेस ने आयोग की रिपोर्ट को कभी अनदेखा नहीं किया, बल्कि किसानों के हित में फैसले लिए हैं। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने आयोग और किसान हित को ध्यान में रखकर 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा, जिसका मोदी सरकार ने खुला विरोध किया।
राजेंद्र ने कहा कि अगर मोदी सरकार में हिम्मत है तो भूपेश सरकार की तरह पूरे देश में धान और गेहूं का समर्थन मूल्य 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल घोषित करे। किसानों के हितैषी बनने का दावा कर रही मोदी सरकार ने रबी की उपज के समर्थन मूल्य में मात्र 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है जो किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। किसान हित में कोई भी फैसला न करने वाले भाजपा नेताओं का स्वामीनाथन आयोग की दुहाई देना हास्यास्पद है। राजेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता देश को बताएं कि कृषि विधेयक से आखिर किसानों को क्या फायदा होगा? वास्तविकता ये है कि देश के किसान समझ चुके हैं कि कृषि विधेयक कार्पोरेट घराने को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है। भाजपा सरकार इस विधेयक के माध्यम से किसानों के साथ छल कर रही है।
राजेंद्र ने कहा कि कोरोना संकट काल में अचानक लॉकडाउन से लाखों असंगठित मजदूरों, छोटे उद्योगों, छोटे व्यवसाइयों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई लोगों की अकाल मौत हो गई। लोगों के सामने जबर्दस्त आर्थिक संकट है। लोगों को राहत देने केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की, लेकिन देश की जनता को पैकेज का लाभ नहीं मिला है। 20 लाख करोड़ का पैकेज शायद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।
राजेंद्र ने कहा कि मोदी सरकार हर मामले में जुमला सरकार साबित हुई है। 2014 के चुनाव में भाजपा ने 2 करोड़ लोगों को हर साल रोजगार देने, महंगाई कम करने, किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। बीते 6 साल में बेरोजगारी, महंगाई लगातार बढ़ी है। किसानों की आय दोगुनी करना तो दूर देश के अधिकांश राज्यों में किसानों की हालत बदतर है। सारे मुद्दे जुमले साबित हुए।
राजेंद्र ने कहा कि नोटबंदी के समय भाजपा नेताओं ने नोटबंदी के फायदे गिनाए थे, लेकिन नोटबंदी के बाद बेरोजगारी बढ़ी और व्यवसाय चौपट हो गए। जीएसटी लागू करते समय एक देश एक टैक्स की बात कहते हुए महंगाई कम होने का दावा किया गया जो पूरी तरह फ्लाप साबित हुआ। अब कृषि विधेयक के फायदे बताए जा रहे हैं। यह विधेयक भी किसानों के लिए छलावा साबित होगा। यह सरकार पूरी तरह जुमलेबाज सरकार साबित हो चुकी है।
सेहत / शौर्यपथ चिपचिपाती गर्मी और उमस भरे मौसम में एक गिलास ठंडी छाछ का मिल जाए तो पूरे शरीर में ठंडक पड़ जाती है। लेकिन कैसा हो, अगर आपको पता चले कि आपकी पसंदीदा छाछ न सिर्फ स्वाद में टेस्टी है बल्कि आपकी इम्युनिटी और आपके मोटापे का भी ध्यान रखेगी। जी हां ऐसी ही एक छाछ का नाम है- खीरे की छाछ। खीरा शरीर में डिटॉक्सिफिकेशन को बढ़ावा देने के साथ कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, इम्युनिटी बढ़ाने, रक्तचाप को कंट्रोल करने के साथ मोटापा घटाने में भी मदद करता है। तो देर किस बात की आइए जानते हैं कैसे बनाई जाती है ये कूल-कूल कुकुम्बर मसाला छाछ।
कुकुम्बर मसाला छाछ बनाने के लिए सामग्री-
-1 कप दही
-आधा कप कद्दूकस किया हुआ खीरा
-2 चम्मच पुदीने की पत्तियां
-1 चम्मच मोटा पिसा हुआ भुना जीरा
-आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
-काला नमक, स्वादानुसार
-ताजी कटी हरी धनिया, गार्निश करने के लिए
कुकुम्बर मसाला छाछ बनाने का आसान तरीका-
कुकुम्बर मसाला छाछ बनाने के लिए सबसे पहले एक ब्लेंडिंग जार में दही और कसा हुआ खीरा और पुदीने की पत्तियां डालकर एकसाथ अच्छे से ब्लेंड कर लें। इस मिश्रण को जूस जैसा बनाने के लिए अगर आवश्यकता हो तो पानी मिला सकते हैं। अब इस मिश्रण को एक ग्लास जग में डालकर इसमें जीरा , लाल मिर्च पाउडर और काला नमक डालकर एक साथ मिला दें। अब इस पेय को धनिया पत्ती से गार्निश करके सर्व करें।
खाना खाजाना / शौर्यपथ / कोकोनट राइस एक साउथ इंडियन लंच या डिनर में बनाई जाने वाली रेसिपी है। इस रेसिपी को आमतौर पर नारियल के तेल में बनाया जाता है। कोकोनट राइस खास पोंगल और ओणम के अवसर बनाए जाते हैं। इस रेसिपी की खासियत यह है कि ये खाने में टेस्टी होने के साथ फैट बर्न के लिए भी अच्छी मानी जाती है। जिन लोगों को कम समय में ज्यादा वजन घटाने की इच्छा है, उनके लिए यह केटो डाइट सबसे अच्छा ऑप्शन हो सकती है। तो देर किस बात की आइए जानते हैं दक्षिण भारतीय स्वाद के पिटारों में से निकाली हुई रेसिपी- कोकोनट फ्राइड राइस कैसे बनाए जाते हैं।
कोकोनट राइस रेसिपी बनाने के लिए सामग्री-
-कद्दूकस की हुई गोभी- 4 कप
-कद्दूकस की हुई नारियल- 2 कप
-नारियल का तेल- 2 बड़ा चम्मच
-करी पत्ते- 6-8
-सरसों और जीरा- 1-1 चम्मच
-उड़द और चना दाल- 1 बड़ा चम्मच
-मूंगफली- 2 बड़े चम्मच
-साबुत लाल मिर्च- 1
-हरी मिर्च- 2
-नमक- स्वादानुसार
-नीबू का रस- स्वादानुसार
कोकोनट राइस रेसिपी बनाने का आसान तरीका-
कोकोनट राइस रेसिपी बनाने के लिए सबसे पहले कद्दूकस की हुई गोभी को तब तक सुखा लें जब तक उसकी नमी पूरी तरह खत्म न हो जाए। अब मूंगफली को भूनकर अलग रख लें। अब एक पैन में तेल गर्म करके उसमें लाल मिर्च, सरसों, जीरा , चना और उड़द दाल डालकर हल्का भूरा- होने तक भूनें।
अब पैन में करी पत्ता,हरी मिर्च डालकर आधा मिनट और भूनें। इसके बाद मूंगफली, भुनी हुई गोभी, नमक, नींबू का रस डालकर सभी चीजें एक साथ भून लें। आखिर में चावल में कसा हुआ नारियल डालकर सभी चीजों को एक साथ मिलाकर चला लें। आपके कोकोनट राइस बनकर तैयार हैं।
धर्म संसार /शौर्यपथ /त्रेता युग में हैहय वंश में कृतवीर्य नाम के राजा महिष्मतिपुरी में राज्य करते थे। इनकी एक हजार पत्नियां थीं किन्तु सन्तान कोई नहीं थी, जो राज्य संभाल सके। देवताओं, पितरों व साधुओं के निर्देशानुसार विभिन्न व्रतों के अनुष्ठान करने से भी उन्हें पुत्र की प्राप्ति नहीं हुई। तब राजा ने तपस्या करने का निश्चय किया। वे अपने मंत्री को सम्पूर्ण राज्य-भार देकर, राजसी वेष त्याग कर तपस्या करने चले गए। महाराज के साथ उनकी बड़ी रानी, जो की इक्ष्वाकुवंश में उत्पन्न महाराज हरिश्चन्द्र की कन्या पद्मिनी थी ने भी उनका अनुसरण किया। उन दोनों ने मन्दराचल पर्वत पर जाकर दस हज़ार वर्ष तक घनघोर तपस्या की।
तपस्या करने से महाराज का शरीर एकदम कमज़ोर हो गया। इधर महारानी पद्मिनी ने महासाध्वी अनुसूयाजी से विनीत होकर पूछा कि हे साध्वी! मेरे पति ने दस हज़ार वर्ष तक तपस्या की परन्तु फिर भी सर्व-दु:ख विनाशकारी भगवान केशवदेव अब तक प्रसन्न नहीं हुए। आप कृपा करके मुझे किसी ऐसे व्रत का उपदेश दीजिए कि जिसके पालन करने से भगवान श्रीहरि प्रसन्न हो जाएं एवं हमें राजचक्रवर्ती की तरह कीर्तिमान श्रेष्ठ पुत्र की प्राप्ति हो सके। पतिपरायणा साध्वी अनुसूया, रानी पद्मिनी की प्रार्थना सुनकर बड़ी प्रसन्न हुईं एवं रानी से बोलीं – 32 महीने बाद एक बार अधिक मास आता है। इस महीने में पद्मिनी एवं परमा नाम की दो एकादशियां आती हैं, इन एकादशियों के व्रत का पालन करने पर पुत्रदाता भगवान बहुत शीघ्र प्रसन्न होते हैं। अनुसूया देवी जी के कथनानुसार रानी पद्मिनी ने विधिपूर्वक एकादशी व्रत का पालन किया। तब भगवान केशवदेव गरुड़ पर स्वार होकर रानी के समीप आए और उन्होंने रानी से वरदान मांगने के लिए कहा। रानी ने बड़ी श्रद्धा से भगवान की स्तुति-वन्दना की तथा पतिदेव की अभिलाषा पूर्ण करने के लिए निवेदन किया। भगवान ने कहा- हे भद्रे! मैं तुम पर अति प्रसन्न हूं।
अधिक मास को मेरे नाम पर ही पुरुषोत्त्म मास कहते हैं। इस पवित्र महीने के समान अन्य कोई महीना मेरा प्रिय नहीं है। इस महीने की एकादशी भी मुझे अत्यन्त प्रिय है। आप लोगों ने इस व्रत का सही विधि-विधान से पालन किया है। अत: आपके पतिदेव को उनका अभिलषित वरदान अवश्य दूंगा। राजा को इच्छानुसार वरदान देकर भगवान अन्तर्हित हो गए। कालान्तर में उसी रानी के गर्भ से महाराज कृतवीर्य का पुत्र कार्तवीर्यार्जुन का जन्म हुआ। तीनों लोकों में कार्तवीर्यार्जुन के समान कोई बलवान नहीं था। इसी कार्तवीर्यार्जुन ने रावण को युद्ध में पराजित कर बन्दी बना लिया था।
कमला एकादशी (पद्मिनी एकादशी) व्रत वाले दिन क्या करे
वरुण मंत्र को जपकर पवित्र तीर्थों के अभाव में उनका स्मरण करते हुए किसी तालाब में स्नान करना चाहिए ।
अधिक मास की शुक्लपक्ष की 'पद्मिनी एकादशीÓ का व्रत निर्जल करना चाहिए ।
यदि मनुष्य में निर्जल रहने की शक्ति न हो तो उसे जल पान या अल्पाहार से व्रत करना चाहिए ।
इस दिन ब्रम्हचर्य का पालन करते हुए भूमि पर सोना चाहिए।
स्नान करने के पश्चात् स्वच्छ और सुन्दर वस्त्र धारण करके संध्या, तर्पण करके मंदिर में जाकर भगवान की धूप, दीप, नैवेघ, पुष्प, केसर आदि से पूजा करनी चाहिए ।
इस व्रत को करने के लिए दशमी के दिन कांसे के बर्तन में भोजन करना चाहिए और नमक नहीं खाना चाहिए।
प्रति पहर मनुष्य को भगवान या महादेवजी की पूजा करनी चाहिए ।
इसके पश्चात सफेद वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु का पूजन-अर्चन करें और कथा का पाठ करें।भक्तजनों के साथ भगवान के सामने पुराण की कथा सुने ।
रात्रि में जागरण करके नाच और गान करके भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए ।
पहले पहर में भगवान को नारियल, दूसरे में बिल्वफल, तीसरे में सीताफल और चौथे में सुपारी, नारंगी अर्पण करना चाहिए ।
इस तरह से सूर्योदय तक जागरण करना चाहिए और स्नान करके ब्राह्मणों को भोजन करना चाहिए ।
स्नान में तिल, मिट्टी, कुश व आंवले के चुर्ण भी शामिल करें।
धर्म संसार / शौर्यपथ / देश के अलग-अलग भागों में स्थित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से सबसे खास है श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग। यह ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में क्षिप्रा नदी के निकट रुद्र सरोवर के तट पर स्थित है। बारह ज्योतिर्लिंगों में इनकी गणना तीसरे स्थान पर आती है, किंतु प्रभाव की दृष्टि से इसका प्रथम स्थान है, क्योंकि इनकी पूजा-आराधना, अभिषेक आदि का प्रभाव कुछ ही मिनटों में प्रत्यक्ष दिखाई देने लगता है।
सृष्टि में तीन महाकाल ज्योतिर्लिंग हैं-आकाशे तारकं लिंग पाताले हाटकेश्वरम्। मृत्युलोके महाकालं लिंगत्रय नमोस्तुते ।। अर्थात्- श्रीमहाकाल आकाश में स्वयं तारक ज्योतिर्लिंग के रूप में, पाताल लोक में हाटकेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में तथा पृथ्वी पर श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं। पृथ्वी पर ये दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के रूप में विद्यमान हैं। इसीलिए तांत्रिक साधक भी इनकी पूजा-अर्चना करते रहते हैं। इन्हें अवंतिका (उज्जैयिनी) का महाराजा कहा जाता है, इसलिए रात्रि में कोई भी राज्य अध्यक्ष अथवा राष्ट्र अध्यक्ष यहां नहीं ठहरता।
यहीं पर इनका सम्पूर्ण परिवार तथा अनेकों शिवगण प्रत्यक्ष रूप में विराजमान रहकर महाकाल की सेवा में तत्पर रहते हैं। कहा जाता है कि यहां पर किए गए रुद्राभिषेक तथा पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नम: शिवाय’ का जप जीवात्माओं को सभी कष्टों से मुक्ति प्रदान करके मोक्ष प्राप्ति कराता है। महाकाल की प्रथम आरती चिताभस्म से होती है, जो भस्म आरती के नाम से प्रसिद्ध है। इस आरती का इतना महत्व है कि इसमें सम्मिलित होने के लिए शिवभक्त मध्यरात्रि से ही पंक्ति में लग जाते हैं। महाकाल ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ यहां अन्य और भी कई तीर्थस्थल हैं-
हरिसिद्धी शक्तिपीठ: यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि इस स्थान पर देवी सती की कोहनी गिरी थी। यहां सम्राट विक्रमादित्य के समय से ही अखंड ज्योति जल रही है। रोजाना 1001 दीयों को प्रज्वलित करके मां की आरती होती है।
नागतीर्थ: महाकाल ज्योतिर्लिंग के ठीक ऊपर ही नागतीर्थ मंदिर है, जो सिर्फ नागपंचमी के दिन ही जनदर्शन के लिए खुलता है।
भैरव तीर्थ: यहां ‘काल-भैरव’ का सबसे चमत्कारी मंदिर भी है। चिंताहरण गणेश, भर्तृहरि गुफा, ऋण मुक्तेश्वर व गढ़कालिका आदि साधकों के तांत्रिक स्थान भी हैं।
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। अब उन्होंने अपनी कुछ नई तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें बहुत पसंद किया जा रहा है। फोटोज में काजोल ऑरेंज कलर की साड़ी में नजर आ रही हैं। इन फोटोज को कोई और नहीं बल्कि उनकी बेटी न्यासा ने क्लिक की है।
काजोल ने इन तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की हैं जिसमें वह काफी खूबसूरज नजर आ रही हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'बस अपनी साड़ियों को पहनना बहुत मिस कर रही थी तो आज इस इच्छा को मैंने पूरा कर लिया। हर संभावनाओं में मुझे साड़ी बहुत पसंद है। एक और हाउस फोटोग्राफर, इस बार मेरी बेटी।'
काजोल की इन फोटोज पर उनके फैन्स खूब कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'इन खूबसूरत फोटोज के लिए न्यासा आपना धन्यवाद।' दूसरे यूजर ने लिखा, 'आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं।' वहीं, एक यूजर ने काजोल की तारीफ में लिखा, 'आप क्वीन की तरह दिख रही हैं।'
हाल ही काजोल और अजय देवगन ने बेटे युग का बर्थडे सेलिब्रेट किया। युग ने अपने बर्थडे के मौके पर पौधे लगाए थे। अजय ने युग की फोटो शेयर करते हुए अजय ने लिखा, 'एक हरे-भरे कल की ओर काम। इससे ज्यादा नहीं मांग सकते। हैप्पी बर्थडे युग। अभी बहुत कुछ है आने को।' वहीं, काजोल ने बेटे युग का एक वीडियो शेयर किया और लिखा, 'मुझे कुछ नहीं पता, मुझे सब पता है- युग देवगन। मेरे छोटे बुद्धा को 10वें जन्मदिन की शुभकामनाएं। मैं तुम्हें इतना मिस कर रही हूं कि बता भी नहीं सकती।'
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम की सामान्य प्रशासन विभाग की प्रभारी जयश्री जोशी ने भाजपा पार्षदों के आरोपो का जवाब देते हुए दोहराया है कि शहर में बार-बार पानी सप्लाई बंद होने और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठप होने के लिए पिछले 20 साल में पूर्व महापौरों की कार्य प्रणाली जिम्मेदार है। जयश्री ने कहा कि शहरवासियों की फिक्र किए बगैर जिस तरह से 20 साल तक नगर निगम का पूरा सिस्टम चौपट रहा। सही मायनों में जनता की समस्याएं दूर न करने के कारण ही शहर का समग्र विकास नहीं हो पाया।
जयश्री ने कहा कि भाजपा पार्षदों को 20 साल के कार्यकाल का महिमा मंडन करने से पहले यह स्पष्ट कर दें कि अगर बहुत अच्छे काम किए गए हैं तो दुर्ग में भाजपा विधानसभा और दुर्ग नगर निगम चुनाव में कैसे हार गई। जयश्री ने तंज कसते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में महापौर चंद्रिका चंद्राकर के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने वाले भाजपा पार्षद बताएं कि खुद के वार्ड में वे अपने पति रत्नेश चंद्राकर को क्यों नहीं जिता पाई।
जयश्री ने कहा कि बीते 20 वर्षों के कार्यकाल में काम नहीं हुआ बल्कि विकास के नाम पर दिखावेबाजी होती रही। कमीशनखोरी चरम पर रही। इसी दिखावेबाजी और कमीशनखोरी के कारण भाजपा की इतनी करारी हार हुई है। जयश्री ने कहा कि उनके द्वारा पूर्व महापौरों पर लगाए गए आरोप नगर निगम की पिछली परिषद के कार्यकाल पर करारा तमाचा है।
राज्य निर्माण के बाद पहली बार दुर्ग शहर में इतनी बेहतरीन प्लानिंग के साथ विकास कार्य हो रहे हैं। जयश्री ने भाजपा पार्षदों से कहा है कि शहर में जनहित का ध्यान रखकर समग्र विकास कैसे होता है, यह जानने-समझने के लिए उन्हें विधायक अरुण वोरा और महापौर धीरज बाकलीवाल से विकास का सबक सीखना चाहिए। 20 साल तक विकास कार्यों को लेकर भाजपा पार्षदों के ज्ञान चक्षु नहीं खुल पाए हैं, तो अब खुल जाएंगे।
जयश्री ने कहा कि उन्होंने भा जपा से पार्षद चुनाव जीता और लोक कर्म प्रभारी बनने के बाद लगातार मेहनत की और सभी 60 वार्डों में लगातार विकास कार्य कराने सक्रिय रही। इसी का नतीजा रहा कि उन्हें दूसरी बार भी लोक कर्म प्रभारी बनाया गया। कठपुतली बनने से इंकार करने और नगर निगम में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण 2014 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें सामान्य सीट होने और योग्यता के बावजूद महापौर की टिकट नहीं दी।
जयश्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सम्मान के साथ इस बार के चुनाव में पार्षद की टिकट दी और एमआईसी प्रभारी बनाया। उनके पार्टी बदलने पर हायतौबा मचाने वाले भाजपा पार्षद बताएं कि मध्यप्रदेश में 22 विधायकों को किसने दलबदल कराया? उन्होंने कहा कि जिनके घर कांच के होते हैं उन्हें हाथ में पत्थर रखने से बचना चाहिए।
नई दिल्ली / शौर्यपथ/ भारतीय नौसेना में लिंग-समानता को साबित करने वाले एक कदम के तहत सब-लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी तथा सब-लेफ्टिनेंट रिति सिंह को नौसेना के युद्धपोत पर क्रू के रूप में तैनात किया जाएगा, और वे ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी होंगी.हालांकि भारतीय नौसेना कई महिला अधिकारियों को भर्ती करती रही है, लेकिन अब तक महिला अधिकारियों को युद्धपोतों पर लम्बे अरसे के लिए तैनात नहीं किया गया है, जिसके पीछे कई कारण हैं - क्रू क्वार्टरों में निजता की कमी तथा महिलाओं के लिए विशेष बाथरूम व्यवस्था की उपलब्धता न होना.
अब यह सब जल्द ही बदलना तय है. दो युवा महिला अधिकारी नौसेना के मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों में लगे सेंसरों को ऑपरेट करने की ट्रेनिंग ले रही हैं. माना जा रहा है कि ये दो अधिकारी नौसेना के नए एमएच-60 आर हेलीकॉप्टरों में उड़ान भरेंगी. एमएच-60 आर हेलीकॉप्टरों को अपनी श्रेणी में दुनिया में सबसे अत्याधुनिक मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर माना जाता है. इसे दुश्मन के पोतों और पनडुब्बियों को डिटेक्ट करने और उन्हें उलझाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. वर्ष 2018 में तत्कालीन रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉकहीड-मार्टिन द्वारा निर्मित हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंज़ूरी दी थी, जिसका मूल्य लगभग 2.6 अरब अमेरिकी डॉलर था.
महिला अधिकारियों की युद्धपोतों पर तैनाती की ख़बर ऐसे वक्त में सामने आई है, जब भारतीय वायुसेना ने भी महिला लड़ाकू पायलट को राफेल विमानों की फ्लीट को ऑपरेट करने के लिए शॉर्टलिस्ट किया है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
