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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोना के कहर के कारण लाखो करोडो लोगो को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है . इस महामारी के कारण लॉक डाउन के नियमो में सरकार समय समय पर स्थिति अनुसार बदलाव कर रही है ताकि कोरोना संक्रमण के विस्तार पर काबू पा सके इसके लिए प्रदेश के दुर्ग जिले के कलेक्टर भूरे द्वारा लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार के साथ साथ कोरोना संक्रमण के विस्तार पर भी कड़े निर्णय लिए जा रहे है ताकि स्थिति काबू में रहे और जान माल का नुक्सान न हो . नवनियुक्त कलेक्टर डॉ. भूरे द्वारा वर्तमान में पूर्ण लॉक डाउन घोषित किया गया 23 जुलाई से इस घोषित लॉक डाउन में किरण और राशन दुकानों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया किन्तु त्योहारी सीजन को देखते हुए पहले दो दिन फिर उसके अगले दो दिन के लिए कुछ रियायत बरती गयी और अति आवश्यक वस्तु में राशन दूकान और किरण दूकान को खोलने की अनुमति दी गयी साथ ही इस नियम का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए गए ताकि इनके अलावा कोई और दूकान ना खुले .
       कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए कई व्यापारियों ने अपनी दूकान बंद रखी इसमें रोज कमाने खाने वाले छोटे छोटे व्यापारी से लेकर बड़े बड़े व्यापारी भी शामिल है किन्तु फिर भी कुछ ऐसे लोगो द्वारा दूकान खोला गया जिसे अनुमति नहीं थी इस पर जिला प्रशासन द्वारा जुर्माना की कार्यवाही कर चेतवानी दी गयी की गैर अनुमति प्राप्त दूकान ना खोले . किन्तु दुर्ग इंदिरा मार्केट में गणेश मेडिकल के सामने डिस्पोजल की दूकान के संचालक द्वारा लगातार चार दिनों तक प्रशासन को चकमा देते हुए दूकान संचालित किया जाता रहा . जिसकी खबर शौर्यपथ समाचार द्वारा प्रकाशित की गयी . आज गोयल डिस्पोजल की दूकान को चालु हालत में देखते ही निगम के बाज़ार प्रभारी द्वारा जुर्माना लगाने पर दुकानदार द्वारा शासन के नियमो को ना मानने और उलटे दुर्गेश गुप्ता बाज़ार विभाग प्रभारी से हर्जाना माँगा जाने लगा . गोयल पलास्टिक के संचालक द्वारा तैश में आ कर यहाँ तक कह दिया गया कि जो भी आएगा बंद कराने उसे 30000 हज़ार रूपये और नौकरों की तनखा देनी होगी चाहे कलेक्टर  ही क्यों ना आ जाये.
ये सही है कि वर्तमान समय में सभी को आमदनी की चिंता है परिवार की चिंता है इसके बावजूद ऐसे भी गरीब है जो सुबह कमाते है और शाम को खाते है उन लोगो के द्वारा भी शासन के नियमो का पालन किया जा रहा है ऐसे में गोयल प्लास्टिक के संचालक द्वारा शासन से इस तरह का बर्ताव समझ से परे है अगर प्रशासन ऐसे लोगो पर सख्त कार्यवाही नहीं करेगा तो कोई बड़ी बात नहीं कि गोयल प्लास्टिक के संचालको जैसा बर्ताव हर व्यापारी करने लगेगा और शासन के बनाए नियमो की धज्जी उडती रहेगी .
निगम आयुक्त की प्रथम जिम्मेदारी
दुर्ग के निगम आयुक्त एक ओर जहां नाली में कचरा फेकने वालो से एक हजार से कई हजार तक जुर्मान वसूल कर अपनी प्रशासनिक शक्ति का परिचय दे चुके है ऐसे में चार दिनों से लगातार नियमो का उल्लंघन करने वाले गोयल प्लास्टिक पर सख्त कार्यवाही ना कर आम जनता को क्या सन्देश देना चाहते है कि जो शासन के नियमो का पालन करेगा उसे हजारो का जुर्माना देना होगा और जो प्रशासनिक अधिकारियों से ऊँची आवाज में बात कर नियमो को तोड़ेगा उसे माफ़ कर दिया जाएगा या मामूली जुर्माना से बरी कर दिया जाएगा .
तहसीलदार खेम लाल वर्मा  को करनी  चाहिए सख्त कार्यवाही
      दूकान दार द्वारा शासकीय अधिकारियों से बहस के दौरान नियमो को तोड़ने वाले दुकानदार द्वारा तेज आवाज़ में बात करना और हर्जाने की मांग करना इन सबकी जानकारी के बाद भी किसी तरह की कोई कार्यवाही का ना करना आखिर क्या सन्देश जा रहा है समाज को कि रसूखदारो के लिए कोई नियम नहीं नियम सिर्फ गरीबो के लिए है कमजोरो के लिए है क्या शहर की ऐसी व्यवस्था प्रणाली दोहरी निति को प्रदर्शित नहीं कर रही ?
क्या कलेक्टर डॉ.भूरे मामले को लेंगे संज्ञान
          दुर्ग कलेक्टर ने जिले के नगरीय निकाय क्षेत्र में 23 जुलाई से पूर्ण लॉक डाउन का आदेश दिया और इस आदेश के तहत सभी व्यापारिक संस्थानों को ( अतिआवश्यक श्रेणी को छोड़ कर ) बंद करने का आदेश दिया किन्तु त्योहारी सीजन में जनता के हितो का ख्याल रखते हुए किराना व राशन दुकानों को 4 दिनों की छुट दी गयी . इन चार दिनों की छुट में प्लास्टिक डिस्पोजल की दूकान शामिल नहीं थी इसके बावजूद गोयल प्लास्टिक द्वारा लगातार दूकान खोला गया जिसे बंद करने का निवेदन रोज निगम प्रशासन द्वारा किया गया किन्तु संचालक द्वारा शासन के नियमो को पैर की धुल समझा गया जैसा की निचे दिए गए वीडियो में दिख रहा है और जुर्माना जो शासन के आदेश पर लिया जा रहा है उस पर आपत्ति करते हुए कलेक्टर के फैसले को गलत ठहराते हुए उलटे प्रशासनिक अधिकारियों से ही हर्जाना माँगा जा रहा है अगर इसी तरह सभी दुकानदार बर्ताव करने लगे तो फिर जिला कलेक्टर के आदेश का क्या औचित्य रह जायेगा . नवनियुक्त कलेक्टर डॉ. भूरे जनता के हितो को ध्यान में रखते हुए जनता के लिए ही दिन रात कार्य कर रहे है किन्तु ऐसे व्यापारियों के कारण  शासन के नियमो की जो धज्जी उड़ रही जो चिंगारी पैदा हो रही कही ऐसा ना हो कि कल को सभी गोयल प्लास्टिक के संचालक जैसा ही रुख करे और लॉक डाउन का नियम सिर्फ एक मजाक बन जाए . चार दिनों में कोई सख्त कार्यवाही ना करने वाले निगम आयुक्त की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है आज की घटना से . क्या आज की घटना की जानकारी मिलने पर जिले के कलेक्टर डॉ. भूरे मामले को संज्ञान में लेंगे ?

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग एनएसयूआई जि़लाध्यक्ष आदित्य सिंह ने कलेक्टर और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपकर कर कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को देखते हुए गणेश उत्सव के सम्बंध में जारी आदेश के कंडिका क्रमांक 9 को संशोधित करने की माँग की है ।
आदित्य सिंह ने बताया कि जि़ला प्रशासन ने आमजनों की आस्था का ख़्याल रखते हुए विभिन्न नियम और शर्तों पर इसकी अनुमति दी है जो कि स्वागत योग्य है परंतु इसी क्रम में शासन द्वारा जारी आदेश के कंडिका क्रमांक 9 में उल्लेख है कि यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क के मूर्ति दर्शन या पूजा के लिए बिना मास्क के आता है तो समबंधित व्यक्ति के साथ-साथ समिति के विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही की जाए,इस आदेश के पश्चात् गणेश समितियों के मन में भय एवं चिंता की व्याकुलता व्याप्त है।
देश भर में गणेश पूजा बड़े ही धूम धाम के साथ मनाया जाता है परंतु इस वर्ष कोरोना महामारी लोगों की आस्था में भी ख़लल डाल रखा है ऐसे समय में लोगों की आस्था को देखते हुए गणेश उत्सव मनाए जाने के निर्णय में इस आदेश से समिति के लोगों की अच्छी ख़ासी चिंता बढ़ा दी है।
समितियों ने कहा है कि शासन के आदेश का पालन करते हुए फि़जि़कल डिस्टेंस का पालन भी करवाया जाएगा तथा मास्क पहनने समबंधित सभी प्रकार के जागरूकता अभियान चलाए जाएँगे,परंतु यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क के मूर्ति दर्शन एवं पूजा के लिए पंडाल में आते है तो समबंधित व्यक्ति के ऊपर कार्यवाही की जाए जिससे की कड़ाई से सभी आदेशों का पालन किया जा सके। ज्ञापन सौपने वालोंमेशरद मिश्रा,जे.संजीव,आसिफ़ खान,फऱाज़ अहमद एवं विभिन्न गणेश समिति के साथी भी उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल एवं आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा पुलगांव स्थित गौठान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। कसारीडीह की कल्याणम महिला स्व सहायता समूह द्वारा गौठान का संचालन किया जा रहा है। महापौर बाकलीवाल ने आज गौठान संचालन समिति को अनुबंध पत्र सौंपे। महापौर के समक्ष आयुक्त बर्मन द्वारा अनुबंध पत्र में हस्ताक्षर किये गये। इस दौरान डाक्टर शम्स, डॉ0 दामिनी देशमुख, संचालन समिति के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार को बने लगभग 2 साल होने आये किन्तु निगम में भाजपा की सत्ता काबिज थी . कारण कुछ भी रहा हो किन्तु छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार को बने साल भर बाद भी दुर्ग निगम क्षेत्र में निर्मित गौठान का सञ्चालन नहीं हो रहा था . दुर्ग निगम में कांग्रेस की सरकार के बनते ही महापौर बाकलीवाल द्वारा गौठान के कार्यो में तेजी आयी और कोरोना आपदा के दरम्यान ही गौठान संचालक समुह को हरेली त्योहार के दिन से गोधन न्याय योजना का शुभारंभ कर कल्याणम महिला स्व सहायता समूह को गौठान संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। संचालन अनुबंध पत्र में आज हस्ताक्षर कर महिला स्व सहायता समूह को दस्तावेज सौंपे गये।
इस दौरान महापौर एवं आयुक्त ने गौठान के गायों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होनें डाक्टर शम्स और डॉ0 देशमुख द्वारा प्रतिदिन गायों के स्वास्थ्य की जांच और ईलाज की जानकारी ली। गौठान में मवेशियों के अनुसार सभी व्यवस्था ठीक पायी गयी। महापौर ने निगम अधिकारियों को मवेशियों के लिए गाजर घांस की खरीदी करने निर्देश दिये।

दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 में कुम्हारी में हो रहे निर्माणाधीन फ्लाई ओव्हर का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर रोहित झा, अति.पुलिस अधीक्षक, डीएसपी ट्राफिक गुरजीत सिंह उपस्थि थे। निरीक्षण करने के बाद एस पी प्रशांत ठाकुर ने एएसपी रोहित झा और ट्राफिक डीएसपी गुरजीत सिंह को निर्देश देते हुए कहा कि रायपुर से दुर्ग आने वाले हल्के वाहन/चार पहिया वाहन चालकों को कैवल्यधाम टर्निग के पास से सर्विस रोड का उपयोग कर सुविधा पूर्वक डायवर्सन पार कर सकते है। इसी प्रकार दुर्ग से रायपुर जाने वाले हल्के वाहन/चार पहिया वाहन चालकों को भवानी पेट्रोल पम्प के पास सर्विस रोड का उपयोग कर सुविधा पूर्वक डायवर्सन पार कर सकते है। यातायात पुलिस को विपरीत दिशा से वाहन चलाने वाले चालकों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिया गया ।
वही श्री ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग को निर्देश
दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-53 में कुम्हारी मार्ग में सड़क के खराब हो चुके हिस्सो का मरम्मत कार्य एवं डामरीकरण कराये और डामरीकरण के पश्चात सड़क पर व्हाईट प्लास्टिक पेन्ट से मार्किग करे जिससे वाहन चालकों को सुविधा हो तथा वाहन चालको की सुविधा के लिए सूचनात्मक साईन बोर्ड लगाया जाये। निर्माणधीन क्षेत्र में जहां-जहां पर्याप्त स्थान है वहां रोड की चैड़ाई को बढ़ाने के लिए भी एसपी ने कहा। डायवर्सन रोड पर जगह-जगह ''नो पार्किगÓÓ व ''रांग साईड मूव्हमेंटÓÓ संबंधी चेतावनी परक बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिये। एसपीप्रशांत ठाकुर के निरीक्षण के दौरान यातायात पुलिस के अधिकारियों सहित निर्माण एजेन्सी के इंजीनियर व मैनेजर उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण काल में ईदुल फित्र की तरह ईदुल अजहा भी मनाया जाएगा। एक अगस्त को ईद का त्यौहार देखते हुए प्रशासनिक तौर पर खरीदारी करने छूट दी गई थी। अब नमाज को लेकर शहर की तमाम मस्जिद कमेटियों ने अपने यहां नियम तय कर लिए हैं। जामा मस्जिद सेक्टर-6 के ईदगाह में एक अगस्त को सुबह 6:15 बजे ईदुल अजहा की नमाज में इमाम सहित सिर्फ 5 लोग शामिल होंगे। जामा मस्जिद सेक्टर-6 के इमामो खतीब मुहम्मद इकबाल हैदर अशरफी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जमात के तौर पर मस्जिद या ईदगाह में नमाज अदा करने की इजाजत नहीं है। इसलिए शहर के मुस्लिम समुदाय ने जैसे ईदुल फित्र के मौके पर हुकूमत की आवाज पर लब्बैक कहते हुए तमाम नियमों का पालन किया ठीक वैसे ही ईदुल अजहा पर पाबंदी के बीच नमाज होगी।
इस तरह पढ़ें ईद की नमाज
हाफिज हैदर ने बताया कि जामा मस्जिद सेक्टर-6 के ईदगाह में सुबह 6 बज कर 15 मिनट तक नमाज होने के बाद लोग अपने घरों में नमाजे शुक्राना बशक्ले चाश्त या इशराक 2 या 4 रकअत में अदा कर सकते हैं। इसके बाद कुरबानी अदा कर सकते हैं। कुरबानी का यह सिलसिला 3 दिन तक चलेगा। उन्होंने कहा कि घरों में नमाज में खास तौर पर खयाल रखें कि जमाअत से अदा कर सकते हैं लेकिन तन्हा पढऩा ज्यादा बेहतर होगा। सलाम फेरने के बाद तकबीरे तशरीक यानि अल्लाहो अकबर-अल्लाहो अकबर, ला इलाहा इललल्लाह, वल्लाहो अकबर-वल्लाहो अकबर व लिल्लाहि हम्द तीन बार पढ़ लें और 34 मरतबा अल्लाहो अकबर-अल्लाहो अकबर और हो सके तो 100 या 300 बार सुबहान अल्लाहि वबे हम्दिही आप पढ़ लें।


कब्रिस्तान में लगा रहेगा ताला
शहर के कब्रिस्तान हैदरगंज कैम्प-1 में भी ईदुअ अजहा के मौके पर तीन दिन तक ताला लगा रहेगा। कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी के शमशीर कुरैशी ने बताया ईद पर परंपरा अनुसार लोग ईदगाह/मस्जिदों में नमाज के बाद सबसे पहले कब्रिस्तान जाकर अपने दिवंगत परिजनों की कब्र पर दुआएं करते हैं। इन दिनों चूंकि कोरोना संक्रमण का खतरा है और शासन के आदेश अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही पर रोक है। इसे देखते हुए कब्रिस्तान में ईदुल अजहा पर ताला लगा रहेगा, जिससे यहां सार्वजनिक रूप से कोई भी इक_ा न हो सके। वहीं मैयत होने की हालत में सीमित लोगों को कब्रिस्तान में आने दिया जाएगा।

रायपुर / शौर्यपथ / प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी अगस्त माह का प्रथम सप्ताह विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। यह सर्वविदित है कि शिशु के लिए स्तनपान सर्वोत्तम आहार तथा शिशु का मौलिक अधिकार है।
विश्व स्तनपान सप्ताह 2020 विश्व स्तनपान सप्ताह विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी 1 से 7 अगस्त 2020 के बीच मनाया जाएगा । इस वर्ष का स्तनपान सप्ताह का थीम “सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्थीअर प्लानेट” है जो इस बात पर जोर देती है कि स्वस्थ और सेहतमंद विश्व के लिए स्तनपान का समर्थन करना बहुत जरूरी है ।
मां का दूध शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है । माँ का दूध जिसे पहला टीका भी कहा जाता है और यह खुद में पूर्ण आहार है छः माह तक यह शिशु को डायरिया, निमोनिया और कुपोषण से बचाने और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। समस्त गतिविधियों का संचालन शासन द्वारा निर्धारित कोविड-19 के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाएगा जैसे साबुन से बार बार हाथ धोना, मास्क का उपयोग,और दूरी बनाए रखना।
राज्य बाल रोग एवं टीकाकरण अधिकारी डॉ.अमर सिंह ठाकुर ने बताया शिशु के लिए स्तनपान मौलिक अधिकार तथा सर्वोत्तम आहार है । जिन शिशुओं को 1 घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता उन में नवजात मृत्यु दर की संभावनाएं 33% बढ़ जाती है। छः माह तककी आयु तक शिशु को केवल स्तनपान कराने पर आम रोग जैसे दस्त एवं निमोनिया के खतरे में क्रमशः 11% एवं 15% कमी लाई जा सकती है । अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की मानसिक और शारीरिक वृद्धि उन बच्चों की अपेक्षा अधिक होती है जिन्हें मां का दूध थोड़े समय के लिए प्राप्त होता है ।
स्तनपान स्तन कैंसर से होने वाली मृत्यु को भी कम करता है । विभिन्न शोधों से यह स्पष्ट हो चुका है कि स्तनपान से न केवल शिशुओं और माताओं को बल्कि समाज और देश को भी कई प्रकार के लाभ होते हैं । स्तनपान की महत्वता तथा शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी के लिए उनके प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक है कि जन्म के 1 घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान प्रारंभ कराया जाए और 6 माह तक केवल स्तनपान कराया जाए । शिशु के 6 माह पूरे होने पर संपूरक आहार देना प्रारंभ किया जाए और शिशु के 2 वर्ष पूरे होने तक स्तनपान जारी रखा जाए इसलिए स्तनपान कराने में माताओं का सहयोग एवं स्तनपान को बढ़ावा दिया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि में से एक है ।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए (MAA--- Mother’s Absolute Affection) यानि मां कार्यक्रम की शुरुआत की थी । डॉ. ठाकुर ने कहा ‘’मां’’ कार्यक्रम के अंतर्गत सभी चिकित्सा इकाइयों को बेबी फ्रेंडली बनाने की आवश्यकता है सफल स्तनपान के साथ प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से मां और समुदाय के साथ संपर्क में रहे जिसे गर्भवती महिला और जन्म के समय से 2 साल तक के बच्चों को नियमित रूप से सहयोग मिलता रहे। चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र में होने वाले प्रसव में चिकित्सक स्टाफ नर्स एलएचवी और एएनएम सभी को स्तनपान के लिए परामर्श दें । आवश्यकता हो वहां मां की सहायता भी करें । ध्यान रखें कि किसी भी अवस्था में व्यवसायिक एक शिशु आहार को बढ़ावा ना दें । एक लिखित स्तनपान नीति की उपलब्धता सुनिश्चित करें ।
इस नीति को लागू करने के लिए सभी स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों का आवश्यक क्षमता वर्धन स्वास्थ्य कर्मी द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं को स्तनपान के लाभ और प्रबंधन के बारे में सूचना प्रदान की जायेगी और स्वास्थ्य कर्मी द्वारा माताओं को जन्म के घंटे के भीतर स्तनपान कराने में मदद करते हैं।
छत्तीसगढ़ में 1 घंटे के अंदर स्तनपान की दर मात्र 47.1% है (नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 4) जिसको चिकित्सक, स्वास्थयकर्मी और समुदाय स्तर पर स्तनपान के व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए अत्याधिक प्रयास करने किये जा रहे है ।

    रायपुर / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिये शारीरिक दूरी बनाये रखना,और मास्क और सेनेटाइज़र का उपयोग करते हुए घर पर ही रहकर आने वाले त्यौहारों का भरपूर आनंद लें । एक लापरवाही कोरोना संक्रमण को लोगों के घर तक ला सकती है । घर पर ही रह कर त्यौहार मनाने से खुद के साथ-साथ पूरा प्रदेश को कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ.मीरा बघेल के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण के बढते रोगियों की संख्या को देखते हुए रक्षाबंधन, ईदुल अज़हा और जन्माष्टमी के पर्व को सरकारी नियमों को ध्यान में रखकर मनाएं जिस प्रकार पूर्व में सरकार के बनाए नियमों का पालन करते हुए नवरात्रि,रमज़ान,और ईदुल फितर मनाया गया था।

   डॉ.बघेल ने लोगों से अपील की है कि त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। कोरोना काल में अपने-अपने घरों में रहकर ही ईदुल अज़हा की नमाज अदा करें। घर पर भी शारीरिक दूरी का अनुपालन करें। मास्क अवश्य लगाएं। वहीं पुलिस-प्रशासन के साथ प्रमुख लोगों की बैठक में यह फैसला लिया गया लोग घरों पर रहकर ही त्यौहारों को मनायेंगे। सार्वजनिक स्थान पर त्यौहार कार्यक्रम भी नहीं होंगे। बेवजह सड़कों पर निकलने वालों पर पुलिस-प्रशासन द्वारा सख्ती की जाएगी। दरअसल, 6 अगस्त तक रायपुर और बीरगांव नगर निगम एरिया टोटल कंटेनमेंट जोन घोषित है। इसे देखते हुए शारीरिक दुरियों का पालन समेत अन्य नियमों का पालन करते हुए सामूहिक नमाज अदा करने और सामूहिक कार्यक्रम करने पर रोक लगाने का फैसला लिया गया।

   रायपुर मनोरोग स्पर्श क्लिनिक   के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डीएस परिहार कहते है:``भले ही अपने रिश्तेदारों से त्यौहारों पर गले न मिल पाए, हाथ न मिला पाए तो कोई बात नही,लेकिन फ़ोन पर ऑडियो वीडियो बातचीत कर दिलों की दूरियां खत्म कर अपने संबंधों को मजबूत कर सकते हैं । एक दूसरे का भरोसा बन सकते हैं । ‘’मनोवैज्ञानिक श्री परिहार आगे कहते है: ``त्यौहारों का असली मजा परिवार के साथ ही है । हम वैश्विक महामारी की आपदा को खत्म करने के लिए अपने परिवार के साथ ही त्यौहार को जिंदगी भर के लिए अनोखा बना सकते हैं । लोग ऐसे में अपने परिवार माता-पिता अपने बच्चों का पूरा ध्यान रखते हुए मानसिक तौर पर तनाव मुक्त होकर पर्व को मनायें ।‘

बिलासपुर  / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश में कला और अभिनय के क्षेत्र कई सितारे धीरे-धीरे टीम टिमा कर अपने कला और अभिनय के बल पर न सिर्फ ऊपर आ रहे है बल्कि अपनी चमक से पुरे प्रदेश को गौरवान्वित भी कर रहे है आज हम बात कर रहे है टिक टाक क्वीन अनुकृति पांडे जो कि बिलासपुर में एक मध्यम वर्गीय ब्राहमण परिवार में जन्म ली और स्वप्रेरित होकर अभिनय और मॉडलिंग के क्षेत्र में मॉडल के रूप में काम कर चुकी है 14 वर्ष के उम्र से ही अनुकृति ने मॉडलिंग कर अपने प्रतिभा से दर्शको और प्रशंसको के बिच एक प्रतिबिंब बनकर उभरी है.बहुमुखी प्रतिभा की धनी अनुकृति अभी महज 18 वर्ष की है किन्तु मेहनत और लगन से ही उन्होंने अपनी पहचान लोगो के बीच बनाई है.जिससे लगातार उन्हें प्रशंसा के साथ काम भी मिला मिलनसार व् मृदुभाषी अनुकृति के फैन  फोल्लोविंग  बिलासपुर छत्तीसगढ़ ही नहीं देश-विदेश से भी है इन्होने अपना सफर टिकटोक से शुरुवात कर लगभग 1.35 मिलियन लोगों के दिलों में जगह बनाई अपने अंदर के कलाकार को टिकटाक के माध्यम से प्रशंसको तक पहुँचाने में सफल रही.अपने करियर की शुरुआत विज्ञापनों से की जिसमे डाउट नट एप एक शिक्षा प्रद एप है ,वॉच,ड्रेस,ज्वेलरी,म्यूजिक एवं गूगल एप्स जैसे  सेगमेंट में  विज्ञापन शामिल है   हाल ही में इन्होने मुंबई के मशहूर निर्माता निर्देशक समीर चंद्रा की वैब सीरीज में काम किया है जिसके बाद  इनके पास ऍमटीवी पॉप सेगमेंट में लीड मॉडल के लिए ऑफर आये है.अहमदाबाद,मुंबई के मीट और ग्रीट जैसे सेलेब्रिटी प्रोग्राम तक का सफर इन्होने अपनी कड़ी मेहनत से प्राप्त किया बताया जा रहा है कि नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की हालिया एक वेब सिरिस मे भी अनुकृति को रोल मिल सकता है बिलासपुरवासियो के लिए यह बड़ी खबर है कि शहर कि बेटी को ऐसा मुकाम मिला जिससे वो पूरा प्रदेश का नाम दुनिया में रौशन कर सकती है .

     बिलासपुर / शौर्यपथ / जिले में इस बार का वृक्षारोपण मनरेगा की मद से हो रहा है और जंगल विभाग चुन-चुन कर बिलासपुर के प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर रहा है। जिले की प्रत्येक रेंज में बीटगार्ड से लेकर रेंजर और डीएफओ तक केवल पौधे लगाने के स्थान पर रुपये तोड़ने का काम किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि वृक्षारोपण का सतही काम देख कर सोशल मीडिया पर खुश हो रहे है। जबकि बिलासपुर के गौठान स्वं सहायता समूह और वन प्रबंधक समिति को कुछ हासिल नही हुआ। फाॅरेस्ट ने सबसे पहले महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून के 4 करोड़ 25 लाख में सेंधमारी की और गड्ढे में जमकर पैसा कमाया। एक नही दर्जनों स्थानों पर मानव श्रम की जगह मशीन से गड्ढा खोदा गया। कई जगहों पर कम भुगतान कर गड्ढे खोदवाय गए।
     अब मामला जैविक खाद्य का है। जिले में मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव और कलेक्टर से विधायक तक ने घुम-घुम कर गौठान निर्माण कराए। इस तरह जिले में 97 गौठान बने और मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना अस्तित्व में आई। गौठान में जैविक खाद्य बनाई गई और खाद्य जिले में जैविक खाद्य की खपत का आंकलन करके ही बनी। किन्तु फाॅरेस्ट ने जिले के गौठानों को बड़ा झटका दिया। 4 लाख गड्ढांे में राजनंदगांव जिले के वनप्रबंधन समितियों की जैविक खाद्य डाली जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जिले के उदासीन नेतृत्व को यह पता ही नई चला की पेड़ लगाने के दौरान अपने हाथों से जिस जैविक खाद्य को डाल रहे है उसका उत्पादन बिलासपुर में नही हुआ है। जिले के प्रभारी मंत्री ने अपनी प्रशासनिक पकड़ को इतना ढीला कर रखा है कि अधिकारी शासन के दिशा निर्देश को ही अनदेखा करते है।
     यही कारण है कि बिलासपुर के गौठान का जैविक खाद्य गौठान में ही पड़ा है और राजनंदगांव से जैविक खाद्य के तीन ट्रक अब तक आ चुके है। विभाग को जैविक खाद्य बुलाने की शीघ्रता इतनी थी कि खाद्य लेने वाले ट्रक यहीं से भेजे गए। इस मामले में जंगल के उच्च अधिकारी गेंद को एक दुसरे के पाले में डालते है। एक बड़ा अधिकारी दुसरे बड़े अधिकारी के निर्देश पर काम होना बताता है, जबिक बड़े अधिकारी का कहना है कि मैने पुरी जिम्मेदारी रेंजर को देदी है, और रेंजर दिशा निर्देश के अनुसार ही काम करेगा। अब यह बात समझ के परे है कि रेंजर को कागज पर छपा हुआ दिशा निर्देश मानना है या कि साहब के मौखिक दिशा निर्देश मानना है। कुल मिलाकर यी समझ आता है कि राजनंदगांव का प्रभारी मंत्री और फाॅरेस्ट का मिनिस्टर एक ही है। तो क्या लोक निर्माण और गुह विभाग बिलासपुर प्रभारी इतना कमजोर हो गया या बिलासपुर के नेताओं की जागरूक्ता केवल फेसबुक तक है। 

दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में 10 सार्वजनिक स्थान जिसमें जिला चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट परिसर, मुक्तिधाम, नई गंज मंडी, इंदिरा मार्केट, पुलगांव गौठान मार्ग, शिवनाथ नदी पुराना पुल जैसे जर्जर हो चुकी सड़कें शामिल हैं। इन स्थानों को पक्की सड़क से मुख्य मार्ग से जोडऩे का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने के लिए विधायक अरुण वोरा ने कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास से जल्द प्रस्ताव बना कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु चर्चा की। इन स्थानों पर हजारों लोगों का आवागमन दिन रात लगा रहता है किन्तु पिछले कई वर्षों से गड्ढा युक्त हो चुकी सड़कों से आम जन एवं कार्यालयीन कर्मचारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में कांग्रेस सरकार ने सुगम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में सार्वजनिक स्थानों में पहुंच मार्ग बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रु की राशि का बजट आबंटन किया है। श्री वोरा ने 64 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नेहरू नगर चौक से मिनीमाता चौक तक के मार्ग चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की भी जानकारी ली जिसपर कार्यपालन अभियंता ने बताया कि अगस्त माह के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर लिया जाएगा साथ ही 14 करोड़ की लागत से बन रहे ऑडिटोरियम का कार्य भी अंतिम चरण में है जिसे अतिशीघ्र लोकार्पित किया जाएगा।

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