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ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /टमाटर के बिना सब्जी पकाने पर स्वाद कहीं ना कहीं कम ही लगता है. यही टमाटर त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. टमाटर स्किन को एक्सफोलिएट करता है, त्वचा को नमी देता है, सनबर्न और टैनिंग से छुटकारा दिलाता है और साथ ही स्किन डैमेज को ठीक भी करता है. टमाटर के फायदे स्किन निखारने के साथ ही एजिंग साइंस को कम करने में भी नजर आते हैं. करवा चौथ आने वाला है और महिलाएं इस दौरान अपनी त्वचा की देखरेख पर खासा ध्यान देने लगती हैं. ऐसे में केमिकल वाले प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बेहतर आप त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारने के लिए टमाटर के फेस पैक्स बनाकर लगा सकती हैं.
निखरी त्वचा के लिए टमाटर के फेस पैक्स |
टमाटर और खीरा
खीरे और टमाटर को मिलाकर अच्छा फेस पैक बनाकर लगाया जा सकता है. फेस पैक बनाने के लिए एक टमाटर लेकर घिस लें और इसमें 2 चम्मच खीरे को पीसकर मिलाएं. अब एक चम्मच शहद मिलाकर इस फेस पैक को मिक्स करें. चेहरे के साथ-साथ गर्दन पर भी इस फेस पैक को 15 से 20 मिनट लगाकर रखें और फिर धोकर साफ कर लें. चेहरे से चिपचिपाहट हट जाएगी, निखार आएगा और डेड स्किन सेल्स की भी छुट्टी हो जाएगी.
टमाटर और दूध
टमाटर और दूध ऐसी दो चीजें हैं जिन्हें हम आमतौर पर कभी नहीं मिलाते, लेकिन इन दोनों को मिलाकर तैयार किया फेस पैक कमाल का असर दिखाता है. धूप से झुलसी या टैन हुई त्वचा के लिए यह खासतौर से अच्छा है. टमाटर को पीसकर इसमें एक चम्मच दूध (Milk) मिलाएं और चेहरे पर लगा लें. 10 मिनट बाद चेहरा धो लें. इस फेस पैक से स्किन के बंद छिद्र भी साफ होकर खुल जाते हैं.
टमाटर और दही
टमाटर, दही और नींबू के रस को मिलाकर इस फेस पैक को तैयार किया जाता है. बराबर मात्रा में टमाटर का गूदा और दही लेकर उसमें एक चम्मच नींबू का रस मिला लें. 15 से 20 मिनट लगाए रखने के बाद इस फेस पैक को धोकर हटा सकते हैं. स्किन निखर जाती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /काली किशमिश न केवल अपने स्वादिष्ट स्वाद के लिए बल्कि कई स्वास्थ्य लाभों के लिए भी डाइट में शामिल की जानी चाहिए. लाल किशमिश की तरह काली किशमिश भी स्वास्थ्य के लिए कई फायदे देती है. जब पानी में भिगोया जाता है और ठीक से सेवन किया जाता है तो वे कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं. खासकर काली किशमिश महिलाओं के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है. न सिर्फ प्रेग्नेंसी बल्कि यौन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए भी काली किशमिश को लाभकारी माना गया है. काली किशमिश का पानी भी सेहत के लिए चमत्कार कर सकता है. यहां इस सुपरफूड के गजब फायदे बताए गए हैं जिन्हें आपको मिस नहीं करना चाहिए.
काली किशमिश का पानी पीने के स्वास्थ्य लाभ |
काली किशमिश का पानी कैसे तैयार करें?
सबसे पहले किशमिश या मुनक्का को रातभर भिगोकर रखें और अगले दिन छानें. भिगोने से किशमिश के सभी विटामिन और खनिज पानी में मिल जाते हैं, जबकि शुगर की मात्रा कम हो जाती है. यह प्रक्रिया शरीर, बालों और त्वचा के लिए इसके लाभों को और भी बढ़ा देती है.
महिलाओं के लिए काली किशमिश के फायदे
काली किशमिश में अमीनो एसिड होता है जो यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान देता है. अमीनो एसिड संभावित रूप से गर्भधारण की संभावना को भी बढ़ा सकता है. इनमें एल-आर्जिनिन की मौजूदगी गर्भाशय और अंडाशय में ब्लड फ्लो को बढ़ाती है.
स्किन के लिए फायदेमंद है काली किशमिश
काली किशमिश में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट स्किन को पोषण देने में मदद करते हैं. इसके डिटॉक्सिफाइंग और एंटी-एजिंग गुण त्वचा को साफ, चमकदार और मजबूत बनाते हैं. विटामिन सी मुंहासे को रोकने में भी सहायता करती है और रेगुलर सेवन से मुंहासे की घटना कम हो सकती है. एक कप पानी में 8-10 काली किशमिश भिगोकर खाली पेट पीना त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है.
प्रजनन क्षमता बढ़ाने में मददगार
प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए वाली काली किशमिश का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है. इसे रातभर भीगने दें और अगले दिन छान लें. किशमिश को पीसकर उसका रस निकाल लीजिए. इस मिश्रण को पिएं.
गर्भावस्था के दौरान करें सेवन
काली किशमिश को गर्भावस्था के दौरान अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. गर्भावस्था के दौरान काली किशमिश को पानी में भिगोने से कब्ज से प्रभावी रूप से राहत मिल सकती है. इसके अलावा काली किशमिश के पानी को डाइट में शामिल करने से गर्भवती महिलाओं को कई लाभ मिल सकते हैं.
काली किशमिश में होता है भरपूर आयरन
गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी एक आम चिंता है. काली किशमिश आयरन का एक बेहतरीन स्रोत है और काली किशमिश के पानी के रूप में इसका नियमित सेवन एनीमिया को रोकने और हीमोग्लोबिन लेवल को बनाए रखने में मदद कर सकता है.
इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देता है
गर्भावस्था के दौरान इम्यून सिस्टम में बदलाव आते हैं. कई विटामिन और मिनरल से भरपूर काली किशमिश का पानी, इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकता है, जो सामान्य बीमारियों और इंफेक्शन से सुरक्षा प्रदान करता है.
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखता है
ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव गर्भावस्था के दौरान जोखिम पैदा कर सकता है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. काली किशमिश के पानी में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर लेवल को स्थिर बनाए रखने में योगदान देता है, जिससे इन कॉम्प्लीकेशन्स की संभावना कम हो जाती है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / मेथी के बीजों में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो सेहत, स्किन और बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं. बालों पर इन दानों के फायदों की बात करें तो मेथी के दाने बालों को मजबूत बनाते हैं, डैंड्रफ को दूर करते हैं, बालों का झड़ना रोकते हैं और बालों का रूखापन दूर कर देते हैं. वहीं, मेथी के दाने लगाने पर डार्क सर्कल्स दूर होते हैं और चेहरे पर निखार भी आता है. जानिए किन-किन तरीकों से मेथी के दानों का बालों और त्वचा पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
बालों और त्वचा के लिए मेथी के दाने |
झड़ते बालों के लिए
बालों के झड़ने से परेशान हैं तो मेथी के दानों का पेस्ट बनाकर बालों पर लगाया जा सकता है. 1-2 चम्मच मेथी के दानों को नारियल तेल में डालें और पका लें. इसके बाद हल्के गर्म तेल की जड़ों से सिरों तक मालिश करें. यह तेल बालों का झड़ना कम करने में फायदेमंद साबित होता है.
डैंड्रफ के लिए
बालों से डैंड्रफ हटाने के लिए मेथी के दाने लें और उन्हें रातभर भिगोकर रखने के बाद पीस लें. इस पेस्ट को बालों की जड़ों से सिरों तक एक घंटा लगाकर रखने के बाद सिर धो लें. इस पेस्ट से फ्लेकी और ड्राई स्कैल्प को पोषण भी मिलता है और नमी भी.
ग्लोइंग स्किन के लिए
चेहरे की त्वचा पर चमक लाने के लिए भी मेथी के दाने इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं. मेथी के दाने पीसकर उसमें कच्चा दूध डालकर पेस्ट तैयार करें. इस फेस पैक को चेहरे पर 10 से 15 मिनट लगाकर रखने के बाद धोएं. हफ्ते में एक बार इस फेस पैक को लगाया जा सकता है.
डार्क सर्कल्स के लिए
रातभर मेथी के दाने भिगोकर रखें और अगले दिन इन दानों से पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को आंखों के नीचे 15 से 20 मिनट लगाए रखने के बाद धोकर साफ कर लें. मेथी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और एंटी-ऑक्सीडेंट्स डार्क सर्कल्स पर अच्छा असर दिखाते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आंवला एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसके पोषक तत्व एक नहीं बल्कि कई सेहत से जुड़ी परेशानियों से निजात दिलाते हैं. इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, फ्लेवोनॉयड और फाइबर जैसे कई जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह सभी पोषक तत्व शरीर को बीमारियों से दूर रखने के लिए जरूरी होते हैं. हम आपको यहां पर आंवले के एक नहीं बल्कि 3 लाभों के बारे में बात करेंगे, तो चलिए बिना देर किए जानते हैं.
आंवले के फायदे क्या हैं |
1- आंवले का जूस पीने से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है, क्योंकि आंवले के जूस में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होती है. इससे आपका शरीर संक्रमित बीमारियों से दूर रहता है. इससे आपको वजन घटाने में भी मदद मिलती है, क्योंकि इसमें फाइबर की भी मात्रा अच्छी होती है, जिससे चर्बी कम करने में मदद मिलती है.
2- दूसरा फायदा इस जूस को पीने से मिलता है आंखों को. इसमें विटामिन ए, बी, सी और ई होता है, जो आंख की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. जिन आई साइट वीक है उन्हें तो इसको जरूर पीना चाहिए. यह आपके ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल किया जा सकता है.
3- आंवले का जूस आपके चेहरे की सूजन को भी कम करता है. यह जूस आपके लिए एनर्जी बूस्टर की तरह काम करता है. वहीं इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी आपके चेहरे को चमकदार और बेदाग बनाने में मदद करता है. वहीं, जिन लोगों को आयरन की कमी है, उन्हें तो इस जूस को जरूर पीना चाहिए. आंवला आयरन का भी एक अच्छा सोर्स माना जाता है.
खाना खजाना /शौर्यपथ /नवरात्रि खत्म हो गई है और अब वो लोग जमकर नॉनवेज खाएंगे जो 9 दिनों से इसको खा नहीं पा रहे थे. अगर आप भी 9 दिनों से सात्विक खाना खा रहे थे और अब नॉनवेज खाने का मन बना रहे हैं तो आपके लिए हमारे पास है एक बेहतरीन रेसिपी वो भी बेहद आसान और टेस्टी. अंडा तो हर किसी को पसंद होता है. अंडे से बनी कई चीजों का सेवन हर कोई मजे से कर सकता है. अगर आप भी अंडा खाने के शौकीन हैं तो आपको अंडा मंचूरियन जरूर ट्राई करना चाहिए. तो आइए जानते हैं इसको बनाने की आसान सी रेसिपी.
Egg Manchurian ingredients:
5 उबले अंडे
आधा कप मैदा
2 अंडे विनेगर
2 चम्मच सोया सॉस
2 चम्मच रेड चिली केचअप
2 प्याज
2 हरी मिर्च
नमक स्वादानुसार
लाल मिर्च
तेल
ऐग मंचूरियन बनाने के लिए सबसे पहले अंडों को अच्छे से धोकर उबाल लें. इसके लिए आप एक भगौने में 2 गिलास पानी गर्म करने रखिए और इसमें अंडे डाल दीजिए. 15 मिनट में अंडा उबल जाएगा. अब इसे छीलकर इसके 2 टुकड़े कर के जर्दी को अलग कर दीजिए. इसके सफेद हिस्सों के टुकड़े कर दीजिए. अब अंडे के टुकड़ों में मैदा, नमक और लाल मिर्च डालकर अच्छे से मिलाकर मिक्स कर लें. इसके बाद इनकी छोटी-छोटी मंचूरियन बॉल्स बना लीजिए.
अब एक बाउल में मैदा और 2 अंडो को फोड़कर डालिए और अच्छे से मिक्स कर दीजिए. अब इसमें एग बॉल्स को डालकर कोट करिए. इस बॉल्स को तेल में फ्राई कर लें.
अब एक कढ़ाही में तेल गर्म करें और इसमें कटी हुई हरी मिर्च और प्याज डालकर हल्का सा फ्राई कीजिए. अब इसमें रेड चिली केचअप, सोया सॉस, विनेगर को डालकर मिक्स करिए. इसके बाद इसमें मंचुरियन बॉल्स को डालकर अच्छे से मिला लीजिए. आपका एग मंचुरियन बनकर तैयार है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /जब भी हमको कोई भी परेशानी या बीमारी होती है तो हमारे बड़ों के पास हमेशा ही उन समस्याओं से निपटने के घरेलू नुस्खे तैयार रहते हैं. वो बड़ी से बड़ी हेल्थ प्रॉबलम्स के लिए भी प्रभावी घरेलू उपचार के साथ हमेशा तैयार रहती हैं. ऐसा ही एक जादुई घरेलू उपाय है दालचीनी, हमारी रसोई में पाया जाने वाला एक मसाला जो अपने स्वास्थ्य लाभों के लिए भी जाना जाता है. दालचीनी में आने वाले बेहतरीन महक और मसाले का स्वाद खाने पर स्वाद का एक अलग तड़का ही जोड़ देता है. यही वजह है कि इसका उपयोग कई तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है. दालचीनी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है इसलिए इसका उपयोग खाना बनाने के अलावा कई बीमारियों से लड़ने में भी किया जा सकता है. इस मसाले को अपनी डाइट में शामिल करने का सबसे अच्छा तरीका है हर सुबह खाली पेट दालचीनी के पानी का सेवन करना. तो आइए जानते हैं दालचीनी के पानी का सेवन करने से होने वाले फायदों के बारे में.
दालचीनी का पानी पीने से होने वाले स्वास्थ्य लाभ
1. मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है
दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसका इस्तेमाल आप वजन घटाने के लिए भी कर सकते हैं. इसमें पाए जाने वाली हाई फाइबर के कारण, सुबह-सुबह दालचीनी के पानी को पीने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है जो आपकी भूख को रोकने में मदद कर सकता है. यह मेटाबोलिज्म को बूस्ट करता है जो आपके वजन कम करने की प्रोसेस को बढ़ाने में मदद कर देता है.
2. शुगर लेवल को कंट्रोल करे
दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पूरे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है. हर रोज खाली पेट दालचीनी के पानी का सेवन संभवतः आपके ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकता है और आपके हार्ट को भी हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकता है.
3. डाइजेशन दुरूस्त
दालचीनी में पाचन को बढ़ावा देने और पेट दर्द और कब्ज के लक्षणों जैसी दूसरी डाइजेशन समस्याओं से राहत देने की क्षमता होती है. दालचीनी का पानी पीने से डाइजेशन सही रहता है और पेट फूलने और गैस बनने की समस्या से भी राहत मिल सकती है. इसमें पाए जाने वाले तत्व आपके पेट में बैक्टीरिया को बैलेंस करने में मदद करते हैं.
4. महिलाओं के हार्मोन को बैलेंस करे
दालचीनी में औषधीय और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो इसे एक पावरफुल और हेल्दी मसाला बनाते हैं. इसमें सिनामाल्डिहाइड नाम का एक नेचुरल केमिकल होता है, जो महिलाओं में हार्मोन प्रोजेस्टेरोन को बढ़ाता है और टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को कम करने में मदद करता है, जिससे हार्मोन संतुलित होता है.
5. मसल्स को आराम देता है
खाली पेट दालचीनी का पानी पीने से मसल्स और पीरियड्स में होने वाले दर्द से भी राहत मिल सकती है. दालचीनी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसमें पाया जाने वाला कंपाउंड करक्यूमिन के कारण एक्सरसाइज के बाद मसल्स में आने वाली सूजन को कम करे में मदद कर सकता है.
आस्था /शौर्यपथ / इस साल कुल 4 ग्रहण लगने थे जिनमें से 3 ग्रहण लग चुके हैं और चौथा ग्रहण 28 अक्टूबर, शनिवार की रात लग रहा है. यह इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) भी होने वाला है. ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना है जिसमें पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है. ग्रहण लगने पर कई बार चंद्रमा लाल दिखाई पड़ने लगता है तो कभी इसका कुछ हिस्सा या पूर्ण हिस्सा अंधकारमय नजर आता है. जानिए इस चंद्र ग्रहण को भारत से देखा जा सकेगा, यह किस समय लगेगा और धार्मिक आधार पर इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं.
कब लगेगा चंद्र ग्रहण |
28 अक्टूबर की मध्यरात्रि लग रहा चंद्र ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण होने जा रहा है. यह ग्रहण 12 बजे के बाद लगेगा जिस चलते अगला दिन यानी 29 अक्टूबर शुरू हो जाएगा. चंद्र ग्रहण का समय 29 अक्टूबर 1:05 एएम से 2:24 एएम होगा. कुल एक घंटे और 19 मिनट के लिए यह ग्रहण लगेगा. आंशिक चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा के कुछ हिस्से पर ही पड़ती है. इसे खंडग्रास या आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं.
क्या भारत से दिखेगा चंद्र ग्रहण
इस चंद्र ग्रहण को ऑस्ट्रेलिया, एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ईस्टर्न साउथ अमेरिका, नॉर्थ ईस्टर्न नॉर्थ अमेरिका, अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर और हिंद महासागर से देखा जा सकेगा. एशिया में यह ग्रहण दिखाई देगा जिस चलते भारत से भी इसे देखा जा सकता है.
सूतक काल लगेगा या नहीं
धार्मिक मान्यतानुसार सूतक काल को अशुभ माना जाता है. सूतक काल ग्रहण से घंटों पहले लग जाता है. इस समयावधि में मांगलिक कार्यों समेत बहुत से ऐसे-छोटे बड़े काम हैं जिन्हें करने की मनाही होती है. 28 अक्टूबर की शाम 4 बजकर 6 मिनट से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा. चंद्र ग्रहण शरद पूर्णिमा के दिन लग रहा है जिस चलते धार्मिक आधार पर इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /कब्ज की दिक्कत हर किसी को आज है. गलत खान-पान के कारण पेट से जुड़ी समस्या होती रहती हैं. कब्ज होने पर ना केवल पेट भारी-भारी रहता है, बल्कि मल त्याग करने में भी बहुत दिक्कत होती है. साथ ही इससे पेट में ऐंठन और समय-समय पर असहनीय दर्द भी होती है. ऐसे में अगर आप भी इस तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं तो ये चूर्ण आपकी मदद कर सकता है. इसमें कई चीजें ऐसी हैं जो आपको घर पर ही मिल सकता है.
ऐसे बनाएं घर पर ही चूर्ण
इस चूर्ण को बनाने के लिए सबसे पहले एक एलोवेरा के पत्ते को धोकर साफ कर लें
इसके बाद इस पत्ते को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें
इसी तरह दो चम्मच अजवाइन को भी धोकर साफ कर लें और फिर इसे कुछ समय के लिए धूप में सूखने के लिए रख दें
फिर नींबू लें और उसमें मौजूद बीजों को बाहर निकालकर इसे भी धूप में सूखने के लिए रख दें
जब सभी चीजें पूरी तरह सूख जाएं, तब इन्हें एक साथ मिक्सी में पीसकर पाउडर तैयार कर लें
पाउडर बनने पर इसमें एक चम्मच काला नमक मिलाएं
आपका आयुर्वेदिक चूर्ण बनकर तैयार है
ऐसे करते हैं ये चीजें असर
अजवाइन
अजवाइन में भारी मात्रा में थाइमोल मिलता है. ये तत्व अपच, पेट फूलना और कब्ज के दर्द से राहत दे सकती है.
काला नमक
कब्ज और पेट फूलने जैसी दिक्कत से राहत पाने में काला नमक राहत देता है. लैक्सेटिव गुण से पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है.
एलोवेरा
आयुर्वेद में पेट साफ करने के लिए एलोवेरा एक औषधि है. एलोवेरा पेट के साथ-साथ शरीर के लिए भी बहुत अच्छी है.
नींबू
नींबू में मिलने वाला विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट पेट के लिए रामबाण साबित होता है. इससे पेट से जुड़ी दिक्कत दूर रह सकती है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /स्किन की चमक और कसावट 40 की उम्र के बाद कम होने लगती है. जिसको बरकरार रखने के लिए महिलाएं कई तरह की क्रीम, फेसपैक और फेसवॉश का इस्तेमाल करती हैं, जबकि आप एक सही स्किन केयर रूटीन और डाइट को फॉलो करें तो आप 70 साल की उम्र तक अपनी त्वचा की चमक बरकरार रख सकती हैं. इस आर्टिकल में हम आपको आज कुछ आसान तरीके बताने वाले हैं जो बढ़ती उम्र में भी आपकी खूबसूरती को बरकरार रखने का काम करेगा.
40 की उम्र के बाद स्किन केयर
1- अपनी स्किन की क्लींजिंग को प्राथमिकता दीजिए. जब भी आप बाहर से आएं तो कॉटन पैड पर क्लींजिंग मिल्क लेकर स्किन की अच्छी से सफाई करें, ताकि फेस पर जमी धूल मिट्टी निकल जाए. आप हयालूरोनिक या सेरामाइड्स वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करेंगी तो वह आपके लिए बेस्ट होगा.
2- वहीं, अपनी स्किन के हिसाब से स्क्रब चुनें जिससे आपके डेड स्किन सेल्स बाहर आ जाएं और आपकी स्किन खिली और चमकदार नजर आए. इससे स्किन ग्लाइंग होती है. वहीं, 40 की उम्र पार करने के बाद आपकी स्किन नमी खोने लगती है, ऐसे में आप स्किन को मॉइश्चराइज करना बिल्कुल ना भूलें. फेसवॉश के बाद चेहरे को मॉइश्चराइज करना ना भूलिए.
3- इसके अलावा आप खूब सारा पानी पिएं. पानी आपके चेहरे की चमक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसके अलावा आप अपनी डाइट में विटामिन सी और ई का सेवन ज्यादा करें और प्रॉसेस्ड फूड से दूरी बनाकर रखें.
4- वहीं, अपनी स्किन को जवां और चमकदार बनाए रखने के लिए भरपूर नींद लीजिए. इससे तनाव दूर रहता है. आपको 8 घंटे नीद लेना बहुत जरूरी है. आप रात में चेहरे को मसाज जरूर दीजिए. इससे भी आपकी स्किन जवां और खूबसूरत होती है. वहीं, बाहर जाएं तो सनस्क्रीन लगाकर निकलें. कम से कम 50 एसपीएफ का इस्तेमाल करें.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /ब्रेकफास्ट हमारे दिन का सबसे अहम मील माना जाता है. इसलिए हमेशा हेल्दी ब्रेकफास्ट करना चाहिए. कई लोग वजन को कम करने के चक्कर में ब्रेकफास्ट करना स्किप कर देते हैं. लेकिन ब्रेकफास्ट स्किप करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. और सबसे बड़ी बात कि ब्रेकफास्ट ना करने से हम दिन के समय लगने वाली छोटी-छोटी भूख में फास्ट फूडका सेवन कर लेते हैं, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है. अगर आप भी ब्रेकफास्ट में हेल्दी और टेस्टी रेसिपीज की तलाश कर रहे हैं तो हमने आपको कवर किया है. नीचे देखें रेसपी.
स्वाद और सेहत से भरपूर ब्रेकफास्ट रेसिपीज-
1. ओट्स-
ओट्स को सबसे हेल्दी ब्रेकफास्ट में से एक माना जाता है. ओट्स में फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है. ओट्स को आप फ्रूट्स के साथ खा सकते हैं. ये आपको एनर्जेटिक रखने में मदद कर सकते हैं.
2. ऑमलेट-
अंडे को प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. अंडे एक ऐसा स्टेपल है जिसे सबसे ज्यादा ब्रेकफास्ट टाइम में खाया जाता है. आप हेल्दी ब्रेकफास्ट चाहते हैं तो अंडे से ऑमलेट बना सकते हैं.
3. इडली-
इडली एक साउथ इंडियन डिश है जिसे सबसे ज्यादा ब्रेकफास्ट में खाया और पसंद किया जाता है. इडली की कई वैराइटी आपको मिल जाएंगी. अगर आप हेल्दी खाना चाहते हैं, तो आप मल्टीग्रेन इडली को बना सकते हैं.
4. फ्रूट सैलेड-
फ्रूट्स सैलेड को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. ब्रेकफास्ट में फ्रूट्स सैलेड को शामिल कर वजन को कंट्रोल कर सकते हैं.
5. मूंग दाल चीला-
अगर आप प्रोटीन से भरपूर ब्रेकफास्ट की तलाश कर रहे हैं, तो आप मूंग की दाल से चीला बना सकते हैं. ये बनाने में आसान और खाने में स्वादिष्ट है.
खाना खजाना /शौर्यपथ / जब स्वीट ट्रीट की बात आती है, तो भारत के पास एक रिच कुलिनरी हेरिटेज और स्वादिष्ट वैराइटी है जिस पर हम सभी गर्व कर सकते हैं. कई क्षेत्रों की अपनी डेजर्ट और मिठाई की विशिष्टताएं हैं. जबकि कुछ रेगुलर खाई जाने वाली हैं, अन्य केवल त्योहारों और धार्मिक अवसरों के दौरान बनाई जाती हैं. हाल ही में, दो भारतीय स्वीट व्यंजनों को दुनिया के 10 सर्वश्रेष्ठ पुडिंग में जगह मिली जो ग्लोबल सुर्खियों में आ गईं. हालांकि "पुडिंग" वह शब्द नहीं है जिसे हम आमतौर पर इन व्यंजनों के साथ जोड़ते हैं, उनकी सामान्य सामग्री और तैयारी की विधि ने उन्हें इस कैटेगरी डाला है. यह लिस्ट पॉपुलर फूड और ट्रेवल गाइड टेस्ट एटलस द्वारा जारी की गई थी.
विश्व के 10 सर्वश्रेष्ठ पुडिंग की लिस्ट में इंडियन स्वीट-
स्वादिष्ट फिरनी को 7वां स्थान दिया गया जबकि खीर को 10वां स्थान दिया गया. फिरनी स्पेशली उत्तर भारत में पॉपुलर है और इसे पिसे हुए चावल, दूध, चीनी और इलायची का उपयोग करके बनाया जाता है. टेस्ट एटलस ने समझाया है, "ट्रेडिशनली शिकोरा के नाम से जाने जाने वाले छोटे मिट्टी के बाउल में सर्व किया जाता है, फिरनी को हमेशा अच्छी तरह से ठंडा करके खाया जाता है और इसे और भी शानदार बनाने के लिए नट्स, गुलाब की पंखुड़ियों और अक्सर सिल्वर पेपर या चांदी वर्क के साथ सजाया जाता है." खीर या पायसम में अक्सर चावल और दूध बेस भी होता है. हालांकि, कई अन्य वैराइटी भी मौजूद हैं. यह स्वीट ट्रीट स्पेशली त्योहारों के दौरान बनाया जाता है और इसे कई मसालों, मेवों और फलों के साथ स्वादिष्ट बनाया जा सकता है.
लिस्ट में विदेशी पुडिंग-
लिस्ट में अन्य चिजों के बारे में क्या? टॉप पर एक ईरानी डिश है जिसे शोले ज़र्द कहा जाता है, जो केसर चावल का हलवा है. टेस्ट एटलस के अनुसार, ''शोले ज़र्द को आम तौर पर अलग-अलग साइज के पोर्शन में सर्व किया जाता है और इसे पिसी हुई दालचीनी, क्रस्ड बादाम या पिस्ता से गार्निश किया जाता है.'' कई लोग आठवें स्थान पर रहने वाले को पहचानेंगे: इटली का ग्लोबल फेमस पन्ना कोटा , तुर्किये के टॉप 10 में सिर्फ दो नहीं, बल्कि तीन स्वीट डिश हैं. फ़िरिन सटलाक, रोज वॉटर या वनिला के फ्लेवर वाला ओवन-बेक्ड चावल का हलवा, दूसरे स्थान पर है. तुर्की कज़ांडीबी को 5वां स्थान दिया गया है,
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मूंग की दाल को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. मूंग दाल से कई तरह की रेसिपी बनाई जा सकती हैं. मूंग दाल को प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. मूंग दाल लाइट होती है, जो वजन को कम करने में भी मदद कर सकती है. आप हेल्दी ब्रेकफास्ट के लिए मूंग दाल से चीला बना सकते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि मूंग की फलीको पोषण से भरपूर माना जाता है. मूंग की फलियां अमीनो एसिड, आयरन, पोटैशियम, और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचा सकती है. आपको बता दें कि मूंग की फलियों का सेवन करने से आंखों की रोशनी को बढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा भी कई फायदे हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं मूंग फलियों से मिलने वाले फायदे.
मूंग फलियां खाने के फायदे-
1. इम्यूनिटी-
मूंग की फलियों का सेवन करने से इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है. मजबूत इम्यूनिटी शरीर को कई तरह के संक्रमण से बचाने में मदद कर सकती है.
2. डायबिटीज-
डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद है मूंग की फलियों का सेवन. मूंग की फलियोंं में पाए जाने वाले गुण डायबिटीज को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं.
3. आंखों-
आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार हैं मूंग की फलियां. मूंग की फलियों का सेवन आंखों के लिए अच्छा माना जाता है.
4. मोटापा-
अगर आप बढ़े हुए वजन से परेशान हैं, तो आप अपनी डाइट में मूंग को शामिल कर सकते हैं. मूंग की फलियों का सेवन कर वजन को तेज से घटा सकते हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / अक्टूबर महीने का आखिरी प्रदोष व्रत कल 26 अक्टूबर, गुरुवार के दिन रखा जाएगा. गुरुवार के दिन पड़ने के चलते इसे गुरु प्रदोष व्रत कहते हैं. हर माह 2 प्रदोष व्रत रखे जाते हैं जिनमें एक कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष में रखा जाता है. यह प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष में रखा जाएगा. मान्यातानुसार, प्रदोष व्रत रखने पर और शिव पूजा करने पर भक्तों के जीवन के सभी कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं, भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामनाएं भी पूर्ण करते हैं. कहते हैं इस व्रत को रखने पर दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है. जानिए गुरु प्रदोष व्रत के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में.
गुरु प्रदोष व्रत की पूजा |
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 26 अक्टूबर, गुरुवार की सुबह 9 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और इस तिथि का समापन अगले दिन 27 अक्टूबर, शुक्रवार सुबह 6 बजकर 56 मिनट पर हो जाएगा. शुभ मुहूर्त के अनुसार, प्रदोष व्रत 26 अक्टूबर के दिन ही रखा जाएगा.
प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष कालमें की जाती है. ऐसे में गुरुवार शाम 5 बजकर 41 मिनट से रात 8 बजकर 15 मिनट तक प्रदोष काल है जिसमें भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करना मंगलकारी माना जाता है.
पूजा करने के लिए सुबह-सवेरे उठकर निवृत्त होकर स्नान किया जाता है और स्वच्छ कपड़े पहने जाते हैं. इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लिया जाता है. सुबह के समय भक्त शिव मंदिर हो आते हैं लेकिन असल पूजा रात के समय प्रदोष काल में ही होती है. पूजा करते समय बेलपत्र, चंदन, धूप, दीया और अक्षत आदि को पूजा सामग्री में सम्मिलित किया जाता है. शिव शंकर के साथ ही माता पार्वती का पूजन भी किया जाता है. माता पार्वती पर चुनरी और श्रृंगार की सामग्री अर्पित की जाती है. आरती के बाद भोग लगाया जाता है और प्रसाद बांटकर पूजा का समापन होता है.
चार धाम /शौर्यपथ /पिछले छह महीनों से चल रही चार धाम यात्रा जल्द ही खत्म होने वाली है. उत्तराखंड के धामों के कपाट आने वाले महीने में बंद होने वाले हैं. उत्तराखंड में हर साल चार धाम की यात्रा होती है जिनमें बद्रीनाथ धाम के साथ-साथ तीर्थयात्री गंगोत्री धाम. यमुनोत्री धाम और केदारनाथ धाम के दर्शन करने आते हैं. गंगोत्री, युमनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाम धार्मिक स्थल हैं जहां देशभर से तीर्थयात्री श्रद्धाभाव से पहुंचते हैं. चार धाम की यात्रा को बेहद खास माना जाता है और इसका अत्यधिक धार्मिक महत्व भी है. जानिए इस साल चार धाम की यात्रा में किस मंदिर के कपाट कब बंद होने वाले हैं.
इस दिन से चार धाम के कपाट होंगे बंद |
सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने वाले हैं जिसके साथ गंगोत्री धाम की यात्रा समाप्त हो जाएगी. 14 नवंबर, मंगलवार के दिन गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो जाएंगे. इसके बाद अगले ही दिन 15 नवंबर, बुधवार के दिन यमुनोत्री धाम के साथ-साथ केदारनाथ धाम के कपाट भी बंद होंगे. आखिर में 18 नवंबर, शनिवार के दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने वाले हैं.
इस साल की चार धाम यात्रा में उल्लेखनीय रूप से श्रद्धालुओं की संख्या देखी गई. लगभग 50 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री चार धाम पहुंच चुके हैं. ये संख्या पिछले कुछ सालों से कई गुना ज्यादा है. चार धाम यात्रा में कोविड-19 के दौरान 5 लाख के करीब श्रद्धालु पहुंचे थे और पिछले साल 46 लाख के करीब तीर्थयात्री देखे गए थे.
चार धाम यात्रा को धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में बंद्रीनाथ धाम है, तमिलनाडु में रामेश्वरम धाम स्थित है, द्रारिका धाम गुजरात में है और जगन्नाथ पुरी धाम उड़ीसा में स्थित है. चार दिशाओं में स्थित इन चार धामों को आलौकिक माना जाता है जिनके दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में हर साल श्रद्धालु तीर्थयात्रा करने आते हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
