
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
शौर्यपथ /विश्व गठिया दिवस हर साल 12 अक्टूबर को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य गठिया और मस्कुलोस्केलेटल रोगों (आरएमएस) के बारे में जागरूकता पैदा करना है. गठिया एक सूजन संबंधी बीमारी है जो जोड़ों को प्रभावित करती है. ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटीइड गठिया गठिया के सबसे आम प्रकार हैं. विश्व गठिया दिवस 2023 का थीम "लाइफ के सभी स्टेज में आरएमडी के साथ रहना" है.
गठिया के कारण जोड़ों की सूजन और कोमलता जोड़ों के दर्द और कठोरता में योगदान करती है. उम्र के साथ यह स्थिति बिगड़ती जाती है. गठिया किसी व्यक्ति की लाइफ क्वालिटी को काफी हद तक कम कर सकता है. गठिया का कोई इलाज नहीं है. हालांकि, कुछ स्ट्रेटजी से स्थिति को प्रभावी ढंग से मैनेज किया जा सकता है. विश्व गठिया दिवस पर आइए उन उपायों पर एक नजर डालें जिनको फॉलो करके व्यक्ति गठिया के लक्षणों को कंट्रोल कर सकते हैं.
गठिया में दर्द और सूजन को मैनेज करने के टिप्स | Tips to manage pain and swelling in arthritis
1. फिजिकली एक्टिव रहें
अर्थराइटिस मैनेजमेंट के लिए रेगुलर व्यायाम जरूरी है. चलना, तैरना और साइकिल चलाना कम प्रभाव वाले व्यायामों के कुछ उदाहरण हैं जो मसल्स स्ट्रेंथ बनाए रखने, असुविधा को कम करने और जोड़ों के लचीलेपन को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल और अन्य हाई इंटेसिटी एक्टिविटी से बचना चाहिए. इसके अलावा हाई इंटेंसिटी वाले वर्कआउट से बचें.
2. अच्छा खाएं
गठिया के रोगियों के लिए हेल्दी, बैलेंस डाइट जरूरी है. एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाले फूड्स डेली डाइट का हिस्सा होने चाहिए. व्यक्तियों को ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले फल, सब्जियां और फैटी फिश का सेवन करना चाहिए.
3. कोल्ड एंड हॉट थेरेपी
ठंड (कोल्ड पैक या बर्फ) सूजन को कम कर सकती है और प्रभावित क्षेत्र को सुन्न कर सकती है. दूसरी ओर गर्मी मसल्स को आराम दे सकती है और ब्लड फ्लो को बढ़ा सकती है. दोनों को आजमाएं और देखें कि आपके लिए क्या काम करता है.
4. वेट मैनेजमेंट
अगर आपको ऑस्टियोआर्थराइटिस है, तो हेल्दी वेट बनाए रखना जरूरी है. ज्यादा वजन होने से जोड़ों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे असुविधा और परेशानी हो सकती है.
5. अपने जोड़ों को सुरक्षित रखें
अपने जोड़ों की सुरक्षा करना सीखना आगे के नुकसान और असुविधा के जोखिम को कम कर सकता है. ब्रेसिज या स्प्लिंट्स जैसे सहायक उपकरणों का उपयोग करें. इससे चोट के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है.
6. फिजिकल थेरेपी
फिजिकल थेरेपी जोड़ों के कार्य को बढ़ाने और असुविधा को कम करने के लिए स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज प्रोग्राम डिजाइन कर सकते हैं. बार-बार फिजिकल थेरेपी सेशन अर्थराइटिस मैनेजमेंट में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
गठिया को मैनेज करना और लाइफ क्वालिटी बनाए रखना कठिन हो सकता है, लेकिन एक अच्छी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, दवा और अन्य तकनीकें गठिया से पीड़ित लोगों को कम दर्द का अनुभव करने में मदद कर सकती हैं. जब आप अपने गठिया को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए अपनी यात्रा शुरू करते हैं तो मेडिकल प्रोफेशनल्स से मदद लेना कभी न भूलें.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / लंबे, काले और घने बाल किसे नहीं पसंद होते हैं! लेकिन आज के समय में इस इच्छा को पूरा करना काफी चैलेंजिंग होता है. आजकल जिस तरह से लोगों का लाइफस्टाइल, खानपान और प्रदूषण बढ़ गया है इस वजह से बालों की ग्रोथ बढ़ने की बजाए कई परेशानियां सामने आ गई हैं. जिसमें बालों का तेजी से झड़ना, गंजापन, सफेद होना शामिल हैं. बालों का बढ़ना कई बार धूल-मिट्टी, गंदगी और प्रॉपर हेयर केयर ना करने से भी रुक जाता है. वहीं लोग कई तरह की हेयर स्टाइलिंग और टूल्स का इस्तेमाल करते हैं जो आपके बालों को डैमेज करता है और बेजान भी बना देता है, जिसकी वजह से भी बाल तेजी से टूटने लगते हैं. बालों की अच्छी ग्रोथ और हेल्थ के जरूरी है कि आप उनकी केयर अच्छे से करें. अगर आप भी अपने बालों की ग्रोथ बढ़ाना चाहते हैं तो आप देसी नुस्खें कर सकते हैं. ये एक से दो महीने में आपके बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं बालों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए घरेलु नुस्खा.
बालों की लंबाई बढ़ाने के घरेलु नुस्खा
बालों पर तेल जरूर लगाएं.
बालों को हर रोज ना धुलें.
ज्यादा हेयर स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमान न करें.
ट्रिम करवाती रहें.
खान-पान का ध्यान रखें.
बालों की केयर अच्छे से करें.
बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए तेल कैसे बनाएं
इस तेल को बनाने के लिए आपको चाहिए कलौंजी, लौंग, करी पत्ता और नारियल तेल.
इस तेल को बनाने के लिए सबसे पहले 2 चम्मच कलौंजी, 4-5 लौंग और करी पत्तों को लेकर एक पैन में भूंन लें. भुननें के बाद इनको मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें. अब एक पैन में नारियल तेल या ऑलिव ऑयल या फिर सरसों का तेल लें अब इसमें इस पाउडर को डालकर अच्छे से मिक्स कर दें. 24 घंटे के लिए इसको रख दें. इसके बाद इस तेल को कंटेनर में भरकर स्टोर कर लें. इस तेल को बालों की लंबाई और स्कैल्प पर अच्छे से लगाकर मसाज करें और रातभर के लिए छोड़ दें. सुबह शैंपू कर लें. हफ्ते में दो बार इस तेल का इस्तेमाल करें और आपको कुछ ही समय में बालों की लंबाई में अंतर समझ आने लगेगा.
शौर्यपथ /बस कुछ ही दिनों में शारदीय नवरात्रि शुरू होने वाला है और पूरे देश में हर्षोल्लाह से इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी है. 9 दिनों तक चलने वाले इस तयोहार में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं. यहां आपको वो उपाय जानने को मिलेगा जो अगर आप आजमां कर देखते हैं तो आपकी रूठी किस्मत चमक जाएगी. मां को मनाने के लिए आपको बस इस उपाय को आजमां कर देखना है. और कुछ दिनों में आपके जीवन में एक बदलाव देखने को मिलेगा. इस उपाय को करने के लिए आपको बस चाहिए एक लौंग का जोड़ा क्योंकि लौंग मां दुर्गा की सबसे प्रिय वस्तुओं में से एक है. तो चलिए आपको बताते हैं कुछ खास उपाय
आर्थिक संकट दूर करने के लिए
अगर आप मां दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते हैं और अपनी सोई किस्मत को जगाना चाहते हैं एक पीले कपड़े में लौंग का एक जोड़ा रखकर उसके साथ 5 इलायची और 5 सुपारी मां को अर्पित करें. अगले दिन मां की पूजा करके इस कपड़े को उस जगह रखें जहां आपने पैसे या सोना चांदी रखा हो.
राहु- केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए
कई बार राशियों में राहु- केतु की वजह से भी हमारे काम बिगड़ जाते हैं. अगर आप इसके प्रभाव से मुक्ति पाना चाहते हैं तो एक जोड़ा लौंग रोज शिवलिंग पर अर्पित करें. ऐसा करने से आपकी कुंडली से राहु- केतु का अशुभ प्रभाव दूर हो जाएगा.
लौंग कपूर का धुआं है असरदार
9 दिनों तक चलने वाले नवरात्रि में नियमित रूप से लौंग और कपूर का धुंआ पूरे घर में दिखाएं. इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी. अगर आप रोजाना नौ दिनों तक सुबह यह काम करते हैं तो घर में जितनी भी नकारात्मकता है जितने भी क्लेश हो रहे हैं वो सब मिट जाएंगे.
आस्था /शौर्यपथ / हिंदू शास्त्रों में ग्रहण का एक अलग महत्व देखने को मिला है. और अक्टूबर का महीना अपने आप में बहुत खास रहा है. यह ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार इस ग्रहण के दौरान रिंग ऑफ फायर देखने को मिलेगा. ग्रहण का आकार वलयाकर होगा. सबसे पहले आपको बता दें की 14 अक्टूबर, शनिवार को इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. ग्रहण के ठीक 4 दिन बाद ग्रहों के राजा सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार सूर्य का तुला राशि में गोचर करने के बाद इन 4 राशि वालों की किस्मत खुल जाएगी.
इन 4 राशियों को मिलेगा लाभ |
धनु राशि |
धनु राशि के जातकों के लिए देश- विदेश घूमने का योग बन सकता है. अगर कहीं धनराशि रुकी हुई है तो वह वापस मिल सकती है और साथ ही करियर में बड़ी सफलता मिलेगी. समाज में मान सम्मान भी बढ़ेगा.
मकर राशि |
धन की प्राप्ति के संकेत मिल रहे हैं. व्यापार में मुनाफा होगा, करियर में भी सफलता मिलेगी और जीवन में स्थिरता बनेगी.
कन्या |
आपके करियर के साथ-साथ आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा. परिवार के साथ एक अच्छा समय बीतेगा और स्वास्थ्य भी सही रहेगा.
कुंभ |
व्यापार और करियर में मनचाही सफलता मिल सकती है. नए मौके मिलने की संभावना है. छात्रों के लिए समय बहुत अच्छा माना जा रहा है. सरकारी नौकरी मिलने जैसे शुभ समाचार मिल सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आटा को अनाज, फलियां, नट्स या बीज को पीसकर बनाया जाता है. इसका उपयोग आमतौर पर बेकिंग में ब्रेड, केक, पेस्ट्री और कई अन्य चीजों को बनाने के लिए किया जाता है. जब वजन घटाने की बात आती है, तो ये ध्यान रखना जरूरी है कि सभी आटे एक समान नहीं बनाए जाते हैं. कुछ आटे अपनी न्यूट्रिशन कंटेंट के कारण वेट मैनेजमेंट में सहायक हो सकते हैं, जबकि कुछ आटे का बहुत ज्यादा सेवन वजन बढ़ाने में योगदान दे सकता है. यहां कुछ प्रकार के आटे हैं जो अक्सर वजन को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं.
वजन घटाने में मददगार 5 तरह के आटे
1. साबुत गेहूं का आटा
गेहूं की साबुत गिरी से बने इसमें प्रोसेस्ड आटे की तुलना में ज्यादा फाइबर, प्रोटीन और पोषक तत्व होते हैं. प्रोसेस्ड व्हाइट फ्लोर से अलग, साबुत गेहूं का आटा गेहूं के दाने के फाइबर वाले चोकर और रोगाणु को बरकरार रखता है. इसका मतलब है कि इसमें हाई न्यूट्रिशनल वैल्यू और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है, जो ब्लड शुगर में बढ़ोत्तरी को रोक सकता है और वेट मैनेजमेंट में मदद कर सकता है. इसकी हाई फाइबर सामग्री के कारण साबुत गेहूं का आटा तृप्ति की भावना को बढ़ावा देने, पाचन में सहायता करने और वजन को कंट्रोल करने में सहायता करने में मदद कर सकता है.
2. बादाम का आटा
बारीक पिसे हुए बादाम से बने बादाम के आटे में कार्ब्स कम होते हैं. बादाम का आटा गेहूं के आटे का एक लोकप्रिय लो-कार्ब और ग्लूटेन-फ्री विकल्प है. ये प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर और कई विटामिन और मिनरल से भरपूर है. हाई प्रोटीन और फाइबर सामग्री तृप्ति की भावना को बढ़ावा देने में मदद करती है, जिससे कुल कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है. ये ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने और तृप्ति की भावना प्रदान करने में मदद कर सकता है, जिससे ये वेट मैनेजमेंट के लिए अच्छा हो सकता है.
3. नारियल का आटा
सूखे और पिसे हुए नारियल से प्राप्त नारियल का आटा ग्लूटेन-फ्री और हाई फाइबर वाला होता है. इसकी हाई फाइबर सामग्री तृप्ति को बढ़ावा देने और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है, जिससे वेट मैनेजमेंट में मदद मिल सकती है. नारियल के आटे में फाइबर ज्यादा और कार्बोहाइड्रेट कम होता है, जो इसे वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है. फाइबर पाचन में सहायता करता है, तृप्ति की भावना पैदा करता है और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है.
4. चने का आटा
पिसे हुए चने से बना यह आटा फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है. अन्य हाई फाइबर वाले आटे के समान, चने का आटा तृप्ति में योगदान दे सकता है और संभावित रूप से वजन घटाने या मैनेजमेंट में सहायता कर सकता है. चने का आटा, जिसे बेसन या बेसन भी कहा जाता है, पिसे हुए चनों से बनाया जाता है. इसमें हाई प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो तृप्ति को बढ़ावा देने में योगदान करते हैं.
5. क्विनोआ आटा
क्विनोआ आटा पिसे हुए क्विनोआ से प्राप्त होता है, जो एक अनाज जैसा बीज होता है. ये प्रोटीन, फाइबर और जरूरी अमीनो एसिड का एक बेतरीन स्रोत है. प्रोटीन और फाइबर का कॉम्बिनेशन तृप्ति की भावना को बढ़ाने और कैलोरी की खपत को कम करने में मदद करता है.
यह ध्यान रखना जरूरी है कि हालांकि ये आटे बैलेंस डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इन्हें वजन घटाने के लिए एक जादुई समाधान नहीं माना जाना चाहिए. वजन कम के लिए अलग-अलग तरह के फूड्स का सेवन करके, नियमित रूप से व्यायाम करके और हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखकर कैलोरी की कमी को बनाए रखना है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /भिंडी की फलियां लंबी और पतली होती हैं, आमतौर पर हरे रंग की होती हैं और उनमें छोटे खाने योग्य बीज होते हैं. अपने बेहतरीन गुणों के कारण भिंडी को एक वेजिटेबल माना जाता है. इसमें कैलोरी कम, ज्यादा फाइबर और विटामिन ए और सी के साथ-साथ पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत है. इसमें फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक यौगिकों सहित एंटीऑक्सिडेंट भी शामिल हैं, जिनके संभावित स्वास्थ्य लाभ हैं. हम भिंडी के सेवन के कुछ फायदे और इसे अपनी डाइट में शामिल करने में मदद के लिए सुझाव शेयर कर रहे हैं.
भिंडी के सेवन के 10 फायदे |
1. पोषक तत्वों से भरपूर
भिंडी विटामिन ए और सी, मैग्नीशियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर है, जो ऑलओवर हेल्थ के लिए फायदेमंद है.
2. पाचन में सहायक
भिंडी में हाई फाइबर होता है, जो पाचन में सहायता करता है और कब्ज को रोकता है. ये लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ावा देकर हेल्दी गट को बढ़ावा देता है.
3. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करती है
भिंडी में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल अब्जॉर्प्शन को कम करने, हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने और हार्ट हेल्थ में सुधार करने में मदद करता है.
4. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है
भिंडी में पॉलीफेनोल्स और फाइबर जैसे यौगिक होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, जिससे ये डायबिटीज के जोखिम वाले व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होता है.
5. इम्यूनिटी को बढ़ावा देता है
भिंडी में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है. ये एक एंटीऑक्सीडेंट है जो इम्यूनिटी को मजबूत करता है और बीमारियों और इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है.
6. वजन घटाने में सहायता करता है
भिंडी की हाई फाइबर सामग्री तृप्ति की भावना को बढ़ावा देती है, ज्यादा खाने से रोकती है और वेट मैनेजमेंट में मदद करती है.
7. आंखों की रोशनी को बढ़ाता है
भिंडी विटामिन ए से भरपूर होती है, जो आंखों की रोशनी के लिए जरूरी है. नियमित रूप से भिंडी का सेवन मैक्यूलर डिजनरेशन को रोकने और हेल्दी आंखों की रोशनी को बनाए रखने में मदद कर सकता है.
8. सूजन रोधी गुण
भिंडी में सूजन-रोधी यौगिक होते हैं जो सूजन और इससे जुड़ी पुरानी बीमारियों, जैसे गठिया या हार्ट हेल्थ को कम करने में मदद कर सकते हैं.
9. हड्डियों के लिए फायदेमंद
भिंडी में मौजूद विटामिन सी, कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों को रोकने के लिए जरूरी हैं.
10. स्किन हेल्थ को बढ़ावा देता है
भिंडी में विटामिन ए और सी सहित एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ने, त्वचा की बनावट में सुधार करने और हेल्दी स्किन को बढ़ावा देने में मदद करते हैं. वे समय से पहले बुढ़ापा और झुर्रियों की रोकथाम में भी सहायता कर सकते हैं.
भिंडी को अपनी डाइट में शामिल करने के लिए यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप इसे तैयार कर सकते हैं:
भिंडी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और अपनी पसंद के मसालों के साथ थोड़े से तेल में पका लें. ये विधि इसके पोषक तत्वों को बनाए रखने में मदद करती है.
भिंडी को लंबाई में काटें, ऑलिव ऑयल में डालें, थोड़ा नमक और काली मिर्च छिड़कें और नरम होने तक भूनें या ग्रिल करें. ये विधि इसके प्राकृतिक स्वाद को बढ़ाती है.
ओकरा करी और स्टू में अच्छा काम करता है, एक अनूठी बनावट और स्वाद मिलता है. ये कई सब्जियों और प्रोटीन के साथ अच्छी तरह मेल खाता है.
भिंडी का अचार खीरे या अन्य सब्जियों की तरह ही बनाया जा सकता है. इसका आनंद एक तीखे और कुरकुरे स्नैक्स के रूप में लिया जा सकता है.
भिंडी के पोषण संबंधी लाभों को बरकरार रखने के लिए उसे ठीक से पकाएं. ज्यादा पकाने से ये चिपचिपा हो सकता है. कुल मिलाकर, भिंडी को अपनी डाइट में शामिल करना एक हेल्दी और टेस्टी सब्जी का आनंद लेने का एक शानदार तरीका हो सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / बैंगन में विटामिन और मिनरल प्रचुर मात्रा में होते हैं. ये विटामिन के, बी 6 और फोलेट के साथ पोटेशियम और मैंगनीज से भी भरपूर होता है. बैंगन एक स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं. यह वजन कम करने और पाचन स्वास्थ्य के लिए एक शानदार ऑप्शन है क्योंकि इसमें कैलोरी कम और डाइटरी फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है. इसमें नासुनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कोशिकाओं को नुकसान होने से बचाने में मदद कर सकते हैं और पुरानी बीमारियों की संभावना को कम कर सकते हैं. इसके अलावा, बैंगन में सूजनरोधी गुण होते हैं और ये कोलेस्ट्रॉल को कम करके हार्ट हेल्थ में सुधार कर सकता है. अपनी डाइट में ज्यादा बैंगन शामिल करना सेहत के लिए कमाल कर सकता है.
बैंगन को अपनी डाइट में क्यों शामिल करना चाहिए? |
1. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकता है
फाइबर से भरपूर बैंगन टाइप 2 डयबिटीज से संबंधित एंजाइमों को रिस्ट्रिक्ट करके ग्लूकोज एब्जॉर्प्शन और ब्लड शुगर रेगुलेशन को बढ़ा सकता है.
2. कैंसर की रोकथाम
बैंगन की बैंगनी त्वचा में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट नासुनिन, कोशिका झिल्ली को जोखिम भरे फ्री रेडिकल्स से बचा सकता है.
3. वजन घटना
इसका हाई वाटर कंटेंट और लो कैलोरी बैंगन को वजन घटाने के लिए एक फायदेमंद ऑप्शन बनाता है. इसके स्पंजी अहसास के कारण इसे खाया जा सकता है. बैंगन की हाई फाइबर सामग्री भी तृप्ति बढ़ाती है और वजन घटाने में सहायता कर सकती है.
4. आंखों के लिए अच्छा
बैंगन में पाया जाने वाला ल्यूटिन मैक्यूलर डिजनरेशन को रोक सकता है, जो अंधापन और आंखों की कमजोरी का एक बड़ा कारण है. हालांकि इसके संभावित विजन प्रोटेक्टिव प्रोपर्टीज को ठीक से समझने के लिए और शोध की जरूरत है.
5. हड्डियों के लिए अच्छा है
ऑस्टियोपोरोसिस की घटनाओं को कम करने की प्रक्रिया में बैंगन बोन मिनरल डेंसिटी में मदद कर सकता है. इस सब्जी में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम सहित विटामिन और मिनरल शामिल हैं जो मजबूत हड्डियों के लिए फायदेमंद होते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बालों की समस्या से आजकल पुरुष तो क्या औरतें भी बहुत ज्यादा परेशान है, जब गुच्छों में बाल गिरते हैं तो इसे देखकर मिनी हार्ट अटैक आ ही जाता है. यह गिरते हुए बाल खराब लाइफस्टाइल, हीटिंग टूल्स और अनहेल्दी डाइट की वजह से भी हो सकते हैं. ऐसे में अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि क्या कोई ऐसे सिंपल तरीके हैं जिससे हम बालों को झड़ने से रोक सकते हैं? तो चलिए आज हम आपको बताते हैं 6 ऐसे तरीके जिनसे आप अपने झड़ते हुए बालों को गिरने से रोक सकते है और अपने बालों को अंदर से मजबूत कर सकते हैं.
बालों को टूटने से कैसे बचाएं
बैलेंस डाइट लें
बालों के विकास और पोषण के लिए अपनी डाइट में आयरन, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स जैसे पोषक तत्व शामिल करें. इसके साथ ही कम फैट वाला मीट, मछली, अंडे, पत्तेदार सब्जियां और फल जैसी चीजों को डाइट में शामिल करें.
हाइड्रेटेड रहना है जरूरी
अपने बालों और स्कैल्प को हाइड्रेटेड रखने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. डिहाइड्रेशन के कारण स्कैल्प ड्राई होती है और बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं.
स्टाइलिंग टूल का इस्तेमाल करने से बचें
हॉट स्टाइलिंग टूल्स, केमिकल डाई और पमिंग जैसे हेयर स्टाइल्स से बचें, क्योंकि ये बालों की जड़ों को कमजोर कर सकते हैं और टूटने का कारण बन सकते हैं.
टाइट हेयर स्टाइल से बचें
ऐसे हेयर स्टाइल से बचें जो बालों को खींचते हैं, जैसे टाइट पोनीटेल या चोटी, इनसे ट्रैक्शन एलोपेसिया हो सकता है, जो बालों पर तनाव के कारण बालों के झड़ने का एक कारण है.
अपने सिर की मालिश करें
हर दिन कुछ मिनटों के लिए अपनी उंगलियों से अपने सिर की धीरे-धीरे मालिश करें, यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देता है और बालों की ग्रोथ में मदद करता है. आप मालिश के लिए नारियल या बादाम के तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
होम रेमेडी ट्राई करें
एलोवेरा, नारियल तेल और प्याज का रस जैसे कुछ नेचुरल इंग्रीडिएंट बालों की ग्रोथ बढ़ावा देने और बालों के झड़ने को कम करने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, किसी भी घरेलू उपचार का उपयोग करने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /हमसें से कई लोग ऐसे होंगे जो सुबह उठकर एक हैवी नाश्ता करना पसंद करते हैं. कई डॉक्टर्स भी यही कहते हैं सुबह का नाश्ता हैवी और हेल्दी होना चाहिए, क्योंकि यह पूरे दिन को आपके शरीर को एनर्जी देने का काम करता है. वहीं कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनको सुबह उठकर कुछ भी खाना पसंद नही होता है, लेकिन इस आदत की वजह से वो अपनी हेल्थ से समझौता नहीं कर सकते हैं ऐसे में एक हेल्दी डिटॉक्स ड्रिंक हमारे बचाव में आगे आ सकता है. डिटॉक्स ड्रिंक हेल्दी होते हैं जो आपके शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं, बॉडी से टॉक्सिंस पदार्थों को बाहर निकालते हैं और आपके शरीर को कई तरीकों से फायदा पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. करी पत्ते का पानी आपके दिन की शुरुआत करने के लिए एक हेल्दी ड्रिंक साबित हो सकता है. करी पत्ते का इस्तेंमाल हमारे किचन में अमूमन कई चीजों को बनाने में किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें पानी में भिगोकर उसके पानी को पानी भी आपकी सेहत के लिए बेहद लाभदायी हो सकता है. आइए जानते हैं सुबह खाली पेट करी पत्ते का पानी पीने से होने वाले फायदों के बारे में.
करी पत्तों का पानी पीने के फायदे
1. बालों के लिए लाभदायी
करी पत्ते में एल्केलॉइड्स, ग्लाइकोसाइड्स और फेनोलिक जैसे कई ऐसे ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो बालों को लंबा, काला और घना बनाने में मदद करते हैं. आप चाहें तो इनको अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. या फिर इससे बने तेल का इस्तेमाल भी बालों के स्वास्थय के लिए लाभदायी माना जाता है.
2. इम्यूनिटी स्ट्रांग करता है
करी पत्ते एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो आपको बीमार होने से बचाने में मदद कर सकते हैं और आपके बीमार रहने के समय को भी कम करने में मदद कर सकते हैं. करी पत्ते का पानी आपके शरीर को बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं.
3. दिल को हेल्दी रखने में
करी पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के लेवल को कम कर सकते हैं. करी पत्ते का पानी पीने से हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के खतरे को कम किया जा सकता है, जो दिल के रोगों के जोखिम को करने में भी मदद कर सकता है.
4. डाइजेशन को बेहतर बनाने में
हर दिन करी पत्ते का पानी पीना एक हेल्दी आदत हो सकती है जो आपके डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. आयुर्वेद के अनुसार, करी पत्ते में हल्के रेचक गुण और पाचन एंजाइम पाए जाते हैं जो स्टूस पास करने में भी सुधार कर सकता है, और पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
5. तनाव कम करें
करी पत्ते की अच्छी महक हमारे शरीर पर अच्छा प्रभाव डाल सकती है. यह आपकी मांसपेशियों और तंत्रिकाओं को आराम देने और तनाव दूर करने में भी मदद कर सकता है. जब आप एक बिजी और लंबे थका देने वाले दिन के बाद घर आते हैं, तो एक गिलास करी पत्ते का पानी या चाय पीना आपके शरीर के लिए लाभदायी साबित हो सकते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बढ़ती उम्र के साथ त्वचा की स्किन ढीली होने लगती है जो आपके बुढ़ापे की आर इशारा करती है. लेकिन कोई भी नहीं चाहता है कि वो बूढ़ा दिखे या उसकी स्किन को देखकर कोई उसकी उम्र का अंदाजा लगा सके. लेकिन एजिंग एक नेचुरल प्रक्रिया है जिसे आप रोक नहीं सकते हैं लेकिन इसको धीमा जरूर कर सकते हैं. जहां कई लोगों में ये लक्षण बढ़ती उम्र के साथ नजर आते हैं वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जिनमें समय से पहले ही बुढ़ापे के निशान दिखने लगते हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए जहां कई लोग केमिकल युक्त चीजों का इस्तेमाल करते हैं तो वहीं कई लोग डॉक्टर्स के पास जाकर कुछ ट्रीटमेंट करवाते हैं. लेकिन ये स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.
अगर आप अपनी एजिंग साइन को कम करना चाहते हैं तो आप अपनी लाइफस्टाइल और खानपान में कुछ बदलाव कर सकते हैं. इसके साथ ही आप खुद से कुछ फेशियल एक्सरसाइज कर सकते हैं जो आपकी स्किन को टाइट करने में मदद करती हैं. ये आपके फेस की स्किन, लिप्स के पास की स्किन, आंखों के पास की स्किन को टाइट करने में मदद कर सकते हैं.
इन फेशियल एक्सरसाइज को करना बेहद आसान है. इसके लिए आपको बस फेशियल ऑयल चाहिए और इससे अपने चेहरे पर मसाज करनी है. हर रोज 10-15 मिनट चेहरे पर इस एक्सरसाइज को करने से आपको कुछ ही दिनो में अंतर दिखने लगेगा. ये एक्सरसाइज ना सिर्फ आपकी स्किन को टाइट करने में मदद करेगी बल्कि शेप में भी लाएगी.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /रेगुलर एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है. वेट मैनेजमेंट से लेकर हेल्दी ब्रेन तक, हर दिन एक्सरसाइज करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. चलना और दौड़ना दो सामान्य एरोबिक एक्टिविटीज हैं जिनके लिए किसी इक्विपमेंट्स की जरूरत नहीं होती है. कुछ लोग लंबी सैर पसंद करते हैं जबकि अन्य जोरदार दौड़ना पसंद करते हैं, लेकिन क्या दौड़ना चलने से बेहतर है या यह इसके विपरीत है? खैर, यह एक लोकप्रिय प्रश्न है. हालांकि, उत्तर आपके फिटनेस टारगेट पर निर्भर करता है. अगर आप भी उलझन में हैं तो आइए जानें दोनों के फायदे.
चलना या दौड़ना क्या ज्यादा फायदेमंद है?
तेजी से चलना
यह एक प्रभावी व्यायाम है जो आपकी हार्ट रेट को बढ़ा सकता है.
ये आपके मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और मूड को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
यह शुरुआती लोगों के लिए बेहतरीन है.
यह एक लो इंटेंसिटी वाला वर्कआउट है.
दौड़ना
बर्न मेट्रिक काफी अच्छा है.
यह आपके पैर की मसल्स को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है.
जोर-जोर से दौड़ने पर आपको चोट लगने की संभावना ज्यादा होती है.
यह एक हाइ इंटेंसिटी वाला वर्कआउट है.
दोनों में से कौन सा चुनें?
चलना और दौड़ना दोनों ही बेहतरीन हार्ट एक्सरसाइज हैं. नमामी ने लिखा, "कोई एक दूसरे से "बेहतर" नहीं है. आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प पूरी तरह से आपके फिटनेस और हेल्थ टारगेट पर डिपेंड करता है."
दौड़ना को कब प्रायोरिटी में रखें?
अगर आप तेजी से वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं: दौड़ने से आपको कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है. ज्यादा कैलोरी बर्न करने का अमलब है बेहतर वजन घटाना. इसलिए अगर वजन घटाना आपकी प्राथमिकता है, तो दौड़ना चुनें.
अगर आप अपनी हेल्थ को बढ़ावा देना चाहते हैं और वजन कम करना एकमात्र टारगेट नहीं है: पैदल चलना कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है. ये आपके मानसिक स्वास्थ्य, हार्ट हेल्थ और इम्यून फंक्शन में सुधार कर सकता है. पैदल चलने से भी आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है लेकिन तुरंत नहीं.
दौड़ना और चलना दोनों ही आपकी ऑलओवर हेल्थ के लिए चमत्कार कर सकते हैं. अपने हेल्थ टारगेट की एक लिस्ट बनाएं और बुद्धिमानी से चुनें.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / खाली पेट लौकी का जूस पीने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं. इस आम सब्जी का रस विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. इसकी लो कैलोरी और हाई फाइबर कंटेंट के कारण, ये वजन घटाने में सुधार करता है, पाचन में सहायता करता है और आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है. लौकी का रस ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने और हार्ट हेल्थ के लिए जाना जाता है. इसका अल्कलाइन नेचर शरीर के पीएच लेवल को बैलेंस करने में भी सहायता करता है, जिससे सेहत को कई लाभ मिल सकते हैं.
लौकी का जूस कैसे बनाएं?
सबसे पहले एक लौकी को छोटे छोटे टुकड़ों में काट लीजिए. अब पुदीना और लौकी के टुकड़ों को ब्लेंडर में डालकर अच्छे से क्रश कर लें और फिर उसका रस निकाल लें. फिर आप इसे पीने से पहले थोड़ा स्वाद के लिए इसमें थोड़ा नमक और नींबू का रस मिला सकते हैं.
खाली पेट लौकी के जूस पीने के फायदे |
इसमें मौजूद डायटरी फाइबर कब्ज, गैस और बवासीर से राहत दिलाने में मदद करता है और लौकी का रस और इसके बीजों का काढ़ा पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज में उपयोगी साबित हो सकता है.
लौकी में बायोएक्टिव सैपोनिन और टेरपेनोइड्स की मात्रा ज्यादा होती है. खून से सेल्स तक ग्लूकोज के ट्रांपोटेशन को बढ़ावा देकर और लिवर और ग्लूकोज मेटाबॉलज्म में सुधार करके डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकता है.
क्या आप जानते हैं कि लौंकी में कितने विटामिन, पोटेशियम और आयरन होते हैं? इसके अलावा, लौकी में फाइबर होता है, जो वजन घटाने में मदद करेगा.
लौकी का अर्क लिपिड लेवल को काफी कम कर देता है और इसका उपयोग हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने के लिए किया जा सकता है.
रेगुलर सेवन से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और हार्ट रिलेटेड रिस्क को करने में मदद मिल सकती है. इससे सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर भी कम हो जा सकता है.
लौकी पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है, जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / विटामिन की कमी से डार्क सर्कल हो सकते हैं. विटामिन बी12 विटामिन के, विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन ई सहित कई विटामिन शरीर को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद करते हैं. ये विटामिन आपकी स्किन हेल्थ के लिए जरूरी हैं. जब इन विटामिनों की कमी हो जाती है, तो आंखों के नीचे की स्किन पतली और झुर्रीदार हो सकती है, जिससे अंडरलाइंग ब्लड वेसेल्स ज्यादा दिखाई देने लगती हैं. इससे डार्क सर्कल दिखाई दे सकते हैं. जानिए कौन से विटामिन आपके डार्क सर्कल का कारण बन सकते हैं.
डार्क सर्कल के लिए ये विटामिन हो सकते हैं जिम्मेदार |
1. विटामिन बी12 की कमी
आंखों के नीचे डार्क सर्कल विटामिन बी12 की कमी के लक्षणों में से एक हैं. ऐसा इसलिए है ताकि हीमोग्लोबिन, प्रोटीन जो रेड ब्लड सेल्स में ऑक्सीजन का ट्रांसपोर्टेशन करता है, जिसके लिए विटामिन बी 12 की जरूरत होती है. हीमोग्लोबिन लेवल कम होने पर आंखों के नीचे की स्किन पीली और पतली लग सकती है. रेड ब्लड सेल्स को बनाना, डीएनए सिंथेसिस और नर्व्स फंक्शन शरीर की कुछ प्रक्रियाएं हैं जिन्हें विटामिन बी12 प्रभावित करता है.
2. विटामिन के की कमी और डार्क सर्कल
खून का थक्का जमना और हड्डियों को हेल्दी रखना विटामिन के के दो कार्य हैं. आंखों के नीचे डार्क सर्कल विटामिन के की कमी के लक्षणों में से एक हैं. विटामिन के की कमी से आंखों के नीचे ब्लड वेसल्स ज्यादा ब्रिटल हो सकती हैं और ब्लीडिंग का खतरा हो सकता है.
3. विटामिन डी की कमी
आंखों के नीचे डार्क सर्कल विटामिन डी की कमी के लक्षणों में से एक हैं. ये इस फैक्ट के कारण है कि कोलेजन के सिंथेसिस के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है. एक प्रोटीन जो आंखों के आसपास की स्किन की दृढ़ता और इलास्टिसिटी बनाए रखने में मदद करता है.
4. विटामिन सी की कमी
कोलेजन का बनना और घाव भरना शरीर की कुछ प्रक्रियाएं हैं जिनके लिए विटामिन सी जरूरी होता है. डार्क सर्कल विटामिन सी की कमी के लक्षणों में से एक है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /तिल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. आमतौर पर तिल दो कलर के होते हैं काले और सफेद. दोनों को ही पोषण से भरपूर माना जाता है. तिल से कई तरह की रेसिपीज बनाई जा सकती हैं. आज हम आपको काले तिल से होने वाले फायदे और इन्हें डाइट में शामिल करने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं. आपको बता दें कि काले तिल में पॉलीसैचुरेटेड फैटी एसिड, ओमेगा-6, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं.
काले तिल के फायदे-
1. काले तिल को सिर्फ सेहत ही नहीं सुंदरता के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है.
2. काले तिल के सेवन से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है.
3. तिल में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं.
4. काले तिल के तेल में मौजूद पॉलीअनसैचुरेटेड फैट ब्लड प्रेशर के लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं.
कैसे करें काले तिल को डाइट में शामिल- How To Uses Black Sesame In Diet:
1. सलाद-
काले तिल को आप सलाद के साथ सेवन कर सकते हैं. आप तिल को रोस्ट करके एक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करके रख सकते हैं. और जब आप सलाद का सेवन करें तो इन्हें उनके ऊपर डालकर खा सकते हैं.
2. लड्डू-
अगर आप मीठा खाने के शौकीन है तो अपनी डाइट में तिल के लड्डूओं को शामिल कर सकते हैं. इन लड्डूओं को आसानी से कम समय में बनाया जा सकता है. इसे और हेल्दी बनाने के लिए आप इसमें गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं.
3. स्मूदी-
अगर आप सुबह स्मूदी पीना पसंद करते हैं तो आप अपनी स्मूदी में रोस्ट किए हुए काले तिल को शामिल कर सकते हैं. ये ना केवल आपकी स्मूदी का टेस्ट बढ़ाएंगे बल्कि, इसे हेल्दी भी बनाएंगे.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
