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आस्था /शौर्यपथ /साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल 2023 को लगा था. अब साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण आज, 14 अक्टूबर 2023 को लगने जा रहा है. इस ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा. मतलब ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा. ये सूर्य ग्रहण खुद में बहुत अनोखा है. धार्मिक मान्यताएं ये मानती है कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है. वैज्ञानिकों की माने तो ऐसा ग्रहण दोबारा 2046 तक नजर नहीं आने वाला है. आइए जानते है कि इस सूर्य ग्रहण में ऐसी क्या खास बात है.
अक्टूबर 2023 सूर्य ग्रहण
इस महीने पितृपक्ष के अंतिम दिन, यानि 14 अक्टूबर 2023 को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है. इस दिन अमावस्या की तिथि भी है. 2023 का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को लगेगा. ये ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका में नजर आएगा. भारतीय समयानुसार, सूर्यग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को रात 8:34 बजे शुरू होकर देर रात 2:25 बजे खत्म होगा. क्योंकि ये भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा. विज्ञान सूर्य और चंद्र ग्रहण को एक खगोलीय घटना मानता है, लेकिन हिन्दू ज्योतिष शास्त्र में इसे एक अशुभ घटना मानी जाती है.
इस ग्रहण में क्या है खास?
14 अक्टूबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण को कई मायनों में खास बताया जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में लगेगा. ये एक वलयाकार रूप का ग्रहण होगा. ये देखने में किसी आग के गोले जैसा नजर आएगा, इसलिए इसे रिंग ऑफ फायर नाम दिया गया है. नासा के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ये ग्रहण सिर्फ अमेरिकी देशों में नजर आएगा. ऐसा संयोग 2012 के बाद अब बनने जा रहा है और आगे 2046 तक दोबारा नहीं बनेगा.
क्या होता है रिंग ऑफ फायर
चक्राकार या वलयाकार सूर्यग्रहण को रिंग ऑफ फायर कहते हैं. जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है तब इस प्रकार का ग्रहण लगता है. क्योंकि चंद्रमा सूर्य के मुकाबले आकार में छोटा होता है इसलिए वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता और सूर्य पर एक काली डिस्क की तरह दिखता है.
सेहत /शौर्यपथ / 8 से 9 घंटे वाली सीटिंग जॉब मेंटली और फिजिकली दोनों तरीके से आपको थका देती है. लगातार लैपटॉप की स्क्रीन को देखते रहने के कारण जॉब की शुरूआत में ही लोगों की आंखों पर मोटे चश्मे चढ़ जाते हैं. वहीं, खराब सीटिंग पॉश्चर और लंबे समय तक बैठे रहने के कारण पेट की साइज भी बढ़ती जाती है. जिसके चलते आपके शरीर की बनावट भी खराब होती है. कपड़े फिट नहीं आते हैं. ऐसे में आपको यहां पर कुछ स्टैंडिंग एक्सरसाइज करने का सुझाव दे रहे हैं जिससे आपकी बढ़ी हुई तोंद अंदर हो सकती है और आप मेंटली भी रिलैक्स (how to relax mentally) महसूस करेंगे. तो आइए जानते हैं उन असरदार स्टैंडिंग बैली फैट बर्न एक्सरसाइज के बारे में.
स्टैंडिंग बैली फैट बर्न एक्सरसाइज
पहली एक्सरसाइज - फॉरवर्ड फोल्ड |
फॉरवर्ड फोल्ड एक्सरसाइज सबसे असरदार एक्सरसाइज है बढ़े पेट को अंदर करने के लिए. इसे आप रोजाना करते हैं तो निश्चित ही आपका बैली फैट कम हो जाएगा. यह आपके शरीर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को भी कम करता है जो ज्यादा लंबे समय तक बैठने के कारण होता है.
कैसे करें
स्टेप 1- सबसे पहले मैट पर सीधे खड़े हो जाइए. इसके बाद दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींचें और कोहनियों को सीधा रखें.
स्टेप 2- इसके बाद दोनों बाजूओं को नीचे की ओर लेकर आएं और जमीन टच कराएं. इस दौरान कमर को सीधा रखें और घुटनों न मोड़ें.
स्टेप 3- इस पोजिशन में आप 1 मिनट तक रहें. 3 से 4 बार इस एक्सरसाइज को करें.
स्टेप 4- फॉरवर्ड फोल्ड एक्सरसाइज करते समय दोनों पैरों के बीच थोड़ा सा डिस्टेंस बनाकर रखें. इससे शरीर बैलेंस होती हैं.
दूसरी एक्सरसाइज - हिप सर्कल |
बैली फैट कम करने के लिए हिप सर्कल एक्सरसाइज भी बेस्ट है. यह भी आपके मोटापे को कम करने में सहायता करेगी. इस एक्सरसाइज ना सिर्फ चर्बी गलती है बल्कि आपकी पेल्विक मसल्स भी मजबूत होती हैं.
कैसे करें
स्टेप 1- इस एक्सरसाइज को करने के लिए आप मैट पर सीधा खड़े हो जाएं. दोनों पैरों के बीच थोड़ा डिस्टेंस बनाकर रखें. इससे बॉडी का बैलेंस बना रहेगा.
स्टेप 2 - अब आप अपने हाथों को कमर पर रखें फिर कमर को क्लॉक वाइज मोशन में घुमाते हुए सर्कल बनाएं. इसको करने से हिप्स पर जमा फैट कम होने लगेगा. इसको आपको 2 से 3 मिनट करना है.
स्टेप 3 - आपको इस एक्सरसाइज को करने के बाद शरीर को ढीला छोड़ देना है ताकि बॉडी रिलैक्स मूड में आ जाए. यह एक्सरसाइज भी आपके बैली फैट को कम करने के लिए सबसे बेस्ट है.
तीसरी एक्सरसाइज - जंपिंग |
यह एक्सरसाइज अगर आप करती हैं तो फिर आपका वजन तेजी से घटेगा. जब आप जंप करते हैं तो इसमें आपके पूरे शरीर पर प्रेशर पड़ता है. ऐसे में शरीर जिस भी हिस्से में फैट जमा होता है पसीने के रूप में बाहर आ जाता है. तो ये रहे आसान और असरदार तीन स्टैंडिंग एक्सरसाइज जो आपकी तोंद को कम करने में आपकी पूरी मदद करेंगे.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /शुगर के मरीज लगभग हर घर में हैं. इसके कारण खान पान में एहतियात बरतना पड़ता है. उनकी डाइट में नमक से लेकर चीनी तक बहुत नाप तौल के डालनी पड़ती है. उनको कम तेल मसाले वाली हरी सब्जियां दी जाती हैं. ऐसे में आज हम आपको यहां पर एक ऐसी दाल के बारे में बताने वाले हैं जिसको खाने से आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा. तो आइए बिना देर किए जानते हैं उस दाल का नाम.
शुगर के मरीज कौन सी दाल खाएं |
अरहर की दाल के फायदे
पोषक तत्व
अरहर की दाल में कार्बोहाइड्रेट, शर्करा, डाइट्री फाइबर, वसा, प्रोटीन शामिल हैं. इसमें विटामिन जैसे-थायमिन (बी1), राइबोफ्लेविन (बी2), नियासिन (बी3), पैंटोथेनिक एसिड (बी5), विटामिन बी6, फोलेट (बी9), कोलीन, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के के साथ-साथ कैल्शियम जैसे ट्रेस धातु शामिल है. इसके अलावा लोहा, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जस्ता.
इसमें सभी महत्वपूर्ण खनिज और विटामिन शामिल हैं. साथ ही, इसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है. मधुमेह रोगी इनका सेवन बिना किसी झिझक के कर सकते हैं.
अन्य फायदे
- अरहर की दाल में प्रोटीन होता है जो ऊतकों, मांसपेशियों, कोशिकाओं और हड्डियों के निर्माण में सहायता करता है.
- यह दाल आपके शरीर में किसी प्रकार की अगर सूजन है तो उसे कम करने में भी सहायता करती हैं. अरह की दाल में कार्बनिक यौगिक सूजन रोधी एजेंट के रूप में कार्य करता है. जो आपकी बॉडी में स्वेलिंग को कम करने का काम करता है.
- राइबोफ्लेविन और नियासिन के साथ-साथ विटामिन बी का भी अच्छा स्रोत होता है. वजन बढ़ाने के बिना, अरहर की दाल आपकी ऊर्जा के स्तर में सुधार करती है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / नारियल तेल सदियों से दादी नानी की खूबसूरती को निखारता आ रहा है. यह तेल एक औषधि है स्किन और हेयर से जुड़ी परेशानी से निजात दिलाने में. इसके पोषक तत्व स्किन में निखार लाने का काम करते हैं. ऐसे में आज हम आपको यहां पर कोकोनेट ऑयल से जुड़े डीआईवाई के बारे में बताएंगे जिससे आपको अपनी स्किन को शाइनी बनाने में आसानी होगी.
कोकोनेट ऑयल डीआईवाई |
1- जो लोग रोज मेकअप करते हैं उनके लिए नारियल तेल मेकअप रीमूवर की तरह का काम कर सकता है. बस एक कॉटन पैड या अपनी उंगलियों पर थोड़ी मात्रा में नारियल का तेल लगाएं और फिर इसे फेस पर अप्लाई करें. इससे आसानी से आपका मेकअप निकल आएगा. ब्लड शुगर पेशेंट बिना झिझक कर सकते हैं इस दाल को डाइट में शामिल, डायबिटीज रहेगी कंट्रोल
2- ठंड के मौसम में नारियल का तेल बेस्ट मॉइश्चराइजर के रूप में काम करता है. बस आप रोज रात में सोने से पहले चेहरा साफ कर लीजिए. फिर हल्का सा नारियल तेल लीजिए चेहरे पर और मसाज दीजिए. यह आपकी त्वचा को मुलायम बनाता है.
3- वहीं, नारियल तेल का इस्तेमाल आप फटे होंठ के लिए कर सकती हैं. महंगे लिप बाम का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. यह आपके होंठों को मुलायम रखने का काम करेगा. जब भी जरूरत हो आप उंगली तेल में डुबाकर होठों पर मल लीजिए. आपके होंठ हाइड्रेट रहेंगे.
4- नारियल तेल से आप बॉडी की स्क्रबिंग भी कर सकते हैं. एक्सफोलिएटिंग पेस्ट बनाने के लिए नारियल तेल में चीनी मिलाएं. इससे डेड सेल्स आसानी से निकल आएंगे. यह आपकी स्किन को मुलायम बनाने में मदद करेंगे.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / लंबे नाखून रखने का आजकल ट्रेंड चल चुका है. अब तो लड़कियां पार्लर में जाकर नेल एक्सटेंशन भी करा रही हैं रंग बिरंगे. हालांकि आप अपने नाखूनों को नैचुरली भी बढ़ा सकती हैं जिसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे नाखूनों को कैसे नैचुरल तरीके से लंबा किया जाए.
नाखून कैसे करें लंबा
1- आपको इसके लिए एक चम्मच नींबू का रस लेना है इसमें ऑलिव ऑयल मिक्स करना है फिर गुनगुना गरम कर लीडिए. इसके बाद इस मिश्रण को रूई की मदद से अपने नाखूनों पर अप्लाई कर लीजिए. यह कारगर उपाय है नाखून बढ़ाने का.
2- नारियल का तेल भी नाखूनों को बढ़ाने में मदद कर सकता है. आपको रात में इसको दो चम्मच गरम कर लेना है फिर इससे हाथों को मसाज देना है. फिर सुबह गुनगुने पानी से धो लीजिए. ऐसा करने से आपके नाखून तेजी से बढ़ेंगे
3- संतरे का रस भी आपके नाखूनों के लिए अच्छा माना जाता है. विटामिन सी नेल्स को बढ़ाने में कारगर साबित होते हैं. आपको संतरे के रस में अपनी उंगलियों को 5 मिनट तक डुबोकर रखना है.
4- दूध और अंडा भी आपके नाखूनों को बढ़ाने में मदद कर सकता है. आप दूध में अंडे के सफेद भाग को फेटकर उंगलियों पर लेप की तरह लगा लीजिए. हफ्ते में दो बार इस रेमेडी को अप्लाई करें. इससे आपके नाखून लंबे और चमकदार होंगे.
5- सरसों तेल की मालिश से भी आप नाखूनों को बढ़ा सकती हैं. बस आपको रोज रात में इससे मालिश करना है. ऐसा आप हफ्ते में एक दिन जरूर करें. टमाटर के रस से भी आप अपने नाखूनों को बढ़ा सकती हैं.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /आजकल हर किसी के पास किसी ना किसी बात की टेंशन है, जैसे- करियर ऑफिस और पढ़ाई की. लेकिन कुछ लोग तनाव और चिंता को बहुत ज्यादा हावी कर लेते हैं जिससे अवसाद जैसी मानसिक परेशानी की चपेट में आ जाते हैं. डिप्रेशन से सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी जूझ रहे हैं. इस बीमारी में आत्महत्या जैसे ख्याल भी आते हैं जो व्यक्ति को मौत के करीब लाकर खड़ा कर देता है. इसलिए आजकल आत्महत्या जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. कुछ लोग इससे निजात पाने के लिए एंटी डिप्रेशन जैसी दवाओं का सहारा लेते हैं जिसका लाभ कुछ खास नहीं होता है. जब तक दवाओं का असर होता है आप ठीक होते हैं इसके बाद फिर से आपका मूड वैसा ही हो जाता है. ऐसे में फिर आपको डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए मनोचिकित्सक से उपचार लेना चाहिए. इसके अलावा, कुछ आयुर्वेदिक हर्ब्स को अपने रूटीन का हिस्सा बनाने से भी आपको डिप्रेशन से लड़ने में मदद मिल सकती है.
आयुर्वेदिक हर्ब्स डिप्रेशन से निजात दिलाने के लिए
पुदीना | - पुदीना भी उन जड़ी बूटियों में से है जो आप डिप्रेशन जैसी बीमारी से लड़ने में मदद कर सकता है. आप इसका ड्रिंक या फिर चटनी बनाकर खा सकते हैं. यह आपके मूड को सुधारने में मदद करता है. आपको कभी भी हल्का तनाव और डिप्रेशन महसूस हो तो इसको खा लीजिए. यह आपको अच्छा फील करवाएगा.
अश्वगंधा | - यह भी डिप्रेशन को कम करने में मदद कर सकता है. यह सबसे असरदार औषधि माना जाता है. यह औषधि दिमाग शांत करता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार भी लाता है जिससे आपको बहुत हद तक आराम मिलता है इस बीमारी में.
तुलसी | - डिप्रेशन जैसी बीमारी के इलाज में तुलसी भी कारगर है. आप चाय या फिर काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. तनाव और चिंता कम करने में भी ये जड़ी बूटी कारगर होती है. आप सुबह खाली पेट इसकी पत्तियों को चबा सकते हैं.
भृंगराज | - इस जड़ी बूटी से भी आपको लाभ मिल सकता है. यह चिंता और तनाव के कारण होने वाली सूजन को कम करता है. यह भी आपकी नींद को बेहतर करने में मदद करता है. इससे भी तनाव और चिंता दूर होती है.
टिप्स / बाल की लंबाई बढ़ाने के लिए हेयर मास्क अपने बहुत इस्तेमाल किए हैं अब आप इस जादुई पत्ती को खाकर देखिए. जिस पत्ती के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं उसकी ग्रेवी वाली सब्जी और चोखा बड़े ही चाव से लोग खाते हैं. हम यहां पर सहजन की पत्ती के बारे में बात कर रहे हैं. इस सब्जी को इंग्लिश में ड्रमस्टिक के नाम से जाना जाता है. इसकी हरी-हरी पत्तियों को रोज रात में सोने से पहले खा लेती हैं तो फिर आपके बाल, काले लंबे और घने हो सकते हैं 1 महीने में. ये 4 जड़ी-बूटियां डिप्रेशन से उबारने में करती हैं मदद, आसानी से मिल जाती हैं बाजार में, आज ही खरीद लाइए
बाल लंबे करना का घरेलू नुस्खा
मोरिंगा या सहजन की पत्ती खाने के फायदे
1- असल में सहजन की पत्तियां आयरन का अच्छा स्त्रोत होती है. वहीं, इसमें विटामिन A, B,C बायोटिन और एमीनो एसिड भी होते हैं, जो हेयर फॉलिकल्स को दुरुस्त रख कोलेजन का उत्पादन करते हैं.
2- कोलेजन बाल और स्किन दोनों की चमक बनाए रखने का काम करता है. आप इनकी पत्तियों को पीसकर लेप बनाकर बालों में लगाते हैं तो फिर आपको स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होगा.
3- आप मास्क बनाकर लगा नहीं पाते हैं तो रोज रात में सोने से पहले इसकी पत्तियां चबा लीजिए. मोरिंगा की पत्तियों का इस तरीके से सेवन बाल की लंबाई तो बढ़ाएगा ही साथ में इन्हें काला भी रखेगा. वहीं, इन पत्तियों को चबाने से स्किन भी चमकदार और बेदाग होती है.
4- वहीं, जिनको हेयरफॉल हो रहा है उन्हें तो ये पत्तियां जरूर रात में खाकर सोनी चाहिए. यह एक असरदार पत्ती है हेयर फॉल रोकने के लिए. आपको बता दें कि मोरिंगा या सहजन की पत्तियां कैराटीन का भी उत्पादन करती हैं, जो हेयर ग्रोथ के लिए अच्छा माना जाता है.
5- आप मोरिंगा की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लीजिए, फिर इसमें एसेंशियल ऑयल में मिला लीजिए. इसके बाद बालों में अप्लाई करिए. यह आपके बाल मुलायम तो करेगा ही साथ ही काले और घने भी होंगे. तो आज से इस नुस्खे को अपनाना शुरू कर दीजिए, फिर देखिए इसका कमाल बालों में.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / हम आपको हर दिन अपने आर्टिकल के माध्यम से स्किन, हेयर , पेट आदि से जुड़ी परेशानियों के लिए नए-नए घरेलू उपाय बताते रहते हैं. चेहरे और बाल के लिए किचन में रखी हल्दी, शहद, दाल आदि से बने फेस पैक से लेकर हेयर पैक तक कई खास उपाय हम आपके साथ शेयर करते ही रहते हैं. यही नहीं हमारे द्वारा बताए गए पेट के लिए मसालों से तैयार ड्रिंक बनाने की आसान रेसिपी भी आपके लिए कारगर साबित हो सकती हैं. आज हम एक बार फिर से आपको खाना बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले तेजपत्ते का एक खास उपाय बताने जा रहे हैं, जिसका पानी आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. आप स्वाद के साथ इसका स्वास्थ्य लाभ भी उठा सकते हैं.
तेजपत्ते के पानी का लाभ |
1- आपको रात में एक बड़े कप पानी में 2 तेज पत्ते को भिगोकर रख देना है. फिर सुबह में इस पानी को पी लेना है. इससे आपको एक नहीं बल्कि 5 फायदे मिलेंगे जिसके बारे में आपको एक एक करके बताते हैं.
2- सबसे पहले तो आपको इससे इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद मिलेगी. यह इस पानी को पीने के सबसे बड़ लाभों में से एक है. जब आपकी इम्यूनिटी मजबूत होगी तो बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाएगी और आप हमेशा फिट एंड फाइन रहेंगे.
3- यह आपके पाचन को मजबूत करेगा जो आजकल ज्यादातर लोगों की समस्या बनी हुई है. इसलिए आप हर रोज एक गिलास तेजपत्ते के पानी का सेवन करें. यह गैस और कब्ज शरीर में नहीं बनने देता है.
4- साथ ही कोलेस्ट्रोल की भी परेशानी से राहत मिलेगी. जिनकी बॉडी में बैड कोलेस्ट्रोल का लेवल बढ़ गया है उन्हें इस पानी का सेवन जरूर करना चाहिए. यह आपके दिल की सेहत के लिए अच्छा साबित हो सकता है.
5- तेजपत्ते वाला पानी आपकी किडनी के लिए भी बहुत अच्छा होता है. जिन लोगों को एंग्जाइटी की दिक्कत है उन्हें भी इस औषधीय पानी का सेवन करना चाहिए. यह पानी आपके ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है. तो अगर आप या आपके घर में कोई बीपी का मरीज है तो उसे यह पानी जरूर पीना चाहिए.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / सेहत और स्किन दोनों पर ही संतरे के कई फायदे देखने को मिलते हैं. साथ ही, इसमें कोई दोराय नहीं कि चेहरे पर अलग-अलग तरह से संतरे के छिलके भी लगाए जा सकते हैं. संतरे के छिलके विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स के अच्छे स्त्रोत हैं और इनके इस्तेमाल से त्वचा पर प्राकृतिक निखार नजर आने लगता है. ये छिलके ओपन पोर्स को टाइट करने में असरदार हैं, एक्सेस ऑयल प्रोडक्शन को कम करते हैं, चेहरे को ताजगी देते हैं, एंटीमाइक्रोबियल गुण देते हैं और स्किन को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया और फ्री रेडिकल्स को दूर रखते हैं. जानिए संतरे के छिलकों को चेहर पर किन-किन तरीकों से लगाएं कि बिल्कुल पार्लर जैसा ग्लो आपके चेहरे पर दिखने लगे.
चेहरे पर संतरे के छिलके लगाने के तरीके |
संतरे का छिलका और एलोवेरा
चेहरे पर संतरे के छिलके लगाने का एक तरीका है कि आप संतरे के छिलके सुखाकर और पीसकर इनका पाउडर तैयार कर लें. अब एक कटोरी में एलोवेरा जैल और संतरे के छिलके का पाउडर साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं. इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदे भी डाल लें. चेहरे पर 15 मिनट इस फेस पैक को लगाकर रखने के बाद चेहरा धो लें. स्किन से दाग-धब्बे हल्के होने लगेंगे.
संतरे के छिलके और दही
2 चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर, एक चम्मच शहद और एक चम्मच दही को लेकर फेस पैक बनाएं. इस फेस पैक को चेहरे पर लगाने के 15 मिनट बाद चेहरा धोकर साफ करें. इस फेस पैक से स्किन साफ तो होती ही है, साथ ही त्वचा को नमी मिलती है सो अलग.
संतरे का छिलका और चीनी
चेहरे की डेड स्किन सेल्स हटाने के लिए संतरे के छिलके और चीनी को साथ मिलाकर स्क्रब तैयार किया जा सकता है. एक चम्मच चीनी में 2 चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर, नारियल तेल और शहद मिला लें. बस तैयार है आपका स्क्रब. चेहरे के साथ-साथ हाथ-पैरों को एक्सफोलिएट करने के लिए भी इस स्क्रब का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे कुछ देर त्वचा पर मलने के बाद पानी से धोकर हटा लें.
संतरे के छिलके का उबटन
संतरे के छिलकों से उबटन बनाने के लिए इन छिलकों को पीस लें. आप बिना सुखाए भी छिलके उबटन के लिए पीस सकती हैं. अब इसमें दूध और हल्दी मिलाकर मोटा पेस्ट बनाएं और इस पेस्ट को चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाए रखने के बाद चेहरा धो लें. स्किन पर निखार नजर आने लगेगा.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /यूं तो अलसी में बहुत प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है. कई हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अलसी को खाने की सलाह देते हैं. लेकिन याद रखिए कि अलसी हर किसी के लिए नहीं है. जी हां कुछ लोगों के लिए अलसी फायदेमंद होता है वहीं कुछ लोग यदि इसे खा लें तो उनके जान पर भी बन सकती है. कुछ ऐसी स्थितियां है जिसमें अलसी हमारे शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है. यहां आप जानेंगे कि वह कौन से लोग हैं जिन्हें अलसी खाने से परहेज करना चाहिए नहीं तो उन्हें ये नुकसान झेलने पड़ सकते हैं.
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए अलसी |
दस्त में परहेज करें
अलसी में फाइबर पाया जाता है जो दस्त की परेशानी को बढ़ाने का काम करता है. इसलिए जब आपको लूज मोशन की शिकायत हो तो अलसी को कतई ना खाएं.
आंतों के लिए है खतरनाक
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार अलसी खाने के बाद ज्यादा पानी पीने की जरूरत पड़ती है. लेकिन अगर आप कम पानी पीने वाले इंसान हैं तो इससे आपके पाचन तंत्र में दिक्कत हो सकती है. और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है.
एलर्जी
कुछ लोग सेंसिटिव होते हैं जिसके कारण उन्हें एलर्जी की समस्या देखने को मिलती है. कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अलसी खाने में और पचाने में परेशानी होती है. ऐसे में आपको मतली, उल्टी या ब्लड प्रेशर कम होना जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
बिल्डिंग का खतरा
अगर आपको पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो आप अलसी बिल्कुल ना खाएं. क्योंकि अलसी गर्म तासीर वाली होती है ऐसे में आपकी ब्लीडिंग बढ़ सकती है.
प्रेगनेंसी में करें अलसी का परहेज
प्रेगनेंट वूमेन को भी अलसी से परहेज करना चाहिए. इससे ब्लीडिंग होने के साथ-साथ गर्भपात का भी खतरा बढ़ सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / आपके किचन में मौजूद मसाला हरी इलायची का नाम लेते ही उसकी भीनीं खुशबू और स्वाद आ जाता है. क्या आप जानते हैं कि ये छोटी सी इलायची सिर्फ खाने के स्वाद नहीं बढ़ाती बल्कि ये आपकी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद हो सकती है. हरी इलायची की चाय का सेवन करने से पाचन संबंधी लाभ मिलते हैं, इसके साथ ही गैस, सूजन और अपच जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है. इसमें बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करने में मदद कर सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि इलायची में सूजन-रोधी गुण होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. आइए जानते हैं अपने रूटीन में इलायची चाय को शामिल करने से होने वाले फायदों के बारे में.
कैंसर की रोकथाम
इलायची कैंसर के विकास को रोक सकती है. खासतौर से ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में इसका उपयोग फायदेमंद माना जाता है. इसका पाउडर कैंसर सेल्स को खत्म करनें और सूजन को कम करे में लाभदायी हो सकता है.
डायबिटीज
इलायची में मैंगनीज की मात्रा ज्यादा होती है जो डायबिटीज के खतरे को कम कर सकती है. इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके सूजन से भी राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं.
बेहतर डाइजेशन
इलायची स्वाद के साथ पाचन और बेहतर मेटाबॉलिज्म के लिए खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाने वाला एक मसाला है. जिसमें सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. इसका सेवन मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने के साथ ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं से बचाने में भी मदद कर सकता है.
ब्लडप्रेशर
इलायची का इस्तेमाल सूप, स्टू और बेक किए गए सामानों में किया जाता है . यह ब्लडप्रेशर को कम करने में मददगार साबित हो सकता है, इसके अलावा ये ब्लडप्रेशर के लेवल को बनाए रखने में भी मदद कर सकता है.
ओरल हेल्थ
इलायची में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो स्ट्रेप्टोकोकी म्यूटन्स जैसे ओरल बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं और लार के बनने को बढ़ाते हैं. जिस वजह से मुंह से आने वाली बदबू को दूर करने में भी ये फायदेमंद हो सकता है.
खाना खजाना /शौर्यपथ /पाव भाजी, इसका नाम सुनते ही आपके मुंह में पानी आ जाता है. मुंबई का ये फेमस स्ट्रीट फूड अब पूरे देश में पसंद किया जाने लगा है. आपको अब हर रेस्टोरेंट के मेनू में ये डिश खाने को मिल ही जाएगी. इसको कुछ हद तक हेल्दी फूड की लिस्ट में भी शामिल किया जा सकता है क्योंकि भाजी को बनाने में कई सारी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि आप इसको हेल्दी तब बना सकते हैं जब आप इसमें मक्खन को संभल कर डालें. सब्जियों को मिलाकर बनाई गई इसकी भाजी को बटर के साथ सेंके गए पाव के साथ परोसा जाता है. हालांकि कई बार ऐसा होता है कि आप घर पर बनाई गई पावभाजी में बाहर वाला टेस्ट ढूंढते हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है. इसका मुख्य कारण होता है इसको बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए मसाले, जो इसके स्वाद को पूरी तरह से बदल सकते हैं. हालाँकि कई ब्रांड तैयार पाव भाजी मसाला बनाते हैं, लेकिन उनमें भी आपको वो टेस्ट मिले ऐसा जरूरी नही है. तो चलिए जानते हैं घर पर स्पेशल पावभाजी मसाला बनाने की रेसिपी.
पाव भाजी का इतिहास
मुंबई की सड़कों पर पैदा हुआ पाव भाजी एक सिंपल से नाश्ते से मेन कोर्स की लिस्ट में भी शामिल हो गाय है. इसका इतिहास 1850 के दशक का है जब इसे कपड़ा मिल श्रमिकों के लिए बनाया जाता था, क्योंकि इसको बनाने में लागत कम लगती थी और एक बढ़िया खाना भी तैयार हो जाता था. आज, ये डिश विश्व स्तर पर फूड लवर्स के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है. इसके बेहतरीन स्वाद के पीछे का सीक्रेट है इसको बनाने के लिए किए गए मसालों का बैलेंस और मक्खन.
पाव भाजी मसाला रेसिपी | पाव भाजी मसाला कैसे बनाये
घर का बना पाव भाजी मसाला बनाना बहुत आसान है. इसे बनाने के लिए सभी साबुत मसालों को पैन में तब तक भूनिये जब तक उनकी खुशबू न आने लगे. इन्हें बारीक पीसने से पहले ठंडा होने दें. लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, सफेद नमक और काला नमक मिलाने से न केवल स्वाद बढ़ जाता है बल्कि मसाले की लाइफ भी बढ़ जाती है और यह जल्दी खराब नहीं होता है. पिसे हुए मसाले को छान कर एक एयरटाइट कंटेनर में रखने से इसकी फ्रेशनेस बनी रहती है.
पाव भाजी मसाला को स्टोर करने के आसान टिप्स:
1. कांच का जार
मसालों को स्टोर करने के लिए कांच के जार से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है. अगर आप इसको लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं तो कांच के जार से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है. ये नमी को अंदर जाने से रोकते हैं और मसाले का स्वाद बनाए रखते हैं.
2. नमी दूर रखें
नमी मसालों के लिए एक अभिशाप है. अपने घर में बने पाव भाजी मसाले की ज्यादा समय तक सही से रखने के लिए इसका इस्तेमाल सही तरीके से करें और इनको निकालने के लिए सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें.
3. ठंडी जगह पर रखें
अपने मसाले को ठंडी, सूखी जगह पर रखें. गर्मी और नमी के संपर्क में आने से ये जल्दी खराब हो सकते हैं.
अगली बार जब आप पाव भाजी बनाएं, तो अपने घर का बना पाव भाजी मसाला लें और इसका टेस्ट बाजार जैसा ही आएगा.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /सिर्फ न्यूट्रिएंट्स रिच फूड्स आपके डाइट को हेल्दी (Healthy diet) और बैलेंस नहीं बनाते हैं इसके लिए अलग अलग फ्लेवर और वैरायटी भी जरूरी है. अलग-अलग तरह के फूड्स आपके ओवरऑल हेल्थ को बेहतर करने में मदद करते हैं. अधिकतर लोग एक तरह का खाना खाते रहते हैं जबकि हर फूड ग्रुप्स की चीजें डाइट में शामिल करने से ही हर तरह के न्यूट्रिएंट्स का मिलना संभव है. हेल्दी फूड के लिए डाइट में कुछ ऐसी चीजों को शामिल करना जरूरी होता है जिन्हें हमें रोज खाना चाहिए लेकिन हम अक्सर उन्हें डाइट में शामिल नहीं करते हैं. आइए जानते हैं कौन सी ऐसी चीजे हैं जिन्हें हमें अपनी डाइट में हर दिन शामिल करना चाहिए…
इन 5 फूड ग्रुप्स की चीजें हर दिन के खाने में करें शामिल |
1. बेरीज
सेब, केला और अंगूर जैसे फलों के साथ साथ जामुन, स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी जैसे बेरीज को भी डाइट में शामिल करना चाहिए. इन्हें डाइट में शामिल करने के लिए ज्यादा तैयारी नहीं करनी पड़ती है. ये बेरीज इन्यून सिस्टम को मजबूत करने वाले एंटीऑक्सिडेंट और बायोएक्टिव से भरपूर होते हैं और हार्ट डिजीज और कैंसर के खतरे को कम करते हैं.
2. हरी पत्तेदार सब्जियां
डाइट में हर दिन हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर होनी चाहिए. ब्रोकोली और फूलगोभी में ग्लूकोसिनोलेट्स नामक सल्फ्यूरस कंपाउंड होता है, जो बहुत फायदेमंद होता है. पालक और मेथी जैसी गहरे रंग की पत्तेदार हरी सब्जियां विटामिन ए, सी, ई और के के साथ साथ आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होती हैं.
3. नट्स
नट्स को भी रोजाना की डाइट में जगह देनी चाहिए. न्यूट्रिएंट्स से भरपूर नट्स का सेहत पर बहुत अच्छा असर पड़ता है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना 28 ग्राम नट्स खाने से हार्ट डिजीज, डायबिटीज, किडनी की समस्याएं और अन्य हेल्थ प्राब्लम खतरा कम हो सकता है.
4. लीन प्रोटीन
प्रोटीन डाइट में शामिल करना जरूरी है, साथ ही प्रोटीन के सोर्स का चुनाव बुद्धिमानी से करना अहम है. अपने प्रोटीन सोर्स में विविधता लाने के लिए लीन प्रोटीन के सोर्स जैसे मछली, बीन्स, फलियां और टोफू चुन सकते हैं.
5. दूध और दूध से बनी चीजें
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम से भरपूर होते हैं और हड्डियों और दांतों को मजबूत करते हैं. हालांकि उनमें प्रोटीन, विटामिन और खनिज भी होते हैं. अधिकतर वयस्क दूध या दूध से बनी चीजों से दूर रहते हैं, जो ठीक नहीं है. डाइट में दूध, दही, पनीर या छाछ को जरूर शामिल करना चाहिए.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ/ आज मोटापा एक बड़ी समस्या बन गई है, मोटापे कई सारी बीमारियों का कारण बन सकता है. डायबिटीज से लेकर हाई ब्लड प्रेशर और कमजोरी ये समस्याएं मोटापे की वजह से हो सकती हैं. ऐसे में इन समस्याओं से बचने के लिए वजन पर कंट्रोल रखना जरूरी है. मसूर की दाल वजन कम करने के लिए एक प्राकृतिक इंग्रीडिएंट मानी जाती है. मसूर दाल आयरन, प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का एक बेहतरीन सोर्स है.
मसूर दाल के पोषण मूल्य |
एक कप मसूर दाल आपको 14 ग्राम प्रोटीन, 8 ग्राम आहार फाइबर, 44.5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 6 मिलीग्राम आयरन प्रदान करती है. इसमें मौजूद हाई फाइबर और प्रोटीन उन सभी लोगों के लिए एक हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकती है जो अपना वजन कम करना चाहते हैं. आइए वजन कम करने के लिए मसूर दाल के फायदों के बारे में जानते हैं.
वजन कम करने के लिए मसूर दाल के फायदे |
मसूर दाल एक्स्ट्रा फैट को कम करने और प्राकृतिक रूप से वजन कम करने में मदद करती है. मसूर दाल में प्रचुर मात्रा में डायटरी फाइबर होता है जो आपको तृप्त रखता है, पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है और मल त्याग को भी नियमित करता है. फाइबर और प्रोटीन से भरपूर आहार अवांछित भूख की पीड़ा को रोकने, ओवरऑल कैलोरी सेवन को कम करने और वजन घटाने में मददगार होती है.
मसूर दाल के दूसरे फायदे
डायबिटीज में फायदेमंद : मसूर दाल डायटरी फाइबर का बेहतरीन सोर्स है और इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो इसे डायबिटीज रोगियों के लिए एक आदर्श फूड है. इस दाल को नियमित रूप से खाने से डायबिटीज रोगियों को ब्लड शुगर के लेवल को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिलती है.
स्किन को रखे हेल्दी : मसूर दाल में मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के टिश्यू की मुक्त कणों से होने वाली क्षति का मुकाबला करते हैं और चमकती स्किन के लिए एंटी-एजिंग लाभ देता है. मसूर दाल का फेस पैक स्किन की रंगत को हल्का करने और काले धब्बों को दूर करने में मदद करता है.
आंत के सेहत में सुधार : मसूर दाल में डायटरी फाइबर का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो पाचन प्रक्रिया को उत्तेजित करने और कब्ज, सूजन और अन्य पाचन समस्याओं को रोकने के लिए काम करता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
