August 09, 2026
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       मनोरंजन /शौर्यपथ /फोटो में नजर आ रहे इन दो गोल मटोल बच्चों के बीच एक खास रिश्ता है. यह रिश्ता खून का है क्योंकि दोनों बच्चे कजिन हैं और एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं. एक्टिंग स्किल्स के लिए क्रिटिक्स से तारीफें बटोरी तो गुमनामी का दौर भी देखा. एक भाई ने जहां हिट वेब सीरीज के जरिए खुद को फिर से साबित किया तो दूसरे ने अपनी जटिल किरदारों के जरिए अलग पहचान बनाई. इनमें से एक बच्चे के पिता बॉलीवुड के लीजेंड एक्टर हैं और आईकॉनिक एक्ट्रेस से शादी की है. जो एक्टर की सौतेली मां हैं.
    दूसरी पारी में मिली कामयाबी
         तस्वीर में नजर आ रहे ये दो क्यूट बच्चे बॉबी देओल और अभय देओल हैं. अपनी डेब्यू फिल्म बरसात के लिए बेस्ट मेल एक्टर डेब्यू का फिल्मफेयर अवार्ड जीतने वाले एक्टर बॉबी देओल अपनी एक्टिंग करियर में ऊंचा मुकाम हासिल नहीं कर पाए. कुछ समय तक बड़े पर्दे से दूर रहने के बाद 2017 में फिल्म पोस्टर बॉयज से वापसी की लेकिन यह मूवी फ्लॉप रही. इसके बाद 2018 में उन्होंने रेस-3 से सफलता का स्वाद चखा. वेब सीरीज आश्रम की सफलता ने उनकी एक्टिंग की दूसरी पारी को मजबूती दी.
    अभय देओल अब तक हैं कुंवारे
         कई रिलेशनशिप्स में रहने के बावजूद अभय देओल अब तक कुंवारे हैं. 47 वर्षीय इस अभिनेता का मानना है कि वह शादी के लिए नहीं बने हैं लेकिन, करियर को लेकर अभय काफी पहले से क्लियर थे. उन्होंने महज 18 साल की उम्र में एक्टर बनने की ठान ली थी. 'देव डी' और 'ओय लकी! लकी ओय!' जैसी फिल्मों ने उन्हें खास पहचान दी लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब काम नहीं मिलने के कारण लंबे समय तक पर्दे से दूर रहे. कई जटिल भूमिका निभाने के कारण मैन्स वर्ल्ड और टाइम आउट मुंबई जैसी कई मैगजीन ने उन्हें "द न्यू फेस ऑफ इंडियन सिनेमा" जैसे टाइटल के साथ कवर पेज पर छापा है.

      खाना खजाना /शौर्यपथ / कबाब एक ऐसी डिश है जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. आपने कई तरह के वेज और नॉनवेज कबाब ट्राई करे होंगे. लेकिन क्या आपने कभी आलू से बने कबाब ट्राई करें हैं. जी हां आपने सही सुना. आलू से कई तरह की रेसिपी बनाई जा सकती हैं. आलू एक ऐसी सब्जी है जिसे लगभग हर घर में हर दिन इस्तेमाल किया जाता है. इतना ही नहीं आलू खाने के कई फायदे भी हैं. तो चलिए जानते हैं कि कैसे आलू के कबाब बनाएं जाते हैं. चटपटे स्वाद के मामले में उत्तर प्रदेश का कोई जवाब नहीं है. यहां आपको मुगलई व्यंजनों से लेकर शाकाहारी व्यंजन तक सब कुछ खाने को मिल जाएगा, लेकिन नवाबी स्टाइल के चलते यहां के कबाब सबसे ज्यादा फेमस हैं. इन कबाब को आप घर में होने वाली पार्टी में स्नैक्स के तौर पर सर्व कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं घर पर कैसे बनाएं आलू के कबाब.
    कैसे बनाएं आलू के कबाब-
    सामग्री-
        आलू (छीलकर, टुकड़ों और हल्का उबला हुआ)
        अदरक
        लहसुन की कली
        हंग कर्ड
        चिली फलेक्स
        नींबू का रस
        बेसन
        जीरा पाउडर
        मसाला पाउडर
        सेंधा नमक
        कसूरी मेथी
        नमक
        लाल मिर्च पाउडर
        अजवाइन
        चाट मसाला
        सरसों का तेल
    विधि-
    कबाब बनाने के लिए सबसे पहले एक मीडियम मिक्सिंग बाउल में सारी सूखी सामग्री को मिला लें.
    इसमें दही, नींबू, अदरक का पेस्ट, कटा हुआ लहसुन और सरसों का तेल डालकर अच्छे से मिला लें.
    इसमें कटे हुए आलू डालकर अच्छे से मिला लें और इसे कुछ देर के लिए एक तरफ रख दें.
    मैरीनेट किए हुए आलुओं को स्क्यूर में लगाएं.
    मॉडरेट ग्रिलर में आलुओं को पूरी तरह पकने तक ग्रिल करें.
    सर्व करने से पहले इन पर हल्का सा तेल लगाएं.

     ग्रहण / शौर्यपथ /अक्टूबर के महीने में खास खगोलीय संयोग बन रहा है, इस माह एक नहीं बल्कि 2 ग्रहण लग रहे हैं. एक सूर्य ग्रहण तो दूसरा चंद्र ग्रहण जल्द ही देखने को मिलेंगे. सूर्य ग्रहण की बात करें तो यह साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण होने जा रहा है. यह इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी है. इससे पहले 20 अप्रैल के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा था. जानिए दूसरा सूर्य ग्रहण अक्टूबर में किस दिन लग रहा है, यह किस तरह का सूर्य ग्रहण होने वाला है, सूर्य ग्रहण कैसे लगता है और सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा या नहीं.
    कब लगेगा सूर्य ग्रहण |
     साल 2023 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर, शनिवार के दिन लगने वाला है. इसी दिन अमावस्या भी लग रही है.
    कैसे लगता है सूर्य ग्रहण
       सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होकर गुजरता है. सूर्य के सामने चंद्रमा आने से जितना हिस्सा चंद्रमा ढक देता है उतने हिस्से में अंधकार दिखाई देने लगता है. इसे ही ग्रहण कहा जाता है.
    इस बार किस प्रकार का ग्रहण लग रहा है
         सूर्य ग्रहण मुख्यरूप से 4 तरह के होते हैं. पूर्ण सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण और मिश्रित सूर्य ग्रहण इसके उदाहरण हैं. 14 अक्टूबर के दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण  होने वाला है. यह सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता है और सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है. ऐसे में चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी को नहीं घेर पाता और इसीलिए आसमान में सूर्य की बाहरी आकृति नजर आती है जो आग की रिंग की तरह दिखती है, इसीलिए इस ग्रहण को रिंग ऑफ फायर  भी कहते हैं.
    कहां-कहां से देखा जा सकता है सूर्य ग्रहण
      इस ग्रहण को नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका और सेंट्रल अमेरिका से अपने पूर्ण स्वरूप में देखा जा सकता है. बाकी हिस्सों से इसे आंशिक तौर पर देखा जा सकेगा. अफ्रीका में वेस्ट, पेसिफिक, आर्कटिक और अटलांटिक से भी यह ग्रहण दिखाई पड़ने वाला है.
    सूतक काल लगेगा या नहीं
     सूर्य ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. धार्मिक आधार पर कोई ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले से सूतक काल लग जाता है. सूतक काल वो समय होता है जिसमें बहुत से कामों को करने की मनाही होती है. भारत (India) से इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकता इसीलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.

      टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में दीया जलाना बहुत शुभ माना जाता है. पूजा-पाठ से लेकर मंदिरों और घर में सुबह शाम दीया  जलाने की परंपरा है. सुबह स्नान और पूजा के बाद घर के मंदिर में और शाम को घर के दरवाजे और तुलसी के चौरे पर दीया जलाया जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. दिया को जलाने के भी कुछ नियम होते हैं. इन नियमों का ठीक से पालन नहीं करने से पूजा-अर्चना का फल प्राप्त नहीं होता है और साथ ही धन की देवी लक्ष्मी  नाराज हो सकती हैं. आइए जानते हैं दीया जलाने के कुछ नियमों के बारे में.
    दीया जलाने के नियम |
    दिया जलाने का सही समय
      दीया कभी भी बेवक्त नहीं जलाना चाहिए. किसी खास पूजा-पाठ के बाद दिया जलाया जा सकता है लेकिन बाकी दिनों में सुबह 5 बजे से 10 बजे तक और शाम को 5 बजे से 7 बजे तक का समय दीया जलाने के लिए सबसे अच्छा है.
    किस दिशा में रखें दीया
     दीया को किस दिशा में रखना चाहिए इसके कई नियम हैं. अगर दीया जलाने के लिए तेल का इस्तेमाल किया जा रहा है तो दीये को भगवान की मृर्ति के बाईं तरफ रखना चाहिए. अगर दीया घी से जला रहे हैं तो दीया हमेशा भगवान की मूर्ति के दाहिनी ओर रखना चाहिए. दीये को कभी भी पश्चिम दिशा नहीं रखना चाहिए. इससे सेहत को नुकसान और आर्थिक हानि हो सकती है.
    खंडित दिया वर्जित
        पूजा-पाठ या दरवाजे पर रखने के लिए कभी भी खंडित दीये का उपयोग नहीं करना चाहिए. खंडित दीया जलाने से हानि हो सकती है. हमेशा साफ-सुथरा और अच्छे से बने दीये का उपयोग करना चाहिए.
    बत्ती का रखें ध्यान
      दीया जलाने के लिए बत्ती के उपयोग का भी नियम है. अगर दीया घी से जला रहे हैं तो बत्ती हमेशा रूई की होनी चाहिए और अगर दीया तेल से जला रहे हैं तो कलावे की बत्ती का उपयोग करना चाहिए.

       आस्था /शौर्यपथ / दौलत और शोहरत की ख्वाहिश हर इंसान को होती है. लेकिन कई बार कुंडली और ग्रहों की खराब दशा की वजह से कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है. आपने कई बार लोगों को कहते सुना होगा कि उनके हाथ में पैसे नहीं टिकते इसकी वजह यही है. ऐसे में पैसा आता तो है लेकिन टिक नहीं पता. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो बिल्कुल परेशान ना हो. शास्त्रों में इस समस्या से निपटने के लिए अचूक उपाय बताए गए हैं, जिससे आपके पास कभी भी धन की कमी नहीं होगी और आपका बटुआ हमेशा पैसों से  भरा रहेगा.  इससे आपके खर्चे पर भी लगाम लगेगी और मां लक्ष्मी की कृपा भी बरसेगी. तो चलिए जानते हैं क्या है वो चीज जिसे बटुए में रखने से हमारा बटुआ कभी खाली नहीं होगा और पैसों से भरा रहेगा.
    इन उपाय से नहीं होगी पैसों की कमी |
        इसके लिए आपको बस किसी भी शुक्रवार को इलायची  के 5 दाने लेने हैं.
        ध्यान रहे ये 5 दाने आपको अपने लेफ्ट हैंड यानी बाएं हाथ में लेने हैं.
        बाएं हाथ में इलायची के 5 दाने लेने के बाद अपनी मुट्ठी बंद कर लें और उस हाथ को अपने दिल के पास रखें.
        इसके बाद श्रीम मंत्र का 11 बार जाप करें.
        अब अपनी मुट्ठी में बंद इलायची को अपने पर्स में डाल दीजिए.
        बस अब यह इलायची का छोटा सा दाना आपके पर्स में कभी भी पैसों की कमी नहीं होने देगा. आपके ज्यादा खर्च पर लगाम भी लगेगी और मां लक्ष्मी की कृपा भी बरसेगी.

        व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिन्दू मान्यताओं के अनुसार पूरे साल में कई सारे पूर्णिमा तिथि खास रूप में पूजे जाते हैं. इस दिन विशेष प्रकार के पकवान बनाकर लोग खाते हैं और भगवान को याद करके उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. इसी तरह हर साल शरद पूर्णिमा का भी त्योहार मनाया जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल अश्विन  मास की पूर्णिमा  तिथि को शरद पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करने का खास महत्तव है. आइए जानते हैं कि 2023 में शरद पूर्णिमा कब है.
    शरद पूर्णिमा 2023 तिथि
       इस साल अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 28 अक्टूबर 2023, शनिवार  को है. इसी दिन शरद पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाएगा. इस खास दिन पर भगवान सत्यनारायण के साथ चंद्रदेव और माता लक्ष्मी की पूजा करने का बहुत महत्तव है.
    शुभ मुहूर्त की बात करें तो:
    पूर्णिमा तिथि की शुरूआत-28 अक्टूबर 2023 सुबह 04:17 बजे
    पूर्णिमा तिथि खत्म-29 अक्टूबर 2023 सुबह 01:53 बजे
    चंद्रोदय ता शुभ समय-28 अक्टूबर 2023 शाम 05:47 बजे
    शरद पूर्णिमा के दिन ही चंद्रग्रहण भी
       28 अक्टूबर 2023 को शरद पूर्णिमा के साथ ही साल का दूसरा चंद्रग्रहण  भी लगने जा रहा है. 28 अक्टूबर को रात 1:05 बजे से चंद्रग्रहण शुरू होगा. क्योंकि ये ग्रहण भारत में नजर आएगा इसलिए इसका सूतक काल 28 अक्टूबर की शाम 4:05 बजे से ही लग जाएगा. इसके चलते न तो ठाकुर जी को स्पर्श किया जा सकेगा और न उन्हें किसी प्रकार का भोग लगेगा.
    शरद पूर्णिमा से जुड़ी मान्यता
     हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होते हैं. साथ ही इस दिन आसमान से अमृत की बरसात होती हैं. इसलिए इस दिन खीर बनाने का और उसे रात के समय खुले आसमान के नीचे रखने का खास महत्तव है. बाद में इस खीर का सेवन किसी अमृत के सेवन जैसा माना जाता है.
    पूजा की विधि
        इस दिन खीर बनाकर किसी कांच या मिट्टी के बर्तन में ही रखें.
        व्रत करें और किसी के लिए मन में द्वेष की भावना ना लाएं.
        इस दिन खीर का भोग भगवान श्री कष्ण को जरुर लगाएं.
        चंद्र देव की पूजा करें और इस मंत्र का जाप भी जरुर करें,'ऊं सोम सोमाय नम:'.

      व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /धार्मिक तौर पर देखें या फिर ज्योतिष शास्त्र पर नजर डालें सभी में ग्रहण   के महत्व के बारे में बताया गया है. ऐसे में अक्टूबर का महीना कई मामलों में खास होने वाला है. 14 अक्टूबर, शनिवार को रात 8 बजकर 34 मिनट से सूर्य ग्रहण की शुरुआत होगी और अगले दिन 15 अक्टूबर रविवार को रात 2 बजकर 25 मिनट पर इसका समापन होगा. और अगले ही दिन 15 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि  की शुरुआत भी हो रही है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि किन राशियों के लिए नवरात्रि शुभ   होगी. तो आईए जानते हैं किस राशि की चमकेगी किस्मत.
    इन राशियों के लिए शुभ होगी नवरात्रि |
    सिंह राशि |  
      सिंह राशि के लिए अक्टूबर महीना बहुत ही लाभदायक सिद्ध होने वाला है. शुभ समाचार मिलने की पूरी उम्मीद है जैसे रोजगार मिल सकता है. और शादी का संयोग बन रहा है.
    वृषभ राशि |  
       शारदीय नवरात्रि वृषभ राशि के लिए प्रमोशन के आसार लेकर आई है. कारोबार में प्रगति देखने को मिलेगी. अच्छे पद पर जाने की संभावना है. प्रतियोगिताओं में भी अच्छे अंक आएंगे.
    मेष राशि |
      मेष राशि के लिए शारदीय नवरात्रि शुभ होने वाला है. उनके रुके हुए काम पूरे होंगे और बिगड़े काम भी बन जाएंगे. मेष राशि के लोगों के लिए अक्टूबर का महीना इसलिए भी खास होने वाला है क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाएगी.
    तुला राशि |
      तुला राशि के लोगों को अपनी मनपसंद नौकरी मिल सकती है. कोई भी बहुत अच्छा शुभ समाचार मिल सकता है. उनके लिए शारदीय नवरात्रि शुभ होने वाला है.

      ब्यूटी टिप्स / शौर्यपथ /चेहरे को क्लेंज करने के लिए आमतौर पर फेस वॉश का इस्तेमाल ही किया जाता है. लेकिन, कई बार फेस वॉश खत्म हो जाता है या ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो फेस वॉश  नहीं खरीदते हैं और आज भी आम साबुन से ही चेहरा साफ करते हैं. ऐसे में चेहरा धोने के लिए घर की कुछ चीजों का इस्तेमाल फेस वॉश की तरह किया जा सकता है. ये चीजें चेहरे को बेहतर तरह से क्लेंज कर सकती हैं. इनसे डेड स्किन सेल्स हटती हैं, त्वचा से गंदगी हटती है और छोटी-मोटी अशुद्धियां भी निकल जाती हैं. जानिए कौन-कौनसी हैं ये चीजें.
    फेस वॉश की तरह इस्तेमाल करने वाली चीजें |  
    दूध
      कच्चे दूध को अक्सर ही क्लेंजर की तरह इस्तेमाल किया जाता है. यह एक असरदार घरेलू नुस्खा भी है. दूध से चेहरा धोने के लिए इसे जस का तस चेहरे पर पानी की तरह ना मारें बल्कि इसे कटोरी में निकालकर रूई से चेहरे पर मलें. 2 से 3 मिनट तक चेहरे पर कच्चा दूध (Raw Milk) मलने पर आपको मैल और डेड स्किन सेल्स निकलती हुई नजर आएंगी. इसके बाद पानी से चेहरा साफ करें. स्किन निखर जाएगी.
    शहद
      चेहरे को साफ करने के लिए शहद का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. शहद स्किन को चमक प्रदान करता है. चेहरे को पानी से हल्का गीला करें. इसके बाद एक चम्मच शहद को चेहरे पर लगाएं, हल्के हाथ से मलें और फिर चेहरा पानी से धो लें. स्किन पर ताजगी नजर आएगी.
    दही
      दूध की ही तरह दही भी स्किन को क्लेंज करता है. दही को चेहरे पर नमी के लिए लगाया जा सकता है. यह चेहरे को हल्का एक्सफोलिएट भी करता है इसीलिए रोजाना दही का इस्तेमाल ना करें बल्कि हफ्ते में एक से दो बार ही चेहरे को दही से साफ करें.
    खीरा
      पेट को ही नहीं बल्कि त्वचा को भी ताजगी देता है खीरा. खीरे के रस   से भी चेहरे को धोया जा सकता है. यह समझना जरूरी है कि चेहरा धोने का मतलब उसपर झाग बनाना ही नहीं है बल्कि चेहरे की गंदगी दूर करना ही चेहरा धोने का मकसद होता है. ऐसे में खीरे का रस कारगर साबित होता है.
    बेसन
      चेहरे पर बेसन को आमतौर पर फेस पैक की तरह लगाया जाता है. लेकिन, एक जमाना वो भी था जब बेसन को नहाने और चेहरा धोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. बेसन में हल्दी मिलाएं और पानी के साथ पेस्ट बनाएं. इसे चेहरे पर मलें और फिर चेहरा धो लें. त्वचा की चमक देखते ही बनती है.

        ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / अगर आप सबसे अलग दिखना चाहती हैं तो अंजीरसे आपकी ये ख्वाहिश जरूर पूरी होगी. चेहरे पर चमक लाने से लेकर हेल्दी रखने तक का काम अंजीर करता है. अंजीर हमारे चेहरे के लिए एक वरदान की तरह है जो स्किन को ग्लोइंग बनाता है. चेहरे पर एक ऐसा निखार लाता है जिससे हम हमेशा तरोताजा दिखते हैं. अर्ली एजिंग से बचाने का भी काम करता है. तो चलिए जानते हैं क्या है अंजीर के फायदे और चेहरे पर इसे इस्तेमाल करने का तरीका.
    अंजीर के फायदे |  
    झुर्रियां खत्म होंगे
       अगर बढ़ती उम्र के साथ आपके चेहरे पर झुर्रियां शुरू हो गई है तो अंजीर आपकी इस समस्या को दूर करने का काम करेगा.
    बेदाग होगी त्वचा
      चेहरे पर दाग, धब्बे, मुंहासे और निशान को कम करने के लिए अंजीर जाना जाता है. इससे हमारा चेहरा बेदाग और खूबसूरत नजर आता है.
    एक्ने होगी कंट्रोल
       कई बार धूप में जाने की वजह से हमारे चेहरे पर एक्ने हो जाते हैं जिसके कारण चेहरा मुर्झाया हुआ नजर आता है. आपके चेहरे के डलनेस को भी अंजीर पूरी तरह से खत्म कर देगा.
    इन तरीकों से करें अंजीर का इस्तेमाल |
    अंजीर और नींबू
        अंजीर और नींबू का फेस मास्क आपकी खूबसूरती को बढ़ा सकता है.
        सबसे पहले 2- 3 पके अंजीर को मैश करके पेस्ट बनाएं और उसमें नींबू की कुछ बूंदें डालें.
        अब इसे अच्छी तरह से मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और अपने चेहरे पर 5 से 10 मिनट तक लगा रहने दें फिर धो लें.
    अंजीर और एलोवेरा
        अंजीर और एलोवेरा का फेस मास्क आपके चेहरे पर चमक ला सकता है.
        इस फेस मास्क को बनाने के लिए सबसे पहले 2- 3 पके अंजीर को मैश कर लें.
        अब उसमें एक चम्मच ऐलोवेरा जेल मिलकर अच्छे से पेस्ट बना लें.
        अब इस पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और कुछ देर बाद गुनगुने पानी से साफ कर लें.

        सेहत टिप्स /शौर्यपथ / काली मिर्च के बीज डाइट में शामिल करना सुखद और फायदेमंद हो सकता है. कुछ चीजें खाने के स्वाद को बेहतर बनाती हैं. काली मिर्च उन्हीं में से एक है और इसके कमाल के स्वास्थ्य लाभ भी हैं. इसमें पिपेरिन होता है, जो पाचन के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट की भरमार होती है. काली मिर्च में सूजन-रोधी गुण भी होते हैं, जो गठिया जैसी बीमारियों को मैनेज करने में भी मदद करते हैं. यहां डाइट में इन काले बीजों को शामिल करने के कुछ स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानिए.
    काली मिर्च के शानदार फायदे |
    1. बेहतर पाचन
        काली मिर्च डायजेशन सिस्टम के एंजाइमों और लिक्विड को बढ़ाकर शरीर की भोजन को तोड़ने और पचाने की क्षमता में मददगार मानी जाती हैं. इसके अलावा ये पाचन प्रक्रिया को लाभ पहुंचाता है. काली मिर्च में वातहर गुण होते हैं जो पेट के दर्द, पेट फूलना और पेट में गैस को कम करते हैं.
    2. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना
    मौखिक रूप से पिपेरिन का सेवन न केवल ब्लड प्रेशर को कम करता है बल्कि इसे मैनेज करने में भी मदद कर सकता है. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए इस मसाले का सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं.
    3. डिप्रेशन से निपटने में मददगार
      काली मिर्च का पिपेरिन डिप्रेशन के उपचार में सहायता करता है. ये ब्रेन को एक्टिव करने और उसे उत्तेजित करने में मदद करता है. ये ब्रेन फंक्शनिंग को बेहतर करने में भी मदद करता है.
    4. खांसी और सर्दी के लिए अच्छा है
       काली मिर्च का उपयोग शहद के साथ मिलाकर साइनस और कंजेशन को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. दिन में तीन बार, एक कप गर्म पानी, एक चुटकी शहद और कुछ काली मिर्च पाउडर मिलाएं. इसे 15 मिनट तक रखें, छान लें और पी लें.
    5. संक्रमण से लड़ता है
      काली मिर्च के पिपेरिन में जीवाणुरोधी गुण होते हैं जिनका उपयोग ये अपने लार्वा में हानिकारक कीड़ों को टारगेट करने और इंफेक्शन और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए करता है.
    6. मोटापा कम करने में मददगार
     काली मिर्च फैटी सेल्स को कम करने के लिए जानी जाती है, जो शायद मोटापे को कम करने में मदद कर सकती है. वजन कम करने की कोशिश करने वाले काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं.
    7. कैंसर से बचाता है
      काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन कई कैंसर से बचाता है और आंतों में सेलेनियम, करक्यूमिन, बीटा-कैरोटीन और बी विटामिन जैसे प्रमुख पोषक तत्वों के एब्जॉर्प्शन में सुधार करता है.

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