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व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /नवरात्रि का पर्व शुरू हो गया है. हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि को भारत में सबसे ज्यादा सेलिब्रेट किया जाता है. जिसमें भक्त देवी दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिन पूजा करते हैं. नौ दिनों के इस त्योहार के दौरान, कई भक्त व्रत करते हैं जहां वे हल्के शाकाहारी या सात्विक भोजन खाते हैं. नवरात्रि के दौरान मांसाहारी, अल्कोहल का सेवन करने की मनाही होती है. अगर आप भी व्रत के दौरान कुछ टेस्टी और हेल्दी खाना चाहते हैं तो हम आपके लिए लेकर आएं हैं, ये तीन आसान रेसिपी जिसे आप शाम के समय या दिन के समय बना कर खा सकते हैं.
व्रत में बनाएं ये टेस्टी स्नैक्स रेसिपीज-
1. रोस्टेड मखाना-
फूले और कुरकुरे, मखाना (या फॉक्स नट्स) व्रत में खाई जाने वाली सामग्री है. मखाने को एक चम्मच घी,के साथ 10 मिनट तक भूने उसके बाद पुदीने की पत्तियों और लाल मिर्च पाउडर के साथ कुछ चाट मसाला छिड़क कर खा सकते हैं. मखाने व्रत में सबसे ज्यादा खाए जाते हैं. मखाने को सेहत के लिए फायदेमंद भी माना जाता है.
2. आलू चिप्स-
इस नवरात्रि अगर आप व्रत में बाहर के चिप्स नहीं खाना चाहते हैं तो आप घर के बने आलू चिप्स खा सकते हैं. इन्हें बनाने के लिए आलू के कुछ स्लाइस को भूनना है. स्टोर से खरीदी गई चिप्स में अक्सर नमक बहुत अधिक होता हैं. जब आप ये होममेड चिप्स बना रहे हों, तब भी व्रत में टेबल सॉल्ट का सेवन नहीं कर सकते हैं. आप व्रत के दौरान सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं.
3. शकरकंदी चाटः
शकरकंदी या स्वीट पौटेटो को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. व्रत के दौरान आप शकरकंदी से कई तरह की रेसिपीज बना सकते हैं. अगर आप कुछ हेल्दी और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो शकरकंदी चाट बना सकते हैं. इसे बनाने के लिए शकरकंदी को उबाल लें, उन्हें काटें और नींबू के रस और चाट मसाला के साथ मिलाएं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / त्योहारों का सीजन चल रहा है नवरात्रि की शुरूआत होते ही हमें दशहरा, दिवाली जैसे फेस्टिवल का इंतजार रहता है. लेकिन त्योहार आने का मतलब है, मिठाईयां खाना, घर में बनाए गए मीठे पकवान आदि खाने की वजह से वजन काफी बढ़ जाता है. जिसके चलते ना केवल हमारी फिटनेस बल्कि हमारी सुदरंता और वजन पर भी असर पड़ता है. तो अगर आप भी इस त्योहारी सीजन खुद को फिट रखने का प्लान बना रहे हैं, कि कैसे मिठाईयों का स्वाद भी लिया जाए और सेहत पर भी कोई असर ना पड़ें, तो आप कुछ तरीके अपना कर खुद को रख सकते हैं फिट.
त्योहारों का ऐसे लें मजा सेहत रहेगी दुरुस्त-
1. लीन ब्रेकफास्ट-
नाश्ते में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स खाने से शुगर की मात्रा कम होती है. आप त्योहारी सीजन में खुद को फिट रखने के लिए एक बाउल ओटमील और अंडे के साथ सेवन कर सकते हैं. अगर आप शाकाहारी हैं तो दिन भर अपने आपको एनेर्जेटिक बनाए रखने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल कर सकते हैं.
2. अच्छी नींद-
अगर आप चाहते हैं कि आप त्योहारों के दौरान फिट और एनर्जेटिक रहे तो आपके लिए अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है.
3. तनाव से दूर-
त्योहारी सीजन में खुद को फिट और हेल्दी रखने के लिए जरूरी है कि आप किसी भी बात की चिंता ना करें. यानि खुश रहने की कोशिश करें.
4. फ्रट्स-
त्योहारी सीजन में ज्यादा मिठाईयां खाने से वजन की चिंता हमेशा रहती है. तो आप अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा फलों को शामिल करें.
5. ग्रीन टी-
ग्रीन टी को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. अगर आप त्योहारी सीजन में फिट और हेल्दी रहना चाहते हैं तो आप ग्रीन टी को पीना शुरू कर दें.
शौर्यपथ /मिर्च किसी भी खाने के स्वाद को बढ़ाने का काम करता है. इंडियन और स्पाइसी फूड किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. हर भारतीय को चटपटा और स्पाइसी खाना पसंद होता है. देश भर में आपको स्पाइसी फूड की अनगिनत वैराइटी मिल जाएंगी. लाल मिर्च में प्रोटीन, फाइबर, सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, मैंगनीज, सेलेनियम और कई अन्य विटामिन जैसे कि विटामिन बी1, बी2, बी3, के और बी9, पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि लाल मिर्च का जरूरत से ज्यादा सेवन आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है.
लाल मिर्च खाने के नुकसान-
1. मुंह के छाले के लिए-
मुंह में छाले होने पर हम कुछ भी खा नहीं पाते कई बार ये समस्या काफी दर्दनाक हो जाती है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि लाल मिर्च का अधिक सेवन मुंह के छाले और माउथ बर्निंग का कारण बन सकता है.
2. आंखों के लिए-
लाल मिर्च का ज्यादा सेवन आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है. अगर आप लाल मिर्च का जरूरत से ज्यादा सेवन करते हैं, तो आपको आंखों में जलन, आंखों के लाल होने, आंखों से पानी आने और आंखों में सूजन जैसी समस्या हो सकती है.
3. पेट में जलन-
जरूरत से ज्यादा लाल मिर्च का सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है. इसलिए अगर आपको पेट संबंधी समस्या पहले से ही है तो आप लाल मिर्च का सेवन करने से बचें.
4. प्रेग्रेंसी के लिए-
प्रेग्रेंसी में मिर्च का ज्यादा सेवन हानिकारक माना जाता है. इस दौरान लाल मिर्च के सेवन को जितना हो सके उतना नजरअंदाज करें, क्योंकि कई स्टडी का मानना है की प्रेग्रेंसी में लाल मिर्च का ज्यादा सेवन बच्चे की सेहत को प्रभावित कर सकता है.
सेहत /शौर्यपथ / मशरूम को स्वाद और सेहत से भरपूर माना जाता है. मशरूम से कई तरह की रेसिपीज बनाई जा सकती हैं. आज के समय में मशरूम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और कई तरह की प्रजातिया भी मशरूम में हैं. मशरूम को न्यूट्रिएंट्स का भंडार कहा जाता है. मशरूम में प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन बी, विटामिन डी, कॉपर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, सेलेनियम, फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. लेकिन मशरूम दो तरह के आते हैं एक जंगली मशरूम भी आता है, जिसे भूलकर भी नहीं खाना चाहिए. क्योंकि ये देखने में बिल्कुल खाने वाले मशरूम की तरह ही होता है. तो चलिए जानते हैं मशरूम खाने से होने वाले फायदे.
मशरूम खाने के फायदे-
1. इम्यूनिटी-
मशरूम में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स इसे एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल बनाते है, जो मौसमी संक्रमण से बचाने और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं.
2. पाचन-
मशरूम में पॉलीसेकेराइड होते हैं, जो प्रीबायोटिक्स के रूप में काम करते हैं. मशरूम पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है.
3. स्किन-
मशरूम में एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो त्वचा पर मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं.
4. खून की कमी-
मशरूम में फॉलिक एसिड और आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के लेवल को बढ़ाने में मदद कर सकता है.
5. वेट-लॉस-
मशरूम में कैलोरी और फैट की मात्रा कम होती है. जिससे वजन को कंट्रोल किया जा सकता है.
6. डायबिटीज-
मशरूम को डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा माना जाता है. क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट्स के साथ शुगर लेबल को कंट्रोल करने के गुण पाए जाते हैं.
7. हार्ट-
मशरूम को हार्ट के लिए काफी अच्छा माना जाता है. लेकिन इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करें.
8. बालों-
मशरूम में पाए जाने वाले गुण बालों को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं.
9. आंत-
मशरूम को आंतों के लिए अच्छा माना जाता है. मशरूम में पाए जाने वाले गुण आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.
10. सूजन-
मशरूम में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /आश्विन माह में मनाई जाने वाली शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर से शुरू हो गई है. नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा होती है. हर दिन माता के खास रूप की पूजा का विधान है. शारदीय नवरात्र के पहले दिन जहां मां शैलपुत्री की विधि-विधान से आराधना की जाती है तो नौंवे दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है. तो आइए जानते हैं मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेषता.
मां दुर्गा के नौ रूप |
नवरात्रि के प्रथम दिन माता के शैलपुत्री रूप की पूजा होती है. माता को हिमालय की पुत्री होने के कारण देवी के इस रूप को शैलपुत्री कहा गया है.
ब्रह्मचारिणी
नवरात्रि के दूसरे दिन माता के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा होती है. ब्रह्म का अर्थ कठोर तपस्या से है. भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की थी, इसलिए माता के इस रूप को ब्रह्मचारिणी कहा गया है.
चंद्रघंटा
नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा रूप की पूजा होती है. देवी के इस रूप में उनके मस्तक पर चंद्र आकार का तिलक होता है इसलिए उनके इस रूप को चंद्रघंटा कहा गया है.
कुष्मांडा
नवरात्रि के चौथे दिन माता के कुष्मांडा रूप की पूजा होती है. माता में ब्रह्मांड को उत्पन्न करने की शक्ति है और वे अपने भीतर ब्रह्मांड को समेटे हुए हैं. इसलिए देवी के इस रूप को कुष्मांडा कहा गया है.
स्कंदमाता
नवरात्रि के पांचवें दिन माता के स्कंदमाता रूप की पूजा होती है. देवी कार्तिकेय की माता है और कार्तिकेय का एक नाम स्कंद है. इसलिए देवी के इस रूप को स्कंदमाता कहा गया है.
कात्यायनी
नवरात्रि के छठे दिन माता के कात्यायनी रूप की पूजा होती है. महिषासुर के संहार के लिए तीनों देवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने अपने तेज से देवी के इस रूप को उत्पन्न किया था. इस रूप की सबसे पहले महर्षि कात्यायन ने पूजा की थी इसलिए इसको कात्यायनी कहा गया.
कालरात्रि
नवरात्रि के सातवें दिन देवी के कालरात्रि रूप की पूजा होती है. काल का अर्थ संकट है. इस रूप में देवी शक्ति का प्रतीक हैं जो राक्षसों का संहार करती हैं.
सिद्धिदात्री
नवरात्रि के नवें दिन देवी के सिद्धिदात्री रूप की पूजा होती है. देवी का यह रूप भक्तों को सिद्धियां प्रदान करने वाला है. इसलिए इस रूप को सिद्धिदात्री कहा गया.
आस्था /शौर्यपथ /शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुकी है. नवरात्रि को काफी शुभ समय माना जाता है. इस समय सच्चे मन से देवी की अराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. मान्यता है कि देवी की पूजा-अर्चना से विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर हो सकती हैं. इंस्टाग्राम पर jyotiunde2023 अकाउंट से विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए पं. प्रदीप मिश्रा जी के उपाय शेयर किए गए है. आइए जानते हैं नवरात्रि में क्या उपाय करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं.
शादी में आ रही बाधा दूर करने के उपाय
घर में किसी लड़के या लड़की के विवाह में दिक्कत आ रही हो तो नवरात्रि में विशेष उपाय किया जा सकता है. देवी भागवत के अनुसार किसी भी नवरात्रि के पांचवें दिन विवाह में आ रही बाधा को दूर करने का उपाय किया जा सकता है. इसके लिए पान के एक पत्ते को अच्छी तरह से साफ कर उस पर सिंदूर और हल्दी से अलग-अलग दो स्वस्तिक के चिन्ह बनाएं और सिंदूर से बनाए स्वस्तिक पर हल्दी के मिलाए अक्षत और हल्दी के बनाए स्वस्तिक पर रोली मिलाए अक्षत को रख दें. अब पान के पत्ते को जिसके विवाह में परेशानी आ रही है उसकी हथेली पर रख उसका व उसके गोत्र का नाम लें किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख दें. मान्यता है कि इस उपाय से विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं.
नवरात्रिमें होती हैं मनोकामनाएं पूर्ण
नवरात्र में भक्ति भाव से माता के नौ रूपों की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. नौ दिन तक नवरात्रि का व्रत और उपवास रखने से माता प्रसन्न हो भक्तों पर कृपा की बरसा करती हैं जिससे घर में सुख समृद्धि के साथ साथ नौकरी, करियर से लेकर संतान प्राप्ति के मार्ग खुल जाते हैं.
आस्था /शौर्यपथ /आज नवरात्रि का तीसरा दिन है. ऐसे में आज मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाएगी. आज देवी मां के इस रूप की पूरे विधि-विधान के साथ अराधना की जाएगी. इनकी पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं माता चंद्रघंटा की सही पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग के बारे में.
चंद्रघंटा देवी की पूजा का शुभ मुहूर्त
मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप की पूजन के 9 शुभ मुहूर्त हैं. ब्रह्म मुहूर्त 3 बजकर 31 मिनट एएम से लेकर 4 बजकर 18 मिनट एएम तक. प्रातः संध्या 3 बजकर 55 मिनट एएम से लेकर 5 बजकर 5 मिनट एएम तक, अभिजीत मुहूर्त 10 बजकर 50 मिनट एएम से लेकर 11 बजकर 39 मिनट तक, विजय मुहूर्त 1 बजकर 18 मिनट पीएम से लेकर 2 बजकर 7 मिनट पीएम तक, गोधूलि मुहूर्त 5 बजकर 24 मिनट पीएम से लेकर 6 बजकर 34 मिनट पीएम तक, सायान्ह संध्या 5 बजकर 24 मिनट पीएम से 6 बजकर 34 मिनट तक, अमृत काल 18 अक्टूबर 1 बजकर 54 एएम से लेकर 3 बजकर 32 मिनट एएम तक, जबकि निशिता मुहूर्त 10 बजकर 51 मिनट पीएम से लेकर 11 बजकर 38 मिनट पीएम. वहीं, रवि योग 12 बजकर 1 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 18 अक्टूबर दिन बुधवार को 5 बजकर 4 मिनट एएम तक रहेगा.
चंद्रघंटा देवी की पूजा विधि
आप सुबह उठकर स्नान करें और फिर मंदिर की साफ सफाई करें. इसके बाद मां दुर्गा को गंगाजल से स्नार कराएं, फिर मां को अक्षत, लाल चंदन, चुनरी और पूल चढ़ाएं, इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. साथ ही दुर्गा चालीसा भी पढ़ें. इसके बाद अंत में आप दुर्गा आरती करके भोग लगाएं मां को.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / आजकल के हेक्टिक शेड्यूल में कुछ देर शांत बैठना बहुत मुश्किल है जबकि पूरे दिन में एक घंटा शांत रहना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है. आपको सुनकर अजीब लगेगा लेकिन मौन रहना एक तरह की थेरेपी है. इससे आपको एक नहीं अनगिनत फायदे मिल सकते हैं. ऐसे करने से ना सिर्फ इमोशनली और मेंटली आप मजबूत होंगे बल्कि फिजिकली भी कई लाभ उठा सकते हैं. एक घंटा चुप रहने के कितने लाभ हैं आइए आर्टिकल में आपको बताते हैं.
एक घंटा शांत रहने के फायदे
पहला फायदा
इसका पहला फायदा, आप रिलैक्स फील (relax mind) करते हैं. इससे आपकी पूरे दिन की थकान और काम का तनाव कम होता है. एक घंटे शांत रहने से स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल (cortisol) कम होता है. इससे आपका दिमाग शांत होता है जिससे आप मेंटली फ्री महसूस करते हैं.
दूसरा फायदा
एक घंटा शांत रहने से आप किएटिव होते हैं. इससे आपके दिमाग में नए आइडियाज आते हैं. आपको बता दें कि राइटर और आर्टिस्ट का साइलेंट थेरेपी एक जरूरी हिस्सा है. जब आप अपने दिमाग को कुछ देर शांत रहने के लिए स्पेस देते हैं तो इससे आपके क्रिएटिव माइंड का दरवाजा खोलता है.
तीसरा फायदा
शांत रहने से आपकी कम्यूनिकेशन स्किल अच्छी होती है. जब आप शांत रहते हैं तो आप ज्यादा अटेंटिव होते हैं. ऐसा करने से आपकी सीखने की क्षमता और तेज होती है, जो कि आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बड़े फायदेमंद साबित हो सकती है.
चौथा फायदा
शांत रहने से आप इमोशनली बहुत स्ट्रॉन्ग बनते हैं. इससे आप अपने आपको बेहतर तरीके से समझ पाते हैं. इससे आप इमोशनली बहुत अवेयर होते हैं जो लाइफ में आने वाले चैलेंजेज को फेस करने में मदद कर सकते हैं.
पांचवा फायदा
ऐसा करने से आपको नींद अच्छी आती है. यह आपके दिमाग को शांत करती है जिससे आपकी सोने में आने वाली कठिनाई दूर होती है. इससे आपका ब्लड प्रेशर भी मेंटेन रहता है, साथ ही इम्यून सिस्टम भी बूस्ट होता है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / मच्छर भगाने वाली मशीन ऑलआउट हर घर में होती है जिसकी रिफिल खत्म होने के बाद लोग उसे फेंक देते हैं. जबकि इसका रियूज किया जा सकता है. तो आप अगली बार से इसे फेंकने की बजाए रूम फ्रेशनर बनाने के लिए बचाकर रख लीजिए. रिफिल से आप रूम फ्रेशनर कैसे बना सकते हैं इसकी टिप्स और ट्रिक्स आर्टिकल में बताने वाले हैं.
कैसे बनाएं रिफिल से रूम फ्रेशनर
सामग्री- इसको बनाने के लिए आपको कपूर, लौंग, दालचीनी, पानी और फ्रेगनेंस ऑयल चाहिए.
बनाने की विधि - सबसे पहले तो आप रिफिल को अच्छे से साफ कर लीजिए. अब आप 5 कपूर, 5 लौंग और 2 छोटी इलायची ले लीजिए. अब आप इनको कूटनी में डालकर अच्छे से पीसकर पाउडर बना लीजिए. जब यह पाउडर बन जाए तो इसे एक कटोरी में निकाल लीजिए. अब आप इसमें पानी और फ्रेगनेंस ऑयल मिला लीजिए. अब आप इस मिश्रण को रिफिल में डालकर मशीन में लगा दीजिए. इससे आपका कमरा खुशबू से महक उठेगा.
दूसरा तरीका
आप एक कटोरी में पानी, बेकिंग सोडा और कुछ बूंद एसेंशियल ऑयल की मिला लीजिए, फिर इसे एक स्प्रे बॉटल में स्टोर कर लीजिए. फिर घर के कोने-कोने में स्प्रे कर दीजिए. इससे भी आप अपने रूम को महका सकती हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / हर लड़की की चाहत होती है काले लंबे और घने बाल की लेकिन, बढ़ते प्रदूषण और खराब खान पान के कारण बहुतों की ख्वाहिश पर पानी फिर जा रहा है. बाल बढ़ने की बजाए झड़ रहे हैं. ऐसे में इनपर रोक लगाने के लिए होम रेमेडी का सहारा लिया जा सकता है. हेयर फॉल पर रोक लगाने में प्याज का रस बहुत लाभकारी होता है. इसको आप 3 तरीके से बाल में अप्लाई कर सकती हैं, तो आइए जानते हैं उनके बारे में.
प्याज का रस कैसे लगाएं बाल में
1- प्याज के रस में दही मिलाकर हेयर मास्क तैयार कर सकते हैं. इसको बाल में आधे घंटे लगाकर रखिए. इससे आपकी हेयर ग्रोथ अच्छी होगी. साथ ही आपके स्कैल्प इंफेक्शन भी बचे रहेंगे. आपको बता दें कि प्याज के रस में सल्फर होता है, जो बाल को पोषण देने का काम करता है. इससे आपके बाल सफेद भी नहीं होते कम उम्र में.
2- इसके अलावा आप प्याज के रस में जैतून का तेल मिलाकर भी आप बाल में अप्लाई कर सकती हैं. यह भी हेयर ग्रोथ के लिए अच्छा होता है. इसके अलावा आप प्याज के रस में नारियल तेल मिला सकते हैं. यह भी बाल की हेयर केयर के लिए अच्छा साबित हो सकता है.
3- प्याज के रस से बाल झड़ने की बीमारी एलोपेसिया का इलाज किया जा सकता है. वहीं, यह रस बालों और स्कैल्प को अच्छा पोषण देने का काम करता है. आपको बता दें कि प्याज के रस में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प में होने वाले किसी भी प्रकार के इंफैक्शन से बचाव कर हेयर फॉल रोक सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / कई बार शरीर में पोषण की कमी, लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहना, मोच आना, ज्यादा वजन होना, लंबे समय तक पैर लटकाकर बैठना, खाने में लापरवाही आदि के कारण भी पैरों में सूजन की समस्या हो जाती है. पैरों में सूजन किडनी, हार्ट और लिवर की गंभीर समस्याओं के संकेत के रूप में भी होती है. अगर किसी सामान्य कारण से सूजन की समस्या है तो यहां कुछ टिप्स हैं जिन्हें आप आजमा सकते हैं. आपको इससे जल्द ही राहत महसूस होगी.पैरों की सूजन के लिए घरेलू उपाय |
पैरों में सूजन होने पर लहसुन की 2-3 कलियां थोड़े से ऑलिव ऑयल में पका लें. इस तेल से दिन में तीन बार मालिश करें. धीरे-धीरे सूजन कम हो जाएगी.
नहाने के बाद गुनगुने सरसों के तेल से पैरों की मालिश करें.
एक गिलास पानी में आधा किलो आलू उबालें. इस पानी से पैर रखें.
दिन में दो बार अदरक के तेल से पैर की उंगलियों की मालिश करने से भी सूजन से राहत मिलती है.
एक चौथाई बाल्टी गर्म पानी में थोड़ा सा सेब का सिरका मिलाएं. इस पानी में तौलिये को भिगोकर पैरों की उंगलियों पर रखें.
दो बड़े चम्मच साबुत धनिए को आधा कप पानी में भिगो दें. धनिए को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और आधे घंटे बाद इसे पैरों पर लगाएं. जल्द ही आपको राहत महसूस होगी.
रोजाना गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर पैर रखें. धीरे-धीरे सूजन कम हो जाएगी.
थोड़े से चावल के आटे में दो चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और इस पेस्ट को पैरों पर लगाएं. 15 मिनट बाद पैर धो लें. सूजन से राहत मिलेगी.
आधी बाल्टी गर्म पानी में यूकेलिप्टस, पेपरमिंट और नींबू के एसेंशियल ऑयल की तीन से चार बूंदें मिलाएं. इस पानी में अपने पैरों को 15 मिनट तक डुबोकर रखें. जल्द ही सूजन से राहत मिलेगी.
खीरे के पतले-पतले टुकड़े काटकर पैरों पर रखें और सूती कपड़ा बांध लें. आधे घंटे बाद पट्टी खोलें, लाभ मिलेगा.
एक कटोरी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर, एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच जैतून का तेल और एक चम्मच दूध मिलाएं. इस मिश्रण को रोज रात को पैरों पर लगाएं. आपको राहत महसूस होगी.
4 से 5 बर्फ के टुकड़ों को एक कपड़े में लपेटकर सूजन वाली जगह पर सेकें. तुम्हें आराम मिलेगा.
एक चम्मच नारियल तेल और दो चम्मच हल्दी पाउडर को मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे पैरों पर लगाएं और सूखने के बाद गुनगुने पानी से धो लें.
इन बातों का रखें ध्यान:
पैरों में सूजन होने पर जंक फूड कम और प्रिजर्वेटिव वाली चीजों का सेवन कम करें.
पौष्टिक और फाइबर से भरपूर फूड्स जैसे सेब, नाशपाती, केला, गाजर, चुकंदर, ब्रोकोली, स्प्राउट्स, मूंग दाल, मटर, राजमा, चना, जौ, बादाम, चिया बीज आदि शामिल करें.
नमक और चीनी का सेवन संतुलित मात्रा में ही करें.
रोजाना चुकंदर खाएं, यह सूजन को कम करता है.
बहुत ज्यादा पानी न पिएं.
पैर लटकाकर न बैठें और ज्यादा चलने से बचें.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / ग्लोइंग स्किन पाने की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन एक सही घरेलू नुस्खा खोजने के चक्कर में हम बहुत समय बर्बाद कर देते हैं. बहुत से लोग ये पहले जानते होंगे कि हल्दी को स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है और इस मसाले में कुछ चीजों को मिलाकर चेहरे पर लगाया जाए तो ग्लोइंग स्किन पाई जा सकती है. कुछ ब्यूटी इंग्रेडिएंट्स हैं जो हल्दी के साथ मिलकर झाइयों और दाग धब्बों को दूर कर चेहरे को नेचुरल तरीके से चमका सकते हैं. चमक बढ़ाने से लेकर मुंहासों के इलाज तक हल्दी कई स्किन बेनिफिट्स के लिए इस्तेमाल की जाती है. घर पर हल्दी फेस मास्क बनाकर अपने गालों और पूरे फेस को नई दमक दी जा सकती है. अगर आपको आजतक ग्लोइंग स्किन के लिए घरेलू उपाय नहीं मिला है तो ये आजमाकर देखें. इसे अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल करें और कुछ ही दिनों में कमाल देखें.
हल्दी में क्या मिलाकर लगाने से आएगा ग्लो?
एक कटोरे में एक चम्मच ऑर्गेनिक हल्दी पाउडर के साथ एक बड़ा चम्मच ताजा निचोड़ा हुआ एलोवेरा जेल मिलाएं. इसके बाद मिश्रण में ग्रीन टी के पानी की कुछ बूंदें मिलाएं. ये ध्यान रखते हुए कि इसकी स्थिरता बहुत ज्यादा लिक्विड वाली न हो. इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें.
चेहरे पर हल्दी लगाने के फायदे
काले धब्बों को चमकाने में मदद करता है ये मसाला. काले धब्बे और आंखों के नीचे काले घेरे बहुत सामान्य हैं लेकिन इनसे छुटकारा पाना मुश्किल हो सकता है.
त्वचा के घावों को ठीक करने में मदद करता है.
कुछ स्किन कंडिशन में मदद करता है.
त्वचा के दागों को मिटाने में मदद करता है.
चमक लाता है.
एंटी एजिंग इफेक्ट.
ड्राई स्किन को नमी देता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /कद्दू मसाला एक लोकप्रिय फ्लेवर कॉम्बिनेश है जो कई मसालों से बना है जो आमतौर पर पंपकिन-बेस्ड डेसर्ट और ड्रिंक्स में उपयोग किया जाता है. कद्दू मसाले का प्राइमरी इंग्रेडिएंट दालचीनी, अदरक, जायफल और लौंग हैं. यह पतझड़ और सर्दी के मौसम से जुड़ा गर्म और सुगंधित स्वाद प्रदान करता है. यहां हम कद्दू मसाले के सेवन के फायदे शेयर कर रहे हैं और इसे अपनी डाइट में शामिल करने में आपकी मदद करने के लिए कुछ टिप्स भी शेयर कर रहे हैं.
कद्दू मसाले के सेवन के स्वास्थ्य लाभ |
1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
कद्दू मसाले में दालचीनी, जायफल और लौंग होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. ये यौगिक सूजन से लड़ने, पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं.
2. पाचन को बढ़ाता है
कद्दू मसाले में एक प्राइमरी कॉम्पोनेंट दालचीनी, सूजन, गैस और अपच को कम करके पाचन में सुधार करती है. ये डायजेशन हेल्थ को सपोर्ट करते हुए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है.
3. इम्यून फंक्शन को सपोर्ट करता है
कद्दू मसाले में मौजूद मसाले, जैसे लौंग और अदरक में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं. कद्दू मसाले का सेवन आम बीमारियों और इंफेक्शन से प्राकृतिक बचाव प्रदान कर सकता है.
4. मूड और मेंटल हेल्थ को बढ़ावा देता है
कद्दू मसाला आपके मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि इसमें ट्रिप्टोफैन होता है. ट्रिप्टोफैन एक अमीनो एसिड है जो ब्रेन में "फील-गुड" न्यूरोट्रांसमीटर, सेरोटोनिन को बढ़ावा देता है.
5. वेट मैनेजमेंट में सहायक
कद्दू मसाले में अक्सर कैलोरी और फैट कम होती है, जिससे ये आपके भोजन में स्वाद लाने का गिल्ट फ्री तरीका है. इसका स्वादिष्ट स्वाद क्रेविंग को संतुष्ट करने, ज्यादा खाने से रोकने और वेट मैनेजमेंट में सहायता कर सकता है.
6. हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देता है
दालचीनी और लौंग जैसे कद्दू मसाले के कई कॉम्पोनेंट हार्ट हेल्थ में सुधार कर सकते हैं. ये मसाले ब्लड प्रेशर को कम करने, कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं.
7. कॉग्नेटिव फंक्शन में सुधार करता है
कद्दू मसाले में मसालों का कॉम्बिनेशन खासकर से दालचीनी, कॉग्नेटिव फंक्शन को बढ़ाने से जुड़ा हुआ है. डेली सेवन से याददाश्त, ध्यान और ऑलओवर ब्रेन हेल्थ में सुधार हो सकता है.
8. हेल्दी स्किन के लिए मददगार
कद्दू मसाला विटामिन ए और सी से भरपूर होता है, जो हेल्दी स्किन को बनाए रखने के लिए जरूरी है. ये विटामिन कोलेजन को बढ़ावा देते हैं, उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करते हैं और स्किन इलास्टिसिटी में सुधार करते हैं, जिससे आपकी त्वचा जीवंत और युवा दिखती है.
9. आंखों के लिए फायदेमंद
कद्दू के मसाले में खासकर पिसी हुई लौंग में पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन, शरीर में विटामिन ए में बदल जाता है. विटामिन ए अच्छी आंखों की रोशनी जरूरी है और एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद से बचाने में मदद कर सकता है.
10. एनर्जी लेवल को बढ़ाता है
कद्दू मसाले में मसालों कॉम्बिनेशन, कद्दू में पाए जाने वाले नेचुरल शुगर के साथ, नेचुरल एनर्जी को बढ़ावा दे सकता है. कद्दू मसाले का सेवन थकान से निपटने और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिससे आप पूरे दिन एनर्जी बने रहेंगे.
कद्दू मसाले का सेवन आप कई तरह से कर सकते हैं:
अपने पसंदीदा कॉफी में कद्दू मसाला मिलाएं.
कुकीज, केक, ब्रेड या मफिन में कद्दू मसाले का उपयोग करें.
स्मूथी में थोड़ी मात्रा में कद्दू मसाला मिलाएं.
दलिया में आरामदायक स्वाद लाने के लिए उस पर कद्दू का मसाला छिड़कें.
हॉट चॉकलेट या चाय में एक चुटकी कद्दू का मसाला मिलाएं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /नवरात्रि पर्व की शुरूआत हो चुकी है. मां जगदंबे के नौ दिनों को बहुत ही पावन माना जाता है. मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना जाता है. भक्त नौ दिन मां की आराधना भक्ति भाव से करते हैं. उपवास रखकर मां की पूजा-अर्चना करते हैं. नौ दिन मां के नौ अलग अलग रूपों की पूजा होती है. इस व्रत में भक्त उपवास रखकर अपने मन और मस्तिष्क को पवित्र कर मां की पूजा अर्चना में ध्यान लगाते हैं. नवरात्रि के उपवास में भक्त सात्विक भोजन करते हैं. आइए जानते हैं नवरात्रि उपवास के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
नवरात्रि के उपवास में क्या करें-
1. भक्ति और प्रार्थना-
नवरात्रि में उपवास का मुख्य उद्देश्य मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करना है. इसके लिए अपने दिन की शुरुआत प्रार्थना से करें, मंदिरों में जाकर देवी के दर्शन करें और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हों.
2. सात्विक भोजन-
उपवास के दौरान पूरी तरह से सात्विक भोजन करना चाहिए. इसके लिए अपने भोजन में ताजे फल और कुछ सब्जियां, दूध और दूध से बने व्यंजन, सूखे मेवे शामिल कर सकते हैं.
3. हाइड्रेट रहें-
उपवास के दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बना रहता है. इसलिए व्रत के दौरान ढेर सारा पानी पिएं. हर्बल टी, दूध और फलों के जूस को भी अपने मील में शामिल करें.
4. सेंधा नमक-
रेगुलर नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है. उपवास में खाने के लिए तैयार किए जाने वाले फलाहार में सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं.
5. सफाई का ध्यान-
उपवास के दौरान साफ सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए. घर और पूजा घर को साफ और पवित्र रखें. किचन की साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखें.
6. फल से खोलें उपवास-
उपवास को फल से खोलने की परंपरा है. यह पेट को उपवास के बाद खाने के लिए तैयार करता है.
7. ध्यान, मंत्र जाप और दान-
उपवास के दौरान मन को शुद्ध करने के लिए ध्यान और मंत्रों का जाप करें. इस समय दान करने का विशेष महत्व माना जाता है.
नवरात्रि के उपवास में क्या न करें-
1. अनाज और दालें न खाएं-
नवरात्रि के उपवास में अनाज और दाल खाने की मनाही होती है. इनकी जगह कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगिरे का उपयोग कर सकते हैं.
2. प्याज -लहसुन रहित शाकाहारी भोजन-
नवरात्रि के उपवास के दौरान प्याज लहसुन से दूर रहना चाहिए और शाकाहारी भोजन करना चाहिए.
3. शराब और सिगरेट-
नवरात्रि के दौरान किसी भी तरह के नशे से दूर रहना चाहिए. इस दौरान शराब और सिगरेट की मनाही होती है.
4. प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड-
नवरात्रि उपवास के दौरान प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड नहीं खाना चाहिए. इसकी जगह घर में साफ सफाई का ध्यान रखकर तैयार भोजन ही अच्छा माना जाता है.
5. बहुत ज्यादा तेल और मसाला-
नवरात्रि के उपवास में बहुत ज्यादा तेल और मसाले वाला भोजन नहीं करना चाहिए. फ्राइड चीजें खाने से बचना चाहिए.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
