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आस्था /शौर्यपथ /श्राद्ध का विशेष धार्मिक महत्व होता है. माना जाता है कि पितरों का तर्पण ना करने पर और श्राद्ध ना करने पर पितृ नाराज हो जाते हैं और घर-परिवार पर पितृ दोष लग जाता है. इसीलिए श्राद्ध किया जाता है. पंचांग के अनुसार, भाद्रपद की पूर्णिमा से पितृपक्ष शुरू होता है और अश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर खत्म होता है. ऐसे में पितृ पक्ष की कुछ शुभ तिथियों पर श्राद्ध करना बेहद अच्छा माना जाता है और कहा जाता है कि इससे पितृ प्रसन्न होकर घर पर अपनी कृपादृष्टि बनाए रखते हैं. इस साल 29 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरूआत हो गई है और इसका समापन 14 अक्टूबर के दिन होगा. जानिए इस साल श्राद्ध की कुछ शुभ तिथियों के बारे में.
पितृ पक्ष में श्राद्ध कब करें |
मान्यतानुसार घर का सबसे बड़ा बेटा श्राद्ध करता है. इस अनुष्ठान में रीति-रिवाजों पर खास ध्यान दिया जाता है. कहते हैं किसी घर-परिवार पर पितृ दोष लगा हो तो घर की सुख-शांति भंग हो जाती है और परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. ऐसे में श्राद्ध करना बेहद जरूरी हो जाता है.
पहला शुभ मुहूर्त
श्राद्ध का पहला अति शुभ मुहूर्त 2 अक्टूबर, सोमवार के दिन पड़ रहा है. इस दिन चतुर्थी श्राद्ध के साथ भरणी श्राद्ध किया जाएगा. भरणी नक्षत्र इस दिन शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहने वाला है. मान्यतानुसार, जिनकी मृत्यु विवाह होने से पहले हो जाती है उनका श्राद्ध पंचमी तिथि पर किया जाना बेहद शुभ होता है और यदि इस दिन भरणी नक्षत्र हो तो इसे बेहद खास कहा जाता है.
श्राद्ध का दूसरा शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, श्राद्ध का दूसरा शुभ मुहूर्त 7 अक्टूबर के दिन बन रहा है. नवमी श्राद्ध को मातृ नवमी और मातृ श्राद्ध जैसे नामों से भी जाना जाता है. इस दिन घर की दादी, नानी और माता का श्राद्ध किया जाता है और पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना शुभ होता है.
श्राद्ध का तीसरा शुभ मुहूर्त
श्राद्ध का तीसरा शुभ मुहूर्त सर्व पितृ अमावस्या के दिन 14 अक्टूबर, शनिवार को है. इस दिन इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भी लग रहा है. सर्व पितृ अमावस्या के दिन सभी तरह के ज्ञात और अज्ञात पितरों का तर्पण और श्राद्ध आदि किया जाता है और बेहद शुभ माना जाता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आपने अक्सर कुछ लोगों से सुना होगा कि बच्चे के दिल में छेद है. क्या आप इसका मतलब जानते हैं. अगर दिल में छेद है तो इसका पता कैसे लगाया जा सकता है. खासतौर से तब जब बच्चा पैदा ही हुआ हो. नवजात के दिल में छेद से जुड़ी तकलीफ के बारे में विस्तार से जानिए पीडियाट्रिशियन और पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ सुशील शुक्ला से, जिन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में इस बारे में विस्तार में बताया.
दिल मे छेद होने पर शरीर पर दिखाई देते ये खतरनाक लक्षण
सवाल- बच्चों के दिल में छेद होने का मतलब क्या होता है, उन्हें किस तरह की परेशानियां होती हैं
जवाब- ये बीमारी जन्मजात बीमारियों में से एक है. जो फीडल ईको करते समय पता चल जाती हैं. दिल में चार तरह के चेंबर होते हैं. दो छोटे चेंबर होते हैं, जिन्हें रिसीविंग चैंबर कहते हैं और दो बड़े चेंबर होते हैं. दो लेफ्ट साइड में होते हैं और दो राइट साइड में होते हैं. दोनों के बीच में दीवार होती है. वो दीवार मसल की होती है. उसमें कोई छेद होता है तो उसे ही दिल में छेद कहा जाता है. जो रिसीविंग चेंबर होते हैं उनमें अगर छेद होता है तो उसे एएसडी कहते हैं. दूसरा छेद होता है वीएसडी, जो होता है बड़े चैंबर के बीच में.
सवाल- दिल में छेद होने के क्या लक्षण होते हैं?
जवाब- लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि वो छेद कितना बड़ा है. छेद अगर बड़ा होता है तो जल्दी लक्षण दिखने लगते हैं. अगर छेद छोटा है तो बच्चों के डॉक्टर बच्चों का हार्ट साउंड सुनते हैं. दो तरह के हार्ट साउंड होते हैं. उसके अलावा एक साउंड होता है जिसे कार्डियक मरमर बोलते हैं. ये मरमर अगर नहीं है तो कॉमन प्रेजेंटेशन होता है कि बच्चे को कोई लक्षण नहीं है. एक एक्स्ट्रा साउंड आ रहा है तो वो दिल में छेद होने का इशारा होता है.
जैसे आम लोगों के लिए एक्सरसाइज होती है. बच्चे के लिए दूध पीना भी एक एक्सरसाइज है. तो, अगर छेद बड़ा है तो बच्चे में धीरे धीरे हार्ट फेलियर के लक्षण आने लगते हैं. छोटे बच्चों में बड़ों की तरह लक्षण नहीं दिखते. जैसे चलने फिरने में थक जाना, सांस फूलने लगती है. लेकिन बच्चों के लक्षण अलग होते हैं. वो दूध छोड़ छोड़ के पीने लगते हैं इसे ‘सक रेस्ट सक सायकिल' कहा जाता है. बच्चे आमतौर पर बीस से पच्चीस मिनट में दूध पी लेते हैं.
लेकिन दिल में छेद होने पर बच्चा एक बार में दूध नहीं पी पाता. जिसे फीडिंग इंटरप्शन कहते हैं. बच्चे की सांस तेज चलने लगती है और हार्ट बीट भी तेज होती है. ऐसे समय पर बच्चे की मदर या कोई और उनके सीने पर हाथ रख कर देखे तो तेज हार्ट बीट फील भी होगी. इसकी वजह से बच्चे का वजन भी नहीं बढ़ता है. छोटे चेंबर में छेद होता है तो उसके लक्षण जल्दी नहीं दिखाई देते हैं. वो आमतौर पर देर से पता चलते हैं. बीस या तीस साल की उम्र के आसपास दिल में छेद होने का पता चलता है.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ /इमली भारतीय रसोई में एक बेशकीमती चीज है. ये एक गूदेदार, जायकेदार फल है जो आपके स्वाद में तीखापन एड करता है. इमली का उपयोग चटनी, करी, दाल और कई अन्य देसी व्यंजनों को बनाने में व्यापक रूप से किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं, इमली एक बेहतरीन क्लीनिंग एजेंट भी है? अगर आप नहीं जानते कि घरेलू नु्स्खे की मदद से बरतनों को कैसे साफ किया जाए तो यहां हम बता रहे हैं इमली का उपयोग कैसे कर सकते हैं.
इमली कैसे बरतनों को क्लीन कर सकती है? |
इमली प्रकृति में अम्लीय होती है, जो इसे सिरके और नींबू की तरह एक बेहतरीन एक्लीनिंग एजेंट बनाती है. जीवाणुरोधी गुणों के साथ-साथ ये वायरस को खत्म करने और उपकरणों और बर्तनों को हेल्दी रखने में मदद करता है, लेकिन जो चीज इमली को बढ़त देती है वह है इसकी बनावट. इमली की परत सख्त होती है, जिससे इसे बर्तनों से गंदगी हटाने और ऑयली सरफेस को साफ करने के लिए स्क्रबर के रूप में उपयोग करना आसान हो जाता है. इमली का उपयोग कई प्रकार की क्लीनिंग मेटल के लिए किया जाता है और जब इसे नमक के साथ मिलाया जाता है, तो सफाई एजेंट के रूप में इमली की शक्ति बढ़ जाती है.
इमली को सफाई एजेंट के रूप में इस्तेमाल करने के तरीके |
1. किचन सिंक को साफ करने के लिए इमली
हम अक्सर किचन सिंक क्लीनिंग को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही वह जगह है जहां सबसे ज्यादा अनदेखी गंदगी जमा होती है. आखिरकार, सभी गंदे बर्तन और रसोई के अन्य उपकरण सफाई तक वहीं जमा रहते हैं. यहीं पर इमली का एक हिस्सा काम आता है. आपको बस इतना करना है कि सूखे सिंक पर थोड़ा नमक छिड़कें, इमली से रगड़ें और अच्छी तरह से धो लें. ये सिंक को साफ और कीटाणुरहित बना देगा.
2. किचन की चिमनी को साफ करने के लिए इमली
रसोई की चिमनियां, जब रेगुलर उपयोग की जाती हैं, तो कालिख और तेल जमा हो जाती हैं. ये गंदगी अक्सर जिद्दी होती है और इसे साफ करना कठिन होता है. इमली में मौजूद एसिड गंदगी को नरम करने और बिना ज्यादा प्रयास के तेल को साफ करने में मदद करता है.
3. चांदी के बर्तन और आभूषण साफ करने के लिए इमली
अगर आप ध्यान दें, तो आप पाएंगे कि चांदी पूरी तरह से काली हो रही है, इसका मुख्य कारण यह है कि खुले में रखे जाने पर चांदी नमी पर रिएक्शन करती है. दुर्भाग्यवश, साबुन की कोई भी मात्रा आपको चमक वापस पाने में मदद नहीं करती. हमारा सुझाव है, क्लीनिंग एजेंट के रूप में इमली का उपयोग करें और थोड़ा नमक छिड़कें. इमली आपको चमक वापस लाने में मदद करती है, जबकि नमक आपके गहनों के छिपे हुए हिस्सों तक पहुंचकर उन्हें अच्छे से साफ करता है.
4. स्टील के बर्तन साफ करने के लिए इमली
स्टीलवेयर को साफ करना आसान है, लेकिन अगर ठीक से न किया जाए, तो आपके खाने की गंध बरकरार रहती है, जिससे वह बाद में उपयोग के लिए अनहेल्दी हो जाता है. सबसे तेज टिप यह है कि कुछ इमली को रगड़ें और बर्तन को फिर से धो लें. इमली की नेचुरल गंध और एंटी-वायरल गुण कुछ ही समय में गंध को दूर करने में मदद करते हैं.
5. तांबे के बर्तन और पीतल के बर्तन साफ करने के लिए इमली
इमली का उपयोग प्राचीन काल से ही तांबे और पीतल के बर्तनों को साफ करने के लिए किया जाता रहा है. बर्तनों से लेकर मूर्तियों और सजावटी वस्तुओं तक आप इसे इमली के एक छोटे से हिस्से से साफ कर सकते हैं. बर्तन पर थोड़ा नमक छिड़कें और भीगी हुई इमली के एक हिस्से से उपकरणों को रगड़ें. एक बार हो जाने पर इसे बहते पानी के नीचे साफ करें और थपथपाकर सुखा लें. आपको कुछ ही समय में चमक वापस मिल जाएगी.
6. नल पर लगे जंग को साफ करने के लिए इमली
नल की जंग यह न केवल आपके घर और रसोई की सुंदरता को खराब करता है बल्कि इसका उपयोग करना भी कठिन बना देता है. यहीं पर आपको इमली का उपयोग क्लीनिंग एजेंट के रूप में करना चाहिए. इमली के कुछ गूदे को जंग लगी जगह पर रगड़ें और कुछ देर के लिए ऐसे ही रहने दें. टार्टरिक एसिड जंग को तोड़ने में मदद करता है, जिसे आप स्क्रबर या इमली के छिलके से आसानी से साफ कर सकते हैं.
बोनस टिप: ग्रीन, कच्ची इमली के बजाय पकी, साबुत इमली लेने का प्रयास करें. इमली को पकाने से आपको आसानी से गूदा निकालने में मदद मिलती है, जिससे यह एक बेहतर क्लीनिंग एजेंट बन जाता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /जब भी बेस्ट हेयर ऑयल की बात आती है तो पहला नाम नारियल तेल का आता है. इस तेल के औषधीय गुण बाल को भरपूर पोषण देने में सहयोग करते हैं. वहीं, अगर आप नारियल के तेल में आंवला मिलाकर लगाती हैं तो फिर इसके लाभ चार गुना बढ़ जाते हैं. आपको बता दें कि नारियल बाल के साथ स्किन का भी ख्याल रखता है. इसके तेल से रात में फेस मसाज करने से झुर्रियां और फाइन लाइन चेहरे पर नहीं पड़ती हैं. तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं नारियल तेल में आंवले को कैसे मिलाकर लगाना है बालों में.
आंवला और नारियल कैसे लगाएं बाल में
1- अगर आपके बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं तो फिर आप नारियल तेलमें ताजे आंवले को तब तक उबालें जब तक उसका रंग काला ना हो जाए. फिर आप इस मिश्रण को ठंडा कर लीजिए और रात में सोने से पहले बाल में अच्छे से लगाकर मालिश करें. इसके बाद सुबह में हेयर वॉश कर लीजिए. ऐसा करने से आपके बाल काले और घने भी होंगे.
2- इस रेमेडी को आप हफ्ते में 2 दिन अप्लाई करिए. इससे आपके बाल की सेहत में सुधार होगा और स्कैल्प इंफेक्शन भी नहीं होगा. साथ ही रूसी की भी परेशानी नहीं होगी.
3- आपको बता दें नारियल तेल में एंटी माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण के साथ कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीसियम, विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आपके बालों को अंदर से मजबूत और बाहर से चमकदार बनाने का काम करते हैं.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /शरीर की साफ-सफाई बहुत मायने रखती है अच्छी सेहत के लिए. कुछ लोग बहुत जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं कारण शरीर की देखभाल में लापरवाही होती है. क्या आपको पता है नहाने का पानी भी बहुत मायने रखता है अच्छी हेल्थ के लिए. आज हम आपको नहाने के पानी में एक ऐसी चीज मिलाकर नहाने के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे सेहत को कई बेनेफिट्स मिलने वाले हैं.
नहाने के पानी में क्या मिलाकर नहाएं
1- नहाते समय पानी में आधा नींबू निचोड़कर नहाएं. ऐसा करने से आपकी स्किन में किसी तरह का इंफेक्शन नहीं होगा. रोजाना आप ऐसा करते हैं तो फिर स्किन में नैचुरल निखार आता है. साथ ही पसीने की बदबू भी नहीं आती है शरीर से. यह नुस्खा शरीर को खुशबूदार बनाता है.
2- आपको बता दें कि इसमें विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन ए, विटामिन ई, फोलेट, नियासिन, थायमिन, राइबोफ्लेविन, पैंटोथेनिक एसिड, कॉपर तांबा, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक, फास्फोरस और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं.
3- वहीं, अगर आप नींबू पानी का सेवन करती हैं तो फिर यह आपको आंतरिक रूप से कई लाभ पहुंचाएगा. इस ड्रिंक को पीने से आपकी स्किन में सोने सा निखार आता है. यह आपके बाल के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है. यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है.
4- यह चेहरे पर ऑयल को कंट्रोल कर पिंपल्स से छुटकारा दिलाने का भी काम करता है. नींबू में मौजूद एस्कॉर्बिक एसिड, बढ़ती उम्र के लक्षणों के असर को कम करता है. आपको बता दें कि नींबू चेहरे की पिगमेंटेशन, डार्क पैचेस को भी हल्का करता है.
खाना खजाना /शौर्यपथ / पनीर का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. खासतौर से वेजिटेरियन लोगों की पहली पसंद पनीर ही होती है. जब भी कुछ अलग और टेस्टी खाने का मन होता है या फिर कुछ स्पेशल होता है तो घर पर सबसे पहले पनीर ही बनता है. आपने भी आज तक पनीर की कई तरह की डिश खाई होंगी. आपने पनीर भुर्जी भी जरूर खाई होगी. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बाजार में मिलने वाले पनीर भुर्जी का टेस्ट घर पर बनी पनीर भुर्जी से अलग होता है या फिर उसका टेस्ट वैसा नहीं आता जैसा हमें बाहर खाने को मिलता है. लेकिन आज हम आपके लिए एक स्पेशल रेसिपी लेकर आए हैं जिससे आप घर पर भी इसे बना सकते हैं.
तो आइए जानते हैं घर पर बाजार जैसी पनीर भुर्जी बनाने की रेसिपी.
पनीर भुर्जी बनाने की सामग्री
पनीर 250 ग्राम
हरी मटर के दाने आधा कप
प्याज बारीक कटे हुए 2
टमाटर आधा कप कटे हुए
शिमला मिर्च आधा कप कटी हुई
1-2 टेबल स्पून तेल
हरा धनिया 2-3 टेबल स्पून कटा हुआ
जीरा ¼ चम्मच
अदरक बारीक कटा हुआ आधा इंच टुकडा
हरी मिर्च 1 बारीक कटी हुई
हल्दी पाउडर ¼ छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर ¼ छोटी चम्मच
धनिया पाउडर 1 छोटी चम्मच
नमक स्वादअनुसार
पनीर भुर्जी बनाने की रेसिपी
पनीर भु्र्जी बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाही में तेल गर्म करें इसमें जीरा डालकर तड़कने दें. अब इसमें हरी मिर्च, अदरक डालकर और प्याज डालकर अच्छे से भूनें .अब इसमें सभी मसालों को डालकर अच्छी तरह से मिला लें. अब इसमें टमाटर को डालकर इसे अच्छे से मिक्स करें. इसके बाद इसमें शिमला मिर्च और हरी मटकर डालकर ढ़ककर पकाएं. सभी चीजों के पक जाने के बाद इसमें पनीर को कद्दूकस कर के डालें और मिलाएं. इसमें नमक डालें और थोड़ी देर तक भूनें. आपकी पनीर भुर्जी बनकर तैयार है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / पितरों को समर्पित पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व है. इस समय अपने पितरों की तृप्ति और शांति के लिए श्राद्ध, तर्णन और पिंडदान करने की परंपरा है. पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्र पद माह के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा से होती है और आश्विन माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तक रहती है. आइए जानते हैं इस वर्ष कब शुरु हो रहा है पितृ पक्ष और कैसे किया जाता है पिंडदान.
कब है पितृ पक्ष 2023 |
इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर शुक्रवार से होगी. इस दिन पूर्णिमा और प्रतिपदा श्राद्ध का दिन है. 14 अक्टूबर शनिवार को पितृ पक्ष का समापन होगा. पंचांग के अनुसार 29 सितंबर शुक्रवार को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट तक भाद्रपद पूर्णिमा है. इसके बाद आश्विन माह के कृष्णपक्ष की पहली तिथि शुरू हो जाएगी.
पितृ पक्ष तर्पण विधि
वर्ष मेें पितरों को समर्पित इस समय में हर दिन पूर्वजों का तर्पण करना चाहिए. इसके लिए कुश, अक्षत, जौ, काले तिल और जल से तर्पण कर पितरों से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए. इस समय पितरों की आत्मा की शांति के लिए यथा संभव दान करना चाहिए. इस दौरान बाल व दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए, घर में सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए.
पितृ पक्ष का महत्व
पूरे पितृ पक्ष में तिथि के अनुसार श्राद्ध करने का विधान होता है. उदाहरण के लिए 30 सितंबर को द्वितीया श्राद्ध है. जिन लोगों के पितर का निधन किसी माह के द्वितीया तिथि को हुआ हो उन्हें इस दिन श्राद्ध कर्म व दान करें. इसी तरह तिथि के अनुसार पितरों का श्राद्ध करना चाहिए. अगर किसी को मृत्यु की तिथि की जानकारी नहीं हो तो उन्हें सर्व प्रिय अमावस्या के दिन श्राद्ध करना चाहिए.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हर साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होने वाला पितृ पक्ष हिन्दुओं के लिए काफी जरूरी त्योहार माना जाता हैं. इस दौरान जातक अपने-अपने पूरवजों को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग अनुष्ठान करते हैं. पितृ पक्ष हर साल भाद्रपद महीने की पू्र्णिमा तिथि से शुरू होकर अश्विन मास की अमावस्या पर खत्म होते हैं. अधिक मास का वर्ष होने के कारण इस साल पितृ पक्ष 15 दिन की देरी से शुरू होने वाले हैं. पितृ पक्ष 2023 के दौरान इन बातों का ध्यान रखना जरूरी हैं.
सही तिथि और मूहूर्त
पितृ पक्ष के 15 दिनों के दौरान सभी अपने पितरों के मृत्यु की तिथि के दिन श्राद्ध करते हैं. साल 2023 में भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि 29 सितंबर 2023 को है और अश्विन मास की अमावस्या तिथि 14 अक्टूबर 2023 को है. इस तरह पितृ पक्ष 2023 29 सितंबर 2023 से शुरू होकर 14 अक्टूबर 2023 को खत्म होगी. इस बार अश्विन मास की अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है.
अगर किसी जातक को अपने पितर के देहावसान की तिथि याद न हो तो वे अश्विन मास के अमावस्या के दिन अपने पितरों का श्राद्ध क्रम कर सकते हैं. इस दिन को सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाते हैं.
क्या है मान्यता
पौराणिक हिन्दु मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान अपने पितरों को याद करने और विधिवत पूजा अनुष्ठान करने से वे प्रसन्न होते हैं और इससे जातकों के जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं. आमतौर से ये तीन घटकों को आपस में जोड़ती है. पहला पिंडदान , दूसरा तर्पण और तीसरा ब्राह्मण को खिलाना . इसके साथ ही इस दौरान पवित्र शास्त्रों को पढ़ना भी शुभ माना गया है.
पितृ पक्ष 2023: श्राद्ध की जरूरी तिथियां
पूर्णिमा श्राद्ध - 29 सितंबर 2023
प्रतिपदा और द्वितीया - 30 सितंबर 2023
द्वितीया श्राद्ध - 1 अक्टूबर 2023
तृतीया श्राद्ध - 2 अक्टूबर 2023
चतुर्थी श्राद्ध - 3 अक्टूबर 2023
पंचमी श्राद्ध - 4 अक्टूबर 2023
षष्ठी श्राद्ध - 5 अक्टूबर 2023
सप्तमी श्राद्ध - 6 अक्टूबर 2023
अष्टमी श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2023
नवमी श्राद्ध - 8 अक्टूबर 2023
दशमी श्राद्ध - 9 अक्टूबर 2023
एकादशी श्राद्ध - 10 अक्टूबर 2023
द्वादशी श्राद्ध- 11 अक्टूबर 2023
त्रयोदशी श्राद्ध - 12 अक्टूबर 2023
चतुर्दशी श्राद्ध- 13 अक्टूबर 2023
अमावस्या श्राद्ध- 14 अक्टूबर 2023
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर ही खानपान में गड़बड़ी या गलत जीवनशैली की आदतों के कारण ब्लोटिंग की दिक्कत हो जाती है. ब्लोटिंग होने पर पेट फूलता है और गुड़गुड़ महसूस होने लगती है. लगातार पेट में गैस भी बनती है जिससे किसी काम में ध्यान नहीं लगता और ध्यान लगता है तो सिर्फ पेट में. इस तरह की पेट की दिक्कतें दूर करने में के लिए हर्बल टी बनाकर पी सकते हैं. हर्बल टी घर पर ही मिनटों में तैयार हो सकती है और इन्हें बनाकर पीने पर पेट की सेहत ही अच्छी नहीं रहती बल्कि वजन में भी असर नजर आता है.
ब्लोटिंग दूर करने के लिए हर्बल टी |
सौंफ की चाय
सौंफ की हर्बल टी गैस और पेट फूलने की दिक्कत में कमाल का असर दिखाती है. पेट ना फूले और खाना बेहतर तरह से पच जाए इसीलिए होटल वगैरह में भी खाने बाद सौंफ दी जाती है. ऐसे में सौंफ का सेवन करने पर ब्लोटिंग से राहत मिलती है. सौंफ की चाय बनाने के लिए एक चम्मच सौंफ के दानों को एक से डेढ़ गिलास पानी में उबालें और फिर छानकर पी लें. इस पानी को पीने पर पेट को आराम मिलता है.
अदकर की चाय
पेट की दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अदरक की चाय पी जा सकती है. अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और एंटी-बैक्टीरियल गुण पेट को आराम देते हैं और ब्लोटिंग से छुटकारा दिलाते हैं. अदरक को घिस लें या फिर छोटे टुकड़ों में डालकर एक गिलास पानी में पका लें. बस तैयार है आपकी अदरक की चाय. इसे आप कम में छानकर जस का तस पी सकते हैं या फिर इसमें स्वाद के लिए थोड़ा शहद भी डाला जा सकता है.
पुदीने की चाय
पेट को ठंडक देने के लिए अक्सर ही पुदीने का सेवन किया जाता है. पुदीने के रिफ्रेशिंग गुण पाचन से जुड़ी दिक्कतों को दूर कर देते हैं. पेट फूल गया है और पेट में दर्द महसूस होता है तो पुदीने को पानी में उबालकर इस पानी का सेवन किया जा सकता है. पेट फूलने से निजात मिल जाती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / कुछ लड़कियों और महिलाओं को पीरियड में बहुत ज्यादा दर्द होता है. जो कई बार बर्दाश्त से बाहर हो जाता है. ऐसे में इससे आराम पाने के लिए ज्यादातर लड़कियां पेन किलर खा लेती हैं जबकि इस असहनीय दर्द से राहत कुछ घरेलू नुस्खे भी दे सकते हैं. तो आइए जानते हैं उनमें से कुछ नुस्खे जो मासिक धर्म के दर्द में आराम पहुंचाएगा साथ ही पीरियड से जुड़ी कुछ और महत्वपूर्ण बातें जिसका ध्यान मासिक के समय रखना चाहिए.
पीरियड दर्द में घरेलू नुस्खा
आप एक गिलास पानी में 01 चम्मच अजवाइन, 01 चम्मच सौंफ, और आधा कटा अदरक डालकर अच्छे से उबाल लीजिए. फिर आप सिप-सिप करके इस पानी को पी लीजिए. यह नुस्खा आपको इंस्टेंट पीरियड पेन से राहत देगा.
पीरियड में क्या खाएं
पीरियड के दौरान हमारे शरीर से बहुत ज्यादा ब्लड निकल जाता है. ऐसे में आपको अपने खान-पान का खास ख्याल रखना चाहिए. आपको ऐसी चीजों का सेवन करना है, जो आपके ब्लड लेवल को बनाए रखें, जैसे रेड मीट, मछली, गाजर, ब्रोकली, ओट्स, स्वीट पोटैटो और डार्क चॉकलेट.
पीरियड में रखें इन बातों का ध्यान
पीरियड के दौरान हमारा शरीर हाइबरनेशन मूड में होता है. इस दौरान बॉडी में हॉर्मोन्स का लेवल बहुत लो होता है. इसलिए आप पीरियड में फीजिकल वर्क जबरदस्ती ना करें. इस दौरान जितना हो आप आराम करें.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / गुलाब जल के त्वचा के लिए कुछ आश्चर्यजनक फायदे हैं और ये आपके ब्यूटी रूटीन में जरूर शामिल होना चाहिए. कई तरीके हैं जिनसे गुलाब जल का उपयोग आपकी त्वचा पर किया जा सकता है, जैसे टोनर या क्लींजर के रूप में. गुलाब जल आपको चमकती त्वचा भी दे सकता है. हम सभी ऐसे फेस पैक की तलाश में रहते हैं जो हमें अच्छी चमक दे सके लेकिन हममें से बहुत से लोग नहीं जानते कि गुलाब जल का उपयोग बेदाग, चमकदार त्वचा के लिए फेस पैक बनाने में भी किया जा सकता है. गुलाब जल में कुछ अद्भुत गुण होते हैं जैसे इसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं. यहां गुलाब जल का उपयोग करके कुछ घरेलू फेस पैक दिए गए हैं जो आपको त्वचा में गजब की चमक दे सकते हैं.
चमकदार त्वचा पाने के लिए फेस पैक |
1. टमाटर मिलाएं
टमाटर आपकी त्वचा के लिए एक बेहतरीन कंटेंट है. ये स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल को कम करने में मदद करते हैं. गुलाब जल के साथ टमाटर का प्रयोग करने से त्वचा साफ रहती है और चेहरे से तेल भी निकल जाता है. ये त्वचा की लचक बढ़ाने में भी टमाटर फायदेमंद होता है. इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको एक चम्मच टमाटर के रस में एक चम्मच गुलाब जल मिलाना होगा. कॉटन बॉल का उपयोग करके इस मिश्रण को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं. इसे सूखने दें और फिर धो लें.
2. दही मिक्स करें
दही आपकी त्वचा को अच्छे से साफ करने के लिए जाना जाता है. इसमें मॉइस्चराइजिंग गुण भी होते हैं जो आपकी त्वचा को चिकना और मुलायम बनाते हैं. एक कटोरे में दही और गुलाब जल मिलाकर चिकना पेस्ट बना लें. इसे चेहरे और गर्दन पर लगा लें. 15-20 मिनट बाद धो लें.
शौर्यपथ /हार्ट अटैक के मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि यकीन करना मुश्किल हो रहा है. खासकर कम उम्र के लोगों में मामले बहुत ज्यादा देखे जा रहे हैं. अब छोटे बच्चों में भी हार्ट अटैक से मौत की खबरे सामने आ रही हैं. एक चौकाने वाला मामला गुजरात के सूरत से आया है. जहां गुरुवार 28 सितंबर को एक छात्रा क्लास रूम बेहोश हो गई. टीचर ने तुरंत प्रिंसिपल को सूचित किया और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि छात्रा की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है.
छोटे बच्चों में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत होना चिंता का विषय बन गया है. नया मामला हाल के महीनों में राज्य भर में युवाओं की अचानक हुई मौतों के बढ़ते रहस्य को और बढ़ा देता है.
इससे पहले एक दुखद घटना में, 22 सितंबर में लखनऊ में कक्षा 9 के एक छात्र की संदिग्ध दिल का दौरा पड़ने से क्लास में गिरने से मृत्यु हो गई.
ऐसा ही एक मामला जुलाई में राजकोट शहर स्थित एक स्कूल में सोमवार को 17 वर्षीय एक छात्र क्लास में गिर गया और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / हर कोई चाहता है कि वो हमेशा जवां ही बना रहें. लेकिन ऐसा नामुमकिन होता है, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर आने वाली झुर्रियां, पिगमेंटेशन, फाइन लाइन्स को हम रोक नहीं सकते हैं. इसी के साथ उम्र के बढ़ने पर स्किन ढीली भी पड़ने लग जाती है. इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी स्किन केयर का ध्यान रखें. अगर आप अपनी स्किन केयर सही से करते हैं तो आप बढ़ती उम्र के इन लक्षणों को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही होम रेमेडीज जो झाइयों को कम करने में आपकी मदद कर सकती हैं.
झाइयों को कैसे दूर करें
चेहरे पर झाइयां हमारे पूरे लुक को खराब कर देती हैं. गालों पर आया कालापन दिखने में बेहद अजीब लगता है. कई बार लोग इसे मेकअप से भी छिपाने की कोशिश करते हैं. जबकि आप अपनी स्किन का ध्यान सही से रखते हैं तो इसके असर को कम कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं एक ऐसा कमाल का नुस्खा जो 1 हफ्ते में आपकी काली झाइयों को कम करने में मदद कर सकता है.
नारियल तेल और हल्दी
नारियल तेल और हल्दी दोनों ही अपने औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं. हल्दी में पाए जाने वाले एंटी-फंगल और एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं जो स्किन में होने वाले कई तरह की समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हो सकते हैं. वहीं नारियल तेल में पाए जाने वाले तत्व भी स्किन के लिए बेहद लाभदायी होते हैं. अगर आपके चेहरे पर भी झाइयां हो गई हैं तो आप एक चम्मच नारियल के तेल में एक चुटकी हल्दी को अच्छे से मिला लें. और रात को सोने से पहले इसे अपने चेहरे पर लगा कर छोड़ दें. एक हफ्ते तक हर रोज इस उपाय को करने के बाद आपको खुद ब खुद अंतर नजर आने लग जाएगा.
वास्तु टिप्स /शौर्यपथ /जीवन में जितना स्वस्थ तन और मन का महत्व है, उतना ही धन को भी महत्वपूर्ण माना गया है. धन के बिना घर परिवार नहीं चल सकता और यही कारण है कि जिसे देखो आजकल धन कमाने की कोशिश में लगा रहता है. लेकिन ज्योतिष में धन को भी किस्मत का साथी कहा गया है. कई बार ऐसा होता है कि मेहनत करने के बाद भी हाथ में धन नहीं टिकता. ऐसे में नक्षत्रों की दशा को कारण माना जा सकता है. धन की कमी पूरी करने के लिए कुछ ज्योतिषीय उपाय कारगर सिद्ध हो सकते हैं. इन्हीं में से एक है कपूर (Camphor) का उपाय. सनातन हिंदू धर्म में पूजा-पाठ में कपूर को बहुत ही पवित्र माना गया है. धार्मिक कार्यों में भी कपूर जलाकर पूजा की जाती है. इसे जलाने से घर में नकारात्मकता दूर होती है और घर में सकारात्मक माहौल बनता है. ज्योतिष विज्ञान में कपूर जलाने के कई लाभ बताए गए हैं. चलिए जानते हैं कि घर में धन की कमी पूरी करने के लिए कपूर का क्या उपाय कारगर साबित हो सकता है.
धन की कमी दूर करने के कपूर के उपाय
सुबह नहा धोकर एक गुलाब का फूल लें और उसमें कपूर का एक टुकड़ा रख दें. अब उस गुलाब को सांयकाल के वक्त घर के मंदिर में मां दुर्गा को अर्पित कर दें. इससे घर में धन की कमी दूर हो जाएगी. इस काम को आपको लगातार 43 दिन तक करना है और हर रोज सांयकाल में गुलाब वाले इस कपूर को मां दुर्गा को चढ़ाते वक्त अपनी मनोकामना को दोहराना है.
लौंग और कपूर का उपाय भी धन के भंडार खोलता है. रात के वक्त चांदी की एक कटोरी लें. इसमें लौंग और कपूर का टुकड़ा रखकर जलाएं. इस कटोरी को पूरे घर में घुमाएं और भगवान से अपनी मनोकामना कहें. इससे घर में पॉजिटिविटी का माहौल बनेगा और आपकी मनोकामना पूरी होगी.
अगर घर में किसी सदस्य की कुंडली में पितृ दोष या काल सर्प दोष लगा है तो घर के मंदिर में रोज सुबह और शाम के वक्त देसी घी में कपूर डुबोकर जलाकर आरती करनी चाहिए. इससे पितृ दोष शांत होता है और काल सर्प दोष के प्रभाव कम होते हैं.
अगर घर में किसी को बुरे सपने आते हैं या किसी को बार-बार नजर लगती है तो उस घर में रोज कपूर जलाकर पूजा करनी चाहिए. इससे बुरे सपने और बुरी नजर दूर हो जाते हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
