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धमतरी / शौर्यपथ / वैसे तो राह चलते, सड़क किनारे हमने अनेक बार नीम के पेड़ देखे हैं। उसकी औषधीय गुणों के बारे में भी अक्सर दादी-नानी से सुनते आ रहे हैं। मगर व्यवसायिक तौर पर इसका फायदा कैसे हो ? यह शायद अमूमन लोग नहीं जानते। बात चाहे नीम के पत्ते, छाल या फिर बीज की हो, यह पूरा पेड़ औषधीय गुणों से लबरेज है। गर्मी के दिनों में तपिश के बीच चलती हवा के साथ नीम के बीज पेड़ों से पककर गिरते देखे जा सकते हैं। यह निंबोली अक्सर पत्ते और धूल के बीच पड़े रहकर कचरे में तब्दील हो जाती है।
ऐसे में धमतरी जिले में एक अनूठी पहल जिला प्रशासन ने कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य के मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता गांधी के निरीक्षण में की। यह था जिले की ग्रीन आर्मी की महिलाओं को नीम बीज संग्रहण का जिम्मा सौंपने का। जिले में लगभग 16 हजार नीम के पेड़ हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 623 गांव में ग्रीन आर्मी गठित है। इसमें 08-10 महिलाएं बतौर ग्रीन आर्मी साफ-सफाई के काम से जुड़ी हैं। जून महीने में जब नीम के बीज पककर गिरने लगे तो इन महिलाओं को साफ-सफाई के साथ बीज एकत्र करने का काम दिया गया। ग्रीन आर्मी की महिलाओं ने सात टन नीम बीज जिले में एकत्र किए। इसे सुखाकर छाती स्थित मल्टी युटिलिटी सेंटर प्रोसेसिंग के लिए भेजा गया। यहां कार्यरत महिला समूह ने छिलके से बीज (चिरोंजी) निकाली, जो लगभग दो टन एक सौ किलो था। इसी बीज से 630 लीटर तेल और एक टन दो सौ किलो खली निकला। नीम बीज का तेल और खली दोनों ही काफी उपयोगी होते हैं। कुदरती गुणों से भरे नीम बीज के तेल को जानकार लोग हाथों-हाथ खरीदने छाती पहुंचने लगे। यहां प्रति लीटर नीम तेल चिल्हर में ढाई सौ रूपए और 50 लीटर से अधिक क्रय करने पर 230 रूपए प्रति लीटर में बिक्री के लिए रखा गया।
धमतरी के हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी के आयुर्वेद चिकित्सक डाॅ.दिनेश नाग, जो कि निजी क्लीनिक संचालित करते हैं, उन्होंने जब इसके बारे में सुना तो वे खुद को रोक ना पाए और छाती से नीम तेल खरीद लिए। उनका कहना है कि आज कल चर्म रोग जैसे दाद-खाज, सोरासिस काफी लोगों को होता रहता है। ऐसे में नीम तेल को आयुर्वेदिक और औषधीय गुणों की वजह से उपचार हेतु उपयोग में लाया जाता है। उनका कहना है कि चूंकि उन्होंने ’ओज’ के द्वारा तैयार किए गए इस नीम तेल की गुणवत्ता को परखा, तो उन्हें यह काफी शुद्ध लगा। इस वजह से ढाई सौ रूपए लीटर की दर से उन्होंने दस लीटर तेल खरीद लिया। मार्केट में इसकी कीमत काफी ज्यादा है। आगे भी जरूरत के हिसाब से वे नीम तेल यहां से खरीदेंगे, जिससे कि स्थानीय स्तर पर महिला समूह द्वारा संग्रहित, प्रोसेस्ड और पैक्ड नीम का शुद्ध तेल उपचार के लिए उपयोग कर सकें। पंचकर्म थेरेपी के दौरान उनके मरीजों को भी यह तेल काफी प्रभावित कर रही, ऐसा डाॅ.नाग का कहना है।
नगरी के ग्राम पंचायत बांधा की ग्रीन आर्मी स्वच्छाग्राही श्रीमती नर्मदा मण्डावी का कहना है कि गांव की साफ-सफाई करते हुए नीम बीज संग्रहण के दौरान यह एहसास हुआ कि नीम के पत्ते, शाख के अलावा इसके निंबोली भी बड़े काम के हैं।इसी तरह छाती मल्टीयुटिलिटी सेन्टर से जुड़ी महिला समूह की सदस्य श्रीमती मधु चन्द्राकर का कहना है कि नीम बीज प्रोसेसिंग के समय समूह की महिलाओं को बीज की उपयोगिता की जानकारी मिली। पहले हमें नीम बीज के इतने सारे औषधीय गुणों के बारे में जानकारी नहीं थी, यह हम सबके लिए एक नया अनुभव रहा।
ध्यान देने वाली बात है कि नीम तेल के औषधीय गुणों के जानकार तो इसे छाती पहुंच कर खरीद ही रहे हैं, वहीं मण्डला के वन विभाग ने भी छाती मल्टी युटिलिटी सेंटर से 20 लीटर नीम तेल खरीदा है। इसके अलावा नीम बीज की खली जो लगभग एक टन दो सौ किलो निकली है, उसे कृषि, उद्यानिकी विभाग और किसानों द्वारा जैविक खाद के रूप में उपयोग करने 20 रूपए प्रति किलो में खरीदा जा रहा है। नीम बीज के औषधीय गुणों को ध्यान में रख आयुर्वेदिक और एलोपेथिक दवाइयां बनाने वाली फर्मों से टाई-अप करने की जिले में योजना है। ताकि भविष्य में नीम बीज का तेल निकालने का कार्य और बड़े पैमाने पर कर, इसके संग्रहण, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग में लगी समूह की महिलाओं को ज्यादा लाभ पहुंचाया जा सके।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्मिक अपने क्रिएटिव प्रयासों के लिए जाने जाते हैं। प्रत्येक विभागों में ऐसे सृजनशील व्यक्ति हैं जो चुनौतियों को स्वीकार कर अपने हूनर से कुछ बेहतर कर जाते हैं। एक ऐसे ही इनोवेटिव प्रयास की कहानी है, बीएसपी के हाइड्रॉलिक विभाग की।
भिलाई इस्पात संयंत्र के हाइड्रॉलिक विभाग में यूनिफ्लेक्स मेक-200 मशीन एक बहुत ही महत्वपूर्ण व उपयोगी मशीन है। इसका इस्तेमाल विभाग में हाइड्रॉलिक होज के क्रिम्पिंग के लिए किया जाता है। यह मशीन यूनिफ्लेक्स जर्मनी द्वारा निर्मित है। पिछले ढाई वर्षों से यह मशीन याँत्रिक ग?बडी, क्षति एवं सील किट की अनुपलब्धता के कारण प्रचालन में नहीं लाई जा रही थी। इसके अलावा प्रचालन में न होने के कारण यूनिफ्लेक्स पूर्जों की आपूर्ति करने में असमर्थ था। इन चुनौतियों पर विजय पाने हेतु हाइड्रॉलिक्स टीम ने विचार-मंथन प्रारंभ किया और इसके इन-हाउस रिपेयर का बीड़ा उठाया।
सृजनशील टीम के प्रयास
उल्लेखनीय है कि संयंत्र के हाइड्रॉलिक्स विभाग के महाप्रबंधक आर सी दोहरे के मार्गदर्शन व सहायक प्रबंधक श्री महेश गुहा के नेतृत्व में टीम के सदस्यों श्री जे पुन्ना राव (वरिष्ठ तकनीशियन) एवं श्री अभिषेक कुमार सिंह (ओसीटी) व उनकी टीम ने इस मशीन को रिपेयर करने की चुनौती को स्वीकार किया। इस रिपेयर कार्य के लिए टीम के समर्पित सदस्यों ने स्थानीय बाजार से सील किट की व्यवस्था की और इसके रिपेयर कार्य को बखूबी संपादित किया। संयंत्र के मार्स-2 में इसके सिलेंडर्स की मशीनिंग की गई। अब यह मशीन सफलतापूर्वक कार्य संपादित कर रहा है। परिणाम स्वरूप पूरे संयंत्र में हाइड्रॉलिक्स हो? की आपूर्ति को सुनिश्चित करने में मदद मिली।
उत्कृष्ट कार्य हेतु मिली प्रशंसा
संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (मेकेनिकल) एस के कटारिया ने इस विशिष्ट कार्य के संपादित होने पर कहा कि अप्रत्याशित चुनौतियों को स्वीकार कर टीम के सदस्यों ने बेहतर तालमेल, प्रभावी सहयोग तथा उत्कृष्ट कार्यकुशलता का परिचय देते हुए इस कार्य को बखूबी अंजाम दिया, यह कम्पनी के प्रति उनकी समर्पण की भावना को प्रदर्शित करता है। टीम की यह उपलब्धि निश्चित ही सराहनीय है। मुख्य महाप्रबंधक (मेकेनिकल) एस के कटारिया ने इस महत्वपूर्ण कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
धमतरी / शौर्यपथ / माध्यमिक स्तर के कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानने, उसे पोषित करने और शिक्षण कला को बढ़ा देने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा कला उत्सव 2020 का आयोजन किया गया। इसके तहत जिले में विकासखण्ड स्तर पर 23 नवम्बर और जिला स्तर का कार्यक्रम 27 नवम्बर को आयोजित किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक विकासखण्ड स्तर पर लगभग 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 24 प्रतिभागी जिला स्तरीय कला उत्सव प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए थे। बताया गया है कि राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा 20 दिसम्बर को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का परिणाम जारी किया गया, जिसमें से धमतरी जिले के तीन विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है। इनमें कक्षा ग्यारहवीं के विद्यार्थी प्रेम निषाद, कुमारी वारूणी यदु और कक्षा नवमीं की विद्यार्थी कुमारी सृष्टि साहू शामिल है।
टिप्स ट्रिक्स/शौर्यपथ / व्हाट्सएप पर जब भी आपको किसी अनजान व्यक्ति को मैसेज करना होता है तो उसके लिए पहले नंबर सेव करना पड़ता है। कई बार सिर्फ एक मैसेज भेजने के लिए नंबर सेव करना बोझिल लगता है। चूंकि वह नंबर शायद बाद में हमारे काम का भी न रहे.. ऐसे में फिर उसे डिलीट करने की जरूरत भी पड़ती है। तो अगर आप इस प्रोसेस से बचना चाहते हैं तो आज हम आपको एक ट्रिक के बारे में बता रहे हैं, जिसके जरिए आप बिना नंबर सेव किए भी व्हाट्सएप पर मैसेज भेज सकते हैं।
व्हाट्सएप की यह ट्रिक एंड्रॉइड और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन्स पर काम करती है। खास बात है कि इसके लिए आपको किसी तरह की थर्ड पार्टी एप भी डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका मतलब है कि आपको डेटा और प्राइवेसी का भी कोई खतरा नहीं होने वाला। इस तरीके का इस्तेमाल सिर्फ एप यूजर ही नहीं, WhatsApp web और डेस्कटॉप यूजर भी कर सकेंगे।
बिना कॉन्टैक्ट सेव किए ऐसे भेजें Whatsapp Messages
इसके लिए सबसे जरूरी है कि जिस नंबर पर आप मैसेज भेजना चाहते हैं उनका व्हाट्सएप पर अकाउंट हो और फोन में व्हाट्सएप इंस्टॉल भी हो।
इस ट्रिक के लिए आपको व्हाट्सएक का एक लिंक तैयार करना है, जिसपर क्लिक करते ही आप सीधा उस व्यक्ति से व्हाट्सएप पर चैट कर सकते हैं।
लिंक तैयार करने के लिए सबसे पहले फोन या लैपटॉप के ब्राउजर में जाना होगा। उदाहरण के लिए हमनें फोन का Chrome ब्राउजर खोला है।
अब URL वाले पार्ट में आपको https://wa.me/phonenumber लिखना होगा।
उदाहरण के लिए अगर हम 9811111111 पर मैसेज भेजना चाहते हैं तो लिखें https://wa.me/9811111111
अब आपको Continue To Chat का ऑप्शन दिखाई देगा.. इसपर क्लिक करें।
नई चैट ओपन हो जाएगी.. और इस तरह आप बिना नंबर सेव किए मैसेज भेज सकेंगे।
शिक्षा /शौर्यपथ /आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में धन, करियर, बिजनेस, सेहत और तरक्की समेत जीवन के अन्य पहलुओं के बारे में बात की है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में असफलता को सफलता में बदलने की नीतियां भी बताई हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया है कि इंसान और जानवर में चार बातें समान होती हैं। लेकिन एक गुण से व्यक्ति को जानवर से अलग बनाता है।
नीति शास्त्र के 17वें अध्याय के एक श्लोक में बताया गया है कि इंसान और जानवर में चार बातें समान होती हैं। श्लोक में चाणक्य ने इंसान के उस गुण के बारे में भी बताया है जो उसे जानवर से अलग बनाता है। नीति शास्त्र के अनुसार, हर इंसान को खुद को पहचानना आना चाहिए और इस गुण को कभी नहीं खोना चाहिए जो आपको जानवरों से अलग बनाता है।
चाणक्य नीति का श्लोक-
आहारनिद्राभयमैथुनानिसमानि
चैतानि नृणां पशूनाम् ।
ज्ञानं नराणामधिको विशेषो
ज्ञानेन हीनाः पशुभिः समानाः ॥
चाणक्य नीति के इस श्लोक का अर्थ है कि हर इंसान को जानवर और जानवर की प्राथमिकता पेट भरना है। इसके साथ ही उसके लिए सोना भी जरूरी होता है। इसके साथ हर जीव मैथुन करता है। इंसान और जीव दोनों को ही डर रहता है। दोनों ही अपनी लाइफ की सिक्योरिटी प्राथमिकता से करते हैं। चाणक्य कहते हैं कि इंसान और जानवरों में 4 बातें समान होने के बावजूद भी एक बात इंसान को जानवर से अलग बनाती है। चाणक्य कहते हैं कि इंसान बिना ज्ञान के जानवरों के ही समान है। यानी जो व्यक्ति अपना ज्ञान नहीं बढ़ाता या ज्ञान का इस्तेमाल नहीं करता वह जानवर के समान है।
धर्म संसार /शौर्यपथ / हर महीने की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी व्रत किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाता है। अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत 2 जनवरी 2021, शनिवार को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और बिगड़े काम बन जाते हैं।
संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व-
कहा जाता है कि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत करने वालों के सभी संकट दूर हो जाते हैं। भगवान गणेश के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि संकष्टी चतुर्थी व्रत करने वालों हर भगवान गणेश की कृपा सदैव बनी रहती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से कुंडली और विवाह से संबंधित दोष दूर हो जाते हैं। जिन लोगों को शिक्षा से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हो, उन्हें भी भगवान गणेश को समर्पित इस व्रत को रखने की सलाह दी जाती है।
संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त-
सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक।
शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त – शाम 5 बजकर 36 मिनट से शाम 6 बजकर 58 मिनट तक।
संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि-
1. सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें। संभव हो तो पीले वस्त्र धारण करें।
2. एक चौकी लें। उस पर गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। अब पीले रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा विराजित करें।
3. धूप, दीप और अगरबत्ती और फूल-माला भगवान को अर्पित करें।
4. भगवान को दूर्वा अतिप्रिय है। इसलिए संभव हो तो भगवान को दूर्वा अर्पित करें।
5. गणेश चालीसा, गणेश स्तुति और गणेश स्तोत्र का पाठ करें। गणेश मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
6. इसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारें।
7. शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण करें।
शौर्यपथ /हर व्यक्ति जीवन में पैसा कमाना चाहता है। ताकि वह अपनी ख्वाहिशें और जरुरतों को पूरा कर सके। लेकिन कई बार इंसान की छोटी-छोटी गलतियां उस पर भारी पड़ जाती हैं और जिसके कारण उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। अगर किसी की नौकरी चली गई है या किसी का काम या व्यापार ठप पड़ गया है तो तंत्र शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। जिनको करने से व्यक्ति के जीवन की समस्याएं खत्म हो जाती हैं। इन उपायों को करने के लिए सिर्फ आटे की जरुरत पड़ती है। जिसके जरिए आप अपने दुर्भाग्य को दूर और कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं। जानिए तंत्रशास्त्र के उपाय-
1. तंत्र शास्त्र के अनुसार, गेंहूं के आटे में थोड़ी हल्दी मिलाकर गुरुवार के दिन गाय को खिलाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और धन की प्राप्ति होती है। घर में धन नहीं रुकने पर भी इस टोटके को करना शुभ माना जाता है।
2. चक्की पर आटा पिसवाने का उत्तम दिन शनिवार माना जाता है। कहते हैं कि गेहूं पिसवाने से पहले उसमं 100 ग्राम चने, 100 ग्राम तुलसी और 2 दाने केसर के डालने चाहिए। कहते कि ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और घर में खुशहाली आती है।
3. लाल किताब के अनुसार, आटे का यह उपाय व्यक्ति की किस्मत चमका सकता है। कहते हैं कि आटे में चीनी मिलाकर हर दिन चीटियों को डालना चाहिए। माना जाता है कि इससे व्यक्ति के जीवन की सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। इसके साथ ही भाग्य भी खुल जाता है।
4. कहते हैं कि प्रमोशन या तरक्की के लिए व्यक्ति को रविवार के दिन गुड़ और आटे से मीठी पूरियां बनाकर लाल गाय को खिलाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति की सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।
5. शनिवार के जिन काले कुत्ते को सरसों तेल में चुपड़ी रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने से शनि ग्रह से संबंधित समस्याएं खत्म हो जाती हैं। इसके साथ ही कर्ज से मुक्ति मिलती है।
6. कहते हैं कि शनिवार के दिन कागज के टुकड़े पर राम राम लिखकर कागज को आटे में मिलाकर गोलियां बना लें और फिर मछलियों को खिला दें। माना जाता है कि ऐसा करने से तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं।
खाना खजाना /शौर्यपथ / खाने का जायका अचार बढ़ा देता है।वहीं, ऐसे कई लोग होते हैं जिनका खाना अचार के बिना पूरा ही नहीं होता है।ऐसे में सर्दी के मौसम में आम का अचार बनाना मुश्किल है लेकिन गाजर का अचार किसी भी मौसम में बनाया जा सकता है क्योंकि इसे सुखाने के लिए ज्यादा धूप की जरुरत नहीं होती। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं गाजर का अचार-
सामग्री :
आधा किलो गाजर
करीब पांच चम्मच पिसी हुई राई
1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा चम्मच हल्दी
आधा चम्मच हींग
एक चम्मच नींबू का रस
सरसों या जैतून का तेल
नमक स्वादानुसार
विधि :
गाजर को छीलकर उसे साफ कर लें। उसे दो-दो इंच लंबे टुकड़ों में काट लें।
इन टुकड़ों पर लगा पानी अच्छी तरह सूख जाने दें। हो सके, तो इसे एक दिन धूप दिखा लें। वरना अचार के खराब हो जाने की आशंका रहेगी।
जितनी भी सामग्री है उसे एक जार में गाजर के साथ मिलाकर रख दें।
जार को सूरज की रोशनी में रख दें, अचार तैयार हो जाएगा। इसमें दो से तीन दिन लगेंगे।
आप चाहें तो इसमें बीच से कटी हुई हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।
शौर्यपथ /वजन घटाने के लिए आप कितनी चीजें खाना छोड़ देते हैं और कितनी ही चीजें डाइट में शामिल कर लेते हैं।कभी-कभी वेट लॉस की ये स्पेशल डाइट असरदार होती है, तो कभी-कभी इनका फायदा नहीं भी होता है लेकिन आज हम आपको ऐसे फूड कॉम्बिनेशन के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ आपका वजन कम करेंगे बल्कि सेहत से जुड़ी कई परेशानियों से भी आपको मुक्ति दिलाएंगे।
गर्म पानी और नींबू का रस
सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू-शहद मिलाकर पीना फायदेमंद होता है। रोजाना इसके सेवन से आप अपने वजन को कंट्रोल में रख सकते हैं। पेट की चर्बी कंट्रोल होने के साथ इससे आपकी बॉडी डिटॉक्स भी होती है।
ग्रीन टी और लेमन
बढ़ते वजन को मॉनिटर करने वालों के लिए ग्रीन टी सबसे अच्छा बेवरेज माना जाता है। लो कैलरी और एंटी-ऑक्सीडेंट वाला ड्रिंक तेजी से कैलोरी बर्न करता है और बेहद कम समय में कई किलो वजन घटा देता है। कई स्टडी में ये बात साबित हो चुकी है कि दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और तेजी से वजन घटता है। इसे ज्यादा कारगर बनाने के लिए आप इसमें विटामिन-सी से भरपूर फ्रेश नींबू का रस डाल सकते हैं।
अंडा और पालक
अंडे में हाई क्वालिटी का प्रोटीन पाया जाता है। इस पौष्टिक आहार की रेसिपी बेहद आसान और वेट लॉस फ्रेंडली है, अगर आप वजन घटाने के मिशन पर हैं, तो अपने ऑमलेट में पालक को शामिल कर लें। एक स्टडी के मुताबिक, आयरन से भरपूर पालक अंडे के साथ तेजी से वजन घटाने का काम करता है।
सेब और पीनट बटर
सेब और पीनट बटर एक क्लासिक वेट लॉस फ्रेंडली फूड माने जाते हैं। पीनट बटर में मोनोसैचुरेटेड और पॉलीसैचुरेटेड फैट होता है, जो लंबे समय तक भूख को रोके रखता है और इंसुलिन मेटाबलिज्म भी दुरुस्त करता है। सेब के साथ पीनट बटर खाने से आपका वजन तेजी से कम हो सकता है।
पत्तेदार सब्जिया और ऑलिव ऑयल
हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद भूख को कंट्रोल करने लिए बेस्ट फूड आइटम मानी जाती हैं।इसमें अगर ऑलिव ऑयल शामिल कर लिया जाए तो फायदा दोगुना होगा। इन दोनों चीजों को एकसाथ खाने से आप तेजी से अपना वजन घटा सकते हैं। मोनोसैचुरेटेड फैट से भरपूर ऑलिव ऑयल और पत्तेदार सब्जियां मिलकर आपकी भूख को कंट्रोल रखते हैं।
ओट्स और बैरीज
रास्पबैरी और ब्लूबैरी में शरीर के फायदेमंद कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं।मॉर्निंग डाइट में ओट्स के साथ इनका सेवन तेजी से वजन घटाने में कारगर है। इस फूड कॉम्बिनेशन के वेट के अलावा भी कई फायदे होते हैं।
शौर्यपथ / सपनों को जीवन का आईना माना जाता है। स्वप्न शास्त्र पूरी तरह से सपनों पर आधारित है। इस शास्त्र में सपनों का अध्ययन करते हैं। स्वप्न शास्त्र को मानने वाले कहते हैं कि सपनों के बारे में दिए तर्क शास्त्र में सही हैं और इन पर विश्वास किया जा सकता है। स्वप्न शास्त्र में सपने में जानवर दिखने के बारे में बताया गया है। कहते हैं कि सपने में कुछ जानवरों का दिखना शुभ तो कुछ अशुभ होते हैं। मान्यता है कि सपने में कुछ विशेष जानवरों का देखना, खास योग बना सकता है।
1. सपने में गाय देखना- स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में गाय का देखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि सपने देखने वाले व्यक्ति का सोया भाग्य खुल जाता है। कहते हैं कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। मान्यता है कि गाय को सपने में देखने का अर्थ है कि उस व्यक्ति पर ईश्वर की कृपा बरस रही है। कहते हैं कि सपना देखने वाला व्यक्ति हर काम में सफलता हासिल करता है और उसकी तरक्की का रास्ता खुल जाता है।
2. हाथी- हाथी को ऐश्वर्य का प्रतीक मानते हैं। कहते हैं कि सपने में हाथी का देखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि अगर व्यक्ति को सपने में हाथी दिखाई पड़ता है तो इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति को ऐश्वर्य की प्राप्ति होने वाली है। कहते हैं कि ऐसा सपना जीवन में खुशियां और तरक्की लाता है। सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि ऐसा सपना देखने के बाद माता लक्ष्मी को हाथी की प्रतिमा अर्पित करनी चाहिए।
3. उल्लू- उल्लू को सपने में देखना बेहद शुभ माना जाता है। उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। कहते हैं कि सपने में उल्लू को देखने से धन-धान्य की प्राप्ति हो सकती है। माना जाता है कि ऐसा सपने देखने वाले व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। जिससे उसे धन लाभ होता है। कहते हैं कि ऐसा सपना देखने के बाद मां लक्ष्मी को लाल वस्त्र अर्पित करना चाहिए।
4. काला नाग- स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में अगर काला नाग दिख जाए तो यह शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इसका अर्थ होता है कि आपके यश में वृद्धि होने वाली है। मान-सम्मान बढ़ने वाला है। इसके साथ ही सपने का यह भी अर्थ होता है कि आपकी मनोकामना जल्द पूरी होने वाली है।
5. खरगोश- सपने में खरगोश का दिखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस सपने का अर्थ होता है कि आपके जीवन में प्रेम बढ़ेगा। इसके साथ ही पार्टनर के साथ रिश्ता मजबूत होगा। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में सफलता भी मिल सकती है।
6. छिपकली- सपने में छिपकली का दिखना स्वप्न शास्त्र में शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस सपने का अर्थ है कि आपको अचानक धन प्राप्ति होने वाली है। इसके अलावा कर्ज जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलने वाली है।
शौर्यपथ / कोरोना के दौर से गुजर रही दुनिया को नए साल से तमाम उम्मीदें हैं। आने वाले वर्ष में सभी को अच्छा स्वास्थ्य, कार्यक्षेत्र में उन्नति, परिवार में सुख-शांति मिले, इसी कामना के साथ वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं। नए साल में प्रवेश करने से पहले इन उपायों को अपना सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
नए साल के आरंभ होने से पहले अपने घर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक चिह्न बनाएं। नए साल की शुरुआत घर में पेड़-पौधे लगाने से करें। अपने घर में तुलसी या मनी प्लांट का पौधा लगा सकते हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। घर और अपने कार्यक्षेत्र को सुगंधित रखें। वर्ष के पहले दिन अपना पर्स या बटुआ खाली न रखें। घर की अलमारी या लॉकर में भी पैसे रखें लेकिन तिजोरी या पैसे रखने वाली जगह पर इत्र आदि न रखें। वर्ष में कम से कम दो बार हवन कराने का संकल्प लें। परिवार में प्रेम बढ़ाने के लिए घर के दक्षिण पूर्व में क्रिस्टल बॉल भी लगा सकते हैं। नए साल पर घर या प्रतिष्ठान में लाफिंग बुद्धा लाएं। उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। दुकान और घर की साज सज्जा में सफेद और पीले रंग की चीजों का इस्तेमाल करें। घर की उत्तर दिशा में अनावश्यक वस्तुओं को न रखें। हर दिन शाम को घर में कर्पूर जलाएं। शांति, आनंद, उमंग प्रदर्शित करने वाले चित्रों को घर की पूर्व दिशा में लगा सकते हैं। नववर्ष में अपने लक्ष्य को अपने हाथों से कागज पर लिखकर अपने सामने रहने वाली दीवार पर लगाएं। इसके लिए एक निश्चित समय सीमा भी तय कर लें। साल के पहले दिन घर की पूर्वोत्तर दिशा में पानी से भरा कलश और उस पर नारियल रखें।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक शाला उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम में रिक्त व्याख्याता (सामाजिक विज्ञान, गणित, वाणिज्य) अंग्रेजी माध्यम, व्यायाम शिक्षक अंग्रेजी माध्यम, प्रधानपाठक (प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला) अंग्रेजी माध्यम, सहायक शिक्षक (विज्ञान समूह) अंग्रेजी माध्यम, सहायक शिक्षक (कला समूह) एवं भृत्य पद की अंतिम पात्र-अपात्र की विषयवार एवं पदवार सूची जारी कर दी गई है। अंतिम पात्र-अपात्र की विषयवार एवं पदवार सूची जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव के वेबसाइट deorajnandgaon.cg.nic.in में अपलोड किया गया है। विषयवार एवं पदवार प्रथम पात्र तीन अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 29 दिसम्बर 2020 को युगांतर पब्लिक स्कूल पार्रीनाला में लिया जाएगा। प्रथम पात्र 3 अभ्यर्थी नियत तिथि एवं नियत स्थान में मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सुबह 8.30 बजे उपस्थित होने कहा गया है।
रायपुर /शौर्यपथ / विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार, विज्ञान भारती के सहयोग से दिनांक 22 से 25 दिसम्बर 2020 के मध्य इंण्डिया इंटरनेशनल साईंस फेस्टिवल 2020 का छठवें संस्करण का आयोजन वर्चुवल मोड पर नई दिल्ली में किया गया। इसी कड़ी में 23 दिसम्बर 2020 को ÓÓस्टेट साईंस एण्ड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर्स कान्क्लेवÓÓ का आयोजन किया गया। इस कान्क्लेव में विभिन्न राज्यों से उपस्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों के मंत्रियों की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा 32 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों को 6 जोन में बांटते हुए प्रत्येक जोन द्वारा संबंधित राज्यों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की क्षेत्रों में किये गये उल्लेखनीय कार्यों का प्रदर्शन किया गया।
सेन्ट्रल जोन के तहत छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में स्थापित छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद का संयुक्त प्रदर्शन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा छत्तीसगढ़ रीजनल साईस एण्ड सोसायटी के महानिदेशक श्री मुदित कुमार सिंह द्वारा किया गया। दोनों संस्थाओं द्वारा विज्ञान लोकव्यापीकरण, अनुसंधान एवं विकासीय, बौद्धिक संपदा अधिकार, नवप्रर्वतन एवं रिमोट सेन्सिग के क्षेत्रों में किये गये उल्लेखनीय कार्यों तथा भविष्य में दोनों संस्थाओं द्वारा प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कान्क्लेव में अन्य जोन के परिषदों द्वारा मुख्य रूप से कोविड-19 संक्रमण पर कार्यक्रम, विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम, नवप्रर्वतन योजना, महिला उद्यमी विकास कार्यक्रम, कृषि उद्यान पशुधन तथा प्रदेश की नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना आदि क्षेत्रों में किये गये महत्वपूर्ण कार्यो का उल्लेख किया गया।
विशेष लेख:शशिरत्न पाराशर
महासमुंद / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनता की स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना सहित मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री सार्वभौम पीडीएस और मध्यान्ह भोजन योजना जैसी पांच योजना 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर शुरू की है। जिला महासमुंद में इन योजनाओं पर तुरंत अमल शुरू कर दिया था। जिले में कुल 1780 आंगनबाड़ी केन्द्र है, जिनमें कुल 82000 बच्चें है। मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या क़रीब 15000 है। वही गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या लगभग 5000 है। ज्यादा नहीं हाल के कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 17 प्रतिशत कुपोषण बच्चों में कमी आयी है। इसमें कोरोना काल से पहले स्कूलों में मध्यान्ह भोजन एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा था।
लेकिन कोविड-19 के चलते स्कूली बच्चों और वहीं 15 वर्ष से 49 वर्ष की चिन्हांकित एनीमिया पीड़ित महिलाओं को भी पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है और नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महिला विकास विभाग महासमुंद से मिली जानकारी अनुसार 15 वर्ष से 49 वर्ष आयु वर्ग की एनीमिया से पीड़ित 19500 महिलाएं चिन्हांकित की गई है। इसी प्रकार एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की संख्या 9000, शिशुवती माताएं 9500 है। इस प्रकार कुल 19500 प्रभावित हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया है। 24 प्रतिशत एनिमिक पीड़ित महिलाओं में कमी आयी है । इनमें से प्रारंभ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।
जिले योजना शुरू होने से सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे है। दो साल में बच्चों के कुपोषण में तेजी के साथ कमी आयी है। जिले में नयी सरकार गठन के बाद बच्चों के सुपोषण में इजाफा हुआ। लगातार मानिटरिंग के जरिए गंभीर कुपोषण में कमी आयी है। पिछले वर्ष के मुकाबले सामान्य और गंभीर कुपोषण की दर में गिरावट आयी है।
महासमुंद और ज़िले के सभी विकासखण्ड में विभिन्न कार्यक्रमों और स्थानीय कला जत्था के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर कुपोषण दूर करने प्रयासरत है और इसमें लगातार सफलता भी मिल रही है। कोरोना के चलते इस काम में गति की रफ़्तार में कमी ज़रूर आयी है। अब कोविड-19 का पालन करते हुए महासमुंद जिले के अधिकांश सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बच्चों को गरम भोजन परोसा जाता है। वही सहायता समूह द्वारा गुणवत्तापूर्ण रेडी-टू-ईट फुड की व्यवस्था की जाती है। इसमें निर्माण की तिथि अंकित होती है। इससे खराब होने से पहले ही इसका उपयोग कर लिया जाता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
