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भिलाई / शौर्यपथ / आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम बढ़ाते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 (एसपी-3) के मेन एग्जास्टर के पीएलसी सिस्टम का आंतरिक संसाधनों से उन्नयन कर कमीशनिंग किया गया। इस महती परियोजना में एसपी-3 बिरादरी और संयंत्र के इंकास विभाग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस परियोजना का स पूर्ण डिजाइन व क्रियान्वयन आंतरिक संसाधनों से स पन्न किया गया। एसपी-3 एवं इंकास विभाग की समर्पित टीम ने आंतरिक संसाधनों से इसके इलेक्ट्रिकल सिस्टम की डिजाइन, क पोनेंट के चयन, हार्डवेयर की आकृति और सॉ टवेयर के विकास के साथ ही इसकी टेस्टिंग कार्य को बखूबी अंजाम दिया।
इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन सेल के निदेशक प्रोजेक्ट्स एवं बिजनेस प्लानिंग) एवं बीएसपी के सीईओ अनिर्बान दासगुप्ता ने शुक्रवार को किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक वक्र्स राजीव सहगल, मु य महाप्रबंधक प्रभारी एम एंड यू अरविंद कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (आई एंड ए) असित साहा, मुख्य महाप्रबंधक वी के श्रीवास्तव सहित संयंत्र के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
इस अवसर पर सीईओअनिर्बान दासगुप्ता ने एसपी-3 व इंकास की टीम द्वारा की गई कड़ी मेहनत और लागत बचत के उपायों की सराहना करते हुए उन्हें इस चुनौतीपूर्ण परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने और संस्थान को लाभान्वित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने एसपी-3 और इंकास टीम को आंतरिक संसाधनों का समुचित उपयोग करने और इस परियोजना को बेहतर ढंग से निष्पादित करने के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की।
ईडी वक्र्स राजीव सहगल ने इस उपलब्धि के लिए टीम की सराहना की और उन्हें भविष्य में इस तरह के अभिनव और लागत बचत कार्यों को करने के लिए प्रोत्साहित किया।
विदित हो कि एसपी-3 और इंकास विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से इस आधुनिक रॉकवेल पीएलसी सिस्टम को अपग्रेड करने की चुनौती को स्वीकार की। इस चुनौतीपूर्ण कार्य को महाप्रबंधक प्रभारी (एसपी-3) एस व्ही नंदनवार एवं महाप्रबंधक प्रभारी इंकास अजय बाबू एवं महाप्रबंधक इंकास उदय भकत के दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपादित किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य में इंकास विभाग से सहायक महाप्रबंधक श्री अमित कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक द्वय जे एस राठौर व सरोज कुमार, प्रबंधक अमित बोकाड़े एवं उप प्रबंधक अंशुल गंगवार तथा एसपी-3 के टीम में शामिल महाप्रबंधक इलेक्ट्रिकल एवं ऑटोमेशन एच के कनकने एवं एस वाष्र्णेय, दीपक गुप्ता, एस सी साहूू, के के वर्मा, अनिल खापेकर, राजेश साहू, अरूणेश शर्मा, आकाश कौशल, एम के श्रीवास्तव, के एन बालपांडे, वाई बी राव एवं बी मीणा ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
ईएसपी परियोजना के उन्नयन हेतु एग्जास्टर को 60 दिनों की अवधि के लिए बंद कर शटडाउन लिया गया था, इस शटडाउन अवधि को टीम ने एक अवसर के रूप में लिया और इस अवधि का सदुपयोग एग्जास्टर-1 के पीएलसी प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए किया गया। विभिन्न विकल्पों की खोज की गई थी और यह पता चला था कि ब्लास्ट फर्नेस-2 का जीसीपी प्रणाली अब उपयोगी नहीं है क्योंकि ब्लास्ट फर्नेस-2 को स्थायी रूप से बंद रखा गया है। इस जीसीपी-2 में रॉकवेल मेक पीएलसी सिस्टम स्थापित था जिसका उपयोग एग्जास्टर में कुछ सुधार कार्य के बाद किया जा सकता था। इस कार्यक्रम का संचालन अरूणेश शर्मा ने और धन्यवाद ज्ञापन अमित कुमार ने किया।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र ने सदैव ही सामाजिक कार्यों व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर योगदान दिया है। सेल-बीएसपी ने अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व सीएसआर गतिविधियों के तहत पर्यावरण संरक्षण के अनेक कार्यों को अंजाम दिया है। भिलाई टाउनशिप, संयंत्र परिसर तथा माइंस क्षेत्रों और सड़क के किनारे किए गए वृक्षारोपण का सुपरिणाम है हरा-भरा भिलाई। अपने इसी प्रतिबद्धता के चलते आज इस शुक्रवार को सीएसआर गतिविधियों के तहत वन संरक्षण कार्य हेतु 177 मेट्रिक टन 50 बाई 50 बाई 6 के एंगल की आपूर्ति की है। यह आपूर्ति आदेश छत्तीसगढ़ वन विभाग, दुर्ग को वन संरक्षण हेतु प्रदान किया गया। इस एंगल का प्रयोग पाटन विधानसभा क्षेत्र में वृक्षों के संरक्षण हेतु किया जायेगा।
संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक माइंस एवं रावघाट मानस बिस्वास ने एंगल के आपूर्ति आदेश की प्रति दुर्ग वन विभाग के सुयश धर दीवान, रेंज ऑफिसर को सौंपी। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक परियाजनाएँ ए के भट्टा भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में दुर्ग वन विभाग के अब्दुल वाहीद खान, रेंज ऑफिसर, बीएसपी के सीएसआर विभाग के महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष सी बी श्रीवास्तव एवं महाप्रबंधक अरूण तोपनो, सहायक महाप्रबंधक सुनिल चौरसिया, सहायक प्रबंधक विवेक मिश्र सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज 5 सितंबर 2020 पहली बार वर्चुअल तरीके से आयोजित पुरस्कार समारोह में देश भर के 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और स्कूली शिक्षा में गुणात्मक रूप से सुधार लाने के लिए शिक्षकों द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं है। उन्होंने शिक्षक के रूप में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा सिरसा दुर्ग की फिजिक्स की व्याख्याता सुश्री सपना सोनी इस वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाली राज्य से एकमात्र शिक्षक है तथा पूरे देश से केवल 47 शिक्षक की सूची में शामिल हुई हैं । उनका चयन विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन एवं अध्यापन कार्य में लगातार किए गए नवाचार के कारण हुआ है। उनके प्रयास से विगत 12 वर्षों से जेवरा सिरसा स्कूल के बच्चों का परीक्षा परिणाम बोर्ड परीक्षा में 93 से 100प्रतिशत तक रहा है।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने सुश्री सपना को दी बधाई
सुश्री सपना सोनी को एनएटी2020 जीतने के लिए बधाई। नवीन मॉडल और आईसीटी.आधारित शिक्षण सामग्री के आपके उपयोग ने छात्रों को एक वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करने में मदद की है।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के शिक्षा विभाग द्वारा 05 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर बीएसपी एवं गैर-बीएसपी स्कूलों के शिक्षकों एवं स्टॉफ को सम्मानित किया जायेगा। शिक्षक दिवस पुरस्कार-2020 के लिए बीएसपी के शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 33 शिक्षकों/गैर-शिक्षकीय स्टॉफ सहित शामिल डीएव्ही इस्पात स्कूल के 3 शिक्षक एवं डीपीएस, रिसाली से 1 शिक्षक को चयनित किया गया है।
विदित हो कि इस वर्ष, भारत के पूर्व राष्ट्रपति के निधन के कारण 7 दिवसीय राष्ट्रीय शोक के अनुपालन और महामारी कोविड-19 के मद्देनजर औपचारिक रूप से पुरस्कार प्रदान करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जायेगा। पुरस्कार पाने वालों को संयंत्र के शिक्षा विभाग के कार्यालय से छोटे-छोटे समूहों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पुरस्कार प्राप्त किए जायेंगे। ज्ञातव्य हो कि महान दार्शनिक एवं शिक्षाविद् डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन् के जन्म दिवस 5 सित बर को प्रतिवर्ष देश भर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / विकासखण्ड खैरागढ़ के ग्राम धनगांव, मड़ौदा एपरसूली में डॉ. सुश्री विनीता सिंह के प्रयास से पारा मोहल्ला में समूह बनाकर वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों के नाम से मोहल्ला क्लास संचालित की जा रही है और मोहल्ला क्लास की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। पीएलसी गु्रप मड़ौदा की हेड डॉ. विनीता सिंह के मार्गदर्शन में मड़ौदा में खुशबू की पाठशाला, मनीषा की मोहल्ला पाठशाला, हिर्दय वर्मा की पाठशाला, मुनिया की मोहल्ला शाला, ग्राम धनगांव में पूर्व मध्यमिक शाला के बच्चों हेतु सामुदायिक भवन एवं शीतला मंदिर में शिवम् की पाठशाला, सपना की पाठशालाएं, प्राथमिक शाला के बच्चों की कक्षा निर्मला की पाठशाला एवं ममता की पाठशाला में संचालित हो रही है । ग्राम परसूली में भी मोहल्ला शाला संचालित है।
कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए तयशुदा मानकों का पालन करते हुए खैरागढ़ विकासखंड में विभिन्न स्थानों पर मोहल्ला शाला संचालित करने पर विकासखण्ड नोडल अधिकारी अरविंद भारद्वाज, सहायक नोडल कमलेश्वर सिंह, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी महेश भुआर्य, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डालेंद्र देवांगन ने मोहल्ला पाठशाला संचालित करने वाले पीएलसी हेड डॉ. विनता सिंह एवं शिक्षकों को बधाई दी एवं प्रेरित किया।
इसी प्रकार विकासखण्ड खैरागढ़ के एक अन्य पीएलसी हेड डॉ. भावना बैरगी व्यख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जालबंाधा के अथक प्रयासों से पीएलसी गु्रप के शाला ग्रामों में मोहल्ला क्लास की शुरूवात की गई है, जिसमें दिन प्रतिदिन बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉ. भावना बैरागी स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण कार्यक्रम पढ़ाई तुंहर दुआर योजना अंतर्गत पारा मोहल्ला सामुदायिक शाला संचालित करने के राज्य शासन के महत्वपूर्ण कदम को सफल बनाने के लिए अपने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में मोहल्ला क्लास प्रारम्भ करवा रही है।
उनके द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु भारत सरकार स्वास्थ विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करवाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजर का उपयोग, मास्क कवर लगाने, समय-समय पर साबुन से हाथ धोने के विषय पर लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करने का कार्य भी किया जा रहा है। ग्राम जालबंाधा में शिक्षक हेमन्त साहू एवं शिक्षिका गायकवाड़ के मार्गदर्शन में शिक्षा सारथी चंचल बंजारे की मोहल्ला क्लास, सोनम यादव की मोहल्ला क्लास संचालित हो रही है।
इसी प्रकार ग्राम रंगकठेरा में ललिता साहू एवं लिखन साहू द्वारा मोहल्ला क्लास प्रारम्भ किया गया है। ग्राम पंचायत जालबांधा में मोहल्ला क्लास के शुभारंभ के दौरान उपसरपंच दीनदयाल सिन्हा ने पंचायती राज के संबंध में छात्रों को आवश्यक जानकारी प्रदान की। वही व्यख्याता डॉ. भावना बैरागी ने मोहल्ला क्लास के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब तक भारत सरकार एवं राज्य सरकार की ओर से स्कूल खोलने का आदेश नहीं आता तब तक बच्चों की सुचारू शिक्षा व्यवस्था हेतु मोहल्ला क्लास संचालित होता रहेगा ।
मोहल्ला क्लास का संचालन सामुदायिक सहभागिता से बहुकक्षा शिक्षण पद्धति से किया जाएगा एवं बच्चों को बलकेन्द्रित पद्धति से खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी। विकासखण्ड नोडल अरविंद भरतद्वाज, सहायक नोडल एवं व्यख्याता कमलेश्वर सिंह, किसोरी लाल आमेला, सुश्री अमरीका देवांगन एवं प्रभारी प्रचार्य हेमचंद वर्मा ने पीएलसी हेड के प्रयास की सराहनीय करते हुए कहा कि विकासखंड के सभी हेड पारा मोहल्ला क्लास को अधिक से अधिक संचालित करवाने का विशेष प्रयास करें।
सेहत / शौर्यपथ /क्या आप देर तक मोबाइल पर सोशल मीडिया स्क्रॉल करती रहती हैं? आप हां कहें या न, हम जानते हैं कि इस समय 90 फीसदी से ज्यादा लोग यही करते रहते हैं। बदले हुए लाइफस्टाइल ने लोगों को इतना नहीं बदला था, जितना कोविड-19 ने बदल दिया। अब लोग रात देर तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते हैं। पर मम्मी से मुझे हमेशा इस बात पर डांट पड़ी है।
मैं अकसर ऐसी रिसर्च ढूंढती रहती हूं, जिनमें यह साबित हो सके कि रात देर तक जागना भी फायदेमंद होता है और सुबह देर से उठने वाले लोग ज्यादा इंटेलीजेंट और स्मार्ट होते हैं। दुर्भाग्यवश मुझे अब तक ऐसी कोई रिसर्च नहीं मिल पाई है। अगर आपको मिले तो प्लीज मुझे जरूर बताइएगा।
वर्क फ्रॉम होम का हैक्टिक वीक बिताने के बाद मैं सोच ही रही थी कि आज देर तक सोती रहूंगी। पर मम्मी की वही पुरानी आदत – कि सुबह जल्दी उठो, सुबह जल्दी उठने से माइंड फ्रेश रहता है, गार्डन में जाओ, थोड़ा हरे पेड़-पौधों को निहारो, योग और व्यायाम करो।
ओह् भगवान! मम्मा को कौन समझाए। तो इस बार मैंने सोचा कि मैं कुछ ऐसा ढूंढती हूं जिससे पता चल सके कि वीकेंड पर देर तक सोने के कितने फायदे होते हैं। और ढूंढते-ढूंढते मुझे फिनलैंड यूनिवर्सिटी की यह रिसर्च मिली। यह रिसर्च तो बिल्कुल मम्मी की हां में हां मिलाने वाली थी। जिसने डाटा के साथ बताया कि सुबह जल्दी उठकर हम अपनी सेहत के लिए कितने मददगार हो सकते हैं। सबसे बड़ी बात कि इससे वेट लॉस में भी मदद मिलती है।
सुबह जल्दी उठना होता है फायदेमंद
फिनलैंड स्थित आउलू यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में बिल्कुल मेरी मम्मी वाली नसीहत दी गई है। इसके शोधकर्ताओं के मुताबिक सूरज की पहली किरण के साथ बिस्तर छोड़ देने वाले लोग दिन भर ज्यादा तरोताजा और तनावमुक्त महसूस करते हैं। इससे वे शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय तो रह ही पाते हैं, साथ ही उनमें स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन भी घटता है।
ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल रहता है कंट्रोल
दोनों ही चीजें वजन के साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रखने के लिए अहम मानी जाती हैं। सुबह जल्दी उठने वाले लोगों को काम में मन लगाने में भी आसानी होती है। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ती है और प्रमोशन व वेतनवृद्धि की गुंजाइश बढ़ जाती है।
पॉल हिग्स के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सुबह जल्दी और देरी से उठने वाले लोगों की शारीरिक गतिविधियां आंकी। इस दौरान जल्दी बिस्तर छोड़ने वाले प्रतिभागी ज्यादा सक्रिय नजर आए। पुरुषों की सेहत पर इसका आधे घंटे की चहलकदमी जितना फायदा दिखा।
वर्कआउट जितना फायदा देता है सुबह जल्दी उठना
महिलाओं को 20 मिनट की कसरत जितना फायदा मिला। उधर, देर से जगने वालों में आलस्य का भाव ज्यादा दिखा। इस कारण उनमें मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी अधिक दर्ज किया गया।
इस अध्ययन के नतीजे तो ‘स्कैंडिनेवियन जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं। पर आपने क्या सोचा गर्ल्स!
सेहत / शौर्यपथ / वर्क फ्रॉम होम हो या फिर वर्क फ्रॉम ऑफिस, दोनों में थकावट हो जाती है। खासतौर पर डेस्क जॉब में आपके दिमाग और आंखो पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। वहीं, लैपटॉप और मोबाइल पर समस्या और भी बढ़ जाती है। आपको अगर थकावट के साथ हमेशा शरीर में दर्द की शिकायत रहती है, तो आप शवासन करना शुरू कर दें।
कैसे करें शवासन
शवासन में बस लेटना होता है।सबसे पहले घर का वह कोना तलाशें जहां शांति हो।
अब वहां एक आसन या चटाई बिछा लें और पीठ के बल लेट जाएं।
दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 5 इंच की दूरी पर करें।
दोनों पैरों के बीच में भी कम से कम 1 फुट की दूरी रखें।
हथेलियों को आसमान की तरफ रखें और हाथों को ढ़ीला छोड़ दें।
शरीर को ढीला छोड़ दें।
आंखों को बंद कर लें। अब हल्की-हल्की सांस लें।
पूरा ध्यान अब अपनी सांसों पर केंद्रित करें।
शवासन के लाभ
जैसा कि शुरुआत में ही बताया गया यह आसन तनाव को दूर करता है।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मनोविकार, दिल की बीमारी वगैरह में भी इस योगासन से लाभ होता है।
इस योगासन से शरीर की थकान भी दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
शवासन करने से याददाश्त, एकाग्रशक्ति भी बढ़ती है।.
इसके साथ ही सबसे जरूरी है कि आप मोबाइल, टीवी आदि गैजेट्स का इस्तेमाल अपनी जरूरत तक ही सीमित रखें, मतलब की अपना टाइम पास करने के लिए कभी गैजेट का इस्तेमाल न करें। इससे हमारा दिमाग कमजोर होता जाता है क्योंकि हम हर बात के लिए गैजेट का इस्तेमाल करते रहते हैं।
खाना खजाना / शौर्यपथ / अंडा नें कम मात्रा में कैलोरी पाई जाती है साथ ही इसे खाने से काफी समय तक पेट भरा रहता है। अंडे में प्रोटीन, आयरन से भरपूर होता है। वेट लॉस डाइट में अंडा खाने का मतलब है आप बिना अपने शरीर को कमजोर किए वजन भी घटा रहे है और आपके शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट भी मिल रहे हैं।
अंडे के पोषक तत्व
अंडे में प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन्स, प्रोटीन आदि कई पोषक तत्वों से भरपूर अंडा सेहत के लिए है बहुत उपयोगी है। खासतौर पर अंडे का जो सफेद भाग होता है उसमें 90% पानी और 10% प्रोटीन पाया जाता है। अंडे में जो सबसे पोषक तत्व ज़्यादा मात्रा में होता है उसे जर्दा कहते हैं।
स्क्रैम्बल्ड एग
स्क्रैम्बल्ड एग बनाने में बहुत आसान है ये वजन घटाने के साथ आपको हेल्दी भी रखता है। साथ ही इस आप फ्रूट्स, कच्ची सब्जियां किसी के साथ भी खा सकते हैं।
ऑमलेट
ऑमलेट अंडे की सबसे आम रेसिपी है। इसे आप अपने हिसाब से बना सकते हैं। ऑमलेट को ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए आप पनीर और सब्जियां भी डाल सकते हैं।
एग बिद बीन्स
बीन्स प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है। इसे आप अंडे के साथ बना सकते हैं। इसे साथ में बनाएं और खाएं। इसे खाने से काफी समय तक भूख नहीं लगती।
अंकुरित सलाद के साथ एग
अंकुरित सलाद के साथ एग आपकी सेहत का भी ख्याल रखता है और साथ ही आपको वजन घटाने में भी मदद करता है। यह खाने में टेस्टी और कैलोरी फ्री भी होता है।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / आचार्य चाणक्य एक शिक्षक होने के साथ ही कुशल अर्थशास्त्री भी थे। चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़ी तमाम बातों का जिक्र किया है। जिसमें सफलता से लेकर स्वभाव और धनवान बनने के बारे में बताया है। कई बार व्यक्ति को कड़ी मेहनत के बाद भी उसके मनचाही सफलता नहीं मिलती है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में कहा कि सफलता हासिल करने के लिए हर व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सम्मान लेने से पहले देने की आदत-
चाणक्य कहते हैं कि हर व्यक्ति मान-सम्मान चाहता है। व्यक्ति समाज में मान-प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए कई जतन करता है। लेकिन समाज में आदर मिले यह जरूरी नहीं है। चाणक्य कहते हैं कि सम्मान लेने से पहले सम्मान देने की आदत डालनी चाहिए। नीति शास्त्र में चाणक्य कहते हैं कि सम्मान मांगने से नहीं मिलता है। हर व्यक्ति को दूसरों को सम्मान की निगाह से देखना चाहिए।
स्वार्थ के लिए न बदलें स्वभाव-
चाणक्य कहते हैं कि लाभ या स्वार्थ के लिए व्यक्ति को कभी अपना स्वभाव नहीं बदलना चाहिए। हर व्यक्ति को समान बर्ताव और आचरण करना चाहिए। लाभ के लिए अनुशासन को नहीं भूलना चाहिए। जो व्यक्ति लाभ के लिए ऐसा करते हैं उन्हें समाज में अपमान झेलना पड़ता है। चाणक्य कहते हैं कि जो कार्य मानव हित में हो वहीं व्यक्ति को करने चाहिए।
हमेशा आचरण अच्छा रखें-
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को दूसरों के साथ व्यवहार को लेकर काफी सजक और सर्तक रहना चाहिए। व्यक्ति का दूसरों के साथ कैसा बर्ताव है, इस बात पर भी सफलता निर्भर करती है। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को सदैव विनम्र स्वभाव का होना चाहिए। जिस व्यक्ति के स्वभाव में यह गुण होता है वह जल्द सफलता हासिल करता है।
ये 4 बातें ही तय करती हैं कि आपको सफलता मिलेगी या नहीं?
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन जीने के तरीके से लेकर सफलता तक के बारे में कई बातें बताई हैं। इन बातों को अपनाकर आगे बढ़ने वाले व्यक्ति जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते जाते हैं। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में सफलता को हासिल करने के लिए भी कुछ बातों का जिक्र नीति शास्त्र में किया है। अगर आप भी चाणक्य नीति को अपनाकर करना चाहते हैं सफलता हासिल, तो जानिए कौन-सी हैं वो बातें-
1. आचार्य चाणक्य कहते हैं व्यक्ति का अनुशासित होना बहुत जरूरी है। जो व्यक्ति अनुशासन में रहता है, वह सफलता जल्दी हासिल करता है। बिना अनुशासन कामयाबी को हासिल करना बेहद मुश्किल होता है।
2. चाणक्य कहते हैं कि डर को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियों से घबराता है, उसे सफलता हासिल करने में समय लगता है। चाणक्य कहते हैं कि वही व्यक्ति सफल होता है जो जोखिम भरे निर्णय के लिए तैयार रहता है।
3. नीति शास्त्र के अनुसार, किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले खुद से तीन सवाल जरूर पूछने चाहिए। मैं इसे क्यों कर रहा हूं, क्या इस कार्य को पूरा कर पाऊंगा और इसका परिणाम क्या होगा। इन तीनों सवालों के संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही कार्य की शुरूआत करनी चाहिए।
4. किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी प्लानिंग करना जरूरी होता है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसे कार्य में आने वाली मुश्किलों का हम आसानी से सामना कर पाते हैं और जल्द सफलता हासिल करते हैं।
धर्म संसार / शौर्यपथ / हममें से बहुत से लोग किसी ना किसी तरह के कर्ज में दबे रहते हैं। उनके जीवन में कर्ज की समस्या एक बड़ी बाधा के रूप में स्थिर हो जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से कर्ज किसी से व्यक्तिगत रूप से लिया गया हो या बैंक से, व्यक्ति की कुंडली में छठे भाव और मंगल के पीडि़त होने पर ही अधिक परेशानी पैदा होती है। जिन लोगों की कुंडली में छठे भाव में पाप ग्रहयोग बने होते हैं या मंगल बहुत ही पीड़ित होता है तो ऐसे लोग जीवन में अधिकांश समय कर्ज की समस्या से घिरे रहते हैं। ज्योतिष में कर्ज से मुक्ति के लिए अनेक उपाय सुझाए गए हैं। इन्हें करने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
यह उपाय करिए
- प्रतिदिन ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करिए।
-घर के पूजा स्थल में मंगल यंत्र की स्थापना करें और मंगल मंत्र की तीन माला रोज जाप करें। मंत्र है ऊं क्राम क्रीम क्रोम स: भौमाय नम:।
-प्रत्येक मंगलवार गाय को गुड़ अवश्य खिलाएं।
-हर मंगलवार को हनुमान जी को चोला अवश्य चढ़ाएं।
शौर्यपथ / सनातन धर्म में शगुन और अपशगुन मानते हैं। मान्यता है कि अगर कोई शुभ कार्य के लिए घर से निकले और बिल्ली रास्ता काट दे या कोई छींक दे तो यह अपशगुन होता है। हालांकि अभी तक इन बातों का वैज्ञानिक तर्क नहीं है, लेकिन कई शगुन और अपशगुन को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ शुभ संकेत और अपशगुन कौए से भी जुड़े हुए हैं। पिृतपक्ष में दौरान कौए को ग्रास दिया जाता है। मान्यता है कि कौए पितर का रूप होते हैं। जानिए कौए से जुड़े कुछ शुभ और अशुभ संकेतों के बारे में-
अगर सुबह-सुबह घर के बाहर कौआ बोलता हुआ दिखे तो इसे शुभ संकेत माना जाता है। माना जाता है कि कोई मेहमान घर आने वाला है। यह धन लाभ और मान-सम्मान में वृद्धि का भी संकेत माना जाता है।
माना जाता है कि अगर कौआ किसी महिला पर बैठ जाता है तो उसके पति के जीवन में मुश्किलें आने वाली हैं। इसके अलावा कौए को तेज आवाज में सुनना और पंख फड़फड़ाते हुए देखना भी अपशगुन माना जाता है।
अगर रास्ते में कौआ आपको पानी पीता हुआ दिखाई दे तो यह धन लाभ का संकेत माना जाता है। कहते हैं कि कौए को पानी पीते हुए देखना सफलता का भी संकेत माना गया है।
अगर कौआ चोंच में रोटी का टुकड़ा दबाए हुए नजर आता है तो यह धन लाभ का संकेत माना जाता है।
मान्यता है कि अगर पीछे की ओर से कौए की आवाज सुनाई देती है, तो परेशानियां जल्द खत्म होने वाली हैं। कौए का भूमि पर चोंच मारते हुए देखना भी शुभ संकेत माना गया है। कहते हैं कि यह धन लाभ का संकेत होता है।
घर की अचानक कौए का झुंड आकर तेज आवाज में बोलने लगे तो यह अपशगुन माना जाता है। घर की छत पर कई कौए बैठ जाएं तो यह संकट का संकेत है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं के द्वारा बेचे गए गोबर का लेखा जोखा रखने के लिए एप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम पंजीकृत हितग्राही अपने सभी विवरण इसमें देख सकेंगे। जिले में एप के माध्यम से गोबर की खरीदी 6 सितम्बर से की जाएगी। इस संबंध में नोडल अधिकारियों को एप से संबंधित जानकारी को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि गोबर खरीदी के लिए शासन के द्वारा चिप्स के माध्यम से एप तैयार कराया गया है। जिले में कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्ग निर्देशन में गोधन न्याय योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिपं सीईओ ने बताया कि अब एप के माध्यम से गोधन न्याय योजना का संचालन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस तरह से धान खरीदी में किसानों का पंजीयन किया जाता है, उसी तरह गोधन न्याय योजना में गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) द्वारा किया जाना है। ऐसा करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि गोबर खरीदी के समय विक्रेताओं की जानकारी भरने की आवश्यकता न रहे। केवल क्रय किए गए गोबर की मात्रा ही भरना पड़े। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों ने गोबर विक्रय किया हैं उनकी जानकारी एनआईसी में एकत्रित हो गई है। उनका पंजीयन दुबारा करना आवश्यक नहीं होगा। सिर्फ जिन्होंने अब तक गोबर नहीं बेचा है उनका ही पंजीयन पैक्स के माध्यम से कराये जाने कहा है। उन्होंने गोठान नोडल अधिकारियों को अभियान चलाकर शेष सभी गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कराने कहा है।
एप के संबंध में सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी अगर कहीं पर भी कोई कठिनाई आती है तो जिला स्तरीय अधिकारी या फिर चिप्स के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके समस्या का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 6 सितम्बर से गोबर की खरीदी चिप्स एप के माध्यम से की जाएगी। इस एप की सहायता से पंजीकृत हितग्राही अपने पंजीयन की जानकारी जैसे व्यक्तिगत विवरण, बैंक विवरण एवं संबंधित गोठान का नाम देख पाएंगे। इसमें हितग्राही द्वारा बेचे गए गोबर की तिथिवार जानकारी एवं विक्रय से प्राप्त राशि की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
प्रत्येक गोठान के लिए नोडल
जिपं सीईओ अग्रवाल ने बताया कि जिले की 234 गोठान में नोडल अधिकारी नियुक्ति किए गए हैं। जो शासन की महत्वकांक्षी योजना एनजीजीबी के तहत बनाए गए गोठान में सतत गतिविधियों एवं गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन, निरीक्षण करेंगे।
दुर्ग / शौर्यपथ / संयुक्त किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष दीनदयाल साहू ने दसवी एव बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम के संबंध में एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि दसवीं एवं बारहवी की उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर लिखने के साथ ही पहली बार परीक्षाथियेां के नाम लिखना व उनका फेल होना या पूरक आना अनेकों संदेह को जन्म देता है क्येांकि उक्त छात्र-छात्राओं के पुर्नमूल्यांकन के समय उनका नंबर का बढना या पास होना यह साधारण घटना नही है। यह ऐसा प्रतीत होता है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल के जांच में लगे शिक्षक क्षेत्रवाद, जातिवाद से ग्रसित होकर उत्तर पुस्तिका के नामों और सर्नेम को देखकर नंबर दिया जाता है या छात्रों को फेल-पास किया जाता है। जिससे माध्यमिक शिक्षा मंडल की विश्सनीयता पर सवालिया निशान लग रहा है।
ज्ञात हो कि पुर्नमूल्यांकन में नंबर बढाकर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर के साथ नाम और सर्नेम अतिरिक्त पहचान का उल्लेख क्यों करवाया गया है? उसका जवाब देना चाहिए। क्योंकि आज तक ऐसा नही हुआ है, और छात्र-छात्राओं के द्वारा मांग किये जाने पर उत्तर पुस्तिका का फोटो कापी भी अभी तक नही दिया गया है।
ज्ञातव्य हो कि 64 हजार छात्र-छात्राओं का सप्लीमेंटरी आना छग सरकार के शिक्षा नीति और पढाई के स्तर के लिए सोचनीय विषय है। श्री साहू ने आगे बताया कि लगभग 24 हजार छात्र-छात्राओं द्वारा अपने रिजल्ट से संतुष्ट नही होना और पुर्नगणना, पुर्नमूल्यांकन, एवं उत्तर पुस्तिका को देखने की मांग किया जाना रूटिन वर्क कहना बेईमानी होगा। श्री साहू ने आगे कहा कि परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका में छात्र-छात्राओं के रेाल नंबर के साथ उसके नाम का उल्लेख करवाया जाना और उसके सर्नेम को लिखवाया जाना किसी षडयंत्र के तहत अनुतीर्ण करने एवं प्रतिभावान छात्रों को निराश किये जाने का कही घृषित सरकारी चाल तो नही है, क्योंकि छात्र-छात्राओं के पुर्नमुल्यांकन में 20 नंबर से 50 नंबर तक बढे हैं, और इस संबंध में कुछ कॉपी जांचने वाले शिक्षकों पर छोटी-मोटी कार्यवाही करने का संकेत मिला है, छग माध्यमिक शिक्षा मंडल के के तहत आने वाले स्कूलों में गरीब और साधारण तबके के लोगों के बच्चे पढते हैं और पैसे वालों के बच्चे सीबीएसई और केन्द्रीय विद्यालयों के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढते हैं। इस बात को मद्दे नजर रखते हुए गरीब बच्चों के मां बाप बहुत मुश्किल से पेट काटकर अपने बच्चे एवं उनके भविष्य को संवारने सरकारी स्कूल में पढाते हैं, प्रतिभावान छात्रों को हतोत्साहित करना यह समझ से परे हैं और इनके परीक्षा परिणाम के कारण कई छात्र-छात्राएं आत्महत्या तक कर लेते हैं या मनोरोग के शिकार हो जाते हैं। उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। यह भी माध्यमिक शिक्षा मंडल को तय करना चाहिए।
साहू ने आगे कहा कि प्रभावित छात्रों के परिणाम में यह देखना चाहिए कि कहीं ये सरस्वती शिशु मंदिर के या आर्य समाज के स्कूल के अथवा वर्ग विशेष या गैर छत्तीसगढिय़ा छात्र-छात्राएं तो नही है? इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर हमारी मांग है कि तत्काल कार्यवाही की जाये और इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए।
भिलाई / शौर्यपथ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस एवं उससे जुड़े विभाग ब्लास्ट फर्नेस शॉप और ब्लास्ट फर्नेस-8 के शानदार प्रयासों से समग्र ब्लास्ट फर्नेसों ने अगस्त, 2020 में टेक्नो-इकोनॉमिक्स पैरामीटर्स के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाने में सफल हुआ है।
विदित हो कि संयंत्र का ब्लास्ट फर्नेस-8 महामाया ने नवम्बर, 2019 में 417 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के पिछले सर्वश्रेष्ठ निष्पादन से बेहतर करते हुए अगस्त, 2020 में 414 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल का सर्वश्रेष्ठ मासिक कोक दर प्राप्त किया है। ब्लास्ट फर्नेस-8 ने जून, 2020 में 97 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के अधिकतम सीडीआई दर में वृद्धि करते हुए अगस्त, 2020 में 99 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सर्वश्रेष्ठ मासिक कोल डस्ट इंजेक्शन (सीडीआई) दर को भी अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है।
संयंत्र के एक मुख्य विभाग के रूप में ब्लास्ट फर्नेसों ने अगस्त, 2020 में 437 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल का सर्वश्रेष्ठ मासिक कोक दर प्राप्त किया है, जो कि पिछले नवम्बर, 2019 में 442 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के अधिकतम कोक दर से बेहतर है। ब्लास्ट फर्नेसों ने जून, 2020 में सर्वाधिक 78 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सीडीआई दर को हासिल किया था, जिसे पार करते हुए अगस्त, 2020 में 85 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सर्वश्रेष्ठ मासिक कोल डस्ट इंजेक्शन (सीडीआई) दर प्राप्त कर नया रिकॉर्ड बनाने में सक्षम हुआ है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
