September 08, 2026
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    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / एक कहावत सुनी होगी कि मिल-बांटकर खाने से प्यार बढ़ता है। यह बात सच है। वैज्ञानिकों की मानें तो मिलजुलकर खाने से सिर्फ प्यार ही नहीं बढ़ता, बल्कि खुशियां भी बढ़ती हैं और तनाव घटता है। और अगर खाने की टेबल पर साथ देने वाली दोस्तों की टोली है तब तो कहने ही क्या।

    खासतौर से बढ़ती उम्र में दोस्तों के साथ फास्टफूड रेस्तरां में वक्त बिताने के ढेरों फायदे हैं। एक हालिया अध्ययन कुछ यही इशारा करता है। अध्ययन करने वाले मिशिगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा है कि समय-समय पर फास्टफूड रेस्तरां में जाने से तनाव संबंधी हार्मोन का स्त्राव घटता है और फील गुड हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है। इससे ढलती उम्र में याददाश्त-तर्क शक्ति में कमी की समस्या नहीं होती।

    125 लोगों पर हुआ अध्ययन-
    शोधकर्ताओं ने मध्यम आयु वर्ग से लेकर बुजुर्ग वयस्कों समेत 125 लोगों का अध्ययन किया और उनके साथ उनके स्थानीय भोजनालय गए। अध्ययन में पाया कि बुजुर्ग वयस्कों के लिए इन जगहों पर मिलने से उनका सामाजिक दायरा बढ़ता है। अध्ययन के मुताबिक फास्टफूड रेस्तरां में मिलने-जुलने से बुजुर्ग लोगों के मस्तिष्क को कई फायदे हैं।

    पिछले कई अध्ययन भी यह साबित कर चुके हैं कि सामाजिक मेल-मिलाप बुजुर्गों में सांज्ञानात्मक विकार से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मगर नए अध्ययन के मुताबिक फास्टफूड कॉर्नर और रेस्तरां आदि जगहों पर बुजुर्गों के उठने-बैठने से उनमें संबंधी मस्तिष्क रोग, डिमेंशिया, सांज्ञानात्क विकार आदि से बचाव होगा। अध्ययन में पाया गया कि रिटेल फूड प्रतिष्ठानों वाले क्षेत्र में रहने वाले प्रतिभागियों का संज्ञानात्मक स्कोर उन लोगों के मुकाबले अधिक था, जो कम फूड रिटेल प्रतिष्ठानों वाले इलाके में रहते हैं।

    फास्टफूड का सेवन नुकसानदेह-
    हालांकि, शोधकर्ताओं ने आगाह किया कि बुजुर्गावस्था में फास्टफूड रेस्तरां में बैठना जितना लाभकारी है, वहां फास्टफूड का सेवन करना उतना ही घातक है। फास्ट फूड जैसे कि चीजबर्गर फ्रेंच फ्राईज आदि खाने से संज्ञानात्मक गिरावट में इजाफा ही होगा। इसलिए वहां जाकर बैठना सही है, लेकिन वहां फास्टफूड का सेवन न करने की सलाह भी वैज्ञानिकों ने दी है।

    प्रमुख शोधकर्ता डॉ जेसिका फिनले के मुताबिक पारंपरिक तौर पर फास्ट फूड का संज्ञानात्मकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फैट कैलेस्ट्रॉल मस्तिष्क विकारों में इजाफा करते हैं। यह अध्ययन सिर्फ यह दर्शाता है कि फास्टफूड प्रतिष्ठान बुजुर्गों के लिए बैठने की अच्छी जगह साबित हो सकते हैं, जहां वह अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताएं। लेकिन वहां फास्टफूड का सेवन न करें।

     

    लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / अगर घर या ऑफिस में कोई अल्कोहल यानी शराब पीकर आता है तो उसके प्रवेश करते ही अलार्म बज उठेगा। यदि वह वापस नहीं जाता है तो कुछ ही देर बाद एक एलईडी भी जल जाएगी जो बता देगी कि वह व्यक्ति वापस नहीं गया है। खास बात यह है कि यह केवल 200 रुपए में तैयार किया गया है।

    जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की अटल टिंकरिंग लैब में प्रयोग कर कक्षा 12 में ही 'इंजीनियर' बन गए शिवा पटेल अब तक ऐसी आधा दर्जन खोज कर चुके हैं। अल्कोहल डिटेक्टर भी इसमें एक है। शिवा गरीब परिवार से हैं और घर में एक छोटी सी टेबल को ही उन्होंने पूरी लैब बना रखा है। उनका कहना है कि वह ऐसे प्रयोग करते हैं जो सामाजिक सरोकारों से जुड़े हों और सभी के काम आएं।

    ऐसे बनाया अल्कोहल डिटेक्टर-
    टिंकर इंडिया से जुड़े शिवा बताते हैं कि अक्सर लोग शराब पीकर ऑफिसों और घरों में चले जाते हैं और लोग परेशान हो जाते हैं। इसके लिए उन्होंने अल्कोहल डिटेक्टर तैयार किया है। इसमें एक सेंसर का उपयोग किया है जिसके बारे में वह पेटेंट प्रक्रिया के कारण नहीं बताना चाहते हैं। एक बजर और एलईडी का उपयोग किया है। इसमें 06 से 09 वोल्ट की बैट्री का उपयोग किया जा सकता है। अभी जो प्रोटोटाइप तैयार किया है, उसमें 06 वोल्ट की बैट्री का इस्तेमाल किया है।

    सेंसेटिव है डिटेक्टर-
    यदि कोई अल्कोहलयुक्त सेनेटाइजर लगाकर आता है, तो भी यह बजर बजने लगता है लेकिन कुछ ही समय में शांत हो जाता है। पर अगर कोई शराब पीकर आता है तो बजर देर तक बजता है।

    कैसे काम करती है डिवाइस-
    अल्कोहल जैसे ही सेंसर के टच में आता है तो वह बर्न करने लगता है। इसकी बर्निंग से कनेक्शन जुड़ जाता है और सर्किट पूरा होने से बजर बजने लगता है।

    बहुत सस्ती है डिवाइस-
    शिवा पटेल बताते हैं कि इस डिवाइस की सबसे खास बात यह है कि यह केवल 200 रुपए में तैयार हुई है। इसे अगर बल्क में तैयार किया जाए तो और भी सस्ती हो सकती है। इसका उपयोग वाहनों में भी किया जा सकता है। यदि वाहन के अंदर कोई शराब पीकर बैठेगा तो भी यह डिवाइस सचेत कर देगी। टिंकर इंडिया के संस्थापक कौस्तुभ ओमर ने बताया कि टिंकर इंडिया इसका पेटेंट कराएगा और प्रोडक्ट को बाजार में लाने में शिवा की पूरी मदद करेगा। शिवा का एक प्रोडक्ट पहले से ही बाजार में है।

     

    भिलाई / शौर्यपथ / आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम बढ़ाते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 (एसपी-3) के मेन एग्जास्टर के पीएलसी सिस्टम का आंतरिक संसाधनों से उन्नयन कर कमीशनिंग किया गया। इस महती परियोजना में एसपी-3 बिरादरी और संयंत्र के इंकास विभाग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस परियोजना का स पूर्ण डिजाइन व क्रियान्वयन आंतरिक संसाधनों से स पन्न किया गया। एसपी-3 एवं इंकास विभाग की समर्पित टीम ने आंतरिक संसाधनों से   इसके इलेक्ट्रिकल सिस्टम की डिजाइन, क पोनेंट के चयन, हार्डवेयर की आकृति और सॉ टवेयर के विकास के साथ ही इसकी टेस्टिंग कार्य को बखूबी अंजाम दिया।
            इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन सेल के निदेशक प्रोजेक्ट्स एवं बिजनेस प्लानिंग) एवं बीएसपी के सीईओ अनिर्बान दासगुप्ता ने शुक्रवार को किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक वक्र्स राजीव सहगल, मु य महाप्रबंधक प्रभारी एम एंड यू अरविंद कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (आई एंड ए) असित साहा, मुख्य महाप्रबंधक वी के श्रीवास्तव सहित संयंत्र के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
    इस अवसर पर सीईओअनिर्बान दासगुप्ता ने एसपी-3 व इंकास की टीम द्वारा की गई कड़ी मेहनत और लागत बचत के उपायों की सराहना करते हुए उन्हें इस चुनौतीपूर्ण परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने और संस्थान को लाभान्वित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने एसपी-3 और इंकास टीम को आंतरिक संसाधनों का समुचित उपयोग करने और इस परियोजना को बेहतर ढंग से निष्पादित करने के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की।
          ईडी वक्र्स राजीव सहगल ने इस उपलब्धि के लिए टीम की सराहना की और उन्हें भविष्य में इस तरह के अभिनव और लागत बचत कार्यों को करने के लिए प्रोत्साहित किया।
    विदित हो कि एसपी-3 और इंकास विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से इस आधुनिक रॉकवेल पीएलसी सिस्टम को अपग्रेड करने की चुनौती को स्वीकार की। इस चुनौतीपूर्ण कार्य को महाप्रबंधक प्रभारी (एसपी-3) एस व्ही नंदनवार एवं महाप्रबंधक प्रभारी इंकास अजय बाबू एवं महाप्रबंधक इंकास उदय भकत के दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपादित किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य में इंकास विभाग से सहायक महाप्रबंधक श्री अमित कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक द्वय जे एस राठौर व सरोज कुमार, प्रबंधक अमित बोकाड़े एवं उप प्रबंधक अंशुल गंगवार तथा एसपी-3 के टीम में शामिल महाप्रबंधक इलेक्ट्रिकल एवं ऑटोमेशन एच के कनकने एवं एस वाष्र्णेय, दीपक गुप्ता, एस सी साहूू, के के वर्मा, अनिल खापेकर, राजेश साहू, अरूणेश शर्मा, आकाश कौशल, एम के श्रीवास्तव, के एन बालपांडे, वाई बी राव एवं बी मीणा ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
        ईएसपी परियोजना के उन्नयन हेतु एग्जास्टर को 60 दिनों की अवधि के लिए बंद कर शटडाउन लिया गया था, इस शटडाउन अवधि को टीम ने एक अवसर के रूप में लिया और इस अवधि का सदुपयोग एग्जास्टर-1 के पीएलसी प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए किया गया। विभिन्न विकल्पों की खोज की गई थी और यह पता चला था कि ब्लास्ट फर्नेस-2 का जीसीपी प्रणाली अब उपयोगी नहीं है क्योंकि ब्लास्ट फर्नेस-2 को स्थायी रूप से बंद रखा गया है। इस जीसीपी-2 में रॉकवेल मेक पीएलसी सिस्टम स्थापित था जिसका उपयोग एग्जास्टर में कुछ सुधार कार्य के बाद किया जा सकता था। इस कार्यक्रम का संचालन  अरूणेश शर्मा ने और धन्यवाद ज्ञापन  अमित कुमार ने किया।

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र ने सदैव ही सामाजिक कार्यों व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर योगदान दिया है। सेल-बीएसपी ने अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व सीएसआर गतिविधियों के तहत पर्यावरण संरक्षण के अनेक कार्यों को अंजाम दिया है। भिलाई टाउनशिप, संयंत्र परिसर तथा माइंस क्षेत्रों और सड़क के किनारे किए गए वृक्षारोपण का सुपरिणाम है हरा-भरा भिलाई। अपने इसी प्रतिबद्धता के चलते आज इस शुक्रवार को सीएसआर गतिविधियों के तहत वन संरक्षण कार्य हेतु 177 मेट्रिक टन 50 बाई 50 बाई 6 के एंगल की आपूर्ति की है। यह आपूर्ति आदेश छत्तीसगढ़ वन विभाग, दुर्ग को वन संरक्षण हेतु प्रदान किया गया। इस एंगल का प्रयोग पाटन विधानसभा क्षेत्र में वृक्षों के संरक्षण हेतु किया जायेगा।
    संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक माइंस एवं रावघाट मानस बिस्वास ने एंगल के आपूर्ति आदेश की प्रति दुर्ग वन विभाग के सुयश धर दीवान, रेंज ऑफिसर को सौंपी। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक परियाजनाएँ ए के भट्टा भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में दुर्ग वन विभाग के अब्दुल वाहीद खान, रेंज ऑफिसर, बीएसपी के सीएसआर विभाग के महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष सी बी श्रीवास्तव एवं महाप्रबंधक अरूण तोपनो, सहायक महाप्रबंधक सुनिल चौरसिया, सहायक प्रबंधक विवेक मिश्र सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज 5 सितंबर 2020 पहली बार वर्चुअल तरीके से आयोजित पुरस्कार समारोह में देश भर के 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और स्कूली शिक्षा में गुणात्मक रूप से सुधार लाने के लिए शिक्षकों द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं है। उन्होंने शिक्षक के रूप में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की।
    शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा सिरसा दुर्ग की फिजिक्स की व्याख्याता सुश्री सपना सोनी इस वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाली राज्य से एकमात्र शिक्षक है तथा पूरे देश से केवल 47 शिक्षक की सूची में शामिल हुई हैं । उनका चयन विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन एवं अध्यापन कार्य में लगातार किए गए नवाचार के कारण हुआ है। उनके प्रयास से विगत 12 वर्षों से जेवरा सिरसा स्कूल के बच्चों का परीक्षा परिणाम बोर्ड परीक्षा में 93 से 100प्रतिशत तक रहा है।
    केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने सुश्री सपना को दी बधाई
    सुश्री सपना सोनी को एनएटी2020 जीतने के लिए बधाई। नवीन मॉडल और आईसीटी.आधारित शिक्षण सामग्री के आपके उपयोग ने छात्रों को एक वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करने में मदद की है।

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के शिक्षा विभाग द्वारा 05 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर बीएसपी एवं गैर-बीएसपी स्कूलों के शिक्षकों एवं स्टॉफ को सम्मानित किया जायेगा। शिक्षक दिवस पुरस्कार-2020 के लिए बीएसपी के शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 33 शिक्षकों/गैर-शिक्षकीय स्टॉफ सहित शामिल डीएव्ही इस्पात स्कूल के 3 शिक्षक एवं डीपीएस, रिसाली से 1 शिक्षक को चयनित किया गया है।
    विदित हो कि इस वर्ष, भारत के पूर्व राष्ट्रपति के निधन के कारण 7 दिवसीय राष्ट्रीय शोक के अनुपालन और महामारी कोविड-19 के मद्देनजर औपचारिक रूप से पुरस्कार प्रदान करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जायेगा। पुरस्कार पाने वालों को संयंत्र के शिक्षा विभाग के कार्यालय से छोटे-छोटे समूहों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पुरस्कार प्राप्त किए जायेंगे। ज्ञातव्य हो कि महान दार्शनिक एवं शिक्षाविद् डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन् के जन्म दिवस 5 सित बर को प्रतिवर्ष देश भर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / विकासखण्ड खैरागढ़ के ग्राम धनगांव, मड़ौदा एपरसूली में डॉ. सुश्री विनीता सिंह के प्रयास से पारा मोहल्ला में समूह बनाकर वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों के नाम से मोहल्ला क्लास संचालित की जा रही है और मोहल्ला क्लास की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। पीएलसी गु्रप मड़ौदा की हेड डॉ. विनीता सिंह के मार्गदर्शन में मड़ौदा में खुशबू की पाठशाला, मनीषा की मोहल्ला पाठशाला, हिर्दय वर्मा की पाठशाला, मुनिया की मोहल्ला शाला, ग्राम धनगांव में पूर्व मध्यमिक शाला के बच्चों हेतु सामुदायिक भवन एवं शीतला मंदिर में शिवम् की पाठशाला, सपना की पाठशालाएं, प्राथमिक शाला के बच्चों की कक्षा निर्मला की पाठशाला एवं ममता की पाठशाला में संचालित हो रही है । ग्राम परसूली में भी मोहल्ला शाला संचालित है।
    कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए तयशुदा मानकों का पालन करते हुए खैरागढ़ विकासखंड में विभिन्न स्थानों पर मोहल्ला शाला संचालित करने पर विकासखण्ड नोडल अधिकारी अरविंद भारद्वाज, सहायक नोडल कमलेश्वर सिंह, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी महेश भुआर्य, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डालेंद्र देवांगन ने मोहल्ला पाठशाला संचालित करने वाले पीएलसी हेड डॉ. विनता सिंह एवं शिक्षकों को बधाई दी एवं प्रेरित किया।
    इसी प्रकार विकासखण्ड खैरागढ़ के एक अन्य पीएलसी हेड डॉ. भावना बैरगी व्यख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जालबंाधा के अथक प्रयासों से पीएलसी गु्रप के शाला ग्रामों में मोहल्ला क्लास की शुरूवात की गई है, जिसमें दिन प्रतिदिन बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉ. भावना बैरागी स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण कार्यक्रम पढ़ाई तुंहर दुआर योजना अंतर्गत पारा मोहल्ला सामुदायिक शाला संचालित करने के राज्य शासन के महत्वपूर्ण कदम को सफल बनाने के लिए अपने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में मोहल्ला क्लास प्रारम्भ करवा रही है।
    उनके द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु भारत सरकार स्वास्थ विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करवाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजर का उपयोग, मास्क कवर लगाने, समय-समय पर साबुन से हाथ धोने के विषय पर लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करने का कार्य भी किया जा रहा है। ग्राम जालबंाधा में शिक्षक हेमन्त साहू एवं शिक्षिका गायकवाड़ के मार्गदर्शन में शिक्षा सारथी चंचल बंजारे की मोहल्ला क्लास, सोनम यादव की मोहल्ला क्लास संचालित हो रही है।
    इसी प्रकार ग्राम रंगकठेरा में ललिता साहू एवं लिखन साहू द्वारा मोहल्ला क्लास प्रारम्भ किया गया है। ग्राम पंचायत जालबांधा में मोहल्ला क्लास के शुभारंभ के दौरान उपसरपंच दीनदयाल सिन्हा ने पंचायती राज के संबंध में छात्रों को आवश्यक जानकारी प्रदान की। वही व्यख्याता डॉ. भावना बैरागी ने मोहल्ला क्लास के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब तक भारत सरकार एवं राज्य सरकार की ओर से स्कूल खोलने का आदेश नहीं आता तब तक बच्चों की सुचारू शिक्षा व्यवस्था हेतु मोहल्ला क्लास संचालित होता रहेगा ।
    मोहल्ला क्लास का संचालन सामुदायिक सहभागिता से बहुकक्षा शिक्षण पद्धति से किया जाएगा एवं बच्चों को बलकेन्द्रित पद्धति से खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी। विकासखण्ड नोडल अरविंद भरतद्वाज, सहायक नोडल एवं व्यख्याता कमलेश्वर सिंह, किसोरी लाल आमेला, सुश्री अमरीका देवांगन एवं प्रभारी प्रचार्य हेमचंद वर्मा ने पीएलसी हेड के प्रयास की सराहनीय करते हुए कहा कि विकासखंड के सभी हेड पारा मोहल्ला क्लास को अधिक से अधिक संचालित करवाने का विशेष प्रयास करें।

    सेहत / शौर्यपथ /क्‍या आप देर तक मोबाइल पर सोशल मीडिया स्‍क्रॉल करती रहती हैं? आप हां कहें या न, हम जानते हैं कि इस समय 90 फीसदी से ज्‍यादा लोग यही करते रहते हैं। बदले हुए लाइफस्‍टाइल ने लोगों को इतना नहीं बदला था, जितना कोविड-19 ने बदल दिया। अब लोग रात देर तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते हैं। पर मम्‍मी से मुझे हमेशा इस बात पर डांट पड़ी है।
    मैं अकसर ऐसी रिसर्च ढूंढती रहती हूं, जिनमें यह साबित हो सके कि रात देर तक जागना भी फायदेमंद होता है और सुबह देर से उठने वाले लोग ज्‍यादा इंटेलीजेंट और स्‍मार्ट होते हैं। दुर्भाग्‍यवश मुझे अब तक ऐसी कोई रिसर्च नहीं मिल पाई है। अगर आपको मिले तो प्‍लीज मुझे जरूर बताइएगा।
    वर्क फ्रॉम होम का हैक्टिक वीक बिताने के बाद मैं सोच ही रही थी कि आज देर तक सोती रहूंगी। पर मम्‍मी की वही पुरानी आदत – कि सुबह जल्‍दी उठो, सुबह जल्‍दी उठने से माइंड फ्रेश रहता है, गार्डन में जाओ, थोड़ा हरे पेड़-पौधों को निहारो, योग और व्‍यायाम करो।
    ओह् भगवान! मम्‍मा को कौन समझाए। तो इस बार मैंने सोचा कि मैं कुछ ऐसा ढूंढती हूं जिससे पता चल सके कि वीकेंड पर देर तक सोने के कितने फायदे होते हैं। और ढूंढते-ढूंढते मुझे फि‍नलैंड यूनिवर्सिटी की यह रिसर्च मिली। यह रिसर्च तो बिल्‍कुल मम्‍मी की हां में हां मिलाने वाली थी। जिसने डाटा के साथ बताया कि सुबह जल्‍दी उठकर हम अपनी सेहत के लिए कितने मददगार हो सकते हैं। सबसे बड़ी बात कि इससे वेट लॉस में भी मदद मिलती है।
    सुबह जल्‍दी उठना होता है फायदेमंद
    फिनलैंड स्थित आउलू यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में बिल्‍कुल मेरी मम्‍मी वाली नसीहत दी गई है। इसके शोधकर्ताओं के मुताबिक सूरज की पहली किरण के साथ बिस्तर छोड़ देने वाले लोग दिन भर ज्यादा तरोताजा और तनावमुक्त महसूस करते हैं। इससे वे शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय तो रह ही पाते हैं, साथ ही उनमें स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन भी घटता है।
    ब्‍लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल रहता है कंट्रोल
    दोनों ही चीजें वजन के साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रखने के लिए अहम मानी जाती हैं। सुबह जल्दी उठने वाले लोगों को काम में मन लगाने में भी आसानी होती है। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ती है और प्रमोशन व वेतनवृद्धि की गुंजाइश बढ़ जाती है।
    पॉल हिग्स के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सुबह जल्दी और देरी से उठने वाले लोगों की शारीरिक गतिविधियां आंकी। इस दौरान जल्दी बिस्तर छोड़ने वाले प्रतिभागी ज्यादा सक्रिय नजर आए। पुरुषों की सेहत पर इसका आधे घंटे की चहलकदमी जितना फायदा दिखा।
    वर्कआउट जितना फायदा देता है सुबह जल्‍दी उठना
    महिलाओं को 20 मिनट की कसरत जितना फायदा मिला। उधर, देर से जगने वालों में आलस्य का भाव ज्यादा दिखा। इस कारण उनमें मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी अधिक दर्ज किया गया।
    इस अध्ययन के नतीजे तो ‘स्कैंडिनेवियन जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं। पर आपने क्‍या सोचा गर्ल्‍स!

    सेहत / शौर्यपथ / वर्क फ्रॉम होम हो या फिर वर्क फ्रॉम ऑफिस, दोनों में थकावट हो जाती है। खासतौर पर डेस्क जॉब में आपके दिमाग और आंखो पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। वहीं, लैपटॉप और मोबाइल पर समस्या और भी बढ़ जाती है। आपको अगर थकावट के साथ हमेशा शरीर में दर्द की शिकायत रहती है, तो आप शवासन करना शुरू कर दें।
    कैसे करें शवासन
    शवासन में बस लेटना होता है।सबसे पहले घर का वह कोना तलाशें जहां शांति हो।
    अब वहां एक आसन या चटाई बिछा लें और पीठ के बल लेट जाएं।
    दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 5 इंच की दूरी पर करें।
    दोनों पैरों के बीच में भी कम से कम 1 फुट की दूरी रखें।
    हथेलियों को आसमान की तरफ रखें और हाथों को ढ़ीला छोड़ दें।
    शरीर को ढीला छोड़ दें।
    आंखों को बंद कर लें। अब हल्की-हल्की सांस लें।
    पूरा ध्यान अब अपनी सांसों पर केंद्रित करें।
    शवासन के लाभ
    जैसा कि शुरुआत में ही बताया गया यह आसन तनाव को दूर करता है।
    उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मनोविकार, दिल की बीमारी वगैरह में भी इस योगासन से लाभ होता है।
    इस योगासन से शरीर की थकान भी दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
    शवासन करने से याददाश्त, एकाग्रशक्ति भी बढ़ती है।.
    इसके साथ ही सबसे जरूरी है कि आप मोबाइल, टीवी आदि गैजेट्स का इस्तेमाल अपनी जरूरत तक ही सीमित रखें, मतलब की अपना टाइम पास करने के लिए कभी गैजेट का इस्तेमाल न करें। इससे हमारा दिमाग कमजोर होता जाता है क्योंकि हम हर बात के लिए गैजेट का इस्तेमाल करते रहते हैं।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / अंडा नें कम मात्रा में कैलोरी पाई जाती है साथ ही इसे खाने से काफी समय तक पेट भरा रहता है। अंडे में प्रोटीन, आयरन से भरपूर होता है। वेट लॉस डाइट में अंडा खाने का मतलब है आप बिना अपने शरीर को कमजोर किए वजन भी घटा रहे है और आपके शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट भी मिल रहे हैं।
    अंडे के पोषक तत्व
    अंडे में प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन्स, प्रोटीन आदि कई पोषक तत्वों से भरपूर अंडा सेहत के लिए है बहुत उपयोगी है। खासतौर पर अंडे का जो सफेद भाग होता है उसमें 90% पानी और 10% प्रोटीन पाया जाता है। अंडे में जो सबसे पोषक तत्व ज़्यादा मात्रा में होता है उसे जर्दा कहते हैं।
    स्क्रैम्बल्ड एग
    स्क्रैम्बल्ड एग बनाने में बहुत आसान है ये वजन घटाने के साथ आपको हेल्दी भी रखता है। साथ ही इस आप फ्रूट्स, कच्ची सब्जियां किसी के साथ भी खा सकते हैं।
    ऑमलेट
    ऑमलेट अंडे की सबसे आम रेसिपी है। इसे आप अपने हिसाब से बना सकते हैं। ऑमलेट को ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए आप पनीर और सब्जियां भी डाल सकते हैं।
    एग बिद बीन्स
    बीन्स प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है। इसे आप अंडे के साथ बना सकते हैं। इसे साथ में बनाएं और खाएं। इसे खाने से काफी समय तक भूख नहीं लगती।
    अंकुरित सलाद के साथ एग
    अंकुरित सलाद के साथ एग आपकी सेहत का भी ख्याल रखता है और साथ ही आपको वजन घटाने में भी मदद करता है। यह खाने में टेस्टी और कैलोरी फ्री भी होता है।

    हमारा शौर्य

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