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सेहत /शौर्यपथ / ढीला मास्क-मास्क पहनते समय ध्यान रखें कि मास्क व्यक्ति के चेहरे से चिपका हुआ होना चाहिए, ताकि ऊपर, नीचे या किसी भी दिशा से वायरस आपकी नाक और मुंह में प्रवेश न कर सकें। लेकिन कई लोग ढीला मास्क पहन रहे हैं।
नाक के नीचे मास्क पहनना-व्यक्ति नाक से ही सांस खींचता और छोड़ता है। इसलिए मास्क पहनते समय ध्यान रखें कि आपका नाक और मुंह दोनों ढके होने चाहिए। लेकिन कई लोग सुविधा को देखते हुए मास्क को पहनते समय अपनी नाक बाहर निकाल लेते हैं, जो गलत है।
बात करने के लिए मास्क उतारना-देखा जा रहा है कि लोग एक दूसरे से बात करते समय मास्क को चेहरे से हटा देते हैं। जो कोरोना के संक्रमण को फैलने में मदद कर सकता है। ऐसा करने से भी बचें।
मास्क को बार-बार छूना-
यह गलती 99 प्रतिशत लोगों को करते हुए देखा गया है। लोग मास्क पहनने के बाद थोड़ी-थोड़ी देर में उसे उतारते और पहनते रहते हैं, जो गलत आदतें हैं। ऐसा करने से आप मास्क पहनने का मकसद पूरा नहीं करते।
मास्क की अदला-बदली
ये गलती एक परिवार में रहने वाले सदस्यों को करते देखा जा रहा है। एक ही परिवार में रहने वाले सदस्य बाहर जाते समय एक-दूसरे से मास्क भी शेयर कर रहे हैं। जो कि गलत आदत है। याद रखें कोरोना वायरस के 50 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, वो बाहर से स्वस्थ नजर आता है। ऐसे में मास्क की अदला-बदली वायरस के फैलने का कारण बन सकती है।
सेहत / शौर्यपथ / आजकल समय से पहले लोगों के आखों की रोशनी कमजोर होने लगी है, क्योंकि बदलती लाइफ स्टाइल के साथ ही हम सभी को कुछ घंटे मोबाइल या कम्यूटर स्क्रीन के सामने रहना होता है। लेकिन यदि हम अपने खान-पान में थोड़ी ध्यान दें तो शायद इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। जानें, उन चीजों के बारे में जिनके रोज खाने से आखों की रोशनी दुरुस्त रहती है-
हरी सब्जियां
अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन की भरपूर मात्रा पायी जाती है, जो आंखों के लिए बहुत ही जरूरी है।
गाजर
गाजर का जूस पीना सेहत के लिए तो अच्छा है ही साथ ही आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। रोजाना एक गिलास गाजर का जूस पीने से आंखों पर चढ़ा चश्मा तक उतर सकता है।
बादाम का दूध
सप्ताह में कम से कम तीन बार बादाम का दूध पिएं। इसमें विटामिन ई होता है जो कि आंखों में किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए फायदेमंद है।
अंडे
अंडे में अमीनो एसिड, प्रोटीन, सल्फर, लैक्टिन, ल्युटिन, सिस्टीन और विटामिन बी2 होता है। विटामिन बी सेल के कार्य करने में महत्वपूण होता है।
मछली
मछली में हाई प्रोटीन होता है। मछली आंखों के अलावा बालों के लिए भी बहुत अच्छी होती है।
सोयाबीन
आप अगर नॉन वेज नहीं खाते, तो आप सोयाबीन खा सकते हैं, यह आपकी आंखों के लिए बहुत फायदेंमंद है।
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस 10 सितंबर को मनाया जा रहा है। इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन हर साल विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का आयोजन करती है। आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए साल 2003 में इसे शुरू किया गया था। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों को रोकना है।
तेजी से बढ़ें हैं आत्महत्या के मामले-
आजकल लोगों में हताशा और निराशा बढ़ रही है। बढ़ते अवसाद के कारण आत्महत्या की प्रवृत्ति भी बढ़ी है। कोरोना काल में भी डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं। डिप्रेशन के कारण आत्महत्या के मामलों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। बीते कुछ सालों में भारत ही नहीं दुनिया भर में आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़े हैं।
हर 40 सेकेंड में एक शख्स करता है आत्महत्या-
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है। एक साल में करीब 8 लाख लोग आत्महत्या कर लेते हैं। जबकि सुसाइड की कोशिश करने वालों का आंकड़ा इससे भी ज्यादा है।
जानिए इस बार की थीम-
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस हर साल अलग-अलग थीम पर मनाया जाता है। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस 2020 की थीम 'वॉकिंग टुगेदर टू प्रिवेंट सुसाइड' है। इसका अर्थ है कि आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए मिलकर आगे आना और इसे रोकने के लिए काम करना।
खेल / शौर्यपथ / टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ के बीच काफी मैदान पर कई बार कहासुनी हो चुकी है। मौजूदा समय में दुनिया के टॉप बल्लेबाजों में दोनों का ही नाम शामिल किया जाता है। 2019 वर्ल्ड कप में हालांकि इन दोनों के बीच मैदान पर ऐसा कुछ हुआ था, जिसने दुनिया में एक नई मिसाल कामय कर दी थी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच के दौरान जब स्मिथ की हूटिंग हो रही थी, तो विराट ने फैन्स को ऐसा करने से मना किया और स्मिथ के लिए ताली बजाने के लिए कहा था। इस किस्से के बाद से दोनों के बीच कड़वाहट काफी हद तक कम हुई है। स्मिथ ने इंस्टाग्राम पर सवाल-जवाब सेशन में बताया कि उनकी नजर में मौजूदा समय में बेस्ट वनडे बल्लेबाज कौन है।
स्मिथ को बॉल टेम्परिंग मामले में एक साल का बैन झेलना पड़ा था और इस वजह से 2019 वर्ल्ड कप में उनकी हूटिंग हुई थी। स्मिथ से इंस्टाग्राम पर एक फैन ने पूछा कि दुनिया का बेस्ट वनडे बल्लेबाज कौन है? इस पर उन्होंने जवाब में कहा- 'मौजूदा समय में विराट कोहली।' विराट ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मैट में 50 से ज्यादा की औसत से रन बनाए हैं। विराट 248 वनडे मैचों में 59.34 की औसत से 11867 रन बना चुके हैं, उनके खाते में 43 सेंचुरी दर्ज हैं।
इस सेशन में एक फैन ने स्मिथ से एबी डिविलियर्स के लिए एक शब्द कहने के लिए कहा, तो उन्होंने एबीडी को 'फ्रीक' बताया। केएल राहुल को स्मिथ ने 'गन' बताया तो वहीं संजू सैमसन को 'टैलेंटेड' खिलाड़ी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्मिथ राजस्थान रॉयल्स टीम के लिए खेलते हैं और सैमसन भी इसी टीम का हिस्सा हैं। इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर के लिए स्मिथ ने कहा, 'टैरेफिक खिलाड़ी, उम्मीद करता हूं कि वो इस सप्ताह हमारे खिलाफ वनडे सीरीज में ज्यादा रन नहीं बनाएंगे, फिर आईपीएल में जितनी मर्जी रन बना लें।' बटलर आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम के लिए ही खेलते हैं और फिलहाल शानदार फॉर्म में हैं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में वो मैन ऑफ द सीरीज चुने गए।
धर्म संसार / शौर्यपथ / आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाता है। इस साल यह व्रत 10 सितंबर (गुरुवार) को है। जीवित्पुत्रिका व्रत संतान के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान को कष्टों से बचाने और लंबी आयु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। जीवित्पुत्रिका व्रत को कुछ जगहों पर जितिया या जिउतिया व्रत के नाम से भी जानते हैं। इस व्रत को शुरू करने से पहले अलग-अलग जगहों पर खान-पान की अपनी-अपनी परंपरा है। जानिए किन चीजों का सेवन कर जीवित्पुत्रिका व्रत को शुरू करना मानते हैं शुभ-
1. सनातन धर्म में पूजा-पाठ में मांसाहार का सेवन वर्जित माना गया है। लेकिन इस व्रत की शुरुआत बिहार में कई जगहों पर मछली खाकर की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस परंपरा के पीछे जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा में वर्णित चील और सियार का होना माना जाता है।
2. जीवित्पुत्रिका व्रत को रखने से पहले कुछ जगहों पर महिलाएं गेहूं के आटे की रोटियां खाने की बजाए मरुआ के आटे की रोटियां खाती हैं। हालांकि इस परंपरा के पीछे का कारण ठीक से स्पष्ट नहीं है। ऐसा सदियों से होता चला आ रहा है।
3. इस व्रत को रखने से पहले नोनी का साग खाने की भी परंपरा है। कहते हैं कि नोनी के साग में कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में होता है। जिसके कारण व्रती के शरीर को पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है।
4. इस व्रत के पारण के बाद महिलाएं जितिया का लाल रंग का धागा गले में पहनती हैं। व्रती महिलाएं जितिया का लॉकेट भी धारण करती हैं।
5. पूजा के दौरान सरसों का तेल और खल चढ़ाया जाता है। व्रत पारण के बाद यह तेल बच्चों के सिर पर आशीर्वाद के तौर पर लगाते हैं।
धर्म संसार / शौर्यपथ / आश्विन मास में महालक्ष्मी व्रत किया जाता है। इस साल महालक्ष्मी व्रत 10 सितंबर (गुरुवार) को है। मान्यता है कि महालक्ष्मी व्रत करने से मां लक्ष्मी का साथ सदैव बना रहता है। माना जाता है कि इस दिन हाथी पर बैठी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से यश और धन की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, महालक्ष्मी व्रत के दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और मनचाहा वरदान प्राप्त होता है।
महालक्ष्मी व्रत के दिन करें ये उपाय-
1. महालक्ष्मी व्रत पर श्रीयंत्र की पूजा विधि-विधान से करके स्थापना करें। श्रीयंत्र को धन वृद्धि और समृद्धि का कारक माना जाता है।
2. पुराने चांदी के सिक्कों को कौड़ी के साथ रखकर महालक्ष्मी पूजन के समय केसर और हल्दी से पूजन करें। पूजन के बाद इन्हें तिजारी में रख दें। माना जाता है कि इस उपाय से धन-संपदा में वृद्धि होती है।
3. महालक्ष्मी व्रत के दिन शाम को मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें और इसके बाद मां लक्ष्मी के चरणों में 7 कौडिय़ां अर्पित करें। इस कौडिय़ों को बाद में घर के किसी कोने में दबा दें। माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति जल्दी सुधरती है।
4. महालक्ष्मी व्रत के दिन मां लक्ष्मी को कमल का पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई का भोग लगाने से भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
5. अष्टमी की शाम को घर के कोने में गाय के घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने से धन योग बन सकता है।
महालक्ष्मी व्रत के पारण के समय पढ़ें ये मां लक्ष्मी की आरती, हमेशा बनी रहेगी कृपा
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 25 अगस्त से महालक्ष्मी व्रत शुरू हुआ था। 16 दिनों तक धूमधाम से मनाए जाने वाले इस व्रत का आज समापन हो रहा है। इस साल का आखिरी महालक्ष्मी व्रत आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 10 सितंबर को है। मान्यता है कि सच्चे मन से महालक्ष्मी व्रत करने वालों को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से सुख, समृद्धि और यश की प्राप्ति होती है।
कहा जाता है कि महालक्ष्मी व्रत के समापन के दिन शाम को पूजा के दौरान मां लक्ष्मी की आरती पाठ भी करना चाहिए। कहते हैं आरती और मंत्र पढऩे से व्रत का फल दोगुना हो जाता है।
मां लक्ष्मी जी की आरती-
जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन * सेवत हरि विष्णु विधाता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत,
मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ओम जय लक्ष्मी माता-2
शिक्षा / शौर्यपथ / आचार्य चाणक्य को शिक्षाविद के साथ एक महान अर्थशास्त्री भी माना जाता है। आचार्य चाणक्य ने अपने अनुभवों को नीति शास्त्र में बड़ी खूबसूरती से वर्णन किया है। नीति शास्त्र में चाणक्य ने जीवन से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया है। इसके साथ ही उन्होंने धनवान बनने से लेकर तरक्की प्राप्त करने के कुछ उपाय भी बताए हैं। अक्सर लोग पैसा कमाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी धन का संचय कर धनवान नहीं बन पाते हैं। चाणक्य कहते हैं कि सुखी जीवन के लिए धन की आवश्यकता नहीं होती है। चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति की कुछ बातें ही उसे धनवान बना देती हैं। जानिए कौन-सी हैं ये बातें-
1. चाणक्य कहते हैं कि जितना पैसों को कमाना कठिन होता है, ठीक उसी तरह से धन को सही तरह से खर्च करना भी मुश्किल होता है। चाणक्य कहते हैं कि धन को हमेशा सोच-समझकर ही खर्च करना चाहिए। अगर आप कमा रहे हैं तो पैसे बचाने का भी गुण होना जरूरी है। नीति शास्त्र के अनुसार, जो लोग बिना सोच पैसे खर्च कर देते हैं, उनके पास धन कभी नहीं टिकता है।
2. चाणक्य कहते हैं कि धन के लिए सबसे जरूरी है कि अपने लक्ष्य को हमेशा ध्यान केंद्रित करके रखना चाहिए। नीति शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति को अपने लक्ष्य के लिए हमेशा दृढ़ रहना चाहिए।
3. चाणक्य के अनुसार, ऐसे लोगों का साथ कभी नहीं करना चाहिए जो सफलता में बाधा बनें। नीति शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति को हमेशा ऐसी जगह पर रहना चाहिए, जहां रोजगार के साधन उपलब्ध हों।
4. चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा ईमानदारी से पैसा कमाना चाहिए। छल और कपट से कमाया गया धन कभी टिकता नहीं है। नीति शास्त्र के अनुसार, मेहनत से कमाया गया धन हमेशा काम आता है।
5. जिस तरह से किताबी ज्ञान का ज्यादा महत्व नहीं होता, ठीक उसी तरह से जो धन दूसरों के पास रहता है, उसका कोई अर्थ नहीं होता है। इसलिए धन के मामले में सतर्क रहना चाहिए।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रायवेट स्कूलों के द्वारा मांग जा रही फीस को लेकर पूरे प्रदेश में पालकों द्वारा विरोध किया जा रहा है और हाईकोर्ट ने भी सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की अनुमति प्रायवेट स्कूलों को दे दिया है, लेकिन इसके बावजूद प्रायवेट स्कूल और पालकों के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल पॉल का कहना है कि शिक्षा का अधिकार कानून की धारा 8 के अंतर्गत बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के राज्य सरकार बाध्य है।
श्री पॉल ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा 6500 प्रायवेट स्कूलों में लगभग 2.85 लाख बच्चों को आरटीई के अंतर्गत प्रवेश दिलाया गया है, जिसका दो वर्ष का ट्यूशन फीस/शैक्षणिक फीस विभाग द्वारा भुगतान नहीं किया गया है, इसके बावजूद प्रायवेट स्कूलों द्वारा इन बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, लेकिन जो बच्चे पैसा, फीस देकर पढ़ रहे और जो कोरोना महामारी के कारण विगत तीन माह का फीस नहीं जमा कर पा रहे है, उन्हें शिक्षा, ऑनलाईन से वंचित किया जा रहा है, यदि आरटीई के बच्चे जो दो वर्ष से बिना फीस दिए पढ़ रहे है तो अन्य बच्चों को भी पढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा पाना प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है, लेकिन प्रायवेट स्कूलों के द्वारा दैनिक अखबारों में लाखों रूपये का विज्ञापन देकर खुलेआम ऐलान कर बच्चों को ऑनलाईन क्लासेस से वंचित किया जा रहा है। सरकार मौन है और मुखदर्शक बनकर तमाशा देख रही है।
पॉल का कहना है कि सरकार द्वारा आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चे अगर बिना फीस दिए प्रायेवेट स्कूलों में पढ़ सकते है, तो अन्य बच्चों को फीस नहीं दिए जाने पर क्यों शिक्षा से वंचित किया जा रहा है? क्या आरटीई के बच्चे और अन्य बच्चों के लिए अगल-अगल कानून है? क्या संविधान की अनुच्छेद 21 में सभी बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा पाने का अधिकार नही है? क्या राज्य सरकार सभी बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बाध्य नहीं है? स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के साथ इस प्रकार का भेदभाव किया जा रहा है, जो शिक्षा का अधिकार कानून का स्पष्ट रूप से उल्लघंन है।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / क्रोध करना किसी भी व्यक्ति के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से अच्छा नहीं होता है। क्रोध करने से व्यक्ति को ना सिर्फ शारीरिक बल्कि आर्थिक हानि भी होती है। जीवन में छोटी-मोटी बात पर गुस्सा करना नॉर्मल बात है। लेकिन ऐसे लोग होते हैं जो अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं कर पाते और बीपी,शुगर और सिर चकराने आदि जैसे कई रोग खुद को लगा बैठते हैं। ऐसे में जरूरी है कि गुस्से को कंट्रोल करने के उपाय के साथ-साथ कुछ अन्य तरीके भी अपनाए जाएं, जिससे गुस्सा शांत हो सके। वर्कआउट, हेल्दी रूप से गुस्से को कम करने का सबसे अच्छा तरीका माना गया है। लेकिन कई ऐसे भी लोग हैं जो बिना वर्कआउट के ही अपने गुस्से को शांत करना चाहते होंगे। तो आइए जानते हैं कैसे आसान उपाय अपनाकर आप अपने गुस्से पर काबू पा सकते हैं।
गहरी लंबी सांस-
जब कभी आपको गुस्सा आए तो तुरंत गहरी लंबी सांसे लें, कोई सीनरी या फोटो देखें, गाना सुनें, योगा करें या फिर कोई अच्छी किताब पढ़ लें।
मेडिसिन बॉल जमीन पर मारें-
मेडिसिन बॉल काफी एक्सप्लोसिव एक्सरसाइज होती है। इस वर्कआउट के एक-दो राउंड पूरा करते ही आप महसूस करेंगे कि आपका गुस्सा काफी शांत हो गया है।
शेयर करें फीलिंग-
अपने इमोशन को कभी भी कंट्रोल नहीं करना चाहिए। अपने गुस्से में कोई गलत फेसला करने से अच्छा है आप किसी ऐसे अपने से बात करें, जो आपको समझता हो। आप अच्छा महसूस करेंगे।
HIIT सर्किट एक्सरसाइज-
HIIT वर्कआउट सिस्टम का अभ्यास करने से आप अपने भीतर फील-गुड हार्मोन को पंप कर सकते हैं। इसे करने से भले ही आप तकनीकी रूप गुस्सा कर रहे हों लेकिन एंडोर्फिन नामक हार्मोन आपके भीतर रिलीज होता है, जो दिमाग को शांत करके आपके गुस्से को भी शांत करने में मदद करता है। HIIT सर्किट प्लान में आप इन एक्सरसाइज को शामिल कर सकते हैं जैसे-बैटल रोप, टो-टच, हाई नी,स्प्रिंट,पुश स्लेम/टायर, बट किक,जंप स्क्वाट ,माउंटेन क्लाइंबर्स आदि।
बॉक्सिंग क्लास-
अपने गुस्से को शांत करने के लिए सबसे पहले अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर एक ताकतवर पंच के साथ पंचिंग बैग पर वार करें, जो कि नेगेटिव एनर्जी को रिलीज करने और गुस्सा कम करने में मदद करेगा। ऐसा करते समय ध्यान रखें कि कहीं आप खुद को ही चोटिल न कर लें।
खाना खजाना / शौर्यपथ / मिष्टी दोई बंगाल की फेमस मिठाई है, जिसे उपवास या किसी त्यौहार जैसे खास उत्सव में बनाया जाता है। मिष्टी दोई, एक प्रकार का मीठा दही है, जिसे गाढ़े दूध में चाशनी मिलाकर बनाया जाता है। बंगाल का यह खास डेजर्ट खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है। तो देर किस बात की आइए जानते हैं घर पर ही कैसे बनाया जाता है मिष्टी दोई।
मिष्टी दोई बनाने के लिए सामग्री-
-दूध - 750 मिलीलीटर
-चीनी- 7½ टेबल स्पून
-पानी - ¼ कप
-ताजा दही - ½ कप
-कटे हुए बादाम
- गार्निशिंग के लिए एल्युमिनियम फॉइल
मिष्टी दोई बनाने का आसान तरीका-
मिष्टी दोई बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में दूध गर्म करें। दूध को इतना उबालें, कि यह आधा रह जाए। अब एक दूसरे पैन में चीनी डालकर उसे धीमी आंच पर चलाते रहें। गैस को बार-बार बंद और चालू करते रहे, ऐसा तब तक दौहराए, जब तक कि चीनी पिघलकर ब्राउन न हो जाए। अब गैस बंद कर, पानी मिलाकर उसे अलग रख लें। दूध आधा रह जाए तो इसमें तैयार चाशनी मिलाएं। दूध में चाशनी मिलाने के बाद गैस बंद कर दें। दूध को ठंडा होने के लिए रख दें।
अब ताजा दही मिलाकर अच्छे से मथे। इसके बाद इसे सर्व करने वाले बर्तन या मटको में डालें। इन मटको को एल्युमिनियम फॉइल से कवर करके 10-12 घंटे के लिए ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें। उसेक बाद फॉइल हटाकर, इन्हें कटे हुए बादाम के साथ गार्निंश कर ठंडा- ठंडा मेहमानों को सर्व करें।
धर्म संसार / शौर्यपथ / महालक्ष्मी व्रत इस साल 10 सितंबर 2020 को रखा जाएगा। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी का व्रत रखने से धन, यश और तरक्की की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि गज लक्ष्मी यानी हाथी पर बैठी महालक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। अश्विन मास में कृष्ण अष्टमी की तिथि को महालक्ष्मी व्रत रखा जाता है।
महालक्ष्मी व्रत में किन बातों का रखें ध्यान-
मान्यता है कि महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के रूप श्रीगज लक्ष्मी, श्रीवीर लक्ष्मी, श्री विजय लक्ष्मी, श्री आदि लक्ष्मी मां, श्री धान्य लक्ष्मी, श्री संतान लक्ष्मी मां की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।
कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत के दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बनाकर उस पर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापना करें और मूर्ति के सामने श्रीयंत्र और सोने-चांदी के सिक्के रखें।
महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के 8 रूपों की पूजा करने के साथ ही महालक्ष्मी मंत्र का जाप करना भी लाभकारी माना जाता है। कहते हैं मंत्र का जाप करने से मां लक्ष्मी का साथ हमेशा बना रहता है।
माना जाता है कि मां लक्ष्मी की पूजा श्रीयंत्र के बिना अधूरी होती है। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत में श्रीयंत्र की पूजा करने से आर्थिक स्थिति सुधर जाती है।
माना जाता है कि मां लक्ष्मी पूजन में पानी से भरे कलश को पान के पत्तों से सजाने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही कलश के ऊपर नारियल रखना भी शुभ माना जाता है।
कलश के पास हल्दी से कमल बनाकर मां लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी को सोने के गहनों से सजाने से भी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
धर्म संसार / शौर्यपथ / अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को ऋषि विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन ही भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। इस दिन को विश्वकर्मा पूजा और विश्वकर्मा डे कहा जाता है। इस साल विश्वकर्मा पूजा 16 सितंबर (बुधवार) को मनाई जाएगी। भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार मनाते हैं। इसलिए फैक्ट्रियों से लेकर कंपनियों तक में विश्वकर्मा पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु, ऋषि विश्वकर्मा और औजारों की पूजा की जाती है।
विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त-
चतुर्दशी तिथि आरंभ (15 सितंबर)- 11 बजकर 1 मिनट से।
चतुर्दशी तिथि समाप्त (16 सितंबर)- 7 बजकर 56 मिनट तक।
पूजा का शुभ मुहूर्त- 16 सितंबर- सुबह 10 बजकर 9 मिनट से 11 बजकर 37 मिनट तक।
ऐसे हुई थी भगवान विश्वकर्मा की उत्पत्ति-
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु भगवान सागर में शेषशय्या पर प्रकट हुए। कहते हैं कि धर्म की 'वस्तु' नामक स्त्री से जन्मे 'वास्तु' के सातवें पुत्र थे। जो शिल्पकार के जन्म थे। वास्तुदेव की 'अंगिरसी' नामक पत्नी से ऋषि विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। माना जाता है कि अपने पिता की तरह ही ऋषि विश्वकर्मा भी वास्तुकला का आचार्य बनें। माना जाता है कि भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र और भगवान शिव का त्रिशूल भी ऋषि विश्वकर्मा ने ही बनाया था। माना जाता है कि भगवान शिव के लिए लंका में सोने के महल का निर्माण भी विश्वकर्मा जी ने ही किया था। कहते हैं कि रावण ने महल की पूजा के दौरान इसे दक्षिणा के रूप में ले लिया था।
धर्म संसार / शौर्यपथ / धन की देवी लक्ष्मी जी को खुश करने के लिए मां की पूजा अर्चना की जाती है। दिवाली पर भी मां लक्ष्मी के आगमन के लिए महीने भर पहले से लोग घरों की साफ-सफाई शुरू कर देते हैं। मां लक्ष्मी अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उन्हें धन और वैभव का वरदान देती हैं। ऐसा कहा जाता है कि जिस इंसान से माता लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती, उन्हें धन का अभाव का सामना करना पड़ता है।
कुछ ऐसी मान्यताएं हैं जिनमें कहा गया है कि शाम या रात के वक्त इन कामों को करने से माता लक्ष्मी नाराज होती हैं। इसलिए हमें इन कामों को नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं इन कामों के बारे में:
1.ऐसा कहा जाता है कि शाम के वक्त या रात में दूध या दही को किसी को देना नहीं चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शाम के समय आप इन्हें बाहर से खरीदकर घर में तो ला सकते हैं, लेकिन इन्हें घर से बाहर किसी को न दें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं।
2. जिस तरह सुबह घर में पूजा करने से पहले साफ-सफाई करते हैं, उसी प्रकार शाम को भी घर में सूरज के अस्त होने से पहले झाड़ू जरूर लगाएं। घर में शाम को भी साफ-सफाई रखें। खासकर मुख्य द्वार पर कभी भी गंदगी न रहने दें।
3. रात को रसोईघर में साफ-सफाई करने के बाद ही सोना चाहिए। रात को घर में झूठे बर्तन बिल्कुल भी ना छोड़ें। इस बात का ध्यान रखें कि किचन पूरी तरह से साफ रहे।
4. मां लक्ष्मी की कृपा से ही हमें अन्न की भी प्राप्ति होी है। इसलिए कभी भी अन्न का अनादर न करें। इसके साथ ही कभी भी खाने को छोड़ना नहीं चाहिए, इससे मां लक्ष्मी नाराज होती हैं। जिससे जीवन में धन, वैभव में कमी आती है।
5. इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि जिस घर में महिलाओं का अपमान होता है, वहां लक्ष्मी जी वास नहीं करती हैं। इसलिए महिलाओं का हमेशा आदर करना चाहिए। इसके अलावा घर में शाम के समय मीठा बनाकर मां लक्ष्मी जी को भोग लगाना चाहिए।
खेल /शौर्यपथ /बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज सैफ हसन और टीम के स्ट्रेंथ और कंडिशनिंग कोच निक ली कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। बीसीबी ने श्रीलंका दौरे से पहले सोमवार को 17 खिलाड़ियों और सात स्टाफ सहित 24 सदस्यों को टेस्ट किया गया था। ली का गत अगस्त को दुबई में टेस्ट पॉजिटिव आया था, लेकिन 10 दिनों तक आइसोलेशन में रहने के बाद 23 अगस्त को उनका नतीजा नेगेटिव आया था। ढाका आने पर वह 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रहे थे।
बीसीबी के स्पोटर्स फिजिशियन डॉ देबाशीष चौधरी ने कहा, “कोरोना के लिए हमारे कंसलटेंट ली के मामले को देख रहे हैं कि क्या यह नए तरीके से कोरोना संक्रमित हुए हैं या पहले से संक्रमित थे।” अक्टूबर-नवंबर के श्रीलंका दौरे के लिए टीम का अभ्यास शिविर इस महीने के आखिर में शुरू होना है। बांग्लादेश में अभी तक कोरोना संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले आ चुके हैं और 4500 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल अबेदिन के अनुसार श्रीलंका दौरे को देखते हुए नियमानुसार 37 सदस्यों का टेस्ट कराया गया। बीसीबी ने इससे पहले एहतियातन व्यक्तिगत रुप से ट्रेनिंग करने की इजाजत दी थी। सैफ हसन बांग्लादेश की टीम के लिए 2 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमे उन्होंने 24 रन बनाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 24 फरवरी 2020 को ही उन्होंने अपना डेब्यू किया था।
बता दें कि बांग्लादेश के कई क्रिकेटर अबतक कोरोना वायरस का शिकार हो चुके हैं। बांग्लादेश के पूर्व स्पिनर मुशर्रफ हुसैन, पूर्व कप्तान मशरेफ मुर्तजा, नजमुल इस्लाम और नफीस इकबाल भी कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके हैं। बांग्लादेश का एक अंडर 19 क्रिकेटर इफ्तिखार हुसैन भी कोविड-19 की चपेट में आ चुके हैं।
बता दें कि विश्व में कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 2.73 करोड़ से अधिक हो गई है और 8.92 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना से विश्वभर में अब तक 27342332 लोग संक्रमित हुए हैं और 892648 लोगों की मौत हुई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
