July 24, 2026
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    टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / लॉक डाउन के दौरान बहुत से लोगों को अपने घरों में ही बंद होकर रहना पड़ रहा है तो कुछ अपनी पुरानी जगह छोड़कर नई जगह बस गए हैं। ऐसे में कुछ लोगों में कई लोगों को मोबाइल नेटवर्क संबंधित समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से वे न सिर्फ अपने दोस्त और परिजन से कॉल कर बातचीज नहीं कर पा रहे हैं तो कई लोगों के जरूरी काम छूट जा रहे हैं। ऐसी परेशानी से बचने के लिए वह वाई-फाई कॉलिंग फीचर का फायदा उठा सकते हैं।

    कुछ समय पहले ही एयरटेल और जियो ने भारत में वाई-फाई कॉलिंग की सुविधा शुरू की थी और जिन फोन में यह फीचर्स पहले से मौजूद था, वे इसका फायदा उठा रहे थे। हालांकि सैमसंग और कुछ मिड रेंज के फोन को छोड़ दें तो यह फीचर गिनती के फोन में दिखाई देता था। लेकिन बीते सप्ताह रियलमी ने अपने सी3 डिवाइस को छोड़कर सभी के लिए वाई-फाई कॉलिंग का फीचर जारी कर दिया है। फोरम्स पोस्ट में रियलमी ने कहा है, 'हमने पहले वायदा किया था कि सभी रियलमी स्मार्टफोन्स में वाई-फाई कॉलिंग फीचर उपलब्ध होगा और अब हमने इसे पूरा कर दिया है। अब सभी रियलमी डिवाइसेज में VoWiFi कॉलिंग फीचर का रोलआउट पूरा हो गया है।' बता दें कि भारतीय मोबाइल बाजार में रियलमी की बजट मार्केट में अच्छी पकड़ है। शाओमी, सैमसंग और रियलमी की बजट सेगमेंट में अच्छा खासा यूजर बेस है।

    क्या है वाई-फाई कॉलिंग फीचर
    वाई-फाई पर चलने वाली वॉयस और वीडियो कॉलिंग सेवा की मदद से उपयोगकर्ता किसी भी नेटवर्क पर कॉल कर सकते हैं और रिसीव भी कर सकेंगे। इसके लिए फोन में मोबाइल नेटवर्क होने की जरूरत नहीं है। यह काम बिना एक्स्ट्रा चार्ज के मौजूदा मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके किया जा सकता है।

    रियलमी फोन्स से ऐसे करें वाई-फाई कॉलिंग
    रियलमी फोन्स पर वाई-फाई कॉलिंग करने के लिए सुनिश्चित करें कि आप वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्टेड हों। सबसे पहले सेटिंग्स पर जाएं। इसके बाद सिम कार्ड ऐंड सेल्युलर डेटा पर जाएं। यहां सिम कार्ड ऐंड मोबाइल डेटा ऑप्शन को सेलेक्ट करें। सिम पर टैप करें और वाई-फाई कॉलिंग को सेलेक्ट करें। इसके बाद आपको वाई-फाई कॉलिंग प्रेफरेंस पर जाना होगा। यहां आप वाई-फाई कॉलिंग प्रेफर्ड ऑप्शन को सेलेक्ट करें। इसके बाद आप बिना मोबाइल नेटवर्क के भी कॉल कर सकेंगे।

    सैमसंग के फोन में ऐसे करें एक्टिवेट
    फोन सेटिंग को खोलें
    वाई-फाई कॉलिंग ऑप्शन को देखें
    वाई-फाई कॉलिंग ऑप्शन को इनेबल करें
    देश में कहीं भी वाई-फाई कॉल करने के लिए वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करें
    आपको वोल्ट और वाई-फाई कॉलिंग दोनों को स्विच ऑन रखना चाहिए
    आपको ट्रेडिशनल वॉयस कॉल की तरह प्रक्रिया को अपनाना होगा

    एप पर भी दिया गया है तरीका
    इसके अलावा भी आपको वाई-फाई कॉलिंग फीचर एक्टिवेट करने में समस्या आ रही है तो माये जियो और एयरटेल की वेबसाइट पर जाकर आप वाई-फाई कॉलिंग फीचर को एक्टिवेट करने का तरीका जान सकते हैं। माय जियो एप में स्क्रीन के बीच में वाई-फाई कॉलिंग का विकल्प दिया होगा, उस पर क्लिक करने के बाद आपको अपनी फोन कंपनी का नाम और मॉडल बताना होगा, उसके बाद स्क्रीन में ही एक्टिवेट करने का तरीका पता चल जाएगा, जिसको फॉलो करके आप वाई-फाई कॉलिंग सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इसी तरह से एयरटेल थैंक्स एप में जाकर आप जांच सकते हैं कि आपका फोन वाई-फाई कॉलिंग के योग्य है या नहीं और उसी के साथ आप फोन में फीचर्स को एक्टिवेट करने का तरीका भी जान सकते हैं।

     

    लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / अक्सर लोग अपनी किस्मत के बारे में जानने के लिए ज्योतिषी के पास जाते हैं। आमतौर पर लोग हथेली को दिखाकर सवाल पूछते हैं कि क्या उनके हाथ में राजयोग है या नहीं। राजयोग होने पर व्यक्ति राजा के समान सुख-सुविधाओं से भरा जीवन व्यतीत करता है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, राजयोग की जानकारी हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र से मिल सकती है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आप राजयोग लेकर पैदा हुए हैं या नहीं, तो खुद अपनी हथेली देखकर जान सकते हैं।

    1. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति की हथेली के शनि पर्वत पर त्रिशूल का निशान हो और हथेली में भाग्य रेखा को चंद्र पर्वत से आती रेखा छू रही होती है तो इसका प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे व्यक्ति अपने क्षेत्र में बॉस या अधिकारी बनते हैं। इन्हें हर जगह मान-सम्मान मिलता है।

    2. हथेली के बीच में अगर पहाड़, हल या तलवार का निशान दिखाई पड़े तो ऐसे व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।


    3. कहते हैं कि हथेली में मंगल पर्वत छोटा और मस्तिष्क रेखा दो भागों में बंटी हो, इसके अलावा कनिष्ठा (सबसे छोटी अंगुली) लंबी हो तो यह संकेत है कि व्यक्ति राजयोग के साथ पैदा हुआ है।

    4. हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति के अंगूठे के मध्य में यव का निशान हो वह बहुत भाग्यशाली होता है। ऐसे व्यक्ति अपने कुल का नाम रोशन करते हैं।

    5. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, अगर व्यक्ति की अनामिका (छोटी अंगुली के पास वाली अंगुली) के पास से जाने वाली रेखा मस्तिष्क रेखा से मिलती है और मस्तिष्क रेखा सिरे झुककर गुरू पर्वत पर आती है तो ऐसे व्यक्ति के हाथ में राजयोग होता है।

     

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / भारतीय वास्तु शास्त्र और चीनी वास्तु शास्त्र में ज्यादा अंतर नहीं है। फेंगशुई चीन का वास्तु शास्त्र है। इसे चीन की दार्शनिक जीवन शैली भी कहा जाता है। चीनी वास्तु शास्त्र में भी पैसे, सुख-शांति और तरक्की संबंधी कई उपाय बताए गए हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर में सुख-शांति के साथ समृद्धि बनी रहे तो आप फेंगशुई के इन आसान उपायों को अपना सकते हैं।

    1. मछलियों को जोड़े को घर में लटकाना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इससे धन लाभ के साथ नौकरी में तरक्की मिलती है।

    2. लवबर्ड, मैंडरेन डक जैसी पक्षी प्रेम का प्रतीक माने गए हैं। इन पक्षियों की मूर्तियों का जोड़ा घर में रखना शुभ माना जाता है। फेंगशुई शास्त्र के अनुसार, इससे वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

    3. घर के पूर्वोत्तर में तालाब या फव्वारा होना शुभ माना गया है। फेंगशुई के अनुसार, इसके पानी का बहाव घर की ओर होने मां लक्ष्मी का साथ सदैव बना रहता है।

    4. घर में नदी, तालाब या झरने की तस्वीरों को हमेशा उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। कभी भी हिसंक तस्वीरों को नहीं लगाना चाहिए। कहते हैं कि इससे नेगेटिव एनर्जी आती है।

    5. अगर आपके ऑफिस में बड़ा हाल है तो फेंगशुई के अनुसार, वहां धातु से बनी कोई चीज रखना शुभ होता है। माना जाता है कि इससे तरक्की में बाधाएं नहीं आती हैं।

    6. फेंगशुई के अनुसार, घर में काला कछुआ, लाल पक्षी, सफेद बाघ या ड्रैगन की तस्वीर घर में होना शुभ होता है। कहते हैं कि घर में नेगेटिव एनर्जी प्रवेश नहीं कर पाती।

    7. फेंगशुई के अनुसार, हरे पौधों को मिट्टी के बर्तन में घर के अंदर पूर्व दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।

     

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / जरा सोचिए, वजन घटाना हेडफोन पर संगीत सुनने जितना आसान हो जाए तो कितना अच्छा रहेगा। आपको न तो अपने पसंदीदा पकवानों से दूरी बनानी होगी, न ही जिम में घंटों पसीना बहाना पड़ेगा। सुनने में फिल्मी लगने वाली यह बात हकीकत का रूप अख्तियार कर चुकी है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता एक ऐसा हेडफोन बनाने का दावा कर रहे हैं, जो मोटापे पर काबू पाने में मददगार साबित होगा।

    दरअसल, हेडफोन के दोनों स्पीकर में इलेक्ट्रोड लगाए गए हैं। ये इलेक्ट्रोड कान के पिछले हिस्से में मौजूद ‘वेस्टिब्यूलर’ नसों में इलेक्ट्रिक सिग्नल का संचार करते हैं। ‘वेस्टिब्यूलर’ नसें मस्तिष्क के ‘हाइपोथैलेमस’ भाग से जुड़ी होती हैं, जो भूख नियंत्रित करने के अलावा फैट स्टोरेज की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। इससे ‘हाइपोथैलेमस’ भाग सक्रिय हो जाता है।

    यह तृप्ति और संतुष्टि का भाव जगाने वाले ‘लेप्टिन’ हार्मोन का स्त्राव करने लगता है, जिससे व्यक्ति कम मात्रा में कैलोरी की खपत करता है। ‘हाइपोथैलेमस’ फैट स्टोरेज की प्रक्रिया भी धीमी कर देता है। यानी शुगर शरीर में फैट के रूप में जमा होने के बजाय ऊर्जा में तब्दील होने लगती है।

    ‘जर्नल अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट’ में छपे शोधपत्र के मुताबिक हेडफोन पहनने से धारक को कोई असुविधा नहीं होगी। इससे निकलने वाले बिजली के झटके कान के पीछे हल्की गुदगुदी जैसा एहसास कराएंगे। शोधपत्र में बताया गया है कि हेडफोन आजमाइश में खरा उतरा है।

    200 प्रतिभागियों को लगातार तीन महीने तक रोजाना 45 मिनट यह हेडफोन पहनाने पर उनके वजन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकी। शोधकर्ताओं की मानें तो हेडफोन अग्नाशय में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देने में भी कारगर है। इससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

     

    सेहत / शौर्यपथ / गर्मियों में ठंडे पानी में स्विमिंग करना किसे पसंद नहीं होता लेकिन हर किसी के पास स्विमिंग पूल की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। स्विमिंग आपके मजे या मूड फ्रेश करने के लिए ही अच्छी नहीं है बल्कि इससे सेहत से जुड़े कई फायदे भी हैं। आइए जानते हैं स्विमिंग के फायदे-

    हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम
    स्विमिंग ब्लड प्रेशर तथा हार्ट रेट की दर को घटाती है और इसके चलते हार्ट व ब्लड वेसल की बीमारियों का खतरा घटता है। अगर आप रोजना आधे घंटे तक स्विमिंग करेंगे तो हार्ट अटैक पड़ने का खतरा निश्चित रूप से कम हो सकता है। इसके अलावा जो लोग पहले ही दिल की बीमारियों से ग्रस्त है उन्हें स्विमिंग करने से पहले डॉक्टर्स की सलाह लेनी चाहिए।

     गठिया रोग से बचाव
    रोजाना स्विमिंग से आपके शरीर के जोड़ मजबूत होते हैं। इससे हड्डियों को भी ताकत मिलती है। ऐसा होने से आपको भविष्‍य में गठिया संबंधी परेशानी होने का खतरा कम होता है। गठिया से बचाव के लिए अन्‍य प्रकार की एरोबिक एक्‍सरसाइज करने की भी सलाह दी जाती है।

     मोटापा घटाने में कारगर
    स्विमिंग से आप अपने मोटापे को भी कंट्रोल कर सकते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक हर 30 मिनट तक तैरने से शरीर से लगभग 440 कैलोरी कम हो जाती है। इसके अलावा स्विमिंग से हर हिस्से में लचीलापन आता है। स्‍वीमिंग से आपकी मांसपेशियां मजबूत भी होती हैं।

     कोलेस्ट्रॉल पर कंट्रोल
    हर दिन तैरने से शरीर में कोलस्ट्रॉल की मात्रा बैलेंस रहती है। फिट रहने के लिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होनी चाहिए, अगर आपके शरीर में गुड कोलेस्‍ट्रॉल यानी एचडीएल ज्‍यादा है तो यह आपके लिए फायदेमंद साबित होता है। हफ्ते में पांच दिन तैरने से शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बैलेंस रहती है।

     प्रेग्नेंट महिलाओं को बनाती है मजबूत
    स्विमिंग प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए लाभदायक है क्योंकि इससे पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है जो गर्भ में बच्चे के भार सहने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे पीठ की मासंपेशियों को भी मजबूती मिलती है और इस वजह से प्रेग्नेंसी के दौरान वजन उठाने की क्षमता बढ़ती है। स्विमिंग से हाई ब्लडप्रेशर और जोड़ों में जकड़न जैसी प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सकती है।

     

    खाना खजाना / शौर्यपथ / शाम के नाश्ते में अगर मीठा खाने का मन करें तो झटपट बना लें केसरिया जलेबी। ये जलेबी बनने में जितनी आसान है खाने में उतनी ही स्वादिष्ट भी होती हैं। तो देर किस बात की आइए जानतते हैं कैसे बनाई जाती है ये पारंपरिक स्वीट डिश गर्मागर्म केसरिया जलेबी।

    जलेबी के लिए घोल बनाने की सामग्री-
    -1/2 कप मैदा
    -1 टेबलस्पून कॉर्न स्टार्च (कॉर्न फ्लोर) या अरारूट पाउडर
    -1/4 टीस्पून बेकिंग पाउडर
    -पीला रंग या चुटकी भर हल्दी-
    -1/4 कप दही
    -1/4 कप पानी

    चाशनी बनाने की सामग्री-
    -1/2 कप शक्कर
    -1/4 कप पानी
    -1 टी स्पून नींबू का रस
    -एक चुटकी इलायची पाउडर
    -5-7 केसर

    जलेबी बनाने का तरीका-
    जलेबी बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में 1/2 कप मैदा छान लें। उसमें 1 टेबलस्पून कॉर्न स्टार्च, 1/4 टी स्पून बेकिंग पाउडर, एक चुटकी हल्दी पाउडर या पीला रंग और 1/4 कप दही डालें। अब जरूरत के अनुसार पानी (लगभग 1/4 कप) डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें। ध्यान रखें घोल बनाते समय घोल में कोई गांठ ना रहे।

    अब घोल को एक प्लेट से ढककर 24 घंटे के लिए कमरे के तापमान पर खमीर उठाने के लिए रख दें। 24 घंटे बाद घोल को एक चम्मच की मदद से अच्छी तरह फैंट लें। जलेबी बनाने के लिए एक खाली सॉस की बोतल या एक जिपलॉक बेग में घोल को डाल दें।

    जलेबी के लिए चाशनी बनाने की विधि-
    एक गहरे पतीले में चीनी, केसर, इलायची पाउडर और पानी डालकर मध्यम आंच पर पकने के लिए रख दें। इस पानी को तब तक पकाएं जब तक उसकी हल्की 1-तार की चाशनी न बन जाए। चाशनी बन जाए तो उसमें नींबू का रस मिलकर गैस बंद कर दें। चाशनी ठंडी होने पर जलेबी बनाना शुरू कर दें।

    जलेबी को तलने के लिए एक कड़ाही में मध्यम आंच पर घी/तेल गर्म करें। इसके बाद जिपलॉक बैग को दबाते हुए जलेबी को आकार देते हुए उन्हें हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलकर तुरंत ही गर्म चाशनी में डाल दें। ध्यान रखें, चाशनी गर्म होनी चाहिए। जलेबी को लगभग दो मिनट के लिए सिरप में रखने के बाद एक मिनट बाद पलट दें। अब जलेबी खाने को तैयार है।

     

    खाना खजाना / शौर्यपथ / आप अगर श्राद्ध पूजन के लिए मीठे में कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो मीठे के भोग के लिए एप्पल रबड़ी ट्राई कर सकते हैं। आइए, जानते हैं क्या है रेसिपी-

    सामग्री :
    3 मध्यम आकार के सेब
    1 लीटर दूध
    4 टेबल स्पून चीनी
    1/4 टी स्पून हरी इलाइची
    8-10 बादाम (स्लाइस्ड), हल्का उबला
    8-10 पिस्ते (स्लाइस्ड), हल्का उबला


    विधि :
    एक बड़े बर्तन में दूध डालें और उसमें उबाल आने दें। इसे हल्के हाथ से तब तक चलाती रहें, जब तक दूध आधा न रह जाए। इसके बाद आंच धीमी कर दें और इसमें चीनी डालें। इसे धीमी आंच पर पकाते हुए लगातार चलाते रहें।
    सेब को छीलकर कददूकस कर लें। जब दूध की मात्रा और कम हो जाए तो इसमें सेब डालकर अच्छे मिक्स करें। इसे 3 से 4 मिनट के लिए पकाएं। इसमें इलाइची पाउडर, बादाम और पिस्ते डालें। इसे सर्विंग डिश में निकाल लें। सेब के बचे हुए स्लाइस डिश के चारों तरफ लगाएं। इसे गर्म या ठंडा सर्व करें।

     

    जिले का पहला स्मार्ट संकुल बना मोहला का कंदाड़ी संकुल
    शत-प्रतिशत शालाओं में स्मार्ट एंड्रॉयड टीवी
    लगाकर अध्यापन की तैयारी में लगे शिक्षक
    कंदाड़ी संकुल के सभी 14 शालाओं में स्मार्ट क्लास से अध्यापन की तैयारी

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले के सुदूर वनांचल मोहला ब्लॉक के संकुल केन्द्र कंदाड़ी में संकुल स्तरीय डिजीटल स्कूल का उद्घाटन संसदीय सचिव एवं विधायक मोहला-मानपुर श्री इन्द्रशाह मंडावी ने किया। संकुल केन्द्र कंदाड़ी के 14 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में स्मार्ट क्लास के लिए शिक्षकों ने आर्थिक सहयोग करके एंड्रॉइड स्मार्ट टीवी लगाया है। इस तरह संकुल केन्द्र कंदाड़ी जिले का पहला स्मार्ट संकुल बन गया है, जहां संकुल के शत-प्रतिशत शालाओं में स्मार्ट क्लास बनाया गया है। श्री मंडावी ने इस कार्य के लिए शिक्षकों को प्रेरित करने वाले संकुल समन्वयक श्री केवल राम साहू के कार्यों की सराहना करते हुए संकुल के शिक्षकों एवं समन्वयक की प्रशंसा की।
    मंडावी ने विकासखंड स्तर पर डिजिटल एजुकेशन के लिए शिक्षकों को प्रेरित करने वाले मोहला एबीईओ राजेन्द्र कुमार देवांगन की दूरदर्शिता तथा समाजसेवी संजय जैन के सहयोग को समुदाय के अन्य लोगों के लिए शिक्षा दान का अनुकरणीय उदाहरण बताया। मोहला ब्लॉक की इस पहल में पढ़ई तुहर दुआर के जिला मीडिया प्रभारी श्री सतीश ब्यौहरे के सहयोग और मार्गदर्शन से भी शिक्षकों को लाभ मिल रहा है। एबीईओ देवांगन ने बताया कि शिक्षा विभाग मोहला के इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोडऩा तथा डिजिटल तरीके से अध्यापन कराना है। वे मोहला के शत-प्रतिशत प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में ऐसी ही व्यवस्था करवाना चाहते है, जिसमें संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी एवं समाजसेवी संजय जैन सहयोग कर रहे है। इस अवसर पर जिला नोडल सतीश ब्यौहरे ने मोहला टीम को बधाई देकर इस नवाचार की सराहना की है और शिक्षकों के उत्साह को बढ़ाने के लिए अपनी तरह से एक स्मार्ट टीवी दान करने की पहल भी है। बेहतर कार्य के लिए कंदाडी संकुल समन्वयक केवल राम साहू को इस कार्यक्रम में संसदीय सचिव द्वारा सम्मानित भी किया गया।
    इस अवसर पर जनपद पंचायत मोहला अध्यक्ष लगनू राम चंद्रवंशी, जनपद पंचायत मोहला उपाध्यक्ष श्रीमती गमिता लोन्हारे, जनपद सदस्य श्री नोहरू राम कुमेटी, ग्राम कंदाड़ी सरपंच झम्मन पुसारे, ग्राम कनेरी सरपंच सरजूराम राणा, ग्राम रामगढ़ सरपंच अशोक कुमार मांझी,नारद कचलामे, मीना मांझी, निखिल देशमुख, अजय राजपूत, ऐश्वर्य साहू तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए ग्राम सुराजी योजना तथा गोधन न्याय योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का एक प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि स्थानीय संसाधन से जैविक खेती और जैविक खाद के निर्माण को बढ़ावा दिया जाए। रासायनिक खाद के बेतरतीब उपयोग से धरती की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। ऐसे में जैविक खाद के प्रचलन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस मिशन में ग्रामीण महिलाए भी पीछे नहीं है। जनपद पंचायत छुरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूचि शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत विकासखण्ड छुरा के ग्राम रानी परतेवा के तिग्गा क्लस्टर के ग्राम संगठन जय गंगा मैया के जय मां सरस्वती समूह की सक्रिय सदस्य श्रीमती गायत्री साहू द्वारा इस कार्य को बखूबी अंजाम दिया जा रहा है। बिहान के सीएसएमएस परियोजना के तहत जैविक खेती को बढ़ावा देते हुए एनपीएम शॉप के माध्यम से ग्राम स्तर पर विभिन्न जैविक दवाईयों तथा खाद का निर्माण और उपयोग किया जा रहा है। सदस्य गायत्री साहू द्वारा बताया गया कि वे नाडेप खाद, केचुआ खाद, घना जीवामृत, नीमास्त्र, अग्नास्त्र, बेसरम पत्री दवाई, डण्डी दवाई, अमृत पानी तथा अमृत खाद का निर्माण स्वयं कर रही है। निर्माण के साथ-साथ इन जैविक दवाईयों का उपयोग स्वयं के बाडी एवं खेत में लगे फसल के बीमारी एवं कीटो से बचाव हेतु कर रही है। गायत्री ने बताया कि इन दवाईयों का निर्माण स्थानीय संसाधनों से किया गया है तथा निर्माण लागत लगभग नहीं के बराबर है। दवाईयां बिहान के दुकान के माध्यम से विक्रय भी हो रहा है, जिससे यह अतिरिक्त आय का स्त्रोत बन गया है। इन दवाईयों की कीमत प्रति बोतल 50 से 80 रूपये तक है, यह कीमत बाजार में मिलने वाले रासायनिक दवाई से बहुत ही कम है। उन्होंने बताया कि इस एनपीएम शॉप के माध्यम से वे 5-6 हजार रूपये प्रत्येक सीजन में कमा लेती है। साथ ही साथ गायत्री द्वारा दूसरे ग्रामों, विकासखण्ड व जिले में इसके निर्माण हेतु प्रशिक्षण भी दे रही है।

    रायपुर / शौर्यपथ / कुपोषण से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर शुरूआत की गई मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान काफी सफल रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रथम चरण में बिलासपुर जिले के में चिन्हित 26 हजार 816 कुपोषित बच्चों में से लगभग 15 प्रतिशत बच्चे सुपोषित हो गए है। बिलासपुर जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि कुपोषण मुक्ति के लिए संचालित पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, एवं मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के सफल क्रियान्यवन से विगत तीन वर्षाें के भीतर कुपेाषण दर में 4.59 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2018 में जिले में कुपोषण का प्रतिशत 26.67 था। जो 2020 में घटकर 16.08 प्रतिशत हो गया है।
    इस योजना की शुरूआत 2 अक्टूबर 2019 को की गई थी। इसके अंतर्गत 06 माह से 05 वर्ष की आयु तक सभी कुपोषित बच्चों को पूरक पोषण के आहार के अतिरिक्त सप्ताह में 3 दिन पौष्टिक लड्डू और सभी शिशुवती माताओं को गरम भोजन आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रदाय किया जाता है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अतिरिक्त मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का संचालन भी किया जा रहा है। कोविड 19 महामारी के दौरान आंगनबाड़ी बंद होने से कुपोषित बच्चों को पौष्टिक लड्डू एवं शिशुवती माताओं को सूखा राशन घर-घर जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

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