January 23, 2026
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राजनांदगांव

राजनांदगांव (1711)

- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से श्री यशवंत पटेल को बिजली के बिल से मिल राहत
- शासन की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बिजली की बचत की दिशा में किफायती एवं उपयोगी
राजनांदगांव /शौर्यपथ / शासन की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बिजली की बचत, किफायती एवं उपयोगी साबित हो रही है। सौर ऊर्जा प्राकृतिक दृष्टिकोण से अक्षय ऊर्जा है और नि:शुल्क प्राकृतिक खजाना है। शहर में इस योजना का लाभ लेने के लिए जनमानस में रूझान बढ़ा है और घर सौर ऊर्जा से प्रकाशमान हो रहे है। राजनांदगांव शहर के जीई रोड रायपुर नाका निवासी श्री यशवंत पटेल ने बताया कि परिवार में संयुक्त तौर पर उनके भाई हिम्मत पटेल एवं गोपाल पटेल ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2 लाख 60 हजार रूपए की लागत से 5 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। शासन की ओर से 78 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि जब से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सोलर पैनल लगा है, बिजली के बिल से राहत मिल है। यह पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी लाभप्रद है। बढ़ते बिजली बिल की समस्या को देखते हुए यह सोलर पैनल जनसामान्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनसामान्य को इस योजना का लाभ लेते हुए अपने घरों में सोलर पैनल लगाना चाहिए। इससे बिजली का बिल शून्य हो जाता है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते हंै। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या PMSuryaGhar मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।

- अग्निवीर योजना के अंतर्गत कैरियर गाइडेंस 25 जून से 29 जून तक
राजनांदगांव /शौर्यपथ /भारत सरकार की अग्निवीर योजना भारतीय युवाओं को नौसेना, वायु सेना और थल सेना में उपयुक्त पैकेज देने के साथ-साथ एक गौरवशाली जीवन का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। इसी कड़ी में राजनांदगांव जिले के सभी विकासखंडों में वायु सेना में जाने एवं आवश्यक मार्गदर्शन एवं जानकारी प्रदान करने के लिए कैरियर गाइडेंस का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत वायु सेना के विंग कमांडर एवं कमांडिंग अफसर द्वारा छत्तीसगढ़ के योग्य युवक एवं युवतियों को अग्निवीर वायु सेना को कैरियर के रूप में चयन करने की प्रक्रिया और भविष्य के उज्ज्वल निर्माण के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों द्वारा 25 जून से 29 जून तक राजनांदगांव जिले के विभिन्न विकासखंडों में कैरियर गाइडेंस का आयोजन किया गया है। राजनांदगांव विकासखंड के दिग्विजय कॉलेज में 26 जून 2025 को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक तथा बसंतपुर स्कूल में दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजन किया गया है। डोंगरगढ़ विकासखंड के खालसा स्कूल डोंगरगढ़ में 27 जून 2025 को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजन किया जाएगा। डोंगरगांव विकासखंड के महाविद्यालय में तथा छुरिया महाविद्यालय में 28 जून 2025 को कैरियर गाइडेंस का आयोजन किया गया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जिले के सभी योग्य युवाओं से अपील की गई है कि अवसर का लाभ लेने अधिक से अधिक संख्या में इस विषय के जो विद्यार्थी है वो जरूर इस कार्यक्रम में जुड़े और आवश्यक जानकारी  प्राप्त करें और अग्निवीर वायु सेना में जाने के अपने विकल्प के अनुसार अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिला स्तर पर अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर डॉ. भुरे ने कार्यक्रम के संचालन एवं शैक्षिक संस्थानों के चयन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल को जिम्मेदारी दी है। प्राचार्य दिग्विजय कॉलेज डॉक्टर सुचित्रा गुप्ता को कार्यक्रम के संचालन में महाविद्यालय के चयन की जिम्मेदारी दी गई है तथा जिला रोजगार अधिकारी श्री वीएस राजोरिया को शैक्षिक संस्थानों में अन्य व्यवस्थाओं की उपलब्धता के लिए जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखित है कि राज्य में इस प्रकार का यह पहला कार्यक्रम भारतीय वायु सेना द्वारा और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। जिला प्रशासन के सभी अधिकारी इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे और जिले के युवकों और को युवतियों को विज्ञान संकाय से हैं और 11वीं एवं 12वीं अथवा महाविद्यालय में अध्ययनरत है इनको एक बेहतर अवसर के रूप में अग्निवीर वायु सेना को कैरियर के रूप में चयन करने  के लिए कैरियर गाइडेंस का आयोजन किया जा रहा है।

राजनांदगांव /शौर्यपथ /अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने 21 जून 2025 को सुबह 6.30 बजे दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी नागरिकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग को अपनी दैनिक जीवन शैली में अपनाकर हम अपने स्वास्थ्य को अच्छा रख सकते है। योग हमारी भारतीय संस्कृति की अमूल्य देन है। योग के माध्यम से हम अपने जीवन शैली में महत्वपूर्ण परिवर्तन कर सकते है। यह हमारी शारीरिक एवं मानसिक क्षमता में वृद्धि करता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नागरिकों को अपने अच्छे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की दिशा में आयोजित किया गया है। उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों को जिला स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आव्हान किया है। योग दिवस की थीम एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए, योग संगम एवं हरित योग है।

राजनांदगांव/शौर्यपथ /जिले के ग्रामीण बच्चे पढ़ाई के प्रति अपनी रूचि और जागरूकता का उदाहरण पेश करते हुए घर में पढ़ाई का कोना तैयार कर रहे हैं। यह प्रेरणादायक पहल यूनिसेफ, जिला प्रशासन राजनांदगांव और एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज मेंबर्स सर्वहितम के टीम युवोदय राजनांदगांव, जिला समन्वयक विनोद कुमार टेम्बुकर की टीम द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यशाला में भाग लेने के बाद शुरू किया जा रहा है।
कार्यशाला में रूप नहीं गुण को देखो, आज क्या सीखा और पढ़ाई का कोना जैसे विषयों पर  प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार एवं व्यक्तित्व विकास की कड़ी को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चे समझकर एवं कार्यशाला से सीखकर एक विशेष पढ़ाई का स्थान तैयार कर रहे है। वहां बच्चों द्वारा किताबें व्यवस्थित रखा जा रहा है पढ़ाई का रूटीन दीवार पर चिपकाकर उसी अनुसार उसी जगह पर पढ़ाई कर रहे है। प्रत्येक गांव से युवाओं की टीम बनाई जा रही है, जिससे युवा अपने गांव के अन्य बच्चों एवं ग्रामीणजनों को जागरूक कर सकें। इस कड़ी में ग्राम पार्रीकला से हिना, सोनाली, ग्राम ठाकुरटोला से राधिका, हर्षिता, साक्षी, ग्राम पत्थरी से देविका और तनु, ग्राम डोम्हटोला से वर्षा, तनु, कुंदन जैसे सभी गांव में बच्चों एवं युवाओं द्वारा पढ़ाई का कोना बनाकर गांव में बच्चों एवं युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षा स्तर में बदलाव, सुधार और व्यक्तित्व विकास किया जा सके। इस कड़ी में यूनिसेफ जिला समन्वयक श्री विनोद टेम्बुकर, दिव्या राजपूत, विकासखंड समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश साहू, युवोदय सक्रिय स्वयंसेवक श्री तोरण, श्री साहिल, श्री भावेश एवं अन्य स्वयंसेवियों द्वारा सक्रिय योगदान दिया जा रहा है।

- कार्यक्रम में दवाईयां एवं सिकल सेल जेनेटिक कार्ड का किया गया वितरण
- विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन
राजनांदगांव /शौर्यपथ /कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न के निर्देशानुसार प्रत्येक व्यक्ति का नि:शुल्क सिकल सेल स्क्रीनिंग किया गया। नागरिकों को सही समय पर ईलाज एवं दवाईयां उपलब्ध कराई गई और इसके साथ सिकल सेल जेनेटिक कार्ड का वितरण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सिकल सेल  एक आनुवांशिक रोग है जिसकी सही समय पर जांच कराने और नियमित दवाईयां लेने से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विवाह कराने के पहले सिकल सेल कुंडली का जरूर मिलान करना चाहिए। कुंडली मिलान उपरांत पॉजिटीव आये लोगों को विवाह किए जाने संबंधी पूर्ण जानकारी देने कहा। इसके लिए लोगों को जागरूक होना आवश्यक है। जिले में  6 लाख 16 हजार 308 सिकल सेल स्क्रीनिंग किया गया। जिसमें 5 लाख 93 हजार 144 सिकल सेल निगेटीव, 661 सिकल सेल पॉजिटीव एवं 10 हजार 147 सिकल सेल वाहक है।
सिविल सर्जन डॉ. श्रीमती माधुरी खंूटे ने कहा कि जिला अस्पताल में न्यूमोकोकल वैक्सिन उपलब्ध है जिसे सिकल सेल एवं थैलिसिमिया पीडि़त 4 वर्ष से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को लगाया जाना है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार ने मैदानी स्तर पर मितानिनों के माध्यम से जन जागरूकता फैलाने की बात कही। कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी सिकल सेल डॉ. सुहद्रा ठाकुर, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, जिला माईक्रोबॉयोलॉजिस्ट एवं स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी तथा शहरी क्षेत्र के एएनएम, मितानिन व सिकल सेल हितग्राही उपस्थित थे।

राजनांदगांव /शौर्यपथ /एनआईईपीआईडी सिकंदराबाद के अंतर्गत संचालित सीआरसी ठाकुरटोला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ द्वारा आज छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 8 से 40 वर्ष तक 87 दिव्यांगजन कान्हा शान्तिवनम कान्हा गांव रंगारेड्डी जिला तेलंगाना में ग्यारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में शामिल होने के लिए रवाना हुए। योगा दिवस के प्रोटोकॉल के अनुसार सभी राज्य से इस योगा दिवस में 3500 दिव्याँगजन शामिल होंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक, सचिव श्री राजेश अग्रवाल, सयुंक्त सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार श्री राजीव शर्मा शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रति वर्ष एक नई थीम रखी जाती है। इस वर्ष योग दिवस की थीम योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ रखी गई है। जिसका मतलब है कि जिस तरह पृथ्वी एक है, ठीक उसी तरह हमारा स्वास्थ्य भी एक ही है, जिसे हमें स्वस्थ रखने की जरूरत है। प्रति वर्ष 21 जून को पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाती है। यह सिर्फ एक तारीख या औपचारिक दिन नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की विश्व स्वीकृति का प्रतीक बन गया है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलन और शांति देने की एक कला है। सभी को योग के लाभों से जोडऩा और उन्हें स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करना। ट्रेन रवाना के समय आस्था मुकबधिर स्कूल राजनंदगांव के अध्यक्ष श्री महेंद्र सुराना, सीआरसी से श्री पुनीत राम साहू, श्री पुष्पेंदु जना उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सीआरसी राजनंदगांव से श्री गजेन्द्र कुमार साहू समन्वय कर रहे है।

कलेक्टर ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की तैयारी के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली
- 21 जून 2025 को सुबह 6.45 बजे से दिग्विजय स्टेडियम में होगा सामूहिक योगाभ्यास
- आयोजन की तैयारी के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
राजनांदगांव /शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की तैयारी के लिए अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, वन मंडलाधिकारी श्री आयुष जैन एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित रहे।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2025 को सुबह 6.45 बजे से दिग्विजय स्टेडियम में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने आयोजन की तैयारी के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए नागरिकों को अधिक से अधिक प्रेरित करना है। इसमें अधिक से अधिक लोगों की सक्रिय सहभागिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, स्कूल बच्चे, खिलाड़ी, सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक शामिल होंगे। उन्होंने मंच, साऊंड, योग करने के लिए कार्पेंट की व्यवस्था, वाहन पार्किंग, ट्रैफिकके संबंध में दायित्व सौंपे एवं आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी एवं समाज सेवी संस्थाएं कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने समाज कल्याण विभाग एवं खेल विभाग को कार्यक्रम की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

- परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल मॉडल बन रहा पहचान
- आधुनिक तकनीक से भूजल रिचार्ज का देश में पहला प्रयोग
राजनांदगांव/शौर्यपथ / राजनांदगांव जिले में भूजल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मिशन जल रक्षा के अंतर्गत एक अनूठी और तकनीकी दृष्टि से समृद्ध पहल की जा रही है, जो राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन रही है। जिले में अब तक कुल 1693 परकोलेशन टैंक का निर्माण किया जा चुका है, जो भूजल रिचार्ज की प्राकृतिक संरचनाओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन टैंकों के निर्माण के लिए जीआईएस फ्रैक्चर जोन आइडेंटिफिकेशन जैसी वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे जल के प्रवाह और भूजल पुनर्भरण के उपयुक्त स्थलों का चयन किया गया। इन टैंकों में आसपास के क्षेत्रों से वर्षा जल एकत्रित होकर सीधे जमीन में रिसता है और भूजल स्तर को पुन: भरने में सहायक होता है।
नवाचार की नई दिशा-
परकोलेशन टैंक तथा इंजेक्शन वेल का समायोजन जल संरक्षण की इस मुहिम को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु राजनांदगांव जिले ने परकोलेशन टैंकों में इंजेक्शन वेल जोडऩे की अभिनव कार्ययोजना तैयार की है। अब तक 200 से अधिक परकोलेशन टैंकों में इंजेक्शन वेल का निर्माण सफलतापूर्वक किया जा चुका है और आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व इस संख्या को और अधिक बढ़ाने हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि युक्त संरचना की लागत मात्र 37 हजार रूपए है जो कि एक हैंडपंप खोदने की लागत से भी कम है और इसका कार्य सीधे सरफेस में इकट्ठा होने वाले जल को फिल्टर मीडिया से गुजारते हुए सीधे ग्राउंडवाटर टेबल में पहुंचने का है।
इंजेक्शन वेल की विशेषताएं -
वर्षा जल को फिल्टर कर गहराई तक सीधे जलभंडार तक पहुँचाया जाता है। संरचना की न्यूनतम लागत मात्र 37000 आसन एवं सीधे समझ में आने वाली तकनीक है। खाली पड़े ग्राउंडवाटर टेबल का सर्वोत्तम उपयोग, यह प्रणाली तेज वर्षा के समय अधिक जल को तुरंत जमीन में भेजने में सक्षम है। परंपरागत रिसाव विधियों की तुलना में अधिक प्रभावशाली भूजल पुनर्भरण संभव होता है। मिशन जल रक्षा के तहत पारंपरिक तारीख से आगे बढ़ते हुए अब नवीनतम तकनीक के आधार पर संरचनाएं तैयार किया जाना आज के समय की मुख्य जरूरत है। जिले की यह पहल इसलिए भी विशिष्ट है क्योंकि इसमें परकोलेशन टैंक के निर्माण में जीआईएस मैपिंग, हाईड्रोलॉजिकल, सर्वे तथा रनआफ कैचमेंट एनॉलसिस जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। इस तकनीकी दृष्टिकोण के कारण संरचनाएं न केवल प्रभावी सिद्ध हो रही हैं, बल्कि उनका दीर्घकालिक जल संरक्षण में योगदान भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाला होगा। साथ ही साथ वर्तमान में स्वीकृत किए गए 46 बोरखनन में हैंडपंप के साथ बोरवेल के साथ-साथ इंजेक्शन वेल की भी स्वीकृति प्रदान की गई जिसमें बोरवेल से 30 फीट की दूरी में ही 100 फिट गहरा इंजेक्शन वेल का निर्माण कर बोरवेल का ओवरफ्लो पानी सीधे इंजेक्शन वेल से जोड़ा जा रहा है जिससे कि पानी का दुरूपयोग कम से कम हो और बोरवेल कभी सूखने की स्थिति में ना आए इन प्रयासों को ग्रामीणों द्वारा बड़े ध्यान पूर्वक देखकर तकनीक को समझते हुए सुझाव भी प्रदान किए जा रहे हैं।
सम्भावित परिणाम और सामाजिक प्रभाव-
इंजेक्शन वेल से वर्षा जल सीधे भूजल स्तर तक पहुँचेगा, जिससे स्थानीय जल स्तर में वृद्धि होगी। कुएं, हैंडपंप, और ट्यूबवेल में जल की उपलब्धता बढ़ेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर पहला प्रयोग -
यह समायोजन मॉडल परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल देश में अपने आप में पहला प्रयास माना जा रहा है, जिसमें भूजल रिचार्ज के लिए अत्याधुनिक तकनीक को समग्र ग्रामीण विकास मॉडल में समाहित किया गया है। यह जल शक्ति मंत्रालय सहित विभिन्न संस्थाओं के लिए भी समय-समय पर  केंद्रीय मंत्री एवं अन्य प्रतिनिधियों के माध्यम से अध्ययन और अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।
प्रशासनिक नेतृत्व एवं सतत निगरानी -
इस पहल के पीछे जिला प्रशासन की दूरदर्शिता, तकनीकी टीमों का समर्पण और जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायतों की सहभागिता प्रमुख भूमिका निभा रही है। कार्य की नियमित निगरानी, सर्वेक्षण और सामुदायिक भागीदारी ने इसे सफल बनाने में निर्णायक योगदान दिया है।
जिले में परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल युक्त भूजल रिचार्ज मॉडल, जल संकट से जूझते ग्रामीण भारत के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह पहल न केवल भूजल स्तर में सुधार लाने वाली है, बल्कि एक सतत, विज्ञान आधारित और सामुदायिक भागीदारी से युक्त जल नीति की मिसाल भी पेश कर रही है।

 राजनांदगांव/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक कार्यालय में पदस्थ सहायक प्रकाशन अधिकारी श्री धर्मेन्द्र शाह मंडावी को पब्लिसिटी ऑफिसर के पद पर पदोन्नति दी गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी रायपुर के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत श्री मंडावी को राजनांदगांव क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रशासनिक कार्यालय में पदस्थ किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में श्री मंडावी के सेवाकाल की शुरूवात वर्ष 2015 से प्रारंभ हुआ। इस दौरान वे रायपुर क्षेत्र, मुख्यमंत्री सचिवालय, अंबिकापुर क्षेत्र में पदस्थ रहे। अविभाजित राजनांदगांव जिले के मोहला-मानपुर वनांचल क्षेत्र औंधी जैसे सुदुर अंचल से गरीबी और अपर्याप्त संसाधनों के बीच श्री मंडावी ने बीएससी (औद्यो0 मात्स्यिकी), पत्रकारिता में स्नातक एवं स्नातकोत्तर, फोटो एवं विडियोग्राफी में डिप्लोमा, एमबीए की शिक्षा हासिल की। विद्युत मंडल में प्रतियोगी परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से सहायक प्रकाशन अधिकारी के पद पर वर्ष 2015 में सिलेक्ट हुए थे। इस अवसर पर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट, अधीक्षण अभियंता राजनांदगांव वृत्त श्री शंकेश्वर कंवर, अधीक्षण अभियंता कवर्धा वृत्त श्री रंजीत घोष सहित सभी कार्यपालन अभियंताओं ने श्री मंडावी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

 देर रात आकस्मिक निरीक्षण कर रेत एवं गिट्टी से भरे 8 वाहन के जप्ती की कार्रवाई की गई
राजनांदगांव/शौर्यपथ /कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जिले में अवैध रेत परिवहन एवं उत्खनन पर राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। देर रात आकस्मिक निरीक्षण कर रेत एवं गिट्टी से भरे 8 वाहन के जप्ती की कार्रवाई की गई। जिसमें से 5 वाहन में रेत एवं 3 में गिट्टी थी। जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर आगे भी निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। भर्रेगांव से रेती से भरे 4 वाहन हाईवा सीजी-08 एएन-3492, सीजी 08 एएल- 3164, सीजी-08 एएम-4503, सीजी-07 सीआर-1931 की जप्ती की कार्रवाई की गई। इसी तरह सीजी-08 एवाई 9034 में रेत तथा सीजी-08 बीड़ी 8700, सीजी-08 एजी 6811, सीजी-08 बीएल 5015 में गिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा एवं खनिज अधिकारी श्री प्रवीण चंद्राकर की टीम ने यह कार्रवाई की। इसी तरह डोंगरगढ़ विकासखंड में भी अवैध रेत परिवहन करते हुए 2 हाईवा जप्त किया गया है। एसडीएम डोंगरगढ़ श्री मनोज मरकाम, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोर्राम द्वारा भी अनुविभागों में रेत के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

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