September 27, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6110)

    फिजियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री बुजुर्ग के कंधों पर हाथ रखकर रिबन तक ले आए थे

    बुजुर्ग से उद्घाटन करने को कहकर कैची दे दी, और खुद रिबन झुकाकर मदद भी की

    रायपुर /शौर्यपथ/

    फिजियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री बुजुर्ग के कंधों पर हाथ रखकर रिबन तक ले आए थे बुजुर्ग से उद्घाटन करने को कहकर कैची दे दी, और खुद रिबन झुकाकर मदद भी की

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के बस्तर प्रवास के दौरान आज अनेक अवसरों पर भावुक कर देने वाले दृश्य उपस्थित हुए। ऐसा ही एक दृश्य उस समय नजर आया जब सियान वाटिका में मुख्यमंत्री से स्नेह और सम्मान पाकर एक बुजुर्ग महिला की आंखें नम हो गईं। उन्होंने अपने थरथराते हाथों से मुख्यमंत्री  बघेल का चेहरा छूकर अपनी ऊंगलियां चूम लीं। 

    सियान वाटिका में मुख्यमंत्री  बघेल फिजियोथेरेपी सुविधा की सौगात देने पहुंचे थे। उद्घाटन के अवसर पर  बघेल सियान वाटिका की ही निवासी बुजुर्ग सोनादई के कंधों पर हाथ रखकर उन्हें वहां बंधे लाल फीते तक ले आए। उन्होंने उनके हाथों में कैची देते हुए फीता काटने को कहा। बुजुर्ग सोनादई के हाथ फीते तक पहुंच सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं फीते को सोनदई के कद तक झुका दिया। मुख्यमंत्री के इस व्यवहार से सोनादई भावुक हो उठीं। उन्होंने स्नेह से मुख्यमंत्री का चेहरा चूम लिया।


    मेट बनकर अपनी कार्यकुशलता से पूरे गांव की प्रेरणा बन गई है सोमारी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सोमारी के उज्जवल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं

    रायपुर /शौर्यपथ/

    कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत आलोर की रहने वाली सोमारी मरकाम को नीयती ने कद तो छोटा दिया, लेकिन हौसले बुलंद दिए। इसी हौसले के साथ कुछ कर गुजरने के जुनून से उसने न केवल खुद के जीने की राह बना ली, बल्कि गांव के लोगों को भी रोजगार दिलाने में मददगार बन रही है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के बस्तर प्रवास के दौरान सोमारी उनसे मुलाकात करने जगदलपुर आई थी।  बघेल ने सोमारी से देर तक बातचीत की। उन्होंने सोमारी के कामों की जमकर तारीफ करते हुए उसे नया मोबाइल सेट भी भेंट किया। सोमारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह उनके साथ सेल्फी लेना चाहती है, मुख्यमंत्री तुरंत राजी हो गए और खुद मोबाइल हाथ में लेकर सोमारी के साथ सेल्फी उतारी।

    सोमारी को अपने छोटे कद के कारण रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। हायर सेकंडरी की परीक्षा पास होने के बाद उसे आगे की पढ़ाई के लिए के लिए तंगी महसूस हो रही थी। उसके परिवार में मां और पिता के अलावा एक भाई भी है। उनका परिवार गरीबी रेखा के नीचे गुजारा करता है। सोमारी चाहती थी कि कोई नौकरी मिल जाए तो वह आपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सके। पूरे छत्तीसगढ़ की तरह कोंडागांव जिले के गांवों में भी रोजगार गारंटी योजना के तहत खुले कामों ने उसे राह दिखाई। उसने रोजगार सहायक से संपर्क किया और मेट बन गई। आज सुबह 5 बजे से अपने काम में जुट जाती है। कार्यस्थल पर गोदी की मार्किंग करने से लेकर खोदाई कराने, पंजी का संधारण करने, जॉब कार्ड अपडेट करने, मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन मस्टर रोल भरने की जिम्मेदारी वह निभा रही है। जरूरत के मुताबिक काम और समय पर काम का भुगतान मिलने से गांव के लोग भी सोमारी से खुश हैं। सोमारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसे अपना काम बहुत पसंद है। अब स्वाध्ययन के जरिये वह कॉलेज की पढ़ाई करने की अपनी इच्छा भी पूरी कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम सोमारी के और भी उज्जवल भविष्य और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के आज जगदलपुर प्रवास के दौरान स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में श्री सत्यसाई संजीवनी हॉस्पिटल के चेयरमेन श्रीनिवास और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोगों नेे मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट की।  बघेल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरभा में  सत्यसाई संजीवनी अस्पताल द्वारा प्रारंभ किए जा रहे चिकित्सा सुविधा केंद्र के लिए बस्तर के जनप्रतिनिधियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कलेक्टर  रजत बंसल को आवश्यक पहल करने के निर्देश भी दिए। 

    मुख्यमंत्री के आग्रह पर बस्तर अंचल के जनप्रतिनिधियों ने दरभा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रारंभ किए जा रहे चिकित्सा सुविधा केंद्र के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरभा में  सत्यसाई संजीवनी अस्पताल के द्वारा चिकित्सा सुविधा केंद्र के स्थापना करने से गर्भवती माताओं कों निःशुल्क उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के लिए उत्तम भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। 

    इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा, कृषि मंत्री  रविंद्र चौबे, सांसद  दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव  रेखचंद जैन, बस्तर विकास प्रािधकरण के उपाध्यक्ष  विक्रम मंडावी, विधायक दंतेवाड़ा  देवती कर्मा, विधायक चित्रकोट  राजमन बेंजाम, महापौर  सफीर साहू, क्रेडा अध्यक्ष  मिथलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  एमआर निषाद सहित कलेक्टर  रजत बंसल एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारीगण उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने जगदलपुर शहर के धरमपुरा स्थित आस्था निकुंज सियान वाटिका (वृद्धाश्रम) में वृद्धजनों से मुलाकात कर प्रदेश की खुशहाली के लिए उनका आशीर्वाद लिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे इस वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजनों एवं अधिक उम्र की वृद्धाओं की शारीरिक आवश्यकता को देखते हुए जिला रेड क्रॉस सोसायटी की सहायता से प्रारंभ किए जा रहे फिजियोथेरेपी केन्द्र का शुभारंभ किया। इस फिजियोथेरेपी केन्द्र में आसपास रहने वाले अन्य वृद्धों को भी फिजियोथेरेपी की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रेडक्रॉस सोसायटी की सहायता से संचालित यहां फिजियोथेरेपी ऑन व्हील की सौगात भी मुख्यमंत्री ने आज दी। इसके माध्यम से जिले के वृद्धजनों और जरुरतमंदों को फिजियोथेरेपी की घर पहुंच सुविधा प्रदान करने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वृद्धजनों को फल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    ज्ञात हो कि आस्था निकुंज सियान वाटिका (वृद्धाश्रम) जगदलपुर के धरमपुरा-01 में जुलाई 1998 से संचालित की जा रही है। सियान वाटिका को समाज कल्याण से पोषित और रेडक्रास सोसायटी द्वारा संचालित किया जा रहा है यहां वर्तमान में 15 निराश्रित वृद्धाएं रह रही हैं। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रविंद्र चौबे, उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, सांसद बस्तर दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव  रेखचंद जैन, विधायक चित्रकोट  राजमन बेंजाम, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, कमिश्नर  जीआर चुरेंद्र, आईजी बस्तर  सुन्दरराज पी., कलेक्टर  रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र मीणा सहित जनप्रतिनिधिगण व अन्य अधिकारी उपस्थित थे

    बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सराहा
    विभिन्न विभागों ने स्टॉलों के माध्यम से बस्तर की विशेषताओं का किया गया प्रदर्शन

    रायपुर/शौर्यपथ/


    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज चिराग योजना के शुभारंभ के अवसर पर कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि एवं सहयोगी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का (कृषि मेला) अवलोकन भी किया और यहां के प्रगतिशील किसानों से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया गया। कृषि मेले में कृषि विज्ञान केन्द्र-इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा लाई फोड़ाई मशीन, लघु धान्य फसल बुआई यन्त्र, हल, मेंड़ बनाने का यन्त्र, कोदो वीडर, पैडी वीडर, साईकिल व्हील हो, बस्तर कृषि उत्पाद का प्रदर्शन, लघुधान्य फसलों की विभिन्न किस्में, काजू प्रसंस्करण केन्द्र आदि का प्रर्दशन किया गया। कृषि मड़ई में मछली पालन विभाग, नारियल विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) में हरीहर बाजार, डैनेक्स, पशुधन विकास विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विकास एवं कृषि कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विभिन्न उत्पादों, कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री  बघेल सहित कृषि मंत्री  रवीन्द्र चौबे एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने स्टॉलों का अवलोकन किया और कृषकों, महिला स्व-सहायता समूहों, लघु वनोपज का संग्रहण, प्रसंस्करण से बने उत्पादों का स्वाद भी लिया।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने मछली पालन विभाग की मोंगरी योजना के तहत 10 मत्स्य उत्पादकों को मोटर साइकिल सह आईस बाक्स का वितरण किया और कृषि अभियांत्रिकी बस्तर संभाग के तहत 7 कृषकों एवं एक महिला स्व सहायता समूह को एक-एक नग ट्रैक्टर सह उन्नत कृषि यंत्र प्रदाय किया। उन्होंने कच्ची घनी तेल प्रसंस्करण मशीन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रदर्शित बस्तर के सभी जिलों बस्तर का काजू, कोण्डागंाव का नारियल, नारायणपुर का शकरकन्द, कांकेर का सीताफल, सुकमा की लौकी, दंतेवाड़ा का कुम्हड़ा और बीजापुर का चीकू की भूरी भूरी प्रश्ंासा की। उन्होंने रागी से निर्मित कुकीज़ का स्वाद लिया और महिला स्व-सहायता को स्थानीय उत्पादों से विशिष्ट खाद्य एवं पेय पदार्थ निर्मित करने के लिए प्रोत्साहन दिया। 

    इस अवसर पर कृषि मंत्री  रविंद्र चौबे, उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, सांसद बस्तर दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष  विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव  रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, विधायक दंतेवाडा  देवती कर्मा, विधायक चित्रकोट  राजमन बेंज़ाम, महापौर  सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष  कविता साहू, कलेक्टर  रजत बंसल, सहित गणमान्यजन प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री ने वैलनेस टूरिज्म की सुविधा का किया शुभारंभ

    रायपुर/शौर्यपथ/

    बस्तर अंचल में पर्यटकों को वैलनेस टूरिज्म की सुविधाएं मिलेंगी। वैलनेस टूरिज्म के तहत बस्तर अंचल में सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों में योगा, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, नेचर हीलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जगदलपुर के थिंक बी स्टार्ट अप सेंटर शुभारंभ के अवसर पर वैलनेस टूरिज्म का भी औपचारिक शुभारंभ किया। वैलनेस टूरिज्म के तहत पर्यटकों को स्वस्थ जीवन शैली के लिए मार्गदर्शन एवं परामर्श भी दिया जायेगा। शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक स्वास्थ्य के गुर भी सिखायें जाएंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वैलनेस टूरिज्म के जरिये देश-विदेश के पर्यटक बस्तर अंचल में आने के लिए आकर्षित होंगे। इससे अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ लोगों को आय का जरिया भी मिलेगा। बस्तर अंचल में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम। उन्होंने इस अवसर पर पर्यटन समिति के सदस्यों को आरोग्यम योगा किट का वितरण किया। योगा किट में योगा मेट, एरोमेटिक ऑयल्स, अगरबत्ती, म्यूजिक सिस्टम, दरी, थर्मल स्कैनर, इंडक्शन कुकर, डिफ्यूजर, ग्लव्स आदि शामिल है।
    गौरतलब है कि पर्यटकों को आकर्षित करने एवं उन्हें हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करवाने जिला प्रशासन बस्तर लगातार नित नये प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला के तहत बस्तर में पर्यटकों के लिए मुख्य पर्यटन स्थलों पर वैलनेस टूरिज्म की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। वैलनेस टूरिज्म का संचालन स्थानीय पर्यटन समितियों के द्वारा योग्य एवं प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के सहयोग से किया जाएगा जिससे स्थानीय ग्राम वासियों को भी अच्छी खासी आय प्राप्त होगी।

    मुख्यमंत्री ने किया चिराग परियोजना का शुभारंभ
    1735 करोड़ रुपए की यह परियोजना राज्य के 14 जिलों के आदिवासी क्षेत्रों में होगी लागू

    कृषि क्षेत्र में विकास के नये और विकसित तौर-तरीकों को मिलेगा बढ़ावा

    किसानों की बढ़ेगी आमदनी, पौष्टिक भोजन की उपलब्धता के साथ विकसित होगी जलवायु आधारित पोषण-उत्पादन प्रणाली

    प्राकृतिक संसाधनों का होगा बेहतर प्रबंधन
    धरमू माहरा के नाम पर होगा शासकीय महिला पॉलिटेक्निक धरमपुरा
    जगतू माहरा के नाम पर होगा बस्तर हाई स्कूल
    जगतू माहरा के नाम पर बनेगा भव्य सामुदायिक भवन मुख्यमंत्री ने की घोषणा 

    रायपुर/शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज जगदलपुर में चिराग परियोजना का शुभारंभ किया। कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कृषि मड़ई कार्यक्रम में परियोजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विश्व बैंक की सहायता से संचालित होने वाली लगभग 1735 करोड़ रुपए की इस परियोजना को बस्तर के लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली अब तक की सबसे बड़ी परियोजना बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बड़ी योजना का शुभारंभ बस्तर में मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर किया जा रहा है और इसी का परिणाम है कि ये योजनाएं सफल भी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि “चिराग परियोजना” छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा संभाग सहित 14 जिलों में लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिराग परियोजना आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी रौशनी फैलाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शासकीय महिला पॉलिटेक्निक धरमपुरा का नामकरण धरमू माहरा के नाम पर और बस्तर हाईस्कूल को जगतू माहरा के नाम पर करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने जगतू माहरा के नाम पर भव्य सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कृषि मड़ई में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों की आमदनी के अवसरों को बढ़ाना, गांवों में पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना, क्षेत्र की जलवायु पर आधारित पोषण-उत्पादन प्रणाली विकसित करना, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की कार्यप्रणाली का विकास करना है। इस परियोजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र में विकास के नये और विकसित तौर-तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। “चिराग परियोजना” आदिवासियों के लिए नये अवसर और नयी आशाएं लाने वाली परियोजना है। आधुनिक खेती और नवाचारों से जुड़कर वे नये जीवन में प्रवेश करेंगे।

    इस परियोजना के लिए विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र संघ की कृषि विकास हेतु स्थापित संस्था आईएफएडी ने वित्तीय सहायता दी है। विश्व बैंक द्वारा 730 करोड़ रुपए, आईएफएडी द्वारा 486.69 करोड़ रुपए की सहायता इस परियोजना के लिए दी गई है। राज्य सरकार ने इस परियोजना की कुल राशि में 30 प्रतिशत राशि, 518.68 करोड़ रुपये अपने राजकीय कोष से उपलब्ध कराए हैं। चिराग परियोजना को बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा, मुंगेली, बलौदाबाजार, बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा जिलों के आदिवासी विकासखंडों में लागू किया जाएगा। चिराग परियोजना बस्तर संभाग के बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड व बस्तर, कांकेर जिला के विकासखंड चारामा, नरहरपुर में, जिला कोंडागांव में विकासखंड बड़े राजपुर और माकड़ी, नारायणपुर जिले के विकासखंड नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड दंतेवाड़ा व कटेकल्याण, सुकमा जिले के विकासखंड छिंदगढ़़ और सुकमा, बीजापुर जिले के विकासखंड भोपालपट्नम और भैरमगढ़ के चयनित ग्रामों में क्रियान्वयन की जाएगी। इससे बस्तर अंचल में खेती-किसानी को समृद्ध और लाभदायी बनाने में मदद मिलेगी और बस्तर अंचल के किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक खेती की ओर अग्रसर होंगे। इससे उनकी माली हालात बेहतर होगी और उनके जीवन में खुशहाली का एक नया दौर शुरू होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिराग परियोजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुसार उन्नत कृषि उत्तम स्वास्थ के दृष्टिकोण से पोषण आहार में सुधार, कृषि और अन्य उत्पादों का मूल्य संर्वधन कर कृषकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना है। परियोजना के अंतर्गत लघुधान्य फसलें, समन्वित कृषि, जैविक खेती को प्रोत्साहन, भू-जल संवर्धन, उद्यानिकी फसलों, बाड़ी और उद्यान विकास, उन्नत मत्स्य और पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के अतिरिक्त किसानों के उपज का मूल्य संवर्धन कर अधिक आय अर्जित करने केे कार्य किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए बाजार उपलब्धता के भी प्रयास किए जाएंगे। परियोजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार के सुराजी योजना के गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से यहां प्रारंभ की गई सभी योजनाएं सफल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की इसी धरती पर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया गया था और आज परिणाम यह है कि कुपोषण की दर 32 फीसदी कम हो गई है। इसी तरह 80 हजार से अधिक महिलाएं एनीमियामुक्त हो गई हैं। मलेरियामुक्त बस्तर अभियान भी यहीं से प्रारंभ किया गया था। इस अभियान से बस्तर में मलेरिया के मामलों मंे 45 फीसदी और सरगुजा में 60 फीसदी की कमी आई है। यहीं से प्रारंभ किए गए मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के कारण अब उल्टी-दस्त और डायरिया के कारण शिविर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि आमतौर पर उद्योगों की स्थापना के लिए किसानों की जमीन ली जाती है मगर बस्तर के लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र में पहली बार उद्योग स्थापना के लिए अधिग्रहित भूमि को वापस करने का कार्य किया गया। 

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे ने कहा कि बस्तर के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। बस्तर की पहचान बदलने के लिए 1735 करोड़ रुपए की चिराग परियोजना का शुभारंभ किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से अधोसंरचना के विकास के साथ ही तकनीकी आधारित कृषि को बढ़ावा देने और उत्पादों के प्रसंस्करण के माध्यम से स्थानीय युवाओं की आय में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के उत्पादों की अच्छी गुणवत्ता के कारण इसकी अपनी पहचान है। अब बस्तर के यह उत्पाद दिल्ली-मुंबई में भी बिकेंगे और फ्लिपकार्ट व अमेजन जैसे ऑनलाईन मार्केट प्लेटफार्म में भी उपलब्ध होंगे। कृषि मंत्री  चौबे ने कहा कि इस वर्ष 1 करोड़ 5 लाख मैट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में मिलेट मिशन की शुरुआत हुई है, जिसके तहत कोदो-कुटकी जैसे लघु धान्य फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने का कार्य छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा। जिले के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा और सांसद  दीपक बैज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष  मनोज मंडावी, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव  रेखचंद जैन, राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  संतराम नेताम व  विक्रमशाह मंडावी, दंतेवाड़ा विधायक  देवती कर्मा, विधायक चित्रकोट  राजमन बेंजाम, भिलाई विधायक  देवेन्द्र यादव, महापौर  सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष  कविता साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एस.एस. सेंगर, कमिश्नर  जी.आर. चुरेंद्र, आईजी बस्तर श्री सुन्दरराज पी., कलेक्टर  रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र मीणा सहित गणमान्यजन प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    ’मुख्यमंत्री ने किया कृषि महाविद्यालय की टेक्निकल बुलेटिन का विमोचन ’ 

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस अवसर पर शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय द्वारा जारी कृषि आधारित टेक्निकल बुलेटिन ‘बस्तर की प्रमुख दलहनी फसल‘ का विमोचन किया।
    भुमगादी महिला कृषि उत्पादक समूह और उद्यानिकी महाविद्यालय के मध्य कॉफी के लिए हुआ एमओयू
    इस अवसर पर भूमगादी महिला कृषि उत्पादक समूह और उद्यानिकी महाविद्यालय के बीच कॉफी के लिए एमओयू किया गया। मुख्यमंत्री एवं अतिथियों द्वारा वृहद कृषि मड़ई में संभाग के प्रगतिशील किसान, कृषि उत्पादक समूह और स्वसहायता समूहों के सदस्यों का सम्मान भी किया गया।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा वाणिज्यक कर (पंजीयन एवं मुद्रांक) मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल 25 नवम्बर को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के प्रवास रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राजस्व मंत्री सबेरे 10 बजे कोरबा से प्रस्थान कर दोपहर 12.30 बजे गौरेला-पेण्ड्रा पहुॅचेंगे और वहां दोपहर 12.30 बजे से 12.50 बजे तक बाजार चौक पेण्ड्रा में विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। दोपहर 1 बजे से 1.45 बजे तक ग्राम बचरवार में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से 2.40 बजे गौरेला नगर पंचायत क्षेत्र में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद विकासखंड मरवाही के ग्राम खनतावरवासन में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। श्री अग्रवाल सायं 4 बजे से 5 बजे तक गौरेला-पेण्ड्रा के रेस्ट हाउस में अधिकारियों की बैठक लेने के बाद वहां से कोरबा के लिए प्रस्थान करेंगे।

    रायपुर/शौर्यपथ/

    ’’वर्किंग वुमेन ट्रांजिट हॉस्टल’’ के गृह प्रवेश कार्यक्रम में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान धरमपुरा-01 में नवनिर्मित इंद्रावती ’वर्किंग वुमेन ट्रांजिट हॉस्टल’ के गृह प्रवेश कार्यक्रम में भाग लेकर महिलाओं को उनके कमरों की चाबियां सौंपी। उन्होंने यहां गृह प्रवेश करने वाली महिला हितग्राहियों को चाबी सौंपते हुए सुरक्षित वातावरण में आवास की सुविधा पाने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हितग्राहियों के पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में भी जानकारी ली। बातचीत के दौरान हितग्राहियों ने अत्यंत अल्प किराए में सर्वसुविधायुक्त सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध करने के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया।

    यह 100 सीटर हॉस्टल लगभग 6 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से निर्मित किया गया है। हॉस्टल में दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित एवं सर्वसुविधा युक्त आवास की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में हॉस्टल में निवासरत् महिलाओं से मुख्यमंत्री श्री बघेल ने व्यवस्थाओं से संबंध में चर्चा की। उत्तराखंड की ऋचा साहू, दिल्ली की जया और कोलकाता की आत्रेयी ने बताया कि वे लोग एनजीओ में कार्यरत् हैं यहां पर कुछ दिनों से निवास कर रही हैं। इन युवतियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पूर्व में यहां पर आकर आवास ढूंढना एक बड़ी समस्या थी साथ ही किराये के घर मिलने में भी कुछ न कुछ समस्याएं आती रही हैं। परन्तु अब इस हॉस्टल के निर्माण से कामकाजी महिलाओं की इस समस्या का समाधान हो गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी जताया। 

    इस अवसर पर कृषि मंत्री  रविंद्र चौबे, उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, सांसद बस्तर दीपक बैज, संसदीय सचिव  रेखचंद जैन बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष  विक्रम मंडावी और  संतराम नेताम, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, विधायक दंतेवाड़ा  देवती कर्मा, विधायक चित्रकोट  राजमन बेंजाम, महापौर  सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष  कविता साहू, कमिश्नर  जीआर चुरेंद्र, आईजी बस्तर  सुन्दरराज पी., कलेक्टर  रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र मीणा सहित गणमान्यजन प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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