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रायपुर /शौर्यपथ/
राज्य शासन द्वारा धमतरी जिले के कोविड-19 से मृत दो व्यक्तियों के निकटतम परिजनों को राज्य आपदा मोचन निधि से 50-50 हजार रूपए के मान से कुल एक लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। धमतरी कलेक्टर ने राज्य आपदा मोचन निधि से कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के परिजनों को 50-50 हजार रूपए स्वीकृत कर दिया है। इनमें ग्राम बोरिदखुर्द के श्री पुनीत राम कोर्राम की कोविड-19 से मृत्यु हो जाने पर आवेदिका ईश्वरी बाई कोर्राम को 50 हजार रूपए स्वीकृत किए गए। इसी तरह अनिता सिन्हा की मृत्यु होने पर आवेदक श्री चोलन सिन्हा को 50 हजार रूपए राज्य आपदा मोचन निधि से स्वीकृत किया गया है।
गौरतलब है कि कोविड-19 की वजह से मृत व्यक्तियों के परिजन/आश्रितों को अनुदान सहायता देने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके परिपालन में अनुविभागीय अधिकारी धमतरी द्वारा आवेदन पत्रों की जांच के बाद स्वीकृति के लिए प्रस्तावित किया गया। इसके मद्देनजर उक्त सहायता राशि कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है।
*पीड़िता गर्भवती होकर दिया नवजात बच्चे को जन्म, दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार*
▫️ *भा द वि एवं पोक्सो एक्ट के तहत की गई वैधानिक कार्यवाही*
▫️ *थाना नगरी पुलिस की कार्यवाही*
थाना नगरी क्षेत्रांतर्गत प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 26/08/2021 को उसके लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर भगा कर अपने साथ ले गया। जिस पर थाना नगरी में गुम इंसान कायम कर गुमशुदा की पता तलाश की जा रही थी। मामले की जांच के दौरान गुमशुदा नाबालिग बालिका होने तथा किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके वैद्य संरक्षक की अनुमति के बिना बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका पर से थाना नगरी में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 116/21 धारा 363 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने लंबित मामलों के निराकरण तथा नाबालिकों की जल्द से जल्द पतासाजी कर वैधानिक कार्यवाही करने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही गुम नाबालिगों की पतासाजी हेतु दीगर प्रांत जाने की आवश्यकता होने पर विधिवत अनुमति उपरांत पुलिस टीम तैयार कर भेजने निर्देशित किये। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पॉल के मार्गदर्शन व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नगरी श्री मयंक रणसिंह के पर्यवेक्षण में अपहृत नाबालिग बालिका व अज्ञात आरोपी की पता तलाश हेतु विश्वसनीय मुखबिर लगाते हुए तकनीकी साक्ष्य भी संकलित किये गए।
इसी दौरान संकलित किए गए तकनीकी साक्ष्यों व विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि आपहृता दीगर राज्य राजस्थान के रायला ग्राम में संदेही के साथ है। उक्त सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर विधिवत अनुमति उपरांत थाना प्रभारी नगरी कोमल नेताम द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर दीगर प्रांत राजस्थान रवाना किया गया। उक्त टीम के द्वारा ग्राम रायला में जाकर अपहृत एवं अज्ञात आरोपी के संबंध में पतासाजी की गई। इस दौरान जानकारी हुई कि उसने नवजात शिशु को जन्म दिया है, जो नागपुर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में उपचाररत है। तदुपरांत पुलिस टीम के द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर अपहृता को संदेही आरोपी अनीश के कब्जे से बरामद कर वैधानिक कार्यवाही की गई। विवेचना क्रम में पाया गया कि आरोपी अनीश उर्फ अनेश्वर सोनवानी द्वारा पीड़िता को बहला-फुसलाकर, शादी करने का प्रलोभन देकर अपने साथ ले गया और उसके मना करने के बावजूद कई बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाकर दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई तथा एक नवजात बच्ची को जन्म दी। विवेचना क्रम में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मामले में धारा 366, 376 भादवि एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 जोड़ते हुए *आरोपी अनीश उर्फ अनेश्वर सोनवानी पिता नोहर सिंह सोनवानी साकिन ग्राम कोटाभर्री थाना नगरी जिला धमतरी* को विधिवत गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
उप संपूर्ण कार्यवाही में सहायक उपनिरीक्षक अलख राम सिरदार, आरक्षक धरमवीर सिंह राजपूत, शंकर दयाल त्रिपाठी एवं ढ़ाल सिंह ध्रुव का विशेष योगदान रहा।
रायपुर । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति को सहेजने और जनमन के बीच प्रतिष्ठित कराने का कार्य सूरता लोक संस्कृतिक मंच द्वारा किया जा रहा है ।सुरता के मंच से बहूप्रतिष्ठित "लोकरत्न सुरता सम्मान"दिया जाता है ।यह सम्मान विगत चार दशक से लोक कला जगत में सक्रिय वरिष्ठ लोकरंगकर्मी- निर्देशक उद्घोषक श्री विजय मिश्रा "अमित"को प्रदान किया गया। उन्हें इस सम्मान से पूर्व मंत्री एवं वर्तमान रायपुर ग्रामीण विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा ने विभूषित किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री मिश्रा को लोककला जगत काआधार स्तम्भ बताते हुए उनकी गतिविधियों को लोककला के संरक्षण के लिए बहूपयोगी कहा।साथ ही विधायक श्री शर्मा ने नवोदित कलाकारों के लिए उनके योगदान को प्रेरणास्पद निरूपित किया। सम्मान समारोह में सुरता के संचालक श्री नरेंद्र जलत्रीय ने बताया श्री विजय मिश्रा छत्तीसगढ़ के लोककला मर्मज्ञ स्व रामचंद्र देशमुख,महासिग चंन्द्राकर की संस्था से सम्बद्ध रहे हैं। लोकनाट्यों को आपने राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत कर अपनी अद्भुत कला से प्रदेश का मान बढ़ाया है।इस अवसर पर युवानेता विशाल शर्मा, वरिष्ठ कलाकार नरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
डॉ. कमलप्रीत सिंह ने की तैयारियों की समीक्षा
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पं. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शिक्षा समागम का आयोजन 14 एवं 15 नवम्बर को साइंस कॉलेज मैदान स्थित आडिटोरियम में किया जा रहा है। जिसकी तैयारी करने शिक्षा का अमला लगा हुआ है। इसमें राज्य में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न राज्यों में किये जा रहे नवाचारों को आपस में साझा किया जाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारी कार्यक्रमों पर केंद्रित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जिसमें राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में किये गए नवाचारी कार्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस समागम में अन्य राज्यों के शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले नवाचारी शिक्षकों को छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आमंत्रित किया गया है जो अपने राज्यों के नवाचारी मॉडल को प्रदर्शित करेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने एससीईआरटी रायपुर में बैठक लेकर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव राजेश सिंह राणा, प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा अभियान नरेंद्र सिंह दुग्गा, योजना आयोग की मिताक्षरा उपस्थित थे।
शिक्षा समागम के दौरान अन्य राज्यों से आए शिक्षाविदो एवं शिक्षकों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोनाकाल में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किए गए नवाचारों को साझा किया जाएगा, ताकि इसका प्रयोग वह अपने राज्यों में कर सकें। पण्डित जवाहर लाल नेहरू नेशनल एजुकेशन कॉन्क्लेव में विभिन्न राज्यों के शिक्षाविद्, शिक्षकों द्वारा गुणात्मक शिक्षा के लिए अपनाए जा रहे नवाचारों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त रिइमेजनिंग स्कूल ऑफ टूमारो, वोकेशनल एजुकेशन एण्ड इंटरप्रिन्योरशिप माइंडसेट फॉर 21वीं सेंचुरी, फ्यूचर ऑफ आनलाईन लर्निंग बिल्डिंग बैक बेटरः लेसन फ्रॉम द पेंडमिक, टीचर्स एज लीडर्स, गवरर्नेंस रिफार्मस एट स्केल, अरली इयर्स इन्क्लूजन इन क्लास रूम आदि विषयों पर प्रस्तुतिकरण होगा।
सम्मेलन के सफल संचालन हेतु डॉ. कमलप्रीत सिंह ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रशासनिक व अकादमिक कार्य के साथ समागम का संचालन करने कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी के. सी. काबरा, डॉ. एम. सुधीश और अशोक बंजारा को बनाया गया है। अकादमिक जिम्मेदारियां, सत्रों का नियोजन प्रभारी डॉ. योगेश शिवहरे, मंच व्यवस्था प्रभारी आशुतोष चाँवरे, स्टेट मीडिया सेंटर की जिम्मेदारी प्रशांत कुमार पांडेय को सौंपी गई है। प्रदर्शनी प्रबंधन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, पंजीयन एवं सामग्री वितरण, भोजन एवं आवास, वाहन एवं लाइजनिंग के साथ कार्य, आईसीटी व्यवस्थाएं, कंट्रोल रूम प्रभारी एवं दस्तावेजीकरण कार्य करने प्रभारियों के साथ बैठक आयोजित की। जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा समागम कार्यक्रम को सम्पन्न कराने निर्देश दिए।
व्यापार एवं उद्योग का पहिया ग्राहक की जेब में पैसा होने पर ही घूमता है- मुख्यमंत्री
पंडरी कपड़ा और रेडीमेड व्यापारी संघ द्वारा मुख्यमंत्री का सम्मान
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम पंडरी कपड़ा एवं रेडिमेड व्यापारी संघ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में व्यापार और रोजगार बढ़ाने के लिए गांव को प्रोडक्शन सेंटर और शहर को ट्रेडिंग सेंटर बनाएं। कपड़ा व्यापारी डिजाइनरों को प्रशिक्षण देकर उन्हें कपड़ा, डिजाइन और उत्पादन का ऑर्डर दें। राज्य सरकार इसके लिए जमीन, शेड और मशीन उपलब्ध कराएगी। इससे लोगों को रोजगार के साथ ही ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी का कपड़ा भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए व्यापारी, जिला कलेक्टर के साथ बैठकर परियोजना तैयार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा में सरकार की सहायता से डैनेक्स गारमेंट का कार्य शुरू हुआ है और वह अच्छी तरह संचालित हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पंडरी कपड़ा और रेडीमेड व्यापारी संघ ने श्रीफल, शॉल, चंद्रकलश एवं माल्यार्पण कर उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने 20 दिन से चल रहे पंडरी फेस्टिवल का लकी ड्रा निकाला। कार्यक्रम का आयोजन 7 व्यापारी संगठनों द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि व्यापार और उद्योग का पहिया घूमता है, जब ग्राहक की जेब में पैसा जाएगा। जब जेब में पैसा होता है, तब ग्राहक क्वालिटी और ब्राण्डेड सामग्री देखता है। सरकार ने अपनी नीति से सभी वर्गों के आर्थिक उत्थान के लिए कार्य किया है। ग्राहकों की जेब में पैसा पहुंचाया है, इससे व्यापार में फर्क आया है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के बाजार में रौनक है इससे उद्योगों का पहिया भी घूमेगा। इन सब प्रक्रिया से लोगों के जीवन स्तर में परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश यह है कि व्यापारी, उद्योग को सुविधा दें तो वे उसे जोड़कर बेहतर बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार जितना बढ़ेगा उतना ही लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य बात यह है कि हम व्यापार को कैसे बढ़ाएं, किसी एक वर्ग को नहीं, सभी वर्गों को आगे बढ़ाकर ही ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ को सार्थक कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलगढ़ की थी, वह अब सिमट गई है। अब छत्तीसगढ़ में किसान, आदिवासी कला संस्कृति, धान उपार्जन, तेंदूपत्ता संग्रहण आदि की चर्चा देश में होती है। उन्होंने कहा कि व्यापार तभी बढ़ेगा जब सभी वर्गों के जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाएंगे।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष एवं विधायक कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर, अध्यक्ष चेम्बर ऑफ कॉमर्स अमर परवानी, व्यापारी संगठन के विजय भाई मुकीम, अशोक बरड़िया, अध्यक्ष कपड़ा मार्केट पंडरी चंदर विधानी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पार्षद बंटी होरा, प्रमोद मिश्रा, नागभूषण राव सहित 7 व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
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बस्तर फाइटर्स की भर्ती प्रक्रिया जनवरी माह तक करें पूर्ण
महिला सुरक्षा हेतु शीघ्र लॉन्च करें एप्प
शहर के प्रमुख स्थानों में पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति दिखनी चाहिये
शहीद विनोद चौबे के नाम पर मिलेगी डीजीपी मेरिट स्कॉलरशिप
रायपुर /शौर्यपथ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिटफंड कंपनियों के फरार संचालकों के विरुद्ध धीमी कार्रवाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाये। इसी प्रकार चिटफंड संचालकों की संपत्तियों की नीलामी पर अपेक्षित प्रगति ना होने पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त की । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बस्तर फाइटर्स की भर्ती प्रक्रिया में विलंब होने को गंभीरता से लिया और कहा कि भर्ती प्रक्रिया हर हाल में जनवरी 2022 तक पूर्ण की जाये। उन्होंने कहा कि अंतर्राज्जीय गांजा तस्करी पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने राज्य भर में संचालित हुक्का बार बंद कराये जाएं और कहा कि ये सुनिश्चित करें कि हुक्का बार फिर से शुरु ना होने पाएं । मुख्यमंत्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में गृह विभाग के कार्यों की समीक्षा की ।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओँ और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है इसके बावजूद भी महिलाओँ की सुरक्षा हेतु एप्प तैयारी में विलंब होना अत्यंत खेद का विषय है । उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि महिला सुरक्षा एप्प तैयार कर जल्द ही इसका प्रदर्शन एवं लॉन्चिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में जुआ-सट्टा एवं अवैध कारोबार पर नाराजगी जाहिर की । उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में जुआ-सट्टा एवं अवैध कारोबार नहीं होना चाहिये । पुलिस अधिकारियों द्वारा अवैध कारोबारियों पर कड़ी निगरानी रख कार्रवाई की जाए । मुख्यमंत्री ने पूछा कि उनके निर्देश के बाद भी जिलों में कानून-व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है ।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नागरिकों में विश्वास और अपराधियों में भय व्याप्त करने हेतु शहर के प्रमुख स्थानों में पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दिखनी चाहिये । इस कार्य में लापरवाही बरतने बर्दाश्त नहीं की जाएगी । बैठक में मुख्यमंत्री ने आदिवासियों पर दर्ज प्रकरणों की वापसी की धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांजा तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, इस पर तत्काल रोक लगायी जाए । उन्होंने गृहविभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि भारत सरकार के एनसीबी को अंतर्राज्जीय गांजा तस्करी पर रोकथाम और कार्रवाई हेतु पत्र लिखा जाये । अधिकारियों ने बताया कि गांजा तस्करी रोकने हेतु सीमावर्ती जिलों में सीसीटीवी से लैस चेकपोस्ट बनाये गये हैं । विशेष तौर पर उड़ीसा की सीमा से सटे जिलों जशपुर, रायगढ़, महासमुंद, गरियाबंद, कोण्डागांव, जगदलपुर और सुकमा जिले में विशेष निगरानी बरती जा रही है ।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी मेरिट स्कॉलरशिप शहीद विनोद चौबे के नाम पर करने के निर्देश दिये । बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जा रहा है । पुलिस कल्याण कोष में प्रतिवर्ष अनुदान को बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया गया है । विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया का काफी सरलीकरण किया गया है । लगभग 3750 कर्मचारियों के पदोन्नति हेतु योग्यता सूची जारी कर दी गयी है । अधिकारियों ने बताया कि बस्तर फाइटर्स के अंतर्गत 2100 पदों के साथ ही सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 975 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है । ढाई वर्षों से अधिक एक ही स्थान पर पदस्थ लगभग 4 हजार पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण कर दिया गया है ।
बैठक में बताया गया कि सोशल मीडिया में किये जाने वाले भ्रामक प्रचार, सामाजिक विद्वेष, धार्मिक उन्माद फैलाने वाली पोस्ट वायरल होने से रोकने हेतु सभी जिलों में एवं राज्य स्तर पर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन कर दिया गया है। रायपुर रेंज के पांच जिलों की सेल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है इसके साथ बाकी सभी जिलों की मॉनिटरिंग सेल का प्रशिक्षण इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा । बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों तथा पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की समीक्षा की गयी ।
बैठक में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी डीएम अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, डीजी जेल संजय पिल्लै, डीजी एंटी नक्सल ऑपरेशंस अशोक जुनेजा, एडीजी अरुण देव गौतम, एडीजी प्रदीप गुप्ता, एडीजी हिमांशु गुप्ता, आईजी इंटेलीजेंस डॉ आनंद छावड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।
नगरी मुख्यालय से नदारद रहते हैं अधिकारी
नगरी मुख्यालय के अधिकांश शासकीय कार्यालय प्रभारी अधिकारियों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, उनमें भी कई अधिकारी कार्यालय से नदारद पाए जाते हैं।
जिसकी वजह से क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है।
चाहे पीडब्लूडी हो, सिंचाई विभाग या डाईट, परियोजना कार्यालय, वनविभाग, होमियोपैथी हो अधिकतर विभाग प्रभारी अधिकारियों के भरोसे संचालित हो रहा है और इन विभागों के प्रभारी अधिकारी पर आरोप भी लग रहे है कि वे अपने दफ्तर से अक्सर नदारत रहते हैं। जिसकी वजह से आवश्यक कार्य होने पर भी इसे मुलाकात नहीं हो पाती।
उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार प्रति सोमवार अधिकारियों को मुख्यालय में रहना अनिवार्य होता है, इस बात की जानकारी होनी के बावजूद भी अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते।
जिसकी वजह से कई महत्वपूर्ण विकास के कार्य अटके रहते हैं।
इस बात की जानकारी क्षेत्र के विधायक को भी समय-समय पर लोगों द्वारा दी जाती रही है।
सिंचाई विभाग के एक अधिकारी नगरी,सांकरा के साथ धमतरी का भी प्रभार अपने सर में उठाए फिर रहे हैं, उन पर आरोप लग रहे हैं कि वे कभी भी नगरी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए जाते।
इसी तरह परियोजना कार्यालय भी बरसों से प्रभारी अधिकारी के भरोसे संचालित है,जबकि उस अधिकारी से मुलाकात करना क्षेत्रवासियों के लिए काफी कठिन कार्य हो गया है। डाइट भी काफी लंबे अरसे से प्रभारी अधिकारी के भरोसे संचालित हो रहा है, साथ ही बेहद महत्वपूर्ण विभाग पीडब्लूडी अब प्रभारी अधिकारियों के हवाले कर दी गई है।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि प्रदेश सरकार नगरी विकासखंड के विकास के लिए क्या रोड मैप बना रही है? क्या इसी तरह प्रभारी अधिकारियों के भरोसे और उनकी अनुपस्थिति में क्षेत्र का विकास हो पाएगा?
रायपुर /शौर्यपथ/
रायपुर जिले की अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई को आज शाम जिला कार्यालय में भावभीनी भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर कलेक्टर सौरभ कुमार ने उन्हें प्रतीक चिह्न दिया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी। विदाई कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे । उल्लेखनीय है कि अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू का स्थानांतरण दुर्ग जिले में हुआ है।
रायपुर /शौर्यपथ/
बेहतर स्वास्थ्य एवं बीमारी में समुचित इलाज का सपना प्रदेश के हर नागरिकों का था। स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी कल्पना थी कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा के साथ हर छोटी बड़ी बीमारियों का इलाज समय पर और सहजता से हो। इलाज के लिए किसी भी व्यक्ति या परिवार को पैसे के लिए न जूझना पड़े। उन्होंने अपनी दूरदर्शी सोच और सूझबूझ से स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में रणनीति बनाना शुरू किया और ऐसी योजना का ताना-बाना बुना कि झुग्गी इलाकों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद सहित आमनागरिकों को बीमार होने पर अस्पताल की दौड़ लगाने की बजाय उनके ही घरों के आसपास मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना का लाभ मिलने लगा है। एक साल पहले लागू हुई यह स्वास्थ्य योजना न सिर्फ जन आकांक्षाओं पर खरा उतर रही है, बल्कि हर जरूरतमंदों का समय पर उपचार कर उनका विश्वास भी जीत रही है। स्लम इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की बढ़ती आमद और कैम्प से एक साल के भीतर 11 लाख से अधिक लोगों ने अपना उपचार कराया है।
प्रदेश में 1 नवंबर 2020 को प्रदेश के 14 नगर निगमों में लागू हुई मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना का लाभ लगातार जरूरतमंद और गरीब परिवारों को मिल रहा है। स्लम बस्तियों में एमएमयू की बढ़ती आमद और समय पर लगने वाले कैम्प ने यहां रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को न सिर्फ बीमार होने पर स्वस्थ बनाने का काम किया है, अपितु शरीर को स्वच्छ रखने और बीमार होने पर तुरंत इलाज कराने के लिए भी प्रेरित करने का काम भी किया है। मंहगाई के इस दौर में आर्थिक बोझ तले दबे गरीब और बीमार व्यक्ति इलाज के लिए पैसा नहीं होने या फिर अस्पताल दूर होने की बात सोचकर अस्पताल नहीं जाने से कतराते थे, वे अब छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण और सहज उपलब्ध योजना का लाभ ले रहे हैं। स्लम बस्तियों को उन्हें अपनी गली मुहल्ले में ही डॉक्टरों की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है, जहां लैब टेस्ट के साथ दवाइयां और उपचार निःशुल्क है।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट से प्रदेश में 8 नवंबर 2021 तक 11 लाख 35 हजार 225 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। कुल 9 लाख 46 हजार 567 मरीजों को दवाइयों का वितरण किया गया है। जिसमें रायपुर में सबसे अधिक 4420 शिविर में 2 लाख 79 हजार 610 मरीज लाभान्वित हुए हैं और 2 लाख 53 हजार 610 मरीजों को दवा का वितरण किया गया है। कोरबा में 2083 कैंप में 141393, बिलासपुर में 1183 कैंप में 96458, दुर्ग में 1187 कैंप में 81686 और राजनांदगांव में 1183 शिविर में 84437 मरीज लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह भिलाई में 894 कैंप में 67121, रिसाली में 595 कैंप में 41007 भिलाई चरोदा में 589 कैंप में 37691, अंबिकापुर में 1070 कैंप में 75525, जगदलपुर में 1128 कैंप में 59830 रायगढ़ में 1099 कैंप में 67579, कोरिया चिरमिरी में 493 कैंप में 22862, बीरगांव में 556 कैंप में 34862 मरीज लाभान्वित हुए हैं। कुल 2 लाख 19 हजार 386 मरीजों का लैब टेस्ट भी किया गया है।
किसी भी योजना की सफलता का पैमाना उस योजना का लाभ उठाने वाले और उनसे मिली प्रतिक्रिया होती है। इस योजना का धरातल पर क्रियान्वयन और मरीजों को मिल रहे लाभ की हकीकत जानने जब नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा फीडबैक पोल कराया गया तो 93 प्रतिशत लोगों ने अब्बड़ बढ़िया (एक्सीलैंट), 4.18 प्रतिशत लोगों ने बने-बने (गुड) देकर इसकी सफलता पर मुहर लगाई है। कुल 88,885 लोगों का फीडबैक प्राप्त हुआ, जिसमें 82734 ने ग्रीन बटन दबा कर अब्बड़ बढ़िया को चुना। इस सेवा को बेहतर बनाने विभाग द्वारा सतत् मॉनीटरिंग और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने फेस रीडिंग, रियल टाइम जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा आदि की व्यवस्था भी की गई है।
शासन की योजनाओं का लाभ पहुचाकर महिलाओं को सशक्त और स्वस्थ बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत ही दाई-दीदी क्लीनिक का संचालन महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए किया जा रहा है। एमएमयू में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले में पुरूष और महिलाओं का आँकड़ा देखे तो पुरूषों के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक महिलाओं ने अपना उपचार कराया है। योजना में 8 प्रतिशत बच्चे, 38 प्रतिशत पुरुष और 56 प्रतिशत महिलाए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह इलाज कराने वालों में 70 प्रतिशत सामान्य गरीब परिवार और 30 प्रतिशत श्रमिक व श्रमिक परिवारों ने इस योजना का लाभ लिया। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत संचालित दाई-दीदी क्लीनिक देश की ऐसी पहली योजना है जिसमें महिला चिकित्सक से लेकर अन्य सभी स्टाफ महिलाएं है। महिलाओं द्वारा महिलाओं के इलाज होने से स्लम सहित आसपास की महिलाएं बेझिझक अपना उपचार करा पाती है। दाई-दीदी क्लीनिक में 840 कैंपों में 60589 महिलाएं लाभान्वित हुई है।
प्रदेश में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट हर गली, हर द्वार पहुचने लगी है। प्रदेश में रहने वाली श्रीमती पार्वती बाई, श्रीमती शकुंतला, जयंती बाई, अंबिकापुर की इंदिरा मनवानी, ललिता गुप्ता सहित असंख्य महिलाएं है, जिन्होंने एमएमयू में उपचार कराया और राहत महसूस करने लगी है। सभी महिलाएं अपने उपचार के लिए अस्पताल तो जाना चाहती थी, लेकिन कार्य की व्यस्तता की वजह से नहीं जा पा रही थी। इनके घर के पास जब मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंची तो इन सभी की बीमारी झट से दूर हो गई। इलाज के लिए अस्पताल न जा पाने वाली इन महिलाओं ने बताया कि पहले बीमार होते ही निजी अस्पताल जाना पड़ता था और पैसे भी खर्च करने पड़ते थे। अब घर के पास ही लगने वाले शिविर में इलाज करा पा रही है।
एमएमयू में उपचार कराने आने वाले अधिकांश लोगों का कहना है कि उन्हें किसी क्लीनिक या अस्पताल में जाने के बाद बीमारी का पता लगाने के लिए कई चिकित्सक खून या यूरीन सहित अन्य प्रकार की जांच कराने कहते हैं। जांच के लिए कई लैब में चक्कर तक काटना पड़ता है। इसके लिए जेब ढ़ीले करने पड़ते हैं। जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। एमएमयू के माध्यम से 41 प्रकार के विभिन्न लैब टेस्ट किए जाते हैं। इनमें खून, मल-मूत्र, थूक, टीबी, थायराइड, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच की जाती है। एमएमयू में पैरासिटामाल,ब्रूफेन, मेटफार्मिन, एटेनोलोल, बी-काम्प्लेक्स,आयरन,फोलिकएसिड, सिफालेक्सिन, एमोक्सिसिलिन, लिमसी, ओआरएस, टिटेनस इंजेक्शन, रैबिज इंजेक्शन आदि दो सौ प्रकार की दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। यहां आने पर मरीजों का त्वरित उपचार होता है और उन्हें आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता।
साल भर में सबके लिए राहत का आधार बनी मुख्यमंत्री स्लम स्वाथ्य योजना ने कोरोना काल में कोविड जांच सहित वैक्सीनेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं योजना की मिल रही सफलता को देखते हुए इसका विस्तार की तैयारी कर ली गई है। वर्तमान में 14 नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट जिसमें रायपुर में 15, कोरबा में 8, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, जगदलपुर, अम्बिकापुर में 4-4, भिलाई में 3 और रिसाली, भिलाई चरोदा, धमतरी, बिरगांव, चिरमिरी में 2-2 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही है। शीघ्र ही जिलावार 155 निकायों में 60 नए मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें बलौदाबाजार भाटापारा,रायगढ़ में 4, रायपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव, बालोद,बिलासपुर और कोरिया में 3-3 जांजगीर-चाम्पा में 6, बेमेतरा, दुर्ग, मुंगेली, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा में 2-2 ,गरियाबंद, कोरबा, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, सरगुजा, नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा सहित बीजापुर में 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन कर योजना का विस्तार किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
