October 10, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6121)

    *धमतरी ब्यूरो/शौर्य पथ*

    धमतरी जिले में कोरोना का पहला टीका ,जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीके तुर्रे को,
    जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ बीके साहू ने लगाया।
    उन्होंने कहा कि टीकाकरण की शुरुआत होने से स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है ।
    पहला टीका लगते ही स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ताली बजाकर सीएमएचओ का स्वागत किया

    राज शेखर नायर/धमतरी/ शौर्यपथ

    नगर पंचायत नगरी के वार्ड 11 की पार्षद , पूनम बलजीत छाबड़ा ने काली पट्टी लगाकर परिषद की बैठक में अपना विरोध जताया।
    14 वें वित्त की राशि से,
    पार्षद ‌ने 6,7 निर्माण कार्यों की सूची अधिकारीयों को सौंपी थी, सूची को अनदेखी की गई ।

    बार बार निवेदन करने पर एक कार्य स्विकृत किया गया।
    निर्माण कार्य संबंधी एजेंडे के विरोध में नगर पंचायत की परिषद की बैठक में अपने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और उन्होंने कहा है कि अगर आगामी उनके वार्ड व उनके वार्ड वासियों के साथ कामों को लेकर अगर भेदभाव किया गया तो उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की जाएगी व आंदोलन किये जाने की चेतावनी दी

     

     

    *धमतरी/शौर्यपथ /सफलता की कहानी*

    औषधीय गुणों से भरपूर ’काला हीरा’ याने कि ’मखाना’ की पाॅपिंग अब धमतरी जिले में मशीन से शुरू हो गई है। ध्यान देने वाली बात है कि सूखे मेवे, उपवास में भोजन के तौर पर उपयोग में लाए जाने वाले मखाना में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, विटामिन काम्प्लेक्स, फाइबर और एश होता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें काफी कम मात्रा में शुगर होता है। यह दिल के मरीजों के लिए भी लाभदायक है। खुले बाजार में 600 से 800 रूपए किलो में मिलने वाले मखाने की खेती धमतरी में कृषि विज्ञान केन्द्र प्रक्षेत्र में पिछले तीन सालों से की जा रही है। वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र डाॅ.एस.एस.चन्द्रवंशी बताते हैं कि मखाना की खेती जल भराव और दलदली भूमि में होती है। चूंकि धमतरी जिले का क्षेत्र निचली भूमि है, इसलिए यहां मखाना की खेती के बेहतर नतीजे मिलने की गुंजाईश को नकारा नहीं जा सकता। यह भी दिलचस्प बात है कि प्रदेश में सबसे पहले धमतरी जिले में मखाना की खेती की शुरूआत की गई।
    इसके साथ ही मखाना की खेती का परीक्षण किसानों के खेतांे में किया जा चुका है और उन्हें समझाईश भी दी गई कि ऐसे खेत, जहां जल भराव अधिक होता है, वहां आसानी से ’काला हीरा’ उगाया जा सकता है। इसी समझाईश और ’काले हीरे’ की औषधीय गुणों को समझ बोड़रा के किसान श्री हरि ओम साहू द्वारा 2017-18 में अपने 75 डिसमिल खेत में मखाना की खेती की। यहां उत्पादित तकरीबन सात क्विंटल मखाना बीज को कृषि विज्ञान केन्द्र की मदद से बिहार और लुधियाना में बेचा गया। किसान श्री साहू को इससे 40 हजार रूपए का मुनाफा हुआ। हालांकि उस वक्त जिले में मैनुअल मखाना पाॅपिंग की जाती थी, इस वजह से कच्चे मखाना के बीज को बेचा गया।
    मगर हाल ही में रूर्बन क्लस्टर लोहरसी के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र सम्बलपुर में मखाना प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई है। जिसमें 12 लाख की लागत वाली मखाना रोस्टिंग और पाॅपिंग मशीन प्रदाय की गई है। इसके जरिए अब मखाना की पाॅपिंग और मखाना की खेती के प्रति किसानों का और रूझान बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केन्द्र में स्थापित इस मखाना प्रसंस्करण इकाई में लोहरसी रूर्बन क्लस्टर की जनजागरण, जय दुर्गे, गायत्री, जय मां पार्वती इत्यादि महिला स्व सहायता समूह की 10 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया है और वे इस इकाई का संचालन भी कर रही हैं।
    जय दुर्गे महिला स्व सहायता समूह की श्रीमती सरस्वती साहू और गायत्री महिला स्व सहायता समूह सम्बलपुर की श्रीमती सरिता साहू बताती हैं कि उनका समूह आधे एकड़ में मखाना की खेती 2019-20 से कर रहा है। उस वक्त यह मखाना प्रसंस्करण मशीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से मैनुअल पाॅपिंग काफी समय लेता था। अब इस मशीन से पाॅपिंग करने से अच्छी गुणवत्ता के मखाना पाॅप हो रहे तथा मेहनत और समय दोनों की बचत हो रही है। वहीं श्रीमती संतोषी रामटेके और श्रीमती जयंती ध्रुव भी मखाना प्रसंस्करण इकाई स्थापना से समूह को पाॅपिंग के जरिए होने वाले मुनाफे को लेकर काफी खुश नजर आई।
    गौरतलब है कि कृषि विज्ञान केन्द्र में वर्ष 2019-20 में आठ एकड़ में उत्पादित मखाना बीज की पाॅपिंग अभी की जा रही है। जनवरी माहांत तक अगस्त 2020 में लगाए गए मखाना पौध से लगभग 30 से 40 क्विंटल मखाना बीज उत्पादन की संभावना है। इसके तुरंत बाद खेत में जनवरी से फरवरी माह में मखाना पौध लगाए जा सकते हैं। डाॅ.चन्द्रवंशी बताते हैं कि साल में दो बार खरीफ और रबी सीजन में मखाना की फसल ली जा सकती है। निचली भूमि होने की वजह से यहां काफी संभावनाएं हैं कि इस मेवे की खेती में किसानों का रूझान और बढ़े। इसमें मखाना प्रसंस्करण इकाई की स्थापना भी सहयोगी साबित होगा। उनका कहना है कि पहले जहां मैनुअल तौर पर एक दिन में तीन से पांच किलो मखाना पाॅप होता था, वहीं मशीन से एक दिन में 20 से 30 किलो मखाना पाॅप मिल रहा है। इस तरह से मखाना पाॅपिंग की लागत 44 हजार रूपए और प्रति एकड़ शुद्ध मुनाफा एक लाख 17 हजार रूपए हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रति एकड़ में 8 से 9 क्विंटल मखाना बीज (राॅ) मिलता है, जिसकी लागत 28 हजार रूपए और शुद्ध मुनाफा 53 हजार रूपए प्रति एकड़ है। यह जिले के किसानों के लिए वाकई एक बेहतर अवसर है, जब वे खरीफ और रबी दोनों मौसम में दलदली भूमि और जलभराव वाले खेतों में काले हीरे (मखाना) की खेती कर अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं।

    *राजशेखर नायर*/ *धमतरी ब्यूरो* / *दैनिक शौर्यपथ समाचार*

    पिछले 21 दिनों से शासकीयकरण  की मांग को लेकर,
    पंचयत सचिव व रोजगार सहायकों के जारी अनिश्चित कालीन हडताल को, जनपद सदस्यों, सरपंच संध, शिक्षक संध व अन्य कई संधठनों का  समर्थन मिल रहा है।

    छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत सचिव संघ ब्लॉक शाखा नगरी के संरक्षक मदन सेन,
    आसत सामरथ,
    बुधराम नेताम,
    रेवत राम साहू ,
    अध्यक्ष अनित कुमार नेताम ,
    सचिव भोलाराम साहू ,
    उपाध्यक्ष खूबचंद ,
    प्रमोद कुमार महिलांगे ,
    श्रीमती लक्ष्मी साहू ,
    ग्राम रोजगार सहायक संघ के
    अध्यक्ष डोमार सिंह देवांगन
    उपाध्यक्ष श्रीमती रवि कला साहू,
    सचिव दिपक कुमार जैन, कोषाध्यक्ष परमेश्वर साहू,
    ने बताया की प्रांतीय आवाहन पर ग्राम पंचायत सचिवों को 2 वर्ष की परीवीक्षा अवधि पश्चात
    शासकीयकरण करने की मांग
    व रोजगार सहायकों को ग्रेड पे कर नियमियती करण  प्रदान किये जाने,
    सचिव पद पर वरीयता के आधार पर सीधी भर्ती ,
    रोजगार सहायकों को सहायक सचिव घोषित किए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन नगरी के रावण भाटा मैदान में किया जा रहा है।

    राज्यपाल ने वेटरन डे कार्यक्रम में वीर नारियों और वीर माताओं का किया सम्मान
    राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों के आवागमन के लिए वाहन भेंट किया

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र द्वारा आयोजित वेटरन डे कार्यक्रम में शामिल हुई और वीर नारियों और वीर माताओं का सम्मान किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को देश के प्रति उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए शहीद सैनिकों को नमन किया।

    राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का नाम लेते ही हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा उठ जाता है। जो हर मौसम में हर क्षण देश की सीमा में रक्षा की दीवार बनकर तैनात रहते हैं। जिनके कारण आज देश का हर नागरिक महफूज रहता है और चैन की सांस लेता है। वे जागते हैं तो हम शांति से सो पाते हैं, क्योंकि हमें पता है कि हमारी सेना के रहते दुश्मन की सेना क्या, दुश्मन देश का परिंदा भी पर नहीं मार सकता। हमारी सेना जमीन, नभ और जल पर चौबीसों घंटे अपनी निगरानी रखी रहती है। स्वतंत्रता के बाद जितने भी युद्ध हुए, हमारे सैनिकों ने अपने मनोबल और साहस से लड़ा और दुश्मनों को धूल चटाई। चाहे बांग्लादेश युद्ध को याद करें या कारगिल का युद्ध, दुश्मनों ने हमारी सेना के आगे घुटने टेके। आज जब हम देश के सबसे ऊंचे सैन्यस्थल की बात करें जहां माइनस 30 से 40 डिग्री तक तापमान दिन में रहता है और रात में तापमान माइनस 70 डिग्री तक चला जाता है, वहां हमारे सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना तैनात रहते हैं। जब पूरा देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा था उस समय चीन ने हमारे देश की सीमा को लांघने की कोशिश की तो हमारी सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया और दुश्मनों को अपने कदम पीछे करने के लिए मजबूर किए। यह युद्ध क्षेत्र लद्दाख क्षेत्र के गलवान घाटी में स्थित है, जहां का तापमान माइनस 20 से 22 डिग्री रहता है, वहां हमारे सैनिकों ने बहादुरी का परिचय दिया और आज भी तैनात हैं।
    राज्यपाल ने कहा कि युद्ध क्षेत्र ही नहीं हमारे देश में जब कभी भी प्राकृतिक विपदा, बाढ़ या भुकंप आई, हमारे सैनिक एक सूचना पर तैनात हो जाते हैं और संकटग्रस्त लोगों की मदद कर उनकी जान बचाते हैं। हमारे देश ही नहीं, हमारे पड़ोसी देशों जैसे नेपाल में भी भूकंप आया था तो हमारे सैनिकों ने उनकी सहायता की। आज जब पूरा विश्व और देश में कोरोना संकट छाया हुआ है, उस समय हमारे सेना ने क्वारेंटाईन सेंटर भी स्थापित किए थे और दवाईयां एवं आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में प्रमुख भूमिका निभाई। मैंने यह भी देखा था कि कोरोना योद्धाओं के सम्मान में वायु सेना के विमानों ने आसमान से पुष्प बरसाकर उनका उत्साहवर्धन किया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिकों की सामाजिक संस्था ‘सिपाही’ का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना काल में वे स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लोगों की मदद की। राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के साहस एवं निःस्वार्थ सेवा और बलिदान की गाथाएं नई पीढ़ियों को उत्साहित करती हैं।
    राज्यपाल ने कहा कि सरकार की निरंतर कोशिश रहती है कि सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन कैसे सहज किया जाए। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को नया रायपुर आने-जाने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए एक वाहन देने का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करूंगी और यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
    अपर मुख्य सचिव गृह एवं प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने कहा कि देश की सेवा में सैनिकों ने अमूल्य योगदान दिया है। सैनिकों के बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती है। शासन द्वारा भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों का ख्याल रखा जाता है। भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की समस्याओं का पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भूतपूर्व सैनिकों को कोई परेशानी न हो, यह प्रयास शासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से भी वे अपनी समस्याओं को शासन के ध्यान में ला सकते हैं।
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के कमांडर ब्रिगेडियर श्री प्रशांत चौहान ने कहा कि वेटरन डे पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के सम्मान का दिन है। यह कोशिश की जाती है कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान हो। साथ ही इसके लिए एक्स सर्विसमेन सेल का भी गठन किया गया है। इस सेल कार्यालय नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र में रहेगा। संचालनालय सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ के संचालक एयर कमोडोर श्री ए. एन. कुलकर्णी (से.नि.) ने कहा कि वेटरन डे पर सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को एक-दूसरे का उत्तरदायित्व बताने का दिन है। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
    इस मौके पर विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य हाउंसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के अधिकारीगण, भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं और कार्यक्रमों में और तेजी लाने के लिए निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
    बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 सत्र में प्रारंभ होने वाले स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूलों की तैयारी पूरी हो चुकी। गांवों में आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित किए जा रहे गोठानों में गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अतिरिक्त विभिन्न बहुउद्देश्यीय गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
    लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से 169 नयी सेवाएं शुरू की जाएंगी। प्रदेश में वर्तमान में 260 सेवाएं लोकसेवा केन्द्रों के जरिए दी जा रही हैं। प्रभारी मुख्यसचिव ने इस संबंध में विभिन्न विभागों को 31 जनवरी तक विस्तृत जानकारी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण बाजारों में शुरू किए गए मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक का लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं। इन क्लीनिकों के माध्यम से उपचार करा रहे मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रभारी मुख्य सचिव ने किसानों से जुड़ी योजनाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि किसानों को धान के अतिरिक्त अन्य फसलों के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।प्रभारी मुख्यसचिव सुब्रत साहू ने कहा कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए टांका निर्माण का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए ताकि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन और भी प्रभावी तरीके से हो सके। बस्तर संभाग के सभी जिलों में गौठानों के सुचारू संचालन के लिए प्रबंधन समितियों का गठन किया जाए।
    उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रदेश में कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है, इसका विवरण नियमित रूप से संधारित कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज संग्रहण, फलदार वृक्षों के रोपण एवं प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की दिशा में अब तक हुई प्रगति भी जानकारी ली। प्रभारी मुख्यसचिव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य में क्षतिग्रस्त हुए वृक्षों की प्रतिपूर्ति के लिए अधिक से अधिक पौधों का रोपण किया जाए। विशेषतौर पर फलदार प्रजाति के पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए।
    बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त डा.एम.गीता,सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास आर.प्रसन्ना, सचिव लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य सचिव डा. कमलप्रीत सिंह, सचिव सामान्य प्रशासन डी डी सिंह,सचिव योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी आशीष भटट् सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    ‘हमर ग्रामसभा’ की 24वीं कड़ी का प्रसारण 10 जनवरी को

    रायपुर / शौर्यपथ / पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव रेडियो पर 10 जनवरी को प्रसारित होने वाले 'हमर ग्रामसभा' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे। वे शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित इस विशेष कार्यक्रम में व्हाट्सएप के माध्यम से श्रोताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देंगे। मंत्री सिंहदेव कार्यक्रम में राज्य शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। कार्यक्रम को मीडियम वेब 981 किलोहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। प्रदेश में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ इस कार्यक्रम को रिले करेंगे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 14 वीं कड़ी का प्रसारण 10 जनवरी को होगा। मुख्यमंत्री बघेल लोकवाणी में इस बार युवाओं से बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रेडियो वार्ता लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों, एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा।

    रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री  माधव सिंह सोलंकी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने श्री माधव सिंह सोलंकी के शोकसंतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

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