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सूरजपुर / शौर्यपथ। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सूरजपुर जिले में 25 सितंबर से 6 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। आयोजन का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण एवं बाल विकास की गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें सामुदायिक जागरूकता और जनसहभागिता के केंद्र के रूप में मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से परिवारों को बच्चों की उचित देखभाल, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
आंगन मिलन सेवा के तहत ‘मेरी पौष्टिक थाली’ और पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग से संतुलित एवं पौष्टिक भोजन तैयार करने की जानकारी दी गई। महिलाओं को भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की विविधता बनाए रखने और बच्चों के दैनिक आहार में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं को भी विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा गया। पात्र महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके अधिकारों एवं उपलब्ध लाभों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बच्चों और परिवारों के दैनिक भोजन में पोषण एवं विविधता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘हर घर मुनगा’ अभियान पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण परिवारों को अपने घरों के आसपास मुनगा के पौधे लगाने तथा इसकी पत्तियों एवं अन्य उपयोगी भागों को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग से परिवारों को स्वस्थ एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों को सफल बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों की जानकारी दी तथा योजनाओं से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से प्राप्त स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेशों को परिवार और समुदाय तक पहुंचाने के लिए भी उन्हें प्रेरित किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के इस विशेष आयोजन का उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की उचित देखभाल एवं पोषण के लिए परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना रहा। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वस्थ, जागरूक और पोषण-सशक्त समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रायपुर / शौर्यपथ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजधानी रायपुर में बुधवार को सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक होंगे। आने वाली पीढ़ियों को इनसे यह प्रेरणा मिलेगी कि राष्ट्र की प्रगति में सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प दिलाया। इसके बाद उन्होंने हाथों में मशाल लेकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व किया तथा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से शुरू हुई यात्रा तेलीबांधा चौक तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
25 वर्ष की जनसेवा को बताया राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा
विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होना जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानते हैं और 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं एवं बेहतर भविष्य को केंद्र में रखकर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और आज विश्व भारत की बढ़ती सामर्थ्य एवं नेतृत्व क्षमता को स्वीकार कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा ज्योति यात्रा’ प्रधानमंत्री श्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना भी की।
सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रदेशवासियों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ की थी। इस अवसर पर डेढ़ करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश की जनता लगातार सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ रही है।
विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य देश के सामने रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। इस लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता और सामर्थ्य देशवासियों में है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ के माध्यम से प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की दिशा निर्धारित की है। प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ को मिल रहा सहयोग
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था। इसलिए वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ-साथ यहां की विकास संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर प्रधानमंत्री श्री मोदी से चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।
सिंगापुर दौरे का उल्लेख, वैश्विक अवसरों से जुड़ता छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि देश के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ आर्थिक एवं संस्थागत संबंध मजबूत करें और निवेश, तकनीक, कौशल तथा नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ और हरियाणा को प्रथम ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026’ में भागीदारी के लिए चुना। सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रति वैश्विक विश्वास तेजी से बढ़ा है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी मिल रहा है।
‘वी विल डू इट’ के संकल्प से बनेगा विकसित भारत
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘वी विल डू इट’ के उद्घोष का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य बड़ा जरूर है, लेकिन देशवासियों के सामूहिक प्रयास से इसे हासिल करना संभव है। विकसित राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करना होगा। जब देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तब विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी शुभकामनाएं
सभा को संबोधित करते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि देश की सेवा के प्रति उनका समर्पण करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने नागरिकों से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, श्री यशवंत जैन, श्री अखिलेश सोनी, श्री राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ। कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। कवर्धा जाते समय मंगलवार देर रात बेमेतरा टोल प्लाजा के पास उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और तत्काल विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सड़क पर पशुओं की मौजूदगी तथा पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए जा रहे नियमित निरीक्षण और पशु रेस्क्यू की जानकारी मांगी। अधिकारियों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग किए जाने की जानकारी देने पर श्री शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रतिदिन की पेट्रोलिंग तथा अन्य गतिविधियों का ब्यौरा लिया।
स्थानीय लोगों से भी ली जाए पेट्रोलिंग की जानकारी
श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि कवर्धा से बेमेतरा के बीच आने वाले गांवों के स्थानीय लोगों से भी पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी या औपचारिक पेट्रोलिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क पर उसकी प्रभावी मौजूदगी दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हाइवे पर नियमित निरीक्षण करते हुए सड़क पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा से जुड़े इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
रात में दुर्घटना का खतरा अधिक
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइवे पर पशुओं की मौजूदगी से जहां गौवंश के जीवन को खतरा रहता है, वहीं वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात्रि के समय कम दृश्यता के कारण यह जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल को लगातार मार्ग का निरीक्षण कर सड़क पर पशु दिखाई देने पर तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कार्रवाई करनी होगी।
श्री शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सड़क सुरक्षा और पशुओं की सुरक्षा के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था की नियमित निगरानी तथा रेस्क्यू कार्रवाई की प्रभावी समीक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मई 2022 में दुर्घटनाग्रस्त शासकीय हेलीकॉप्टर के दावे पर कार्रवाई; कंपनी को नोटिस, जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई का पूरा अवसर देने के बाद विमानन संचालनालय ने जारी किया आदेश
रायपुर / शौर्यपथ। शासकीय हेलीकॉप्टर के बीमा दावे को चार साल से अधिक समय तक लंबित रखने के मामले में छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विमानन संचालनालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कंपनी के विरुद्ध यह कार्रवाई की है। शासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति और जनता के धन से जुड़े मामलों में बीमा दावों के निराकरण में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
2022 में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था हेलीकॉप्टर
मामला मई 2022 में रायपुर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुए राज्य शासन के हेलीकॉप्टर से जुड़ा है। हेलीकॉप्टर का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया गया था और निर्धारित प्रीमियम का भुगतान शासन द्वारा किया गया था। दुर्घटना के बाद राज्य शासन ने नियमानुसार बीमा दावा प्रस्तुत किया, लेकिन कंपनी ने इसे चार वर्ष से अधिक समय तक लंबित रखा और अंततः अगस्त 2026 में दावा अस्वीकार कर दिया।
विमानन संचालनालय द्वारा प्रकरण के परीक्षण में बीमा दावे के निराकरण में हुई लंबी देरी और राज्य शासन के मामले में कंपनी के रवैये को गंभीरता से लिया गया। शासन के अनुसार, शासकीय हेलीकॉप्टर सार्वजनिक संपत्ति है और इसके बीमा में भी जनता के धन का उपयोग होता है। ऐसे दावों को वर्षों तक लंबित रखने का सीधा प्रभाव सार्वजनिक संसाधनों और शासन के वित्तीय हितों पर पड़ता है।
कार्रवाई से पहले कंपनी को मिला पूरा अवसर
राज्य शासन ने कार्रवाई से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसका पक्ष मांगा गया। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने लिखित जवाब प्रस्तुत किया और उसे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया।
कंपनी के पक्ष, उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों के परीक्षण के बाद विमानन संचालनालय ने कारणों सहित आदेश पारित करते हुए कंपनी को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया।
बीमा राशि की वसूली के लिए कार्रवाई जारी
कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद बीमा दावे का मामला समाप्त नहीं हुआ है। राज्य शासन अपने दावे की राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा शासन की जिम्मेदारी है और राज्य को देय राशि की वसूली के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
शासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक संपत्ति और वित्तीय हितों की सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि उसके साथ कार्य करने वाली सेवा प्रदाता संस्थाओं से समयबद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी कार्यप्रणाली की अपेक्षा रहेगी तथा सार्वजनिक हित प्रभावित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले—पत्रकारिता की एक पूरी पीढ़ी के प्रेरणास्रोत थे पंकज शर्मा; बृजमोहन अग्रवाल ने बताया रायपुर की पत्रकारिता का राष्ट्रीय चेहरा
रायपुर / शौर्यपथ। वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय पंकज शर्मा की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से खो-खो पारा स्थित पंकज गार्डन में उनकी प्रतिमा का अनावरण उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। समारोह में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार श्री हिमांशु द्विवेदी, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी सहित पत्रकारिता, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वर्गीय पंकज शर्मा के जीवन और पत्रकारिता यात्रा पर आधारित करीब एक घंटे की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इसमें उनके देश-विदेश में किए गए पत्रकारिता कार्य, लेखन शैली, संवाद क्षमता और पत्रकारिता के प्रति समर्पण को रेखांकित किया गया। डॉक्यूमेंट्री ने उपस्थित लोगों को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से भावनात्मक रूप से जोड़ा।
पत्रकारिता को पेशा नहीं, जिम्मेदारी और मिशन माना : विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय पंकज शर्मा ने पत्रकारिता को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मिशन के रूप में जिया। सीमित जीवनकाल में अपनी प्रतिभा और लेखनी के माध्यम से उन्होंने ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि पंकज शर्मा की स्मृति को स्थायी स्वरूप देना केवल एक पत्रकार का सम्मान नहीं, बल्कि रायपुर की समृद्ध पत्रकारिता परंपरा का सम्मान है।
रायपुर की पत्रकारिता को दिलाई राष्ट्रीय पहचान : बृजमोहन अग्रवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पंकज शर्मा रायपुर की उस पत्रकारिता परंपरा के प्रतिनिधि थे, जिसने अपनी प्रतिभा और लेखनी के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उनकी स्मृति में प्रतिमा का अनावरण नई पीढ़ी को उनके योगदान और पत्रकारिता मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
विधायक श्री सुनील सोनी एवं श्री मोतीलाल साहू ने भी स्वर्गीय पंकज शर्मा के पत्रकारिता क्षेत्र में योगदान को याद किया। वरिष्ठ पत्रकार श्री हिमांशु द्विवेदी ने उनके लेखन, पत्रकारिता शैली और उस दौर की पत्रकारिता में उनके प्रभाव पर प्रकाश डाला।
पंकज शर्मा के नाम पर संस्थानों और सम्मान की पहल
विधायक श्री अनुज शर्मा ने स्वर्गीय पंकज शर्मा की स्मृति को व्यापक और संस्थागत स्वरूप देने के लिए कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने पंकज उद्यान का नाम “पत्रकार पंकज शर्मा उद्यान” करने, खो-खो पारा स्थित स्कूल का नाम “पत्रकार पंकज शर्मा” के नाम पर रखने तथा युवा पत्रकार राज्य अलंकरण की शुरुआत उनके नाम से करने का सुझाव दिया।
उन्होंने पत्रकारिता विश्वविद्यालय की किसी प्रमुख इमारत का नाम भी पंकज शर्मा के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा। मंच पर उपस्थित अतिथियों ने इन प्रस्तावों का समर्थन करते हुए उनकी स्मृति और पत्रकारिता योगदान को संस्थागत रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय पंकज शर्मा ने अपने अल्प जीवनकाल में हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा दी और देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से भारतीय पत्रकारिता का गौरव बढ़ाया। उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह केवल प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी है।
कार्यक्रम का आयोजन रायपुर प्रेस क्लब, अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ एवं विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
CGRERA ने स्वप्रेरणा से लिया संज्ञान; परियोजना का RERA पंजीयन कराने के निर्देश, बिना पंजीयन विज्ञापन-बुकिंग और बिक्री पर होगी वैधानिक कार्रवाई
रायपुर / शौर्यपथ। बिना RERA पंजीयन के प्लॉटेड ले-आउट में भूखंडों का विक्रय करने के मामले में छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने महागणपति डेव्हलपर्स, रायपुर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने विकासकर्ता पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही संबंधित परियोजना को RERA के तहत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वप्रेरणा से दर्ज हुआ प्रकरण
प्रकरण के अनुसार महागणपति डेव्हलपर्स द्वारा प्लॉटेड ले-आउट परियोजना विकसित कर भूखंडों की बिक्री की जा रही थी, जबकि परियोजना का RERA में पंजीयन नहीं कराया गया था। मामला सामने आने के बाद CGRERA ने स्वप्रेरणा (Suo Motu) से संज्ञान लेते हुए प्रकरण दर्ज किया।
सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद प्राधिकरण ने परियोजना को RERA अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधानों के विपरीत पाया। इसके बाद विकासकर्ता पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए परियोजना का नियमानुसार RERA पंजीयन कराने के निर्देश जारी किए गए।
बिना पंजीयन विज्ञापन और बिक्री भी उल्लंघन
CGRERA ने स्पष्ट किया है कि RERA के अंतर्गत पंजीयन योग्य परियोजना का प्राधिकरण में पंजीयन कराए बिना उसके भूखंड या इकाइयों का विज्ञापन, विपणन, बुकिंग अथवा विक्रय के लिए प्रस्ताव करना अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य रियल एस्टेट परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आबंटितियों के हितों की रक्षा करना है। CGRERA ने संकेत दिया है कि बिना पंजीयन परियोजनाओं में बिक्री अथवा प्रचार करने वाले प्रमोटरों के विरुद्ध शिकायत अथवा संज्ञान के आधार पर अर्थदंड सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
खरीदारों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश
CGRERA की यह कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्लॉट या आवासीय परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं। किसी भी RERA-पंजीयन योग्य परियोजना में राशि लगाने से पहले परियोजना का RERA पंजीयन और संबंधित विवरण जांचना खरीदारों के हित में है। प्राधिकरण की कार्रवाई से यह संदेश भी स्पष्ट है कि पंजीयन से संबंधित नियमों की अनदेखी करने वाले विकासकर्ताओं पर नियामकीय शिकंजा कसा जा सकता है।
प्लॉट का कब्जा नहीं देने और बिना सूचना बुकिंग निरस्त करने पर कार्रवाई; 15.09 लाख मूल राशि के साथ 18.61 लाख रुपये ब्याज भुगतान के निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने आबंटी के हित में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए सेजबहार, रायपुर स्थित वत्सल्य डेवलपर्स को जमा राशि ब्याज सहित वापस करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने प्रमोटर को आबंटी द्वारा जमा की गई 15 लाख 9 हजार 300 रुपये की मूल राशि के साथ 18 लाख 60 हजार 956 रुपये ब्याज, यानी कुल 33 लाख 70 हजार 256 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
प्रकरण के अनुसार आबंटी ने वर्ष 2012 में प्रमोटर के साथ अनुबंध कर आवासीय प्लॉट बुक किया था। वर्ष 2012 से 2015 के बीच अनुबंध के अनुसार आबंटी ने कुल 15 लाख 9 हजार 300 रुपये का भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद उसे निर्धारित प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया।
बिना पूर्व सूचना बुकिंग निरस्त करने का आरोप
आबंटी के अनुसार, पूरी राशि का भुगतान किए जाने के बाद भी प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और प्रमोटर द्वारा बिना पूर्व सूचना उसकी बुकिंग निरस्त कर दी गई। इसके बाद जमा राशि की वापसी और अपने हितों की सुरक्षा के लिए आबंटी ने CGRERA में आवेदन प्रस्तुत किया।
प्राधिकरण ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद आबंटी के पक्ष में आदेश जारी किया। आदेश के तहत प्रमोटर को मूल जमा राशि के साथ निर्धारित ब्याज का भुगतान करना होगा। इस प्रकार आबंटी को कुल 33,70,256 रुपये वापस मिलेंगे।
आबंटियों के अधिकारों को मिला संरक्षण
CGRERA का यह आदेश रियल एस्टेट क्षेत्र में आबंटियों के हितों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आदेश से यह स्पष्ट होता है कि प्रमोटरों को आबंटियों के साथ किए गए अनुबंधों और अपने वैधानिक दायित्वों का पालन करना आवश्यक है। राशि प्राप्त करने के बाद प्लॉट का कब्जा नहीं देना अथवा आबंटी के हितों के प्रतिकूल कार्रवाई करना विवाद की स्थिति में नियामक प्राधिकरण के समक्ष चुनौती का आधार बन सकता है।
यह आदेश उन आबंटियों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है, जो परियोजनाओं में राशि जमा करने के बावजूद समय पर कब्जा अथवा अनुबंधित लाभ प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
मोहला-मानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व मंत्री ने योजनाओं का जाना जमीनी असर, हितग्राहियों से किया सीधा संवाद
रायपुर / शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया और हितग्राहियों से संवाद किया।
मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम पंचायत माड़िंग पिड़िंग भूर्सा, जनपद पंचायत मोहला में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राही इन्द्र कुमार पिता मदन लाल के आवास का अवलोकन किया। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस पक्के आवास के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता के साथ परिवार को 90 दिनों का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
हितग्राही परिवार की श्रीमती हेमेश्वरी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें सुरक्षित पक्का घर मिल रहा है। उज्ज्वला योजना से रसोई गैस, जल जीवन मिशन से घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता ने परिवार के जीवन को आसान बनाया है। उन्होंने योजनाओं के लाभ के लिए सरकार के प्रति आभार जताया।
हितग्राहियों के अनुभव सुनकर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ पात्र परिवारों तक पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचे।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
धमतरी / शौर्यपथ। जिला कार्यालय धमतरी में पदस्थ एक महिला स्टेनोटायपिस्ट द्वारा कलेक्टर के निजी सहायक के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज कर दी है। महिला कर्मचारी ने कथित दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना, अनुचित व्यवहार तथा पदोन्नति की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने संबंधी शिकायत की है। सूत्रों के अनुसार, शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा मामले की आंतरिक जांच की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट अथवा विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अवकाश के दिन कार्यालय बुलाने का आरोप
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला कर्मचारी ने अपने आवेदन में कलेक्टर के निजी सहायक धनेश कुमार साहू पर अनुचित व्यवहार एवं कथित छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी द्वारा उसे कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि अवकाश के दिनों में अर्जेंट शासकीय कार्य का हवाला देकर उसे कार्यालय बुलाया जाता था और उस दौरान कथित रूप से अनर्गल एवं अनुचित बातचीत की जाती थी।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पदोन्नति में बाधा डालने का भी आरोप
महिला कर्मचारी ने शिकायत में अपनी पदोन्नति को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। बताया गया है कि स्टेनोग्राफर-3 के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया में कथित रूप से अड़चन पैदा करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उसके संबंध में आपत्तिजनक बातें रखे जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने तथा दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही शिकायत में पुलिस कार्रवाई और FIR दर्ज कराने की अनुशंसा किए जाने का भी उल्लेख बताया जा रहा है।
पूर्व आरोपों की भी चर्चा, कार्रवाई पर सवाल
मामले के बीच कलेक्टर के निजी सहायक को लेकर पूर्व में लगाए गए कुछ अन्य आरोपों की भी चर्चा प्रशासनिक गलियारों में होने लगी है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में भी उन पर कलेक्टर के निजी सहायक पद का प्रभाव इस्तेमाल करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को कथित रूप से डराने-धमकाने तथा जबरन धन वसूली जैसे आरोप लगाए जाने की बातें सामने आई थीं। हालांकि, इन पूर्व आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही उनके संबंध में किसी कार्रवाई का आधिकारिक रिकॉर्ड इस समय सार्वजनिक रूप से सामने है।
शिकायतकर्ता महिला के पति के धमतरी जिले में ही राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच किए जाने की मांग और महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रशासन की चुप्पी पर टिकी निगाहें
फिलहाल जिला कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिकायत पर प्रशासन किस स्तर की जांच कराता है और जांच की प्रक्रिया में शिकायतकर्ता तथा आरोपित पक्ष के बयानों एवं उपलब्ध साक्ष्यों का किस प्रकार परीक्षण किया जाता है।
मामला यदि औपचारिक जांच के दायरे में आता है तो शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता, पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं तथा कार्यस्थल पर आचरण से जुड़े नियमों का पालन हुआ या नहीं—इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
