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*रायपुर, /पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य विभाग के अनुसार प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों पर 22 मई 2026 की स्थिति में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।
राज्य को प्रतिदिन आपूर्ति जारी है। 21 मई को ही 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई की जा रही है। रबी फसल कटाई और खरीफ की तैयारी के कारण डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर आपूर्ति बढ़ाई गई है।
ड्रम-जेरीकेन में बिक्री प्रतिबंधित, किसानों को छूट
राज्य शासन ने 22 मई को जारी आदेश में सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। उल्लंघन पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ मानकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी।
हालांकि रबी-खरीफ सीजन के लिए किसानों, कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित शासकीय निर्माण कार्यों और अस्पताल, मोबाइल टावर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनके लिए अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिक्री की अनुमति होगी।
पैनिक खरीदारी से बचने की अपील
सचिव खाद्य ने 20 मई को सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर ड्राई आउट होने वाले पंपों को तत्काल स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से प्रभावित होकर पैनिक खरीदारी या संग्रहण न करें। राज्य में ईंधन की आपूर्ति सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित किया। साथ ही 22.79 करोड़ रुपये की लागत से बने शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह ओवरब्रिज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कचना रेलवे फाटक में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ओवरब्रिज के शुरू होने से अब लोगों को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुविधा मिलेगी। इससे विशेष रूप से कचना, खम्हारडीह एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क निधि योजना के अंतर्गत इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए खुशी का दिन है। जनता की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है। अब यहां ट्रैफिक जाम और वाहनों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे कार्यालय, स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों के साथ-साथ व्यापारी एवं व्यवसायियों को भी बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त निधि के माध्यम से इस ओवरब्रिज का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के लिए बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि इस ब्रिज की लंबाई 787 मीटर एवं चौड़ाई 13 मीटर है तथा 48.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस ओवरब्रिज के बनने से रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा समय की बचत भी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क, पुल और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने निर्माण कार्य में जुड़े अधिकारियों एवं एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने के साथ ही सीधे लोगों के बीच जाकर योजनाओं और विकास कार्यों का फीडबैक भी ले रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। वे स्वयं अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि लोग शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन अब नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। नियद नेल्लानार 2.0 के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। अब तक 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है तथा 55 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है और उसी के अनुरूप सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि कचना क्षेत्र में लगभग 25 बड़ी कॉलोनियां स्थित हैं और यह रेलवे ओवरब्रिज इन सभी कॉलोनियों को रायपुर शहर से बेहतर तरीके से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी साबित होगा। उन्होंने कहा कि कचना का यह ओवरब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि रायपुर और कचना को जोड़ने वाली जीवनरेखा है। इससे न केवल कचना और आसपास के रहवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी यातायात में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।
श्री साव ने कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। पहली बार लोक निर्माण विभाग को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिली है। राज्य सरकार के गठन के बाद रिकॉर्ड संख्या में पुलों का निर्माण किया गया है। यातायात को सुगम बनाने और प्रदेशभर में सड़कों का जाल बिछाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार द्रुतगामी सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे गांवों तक भी सड़क पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है, जहां आज तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, पार्षद श्रीमती पुष्पा साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी के बाजार चौक में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में संचालित सुशासन तिहार आगामी 10 जून तक जारी रहेगा, जिसके माध्यम से अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर समाधान की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, ताकि गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का विशेष उल्लेख करते हुए ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे बिजली बिल में कमी आएगी और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सूरज केवल रोशनी नहीं, बल्कि नई संभावनाएं भी लेकर आया है और ग्रामीणों को इस योजना का अधिकाधिक लाभ लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने किसानों को सौर सुजला योजना की जानकारी देते हुए सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक, किफायती और टिकाऊ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान बनाने की प्रक्रिया भी आसान होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छह हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के तहत पट्टे वितरित किए। इनमें रूपचंद साहू, जीवराखन साहू, गोविंदराम साहू, हीरालाल साहू, रघुराम तथा गीताबाई साहू शामिल हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ है।
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया।
इस अवसर पर कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, संभाग आयुक्त श्री श्याम धावड़े, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा
रायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।
सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता
कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।
यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।
केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।
पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर
डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
व्यवसायिक विस्तार पर मंथन
कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव श्री रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर श्री ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक श्री यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री डी.के. गवली, डीजीएम श्री ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक श्री मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक श्री युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक श्री दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम श्री अरुण पुरोहित, श्री एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन और चाटुकारिता से दूर, ज़मीनी पत्रकारिता के दम पर तेजी से बढ़ रहा “द रियल India” चैनल
दुर्ग / शौर्यपथ।
सोशल मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के दौर में जहां कई यूट्यूब चैनल विज्ञापनों, प्रायोजित प्रचार और झूठी वाहवाही के सहारे दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दुर्ग शहर का “द रियल इंडिया” नामक चैनल अपनी निष्पक्ष और तेज़ क्राइम रिपोर्टिंग के कारण आम जनता के बीच लगातार भरोसे का नाम बनता जा रहा है।
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में घटित होने वाली अपराध की घटनाओं को त्वरित और तथ्यात्मक तरीके से जनता तक पहुंचाने में यह चैनल लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि आम लोग अब दिखावटी प्रचार से हटकर वास्तविक खबरों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं और “द रियल इंडिया” के फॉलोअर्स एवं दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां कुछ चैनल केवल दुकानदारों और प्रायोजकों की कृत्रिम प्रशंसा कर दर्शकों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, वहीं “द रियल इंडिया” बिना अनावश्यक प्रचार के सीधे मुद्दों और अपराध से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता देता है। यही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्र में चैनल के युवा पत्रकार की सक्रियता और निरंतर अपडेट देने की शैली को लेकर लोग खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं। घर बैठे हर छोटी-बड़ी आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिलने से आम जनता इस चैनल को भरोसेमंद माध्यम के रूप में देखने लगी है।
सोशल मीडिया के इस प्रतिस्पर्धी दौर में “द रियल इंडिया” उन चैनलों के लिए एक सीख बनकर उभर रहा है जो केवल विज्ञापन आधारित सामग्री और झूठी लोकप्रियता के सहारे पत्रकारिता की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जनता अब सजावटी प्रचार नहीं बल्कि सच्ची और ज़मीनी खबरों को महत्व देने लगी है।
डिजिटल पत्रकारिता में तेजी से बदलते इस माहौल ने यह साफ कर दिया है कि दर्शक अब जागरूक हो चुके हैं और वे उन्हीं मंचों को पसंद कर रहे हैं जो बिना पक्षपात और बिना दिखावे के वास्तविक खबरों को सामने लाते हैं।
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रायपुर/कोरिया। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai का सख्त प्रशासनिक अंदाज देखने को मिला। कोरिया जिले में चौपाल के दौरान शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने सहायक आयुक्त सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। कार्य में लापरवाही से जुड़ी कई शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यह बड़ी कार्रवाई की।
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री का कड़ा रुख सामने आया। परीक्षा परिणाम अपेक्षानुसार नहीं आने पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कलेक्टर को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए ठोस एवं परिणाममूलक प्रयास आवश्यक हैं।
चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री का यह सख्त और जवाबदेह प्रशासनिक रवैया अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
सीएम Vishnu Deo Sai के निर्देश पर जिला सहकारी बैंक की बड़ी कार्रवाई
रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के दौरान मिली शिकायतों पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त रुख का असर अब प्रशासनिक कार्रवाई में साफ दिखाई देने लगा है। कोरिया जिले की जिल्दा समिति, खड़गंवा में खाद वितरण से जुड़े गबन मामले में लापरवाही बरतने वाले प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी कोरिया श्री कल्लु प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
खाद वितरण में अनियमितता और गबन की शिकायतों के बाद मामले की समीक्षा की गई, जिसमें दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि में श्री मिश्रा का मुख्यालय शाखा बैकुंठपुर, जिला कोरिया निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार, गबन और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की नीति से आम जनता का भरोसा शासन व्यवस्था पर लगातार मजबूत हो रहा है।
समन्वय साहित्य परिवार का बृहद साहित्यकार सम्मेलन सम्पन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ी भाषा के गद्य जगत के युग प्रवर्तक डॉ. पालेश्वर शर्मा की 98 वीं जयंती पर बृहद साहित्यकार सम्मेलन का आयोजन किया गया।
ऋषि- कृषि संस्कृति के उपासक,भाषाविद् डॉ.पालेश्वर की स्मृति में पहला छत्तीसगढ़ी गद्य साहित्य सम्मान विजय मिश्रा 'अमित' को दिया गया। उनकी पचास वर्षीय साहित्य साधना का मूल्यांकन करते हुए समन्वय साहित्य परिवार के प्रबुद्ध निर्णायक मंडल ने विजय मिश्रा का चयन किया।पुरस्कार के अंतर्गत सम्मान राशि 5001/ रुपए के साथ ही प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह एवं शाल- श्रीफल से उन्हें सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा के आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा,अध्यक्ष डॉ. चित रंजन कर,रविशंकर विश्वविद्यालय के साहित्य भाषा अध्ययन शाला के पूर्व अध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि की आसंदी से छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव दिनेश मिश्रा, पाणिनीय शोध संस्थान की अध्यक्षा डॉ.पुष्पा दीक्षित, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश वाजपेई, विदूषी लेखिका सरला शर्मा एवं प्रख्यात नवगीतकार डॉ अजय पाठक शामिल हुए।
संस्था के प्रदेशाध्यक्ष डॉ देवधर महंत ने डॉ पालेश्वर शर्मा के व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डाला। अतिथियों ने कीर्तिशेष डॉ शर्मा की रचनाओं को कालजयी और नवपीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक निरूपित किया।आभार प्रदर्शन संस्था के केंद्राध्यक्ष डॉ गंगाधर पटेल ने किया।
दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
संगम क्रिकेट लीग" में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन ने दर्ज की शानदार जीत
पिथौरा। पीसीए (पिथौरा क्रिकेट एकेडमी) के तत्वावधान में आयोजित “संगम क्रिकेट लीग” के अंतर्गत पत्रकारों के बीच खेले गए मैत्री क्रिकेट मुकाबले में रोमांच, जोश और खेल भावना का शानदार संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बतौर अतिथि वरिष्ठ पत्रकार रजिंदर खनूजा, जाकिर कुरैशी, पवन गुप्ता, ऋषिकेश शुक्ला एवं पीसीए के संयोजक मनमीत छाबड़ा उपस्थित रहे। अतिथियों ने सर्वप्रथम खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा टॉस प्रक्रिया संपन्न कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रजिंदर खनूजा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह एक अत्यंत सराहनीय पहल है। आज सभी पत्रकार क्रिकेट मैदान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं वरिष्ठ पत्रकार मंच से आयोजन की गरिमा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पत्रकारों के बीच आपसी भाईचारा, एकता और सौहार्द को मजबूत करने का कार्य करते है।
मुकाबले में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन की कप्तानी बलराज नायडू ने संभाली, जबकि श्रमजीवी पत्रकार संघ की कमान स्वप्निल तिवारी के हाथों में रही। दोनों कप्तानों के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने खेल भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया। टॉस जीतकर श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया।
श्रमजीवी पत्रकार संघ की ओर से बल्लेबाजी की शुरुआत करने उतरे सौरभ अग्रवाल और राजा उपाध्याय ने टीम को सधी हुई शुरुआत दिलाई। सौरभ अग्रवाल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 38 गेंदों में 74 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी दमदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने निर्धारित 10 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 97 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
98 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। विकास अग्रवाल और उमाशंकर की सलामी जोड़ी ने तेज गति से रन बनाकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। विकास अग्रवाल ने 17 गेंदों में 27 रन बनाए, वहीं उमाशंकर ने मात्र 10 गेंदों में 26 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर मैच का रुख बदल दिया।
विशेष रूप से विकास अग्रवाल ने पारी को अंत तक संभाले रखा और जिम्मेदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत की ओर अग्रसर किया। उनकी संयमित और रणनीतिक बल्लेबाजी ने लक्ष्य तक पहुंचने की मजबूत नींव रखी।
तेज बल्लेबाजी और शानदार तालमेल के दम पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन ने महज 7.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच का विजयी चौका गोविंद शर्मा ने लगाकर टीम को शानदार जीत दिलाई। जीत के बाद खिलाड़ियों और पत्रकार साथियों ने मैदान में उत्साहपूर्वक जश्न मनाया।
मैच में ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उमाशंकर को "मैन ऑफ द मैच" चुना गया। उन्होंने 26 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मात्र 11 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
इस अवसर पर जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के कप्तान बलराज नायडू ने सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उनके नेतृत्व, मार्गदर्शन और प्रेरणा से टीम ने यह यादगार जीत दर्ज की। खिलाड़ियों ने भी इस जीत का श्रेय टीम भावना और कप्तान के कुशल नेतृत्व को दिया।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में दुर्गेश सोनी, सुनील यादव, तारी टुटेजा एवं हर्ष सहित पूरी पीसीए टीम की विशेष एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
