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March 07, 2026
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By- नरेश देवांगन  

जगदलपुर, शौर्यपथ। साय सरकार जनता के प्रति संवेदनशीलता और सुशासन को लेकर लगातार प्रयासरत दिखाई दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। इसका खामियाजा गरीब और असहाय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

तस्वीर में दिखाई दे रही ब्लॉक तोकापाल के ग्राम बुरूंगपाल तेलीमारेंगा की विकलांग 55 वर्षीय महिला सुकरी नाग शारीरिक रूप से असमर्थ और बीमारी से पीड़ित हैं। उनका जीवन शासकीय सहायता पर निर्भर है, किंतु बीते लगभग छह महीनों से उन्हें उचित मूल्य दुकान से चावल नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, सुकरी नाग हर माह उम्मीद लेकर शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचती रहीं, जहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि “आपके नाम का राशन नहीं आया है।” उन्हें यह जानकारी तक नहीं दी गई कि उनका राशन कार्ड बंद किया जा चुका है।

विभागीय सूत्रों से पता चला है कि राशन कार्ड बंद करने के कारण में महिला को “गांव से पलायन” बताया गया है, जबकि वह आज भी उसी गांव में रह रही हैं। न उनके पास पक्का मकान है, न शौचालय की पक्की व्यवस्था और न ही किसी प्रकार की स्थायी आय। यह भी सामने आया है कि उन्हें अब तक विकलांग पेंशन जैसी बुनियादी योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है।

ऐसे हालात में राशन बंद होना उनके लिए जीवन यापन की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है और कई बार उन्हें बिना भोजन के ही दिन गुजारना पड़ता है। यह मामला प्रशासनिक प्रक्रिया में हुई गंभीर चूक की ओर संकेत करता है और यह जांच का विषय है कि बिना भौतिक सत्यापन के राशन कार्ड बंद करने की कार्रवाई कैसे हुई।

यह स्थिति कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। जब विकलांग महिला आज भी उसी गांव में रह रही है, तो किस आधार पर उसे “पलायन” बताया गया? क्या यह प्रविष्टि बिना स्थल सत्यापन और बिना संवेदनशीलता के दर्ज कर दी गई? क्या यह नहीं सोचा गया कि एक बेसहारा और विकलांग महिला का राशन बंद होना सीधे भूख से जूझने जैसा है? ऐसे मामलों में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं न कहीं मानवीय जिम्मेदारी और जवाबदेही की अनदेखी तो नहीं हुई।

गौरतलब है कि जिले में हाल ही में नवपदस्थ कलेक्टर ने पदभार संभाला है और वे शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय निरीक्षण और निर्देश दे रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर त्वरित संज्ञान लेगा, राशन कार्ड पुनः चालू कराएगा और विकलांग महिला को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ दिलाएगा।

छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान
राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा

रायपुर / शौर्यपथ / रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।
इस दौरान श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।
केंद्रीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।
इस बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा 'सबका साथ, सबका विकासÓ को केंद्र में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोडऩे की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।

उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा
देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

कर सुधार और आम जनता को राहत
आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 'सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वासÓ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

राजनांदगांव/शौर्यपथ/केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को अमृत काल का दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताते हुए जिला भाजपा महामंत्री (अनुसूचित जाति मोर्चा) दीपेश शेंडे ने कहा कि यह बजट “साधन से समाधान तक की स्वर्णिम यात्रा” का सशक्त उदाहरण है। दीपेश शेंडे ने कहा कि यह बजट अर्थ से सामर्थ्य तक, अंत्योदय से अभ्युदय तक और समावेशी विकास की स्पष्ट दिशा तय करता है। इससे खेतों में हरियाली, खलिहानों में खुशहाली और समाज के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि बजट में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देने के लिए घरेलू उद्योगों को बढ़ावा, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आयात पर निर्भरता कम करने के ठोस प्रावधान किए गए हैं। साथ ही रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, आम नागरिक की क्रय शक्ति को मजबूत करने और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। दीपेश शेंडे ने कहा कि इन्हीं नीतिगत प्रयासों का परिणाम है कि देश ने लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक विकास दर हासिल की है और गरीबी उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह बजट देश को तेज़ी से आगे बढ़ाने के साथ-साथ हर वर्ग को साथ लेकर चलने का भरोसा देता है। अंत में उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण, किसान उत्थान, मातृशक्ति के सम्मान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित इस लोक-हितैषी एवं जनकल्याणकारी बजट के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

जगदलपुर, शौर्यपथ। जन अधिकार सामाजिक कल्याण संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिका सिंह के नेतृत्व में बस्तर के नवपदस्थ कलेक्टर आकाश छिकारा से सौजन्य भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर संघ के उद्देश्यों एवं जनहित में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी कलेक्टर को दी गई।

प्रतिनिधिमंडल द्वारा संघ के कुल 31 सामाजिक एवं जनकल्याणकारी उद्देश्यों के साथ-साथ अब तक किए गए जनहित कार्यों से कलेक्टर को अवगत कराया गया। संघ के कार्यों से प्रभावित होकर कलेक्टर श्री छिकारा ने संघ की भूमिका की सराहना की तथा आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर संघ के सहयोग को महत्व दिया जाएगा और जनहित के कार्यों में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश प्रवक्ता अनंत महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष अनवर हुसैन, बलराम कश्यप, पी. शिंदे, रवि तिवारी, प्रदेश महासचिव अनिल ठाकुर, विपिन तिवारी, संभागीय अध्यक्ष शंकर लाल श्रीवास्तव, संभागीय संयोजक विनय मंडल, बस्तर जिला अध्यक्ष के.के. भटनागर, जिला कोषाध्यक्ष विशाल सतमान, संघ सदस्य भरोसी राम साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने कलेक्टर बस्तर का आभार व्यक्त किया।

जगदलपुर, शौर्यपथ | कांकेर जिला साहू संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का शपथ ग्रहण समारोह तथा युवक-युवती परिचय सम्मेलन सामाजिक समरसता, उत्साह और गरिमा के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। यह आयोजन साहू समाज की एकता, परंपरा और भविष्य की दिशा को मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम में बस्तर जिला साहू संघ के जिलाध्यक्ष हरि लाल साहू ने विशेष रूप से उपस्थित होकर समाज के हित में गंभीर और प्रेरणादायी विचार रखे। उन्होंने कहा कि बस्तर, जगदलपुर और कांकेर के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते को और अधिक सशक्त किया जाना चाहिए, ताकि समाज के युवाओं और युवतियों को वैवाहिक संबंध स्थापित करने में पारस्परिक सहयोग मिल सके। उनके उद्बोधन को समाजजनों ने तालियों के साथ सराहा।

श्री साहू ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई देते हुए विश्वास जताया कि नई टीम समाज को संगठित कर सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।

इस गरिमामय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव रहे। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वालों में पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र साहू, पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विपिन साहू, रायपुर विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व विधायक लेखराम साहू, सुकमा जिला अध्यक्ष जगन्नाथ राजू साहू, कोंडागांव जिला अध्यक्ष राजेश साहू, दंतेवाड़ा जिला अध्यक्ष एन.आर. साहू सहित टी.आर. साहू, हलदर साहू, ओमप्रकाश साहू एवं अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मातृशक्ति, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। आयोजन ने समाज में नई ऊर्जा, आपसी सौहार्द और भविष्य के प्रति आशा का संचार किया।

दुर्ग | शौर्यपथ

दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार 31 जनवरी को शहरी सरकार की मुखिया के रूप में अपना पहला जन्मदिन मना रही हैं। जन्मदिन से पहले शहर में समर्थकों द्वारा लगाए गए फ्लेक्स, बैनर और कटआउट्स की भरमार ने एक बार फिर शहर की सुंदरता, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसी पृष्ठभूमि में महापौर अलका बाघमार ने 29 जनवरी को एक सराहनीय और विनम्र पहल करते हुए अपने समर्थकों से अनुरोध किया कि वे शहर के खंभों, सार्वजनिक स्थलों और यातायात मार्गों पर लगाए गए फ्लेक्स-बैनर स्वयं हटा लें। महापौर ने स्पष्ट किया कि उन्हें समर्थकों का प्रेम और आशीर्वाद स्वीकार है, लेकिन शहर की सुंदरता, स्वच्छता और नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है।

महापौर का यह बयान निश्चित ही स्वागत योग्य है, लेकिन अब सवाल यह नहीं कि क्या कहा गया, बल्कि यह है कि क्या किया जाएगा।

अतिक्रमण टीम की अग्निपरीक्षा

अब निगाहें नगर निगम के अतिक्रमण विभाग पर टिकी हैं। क्या निगम प्रशासन महापौर की मंशा के अनुरूप नियम विरुद्ध टंगे फ्लेक्स-बैनर हटाने की कार्रवाई करेगा?

क्या महापौर के समर्थक स्वयं आगे आकर अपने बैनर हटाएंगे, या फिर यह अनुरोध भी पूर्व के नेताओं के बयानों की तरह कागज़ी साबित होगा?

शहर की जनता अब केवल बयान सुनकर संतुष्ट होने वाली नहीं रही है। वर्षों से जनता ने देखा है कि कैसे नियमों की दुहाई आम नागरिकों के लिए तो दी जाती है, लेकिन राजनीतिक बैनरों पर वही नियम मौन हो जाते हैं।

नीरज पाल बनाम अलका बाघमार

इस संदर्भ में भिलाई नगर निगम के पूर्व महापौर नीरज पाल का उदाहरण आज भी मिसाल के रूप में सामने है। नीरज पाल ने अपने जन्मदिन से पहले स्वयं आगे बढ़कर शहर के खंभों से अपने सभी बधाई बैनर और पोस्टर उतरवाए थे। उन्होंने न सिर्फ अपील की, बल्कि कार्रवाई कर दिखायी—और समर्थकों से भी यही अपेक्षा रखी।

आज दुर्ग की जनता यही सवाल पूछ रही है— क्या महापौर अलका बाघमार भी नीरज पाल की तरह बयान से आगे बढ़कर जमीनी कार्रवाई करेंगी?

या फिर यह पहल भी एक औपचारिक अनुरोध बनकर रह जाएगी?

30 जनवरी की कार्रवाई बताएगी दिशा

महापौर का अनुरोध 29 जनवरी को सामने आया। अब 30 जनवरी का दिन यह तय करेगा कि नगर निगम प्रशासन और अतिक्रमण विभाग इस अनुरोध को कितनी गंभीरता से लेता है।

यदि आज नियम विरुद्ध फ्लेक्स हटाए जाते हैं, तो यह दुर्ग की राजनीति में एक सकारात्मक और भरोसेमंद संदेश होगा।

और यदि ऐसा नहीं होता, तो जनता इसे भी एक और “अच्छा बयान” मानकर आगे बढ़ जाएगी।

सार --

महापौर अलका बाघमार का कदम निस्संदेह प्रशंसनीय है, लेकिन शहर की जनता अब शब्द नहीं, उदाहरण चाहती है।

दुर्ग को आज एक ऐसे नेतृत्व की ज़रूरत है, जो नीरज पाल की तरह सिर्फ कहे नहीं—करके दिखाए।

अब देखना यह है कि

दुर्ग की महापौर इतिहास रचेंगी या बयानबाज़ी की सूची में एक और नाम जुड़ जाएगा।

  दुर्ग। दिनांक 28 जनवरी 2026 को डायल 112 चीता वन थाना मोहन नगर की टीम ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक लापता महिला को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया।
ड्यूटी पर तैनात आरक्षक राजेश्वर साहू (आईडी 1001) एवं चालक दुष्यंत कुमार (आईडी 197) को शाम 6:35 बजे सूचना मिली कि शांति नगर के पास एक अज्ञात महिला बैठी हुई है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है।
सूचना मिलते ही डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। पूछताछ में महिला ने अपना निवास माया नगर, रिसाली बताया। टीम ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए महिला को 112 वाहन में बैठाकर माया नगर, रिसाली ले जाकर आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पहचान सुनिश्चित होने पर महिला को आजाद मार्केट, माया नगर, रिसाली स्थित उसके घर पहुंचाया गया, जहां परिजन मिले।
परिजनों ने बताया कि महिला 17 दिसंबर 2025 को बिना बताए घर से चली गई थी और मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण उसकी तलाश की जा रही थी। महिला की पहचान उत्तरी मनहरे, पिता भगवती मनहरे, उम्र 42 वर्ष, निवासी आज़ाद मार्केट, माया नगर, रिसाली के रूप में हुई।
डायल 112 टीम के अथक प्रयासों से महिला को सुरक्षित एवं सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंप कर रखी विभिन्न मांगें,पांडेय ने पूरा कराने दिया आश्वासन

भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ यूपी बिहार रेल यात्री सेवा संघ के अध्यक्ष हाजी एम. एच. सिद्दीकी एवं सचिव मोहम्मद सलीम (अधिवक्ता) के साथ एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें रेल यात्रा में होने वाली कठिनाइयों से अवगत कराया। जिसमे प्रमुख रूप से उ.प्र. बिहार जाने वाले यात्रियों की समस्याओं के समाधान करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान गोंदिया बरौनी एक्सप्रेस 15231/15232 या सारनाथ एक्सप्रेस 15159/15160 को सप्ताह में कम से कम तीन दिन वाया मऊ, बेल्थरा रोड़, सलेमपुर, भटनी, मैरवा, सिवान, छपरा होकर चलाने और इसे वापसी में भिलाई पावर हाउस स्टेशन पर भी स्टॉपेज देने की मांग रखी गई।
वहीं दुर्ग गोरखपुर नौतनवा एक्सप्रेस 18201/18202 को नियमित रूप से प्रतिदिन चलाने के साथ ही नौतनवा एक्सप्रेस 18201 के समय को परिवर्तित कर शाम 4.00 बजे से पहले दुर्ग से चलाने की मांग की गई। जिससे बनारस से आगे जाने वाले यात्रियों को समय पर अपने गाँव पहुंचने में आसानी हो। इसी तरह पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर स्टॉपेज देने की भी मांग की गई। प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने सभी मांगो को गंभीरता पूर्वक सुना और इन्हें पूर्ण कराने पूरी कोशिश करने का आश्वासन दिया। इस दौरान हीरालाल यादव, सत्तार अहमद, शशांक पाण्डेय, विवेक नायक, शाहनवाज़ अहमद एवं शहादत हुसैन भी प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप में शामिल थे।

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