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दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं को मिले ₹37.19 करोड़; जिले में ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, 23 कार्यों का भूमिपूजन
रायपुर, । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के खातों में ₹632 करोड़ 40 लाख से अधिक की राशि अंतरित की। इसके साथ ही योजना के तहत अब तक वितरित आर्थिक सहायता का आंकड़ा ₹20,708 करोड़ के पार पहुंच गया है। दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले की 3 लाख 89 हजार 507 महिलाओं के खातों में ₹37.19 करोड़ से अधिक की राशि भी भेजी गई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य आने से परिवार में उनकी निर्णय क्षमता मजबूत होती है और बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य तथा आजीविका संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का आधार बन रही है।
अब तक ₹20,708 करोड़ से अधिक की सहायता
1 मार्च 2024 से लागू योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाती है। सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में ₹20,075.76 करोड़ वितरित किए जा चुके थे। अब 32वीं किस्त के रूप में ₹632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये अंतरित किए गए हैं। इससे कुल सहायता ₹20,708 करोड़ से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों के साथ बचत तथा आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
दुर्ग को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए कुल ₹218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें ₹1 करोड़ 22 लाख 56 हजार की लागत से पूर्ण हुए आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण तथा ₹217 करोड़ 25 लाख 73 हजार के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
इन परियोजनाओं में सड़क, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा और विद्युत अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
सड़कों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण पर जोर
लोक निर्माण विभाग के तहत दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में पुलगांव पुल से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच मार्ग के लगभग पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए ₹30.20 करोड़ खर्च किए जाएंगे। कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर ₹24.06 करोड़ तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक सड़क निर्माण पर ₹4.28 करोड़ खर्च होंगे।
पाटन क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए ₹15.03 करोड़, भिलाई-तर्रा मार्ग के मजबूतीकरण के लिए ₹8.33 करोड़ और पौहा से खपरी तक सड़क निर्माण के लिए ₹3.97 करोड़ के कार्यों की आधारशिला रखी गई। चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण पर ₹7.06 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार केंद्रों तक आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
युवाओं के कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य के लोकार्पण से युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में ₹8.86 करोड़ की लागत से विभिन्न अधोसंरचना कार्य किए जाएंगे। वहीं दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में ₹4.11 करोड़ की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार से सिंचाई को मजबूती
सिंचाई और जल प्रबंधन के लिए सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार तथा नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग पर ₹2.23 करोड़ खर्च किए जाएंगे। मोहंदी जलाशय के लिए ₹4.96 करोड़, कपसदा जलाशय के लिए ₹4.57 करोड़ और नंदौरी जलाशय के लिए ₹4.77 करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर प्रत्येक के लिए ₹4.71 करोड़ तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर ₹4.97 करोड़ खर्च किए जाएंगे। दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए ₹4.93 करोड़ की लागत से कोटनी माइनर चैनल बनाया जाएगा।
चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार
दुर्ग शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए ₹16.16 करोड़ की लागत से छात्रावास बनाया जाएगा। जिला चिकित्सालय परिसर स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण पर ₹11.96 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए बड़ी परियोजनाएं
पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के तहत ₹25.83 करोड़ की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) बनाया जाएगा। इसके अलावा ₹14 करोड़ की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) ट्रांसमिशन लाइन और ₹2.50 करोड़ की लागत से उपकेंद्र पाटन में दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता और विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं, कुशल युवा, मजबूत किसान और बेहतर अधोसंरचना विकसित छत्तीसगढ़ की नींव हैं।
सेवा संकल्प अभियान: महिलाओं के पंजीयन शुल्क में 50% छूट और 0.6% उपकर समाप्त होने से घटा खर्च, डिजिटल सुविधाओं से आसान हुई प्रक्रिया
रायपुर, । संपत्ति की रजिस्ट्री में लगने वाला समय और खर्च अब नागरिकों के लिए राहत का कारण बन रहा है। राजनांदगांव की श्रीमती नम्रता खंडेलवाल और श्रीमती प्रिया खंडेलवाल ने पंजीयन व्यवस्था में हुए सुधारों का लाभ लेते हुए महज 30 मिनट में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की और करीब 30 हजार रुपये की बचत की। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत और 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त किए जाने से उन्हें यह आर्थिक राहत मिली।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए सुधार किए जा रहे हैं।
शुल्क में छूट से मिली 30 हजार रुपये की राहत
नम्रता और प्रिया खंडेलवाल के अनुसार, महिला क्रेता होने के कारण उन्हें पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत मिली। महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इसके अलावा 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त होने से भी रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ। दोनों महिलाओं को इन रियायतों के चलते कुल करीब 30 हजार रुपये की बचत हुई।
ऑनलाइन सुविधाओं से 30 मिनट में रजिस्ट्री
श्रीमती प्रिया खंडेलवाल ने बताया कि उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री की प्रक्रिया लगभग 30 मिनट में पूरी हो गई। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल भुगतान और तकनीक आधारित सुविधाओं से प्रक्रिया आसान हुई और अनावश्यक इंतजार व कार्यालयीन दौड़भाग से राहत मिली।
ऑटोम्यूटेशन से नामांतरण भी आसान
पंजीयन विभाग ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल भुगतान, आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाओं के माध्यम से प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बना रहा है। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है, जिससे नागरिकों को अलग से आवेदन करने और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होती है।
महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी को प्रोत्साहन
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में रियायत से आर्थिक बोझ कम करने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल सकता है।
नम्रता और प्रिया खंडेलवाल ने पंजीयन शुल्क में राहत और डिजिटल सुविधाओं के लिए राज्य शासन तथा पंजीयन विभाग के प्रति आभार जताया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से संवाद कर सरकारी सेवाओं में हुए सुधारों के जमीनी प्रभाव और उनके अनुभव सामने लाए जा रहे हैं।
राजनांदगांव की इन दोनों महिलाओं का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में सुधार से नागरिकों को समय की बचत के साथ आर्थिक राहत भी मिल सकती है।
डूमरतराई में हाउसिंग बोर्ड का आवास बना परिवार का आशियाना, प्रीमियम लोकेशन और बेहतर कनेक्टिविटी को बताया बड़ी खासियत
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। अपने परिवार के लिए सुंदर, सुविधायुक्त और किफायती घर का सपना हर व्यक्ति देखता है। राजधानी रायपुर के डूमरतराई स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की हिमालयन हाइट्स आवासीय परियोजना में रहने वाले श्री जितेंद्र मेहता के लिए यह सपना अब हकीकत बन चुका है। करीब दो वर्ष पहले यहां घर बुक कराने वाले मेहता आज अपने फैसले से संतुष्ट हैं। वे परियोजना की लोकेशन, कनेक्टिविटी और सुविधाओं को इसकी प्रमुख खूबियां बताते हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं में गुणवत्ता, सुविधाओं और किफायती आवास पर जोर दिया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मॉल तक आसान पहुंच
श्री जितेंद्र मेहता बताते हैं कि उन्होंने लगभग दो साल पहले हिमालयन हाइट्स में अपना घर बुक कराया था। उनकी प्राथमिकता ऐसा घर था, जहां परिवार के लिए बेहतर वातावरण के साथ शहर की जरूरी सुविधाएं भी आसानी से उपलब्ध हों।
मेहता के अनुसार, परियोजना की प्रीमियम लोकेशन और रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मुख्य सड़क तथा शॉपिंग मॉल तक आसान पहुंच रोजमर्रा के जीवन को सुविधाजनक बनाती है। उनका कहना है कि घर खरीदते समय कीमत के साथ आसपास की सुविधाओं और आवागमन की सहूलियत पर भी ध्यान देना जरूरी है।
निजी बिल्डरों की परियोजनाओं के समकक्ष बताया
हाउसिंग बोर्ड की परियोजना के अनुभव साझा करते हुए श्री मेहता कहते हैं कि हिमालयन हाइट्स सुविधाओं और लोकेशन के मामले में निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी तरह कम नहीं है। उनके अनुसार, अच्छी लोकेशन पर किफायती दर में अपना घर मिलना परिवार के लिए खुशी की बात है।
उन्होंने अपने घर का सपना पूरा होने पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। मेहता का अनुभव बताता है कि सुविधाजनक स्थान पर आवास उपलब्ध होना परिवारों के लिए बड़ी राहत और संतुष्टि का कारण बन सकता है।
गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त आवास पर जोर
राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके लिए गुणवत्ता, सुविधाजनक लोकेशन और किफायती दरों को महत्व दिया जा रहा है।
डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स में जितेंद्र मेहता का अनुभव उनके अपने घर के सपने के पूरा होने की कहानी है। उनके लिए यह आवास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि परिवार के साथ बेहतर और सुविधाजनक जीवन की शुरुआत है।
गोलावंड के आंगनवाड़ी केंद्र में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम, पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन
कोंडागांव, । वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सेवा संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को कोंडागांव जिले के गोलावंड स्थित स्कूलपारा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने पोषण एवं कुपोषण की स्थिति की जानकारी लेते हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा पालकों को कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
बच्चों से संवाद, संतुलित आहार पर जोर
मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता परखी। बच्चों ने चित्रों के माध्यम से फल, पशु-पक्षियों और विभिन्न वस्तुओं की पहचान की। मंत्री ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें फल और चॉकलेट वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को बच्चों के संतुलित आहार तथा गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया।
छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-मितानिन सम्मानित
वन मंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई का निरीक्षण कर परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में सेवाभाव और योगदान के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों सहित छह महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर, । छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के आम एवं उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग में संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर रिक्त पदों, आरक्षण, परिसीमन और निर्वाचन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों को चुनाव संबंधी तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर को
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्थानीय निकायों के निर्वाचन के लिए निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया है। कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। आयुक्त ने स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए विभागों तथा जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा।
पंचायतों में सरपंच-पंच के रिक्त पदों पर चुनाव
पंचायत निर्वाचन के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरिया और कोंडागांव जिलों की 9 ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा 126 पंच पदों पर आम निर्वाचन प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत सदस्य के एक रिक्त पद, सरपंच के 92 और पंच के 721 रिक्त पदों पर उपचुनाव कराया जाना है।
15 नगरीय निकायों में आम निर्वाचन प्रस्तावित
नगरीय निकायों में नवगठित नगर पंचायत तमनार (जिला रायगढ़) और नगर पंचायत बड़ी करेली (जिला धमतरी) सहित कुल 15 निकायों में आम निर्वाचन प्रस्तावित है। इनमें भिलाई-चरोदा, रिसाली, जामुल और बिरगांव नगर निकाय भी शामिल हैं।
इसके साथ ही नगर पंचायत बिलाईगढ़ में अध्यक्ष पद और विभिन्न नगरीय निकायों के 6 वार्ड पार्षद पदों पर उपचुनाव कराया जाना है।
विभागों को समय-सीमा में तैयारी पूरी करने के निर्देश
बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से निर्वाचन संबंधी तैयारियों की जानकारी ली गई। बैठक में आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संचालक श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं।
आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं, ताकि आगामी स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराए जा सकें।
रायपुर, । बस्तर के जगदलपुर में गुरुवार को भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की दो दिवसीय राष्ट्रीय ‘सहकार से समृद्धि’ वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित इस नौवें राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के दूरस्थ, आकांक्षी और जनजातीय क्षेत्रों तक विकास एवं आर्थिक समृद्धि का लाभ पहुंचाने पर मंथन किया जा रहा है। बस्तर में पहली बार इस स्तर पर केंद्रीय मंत्रालय का राष्ट्रीय आयोजन हो रहा है।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे, तभी सार्थक होगी सहकारिता
भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि सहकारिता की सार्थकता तभी है, जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए देशभर में 2 लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकास और विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी संस्थाओं के सहयोग से सहकारी समितियों की गतिविधियों में विविधता लाने, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में अवसर तलाशने तथा सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई।
छत्तीसगढ़ में 500 से अधिक नई समितियों का गठन
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर कहा कि सहकारिता को खाद और ऋण वितरण तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और नए रोजगार के अवसरों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन किया जा चुका है।
डेयरी, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी सहकारी मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। समितियों को डिजिटल सुविधाओं, माइक्रो-एटीएम और सीएससी सेवाओं से जोड़ने से ग्रामीणों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और समितियों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
मुख्य सचिव ने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से आपूर्ति शृंखला मजबूत करने की बात कही।
तमिलनाडु के मॉडल और बस्तर की संभावनाओं पर चर्चा
तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य में सहकारिता के विकास के लिए एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा कार्ययोजना तैयार कर उन्हें लागू किया गया है। राष्ट्रीय संस्थानों के साथ समन्वय के माध्यम से प्राथमिक समितियों के उत्पादों को प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर में हाल ही में हुए जलभराव के बाद प्रशासन और आयोजन दल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले आयोजन स्थल का सभागार भी कई दिनों तक पानी में डूबा रहा था, लेकिन टीम ने कम समय में परिसर को राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा कि बस्तर में सहकारिता के माध्यम से स्थानीय आजीविका और आर्थिक गतिविधियों को नई ऊंचाई देने की व्यापक संभावनाएं हैं।
सहकारी उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगी
सम्मेलन के शुभारंभ पर सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। आयोजन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों और संस्थाओं ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे और सहकारिता क्षेत्र में नवाचारों एवं विकास की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम में बस्तर संभागायुक्त श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिव एवं पंजीयक तथा सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य सहकारिता को ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनाना है।
₹10 हजार से ₹50 हजार तक मानदेय पाने वाले स्वयंसेवकों-कर्मचारियों को विशेष सैलरी बेनिफिट्स, परिवार और बच्चों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के होमगार्ड, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं और एसडीआरएफ के जवानों तथा कर्मचारियों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा ने विशेष वेतन लाभ योजना शुरू करने की पहल की है। इसके लिए विभाग और बैंक के बीच 6 अक्टूबर 2026 को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। योजना के तहत ₹10 हजार से ₹50 हजार तक वेतन या मानदेय प्राप्त करने वाले पात्र स्वयंसेवकों और कर्मचारियों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
बीमा सुरक्षा और दिव्यांगता पर आर्थिक सहायता
प्रस्तुत योजना के विवरण के अनुसार, पात्र कर्मचारियों और जवानों को ₹1 लाख तक का जीवन बीमा कवर, ₹40 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा ₹40 लाख तक का हवाई दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना की स्थिति में मूल व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर का 25 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ, अधिकतम ₹10 लाख तक, दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
पूर्ण या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में ₹40 लाख तक और आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में ₹30 लाख तक की आर्थिक सहायता का भी उल्लेख है। इन लाभों की पात्रता और वास्तविक भुगतान संबंधित बीमा शर्तों के अधीन होंगे।
बेटियों की शादी और बच्चों की पढ़ाई में सहायता
योजना में जवानों और कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी प्रावधान शामिल हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, पुत्री के विवाह के लिए ₹4 लाख तक और बच्चों की शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक की सहायता का लाभ दिया जाएगा। इन सुविधाओं की पात्रता, शर्तों और दावों की प्रक्रिया की पुष्टि बैंक की आधिकारिक योजना से की जानी चाहिए।
जीरो बैलेंस खाता और मुफ्त बैंकिंग सुविधाएं
पात्र कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को बैंक ऑफ बड़ौदा की जिला शाखाओं में वेतन खाता खुलवाने की सुविधा मिलेगी। योजना के विवरण में जीरो बैलेंस खाता, लाइफटाइम मुफ्त रुपे प्लेटिनम डेबिट कार्ड और चुनिंदा श्रेणी का मुफ्त क्रेडिट कार्ड शामिल हैं।
इसके अलावा परिवार के अधिकतम चार खातों और पति-पत्नी के खाते के लिए जीरो बैलेंस तथा मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड की सुविधा का उल्लेख है। मुफ्त चेकबुक, डिमांड ड्राफ्ट, आरटीजीएस, एनईएफटी और एटीएम के असीमित उपयोग जैसी बैंकिंग सुविधाएं भी प्रस्तावित लाभों में शामिल हैं। इन सुविधाओं पर लागू नियमों और शर्तों की पुष्टि बैंक से की जानी चाहिए।
इकाई प्रमुखों को प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश
विभाग ने सभी इकाई प्रमुखों को बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों के वेतन खाते खुलवाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
इस पहल का उद्देश्य होमगार्ड, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं और एसडीआरएफ में कार्यरत जवानों तथा उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा और बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ये जवान आपदा, आगजनी और आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योजना का वास्तविक लाभ संबंधित पात्रता मानदंडों और बैंक की आधिकारिक शर्तों के अनुसार मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी तेज, सुपर बाजार और बिरयानी सेंटर से भी लिए गए नमूने
रायपुर, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रख रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज करते हुए फॉर्च्यून मैदा के एक निर्धारित बैच की बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया है। वहीं, गौरेला में जांच के लिए लिए गए पनीर के नमूने को प्रयोगशाला ने असुरक्षित घोषित किया है।
पनीर में निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक वेजिटेबल फैट
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, गौरेला में पनीर का नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने पर संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की है।
फॉर्च्यून मैदा के बैच पर तत्काल रोक
विभाग ने फॉर्च्यून मैदा के बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है। खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रतिबंधित बैच का विक्रय और वितरण न करें तथा आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
सुपर बाजार और बिरयानी सेंटर से लिए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने भी संकलित किए हैं। गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी और साबूदाना, जबकि 786 बिरयानी सेंटर तथा हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कारोबारियों को मानकों के पालन के निर्देश
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में अमानक या असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूनों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन ने नागरिकों से खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि और लेबल पर दर्ज विवरण जांचने की अपील की है। संदिग्ध गुणवत्ता वाले या एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की खरीद और सेवन से बचने तथा किसी भी अनियमितता की जानकारी संबंधित विभाग को देने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कर आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और बाजार में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनाए रखना है।
प्रदेश के 38 स्थानों पर विकसित होंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’, तेलीबांधा भी सूची में शामिल; दुर्ग में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त होगी जारी
रायपुर, । राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ होगी। प्रदेश के 38 स्थानों को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें तेलीबांधा चौक भी शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा। इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस विषय में किसी तरह का भ्रम न रखें।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है।
दुर्ग को विकास कार्यों की सौगात, महतारी वंदन की 32वीं किस्त जारी होगी
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि वे दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की जाएगी। उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस अवसर पर दुर्ग जिले को विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र और हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
