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रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में सहकार भारती की राष्ट्रीय महिला प्रमुख श्रीमती शताब्दी सुबोध पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को बस्तर के महिला स्वसहायता समूह द्वारा बनाए गए कपड़ों के बैग तथा उत्पाद भेंट स्वरूप दी। राज्यपाल ने कहा कि समाज सेवा को कार्य करने का माध्यम बनाएं, क्योंकि यही वो माध्यम है जिससे व्यक्ति मन से जुड़ता है। जिन्हें जोड़ना चाहते हैं, उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को समझिए और समाधान करने का प्रयास कीजिए, वे अवश्य जुड़ेंगी। महिलाओं को छोटे-छोटे लघु उद्योगों को स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, इसके लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग तथा शासन के अन्य योजनाओं की जानकारी दीजिए और जोड़िए। राज्यपाल ने कहा कि कोरोनाकाल में परिस्थितियां बदली है। अतः आत्मनिर्भर भारत अभियान को आधार बनाकर कार्य कीजिए। इसके लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दीजिए। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उत्पादों को प्रोत्साहित करें। राज्यपाल ने महिलाओं की क्षमता वृद्धि और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को कोरोनाकाल के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित सर्वे का प्रतिवेदन सौंपा। साथ ही उन्हें बताया कि राष्ट्रसेविका समिति की स्वालंबन प्रकल्प द्वारा किए गए कार्यों से कोरोनाकाल में महिलाएं अपने पारंपरिक स्वरोजगार से जुड़ी हैं। इसमें बस्तर के महिला समूह द्वारा कपड़ों का बैग, साड़ी कव्हर तथा अन्य वस्तुओं का घर पर ही निर्माण किया गया है। प्रतिनिधिमण्डल में श्रीमती मीना नशीने, सुश्री प्राची पाटिल, श्रीमती अजिता गनोदवाले, श्रीमती चन्द्रकांती वर्मा, श्रीमती बानीश्री चन्द्रवंशी, सुश्री प्रगति यादव, सुश्री श्रद्धा गनोदवाले, सुश्री निधि निषाद उपस्थित थीं।
हाई-टेक बस स्टैंड से यात्रियों के लिए आवागमन सुविधाजनक होगा: मुख्यमंत्री बघेल
बस स्टैंड में 8 टिकट घर, पुलिस सहायता केंद्र सहित 49 दुकानें होंगी संचालित
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय सूरजपुर में 3 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित हाई-टेक बस स्टैंड का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हाई-टेक बस स्टैंड के बनने से यात्रियों के लिए आवागमन सुविधाजनक होगा। उच्च शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री उमेश पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव एवं विधायक भटगांव पारसनाथ राजवाडे़ तथा नगरपालिका अध्यक्ष श्री के.के. अग्रवाल शामिल हुये।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा की राज्य सरकार ने मनरेगा में मजदूरों को संकट काल में बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया कराने के साथ राज्य सरकार ने वनवासियों को वन अधिकार दिलाने, लघु वनोपजों के संग्रहण, पशुधन के संरक्षण संवर्धन तथा उनके सुरक्षा के लिए गौठान का निर्माण, हॉट बाजारों में जाकर आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए योजनाएं लागू की। बच्चों को प्रारंभ से ही अंग्रेजी शिक्षा देने का इंतजाम किया जा रहा है। साथ ही सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को फ्री होल्ड पट्टा का वितरण किया तथा नगरपालिका परिषद के प्रतिनिधियों को नगर के विकास की चाबी सौंपी।
हाईटेक सुविधाओं से लेस है, जिले का नवीन बस स्टैण्ड-
हाईटेक बस स्टैण्ड में 20 बसों के एक साथ खडे होने की क्षमता वाले बस यार्ड, 08 टिकट घर, पुलिस सहायता केन्द्र, पूछताछ केन्द्र के साथ-साथ महिला एवं पुरूष प्रसाधन का निर्माण किया गया हैं। साथ ही भूतल पर 43 एवं प्रथम तल पर 06 दुकान कुल 49 दुकानों का निर्माण किया गया है। बस स्टैण्ड के सामने पार्क के साथ-साथ पार्किंग व्यवस्था, नाली, टैक्सी पार्किंग, रिटेनिंग वॉल का निर्माण प्रस्तावित हैं तथा हाईटेक बस स्टैण्ड परिसर में सुलभ शौचालय का कार्य प्रगति पर हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय टेकाम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नया बस स्टेशन के शुभारंभ होने से शहर की सुविधाओं में विस्तार होगा। छत्तीसगढ़ सरकार अपने किए गए वादों पर खरा उतर रही है। सरकार बनने के महज 2 वर्षों में ही छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने किये गये 36 वादों में 24 वादों को पूरा किया है।
पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा की कोविड़-19 के कारण कोरोना संक्रमण काल में भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में विकास मूलक कार्य बाधित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कर कमलों से गुणवत्तापूर्ण, सुविधायुक्त पर्याप्त जगह वाला हाईटेक बस स्टैण्ड यहां कि जनता को समर्पित है। राज्य सरकार प्रदेश की जनता की बेहतरी के लिए कई उल्लेखनीय काम कर रही हैं। शहरी क्षेत्रों में पट्टा देने, राजीव गांधी आश्रय योजना के पट्टों का नवीनीकरण, भूखंडों का स्वामित्व देने का निर्णय लिया गया, प्रत्येक व्यक्ति को राशन कार्ड दिए गए।
नगरी प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार लोगों की सुध लेकर कार्य कर रही है। आज प्रदेश के किसान, वनवासी सभी खुश हैं। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ को कोरिया के हरचौका से लेकर रामाराम तक पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा पुलिस विभाग में भर्ती की जा रही हैं। उच्च शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्षो के कार्यो से प्रदेश की जनता उत्साहित है, उन्हें खुशी मिल रही है।
पर्यटन रथ के लिए राहों पर बिछा फूलों का बिछौना
राम वन गमन पर्यटन रथ यात्रा एवं विराट बाइक रैली का सूरजपुर एवं बारसूर में भव्य स्वागत
सांसद दीपक बैज बारसूर में पर्यटन रथ की अगवानी के साथ कोण्डागांव तक शामिल हुए बाईक रैली में
रायपुर / शौर्यपथ / राम वन गमन पर्यटन पथ पर अपने ननिहाल की ओर बढ़ रहे राम, लक्ष्मण और सीता की अगवानी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर में पूजा-अर्चना करके के की। छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुरूप उन्होंने भांजे राम का स्वागत आगे बढ़कर किया। भगवान राम पर्यटन रथ पर सवार होकर चंदखुरी की ओर बढ़ रहे है, जो उनका ननिहाल है। रथ के साथ बाईक रैली चल रही है, ऐसा ही एक रथ दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा से भी चंदखुरी की ओर बढ़ रहा है। दोनों मार्गों पर राम, लक्ष्मण और सीता के स्वागत के लिए भीड़ उमड़ रही है, उनका स्वागत कलश, दीयों और फूलों से किया जा रहा है। उनके रास्तों पर फूल बिछाये जा रहे है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर 14 दिसंबर को कोरिया और सुकमा जिले से एक साथ प्रारभ हुई विराट बाईक रैली अपने निर्धारित गतव्य स्थल पर बढ़ते हुए आज प्रातः उत्तर में सूरजपुर और दक्षिण में बारसूर से रवाना हुई। राममंदिर सूरजपुर में पूजा-अर्चना के पश्चात् मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंदिर परिसर में राम वन गमन पर्यटन रथ और विराट बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर सरगुजा के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल उपस्थित थे। सूरजपुर से रवाना हुई विराट बाइक रैली विभिन्न निर्धारित स्थलों से गुजरती हुई लगभग 300 कि.मी. की दूरी तय कर देर रात रायगढ़ पहुंचेगी। वही दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र बारसूर में बस्तर सांसद श्री दीपक बैज ने हरी झंडी दिखाकर बाइकर्स को रवाना किया। इस अवसर पर चित्रकोट के विधायक श्री राजमन बेंजाम, ग्राम पंचायत के सरपंच, नगर पंचायत अध्यक्ष, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। विराट बाईक रैली में शामिल बाइकर्स के उत्साहवर्धन के लिए सांसद दीपक बैज स्वयं बाईक में सवार होकर बस्तानार, लोहाण्डीगुडा, जटायुशीला, गढ़घनौरा होते हुए लगभग 200 कि.मी. की दूरी तय कर कोण्डागांव पहुंचे। इस दौरान गीदम, चित्रकोट एवं भानपुरी में पर्यटन स्थ और बाइक रैली का आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। कोण्डागांव के जटायुशीला और गढ़घनौरा में रामायण पाठ और लोकनृत्य के साथ स्थानीय जनसमुदाय ने प्रभु श्रीराम के स्वागत में मंगल प्रस्तुतियां दी। इन सभी स्थलों पर स्थानीय निवासियों का जन सैलाब अपने आराध्य प्रभु श्री राम की अगवानी के लिए उमड़ पड़ा। बाईक रैली में सवार लोगों का पुष्प वर्षा एवं आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह पर महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर रैली का स्वागत किया। कल 16 दिसंबर को विराट बाईक रैली उत्तर में रायगढ़ से प्रारंभ होगी एवं दक्षिण में कांकेर से प्रारंभ होगी।
भिलाई / शौर्यपथ / कैट और एमएसएमई के कैट के प्रहलाद रूंगटा, पवन बडज़ातिया, मोहम्मद अली हिरानी सहित अन्य सदस्यों ने कलेक्टर डॉ. नरेन्द्र भूरे को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा लगातार एफडीआई नीति और अन्य कानूनों का उल्लंघन करने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही करने कहा है। इन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि डिजिटल इंडिया तेज़ी से अपनाने के लिए आपके आह्वान के मद्देनजर देश भर के व्यापारियों ने कन्फेडरेशन अॅाफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के देशव्यापी अभियान के अंतर्गत डिजिटल कॉमर्स को उत्साहपूर्वक अपनाया है। हालाँकि, हमें यह बताते हुए अत्यंत पीड़ा हो रही है कि बड़ी विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपने असीमित संसाधनों के बल पर सरकार की एफडीआई नीति और सम्बंधित कानूनों , नियमो का निरंतर उल्लंघन करते हुए भारत के ई-कॉमर्स व्यवसाय और करोड़ों व्यापारियों द्वारा खुदरा व्यापार करते हुए अपनी रोजी रोटी कमाने को बर्बाद करने तथा देश के रिटेल व्यापार पर अपना एकाधिकार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है !
यह बहुत ही खेदजनक है की उनके खिलाफ कई शिकायतें करने के बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और इसलिए यह विषय देश भर के छोटे व्यापारी के लिए ऑनलाइन व्यापारिक गतिविधियों से जुडऩे तथा डिजिटल कॉमर्स में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में बेहद रूकावट बन गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कानून के संरक्षक होने के बावजूद विभिन्न सरकारी विभाग सरकार की नीति को इन कंपनियों द्वारा पालन करवाने में विफल रहे हैं। हालाँकि केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को कानून के दायरे में संचालन करने के लिए अनेक कदम उठाये हैं लेकिन ये ई-कॉमर्स कंपनियां किसी न किसी बहाने से कानून से बचती रही हैं और ऐसा माहौल बना लिया है कि भारत में कोई कानून उनके अर्मयादित व्यापार मॉडल को रोकने में सक्षम नहीं है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा शुरू किए गए लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी विपरीत रूप से प्रभावित कर रही हैं और भारत के व्यापारियों के लिए व्यापार करने की स्तिथि को दूषित कर रहा है ।
कैट के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि ऐसी ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भारत में ई-कॉमर्स व्यवसाय को विनियमित करने और निगरानी करने के लिए एक सशक्त रेगुलेटरी अथॉरिटी के स्पष्ट प्रावधान के साथ एक ई-कॉमर्स नीति को तुरंत घोषित किया जाए । यह भी अनुरोध है कि एफडीआई नीति के प्रेस नोट 2 की विसंगतियों और असमानताओं को दूर करते हुए और सरकार को एक नवीन एवं स्पष्ट प्रेस नोट जारी किया जाना चाहिए।
लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान
देश भर के व्यापारी लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे गतिशील अभियान के आपके आह्वान को सरकार की प्राथमिकताओं को भली भांति दर्शाते है। यह अभियान न केवल अपने देश की संस्कृति और विरासत को विश्वपटल पर उजागर करेगा बल्कि घरेलू उत्पादकों को अपनी निर्माण क्षमता में वृद्धि करने के लिए प्रोत्साहित करेगा जिससे अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता वाले सामान का उत्पादन किया जा सके और देश भर के लोगों को केवल भारतीय वस्तुओं को उपयोग करने के लिए आक्रामक रूप से प्रेरित किया जा सके। कैट ने पहले ही से भारत के व्यापारिक समुदाय और लोगों के बीच भारतीय सामान - हमारा अभिमान का एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है और देश के सभी भागों के नागरिकों ने उत्साहपूर्ण समर्थन भी दिया है । इस अभियान को देश के जन-जन तक पहुंचाने के लिए हमारा सुझाव है की व्यापारी, उपभोक्ता, नागरिक,समाज और छोटे निर्माताओं के प्रतिनिधियों के साथ सरकारी अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर और प्रत्येक राज्य के प्रत्येक जिला स्तर पर किया जाना चाहिए जिससे कि अभियान को जमीनी स्तर पर पहुंचाया जा सके और इस के साथ जुडऩे के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित किया जा सके। इसलिए इस दोनों मुद्दे पर गंभीर रूप से विचार करते हुए इस सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित करेंगे।
भिलाई / शौर्यपथ / आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति छत्तीसगढ ने भिलाई स्टील प्लांट में बंद हो चुकी इकाईयों स्टील मेल्टिंग शॉप-1 (एसएमएस-1) और ब्लूमिंग एंड बिलेट मिल (बीबीएम) को फिर से शुरू किए जाने की कवायद पर सवाल उठाए हैं। समिति का मानना है कि दोनों इकाईयों को बंद करने में मैनेजमेंट को जितना खर्च करना पडा, उससे कई गुना खर्च इसे फिर से शुरू करने में लगेगा। समिति ने आशंका जाहिर की है कि इसे फिर से चालू कर निजी कंपनियों को सौंपने की कवायद की जा रही है।
समिति के संयोजक आर पी शर्मा ने इस संबंध में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र भेज कर भिलाई स्टील प्लांट सहित तमाम सार्वजनिक उपक्रमों को बचाने की गुहार लगाई है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि इस्पात मंत्रालय और स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में अदूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लेने वाले मंत्री-अफसरों की वजह से पहले ही कंपनी बुरे दौर से गुजर रही है। ऐसे में इन दोनों इकाईयों को फिर से शुरू करने की कवायद के पीछे भी निजी क्षेत्र के पक्ष में कार्य करने जैसा कदम दिखाई देता है। अव्वल तो इन दोनों उत्पादक इकाईयों को बंद करने का निर्णय ही हास्यास्पद था। फिर भी वित्तीय क्षेत्र से आने वाले सेल चेयरमैन अनिल कुमार चौधरी ने इस तकनीकी फैसले को सही ठहराने भिलाई प्रवास के दौरान कई हास्यास्पद दलीलें भी दी थीं ।
आरपी शर्मा ने आशंका जताई कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत इन दोनों इकाईयों को नए सिरे से चालू कर इन्हें निजी क्षेत्र को सौंपा जा सकता है। पूर्व में भी भिलाई स्टील प्लांट की कोक ओवन बैटरी का संचालन निजी क्षेत्र को सौंपने की कवायद की जा चुकी है।
हालांकि अभी तक यह कोशिश सफल नहीं हुई है लेकिन जब मौजूदा सरकार दुर्गापुर और सेलम स्टील जैसी इकाईयों का निजीकरण कर सकती है तो फिर भिलाई स्टील प्लांट का निजी करण टुकड़ों मेें करना उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर जनमत से प्रतिरोध के लिए एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट सहित तमाम सार्वजनिक उपक्रमों की जमीनें महामहिम राष्ट्रपति के नाम से अधिग्रहित की गई थी, इसलिए अब आखिरी उम्मीद राष्ट्रपति से बंधी है कि इन सार्वजनिक उपक्रमों को बचाने के लिए सकारात्मक पहल करेंगे।
कोविड संक्रमण के दौर में मार्च-2020 में दोनों इकाईयों को पूर्ण रूपेण बंद कर दिया गया। इसके बाद से यहां इन दोनों इकाईयों में भर्राशाही और भ्रष्टाचार ने जमकर अपनी पैठ बनाई। जैसे कि अब जानकारी आ रही है कि यहां अफसर, कर्मी और ठेकेदारों की आपसी मिलीभगत से कई बेशकीमती कलपुर्जे और मशीनरी को चोरी करवा दिया गया। इससे राष्ट्र की अरबों रूपए की संपति को नुकसान पहुंचाया गया। इन दोनों इकाईयों से निकाले गए कल पुर्जे और मशीनरी को फिर से खरीद कर लगवाना बेहद खर्चीली और लंबी प्रक्रिया है। बाजार की जिस स्थिति का बहाना कर इन दोनों इकाईयों को फिर से शुरू करने कवायद की जा रही है, उसकी क्या गारंटी है कि यह स्थाई है। यदि कल बाजार में उतार आया तो क्या फिर से इन दोनों इकाईयों को बंद कर दिया जाएगा?
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में धान का समर्थन मूल्य की धान खरीदी में अनियमितता और 2,200 क्विंटल धान की कमी पाए जाने के कारण सक्ती विकास खंड के कचंदा उपार्जन केंद्र को छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य सचिव द्वारा धान खरीदी नहीं करने का निर्देश दिया गया।
प्रभारी उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी सक्ती के जांच प्रतिवेदन के आधार पर संचालक मंडल के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु प्रेषित किया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अध्यक्ष जागेश्वर चंद्रा एवं संचालक मंडल के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु पत्र लिखा गया, किंतु संचालक मंडल ने कोई कार्यवाही नहीं की। जिसके कारण अध्यक्ष एवं संचालक मण्डल के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हेतु सूचना पत्र जारी किया गया। संचालक मंडल द्वारा प्रस्तुत जवाब विधि सम्मत नहीं पाए जाने के कारण संचालक मंडल को छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा के तहत भंग कर संचालक कमेटी नियुक्त किया गया। वर्ष 2017-18 अवधि में धान खरीदी केन्द्र कचंदा के धान खरीदी प्रभारी ललित कुमार टंडन संस्था मे कम्प्यूटर आॅपरेटर के पद पर कार्यरत है, द्वारा धान खरीदी में अनियमितता करते हुए 2,200 क्विंटल धान की कमी की गई, जिसके कारण जैजैपुर पुलिस थाना में 3 फरवरी 2018 को पर्यवेक्षक रोहित कुमार राठौर और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक जैजैपुर द्वारा ललित कुमार टण्डन धान खरीदी प्रभारी एवं आठ अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
धान खरीदी केंद्र कचंदा में वर्ष 2017-18 में अध्यक्ष एवं संचालक मंडल की संलिप्तता के कारण धान खरीदी प्रभारी द्वारा अनिमियतता एवं स्कंध में कमी हुई, जिसके कारण छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य सचिव द्वारा कचंदा में धान खरीदी नहीं करने के निर्देश दिए, एवं समिति कचंदा के आश्रित ग्राम को समिति ओडे़केरा एवं तुषार में संलग्न कर वर्ष 2019-20 तक धान खरीदी कराई गई। धान खरीदी वर्ष 2020-21 में समिति के आश्रित ग्राम हरदीडी, रीवाडीह और आमाकोनी को शामिल कर हरदीडीह नवीन समिति पंजीकृत की गई है, एवं धान खरीदी केंद्र हरदीडीह में धान की खरीदी की जा रही हैं। कचंदा समिति के शेष ग्राम कचंदा, बेलादुला एवं खरवानी को धान खरीदी केंद्र तुषार में संलग्न किया गया है। वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में धान बिक्री करने में किसानों को कोई भी असुविधा नहीं होना पाया गया।
प्रभारी उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने बताया कि वर्ष 2017-18 के धान खरीदी केंद्र कचंदा में अनियमितता करने वाले अध्यक्ष एवं संचालक मंडल सदस्य बिलासपुर के आदेश सेें वर्ष 2020-21 अवधि में पुनः कार्य पर उपस्थित हो गए हैं। इन्हीं लोगों के द्वारा ग्राम कचंदा में धान खरीदी प्रारंभ करवाने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह ने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र कचंदा की अनिमियतता के संबंध में जैजैपुर थाने मे दर्ज प्रकरण का चालान प्रस्तुत करने की कार्यवाई की गई है।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा निर्मित छ0ग0लोक कला मार्ग में छ0ग0 की पारंपरिक सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक के रुप प्रतिमाएॅ व अन्य सौदर्यीकरण किया गया है। जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा छेड़छाड़ कर मूतियों से चश्मा व अन्य सामानों की चोरी कर ली गई । निगम द्वारा लगाये गये सीसीटीवी कैमरा में उनका फुटेज 13 दिसबंर 2020 को रात्रि 12.40 बजे दर्ज हो गई है। जिसे पैनट्राईव में लेकर आयुक्त इंद्रजीत बर्मन ने मूर्तियों से छेड़छाड़ और सामानों को चोरी करने वाले व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करने पत्र प्रेषित किया गया है। आयुक्त बम्रन ने आम जनता से अनुरोध कर कहा है कि शहर की सुन्दरता में छ0ग0 की संस्कृति लोक कला कोक प्रदर्शित करने वाले आकृति और प्रतिमाओं से हमारी संस्कृति को हमें याद दिलाते हैं, इस सौदर्यीकरण स्थल को सुरक्षित रखें, किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ न करें।
धमतरी / शौर्यपथ / जिले में राम वन गमन पथ पर विराट बाईक रैली और पर्यटन रथयात्रा का आयोजन आगामी 16 दिसंबर को किया जाएगा। यह यात्रा नगरी के बांसपानी से शुरू होकर मगरलोड के लोमश ऋषि आश्रम पर सम्पन्न होगी। जिले में इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक सिहावा एवं उपाध्यक्ष, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण डाॅ.लक्ष्मी ध्रुव द्वारा की जाएगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्रीमती रंजना साहू, महापौर, नगरपालिक निगम धमतरी विजय देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कान्ति सोनवानी तथा उपाध्यक्ष निशु चन्द्राकर उपस्थित रहेंगे। इसी तरह जनपद पंचायत अध्यक्ष नगरी श्रीमती दिनेश्वरी नेताम, धमतरी श्रीमती गुंजा साहू, कुरूद श्रीमती शारदा साहू, मगरलोड श्रीमती जित्था बाई ठाकुर और जनपद पंचायत अध्यक्ष नगरी श्रीमती आराधना शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष कुरूद तपन चन्द्राकर, मगरलोड श्रीमती नीतू साहू, भखारा श्रीमती पुष्पलता देवांगन और नगर पंचायत अध्यक्ष आमदी हेमंत माला कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।
भिलाई / शौर्यपथ / माता पिता के किसी भी पैतृक संपत्ति पर जितने भी पुत्र होते हैं,उसमें सभी का बराबर बराबर हिस्सा होता है इसी आधार पर पिता स्व. बंशी साहनी एवं माता स्व.श्रीमती गंगादेवी एवं पंचायत के माध्यम से परिवारिक व्यवस्था पत्र और आपसी इकरारनामा संपादित कराया गया था जिसके आधार पर हमारे तीन भाईयों शंकर साहनी, बलिराम साहनी एवं कन्हाई साहनी का पैतृक संपत्ति पर बराबर अधिकार है। हमारे पिता स्व. बंशी साहनी के जीवन काल सें ही दक्षिण गंगोत्री में दुकानं क्रमांक बी-34 बंशी साहनी के नाम पर पंजीकृत है तथा बी-35 कारी साहनी (मामा) के नाम पर पंजीकृत है। जिसका बिक्रीनामा व आम मुख्तियारनामा निष्पादित है लेकिन कन्हाई साहनी और बलिराम साहनी द्वारा बी-35 पर पुन: नया मुख्तियारनामा बनाकर बी-35 की दुकान पर कब्जा कर उसका किराया वसूली किया जा रहा है साथ ही उत्तर गंगोत्री में स्थित दुकान क्रमंाक डी-10 मेरे यानि शंकर साहनी के नाम से पंजीकृत है जो कि मेरे स्वयं द्वारा किये गये आय से उसे अर्जित है जिस पर जबरन कन्हाई साहनी द्वारा जबरन कब्जा कर उनके द्वारा कम्प्यूटर का कार्य करने का काम जा रहा है और मेरे द्वारा दुकान का किराया कन्हाई साहनी से मांगने और नही देने पर दुकान खाली करने के लिए कहने पर गाली गलौच करते हुए मारपीट करने पर उतारू हो जाता है। मैं इसकी शिकायत सुपेला थाना और न्यायालय में किया हूं। इस मामला अभी भी न्यायालय में प्रक्रिया में है जिसका केस चल रहा है।
चूंकि मैं तीन भाईयों में सबसे बड़ा हूं और शासकीय कर्मचारी हूं, इसलिए मैं इस मामले को लेकर मीडिया के सामने नही जाना चाह रहा था और आपसी बैँठक कर मामले को पटाक्षेप करना चाह रहा था, इसलिए मैं चुपचाप रहता था, जिसका फायदा उठाकर कन्हाई साहनी द्वारा मुझपर तरह तरह के आरोप लगाकर मुझे मानसिक रूप से प्रताडि़त और परेशान कुछ सालों से लगातार कर रहा है, जिसके कारण मेैं मानसिक रूप से इतना परेशान रहता हूं जिससे मुझे ब्रेन टयूमर की शिकायत हो गई है इसके अलावा अब तक दो बार ब्रेन अटैक (फिट) हो चुका हैँ, जिसके कारण मुझे उपचार के लिए दो तीन बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ चुका है। मेरे छोटे भाई बलिराम साहनी और कन्हाई साहनी द्वारा चार दुकानों दक्षिण गंगोत्री के बी-35, बी-11,बी-12 एवं उत्तर गंगोत्री की डी-10 और बी-35 के प्रथम फ्लोर पर स्थित दुकान को कब्जा कर जबरिया किराया वसूली किया जा रहा है, और इनके द्वारा मेरे हक और हिस्से का किराया नही दिया जा रहा हैँ।जबकि उत्तर गंगोत्री की दुकान डी-10 मेरे स्वयं के नाम की स्वयं के आय से अर्जित दुकान है, उसपर पर इन्ही का कब्जा है। मैं अपने छोटे भाई के उक्त कृत्यों से बहुत ही हताश और परेशान हूं, और न्याय से अब तक वंचित हूं। हाल ही में दक्षिण गंगोत्री की दुकान बी-34 जिसका किराया मैं लेता हूं, उक्त दुकान के प्रथम तल पर जबरन कन्हाई द्वारा ताला तोड़कर पूरे परिवार के साथ गत 5 दिसंबर 2020 को जबरन कब्जा करने की नियत से घुस गया है। कन्हाई द्वारा महिलाओं को आगे कर मुझे ना ना प्रकार के अपराधों में फंसाने की भी धमकिया देने लगा जिसकी शिकायत भी मेरे द्वारा सुपेला थाना में दर्ज कराया गया है, जिस पर कन्हाई साहनी, संजय साहनी उर्फ सूर्यशेखर साहनी, पप्पू साहनी, पर धारा 294,506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसके पश्चात आपसी सहमति के लिए बैठक भी गत दिवस हुई जिसमें कहा गया कि दक्षिण गंगोत्री के सामने की दुकान बी-35 और बी-34 एवं पीछे की दुकान बी-11 एवं बी-12 को बेंचकर जो भी राशि आयेगी उसे तीनों भाईयों में बराबर बराबर वितरित कर लिया जायेगा। लेकिन कन्हाई साहनी द्वारा हमें गुमराह करते हुए बी-34 की दुकान के प्रथम तल को किसी और को किराये से दे दिया गया। हम किरायेदार को हटाने पहुंचे तो कन्हाई साहनी एवं उनकी पत्नी कविता देवी और फूलोदेवी, तथा कन्हाई का साला संजय साहनी एवं पप्पू साहनी द्वारा हमलोगों के साथ गाली गलौच किया गया एवं उल्टा हमारे विरूद्ध मीडिया में गलत जानकारी देकर हमें बदनाम करने का कार्य किया गया, उसके बाद आज मैँ अपना पक्ष मीडिया के सामने पत्रकारवार्ता के माध्यम से रख रहा हूं कि किस प्रकार कन्हाई साहनी, कविता साहनी और बलराम साहनी की पत्नी फूलोदेवी तथा उनका पुत्र पप्पू साहनी द्वारा हमारे पैतृक दुकानों पर जबरन कब्जा कर उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ करते हुए हमें मीडिया से लेकर मैं जहां शासकीय कार्य में पदस्थ हूं वहां तक बार बार पत्राचार कर मुझे बदनाम और परेशान किया जा रहा है।
हमारी माताजी के देहांत के बाद पंचायत बुलाया गया था उसमें यह निर्णय लिया गया था कि माता गंगादेवी के दशगात्र कार्यक्रम का खर्च हम तीनों भाई मिलकर उठायेंगे उस पर भी कन्हाई साहनी कायम नही रहा और कन्हाई साहनी तथा बलराम साहनी द्वारा दशगात्र में कोई खर्च वहन नही किया गया, लोकलाज और सामाजिक स्थितियो को देखते हुए पूरा खर्च मुझे ही उठाना पड़ा। जबकि माता गंगादेवी का पूरा जेवर भी कन्हाई साहनी के पास ही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
