
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
० संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम
० मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर जताया संतोष
० जिले भर में व्यवस्था का लिया जायजा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की रोकथाम करते हुए लोगों के लिए स्वस्थ जीवन का वातावरण निर्मित करने के प्रति राजनांदगांव जिला प्रशासन गंभीर व सजग है। इस आशय पर अब केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने भी मुहर लगाई है। संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन ऋचा शर्मा एवं उनकी टीम ने राजनांदगांव के दौरे और विभिन्न बिंदुओं पर निरीक्षण में पाया किए यहां फिलहाल सब कुछ अच्छा है।
संयुक्त सचिव एवं उनकी टीम ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में कोविड-19 के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा ने कहा, जिले में कोविड-19 की रोकथाम की दिशा में अच्छे कार्य किए जा रहे हैं। यहां के लैब बहुत अच्छे हैं और टेस्टिंग भी अच्छी तरह की जा रही है। होम आइसोलेशन में मरीज सही तरीके से आइसोलेट थे और स्वयं मरीजों ने संतुष्टि व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें अच्छा सहयोग मिला है। कोविड-19 केयर सेंटर उदयाचल एवं श्री शांति विजय सेवा समिति में मरीजों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। सीसीटीवी से निरीक्षण करने पर भी पता चला कि वहां पर्याप्त देखभाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन को और सुदृढ़ बना सकते हैं। इसके अलावा अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं की कोविड- 19 से मृत्यु भी हुई है, इसमें विशेष ध्यान देते हुए उनके बीमा का प्रावधान सुनिश्चित करें। यह बहुत जरूरी है कि मृत्यु दर को रोकने के लिए कोविड-19 मरीजों की पहचान जल्दी की जाए और उनका इलाज जल्दी शुरू किया जाए। कोविड-19 हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सप्लाई बेड की संख्या बढ़ने पर भी समस्या का समाधान होगा। समीक्षा के दौरान कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने उन्हें जानकारी देते हुए बतायाए जिले में डेडिकेटेट कोविड-19 हॉस्पिटल पेंड्री में कोविड के लक्षण वाले मरीजों को तथा लक्षणविहीन मरीजों को कोविड-19 केयर सेंटर में रखा जा रहा है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन के मरीज भी हैं। होम आइसोलेशन की अनुमति केवल उन्हीं मरीजों को दी जा रही है जिनके घर में सुविधाएं उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने बताया, जिले के दानदाताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं एवं सेवाभावी नागरिकों से एक करोड़ 20 लाख रुपये नगद राशि सहयोग के रूप में प्राप्त हुए हैं।
इसके अलावा समय-समय पर नागरिकों ने कूलर, एसी, पीपीई किट, ड्रायर, रेडमिसिविर इंजेक्शन, एवं अन्य आवश्यक सामान कोविड-19 हॉस्पिटल को उपलब्ध कराया है। साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं कोविड-19 केयर सेंटर के रूप में सतत अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। इससे पहले टीम ने जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर सोमनी के सीएचसी और कोविड सेंटर तथा काल सेंटर टेड़ेसरा का भी दौरा किया। यहां सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने टीम को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन पर जिले में चल रहे कोरोना नियंत्रण के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। केंद्रीय टीम ने इन प्रयासों की सराहना भी की।
इस संबंध में राजनांदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम ने पूरे जिले में भ्रमण कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बनाई गई जिला प्रशासन की व्यवस्था का जायजा लिया और कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए संतोष भी जताया। उन्होंने कहा, त्यौहारों को देखते हुए कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर अभी और सजग रहने की जरूरत है। आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थाओं को और भी सुदृढ़ किया जाएगा जिससे कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।
संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन ऋचा शर्मा एवं उनकी टीम के साथ हुई। समीक्षा बैठक में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, मॉनिटरिंग इवोल्यूशन ऑफिसर स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन डॉ. सुनील गिट्टे, मॉनिटरिंग इवोल्यूशन ऑफिसर स्वास्थ्य विभाग आनंद साहू एवं अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी व एसडीएम मुकेश रावटे समेत अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / महामारी के दौर में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी सामने आई है. प्रदेश को बायो एथेनॉल बनाने की मंजूरी मिल गई है. राज्य का अतिरिक्त धान अब बायो एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होगा. इससे अतिरिक्त धान के भंडारण की समस्या खत्म होगी. छत्तीसगढ़ में धान से एथेनाल बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। वहीं फूड प्रोसेसिंग प्लांट के लिए काम तेज हो गया है। धान से एथेनॉल बनाने की योजना को केन्द्र से मंजूरी मिल चुकी है। प्रदेश के 6 जिलों में प्लांट लगाने का काम भी जल्द शुरु हो जाएगा। जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा, छत्तीसगढ् की आर्थिक स्थिति सुदृढ बनेगी। छ.ग.आर्थिक विकास और रोजगार की दिशा में अग्रसर हो रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व महापौर आर.एन.वर्मा ने छ.ग.के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब पहली बार विधानसभा में धान से एथेनाल वाली बात कही थी, तब भाजपा के लोगों ने मजाक बनाया था । भूपेश सरकार की सोच, दूरदर्शिता का ही परिणाम है जो हम आज यह कार्य जनहित में कर रहे है।
एक ओर जहॉ पूरा देश विश्वव्यापी महामारी कोरोना कोविड-19 से जूझ रहा है वहीं छ.ग.की भूपेश सरकार व्दारा लगातार कोरोना संक्रमण काल में भी छत्तीसगढ़ सरकार लोगों को रोजगार दिलाने और नए निवेश के लिए लगातार प्रयास कर रही थी, इसी का परिणाम है कि संक्रमण के इस दौर में भी राज्य के बेहतर प्रयासों के कारण केन्द्र सरकार ने धान से एथेनाल बनाने की अनुमति दे दी है।
आर.एन.वर्मा ने कहा है कि छ.ग.राज्य के सरकार व्दारा प्रदेश के प्रमुख रूप से धान उत्पादक 6 जिलों में एथेनाल प्लांट लगाने का जो निर्णय लिया गया है वह भी प्रशंसनीय एवं कारगर कदम है क्योंकि बालोद, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा में धान का उत्पादन अधिक होता है साथ ही इन जिलों में ज्यादा क्षमता वाले भंडार गृह भी हैं। इन छह जिलों में प्लांट स्थापित होने से वहां के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही निवेशकों को उद्योगनीति के तहत रियायतें दी जाएंगी।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव की पहल से खुर्सीपार क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा हैं। क्षेत्र के हर वार्ड में विकास कार्य कराया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में करोड़ों रूपए के विकास कार्य किए जा रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के साथ ही सामुदायिक भवनों का भी निर्माण कार्य किया जा रहा है।
इसी प्रकार कुछ माह पहले महापौर देवेंद्र यादव वार्ड निरीक्षण के दौरान वार्ड 29 के नागरिकों से मिले थे। तब क्षेत्र के लोगों ने सामुदायिक भवन की मांग की थी। तब महापौर ने जनता से वादा किया था कि वे जल्द ही भवन निर्माण कराएंगे और अपने वादे के मुताबिक महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने वार्ड 29 में सामुदायिक भवन की स्वीकृति कर निर्माण कार्य के लिए वर्क आर्डर भी जारी करा दिया है। महापौर श्री यादव की पहल से 20 लाख की लागत से भवन निर्माण होगा।
गौरतलब है कि वार्ड के लोगों ने बताया कि वे बीते कई सालों से भवन निर्माण की मांग करते रहे हैं। लेकिन कोई पहल नहीं हुई। वार्ड के लोगों ने कहा कि महापौर श्री यादव ने अपने वादे को पूरी इंमानदारी से निभा रहे हैं। इसके लिए वार्ड के लाेगों के साथ ही वार्ड के सैकड़ों नागरिकों ने भी महापौर श्री यादव का आभार जताया है।
समाजिक कार्य कराने में मिलेगी सुविधा
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि भवन के अभाव में सामाजिक कार्य कराने में बड़ी परेशानी होती थी। कोई भवन नहीं था। लेकिन महापौर श्री यादव की पहल से जल्द ही भवन का निर्माण हाेगा। इससे क्षेत्र की जनता को भी लाभ मिलेगा। सामाजिक कार्य के साथ ही पूजा-पाठ, भंडारा, सगाई, शादी आदि कार्यक्रम इस भवन में करा सकेंगे। इससे सब को लाभ होगा।
गुणवत्ता का विशेष ध्यान
जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि 20 लाख की लागत से भवन निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वर्क आर्डर जारी कर दिए है। साथ ही संबंधित एजेंसी को निर्देश भी दे दिए हैं कि वे जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करें और समय सीमा पर काम पूरा करें। साथ ही एजेंसी को यह भी निर्देशित किए है सामुदायिक भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाएगा। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में बड़े व्यवसायिक काम्पलेक्स, परिसर, दुकानों आदि का नया असिसमेंट के लिए निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा गठित दल के सहा0 राजस्व अधिकारी प्रकाशधर दीवान, बाजार प्रभारी थान सिंग यादव, सहा0 राजस्व निरीक्षक शशी यादव तथा स्पैरो के अविनाश कुमार ने आज पुलगांव वार्ड में स्थित वृंदावन रेस्टारेंट एवं स्टेशन रोड में गुरुद्वारा के आगे स्वरुप टाकीज की संपत्ति का नापजोक कर अतिरिक्त निर्माण का असिसमेंट किया गया। जिसमें 1.50 लाख से 2.50 लाख की वृद्धि हुई है। संपत्तियों के मालिकों को नया असिसमेंट के अनुसार गणना की गई राशि निगम में जमा करना होगा। निगम सीमा क्षेत्र के एैसे सभी बड़े व्यवसायिक काम्पलेक्स, परिसरों, दुकानों आदि का असिसमेंट निगम द्वारा निरंतर जारी रहेगा।
इस संबंध में आयुक्त ने बताया कि निगम के टैक्स वसूली एजंेसी द्वारा जानकारी दी गई है कि वार्ड 1 से 60 वार्डो का निरीक्षण कर निर्मित भवनों, काम्पलेक्स, व्यवसायिक परिसरों व अन्य निर्माण का असिसमेंट किया जाना है। बहुत से करदाताओं द्वारा स्वनिर्धारण कर असिसमेंट नहीं कराया जा रहा है। उन्होनें बताया बहुत से लोगों के द्वारा सही जानकारी स्व विवरणी में नहीं भरा गया है जिसकी जांच की जा रही है एैसे करदाताओं के भवनों, व्यवसायिक परिसरों में किये गये अतिरिक्त निर्माण का निरीक्षण किया जा है। आयुक्त बर्मन ने शहर के समस्त करदाताओं से अपील कर कहा है कि वे अपने संपत्ति का स्व-विवरणी जल्द से जल्द भर कर कड़ी कार्यवाही से बचें ।
उल्लेखनीय है कि आज वृंदावन रेस्टारेंट के मालिक कमलेश कौर/बलवंत सिंग अरोरा के संपत्तियों का असिसमेंट किया गया जिसमें वे पूर्व में 1,39,302 रु0 संपत्तिकर जमा कर रहे थे असिसमेंट के बाद उनका डिमांग अब 4,23,369 रु0 हो गया है । इसी प्रकार स्वरुप टाकीज के मालिक नेमीचंद नाहर द्वारा पूर्व में 1,06596 रु0 जमा किया जा रहा था असिसमेंट के बाद अब 2,86147 रु0 हो गया है जिन्हे जल्द से जल्द जमा करने मालिकों से कहा गया है। अतः समस्त बड़े करदताओं से अनुरोध है कि वे अपने संपत्ति का स्व-विवरणी भरवाकर निगम का टैक्स समय पर जमा करें।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे के मार्गदर्शन में जिले के थोक एवं फुटकर प्याज व्यापारियों की बैठक कल शाम संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयेाजित हुई। अपर कलेक्टर ए.के.बाजपेयी ने जिले के थोक एवं फुटकर प्याज व्यापारियों से कहा कि वे न्यूनतम मूल्य पर प्याज की आपूर्ति बनाए रखें। उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारियों को प्याज की आपूर्ति हेतु सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी सहित जिले के थोक एवं फुटकर प्याज व्यापारी उपस्थित थे।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गाॅव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के तहत आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम साल्हे और ग्राम सल्हाईटोला पहुॅचकर गौठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत् गोबर खरीदी, वर्मी खाद निर्माण, चारागाह सहित अन्य गतिविधियों का जायजा लिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री लोकेश कुमार चन्द्राकर इस अवसर पर मौजूद थे।
कलेक्टर ने ग्राम साल्हे में वर्मी खाद निर्माण का अवलोकन किया और वर्मी खाद का पैकेजिंग की तैयारी करने के निर्देेश दिए। ग्राम साल्हे में स्वसहायता समूह की सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि लगभग साठ क्विंटल वर्मी खाद तैयार कर लिया गया है और उसका सुरक्षित भण्डारण के लिए जगह सुरक्षित कर लिया गया है। कलेक्टर ने स्वसहायता समूह के कार्यों की सराहना की। कलेक्टर ने वहाॅ चारागाह स्थल का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्राम सल्हाईटोला के गौठान में भी वर्मी खाद का अवलोकन कर पैकेजिंग की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैकेजिंग के पश्चात सहकारी समिति को सूचित करें। उन्होंने वहाॅ चारागाह में चारा उत्पादन तथा चारागाह परिसर में सब्जी उत्पादन का भी अवलोकन किया और स्वसहायता समूह की सदस्यों को मछली पालन के लिए भी प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने उद्यान विभाग के अधिकारी को उद्यानिकी फसलों के उत्पादन हेतु समूह के सदस्यों को मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गौठानों के वर्मी टंाको में केंचुओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने स्वसहायता समूह की सदस्यों को लगन और मेहनत से कार्य कर आत्मनिर्भर बनने उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत डौण्डी के सीईओ बी.राज भी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। राज्यपाल ने मां बम्लेश्वरी से देश एवं प्रदेश को कोरोना मुक्त करने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने कहा कि नागरिक कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रहें और सावधानी रखें। भीड़ के स्थानों से दूर रहे। अभी कोरोना की वैक्सीन नहीं बनी है, इसलिए मास्क लगाएं और कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करें।
इस अवसर पर कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी श्रवण, राज्यपाल के परिसहाय अनंत श्रीवास्तव एवं त्रिलोक बंसल, राज्यपाल के निज सचिव जितेन्द्र सोलंकी, एसडीएम डोंगरगढ़ अविनाश भोई, डिप्टी कलेक्टर राहुल रजक सहित मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण अग्रवाल एवं सचिव नवनीत तिवारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / हर वर्ष 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है । इस दिन लोगों को पोलियो के बारे में जागरूक किया जाता है| विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)ने भारत को 27 मार्च वर्ष 2014 को पोलियो मुक्त घोषित किया है। छत्तीसगढ़ में 2002 के बाद कोई पोलियो का केस नहीं मिल है।
देश में पोलियो की रोकथाम बेहद जटिल थी , जो मज़बूत निगरानी प्रणाली, और गहन टीकाकरण अभियान के साथ सामाजिक गतिशीलता प्रयासों से संभव हुआ है। जब तक रोग समाप्त नहीं हो जाता है, भारत को सतर्क रहना होगा । अफगानिस्तान, नाइजीरिया और पाकिस्तान तीन देश हैं, ‘जहां वाइल्ड पोलियो वायरस का संचारण हो रहा है’। वर्ष 1998 के बाद से पोलियो के मामलों में ज्यादा की कमी आयी है। बाल्यावस्था में प्रतिरक्षा के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए समस्त देशों में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर बच्चों को टीकाकरण किया जाता है।
प्रभारी ज़िला टीकाकरण अधिकारी रायपुर डॉ. अनिल कुमार परसाई ने बताया पोलियोमाइलाइटिस (पोलियो) अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग हैजो कि मुख्यत: छोटे बच्चों (पांच वर्ष से कम आयु) को प्रभावित करता है। विषाणु मुख्यत: मल-मौखिक मार्ग या दूषित पानी या आहार के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यक्ति में फैलता है यह संक्रामक वायरल रोग आंत में पनपता है, वहां से यह अपना सफर शुरू कर तंत्रिका तंत्र में पहुंच जाता है । पक्षाघात उत्पन्न करता है। शुरूआती लक्षणों में संक्रमित बच्चे को बुख़ार, थकान, सिरदर्द, उल्टी, गर्दन की अकड़न अंगों में दर्द है। दो सौ संक्रमणों में से एक संक्रमण आमतौर पर पैरों में अपरिवर्तनीय पक्षाघात उत्पन्न करता है। पक्षाघात से पीड़ितों पांच से दस प्रतिशत की मृत्यु हो जाती है, उनकी श्वास की मांसपेशियों ठीक से कार्य नहीं करती हैं।
इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन और लाइव ओरल पोलियोवायरस वैक्सीन के उपयोग ने वर्ष 1988 में वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल (जीपीईआई) की स्थापना हुई थी । रोग नियंत्रण और रोकथाम के लिए रोटरी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ, सहित और अन्य देशों की सरकारे भी शामिल हैं ।
पोलियो की खुराक और टीकाकरण शासकीय अस्पतालों में निशुल्क किया जाता है
पोलियो का कोई उपचार नहीं है, लेकिन सुरक्षित एवं प्रभावी टीकाकरण के माध्यम से पोलियो से बचा जा सकता है। टीकाकरण कई बार किया जाता है। टीकाकरण बच्चे के जीवन को सुरक्षित करता है। पोलियो खत्म करने की रणनीति, में संचारण समाप्त न हो जाएं तथा विश्व पोलियो मुक्त न हो जाएं, तब तक हर बच्चे को टीकाकरण के माध्यम से सुरक्षित कर सकते है । संक्रमण को रोकने के लिए दो प्रकार के टीके उपलब्ध होते हैं।ओपीवी (ओरल पोलियो वैक्सीन): यह वैक्सीन संस्थागत प्रसव पर जन्म के समय मौखिक रूप से दी जाती है, फिर प्राथमिक तीन खुराकों को छह, दस और चौदह सप्ताह तथा एक बूस्टर की खुराक सौलह से चौबीस महीने की आयु पर दी जाती है। इंजेक्टबल पोलियो वैक्सीन (आईपीवी): दो आंशिक खुराकें 6 सप्ताह और चौदह सप्ताह की आयु पर दाहिनी बांह के ऊपरी भाग में दी जाती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
