Google Analytics —— Meta Pixel
May 25, 2026
Hindi Hindi

दुर्ग / शौर्यपथ / आगामी 9 नवम्बर को होने वाली नगर निगम सामान्य सभा की पहली बैठक में भाजपा पार्षदों की सदन में भूमिका व कार्यप्रणाली को लेकर आज पार्षदों कि भाजपा कार्यालय में औपचारिक बैठक हुई जिसमें नए पार्षदों को एजेंडे व अन्य विषयों कि जानकारी देतेे हुए जनहित के मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाएं जाने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर निगम सभापति रहे जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने सभी पार्षदों को सदन चलने कि कार्यशैली बताते हुए कहा कि प्रजातंत्र में शहर पंचायत की उच्च सदन नगर निगम की सामान्य सभा होता है जहा प्रत्येक पार्षदों को न केवल अपने वार्डो की समस्याओं से संबधित बात रखने अवसर मिलता है बल्कि वे जनता की आवाज बनकर शहर के सभी विषयों को तर्क सम्मत ढंग से उठाया जा सकता है इस दृष्टि से दुर्ग निगम में भाजपा पार्षदों की भूमिका आज पूरी तरह बदल चुकी है और जनता के प्रति जवाबदेही अब और अधिक बढ़ गई है इसलिए सत्ता पक्ष को घेरने व उनकी हर खामियों उजागर करने सभी पार्षदों को मुखर होकर एकजुटता से बात रखनी होगी इसके लिए नियम अधिनियम कि भी पूरी जानकारी जरूरी है अत: सामान्य सभा कि बैठक में जाने के पूर्व सभी विषयों पर पूरी तैयारी करे .
नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने कहा कि भाजपा के 16 पार्षद कही उन्नीस नहीं होंगे बल्कि बजट से लेकर तमाम मुद्दे पर सार्थक बहस करने के लिए तैयार है जनहित में सभी मुद्दे बेबाकी से उठाएंगे भाजपा पार्षद नरेंद्र बंजारे ने कहा कि विगत 10 माह में पहली बार हो रही बैठक के विषय वस्तु तैयार है भाजपा के सभी पार्षद एकमत होकर मुद्दे उठाएंगे बैठक में वरिष्ठ पार्षद श्रीमती गायत्री साहू,चन्द्रशेखर चंद्राकर,कांशीराम कोसरे,नरेश तेजवानी चमेली साहू,लीना दिनेश देवांगन,मनीष साहू,अजित वैद्य,ओमप्रकाश सेन,पुष्पा वर्मा,शशी साहू,हेमा शर्मा,कुमारी बाई साहू,गुलाब वर्मा,राकेश साहू,जग्गी शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।

0 मानवता को शर्मसार करने वाली घटना
0 पड़ोस में रहने वाले युवक ने ही दिया घटना को अजांम

राजनांदगांव / शौर्यपथ / डायल 112 कंट्रोल रूम राजनांदगांव से सूचना मिली कि थाना अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के एक गांव में 5 वर्ष के बालिका के साथ बलात्कार की घटना घटित हुआ है। सूचना पर तत्काल पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अं. चौकी के हमराह में थाना प्रभारी अं. चौकी व थाना स्टाफ टीम के साथ तत्काल घटना स्थल रवाना हुए। घटना स्थल पर पहुंचकर पीडि़ता की स्थिति देखते हुये तत्काल हमराह महिला थाना स्टाफ के अबोध बालिका को उसके परिजनों के साथ ईलाज हेतु अस्पताल अंबागढ़ चौकी लाया, जहां पीडि़ता की गंभीर स्थिति को देखते हुये बेहतर ईलाज हेतु जिला अस्पताल राजनांदगांव लेकर कर गये, जहां पीडि़ता अबोध बालिका ईलाजरत है।
जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मोहल्ले में रहने वाले 20-25 वर्ष के युवक के साथ बच्चे रोज की तरह खेल रहे थे। युवक ने खेल-खेल में पीडि़ता को अपने घर ले जाकर बहला-फुसला कर दुष्कर्म किया है, जो कि अन्य बच्चे भी घटना के बारे में बताया। 20-25 वर्ष के युवक द्वारा घटना घटित करना बताये जाने से तत्काल सूचना पर पुलिस अधीक्षक महोदय डी. श्रवण, अति. पुलिस अधीक्षक जेपी बढई, अति पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे को अवगत कराकर उनके दिशा-निर्देशन पर घटना की गंभीरता को ध्यान रखते हुये व पीडि़ता आबोध नाबालिक बालिका व महिला संबधी अपराध होने से पुलिस अनुविभागीय अधिकारी घनश्याम कामडे अं. चौकी के नेतृत्व में थाना प्रभारी अंबागढ़ चौकी द्वारा तत्काल टीम गठित कर स्वयं फरार आरोपी के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर अलग-अलग दिशाओं में टीम पता साजी हेतु रवाना किया गया .
जो प्रकरण के आरोपी का सरगर्मी के साथ अलग-अलग टीमों के द्वारा पता तलाश किया गया, जो आरोपी घटना कारित कर अपने गांव से फरार होकर अपने बहनोई के घर ग्राम खुर्सीपार में छिपा हुआ था, जिसे घेराबंदी कर रिकार्ड समय 8 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया। आरोपी से घटना के संबध में कड़ाई से पुछताछ करने से अपना जुर्म स्वीकार किया है, जिसे गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम अपने निवास कार्यालय में भारत के शास्त्रीय नृत्य परंपरा के नैतिक मूल्यों पर आधारित ''नृत्य शास्त्र पौराणिक उत्पत्ति'' कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह कॉफी टेबल बुक संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व रायपुर द्वारा प्रकाशित की गई है। कॉफी टेबल बुक की लेखिका अंतर्राष्ट्रीय नृत्यांगना पुर्णश्री राउत, सहायक संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व रायपुर है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शास्त्रीय नृत्य हमारी संस्कृति और गौरवशाली परंपरा के अंग रहे हैं। छठवीं-सातवीं शताब्दी में शिव तथा विष्णु मंदिरों में इन नृत्यों का प्रचलन था। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्राचीन वास्तुकला एवं समृद्ध संस्कृति तथा राज्य के प्राचीन मंदिरों की दीवारों पर नृत्य की प्रतिमाओं के पीछे दार्शनिक संकल्पना को संगीत एवं नृत्य प्रेमियों, पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रकाशित इस कॉफी टेबल बुक को उपयोगी बताया और इसके लिए उन्होंने लेखिका पुर्णश्री राउत और संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दी।
लेखिका पुर्णश्री राउत ने कहा कि सभी शास्त्रीय नृत्यों की उत्पत्ति पौराणिक कथा से है। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला स्थित भोरमदेव मंदिर और जांजगीर स्थित विष्णु मंदिर की दीवारों में उकेरी गई नृत्य प्रतिमाएं भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा की संवाहक है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य को प्राचीन काल में देवदासी नृत्य के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह नृत्य मंदिरों के गर्भ गृह में किया जाता था। उन्होंने कहा कि नृत्य शास्त्र पौराणिक उत्पत्ति कॉफी टेबल बुक अंग्रेजी में प्रकाशित की गई है, ताकि भारत आने वाले विदेशी पर्यटक इस कॉफी टेबल बुक ने प्रकाशित सामग्री का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ के मंदिरों के अवलोकन भ्रमण के लिए आए, ताकि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ के भोरमदेव मंदिर और विष्णु मंदिर की तस्वीरों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में मौजूद कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव शिशुपाल सौरी एवं चन्द्रदेव राय ने भी नृत्य शास्त्र का प्रकाशित कॉफी टेबल बुक की सराहना की और इसे संगीत एवं नृत्य शास्त्र के शोधार्थियों के लिए उपयोगी बताया। इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त एम. के. राउत, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त जनसम्पर्क तारन प्रकाश सिन्हा, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व अमृत विकास तोपनो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ विधायक अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल घुमका क्षेत्र के लोकार्पण एवम भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधायक बघेल सुबह 11 बजे परसबोड़ पहुंचे, वहां डाक विभाग का लोकार्पण, दशहरा मैदान के सामने प्योर ब्लॉक निर्माण भूमिपूजन, गौठान निर्माण का भूमिपूजन किया गया। कर्मा भवन परसबोड़, सकामभरी भवन, परसबोड़ महिला घाट, सामुदायिक भवन, ग्राम पचपेड़ी हेतु 19 लाख के विकास कार्यो के घोषणा किये। उनके बाद विधायक बघेल पदुमतरा में बुनकर कर्मशाला, स्कूल भवन लोकार्पण, नवीन धान खरीदी केन्द्र का भूमिपूजन किया गया।
विधायक बघेल ने सहकारी समिति पदुमतरा खाद गोदाम हेतु 10 लाख व बुनकर पहुच मार्ग में सीसी रोड-पुलिया सहित 4 लाख की घोषणा किये। उनके बाद खैरा (ब) गौठान निर्माण भूमिपूजन करने पहुंचे, जहां राउत नाचा से स्वागत किया गया। विधायक बघेल ने पुलिया निर्माण हेतु 5 लाख व महिला घाट हेतु 5 लाख की घोषणा किये। उनके पश्चात विधायक खैरझिटि पहुंचे नाली निर्माण भूमिपूजन व साइकिल स्टैंड का लोकार्पण किये। विधायक बघेल ने वार्ड 15 में सीसी रोड व नाली निर्माण के लिए 5 लाख की घोषणा किये।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सभापाति अशोक देवांगन, जिला पंचायत सदस्य हर्षिता स्वामी बघेल, जनपद अध्यक्ष प्रतिक्षा भंडारी, शोभाराम बघेल, ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश द्विवेदी, जनपद सभापाति ओमप्रकाश साहू, दिलीप पटेल, गीतालाल वर्मा, सौरभ वैष्णव, चंद्रेश वर्मा, राजेन्द्र यदु, कुलेश्वर वर्मा, योगेन्द्र वैष्णव, रतन यदु, ललित चंदतारे, दमयनतीं साहू, सावित्री देवी देवांगन, ललिता साहू, नेमदास साहू, संतोष वर्मा, देरहा वर्मा, अजय वर्मा, मोहन साहू, राकेश साहू, भागवत वर्मा, मनराखन निर्मलकर, शिशुपाल कुर्रे आदि उपस्थित रहे।

 रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की। गौरतलब है कि सांसद विजय बघेल को स्वास्थ्यगत कारणों से एम्स रायपुर में  भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

रायपुर / शौर्यपथ / अब छत्तीसगढ़ के भूतपूर्व सैनिकों को राज्य सैनिक बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं तथा आर्थिक सहायता के लिए आनलाईन आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही भूतपूर्व सैनिकों के रिकार्ड का भी डिजिटलाईजेशन किये जाएंगे। इससे भूतपूर्व सैनिकों को ऑफलाइन आवेदन करने में होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। इसके लिए एक साफ्टवेयर भी बनाया जाएगा। यह निर्णय राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके की अध्यक्षता में आयोजित राज्य सैनिक बोर्ड की अमलगेटेड स्पेशल फंड के राज्य प्रबंधन समिति की ऑनलाइन बैठक में लिया गया।
राजभवन में हुई इस बैठक में राज्यपाल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने वाले कलेक्टर एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को गवर्नर ट्राफी से सम्मानित किया।
राज्यपाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि आज की बैठक में लिए गये निर्णय से भूतपूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं एवं उनके आश्रितों को अवश्य लाभ प्राप्त होगा। गत 14 मार्च 2020 को छत्तीसगढ़ के 26 वीर नारियों एवं माताओं का राजभवन में पहली बार सम्मान किया गया जो कि अत्यंत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान पूर्व सैनिकों द्वारा जनसेवा में जो योगदान दिया, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि हमारे भूतपूर्व सैनिक कठिन परिस्थितियों में सदैव आगे बढ़कर नि:स्वार्थ सेवा प्रदान करेंगे।
राज्यपाल ने कैंसर से पीडि़त भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं को आयुष्मान भारत योजना के तहत चिन्हित अस्पतालों में तथा अन्य शासकीय अस्पतालों में इलाज कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कैंसर से पीडि़त भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं को दी जाने वाली सहायता राशि को 25 हजार रूपए निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। राज्यपाल ने कहा कि इस बीमारी के इलाज में काफी धनराशि खर्च होती है। अत: उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
बैठक में भूतपूर्व सैनिकों के दिव्यांग (मानसिक रूप से) बच्चों को दी जाने वाले सहायता राशि देने का दायरा बढ़ाया गया है। पहले केवल 100 प्रतिशत दिव्यांगता पर ही सहायता दी जाती है, लेकिन अब दिव्यांगता (मानसिक रूप से) की विभिन्न श्रेणियों के तहत आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 100 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने पर 1500 रूपए, 50 प्रतिशत से कम में 700 रूपए और 25 प्रतिशत से कम में 500 रूपए प्रतिमाह दिये जाने का प्रावधान किया गया। साथ ही इस बैठक में भूतपूर्व सैनिक की मृत्यु पश्चात्् उनके विधवा/उत्तराधिकारी को मिलने वाली मृत्यु अनुदान राशि को 15,000 रूपए से बढ़ाकर 25,000 रूपए की गई। भारतीय रक्षा सेवाओं में प्रवेश के लिए होने वाली सर्विस सेलेकशन बोर्ड परीक्षा के पूर्व प्रषिक्षण के लिए आर्थिक अनुदान 5,000 रूपए से बढ़ाकर 20,000 रूपये किया गया। सुश्री उइके ने कहा कि इससे बच्चों को कोचिंग प्राप्त करने में सुविधा होगी।
राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भूतपूर्व सैनिकों की 75 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पष्चात्् मिलने वाली 15,000/- रूपये की सम्मान राशि में प्रति 10 वर्ष पष्चात् 5,000/- रूपये की बढ़ोतरी किये जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सामाजिक गतिविधियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए कार्यालय के साथ एक हॉल मुहैया कराने तथा भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रावास को किराये पर लिये जाने का सुझाव दिया गया। राज्यपाल ने सुझाव पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक में सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर वर्ष 2017 में सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने के लिए दुर्ग जिले के कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे को प्रथम पुरस्कार और रायपुर जिले के कलेक्टर एस. भारतीदासन को दूसरा पुरस्कार दिया गया। इसी तरह वर्ष 2018 में सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने के लिए रायपुर जिले के कलेक्टर एस. भारतीदासन को प्रथम पुरस्कार और दुर्ग जिले के कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे को दूसरा पुरस्कार दिया गया
इसी तरह वर्ष 2017 में सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने के लिए कैप्टन (आई एन) पुरनेन्दु विद्यांता (से.नि) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग को प्रथम पुरस्कार तथा कैप्टन (भा.नौ.) ए. सी. पोखरियाल (से.नि.) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 2018 में कैप्टन (भा.नौ.) ए. सी. पोखरियाल (से.नि.) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर को प्रथम पुरस्कार तथा कैप्टन (आई एन) पुरनेन्दु विद्यांता (से.नि) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
बैठक में अमलगमेटेड स्पेशल फण्ड के राज्य प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल एवं छत्तीसगढ़ ओडिशा सब एरिया के कमाण्डर ब्रिगेडियर प्रशांत चौहान, समिति के पदेन सदस्य के रूप में अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू एवं राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो सहित रक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी, सैन्य अधिकारी एवं पुनर्वास महानिदेशालय के अधिकारी भी ऑनलाईन उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज राजभवन में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई द्वारा महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई। उन्होंने वेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जो महिला सशक्त होकर समाज में जगह बना चुकी हैं उन्हें हमारी बेटियों को आगे बढऩे की प्रेरणा देनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि भारत वह देश है, जहां पर माता हमेशा पूज्यनीय रही हैं, समय के साथ कई कुरीतियां भी भारतीय समाज में आ गई, लेकिन जब भारत स्वतंत्र हुआ तो शिक्षा के प्रसार के साथ जागरूकता आई और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया जाने लगा। महिलाओं के कल्याण के लिए शासन द्वारा अलग विभाग बनाया गया, जिसके माध्यम से कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाने लगी। फलस्वरूप कई महिलाएं स्वप्रेरणा से सामने आने लगी। आज महिलाएं सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
हम छत्तीसगढ़ की बात करें तो बस्तर से लेकर सरगुजा तक महिलाएं आगे आ रही हैं और स्व-सहायता समूह बनाकर अच्छा कार्य कर रही हैं इससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। बस्तर अंचल दंतेवाड़ा के बालूद ग्राम की महिलाएं नई दिशा स्व-सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक सहायता प्राप्त कर छोटे-छोटे व्यवसाय कर रही हैं और जैविक खेती भी कर रही हैं।
सरगुजा के अंबिकापुर शहर में स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं डोर-टू-डोर जाकर कचरा एकत्रित कर रही हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छता मिशन में योगदान दे रही हैं। साथ ही उत्तरी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम चांगरो की महिलाएं स्व-सहायता समूह के माध्यम से जीरा फूल धान की खेती कर रही हैं और मिनी राईस मिल का संचालन भी कर रही हैं। इन समूह द्वारा उत्पादित जीरा फूल चावल की मांग दूर-दूर तक है।
यह हमारी महिला सशक्तिकरण की पहचान है कि फुलबासन यादव को टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में शामिल होने का अवसर मिला। राज्यपाल ने महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध पर समाज को जागृत होने का आग्रह करते हुए कहा कि सबसे पहले परिवार में बच्चों को महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा देनी चाहिए। यदि उसके मन में बचपन से ऐसी भावनाएं आ जाए तो महिलाओं के प्रति अपराध में काफी कमी आ सकती है। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के कुलपति डॉ. एम.के. वर्मा, सांसद श्रीमती छाया वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत तथा प्राध्यापकगण उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के मंशानुरूप महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद की मार्केटिंग की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि महिलाओं द्वारा तैयार की गई सामग्री का क्रय-विक्रय सहजता से हो सके और समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सके। महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए राज्य के कई जिलों में जिला प्रशासन के सहयोग से विपणन केन्द्र भी स्थापित किए गए हैं। दुर्ग जिला पंचायत द्वारा बिहान की महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री की बिक्री के लिए इस बार दीपावली के मौके पर जिला पंचायत परिसर में बिहान बाजार सजाया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद के विक्रय के लिए एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। बिहान बाजार में दीपावली त्यौहार से जुड़ी सारी चीजें जैसे गोधन से निर्मित दीया, बाती, धूप, पूजा सामग्री के साथ ही सजावटी सामान, पेंटिंग, आभूषण भी उपलब्ध होंगे। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने ये उत्पाद बड़ी हुनरमंदी से तैयार किए हैं। बिहान बाजार दोपहर 12 बजे से 8 बजे तक खुला रहेगा। बिहान बाजार में हिस्सा लेने के लिए करीब 40 महिला स्व सहायता समूहों ने पंजीयन करवाया है। जिला प्रशासन द्वारा यहाँ स्टाल बनाये गए हैं जहाँ ये महिलाएं सामग्री विक्रय करेंगी।
दीवाली त्यौहार पर गृह लक्ष्मी के श्रृंगार के लिए सुंदर आभूषण जैसे चूडिय़ां, झुमके, हार आदि बिहान बाजार में विक्रय के लिए उपलब्ध है। बिहान बाजार में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवानों का आनंद भी उठाया जा सकेगा। फरा, चीला, अनरसा, लड्डू, ठेठरी खुरमी सहित अचार, पापड़ ,बड़ी, मुरकु इत्यादि भी उपलब्ध होगा। यहां घरेलू उपयोग में आने वाले, साबुन, डिटर्जेंट, डिश वॉशर, फिनायल, टॉयलेट क्लीनर, सेनेटाइजर भी बिहान बाजार में उपलब्ध होगा। जिसे महिला स्व-सहायता समूहों ने बनाया है। बिहान बाजार में थर्मल चेकिंग के साथ-साथ सेनेटाइजर भी उपलब्ध होगा ताकि आपकी खरीदारी सुरक्षित रहे। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग पर निगरानी के लिए वॉलिंटियर्स भी मौजूद रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से विशेष अपील की गई है कि बिहान बाजार में आने के लिए सभी अनिवार्य रूप से मास्क पहनें।

रायपुर/ शौर्यपथ / 

 

  मुख्यमंत्री  बघेल ने प्रसिद्ध साहित्यकार, भाषाविद् और छत्तीसगढ़ राज्य-गीत के रचयिता डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा को उनकी जयंती पर उन्हें नमन किया है। 4 नवम्बर को डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा की जयंती है। मुख्यमंत्री ने डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा को याद करते हुए कहा है कि डॉ. वर्मा बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने कवि, चिंतक, उपन्यासकार, नाटककार, सम्पादक और मंच संचालक जैसी कई भूमिकाओं में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। अंग्रेजी में भी उन्होंने अपनी रचनाएं लिखीं। अपनी ओजपूर्ण वाणी और अकाट्य तर्कों से वे किसी को भी पलभर में प्रभावित करने की क्षमता रखते थे। युवा उत्सव के समारोह में उन्होंने अपने विचारों से तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू को भी गहराई तक प्रभावित किया था। ’अरपा-पइरी के धार, महानदी हे अपार......’ के रूप में उन्होंने अमर रचना दी है, जिसमें छत्तीसगढ़ महतारी का वैभव एक बारगी साकार हो उठा है। यह गीत डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा की पहचान और छत्तीसगढ़ का मान बन गया है। उनकी कलम से निकला यह गीत राज्य गीत के रूप में आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक छत्तीसगढ़वासियों की आत्मा का गान बन चुका है। छत्तीसगढ़ की ऐसी वंदना उनका सच्चा सपूत ही कर सकता है।

    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि डॉ.नरेंद्र देव वर्मा ने जो भी लिखा, वह लोगों की अंतरआत्मा में उतर गया। उनकी रचनाओं में छत्तीसगढ़ के जनजीवन तथा संस्कृति का सजीव चित्रण मिलता है। उनके हिंदी उपन्यास ‘सुबह की तलाश‘ जब छत्तीसगढ़ी में अनुवाद के बाद ‘‘सोनहा बिहान‘‘ के रूप में लोगों के बीच रंगमंच के माध्यम से पहुंचा, तब इसने आम लोगों में सुनहरी सुबह के साकार होने की आशा जगा दी। सही अर्थों में वे छत्तीसगढ़ के सोनहा बिहान के स्वप्नदृष्टा थे। उन्होंने ‘‘छत्तीसगढ़ी भाषा व साहित्य का उद्विकास‘‘ विषय पर शोध किया और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह ‘अपूर्वा’, हिंदी उपन्यास ‘सुबह की तलाश’ जैसे कई ग्रंथों की रचना की। उनका लिखा ‘मोला गुरु बनई लेते छत्तीसगढ़ी प्रहसन’ अत्यंत लोकप्रिय हुआ। डॉ. वर्मा ने छत्तीसगढ़ी भाषा-अस्मिता को बनाए रखने और यहां की संस्कृति को विशिष्ट पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए उनका यह अमूल्य योगदान हमेशा याद किया जाता रहेगा।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)