January 19, 2026
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शौर्यपथ

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राष्ट्रीय युवा दिवस पर बलौदाबाजार–भाटापारा में 900 से अधिक युवाओं से संवाद, देशभक्ति व नेतृत्व का हुआ संचार

रायपुर, ।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से बलौदाबाजार–भाटापारा जिले में जिला स्तरीय युवा संवाद एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उनकी ऊर्जा, विचार और संकल्प ही एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव रखते हैं।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, नवाचार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

श्री वर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। मंत्री ने यह भी कहा कि शासन युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों, महाविद्यालयीन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन के दौरान युवा संवाद सत्र, प्रेरक व्याख्यान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक दायित्व, राष्ट्र निर्माण और समकालीन चुनौतियों से जुड़े विषयों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।

जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 900 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी युवाओं को राष्ट्र सेवा, सामाजिक कार्यों और सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया।

यह जिला स्तरीय युवा संवाद कार्यक्रम न केवल युवाओं के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में जिम्मेदार और सजग नागरिक के रूप में तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

शांति, सुरक्षा और विकास शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता, बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने पर केंद्रित साय सरकार

रायपुर।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर अंचल के समग्र, संतुलित और सतत विकास को लेकर आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ले रहे है । बैठक में बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना, सुरक्षा सुदृढ़ीकरण तथा विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस्तर में स्थायी शांति और सर्वांगीण विकास राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बस्तर को देश की मुख्यधारा से जोड़ना, वहां के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, संचार, आवास और आजीविका जैसी मूलभूत सुविधाओं की त्वरित एवं प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार का संकल्प रहा है। ऐसे में यह बैठक बस्तर क्षेत्र के विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और जमीनी स्तर पर उनका वास्तविक प्रभाव दिखाई दे इस विषय पर साय सरकार और मजबूत कदम उठा सकती है ।
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित है । समाचार लिखे जाने तक मिली जानकारी अनुसार यह महत्तवपूर्ण बैठक जारी है .

राज्य के 8 युवाओं और एक संगठन को मिला छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं को किया सम्मानित

रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य के आठ युवाओं तथा धमतरी जिले के युवा स्टार सेवा समिति खुरतुली को आज राष्ट्रीय युवा दिवस पर सम्मानित किया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आज रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित युवा रत्न सम्मान समारोह में सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर रायपुर में उनके बिताए समय का स्मरण करते हुए समारोह में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 31 वर्ष की आयु में दुनिया में भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और सभ्यता का मान और सम्मान बढ़ाया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य की उत्कृष्ट युवा प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत युवाओं का देश है। हमारी युवा प्रतिभाओं को पोषित, पल्लवित और आगे बढ़ाने का काम हम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए उन्हें दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम, समर्पण और संकल्प से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने को कहा।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सांस्कृतिक शक्ति का परचम पूरी दुनिया में फहराया था। आज करोड़ों युवा उनसे प्रेरणा लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से युवा रत्न सम्मान के लिए आवेदन आए हैं, उससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार ने इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बड़ी पहल करते हुए आज राज्य में पहली बार व्यक्तिगत क्षमता में सुधार तथा समाज सेवा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने राज्य की प्रतिभाओं को "युवा रत्न सम्मान" से नवाजा है। राज्य के 15 वर्ष से 29 वर्ष की आयु के प्रतिभाओं के उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया है।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि युवा रत्न सम्मान के लिए राज्य के बहुत से सक्षम युवाओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से अलग-अलग क्षेत्रों से एक-एक नाम का चयन बहुत मुश्किल था। राज्य के युवा कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम कर रहे हैं। उनके कार्यों को सम्मानित और रेखांकित करने के लिए विभाग ने इस वर्ष से ये सम्मान शुरू किए हैं। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल और खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

राज्य के इन युवाओं को मिला युवा रत्न सम्मान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित समारोह में बेमेतरा के एस्ट्रोफिजिक्स में सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक एवं पीएचडी छात्र तथा एनएएसओ (NASO) ओलंपियाड में स्वर्ण पदक से सम्मानित श्री पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कांकेर की सुश्री शिल्पा साहू, साहित्य के क्षेत्र से सरगुजा के श्री अमित यादव, नवाचार के लिए महासमुंद की सुश्री मृणाल विदानी तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए दुर्ग की सुश्री परिधि शर्मा को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बिलासपुर की सुश्री संजू देवी को खेल, कवर्धा के श्री सचिन कुनहरे को कला एवं संस्कृति और सुश्री आरू साहू को लोककला में उत्कृष्ट कार्यों के लिए युवा रत्न सम्मान दिया। उन्होंने स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वच्छता, साक्षरता, महिला उत्थान, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति, मतदाता जागरूकता, जल स्रोतों के संरक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए धमतरी जिले के खुरतुली के युवा स्टार सेवा समिति को भी छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया।

20 हजार लोगों की ऐतिहासिक शपथ से बालोद ने रचा विश्व कीर्तिमान
बालोद । शौर्यपथ
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले ने सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम दुधली में आयोजित देश के प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर एक साथ 20 हजार लोगों द्वारा बाल विवाह की रोकथाम हेतु शपथ लेकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान प्राप्त किया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में उपस्थित रोवर-रेंजरों, स्काउटर-गाइड्स, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं विशाल जनसमुदाय को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सक्रिय सहभागिता निभाने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलता है, बल्कि समाज की प्रगति में भी सबसे बड़ी बाधा है। इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बालोद जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह की रोकथाम हेतु किए जा रहे निरंतर, नवाचारी और प्रभावी प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बालोद आज केवल एक जिला नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को बाल विवाह मुक्त अभियान में उल्लेखनीय नेतृत्व और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र प्रदान किया तथा मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि बालोद शीघ्र ही पूरी तरह बाल विवाह मुक्त जिला बनेगा और अन्य जिलों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने घर, परिवार, रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के समाज में बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाएंगे तथा किसी भी स्थिति में बाल विवाह को होने से रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
समारोह में स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा सांसद श्री भोजराज नाग, भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त श्री के.के. खंडेलवाल, राष्ट्रीय महासचिव श्री पी.जी.आर. सिंधिया, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, देशभर से आए रोवर-रेंजर, स्काउट-गाइड्स एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के माध्यम से बालोद जिले ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जब समाज एकजुट होता है, तो सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। यह उपलब्धि न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

 

रायपुर/बालोद।
बालोद में आयोजित राज्य स्तरीय जम्बूरी अब केवल एक शैक्षणिक-सांस्कृतिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की राजनीति में वरिष्ठ अनुभव और युवा नेतृत्व के टकराव का प्रतीक बन गया है। इस विवाद के केंद्र में हैं—भाजपा के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल और राज्य सरकार के उभरते युवा मंत्री गजेन्द्र यादव। न्यायालय की दहलीज तक पहुँचा यह मामला दोनों नेताओं की राजनीतिक छवि, प्रभाव और भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।


मंत्री गजेन्द्र यादव: जोखिम भी, अवसर भी

संभावित राजनीतिक नुकसान

जम्बूरी आयोजन में बिना टेंडर करोड़ों रुपये खर्च करने और ₹10 करोड़ की राशि सीधे जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के खाते में भेजे जाने को लेकर विपक्ष ने मंत्री गजेन्द्र यादव पर तीखा हमला बोला है।
हालाँकि मंत्री ने सभी आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन सार्वजनिक विमर्श में “भ्रष्टाचार” जैसे शब्दों का उनके नाम से जुड़ना उनकी नवोदित राजनीतिक छवि के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

इसके अलावा, भाजपा के कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल से खुला मतभेद उन्हें पार्टी के भीतर वरिष्ठों से टकराव लेने वाले नेता के रूप में भी पेश करता है। यदि उच्च न्यायालय का फैसला उनके प्रतिकूल आता है, तो यह उनके राजनीतिक जीवन की पहली बड़ी न्यायिक-राजनीतिक असहजता मानी जाएगी।

संभावित राजनीतिक लाभ

दूसरी ओर, अपने समर्थकों के बीच गजेन्द्र यादव एक ऐसे मंत्री के रूप में देखे जा रहे हैं जो बड़े आयोजनों को जमीन पर उतारने के लिए तेज और निर्णायक फैसले लेने से नहीं हिचकते।
विवाद के बीच उन्होंने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को “पिता तुल्य” और “बड़ा भाई” कहकर सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया, जिससे उनकी छवि एक संयमी और संगठननिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में भी उभरी है।

यदि सरकार और संगठन अंततः उनके साथ मजबूती से खड़े रहते हैं और वित्तीय प्रक्रिया पर कोई गंभीर आपत्ति सिद्ध नहीं होती, तो गजेन्द्र यादव को “रिज़ल्ट-ओरिएंटेड युवा नेता” के रूप में स्थापित होने का लाभ मिल सकता है।


सांसद बृजमोहन अग्रवाल: अनुभव की मजबूती

वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल इस विवाद में स्वयं को संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका तर्क है कि वे छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट्स एंड गाइड्स के निर्वाचित अध्यक्ष हैं और उन्हें हटाने की प्रक्रिया नियमों के विपरीत है।

यदि उच्च न्यायालय का फैसला उनके पक्ष में आता है, तो यह न केवल उनकी राजनीतिक और संगठनात्मक साख को मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें भाजपा में वरिष्ठ नेतृत्व के रूप में और अधिक प्रभावी बनाएगा। साथ ही, यह संदेश भी जाएगा कि अनुभव और संवैधानिक मर्यादा को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

हालाँकि, यदि फैसला उनके विरुद्ध जाता है, तो इसे उनके लंबे राजनीतिक जीवन की एक रणनीतिक चूक के रूप में देखा जा सकता है, भले ही उनकी व्यक्तिगत छवि पर बड़ा आघात न हो।


भविष्य की राजनीति पर संभावित असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद भाजपा के भीतर

  • वरिष्ठ बनाम युवा नेतृत्व,

  • निर्वाचित पद बनाम नियुक्त अधिकार,

  • और सरकारी हस्तक्षेप बनाम स्वायत्त संस्थाओं
    जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रेखा खींचने वाला साबित हो सकता है।

न्यायालय का फैसला यह तय करेगा कि आने वाले समय में पार्टी और सरकार अनुभव को प्राथमिकता देती है या प्रशासनिक गति को


भविष्य पर निगाहें ...

बालोद जम्बूरी विवाद दोनों नेताओं के लिए अग्निपरीक्षा है।

  • बृजमोहन अग्रवाल के लिए यह अपने अनुभव और संवैधानिक अधिकारों को स्थापित करने का अवसर है।

  • गजेन्द्र यादव के लिए यह साबित करने का मौका कि वे पारदर्शिता के साथ बड़े निर्णय लेने में सक्षम युवा नेता हैं।

अंततः, माननीय न्यायालय का निर्णय ही तय करेगा कि यह विवाद किसे राजनीतिक संजीवनी देता है और किसके लिए यह सीख बनकर रह जाता है।

पत्रकार भवन के लिए 25 लाख की घोषणा, कहा—साहस, सत्य और जिम्मेदारी ही सच्ची पत्रकारिता की पहचान

 सारंगढ़। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही नहीं, बल्कि उसकी आत्मा है। पत्रकारिता धर्म का जीवित रहना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। वे आज सारंगढ़ के गुरु घासीदास पुष्प वाटिका स्थित जैतखाम में पूजा-अर्चना के पश्चात आयोजित प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला में समसामयिक विषयों, मीडिया की बदलती भूमिका, नई तकनीक और जिम्मेदार पत्रकारिता पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा खेल, शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को “सारंगढ़ रत्न” सम्मान से नवाजा गया।
उप मुख्यमंत्री साव ने सारंगढ़ में पत्रकार भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं पत्रकारों को नई चुनौतियों से निपटने, सजगता और सावधानी के साथ कार्य करने की दिशा देती हैं।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता कोई सहज या आसान कार्य नहीं, बल्कि यह अत्यंत परिश्रम, साहस और जिम्मेदारी से जुड़ा दायित्व है। पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं। सवाल पूछने का अधिकार ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है, जिसे पत्रकारिता जीवंत बनाए रखती है। हौसला और जज़्बा ही सच्चे पत्रकार की पहचान है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। विशेष रूप से प्रिंट मीडिया के लिए यह समय कठिन है। ऐसे में पत्रकारिता मूल्यों और चौथे स्तंभ का जीवित रहना लोकतंत्र के लिए और भी आवश्यक हो गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों से आग्रह किया कि वे खबरों की होड़ से बचें और तथ्यों की पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही समाचार प्रसारित करें। बिना सत्यापन की सूचना किसी के मान-सम्मान और करियर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
श्री साव ने कहा कि भारत जैसे प्राचीन लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। इतिहास साक्षी है कि पत्रकारों ने अंग्रेजी हुकूमत और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष किया है, इसी कारण आज भी समाज में पत्रकारों को विशेष सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त है।
कार्यशाला में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह, नितिन सिन्हा, नरेश चौहान, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

 शौर्यपथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे

राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार पदेन जिला मिशन संचालक कलेक्टर महासमुंद विनय कुमार लगेह एवं पदेन जिला परियोजना संचालक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद हेमंत नंदनवार के मार्गदर्शन में जिले में संचालित पीएमश्री स्कूल सहित अन्य विद्यालय के 24 विद्यार्थी एवं 9 गाइड शिक्षक पड़ोसी राज्य के शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना हुए। बच्चो के बसना पहुंचने पर महासमुंद लोकसभा के सांसद रूपकुमारी चौधरी ने बच्चो को ट्रैकशूट, एक्सपोजर विजिट फ्लैप, फोल्डर प्रदान कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सांसद ने कहा कि बच्चों के संपूर्ण ज्ञान विस्तार के लिए केंद्र शासन के शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया है, जिसमें चयनित मेघावी विद्यार्थियों को राज्य के बाहर अन्य राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, सांस्कृतिक विरासतों एवं ऐतिहासिक महत्व के विषय में जानकारी प्राप्त हो सकेगी। बच्चे भारत की विविधता में एकता के स्वरूप को स्वयं समझ सकेंगे। उन्होंने सभी छात्रों और उनके शिक्षकों को यात्रा अध्ययन के रिकॉर्ड संधारण के लिए प्रेरित करते हुए यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी।जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरें एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने बताया कि छात्रों को ओडिशा के राजधानी में स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भुवनेश्वर के विज्ञान संकाय, जूलॉजिकल पार्क, साइंस सेंटर, सहित राज्य के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।

महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
कोमाखान (जिला महासमुंद)। शिखर युवा मंच द्वारा एसबीआई फाउंडेशन एवं एसबीआईएसजी ग्लोबल के सहयोग से संचालित जीवनम् मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) परियोजना के अंतर्गत महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के चयनित गांवों में निरंतर स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी सेवाएं दी जा रही हैं। यह परियोजना दूरस्थ, ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।
परियोजना के माध्यम से अब तक लगभग 12 हजार ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल चुका है। हाल ही में 10,506 से अधिक मरीजों को मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए घर-द्वार पर ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही हड्डी रोग, त्वचा रोग, महिलाओं एवं बुजुर्गों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए चार विशेष विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें आवश्यक लैब जांच सुविधाएं भी प्रदान की गईं।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्वच्छ भारत अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम बोकरामुड़ा खुर्द में स्वच्छ भारत अभियान का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ जिला पंचायत उपाध्यक्ष भिखम सिंह ठाकुर ने सरस्वती पूजन के साथ किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। ग्राम स्वच्छता समिति के सदस्यों ने घर-आंगन की नियमित सफाई, गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की जानकारी दी।
ग्राम सरपंच गौतम मांझी ने गांव में 10 नाडेप टैंक निर्माण की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इससे जैविक कचरे का उचित निपटान कर गांव को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता रैली का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
इस अवसर पर संस्था की ओर से ग्राम के 216 परिवारों को स्वच्छता किट, डस्टबिन और झाड़ू का वितरण किया गया, जिससे प्रत्येक परिवार घरेलू कचरे का बेहतर प्रबंधन कर सके। यह पहल ग्रामीण सहभागिता को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ भारत अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, मितानिन कार्यकर्ताओं, ग्राम स्वास्थ्य समिति और स्थानीय समुदाय का सराहनीय सहयोग रहा। शिखर युवा मंच की टीम, परियोजना स्टाफ और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास से यह अभियान गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता की मिसाल बनता जा रहा है।

   कोरबा । शौर्यपथ । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कोरबा जिले के महर्षि वाल्मीकि आश्रम, आईटीआई रामपुर में आयोजित गौरा पूजा महोत्सव एवं बैगा पुजेरी सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गौरा-गौरी पूजन और बैगा पुजारी सम्मेलन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास, विशिष्ट संस्कृति और समृद्ध परंपराएं रही हैं। बैगा और पुजेरी समाज आज भी इन परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आईटीआई चौक से बालको रोड का नाम ‘जनजातीय गौरव पथ’ रखने तथा मार्ग के प्रारंभिक बिंदु पर जनजातीय महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन इसलिए किया गया ताकि जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। जनजातीय समाज के सम्मान और उत्थान के लिए 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया है तथा धरती आबा उत्कर्ष योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आसीन हैं और छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी एक साधारण किसान परिवार से आने वाला जनजातीय समाज का बेटा है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपये तथा पीएम जनमन योजना के लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश के 6,691 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर सहित अन्य पीवीटीजी समुदायों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। आदिवासी अंचलों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्वयं वनवासी कल्याण आश्रम में कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया है। उन्होंने बताया कि जनजातीय समाज आदिकाल से भगवान गौरागौरी के रूप में शिव-पार्वती का उपासक रहा है। जनजातीय महापुरुषों के योगदान को सहेजने और नई पीढ़ी को उनसे परिचित कराने के उद्देश्य से नवा रायपुर में डिजिटल जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया गया है, जहां उनके जीवन और संघर्षों का सचित्र वर्णन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए बैगा, गुनिया और सिरहा को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की सम्मान निधि दी जा रही है। सरना स्थलों के संरक्षण से न केवल सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित होगी, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। जिले के प्राचीन देवी-देवताओं के स्थलों को विकसित कर पर्यटन के रूप में नई पहचान दी जा रही है।
कार्यक्रम में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी पनतराम भगत एवं बीरबल सिंह, महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

युवा संसद में डॉ. रमन सिंह बने अध्यक्ष और बच्चे बने सांसद, लोकहित के मुद्दों पर हुई चर्चा
यूथ पार्लियामेंट में दिखी भविष्य के नेतृत्व की सशक्त झलक

    बालोद / शौर्यपथ / नेशनल रोवर - रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था।
अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है।
इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर - रेंजर देश का आने वाला भविष्य है।भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन

जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।
        आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।
युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

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