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रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी के डॉ. अम्बेडकर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड और अस्पताल के अन्य संवेदनशील जगहों पर अब सफाई कर्मचारी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट पहन कर कार्य करेंगे। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए 170 सफाई कर्मचारियों के लिए पीपीई किट यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए हैं। पीपीई किट मिलने के बाद सफाई कर्मचारी और अधिक आत्मविश्वास के साथ सेवा का कार्य कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सभी सफाई कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स और सैनेटाइजर्स उपलब्ध करवाए गए थे। राज्य सरकार के निर्देश पर सभी सफाई कर्मचारियों के लिए अलग से ठहरने की व्यवस्था और प्रोटीन युक्त भोजन की व्यवस्था भी किए गए हैं। कोविड-19 वार्ड में आइसोलेशन में कर्मचारियों और अन्य स्थानों पर सफाई कार्य में लगे सफाई कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए पीपीई किट अति आवश्यक थी।
बता दें कि कोरोना से पीड़ित मरीजों का मेकाहरा में 7 जून से इलाज शुरु किया गया। अस्पताल में 500 बेड का कोविड-19 बार्ड बनाया गया है अब तक 1000 कोरोना पॉजिटिव मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज भी हो गए हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी दुगुना हो गयी हैं ।
भारतीय सफ़ाई कर्मचारी महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश लंगोटे का कहना है सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरुरी है। ये हमारे फ्रंट लाइन करोना योद्धा है। रायपुर मेकाहारा के सफाई कर्मचारी की जरुरत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अलग से कपड़े का ड्रेस बनवाया है जिसके बाद महिला सफाई कर्मी पीपीई कीट को पहनते हैं। वहीं संक्रमण से बचाव के लिए सभी 170 सफाई कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से लगे मंगल भवन को क्वारेंटाइन सेंटर के रुप अस्थायी आवास व्यवस्था किया गया है। कोविड वार्ड में ड्यूटी के बाद ठनहें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन भी किया जाता है। ताकि परिवार से दूर रहने वाले इन सभी कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य व परिजनों को भी वायरस से सुरक्षित रखा जा सके। इन सभी के लिए अच्छा प्रोटीन युक्त भोजन और नास्ता भी दिया जा रहा है। कोरोना काल के विपरीत परिस्थितियों में कोरोना वारियर्स का सम्मान पाने का असली हकदार सफाई कर्मचारी हैं।
डॉ अंबेडकर अस्पताल के पीआरओ शुभ्रा सिंह ठाकुर ने कहा कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए सफाई कर्मचारी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे में यह हम सब की जिम्मेदारी है कि उनकी सेहत और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। कोविड-19 वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरर्स, स्टाफ नर्स व अन्य सहयोगी स्टाफ को भी पीपीई कीट उपलब्ध कराया गया है। पीआरओ सुश्री ठाकुर ने बताया यदि भविष्य में और पीपीई किट या अन्य किसी संसाधन की कमी होती है, तो वह उपलब्ध करवाया जाएगा।उन्होंने कहा कोरोना संकट के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी सफाई कर्मचारी आइसोलेशन, अस्पतालों, चिकित्साकर्मियों के अस्थाई निवास वाले होटल्स में दिन-रात पूरी कर्मठता और तत्परता से काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया अस्पताल में तीन पालियों में 24 घंटे ड्यूटी पर सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। संबंधित ठेका कंपनी को निर्देश दिया गया है समय-समय पर कोविड-19 के लिए जारी गाइड लाइन का पालन किया जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, प्रोटेक्टिव गियर्स हैं, पर्सनल प्रोटेक्टिव किट पहनने से कोरोनावायरस पीड़ितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्स सहित सफाई कर्मचारियों आदि को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इन गियर्स को पहनने से डॉक्टर्स व मेडिकल स्टॉफ कीटाणु के संपर्क में आने से खुद को अधिक से अधिक बचा पाते हैं। पीपीई किट में चश्मे, फेस शील्ड, मास्क, ग्लव्स, गाउन, हेड कवर और शू कवर शामिल हैं।
० 200 रूपये रूपये के रिचार्ज की बात को लेकर हत्या
० एक नाबालिक सहित आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजनांदगांव / शौर्यपथ / थाना डोंगरगांव के ग्राम कोहका नाला पुल के पास हुयी हत्या को सुलझाते हुए डोंगरगांव पुलिस ने एक आरोपी सहित 1 विधि से सपसरत बालक को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी एवलाल मेश्राम पिता स्व. उमेद राम मेश्राम उम्र 53 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव ने थाना हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि बीते गुरूवार को लगभग 15.30 बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा इसके मझला भाई प्रेमलाल मेश्राम की हत्या कर शव को कोहना नाला पुल के नीचे फंेक दिया है । घटना स्थल पर मृतक का टीवीएस मोटर सायकल पुलिया के रेलिंग में खड़ा है। मोटर सायकल के पास ही उसका चश्मा तथा एक अज्ञात व्यक्ति का चप्पल एवं बीयर बोतल का कॉच का छोटा-छोटा तुकडा पड़ा हुआ है कि रिपोर्ट पर थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमंाक 133/20 धारा 302 भादंवि का अपराध कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये थाना प्रभारी केपी मरकाम द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी घनश्याम कामड़े अं. चौकी से दिशा-निर्देशन प्राप्त कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये सायबर टीम तथा थाना डोंगरगांव कि पुलिस टीम रवाना किया गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्य व गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कि संदेही मुकेश वैष्णव तथा विधि से संघसरत बालक को मौके पर देखा गया है। पतासाजी दौरान मौके पर मिला साक्ष्य एवं टॉवर लोकेश से पता चला कि आरोपी मुकेश वैष्णव अपने साथी विधि से संर्घसरत बालक के साथ होकर मृतक प्रेम लाल मेश्राम से वाद-विवाद करते हुए प्रेमलाल मेश्राम की घटना स्थल पर पत्थर से वार कर हत्या कर फरार हो गया है। आरोपी पुलिस से छिपते-छिपाते दिगर राज्य भागने के फिराक में थे, जिन्हें टॉवर लोकेशन व गुप्त सूत्रों से पतासाजी कर आरोपी मुकेश वैष्णव पिता ओमकार वैष्णव उम्र 26 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव का विधि से संधर्सरत बालक के साथ कुष्ट जिला दुर्ग में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पुछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करते हुये बातया की 200 रूपये की रिचार्ज की बात को लेकर तीनों में विवाद हुआ था। वाद-विवाद के दौरान मृतक द्वारा मारपीट करने पर दोनों ने एक राय होकर प्रेमलाल मेश्राम के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या कर दिया तथा शव का पुल के नीचे फंेक दिये तथा वहां से मोटर सायकल से भाग गये थे। आरोपी तथा विधि संघसरत बालक से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल तथा हत्या में प्रयुक्त पत्थर को जप्त किया गया है। आरोपीद्वय को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा जा रहा है।
संपूर्ण कार्यवाही के दौरान निरीक्षक केपी मरकाम, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक बसंतराव, आरक्षक प्रवीण मेश्राम, आरक्षक मनीष मानिकपुरी, आरक्षक राकेश धु्रव, थाना से सउनि मेघनाथ सिन्हा, सउनि गोवर्धन देशमुख, प्रधान आरक्षक मोहन चंदेल, जय सोनवानी, आरक्षक योगेश साहू, आरक्षक राणा प्रसन्ना, आरक्षक जानेन्द्र वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु 06 अगस्त 2020 की मध्यरात्रि तक आवश्यक सेवाओं में छूट के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही कार्यालयीन आदेश के तहत आगामी त्यौहारों को देखते हुए 30 और 31 जुलाई 2020 को प्रातः 07 बजे से शाम 04 बजे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार खोलने की अनुमति दी गई थी।
उक्त आदेश के प्रक्रम में आगामी त्यौहारों को देखते हुए 01 अगस्त से 03 अगस्त 2020 तक प्रातः 07 बजे से दोपहर 12 बजे तक मिठाई दुकान खोलने एवं राखी विक्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही प्रतिबंधित अवधि में सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की छूट होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने प्रदेश के भाजपा नेताओं को नियमित रूप से मेडिटेशन और योग शिविर में जाने की सलाह दी है। भूपेश सरकार के खिलाफ भाजपा नेताओं की लगातार अनर्गल बयानबाजी पर राजेंद्र ने कहा कि ध्यान-योग करने पर उन्हें 15 साल की सत्ता से हटने के दर्द से उबरने में मदद मिलेगी। उन्हें रमन सरकार की नाकामियों पर आत्मचिंतन करने का सुअवसर मिलेगा। 18 माह की भूपेश सरकार की उपलब्धियां भी साफ-साफ दिखने लगेगी। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा की सरकार हमेशा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली योजनाएं शुरू करती है, जबकि कांग्रेस सरकार हमेशा गरीबों, आदिवासियों और किसानों समेत हर वर्ग के लोगों को सीधा फायदा पहुंचाती है। प्रदेश की जनता के साथ 15 साल तक भाजपा शासनकाल में छलावा होता रहा। भाजपा शासनकाल में भ्रष्टाचार कर प्रदेश की खनिज-वन संपदा को लूटने के साथ विकास कार्यों में कमीशनखोरी का खेल चलता रहा। रमन सरकार ने जनता के हित में ठोस फैसले नहीं किए। किसानों, आदिवासियों, महिलाओं समेत हर वर्ग के साथ रमन सरकार ने धोखा किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिर्फ 18 माह के कार्यकाल में प्रदेश के हर वर्ग को राहत देने के फैसले किए हैं। इनकी तारीफ करने की बजाय भाजपा नेता ऊलजलूल बयानबाजी कर रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता आदिवासियों के हितों का संरक्षण करने की सलाह दे रहे हैं। सच ये है कि रमन सरकार ने आदिवासियों की जमीन जबरन छीनकर उद्योगपतियों को आवंटित कर दी थी, मगर वहां कई साल तक उद्योग नहीं लगाया गया। भूपेश सरकार ने आदिवासियों की जमीन वापस दिलाने का काम किया है। गरीब और भूमिहीन आदिवासियों को वन अधिकार पट्टा दिलाने का काम भूपेश सरकार ने किया है। देश में सबसे ज्यादा तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 4 हजार रुपए करने सहित 31 वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का ऐतिहासिक फैसला भी भूपेश सरकार की देन है। आदिवासी इलाकों में सबसे पहले हॉट क्लीनिक, सुपोषण अभियान चलाकर जैसी योजनाएं चलाकर स्वास्थ्य सुविधाएं और पौष्टिक भोजन देने की शुरुआत की गई। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह आदिवासी इलाकों में भी किसानों को कर्जमाफी, 25 सौ रुपए की दर से धान खरीदी और किसान न्याय योजना का फायदा मिला। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय सहित अन्य भाजपा नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर की सलाह मानकर ध्यान-योग करेंगे तो आत्मचिंतन करने में मदद मिलेगी। भाजपा नेताओं को पता चलेगा कि भूपेश सरकार ने आदिवासियों के हित में जितने फैसले किए हैं उतने फैसले किसी भी सरकार ने नहीं किए। भाजपा नेताओं को याद रखना चाहिए कि रमन सरकार के कार्यकाल में चरणपादुका और जर्सी गाय वितरण को लेकर हुए भ्रष्टाचार के साथ-साथ आदिवासियों के शोषण का सच अभी लोग भूले नहीं हैं।
खाना खजाना / शौर्यपथ / ईद-उल-अजहा के लाजवाब व्यंजन
शीरखुरमा
सामग्री :
100 ग्राम सेंवई, 1 टेबलस्पून घी, 3 लीटर दूध, 250 ग्राम शक्कर, 10-12 टेबलस्पून पिसा हुआ चावल, 4-5 हरी इलायची दाने पिसे हुए, 1 कप मिल्क पावडर, 100 ग्राम खारक रातभर पानी में भिगोकर रखे और बारीक कटे हुए, 50 ग्राम बादाम बारीक कटे हुए, 50 ग्राम किशमिश, 50 ग्राम पिस्ता, 50 ग्राम नारियल के बारीक कतले तथा 1 टेबलस्पून केवड़ा।
विधि :
सबसे पहले इलायची पावडर, चावल के पावडर तथा शकर को थोड़े से दूध में घोलकर रखें। घी को एक बड़े बर्तन में धीमी आंच पर गर्म करें। इस घी में सेंवई डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसे बार-बार पलटते रहें ताकि ये जले नहीं। अब भूरी हो गई सेंवई को एक प्लेट में अलग निकालकर रख दें। उसी बर्तन में अब दूध डाल दें और उबालें।
उबलते दूध में इलायची पावडर, शकर तथा पिसा हुआ चावल डाल दें। दूध को मध्यम आंच पर गाढ़ा होने तक उबालें और बीच में चलाते रहें। अब इसमें खारक, बादाम, किशमिश, पिस्ता, नारियल तथा सेंवई डाल दें। सेंवई के नर्म होने तक इसे पकाएँ। अब आँच पर से उताकर केवड़ा डालें और थोड़े और ड्राययफ्रूट्स से सजाकर पेश करें।
चिकन सैंडविच विद बटर
सामग्री :
8 स्लाइस डबल रोटी, 1 कप छोटे टुकड़ों में कटा व पका हुआ चिकन, 1 बड़ा प्याज बारीक कटा हुआ, आधा कप हरा धनिया, 3 हरी मिर्च बारीक कटी, चौथाई कप मेयोनेज, चौथाई कप खट्टी मलाई, मक्खन, स्वादानुसार नमक।
विधि :
सबसे पहले डबल रोटी पर मक्खन लगाएं। फिर चिकन में प्याज, हरी मिर्च, नमक, मलाई और मेयोनेज मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें।
इस मिश्रण को मक्खन लगी डबल रोटी पर लगाएं और दूसरी डबल रोटी से उसे कवर करें। सैंडविच को टोस्टर में रखकर सेंकें और मूली और गाजर के साथ सर्व करें।
मसालेदार चिकन बिरयानी
सामग्री :
एक किलो चिकन, एक किलो बासमती चावल, 250 ग्राम रिफाइंड तेल, 500 ग्राम कटा प्याज, 500 ग्राम कटे टमाटर, एक कप दही, 10-15 हरी मिर्च लंबी कटी हुई, पांच-पांच ग्राम दालचीनी, इलायची व लौंग, एक बड़ा चम्मच लहसुन-अदरक का पेस्ट, दो लीटर पानी, नमक स्वादानुसार।
विधि :
सबसे पहले चावल को साफ करके आधे घंटे के लिए पानी में भिगो दें। चिकन को बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें। आवश्यक मात्रा में तेल गर्म करके प्याज भूनें। अब हरी मिर्च, इलायची, दालचीनी, लौंग मिलाए तथा भून लें।
प्याज सुनहरे हो जाने के पश्चात लहसुन-अदरक का पेस्ट और टमाटर डालकर सभी को भूनें। चिकन के टुकड़े, दही, नमक डालें। चिकन को पकने दें। अब चावल और आवश्यकतानुसार करीब दो लीटर पानी डालें तथा पकने दें। अब अच्छी तरह मिलाकर ढक्कन बंद करके चावलों को पकने दें।
मसालेदार चिकन चॉप्स
सामग्री :
4 मध्यम आकार के चिकन के टुकड़े, 4 हरी मिर्च, एक मध्यम आकार का प्याज, 1 बड़ा चम्मच बारीक कटा अदरक-लहसुन, आधा छोटा चम्मच पेपर कॉर्न, एक चुटकी हल्दी पावडर, आधा कप बारीक कटा हरा धनिया, एक बड़ा चम्मच घी और स्वादानुसार नमक।
विधि :
चिकन को लेकर उसके सभी तरफ छुरी की सहायता से चीरा लगाएं और अलग रखें। अब जार में कटी प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक-लहसुन, पेपर कॉर्न, हल्दी और नमक मिला कर मिक्सर ग्राइंडर में पीसें और एक पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को चिकन के साथ अच्छी तरह से मिलाएं और एक घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अब एक फ्राइंग पैन में तेल गर्म होने के लिए रखें। जब तेल अच्छा गर्म हो जाए तब इसमें चिकन के टुकड़े डालें और मध्यम आंच पर 10 मिनट तक पकाएं।
इसके बाद इसे ढंक दें और तीन मिनट तक या फिर चिकन के नर्म होने तक धीमी आंच पर पकाएं। ताजे हरे धनिए की पत्तियों और तली हुई प्याज के साथ परोंसे।
सीक कबाब
ईद-उल-अजहा के खास मौके पर सीक कबाब बनना भी लाजिमी है। कई सारे खुशबूदार मसालों से तैयार सीक कबाब का स्वाद ऐसा होता है कि एक बार खाने के बाद इसका स्वाद भूल नहीं पाएंगे आप। इसको बनाने के लिए चिकन के बहुत ही बारीक पीस में मसाले मिलाकर कबाब तैयार किए जाते हैं और उन्हें चटनी के साथ परोसा जाता है। यह व्यंजन हर किसी को पसंद आता है।
लाजवाब हैदराबादी मटन
सामग्री :
500 ग्राम मटन, दो प्याज, एक टमाटर, दो बड़े चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, तीन हरी मिर्च, दो बड़े चम्मच किसा नारियल, पाव चम्मच हल्दी, दो चम्मच धनिया पावडर, आधा चम्मच जीरा पावडर, एक चम्मच लाल मिर्च पावडर, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला, एक कप दही, एक दालचीनी का टुकड़ा, 4 लौंग, दो हरी इलाइची, एक तेज पत्ता, एक बड़ा चम्मच खसखस, थोड़ी-सी केसर, एक बड़ा चम्मच क्रीम, दो बड़े चम्मच तेल, एक बड़ा चम्मच घी और स्वादानुसार नमक।
विधि :
सबसे पहले मटन को अच्छी तरह साफ कर लें। अब एक बड़े चम्मच कुनकुने दूध में केसर को भिगाकर रखें। खसखस को 10 मिनट तक पानी में भिगाकर रखें। अब मटन के टुकड़ों को एक बड़े कटोरे में लें, इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, लाल मिर्च, धनिया तथा जीरा पावडर और दही मिलाएं। अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे एक घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
अब खसखस और किसे हुए नारियल को पीस कर इसका पेस्ट बना लें। एक कड़ाही में तेल और घी गर्म करें। जब यह उबलने लगे तब इसमें सारे मसाले मिला दें और थोड़ी देर पकाएं। फिर इमसें प्याज डालें और सुनहरा-भूरा होने तक पकाएं।
तत्पश्चात इसमें टमाटर डालें और तेल छोड़ने तक पकाएं। इसके बाद इसमें मटन डालें और अच्छी तरह मिलाएं। इसे ढक्कन से ढंक कर धीमी आंच पर ग्रेवी के गाढ़े होने तक पकाएं। फिर इसमें खसखस और नारियल का पेस्ट डालें और अच्छे से मिलाएं। फिर से इसे ढंके और 2 मिनट तक पकाएं। अब इसमें 1½ कप पानी मिलाएं और उबलने दें। जब यह उबलने लगे तब इसमें स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
धीमी आंच पर ढंक कर इसे मटन के नर्म होने तक पकाएं और जब ग्रेवी आपकी इच्छानुसार गाढ़ी हो जाए, तब इसमें गरम मसाला डालकर अच्छे से मिलाएं। फिर इसमें दूध में भीगा हुआ केसर मिलाएं और आंच बंद कर दें। कटे हुए बादाम और हरे धनिए से सजा कर परोसें।
स्वीटकॉर्न चिकन सूप
सामग्री :
उबला हुआ चिकन 250 ग्राम, 4 भुट्टे, 2 चम्मच मक्खन, 1 प्याज कद्दूकस किया हुआ, 1 ली. पानी, 40 ग्राम कॉर्नफ्लोर (पानी मिला कर तैयार किया गया पेस्ट), नमक और काली मिर्च स्वादानुसार, 1 चम्मच शक्कर, 1 चम्मच अजीनोमोटो, 2 चम्मच सफेद विनेगर।
विधि :
चार में से तीन भुट्टे बारीक पीस लें। एक भुट्टे के बारीक टुकड़े काट लें और पीसे हुए भुट्टे में मिलाकर रख दें। अब एक पेन में मक्खन डालकर कद्दूकस प्याज तलकर उसमें भुट्टे का मिश्रण और उबला हुआ चिकन मिला लें।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ /आमतौर पर महिलाएं व लड़कियां अपनी त्वचा की रंगत निखारने के लिए पार्लर में ब्लीच करवाती है या कई बार घर पर खुद ही करती है। अगर आप भी घर पर खुद से ब्लीच करती हैं तो ये 10 बातें आपको जरूर जानना चाहिए -
1. चेहरे को साफ-सुथरा व कांतिमय बनाने के लिए 'ब्लीच' एक बेहतर विकल्प है। ब्लीच आपकी त्वचा के अनचाहे बालों को छिपाने के साथ ही त्वचा में सोने सा निखार भी लाता है।
2. ब्लीच का इस्तेमाल हाथ, पैर व पेट पर भी वेक्स के विकल्प के रूप में किया जा सकता है।
3. ध्यान रहे ब्लीच में अमोनिया की मात्रा निर्देशानुसार ही मिलाए। इसमें अमोनिया की अधिक मात्रा आपके चेहरे को नुकसान पहुंचा सकती है।
4. इसे लगाते समय बस इस बात का जरूर ध्यान रखें कि यदि यह आंखों के ऊपर लग गया तो बहुत अधिक नुकसानदेह हो सकता है। बेहतर होगा कि आप इसे आंखों व आई ब्रो पर नहीं लगाएं।
5. आजकल बाजार में कई प्रकार की कंपनियों के ब्लीच उपलब्ध हैं, जिनके ट्रायल पैक का इस्तेमाल कर आप उन्हें अपनी स्कीन पर आजमा सकती है।
6. बॉक्स पर दिए गए निर्देशानुसार ही ब्लीच क्रीम में अमोनिया पावडर की मात्रा डालें।
7. क्रीम और पावडर के इस मिश्रण को पहले कोहनी पर या अन्य जगह पर लगाकर देखें।
8. त्वचा में अधिक जलन होने पर मिश्रण में क्रीम की मात्रा बढ़ाएं।
9. हमेशा ब्रांडेड कंपनी का ही ब्लीच इस्तेमाल करें।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / कोरोनावायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिग रखी जा रही हैं। वहीं राखी का त्योहार भी नजदीक है, ऐसे में महिलाएं पार्लर जानें से बचना चाहती है, लेकिन बढ़ी हुई आईब्रो भी उन्हें काफी परेशान कर रही हैं। यदि आप भी चाहती है। बिना पार्लर जाएं घर में आइब्रो को सही शेप देना। तो ये लेख आपके लिए हैं। तो आइए जानते है कुछ खास टिप्स जिसकी मदद से आप बिना पार्लर का रूख किए घर में ही अपनी आईब्रो को सही शेप दे सकती हैं।
सबसे पहले आप गुनगुने पानी से अपने चेहरे को धो लीजिए। अब इसे आईब्रो ब्रश के माध्यम से अच्छी तरह से साफ कर लें।
अब आपको अपनी त्वचा को एक हाथ से टाइट पकड़ना है। अब धीरे-धीरे अपने आईब्रो के बालों को आईब्रो प्लकर (tweezer) की मदद से निकालें। लेकिन इस बात का जरूर ध्यान दें कि आप एक-एक करके अपने आईब्रो के बालों को साफ करें ताकि आपको इससे ज्यादा तकलीफ न हो, क्योंकि ऐसे में त्वचा लाल भी पड़ सकती है। जब आप आईब्रो को साफ करें तो इस बात का ध्यान रखें कि आपको हेयर ग्रोथ के डायरेक्शन में ही इसे निकालना है।
अब लंबी आईब्रो को सेट करने के लिए आईब्रो कैंची का इस्तेमाल करें और इन्हें सही शेप में लाएं।
अब अपनी आईब्रो को ब्रश के माध्यम से चेक करें कि आपकी आईब्रो सही शेप में आई है या नहीं?
इस बात का जरूर ध्यान दें कि आपको रोज थोड़े-थोड़े आईब्रो के एक्स्ट्रा बालों को निकालना है। यदि आप एक साथ ऐसा करती हैं, तो आपकी त्वचा लाल पड़ सकती है। साथ ही ज्यादा ग्रोथ का इंतजार न करें, थोड़ी ही ग्रोथ में इन्हें साफ करना शुरू कर दें तो ही यह बेहतर है।
धर्म संसार / शौर्यपथ / महाभारत में भगवान श्री कृष्ण के बहुत सारे शत्रु थे जिसमें से सबसे बड़ा शत्रु तो मगध का शासक जरासंध था। हालांकि हम यहां सिर्फ उन लोगों के बारे में संक्षिप्त में बताएंगे तो भगवान श्रीक कृष्ण के रिश्तेदार होने के बावजूद उनके कट्टर शत्रु थे।
1.कंस मामा : भगवान कृष्ण का मामा था कंस। वह अपने पिता उग्रसेन को राज पद से हटाकर स्वयं शूरसेन जनपद का राजा बन बैठा था। कंस को मालूम था कि मेरी बहन देवकी का आठवां पुत्र मेरी मौत का कारण बनेगा। यही कारण था कि वह भगवान श्री कृष्ण को हर हाल में मारना चाहता था। बहुत प्रयास करने के बाद भी जब वह बाल कृष्ण को नहीं मार पाया तब योजना अनुसार कंस ने एक समारोह के अवसर पर कृष्ण तथा बलराम को आमंत्रित किया।
वह वहीं पर कृष्ण को मारना चाहता था, किंतु कृष्ण ने उस समारोह में कंस को बालों से पकड़कर उसकी गद्दी से खींचकर उसे भूमि पर पटक दिया और इसके बाद उसका वध कर दिया। कंस को मारने के बाद देवकी तथा वसुदेव को मुक्त किया और उन्होंने माता-पिता के चरणों में वंदना की। लेकिन इस एक घटना से जरासंध उनका कट्टर शत्रु बन गया, क्योंकि कंस जरासंध का जमाई था। जरासंध के कारण ही कृष्ण और कालयवन का युद्ध हुआ था।
2.शिशुपाल : शिशुपाल कृष्ण की बुआ का लड़का था। जब शिशुपाल का जन्म हुआ तब उसके 3 नेत्र तथा 4 भुजाएं थीं। वह गधे की तरह रो रहा था। तभी आकाशवाणी हुई कि बालक बहुत वीर होगा तथा उसकी मृत्यु का कारण वह व्यक्ति होगा जिसकी गोद में जाने पर बालक अपने भाल स्थित नेत्र तथा दो भुजाओं का परित्याग कर देगा। इस आकाशवाणी और उसके जन्म के विषय में जानकर अनेक वीर राजा उसे देखने आए। शिशुपाल के पिता ने बारी-बारी से सभी वीरों और राजाओं की गोद में बालक को दिया।
अंत में शिशुपाल के ममेरे भाई श्रीकृष्ण की गोद में जाते ही उसकी 2 भुजाएं पृथ्वी पर गिर गईं तथा ललाटवर्ती नेत्र ललाट में विलीन हो गया। इस पर बालक की माता ने दु:खी होकर श्रीकृष्ण से उसके प्राणों की रक्षा की मांग की। श्रीकृष्ण ने कहा कि मैं इसके 100 अपराधों को क्षमा करने का वचन देता हूं।
शिशुपाल के शत्रु होने के कई कारण थे। उनमें से एक कारण यह भी था कि शिशुपाल अपने मित्र रुक्म की बहन रुक्मणि से विवाह करता चाहता था। लेकिन वह ऐसा कर नहीं सकता। रुक्मणी ने भगवान श्रीकष्ण से विवाह किया था। कालांतर में शिशुपाल ने अनेक बार श्रीकृष्ण को अपमानित किया और उनको गाली दी, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें हर बार क्षमा कर दिया। अंत में एक सभा में जब शिशुपाल ने 100वां अपराध किया तब श्री कृष्ण ने अपने सुदर्शन से उसका सिर अलग कर दिया। शिशुपाल ने श्रीकृष्ण को मारने के लिए जरासंध से संधि कर रखी थी। जरासंध के साथ मिलकर उसने श्रीकृष्ण पर कई हमले किए थे।
3.दुर्योधन : भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मणा का हरण करके विवाह किया था। दुर्योधन भगवान श्रीकृष्ण का समधी था। ऐसे कई मौके आए जबकि भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन को शक्तिसंपन्न होने से रोक दिया। हालांकि दुर्योधन श्रीकृष्ण का शत्रु होने के बावजूद उनसे मित्रता रखता था। लेकिन उसने श्रीकृष्ण की मित्रता को उतना महत्व नहीं दिया जितना की कर्ण की मित्रता को दिया।
दुर्योधन ने तीन गलतियां की थी। पहली यह कि उसने श्रीकृष्क्ष की जगह उनकी नारायणी सेना का चयन किया। दूसरी यह कि अपनी माता के लाख कहने पर भी वह उनके सामने पेड़ के पत्तों से बना लंगोट पहनकर गया। तीसरी यह कि तीसरी और अंतीम गलती उसने की थी वो थी युद्ध में आखिर में जाने की भूल। यदि वह पहले ही जाता तो कई बातों को समझ सकता था और शायद उसके भाई और मित्रों की जान बच जाती। लेकिन श्रीकृष्ण ने दुर्योधन से कहा कि 'तुम्हारी हार का मुख्य कारण तुम्हारा अधर्मी व्यवहार और अपनी ही कुलवधू का वस्त्राहरण करवाना था। तुमने स्वतयं अपने कर्मों से अपना भाग्य लिखा।'
4.कर्ण : कुंति पुत्र कर्ण एक महान योद्ध था जो कौरवों की ओर से लड़ा था। कुंती श्रीकृष्ण के पिता वसुदेव की बहन और भगवान कृष्ण की बुआ थीं। कुंति का पुत्र होने के कारण कर्ण भगवान श्री कृष्ण का भाई था। कृष्ण के कारण ही कर्ण को अपने कवच और कुंडलों को इंद्र को दान देने पड़े थे। युद्ध के सत्रहवें दिन शल्य को कर्ण का सारथी बनाया गया। उस दिन कर्ण तथा अर्जुन के मध्य भयंकर युद्ध होता है। युद्ध के दौरान श्री कृष्ण अपने रथ को उस ओर ले जाते हैं जहां पास में ही दलदल होता है। कर्ण का सारथ यह देख नहीं बाता है और उसके रथ का एक पहिया दलदल में फंस जाता है।
रथ के फंसे हुए पहिये को कर्ण निकालने का प्रयास करते हैं। इसी मौके का लाभ उठाने के लिए श्रीकृष्ण अर्जुन से तीर चलाने को कहते हैं। बड़े ही बेमन से अर्जुन असहाय अवस्था में कर्ण का वध कर देता है। इसके बाद कौरव अपना उत्साह हार बैठते हैं। उनका मनोबल टूट जाता है। फिर शल्य प्रधान सेनापति बनाए जाते हैं, परंतु उनको भी युधिष्ठिर दिन के अंत में मार देते हैं। श्री कृष्ण ने अर्जुन को बचाने के लिए कई उपक्रम किए थे।
5.मित्रवन्दा : अवन्ती के राजा थे विन्द और अनुविन्द। उनकी बहिन मित्रविन्दा ने स्वयंवर में श्रीकृष्ण को ही अपना पति बनाना चाहा लेकिन उनके भाइयों ने रोक दिया, क्योंकि वे दुर्योधन के वशवर्ती तथा अनुयायी थे। वे चाहते थे कि उनकी बहिन का विवाह दुर्योधन से ही हो। मित्रविन्द श्रीकृष्ण की बुआराज्याधिदेवी की कन्या थी। राज्याधिदेवी की बहिन कुंति थी। इसका मतलब यह कि मित्रविन्दा श्रीकृष्ण की बहिन थी। भगवान श्रीकृष्ण राजाओं की भरी सभा में मित्रविन्दा का हरण कर ले गए। इस दौरान बलराम और श्रीकृष्ण को मित्रवन्दा के भाइयों से युद्ध भी करना पड़ा था।
6.रुक्म : महाभारत के अनुसार विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी के 5 भाई थे- रुक्म, रुक्मरथ, रुक्मबाहु, रुक्मकेस तथा रुक्ममाली। रुक्मिणी श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती थी लेकिन उसके भाई उसका विवाह शिशुपाल से करना चाहते थे। शिशुपाल का गहरा मित्र था रुक्म। रुक्म चाहता था कि उसकी बहन का विवाह चेदिराज शिशुपाल के साथ हो।
रुक्म ने माता-पिता के विरोध के बावजूद अपनी बहन का शिशुपाल के साथ रिश्ता तय कर विवाह की तैयारियां शुरू कर दी थीं। रुक्मिणी को जब इस बात का पता लगा, तो वह बड़ी दुखी हुई। उसने अपना निश्चय प्रकट करने के लिए एक ब्राह्मण को द्वारिका श्रीकृष्ण के पास भेजा। अंतत: रुक्म और शिशुपाल के विरोध के कारण ही श्रीकृष्ण को रुक्मिणी का हरण कर उनसे विवाह करना पड़ा। श्री कृष्ण को इस दौरान रुक्मी से युद्ध भी करना पड़ा था।
मनोरंजन / शौर्यपथ / डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने हाल ही में 7 बड़ी फ़िल्मों को अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ करने की घोषणा किया था। इस लिस्ट में कुणाल खेमू की फ़िल्म लूटकेस भी शामिल रहा जो अब रिलीज हो गई है। लुटकेस में मुख्य अभिनेता कुणाल खेमू के साथ गजराज राव, रसिका दुग्गल, रणवीर शौरी और विजय राज हैं। फिल्म राजेश कृष्णन द्वारा निर्देशित और फॉक्स स्टार स्टूडियो एवं सोडा फिल्म्स प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित है व राजेश कृष्णन और कपिल सावंत द्वारा लिखित है।
कहानी: एक प्रिंटिंग प्रेस में काम कर रहे नंदन कुमार (कुणाल खेमू) के लिए जीवन उस लकी मोड़ लेता है, जब उसके हाथ पैसों से भरा एक सूटकेस हाथ लगता है। इस बैग को देखकर नंदन अपने जीवन को लग्जरी बनाने के लिए सोचने लगता है इसे घर ले जाता है। लेकिन, क्या इस पैसे से उसकी यह उसकी मुसीबतों का अंत होगा या नए दुखों की शुरुआत होगी?।
कुणाल फिल्म में एक पति के साथ मजबूर पिता का भी वो रोल प्ले कर रहे हैं, जो मेहनत करके घर के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करता है और अपनी किस्मत से नाराज है और यह सूटकेस मिलने के बाद उसका जीवन में क्या होता है, ये आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।
स्टार कास्ट और एक्टिंग: फ़िल्म की स्टार कास्ट काफी मेज़दार है। सबसे ख़ास बात है कि विजय राज एक बार फिर डॉन के किरदार में नज़र आए। उनका किरदार काफी मज़ेदार लग रहा है जो आपको पसंद आएगा। वहीं, गजराज राव नेता की भूमिका में हैं। रणवीर शौरी का किरदार मुंबई पुलिस में एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट है। रसिका दुग्गल कुणाल खेमू की जोड़ी आपको पसंद आएगी। वहीं कुणाल के एक्टिंग आपको कभी हंसाएगी तो कभी रुलाएगी। फिल्म में है और सबका किरदार मजेदार है।
कैसी है फिल्म: फिल्म की कहानी एक नेता पर आधारित है जिसमे काले धन को दिखाया गया है। वैसे तो कई बॉलीवुड फिल्मे इस विषय पर बन चुकी है, लेकिन इस फिल्म को कुछ अलग तरीके से पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म के डायलॉग काफी शानदार है, फिल्म में आपको अच्छा खासा ह्यूमर देखने को मिला, फिल्म काफी साफ-सुथरा बनाया गया है, जिसे आप अपने परिवार के साथ भी देख सकते है। फिल्म कॉमेडी के साथ साथ क्राइम को भी छूती हैं। कहानी एक बैग के अंदर भरे पैसों की है, जिसे लेकर स्टोरी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। यह कहानी कई किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है जो आपको कई बातों से रूबरू करवाएंगी।
दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग cmo कार्यालय (स्वास्थ्य अधिकारी ) के सामने पुराने कुएं की सफाई के दौरान कटा हुआ सर मिलने से हड़कम्प मच गया । खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस व सिटी एस पी मौके पर पहुंच गए व कटे हुए सर को कब्जे में लेकर कुएं में शरीर के बाकी हिस्से की तलाश की जा रही है ।
केभर लिखे जाने तक पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में कुएं में शरीर के बाकी हिस्से की तलाश जारी है । कटा हुआ सर किसका है इस बारे में कोई जानकारी प्राप्त नही हुई ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
