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- प्रशासनिक सक्रियता के चलते युद्धस्तर की तैयारी पर खड़ा हुआ कोविड कंट्रोल सिस्टम, कोविड संकट से निपटने प्रशासन तैयार
दुर्ग / शौर्यपथ / कोविड जैसी असाधारण विपदा से लड़ने के लिए प्रशासन ने भी असाधारण रूप से रिस्पांस किया है। पूरी रणनीति के साथ युद्धस्तर से की गई तैयारी से दुर्ग न केवल कोरोना से लड़ने में सक्षम है अपितु आगे किसी भी संकट से निपटने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है। लाकडाउन के खुलने के पश्चात तेजी से बढ़े संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संकट से निपटने के लिए सभी मोर्चों पर व्यापक तैयारियां की हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने सात सूत्र निर्धारित किए थे जिस पर तेजी से काम हो रहा है। इन पर तेजी से काम हुआ है और अब स्थिति यह है कि संकट से निपटने के लिए पूरा तंत्र खड़ा है सक्रिय है और तेजी से काम कर रहा है।
पहले सौ टेस्ट होते थे अब ग्यारह सौ- सबसे पहले संक्रमण को थामने के लिए ज्यादा टेस्टिंग करना लक्ष्य था। इस पर कमाल का काम हुआ। पहले जिले में टेस्टिंग की क्षमता सौ थी। इसे बढ़ाना प्रमुख लक्ष्य था। इस पर काम हुआ और लगभग ग्यारह गुना प्रगति हुई। पहले सौ टेस्ट होते थे। जून महीने से टेस्टिंग बढ़ाई गई ग्यारह सौ टेस्ट हर दिन हो रहे हैं। इसके लिए अधोसंरचना खड़ी करने भरपूर मेहनत की गई। इसके लिए लैब टेस्टिंग जरूरी थी। 30 लैब टेक्निीशियन की नियुक्ति की गई। टेस्टिंग के लिए 2 ट्रू नाट मशीन लगाई गई। रात दिन टेस्टिंग पर काम हुआ।

ढाई लाख घरों में हुआ सर्वे- अब तक का सबसे बड़ा अभियान सर्वे को लेकर चलाया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं नगरीय निकाय के कर्मचारियों ने, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने इस दिशा में महती कार्य किया। इसके लिए दो सौ दल बनाये गए। ढाई लाख घरों में सर्वे किया गया। इन सबका डाटा बेस बनाया गया। सर्वे में डाटा बेस के माध्यम से बाद में भी फोन में लगातार संपर्क किया गया। सर्वे के पश्चात फीवर वाले केस चिन्हांकित कर बारह सौ सैंपल लिये गए।
होम क्वारंटीन के लिए लगाये गए दल- होम क्वारंटीन के 4 हजार लोगों की मानिटरिंग के लिए भी दल लगाये गए। इनकी रिपोर्ट हर दिन नोडल अधिकारी लेते रहे। इसके साथ ही 160 लोग पेड क्वारंटीन में हैं जिनकी मानिटरिंग भी की गई।
इलाज के लिए अभी 1550 बेड के अस्पताल की सुविधा, इतने ही बेड किये जा रहे तैयार- पूरे जिले में 1550 बेड के अस्पताल तैयार हैं। इसके साथ ही 1550 बेड और तैयार किये जा रहे हैं। कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। भारत सरकार के आरोग्य सेतु पोर्टल से संभावित संक्रमितों की सूची बनाकर उन्हें काल किया जा रहा है।

अतिरिक्त मैनपावर भी लगाया गया- इस विपदा से निपटने के लिए बड़ा वर्कफोस जिला प्रशासन द्वारा लगाया गया है। कोविड के संक्रमण को रोकने रूटीन स्टाफ के अलावा 20 डाक्टर, 5 स्टाफ नर्स एवं 25 सफाई कर्मियों की अतिरिक्त नियुक्ति की गई है। कलेक्टर ने हेल्थ डिपार्टमेंट को निर्देश दिये हैं कि कोरोना संक्रमण को रोकने किसी भी तरह से दक्ष मैनपावर की कमी नहीं होनी चाहिए।
इधर पुलिस और प्रशासन का बड़ा अमला लाकडाउन की मानिटरिंग के लिए लगाया- पुलिस और निगम प्रशासन का बड़ा अमला लाकडाउन की मानिटरिंग में लगा है। इससे लाकडाउन पूरी तरह सफल रहा है। बेवजह निकलने वालों पर नियमतः कार्रवाई की जा रही है।

सभी के फीडबैक से हो रहा काम- कोरोना संक्रमण से निपटने जनसामान्य से, विभिन्न सामाजिक राजनीतिक, आर्थिक संगठनों से अच्छे फीडबैक मिले हैं। जिला प्रशासन लगातार इनके संपर्क में है। सभी के फीडबैक से एवं समन्वय से दुर्ग जिले में लाकडाउन अब तक सफल रहा है और कोरोना की बड़ी विपदा के बावजूद जिला इसे नियंत्रित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रहा है।
ख्हस बात ...
कोविड जैसी विपदा सौ साल में एक बार आती है। nuclear bomb की श्रृंखला अभिक्रिया की तरह ही जब केस बढ़ते हैं तो विस्फोट की तरह बढ़ते हैं। ऐसे में इतनी संख्या में मरीजों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना आसान काम नहीं है। इसके बावजूद अभी 3 हजार की कोविड कैपेसिटी का तंत्र खड़ा कर लिया गया है। इसके लिए कोरोना वारियर्स रात दिन काम कर रहे हैं। नई नियुक्ति भी की गई। गाड़ियां भी लगाई गई। सबसे बड़ा कार्य सर्वे को लेकर और टेस्टिंग को लेकर है।
इसमें सबसे बड़ी भूमिका कोरोना वारियर की है। घर घर घूमने वाली आंगनबाडी कार्यकर्ता जिन्होंने इतने कम समय मे ढाई लाख सर्वे कर लिए। हेल्थ वर्कर जो खुद संक्रमित हो गए। पुलिस जवान जो सबसे ज्यादा शिकार हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के कसारीडीह, डिपरापारा, शिवनगर सहित ग्राम-सिलोदा, महमरा, विनायकपुर, खपरी, कुठेलाभाठा बररहापुर, नंदवाय, गोता, खर्रा, कुम्हारी वार्ड-9 एवं 11,ग्राम मेड़ेसरा, चीचा, अहिवारा के वार्ड-7 एवं 4, ग्राम करेला भरर, अखरा एवं पाटन के वार्ड-38 कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। नया कोरोना पाॅजिटिव केस पाये जाने पर संबंधित क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के परिणामस्वरूप कन्टेनमेंट जोन में चिन्हांकित क्षेत्र में सभी प्रकार के दुकानें व वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेगी। इसके अलावा सभी प्रकार की वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किसी भी कारण से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित होगा। उक्त क्षेत्र की निगरानी पुलिस विभाग के द्वारा पेट्रोलिंग कर की जावेगी। जिला चिकित्सालय व स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य की निगरानी के साथ ही निर्देशानुसार सेम्पल की जांच की जायेगी।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई स्टील प्लांट के अंदर चल रहे अनफिट और कंडम वाहनों की जांच होगी। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने जांच के लिए बीएसपी प्रबंधन को पत्र लिखा है और जवाब मांगा है। अब ऐसे लग रहा है कि जल्द ही बीएसपी में सालों से चल रहे इस भ्रष्टाचार का जल्द ही खात्मा होने वाला है और सरकार को नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारियों पर भी बड़ी कार्यवाही होने की भी संभावना नजर आ रही। आरटीओ दुर्ग ने पत्र में कहा है कि बीएसपी के अंदर स्वयं संयंत्र के वाहनों के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से भारी माल वाहन व अन्य भारी वाहन संचालित हो रहे हैं।
इन वाहनों में दस्तावेज, फिटनेस और बिना पंजीयन के कई वाहन संचालित होने के कारण राज्य शासन को राजस्व की बड़ी हानि की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है। इसके लिए प्रवर्तन टीम द्वारा जांच के लिए पूर्व में जनवरी और फरवरी 2020 में संयंत्र के अंदर जाने का प्रयास किया गया परन्तु प्रबंधन द्वारा अनुमति नहीं दी गई। इसलिए जांच नहीं हो पाई। अभी दोबारा शिकायत मिली है जिसकी जांच होनी है। इसलिए प्रवेश की अनुमति दे।
गौरतलब है कि भिलाई नगर विधायक व मेयर देवेंद्र यादव ने कल ही बीएसपी में चल रहे कंडम वाहनों और बिना परमिट आदि के बिना चल रहे गैर कानूनी कार्य करने वालो के खिलाफ सीएम को पत्र लिख कर शिकायत किये थे। । देवेंद्र ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखकर कहे थे कि भिलाई इस्पात संयत्र में अधिकारियों की सांठगांठ से निजी वाहन व सैकड़ों कंडम वाहन चल रहे हैं।
इनमें ट्रेवल एजेंसी द्वारा अधिकारियों की सेवा में लगाए गए वाहनों से लेकर भारी वाहन भी शामिल हैं। संयंत्र में ऐसे कई वाहन चल रहे हैं जिनकी न तो फिटनेस सही है और न ही वे मानकों पर खरे उतरते हैं। केवल अधिकारियों की मिलीभगत से इन वाहनों का संचालन हो रहा है। देवेन्द्र ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों व कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मेयर देवेन्द्र ने पत्र में लिखा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में विभिन्न टूर एवं ट्रेवल्स के माध्यम से संचालित वाहन टैक्सी परमिट के स्थान पर संयंत्र के उच्च अधिकारियोंं की सांठगांठ से निजी वाहन संलग्र कर संचालित किए जा रहे हैं।
वहीं संयंत्र के भीतर काफी संख्या में भारी वाहन ट्रक, डंफर, जेसीबी आदि बिना पंजीयन व फिटनेस के लंबे समय से अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित हो रहे हैं। इससे संयंत्र के भीतर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
साथ ही वाहनों का परमिट व पंजीयन शुल्क राज्य सरकार को नहीं मिल पा रहा है। जिससे सरकार को वर्षों से राजस्व की हानि हो रही है।विधायक व महापौर देवेन्द्र यादव ने पत्र के माध्यम से सीएम भूपेश बघेल से कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में चल रहे वाहनों की जांच कराई जाए। राजस्व हानि को लेकर स्थानीय प्रशासन से जांच कराने के बाद संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में बीते दिन श्री शिवम् माल दुर्ग में कोरोना संक्रमित आधा दर्ज़न से ज्यादा संक्रमित कर्मचारी मिले जिसके बाद भी श्री शिवम् के संचालको द्वारा शासन के नियमो की धज्जी उड़ाते हुए मॉल के अन्दर 4 - 5 लोगो के रहने की व्यवस्था कर राखी थी जबकि शासन के नियमो के अनुसार माल को कन्तेंमेंट घोषित कर आवाजाही पूर्ण बंद रखने के निर्देश है इस बारे में दुर्ग जिला प्रेस क्लब के सदस्यों को सुचना मिलते ही सर्वप्रथम माल की वास्तु स्थिति देखि जिसमे सुचना सही पायी गयी तातुप्रांत इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर से चर्चा करने पर ज्ञात हुआ कि मरीज मिलने के बाद बिल्डिंग को कन्टेनमेंट घोषित किया जाना है जिसकी जवाब्वाब्दारी निगम प्रशासन की होती है . इस बारे में जब दुर्ग निगम आयुक्त से चर्चा की गयी तो उनके द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए निगम अमला को बाज़ार प्रभारी दुर्गेश गुप्ता के नेत्रित्व में भेज कर श्री शिवम माल के संचालक अजय भट्टर को मौके पर बुलाया गया और जुर्माना की कार्यवाही की गयी इस मुहीम में दुर्ग जिला प्रेस क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए आयुक्त ने कहा कि जानकारी मिलते ही कार्यवाही की जाएगी .

नगर पालिक निगम दुर्ग का अमला आज नगर निगम सीमा क्षेत्र में लाॅकडाउन के नियमों का उलंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुये 47 लोगों पर जुर्माने की कार्यवाही कर 22,460 रुपये जुर्माना वसूल किया गया। इस दौरान उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लाॅकडाउन का पालन करने निर्देश दिये गये। स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, स्वच्छता निरीक्षक जसवीर सिंह भुवाल, मेनसिंग मंडावी, राजेन्द्र सराटे, थान सिंग यादव सहित पूरी टीम शहर के अनेक क्षेत्रों में भ्रमण कर आम जनता को अर्लट किया और जुर्माने की कार्यवाही की ।
उल्लेखनी है कि राज्य शासन के निर्देश पर दुर्ग शहर में लाॅकडाउन का आज पांचवा दिन है । जिला प्रशासन और निगम प्रशासन द्वारा बार-बार अनुरोध अपील करने के बाद भी आम नागरिक लाॅकडाउन का पालन नहीं कर रहें। इस संबंध में जागरुक जनता व मिडिया की सूचना पर निगम स्वास्थ्य विभाग अमला द्वारा श्रीशिवम माॅल का निरीक्षण किया गया। माॅल में रेसीडंसियल आवाजी चालू रखा गया था जबकि यहाॅ कोरोना पाॅजिटिव वर्कर मिलने के बाद माॅल को बंद कर दिया गया है। परन्तु उसका रेसीडेंसियल उपयोग किया जा रहा था जिसके कारण आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार संचालक पर 10000 रु0 जुर्माना किया गया। इसी प्रकार जिला चिकित्सालय परिसर में ज्ञानी केटिंन संचालित किया जा रहा है जिन्हें 3000 रु0, वहीं निगम से निर्मित रैन बसेरा में शीलू देवी साहू द्वारा चाय नाश्ता का स्टाल चलाया जा रहा था जिसे 2000 रु0 जुर्माना किया गया। इसी प्रकार निगम सीमा क्षेत्र के इंदिरा मार्केट, अग्रसेन चैक, चंडी मंदिर चैक आदि जगहों पर 39 लोगांे द्वारा मास्क नहीं लगाये मिले जिनसे 50 रु0 से 100 रु0 जुर्माना लगाया । बाजार क्षेत्रों में निर्धारित समय से अधिक समय पर व्यवसाय करने वाले चार लोगों से 500 से 3000 रु0 तक जुर्माना लिये गये। निगम आयुक्त श्री बर्मन ने आम नागरिकों से अपील कर कहा कि दुर्ग जिला और शहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुये पूर्ण लाॅकडाउन का पालन अवश्य करें। बिना काम के घर से बाहन न निकलें, मास्क और सेनिटाईजर का उपयोग करें, सोशल डिस्टेंस बना कर रखें। उन्होनें कहा कोरोना संक्रमण का चेन तोड़ना ही संक्रमण का सही ईलाज हैं। अतः नगर निगम को सहयोग प्रदान करें, स्वच्छत रहें सुरक्षित रहें।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग गंजपारा निवासी अधिवक्ता मीनल जायसवाल ने आज अपने जन्मदिन पर पौधरोपण कर दुर्ग ब्लड बैंक पहुँच रक्तदान किया व अपने देहदान व नेत्रदान की वसीयत नवदृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत भाटिया,राज आढ़तिया,मुकेश राठी, संतोष राजपुरोहित,सुरेश जैन ,हरमन दुलाई,जितेंद्र हासवानी,रितेश जैन को सौंपी,मीनल ने कहा इसके लिए उन्होंने अपनी बहन आशा सिन्हा,शोभा सिन्हा व अपने सीनियर सुखदेव सिंह भोगल से चर्चा कर देहदान की घोषणा की है,वह चाहती हैं जीते जी भी किसी का भला कर सकें व दुनिया से जाने के बाद भी यदि उनकी वजह से किसी का भला होता है तो उन्हें सुकून मिलेगा,मुकेश राठी के पड़ोस में रहने वाली मीनल कई दिनों से देहदान करना चाहती थी आज जन्मदिन पर मुकेश की सलाह पर उन्होंने घोषणा की,कुलवंत भाटिया ने कहा मीनल अन्य क्षेत्रों में सकीय हैं अतः उनके देहदान से बहुत से लोग प्रेरणा लेंगे उनके माता पिता का स्वर्गवास हो चूका है ऐसे में उनका स्वयं निर्णय लेना साहसिक है,राज आढ़तिया ने उन्हें हर तीन महीने में रक्तदान कर स्वस्थ रहने की सलाह दी,संस्था के सदस्यों ने मीनल को प्रशस्ति पात्र दे सम्मानित किया व उनका उत्साह बढ़ाया ,
नवदृष्टि फाउंडेशन के अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया,राज आढ़तिया,प्रवीण तिवारी,मुकेश आढ़तिया,हरमन दुलई,प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी,सत्येंद्र राजपूत,गोपी रंजन दास,धर्मेंद्र शाह, पियूष मालवीय, मुकेश राठी, संतोष राजपुरोहित, किरण भंडारी, चेतन जैन, चन्दन मिश्रा, यतीन्द्र चावड़ा, नत्थू अग्रवाल, खुर्शीद अहमद, आकाश मसीह, अनुराग तैलंग, वीरेंद्र पाली, अभय माहेश्वरी , प्रफुल्ल जोशी, संजीव श्रीवास्तव, विवेक साहू , शैलेश कारिया, हरपाल सिंह, मनीष जोशी, प्रसाद राव, दीपक बंसल ने मीनल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.
कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए 750 से अधिक बिस्तर का कोविड केयर सेंटर कचांदुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर में हो रहा तैयार , कलेक्टर डॉ. भुरे और निगम आयुक्त ने मेडिकल कालेज कैंपस का लिया जायजा
भिलाई नगर / शौर्यपथ / कचांदुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कालेज में जल्द ही कोरोना से संक्रमित बिना लक्षण वाले मरीजों का इलाज आरंभ हो जाएगा। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने मेडिकल कालेज हास्पिटल का निरीक्षण किया। वे लगभग तीन घंटे सेंटर में रहे और उन्होंने कोविड केयर सेंटर से जुड़ी हुई अधोसंरचनाओं का अवलोकन किया। तैयारियों से उन्होंने संतुष्टि जताई। उन्होंने हास्पिटल के संपूर्ण वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में वेंटीलेशन की सुविधा से लेकर खिड़की, दरवाजे, टायलेट और बेड आदि की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने हर वार्ड में हैंड सैनेटाइजर और हैंडवाश रखने की उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिये। कलेक्टर ने कैंपस में कोरोना वारियर्स की सुरक्षा के लिए इंतजाम भी देखे। इसके लिए उन्होंने पीपीई किट की उपलब्धता एवं कोविड वारियर्स की संक्रमण से सुरक्षा के लिए अन्य आवश्यक उपायों का अवलोकन किया।
भिलाई आयुक्त रघुवंशी के निर्देश पर निगम अमला संपूर्ण तैयारियों में जुटा हुआ है स्वयं निगम आयुक्त कैंपस मे उपस्थित रहकर व्यवस्था संभाले हुए हैं! महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने जिले में कोरोना के संक्रमण को ध्यान को रखते हुए सीसीएम मेडिकल कालेज को कोविड केयर सेंटर बनाए जाने को लेकर पहल की थी। कलेक्टर के निर्देश पर निगम प्रशासन की टीम पिछले तीन दिन से कचांदुर स्थित सीसीएम मेडिकल काॅलेज को कोविड केयर सेंटर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। वार्ड की साफ-सफाई से लेकर अन्य कार्य को पूरा करने में जुटी हुई है ताकि मेडिकल काॅलेज को पूर्ण रूप से कोविड हास्पिटल के रूप में तब्दील किया जा सके और यहां भर्ती होने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार से परेशानी का सामना न करना पड़े।
750 से अधिक बेड की होगी व्यवस्था-
सीएचएमओ ने बताया कि मेडिकल काॅलेज परिसर में सिर्फ कोरोना से संक्रमित बिना लक्षणों वाले मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। मेडिकल काॅलेज तीन मंजिला है। जहां कुल 22 वार्ड है। इस कैंपस में और भी रिक्त अन्य कमरों का उपयोग किया जाएगा!

मेडिकल काॅलेज कैंपस की सीसीटीवी से होगी निगरानी
मेडिकल कॉलेज कैंपस सीसीटीवी से लैस होगा। प्रवेश द्वार से लेकर वार्डों के गतिविधियों की सीसीटीवी कैमरे से मानिटरिंग किया जाएगा। चिकित्सकों की टीम कैमरे के माध्यम से 24 घंटे भर्ती मरीजों पर नजर रखेंगे। निगम प्रशासन ने चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हाॅस्टल में चिकित्सकों के ठहरने की व्यवस्था भी किया गया है। डॉफिंग एरिया भी हुई निर्मित चिकित्सकों के लिए डॉफिंग एरिया तैयार किया गया है, जहां पर प्रवेश एवं निकास के दौरान पीपीई किट इत्यादि सुरक्षात्मक तरीके से अपना सकेंगे!
राज्य सरकार से ईष्या में जनता से दुश्मनी निकाल रहे भाजपाई
सवाल पूछने का इतना ही शौक तो मोदी से पूछे देश मे इतने मरीज क्यो बढ़ रहे
रायपुर /शौर्यपथ / नेता प्रतिपक्ष धर्मलाल कौशिक सहित भाजपा नेताओं द्वारा कोरोना को ले कर की जा रही बयान बाजी को कांग्रेस ने गैर जिम्मेदाराना बताया है।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के नेता राजनैतिक विद्वेष के कारण गलत बयानी कर जनता में कोरोना के प्रति और भय फैला रहे है । राज्य सरकार कोरोना की रोकथाम और पीड़ितों के इलाज के पूरे इंतजाम कर रही है ।प्रदेश में जांच के व्यापक इंतजाम किए गए है ।मरीजो के इलाज के लिए राज्य के सभी जिला अस्पतालों ,प्रदेश के सभी 6मेडिकल कालेजों सहित अम्बेडकर अस्पताल ,एम्स के अलावा माना कोविड अस्पताल ,राजधानी के इनडोर स्टेडियम तथा रावभाठा के इएसआईसी के अस्पताल में कोविड के इलाज की व्यवस्था की गई है प्रदेश में 140 कोविड सेंटर की भी व्यवस्था की गई है ।राज्य में लगभग 22000 बेड कोविड के लिए उपलब्ध है। राज्य सरकार ने कोविड से इलाज और बचाव के पुख्ता इंतजाम किए है । बढ़ते संक्रमण की रोक थाम के लिए राज्य के संक्रमण वाले जिलो में लॉक डाउन भी लगाया गया है ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के नेता संकट के इस समय भी राजनीति करने से बाज नही आ रहे ।सकारात्मक सहयोग करने के बजाय तथ्यहीन झूठे आरोप लगा राज्य में मरीजो के इलाज की प्रयाप्त व्यवस्था नही होने की गलत जानकारियो के बयान दे कर भय का माहौल पैदा कर रहे हैं ।जबकि राज्य में सभी मरीजो के इलाज की पूरी व्यवस्था है सबके बेहतर इलाज हो भी रहे है ।
राज्य सरकार के प्रभावी इंतजाम का ही नतीजा है आज छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजो का रिकवरी रेट देश के राष्ट्रीय औसत से अधिक है।छत्तीसगढ़ में मृत्यु दर भी देश के अन्य राज्यो की अपेक्षा बहुत कम है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेताओं को सवाल पूछने का इतना ही शौक है तो वे देश के प्रधान मंत्री से सवाल पूछे जब पूरे देश मे कोरोना के पांच हजार भी मरीज नही मीले थे तब तो मोदी सुबह शाम टीवी चैनलों पर आ कर चिंता व्यक्त करते थे आज देश मे हर रोज लगभग एक लाख मरीज मिल रहे तो मोदी जी की बोलती क्यो बन्द हो गयी ? मोदी सरकार ने कोरोना के इस संकट में देश की जनता को अकेले छोड़ दिया।राज्य सरकारें अपने संसाधनों से इस संकट से जूझ रही है ।केंद्र सरकार तो अब कोरोना से लड़ने का दिखावा करना भी बंद कर चुकी है ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बात बात में केंद्रीय मदद की दुहाई देने वाले भाजपा के नेता बताये की राज्य सरकार द्वारा कोरोना से निपटने के लिए मांगे गए 30 हजार करोड़ के पैकेज के समर्थन में केंद्र के समक्ष क्या पहल किया ?भाजपा के नेता बताये कोरोना से लड़ने के लिए राज्य के लोगो के लिए केंद्र से उन्होंने क्या सहयोग मांगा ?कितने टेस्टिंग किट कितने मेडिकल उपकरण वेंटिलेटर पीपीई किट आदि के बारे में मांग कर दिलवाया ।छत्तीसगढ़ से भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री 9 लोकसभा और 3राज्यसभा के सदस्य है । राष्ट्रिय भाजपा के तीन पदाधिकारी है लेकिन किसी ने भी राज्य के लोगो के हित में केंद्र से न कोई मदद मांगी न ही अपने प्रभाव का उपयोग के किसी भी प्रकार का मदद दिलवाया ।सब के सब राज्य सरकार से दलीय ईर्ष्या में राज्य की जनता से दुश्मनी निकाल रहे ।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / PM केयर्स फंड को NDRF में ट्रांसफर करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. SC ने वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे को PM केयर्स फंड और NDRF को लेकर लिखित जवाब दाखिल करने की इजाज़त दी है.मामले में SC ने केंद्र की ओर से पेश SG से भी 3 दिन में लिखित नोट दाखिल करने को है. प्रवासी मजदूरों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. जस्टिस भूषण ने कहा कि केंद्र सरकार को PM केयर फण्ड को NDRF में ट्रांसफर किया जा सकता है या नहीं, इस पर स्पष्ट जवाब दाखिल करना चाहिए.
सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की ओर से वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में, केंद्र ने हलफनामे में कहा है कि NDRF, जैसा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 46 के तहत निर्धारित है, इसमें बिना किसी निजी योगदान के केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किए गए बजटीय प्रावधानों के रूप में धनराशि शामिल है. दूसरी ओर पीएम केयर्स फंड एक ऐसा फंड है जो स्वैच्छिक दान को अच्छी तरह से स्वीकार करता है. यहां कई फंड हैं जो या तो पहले स्थापित किए गए हैं या अब विभिन्न राहत कार्यों को करने के लिए बनाए गए हैं. पीएम केयर्स एक ऐसा फंड है जो स्वैच्छिक दान के साथ है.DMA की धारा 46 के तहत निर्धारित फंड मौजूद है जिसे NDRF कहा जाता है.हलफनामे में कहा गया है कि वैधानिक निधि का अस्तित्व केवल पीएम केयर्स फंड की तरह अलग फंड के निर्माण पर रोक नहीं लगाएगा जो स्वैच्छिक दान की व्यवस्था प्रदान करता है.
SG तुषार मेहता ने कहा कि हम अलग से जैविक आपदा योजना का प्रबंधन करते हैं क्योंकि हम यह समझ नहीं सकते कि पहले से हमें क्या जैविक आपदा आ जाएगी. SG ने कहा कि जैसे ही हम कोरोना के बारे में सीखा है, हमारे पास एक कोरोना की महत्वाकांक्षा योजना है. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पहला मुद्दा खाद्य सुरक्षा का है और यदि SG इस पर गौर करेंगे तो इसका हल निकल जाएगा. केंद्र द्वारा प्रस्तुतियां इसके लिए वास्तविक संवितरण या आंकड़ों को उजागर नहीं करती हैं, इसके बाद स्वास्थ्य बीमा आता है और यह किसी भी रूप में उपलब्ध नहीं है. पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद 1.5 करोड़ प्रवासी श्रमिकों को बाहर रखा गया है, यह प्रक्रिया मजदूरों को लाभदायक योजनाओं से वंचित रखने के लिए विवश कर रही है. सुनवाई के दौरान दुष्यंत दवे ने कहा कि NDRF के खातों को CAG ऑडिट करता है लेकिन PM केयर्स के लिए निजी ऑडिटर है. उन्होंने कहा यह मुद्दा खिलाफ नहीं है सरकार को एक और विस्तृत हलफनामा दर्ज करने का निर्देश दिया जाना चाहिए.SG ने कहा कि पीएम केयर्स एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट है, यहां सिर्फ स्वैच्छिक दान करते हैं.
इससे पहले, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि एक करोड़ से ज़्यादा प्रवासी मज़दूरों को शिफ्ट किया गया है. अब सवाल राज्य सरकारों की स्कीम का है और राज्य किस तरह प्रवासी मज़दूरों की मदद करते है
. SG ने यह भी कहा कि अब प्रवासी मज़दूरों के लिए किसी स्पेशल ट्रेन की ज़रूरत नही है, अब रेगुलर ट्रेन ही चल रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रवासी मज़दूरों के लिए एक यूनिफार्म प्लान नही है, जो स्कीम मुंबई में काम करेगी वह कर्नाटक में काम नहीं करेगी. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एक समय था जब केंद्र सरकार की ओर से ₹1 भेजा जाता था और जनता के पास 15 पैसे पहुंचते थे जबकि आज ₹1 भेजा जाता है और पूरे 1 रुपए जरूरतमंद के पास पहुंचते हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने विरोध करते हुए कहा कि सॉलिसिटर जनरल इस मसले पर कोर्ट में राजनीति कर रहे हैं.
मामले में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि देश मे प्रवासी मज़दूरों के लिए एक नेशनल प्लान, राज्य योजना और जिला योजना की ज़रूरत है, जहां आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रवासी मज़दूरों के लिए भोजन, आवास, आवास सुविधाओं के लिए न्यूनतम मानदंड क्या है?कुछ नहीं है. इसका सामान्य दिशानिर्देशों से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा कि शौचालय या पानी की गुणवत्ता की संख्या का तो न्यूनतम स्तर भी नहीं है. इसके जवाब में SG तुषार मेहता ने कहा कि राष्ट्रीय योजना 2019 में बनाई गई थी, इसमें COVID 19 नहीं है लेकिन कोरोना एक जैविक आपदा है, हमारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना भी है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ / दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी इलाके में एक लुटेरे के ऑटो में सवारी बनकर बैठने और तमंचे की नोंक पर पैसे छीनने का मामला सामने आया है. दरअसल, एक लुटेरा ऑटो में सवारी बनकर बैठा, फिर उसने ऑटो वाले के पीछे से पिस्टल लगाकर कहा जो है मुझे दे दे नहीं तो गोली मार दूंगा. ऑटो वाले की जेब से कुल मिलाकर 85 रुपये ही निकले. इस पर लुटेरे ने ऑटो वाले को कम पैसे लेकर चलने पर डांटते हुए कहा कि मुझे जहां से बिठाया था, वहीं वापस छोड़ दो.
ऑटो वाला जब छोड़ने गया तो आगे पुलिस मिल गई और शोर मचाने पर आरोपी लुटेरे को पकड़ लिया. उसे पास से ऑटो रिक्शा वाले से लिए 85 रुपये भी निकले. आरोपी कोटला मुबारकपुर का रहने वाला दमन अरोरा है, जो पेशे से मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव है, पुलिस के मुताबिक, दमन को इस पेशे में फिलहाल उसके हिसाब से पैसा नहीं मिल पा रहा था तो उसने लूट शुरू कर दी.
पुलिस के मुताबिक, 26 जुलाई को वो बाइक से एंड्रयूज गंज बस स्टॉप तक अपनी बाइक से आया, फिर वहां से वो एक ऑटो में सवारी बनकर बैठ गया और डिफेंस कॉलोनी में उसने पिस्टल लगाकर ऑटो वाले को लूट लिया, लेकिन ऑटो वाले कि जेब से महज 85 रुपये निकलने पर वो निराश हो गया और उसने ऑटो वाले से कहा कि उसे वापस एंड्रयूज गंज बस स्टॉप पर छोड़ दे.
जब ऑटो वाला अमर सिंह बस स्टॉप के नज़दीक पहुँचा तो उसे पेट्रोलिंग करते हुए पुलिसकर्मी मिल गए. अमर ने शोर मचा दिया और दमन ऑटो से उतरकर 200 मीटर तक दौड़ा लेकिन उसे पकड़ लिया गया. उसके पास से लूट के 85 रुपये भी बरामद हो गए और देशी कट्टा भी मिला.
सेहत / शौर्यपथ / डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छी खबर आई है। शोधकर्ताओं ने डायबिटीज को मात देने के लिए एक नई चिकित्सीय रणनीति विकसित की है। इससे न सिर्फ मरीजों में डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकेगा बल्कि उसे पनपने से भी रोका जा सकेगा।
शोधकर्ताओं ने कहा, अग्नाशय की कोशिकाओं में विटामिन डी रिसेप्टर (वीडीआर) का स्तर संतुलित बनाए रखकर डायबिटीज को विकसित होने से रोका जा सकता है। साथ ही इस रोग के विकास के कारण होने वाली अग्नाशय कोशिकाओं की क्षति को भी रोका जा सकता है। बता दें कि अग्नाशय की कोशिकाएं इंसुलिन को संश्लेषित और स्रावित करती हैं।
यह अध्ययन ऑटोनोमा डी बार्सिलोना यूनिवर्सिटी में साइबर्स एरिया ऑफ डायबिटीज एंड एसोसिएटेड मेटाबॉलिक डिजीज के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा, विटामिन डी की कमी से दोनों प्रकार के टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के पनपने का अधिक खतरा रहता है। विटामिन डी रिसेप्टर जीन में बदलाव होने से इस बीमारी का मजबूत संबंध है। हालांकि, डायबिटीज के विकास में इस विटामिन रिसेप्टर की विशिष्ट भागीदारी का कारण अब तक पता नहीं चला है।
चूहों पर किया अध्ययन
यह नया अध्ययन चूहों पर किया गया। इसमें उनके व्यवहार का विश्लेषण करके डायबिटीज के विकास में अग्नाशय कोशिकाओं की वीडीआर द्वारा निभाई गई भूमिका को समझने का प्रयास किया गया। शोधकर्ताओं ने टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त चूहों के अग्नाशय में कम वीडीआर देखा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी देखा कि डायबिटीज ग्रस्त चूहों की बी कोशिकाओं में वीडीआर का स्तर बढ़ाने से इस बीमारी की रोकथाम हुई।
शोधकर्ताओं ने कहा कि वीडीआर के सही स्तर डायबिटीज के खतरे को कम कर सकता है। शोधकर्ता एलबा कैसलस ने कहा, इन परिणामों से पता चलता है कि डायबिटीज को विकसित होने से रोकने और बी कोशिकाओं को क्षति से बचाने के लिए वीडीआर के स्तर को संतुलित बनाए रखना आवश्यक हो सकता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
