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टिप्स /शौर्यपथ /नीम और कपूर का तेल त्वचा पर लगाने से मच्छर बच्चे के आसपास भी फटक नहीं पाएंगे। यह मच्छरों से बचने का एक प्राकृतिक नुस्खा है, जिसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते। इस तेल का नुस्खा बड़ा ही आसान है, चलिए जानते हैं।
हम सभी अपने बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित देखना चाहते हैं। लेकिन बरसात के मौसम में मच्छरों का झुंड बड़ो के साथ-साथ बच्चों के लिए भी खतरा होता है। क्योंकि ये सिर्फ काटते नहीं है, बल्कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां भी फैलाते हैं। चूंकि शिशुओं की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, इसलिए काटने पर ये बच्चों में खुजली और बेचैनी पैदा कर सकते हैं। अगर आपके बच्चे को भी बहुत मच्छर काटते हैं, तो आयुर्वेदिक कंसल्टेंट और पंचकर्म स्पेशलिस्ट डॉ. शाश्वत खत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने बच्चों को मच्छरों से सुरक्षित रखने के लिए नीम और कपूर के तेल की एक रेसिपी बताई है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया कैसे बनाएं मच्छर भगाने वाला तेल
त्वचा के लिए नीम के फायदे-
नीम और नारियल तेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे मिलाकर लगाने से मच्छर पास नहीं आते। दरअसल, नीम में एंटी प्रोटोजॉल कंपाउंड होते हैं, जो एक अजीब सी गंध छोड़ते हैं। इस गंध की वजह से ही मच्छर इंसान को छू तक नहीं पाते और दूर बने रहते हैं।
नीम, कपूर तेल की रेसिपी
200 मिली- नारियल तेल
50 ग्राम- ताजी नीम की पत्तियों का पेस्ट, चाहें तो नीम की पत्तियों का पाउडर भी बना सकते हैं।
कैसे बनाएं-
मच्छरों से बचाव के लिए नीम कपूर का तेल बनाना बेहद आसान है।
सबसे पहले कढ़ाई में नारियल का तेल डालें।
तेल गर्म होने के बाद इसमें नीम की पत्ती का पेस्ट डालें।
धीमी आंच पर तब तक उबालें, जब तक की तेल का रंग हरा न हो जाए। ऐसा होने में लगभग 15-20 मिनट का समय लगेगा।
गुनगुना होने पर इसे एक कांच की बोतल में छान लें।
अब तेल के ठंडा होने पर इसमें कपूर के 5 टुकड़े डालें। कुछ देर रखने पर यह अपने आप पिघल जाएगा।
नीम कपूर के तेल का उपयोग-
नीम, नारियल तेल और कपूर से बना घरेलू तेल मच्छरों से तो बच्चों को सुरक्षित रखेगा ही साथ ही यह एक्जिमा, खुजली, दाद की समस्या को भी ठीक करता है। रूसी की समस्या हो या सिर में जुएं हो गए हों, यह सभी तरह की समस्या से राहत दिलाता है। इसे लगाने के बाद सिर में होने वाली खुजली से भी छुटकारा मिलता है। बता दें कि यह तेल त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए अच्छा विकल्प है।
कैसे अप्लाई करें-
आपका बच्चा जब भी बाहर खेलने जाए, तो उसके शरीर पर यह तेल लगाएं। ध्यान रखें इसे रगड़ना नहीं है। सोते वक्त बच्चों को मच्छर बहुत काटते हैं। इसलिए सोने से पहले उनके शरीर पर इस तेल को लगा दें।
शौर्यपथ / औरत श्री राम सा पति और हर आदमी सीता जैसी बीवी चाहता है। लेकिन कोई भी उनकी तरह अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए प्रयास नहीं करता है। उन बातों को समझने की कोशिश नहीं करता है जो जीवनसाथी के साथ बंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होते हैं।
भगवान श्री राम और माता जानकी के बीच का बंधन अपने आप में हर शादीशुदा जोड़े के लिए एक सीख है। इससे समझा जा सकता है, कि भले ही खराब परिस्थितियों के कारण शारीरिक रूप से साथ रहना संभव ना रहे लेकिन भावनात्मक रूप से जुड़े रहने पर बड़ी से बड़ी चीज आपको एक-दूसरे अलग नहीं कर सकती है।
इसमें कोई दोराय नहीं कि हर पति-पत्नी अपने रिश्ते को लंबे समय तक मजबूत रखने की कामना करते हैं। लेकिन इसके लिए सही दिशा में प्रयास करने की समझ के बिना अक्सर रिश्ता एक अलग ही रूप में ढल जाता है। एक ऐसा रिश्ता जिसमे ना ही प्यार होता है और ना ही सम्मान। ऐसे में यदि आप अपने जीवनसाथी के साथ इस तरह का रिश्ता नहीं चाहते हैं, तो यहां बताई गई बातों को दिमाग में बैठा लें।
एक-दूसरे का सम्मान करें
पति-पत्नी का एक-दूसरे के प्रति सम्मान होना बहुत जरूरी है। इसकी अहमियत श्री राम और माता जानकी के रिश्ते से बहुत ही आसानी से समझा जा सकता है। दोनों ने कभी भी एक-दूसरे को अपमानित नहीं किया। साथ ही एक-दूसरे के हर फैसले का सम्मान किया।
खुलकर दिल की बात कहें
अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी समय निकालकर एक-दूसरे के साथ अपने विचारों और भावनाओं को खुलकर शेयर करें। एक-दूसरे को खुले मन से सुनें और समझने की कोशिश करें, एक-दूसरे को इतना सहज महसूस कराए कि किसी को कोई बात छिपाने की जरूरत ना पड़े।
एक-दूसरे पर विश्वास करें
पति-पत्नी का रिश्ता तभी ही लंबे समय तक मजबूत बना रहता है, जब तक दोनों का एक-दूसरे पर गहरा विश्वास हो। इसलिए जरूरी है कि दोनों रिश्ते में कुछ छिपाए ना, अपने वादे का मान रखे, एक-दूसरे के लिए अच्छे-बुरे समय में साथ खड़े रहे। एक-दूसरे को रिश्ते में सिक्योर महसूस कराने के लिए प्रयासरत रहें।
जीवनसाथी के साथ ईमानदार रहें
ईमानदारी वह नींव है जिस पर विश्वास और रिश्ते में गहराई बनती है। इसके लिए जरूरी है कि कठिन बातचीत के दौरान भी अपने साथी के साथ खुले और ईमानदार रहें। अपनी गलती मानने या सामने वाले को उसकी गलती के बारे में खुलकर बताए। इससे रिश्ते में सुधार होता है।
हर दिन साथ मिलकर प्रयास करें
मजबूत रिश्ते के लिए दोनों भागीदारों का निरंतर प्रयास करना बहुत जरूरी है। क्योंकि पौधे की तरह ही रिश्ता भी धीरे-धीरे फलता और फूलता है। इसलिए पति और पत्नी एक-दूसरे के पर्सनल और रिलेशनशिप ग्रोथ के लिए साथ में कोशिश करें।
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मौसम में बदलाव हमारी हेल्थ को इफेक्ट कर सकता है, हालांकि हर किसी पर असर अलग-अलग हो सकता है और हर किसी को इन समस्याओं का अनुभव नहीं हो सकता है. इन स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी होने से आपको इन्हें बेहतर तरीके से रोकने और इनसे पूरी तरह बचने में मदद मिल सकती है. पढ़ते रहें क्योंकि हम यहां कुछ सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की एक लिस्ट बना रहे हैं जो पतझड़ में मौसम में बदलाव के साथ हो सकती हैं.
मौसम में बदलाव के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
1. मौसमी एलर्जी
गर्मी से पतझड़ तक संक्रमण से परागकण, फफूंद बीजाणु और रैगवीड बढ़ सकते हैं, जिससे एलर्जी हो सकती है. मौसम में बदलाव के दौरान आउटडोर एक्टिविटीज से बचकर, खिड़कियां बंद रखकर, एयर प्यूरिफायर का उपयोग करके और अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटीहिस्टामाइन लेकर एलर्जी से लड़ें.
2. अस्थमा अटैक
पतझड़ के दौरान ठंडी हवा और बढ़ता रेस्पिरेटरी इंफेक्शन अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकता है. सांस लेने वाली हवा को गर्म करने के लिए स्कार्फ या मास्क का उपयोग करके, फ्लू का टीका लगवाकर और इन्हेलर का उपयोग करके अस्थमा के हमलों को रोकें.
3. सर्दी और फ्लू
बदलता मौसम इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है, जिससे लोग सर्दी और फ्लू को लेकर सेंसिटिव हो जाते हैं. अच्छी हाइजीन अपनाकर, बार-बार हाथ धोकर, बीमार लोगों के निकट संपर्क से बचें और मौसमी फ्लू का टीका लगवाकर इन बीमारियों से लड़ें.
4. सीजनल डिप्रेशन
जैसे-जैसे दिन छोटे होते जाते हैं और धूप कम होती जाती है, कुछ व्यक्तियों को सीजनल डिसऑर्डर (एसएडी) या मूड में बदलाव का अनुभव हो सकता है. सीजनल डिप्रेशन से निपटने के लिए घर से बाहर दिन के उजाले में रहना, नियमित रूप से व्यायाम करना, हेल्दी स्लीप रूटीन बनाए रखना चाहिए.
5. ड्राई स्किन
ठंडा मौसम ड्राई और फटी हुई त्वचा का कारण बन सकता है. मॉइस्चराइजर का उपयोग करके, गर्म पानी से नहाने से बचें, ह्यूमिडिफायर का उपयोग करके और खूब सारा पानी पीकर हाइड्रेटेड रहकर ड्राई से लड़ें.
6. जोड़ों का दर्द
बैरोमीटर के दबाव और तापमान में बदलाव से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है, खासकर गठिया से पीड़ित लोगों में. एक्टिव रहकर, कम प्रभाव वाले व्यायाम करके, दवाएं या सप्लीमेंट लेकर जोड़ों के दर्द से लड़ें.
7. मौसमी माइग्रेन
मौसम में बदलाव, जैसे ह्यूमिडिटी में बदलाव, सेंसिटिव व्यक्तियों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है. ट्रिगर्स से बचकर, स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीकों को फॉलो करें, पर्याप्त नींद लेकर और निर्धारित दवाएं लेकर माइग्रेन का मुकाबला करें.
8. मूड बदलना
कुछ लोगों को हार्मोनल बदलाव के कारण पतझड़ के दौरान मूड में बदलाव और चिड़चिड़ापन का अनुभव हो सकता है. नियमित नींद का शेड्यूल बनाए रखकर, बैलेंस डाइट खाकर, जरूरी हो तो प्रियजनों या प्रोफेशनल्स से सहायता मांगकर मूड स्विंग का मुकाबला करें.
9. मौसमी वजन बढ़ना
ठंडे मौसम और छुट्टियों के मौसम के दौरान फिजिकल एक्टिविटी में कमी वजन बढ़ने में योगदान कर सकती है. एक्टिव रहकर, हेल्दी डाइट बनाए रखकर, पोर्शन कंट्रोल का अभ्यास करके मौसमी वजन बढ़ने से लड़ें.
10. दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ना
अंधेरी सुबह और शाम, कोहरे की स्थिति और गीली सतहों से गिरने और कार दुर्घटना जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है. अच्छी रोशनी और हाई विजिबिलिटी वाले कपड़ों का उपयोग करके, सावधानीपूर्वक और रक्षात्मक रूप से गाड़ी चलाकर और फिसलन की स्थिति वाले क्षेत्रों में सतर्क रहकर इस जोखिम का मुकाबला करें.
लाइफस्टाइल/शौर्यपथ /बदलती लाइफस्टाइल और काम के दबाव की वजह से अधिकतर लोग दिन का ज्यादातर समय मोबाइल या लैपटॉप के सामने गुजारते हैं. मोबाइल पर अधिक देर तक देखने से आंखों से जुड़ी समस्याएं होना आम हैं. कई बार आंखों से धुंधला नजर आने लगता है, वहीं कभी दूर या पास की चीज ठीक से नजर नहीं आती. अधिक स्क्रीन टाइम की वजह से ऐसा होता है. आप भी अधिक समय मोबाइल या लैपटॉप या फिर कंप्यूटर के आगे वक्त बिताते हैं तो आंखों की ये एक्सरसाइज आंखों को हेल्दी रखने में मदद करेंगे.
आंखों की एक्सरसाइज |
पामिंग
पामिंग आंखों के आसपास की मांसपेशियों को आराम देने, आंखों की थकान को कम करने में मददगार होता है. अपने हाथों को गर्म करने के लिए उन्हें आपस में रगड़कर शुरुआत करें. अपनी आंखें बंद करें. आखों पर अपना हाथ रखें और पांच मिनट तक गहरी सांस लें.
पलक झपकाना
जब हम डिजिटल उपकरणों जैसे मोबाइल या लैपटॉप पर समय बिताते हैं, तो हमारी पलक झपकने की दर धीमी हो जाती है. इससे आंखें शुष्क हो सकती हैं, जिससे उनमें रेतीली, किरकिरी और थकान महसूस हो सकती है. पलकें झपकाने से पलकों में मौजूद तेल ग्रंथियां पंप होती हैं, इससे लुब्रिकेशन होता है और यह आंसुओं को आंखों पर फैलाने में भी मदद करता है. इस एक्सरसाइज में आंखें बंद करें, दो सेकंड के लिए रुकें और फिर आंखें खोल लें.
पेंसिल पुश-अप्स
पेंसिल पुश-अप करने के लिए एक पेंसिल को एक हाथ की दूरी पर पकड़ें. उसकी नोक पर ध्यान दें. नोक पर एकाग्र और फोकस रखते हुए धीरे-धीरे पेंसिल को अपनी नाक की ओर ले जाएं. जब यह दोगुना हो जाए तो इसे दोबारा आंखों से दूर कर लें, इसे दोहराएं.
नियर एंड फार फोकस
पास और दूर के फोकस के बीच परिवर्तन करने से आपकी थकी हुई आंखों को आराम मिलेगा. अपने अंगूठे को अपने चेहरे से 10 इंच दूर रखें और 15 सेकंड के लिए उस पर ध्यान केंद्रित करें. पंद्रह सेकंड के बाद, अपनी दृष्टि को 20 फीट (6 मीटर) दूर लक्ष्य पर स्थानांतरित करें और फिर से 15 सेकंड के लिए अपना ध्यान केंद्रित रखे. इसके बाद फिर अपने अंगूठे पर लौटें. इसे दोहराएं.
हेयर टिप्स /शौर्यपथ /बालों की ग्रोथ का न बढ़ना कई लोगों की समस्या है. बाल हमारी पर्सनालिटी को बढ़ावा देते हैं और लंबे-घने बालों को सभी नोटिस करते हैं. हेल्दी हेयर ग्रोथ के लिए हममें से बहुत से लोग तमाम उपाय करते हैं लेकिन मनमुताबिक रिजल्ट न मिल पाने के कारण अक्सर हताश होने लगते हैं. ऐसे में बालों की ग्रोथ बढ़ाने के तरीके क्या हैं और बालों को लंबा घना और मजबूत कैसे किया जाए ये जानना सभी के लिए जरूरी है. आपको बता दें बालों की ग्रोथ बढ़ाने के घरेलू उपाय भी हैं कारगर माने जाते हैं. हममें से बहुत से लोग ये सवाल भी करते हैं कि बालों को लंबा कैसे बनाएं? या बालों को तेजी से कैसे बढ़ाएं? अगर आप भी बालों के झड़ने से परेशान हैं और बालों का झड़ना रोकने के उपाय करके थक चुके हैं तो हम आपके लिए यहां एक ऐसा बेहतरीन नुस्खा लेकर आए हैं जो न सिर्फ बालों को टूटने से रोकेगा बल्कि उन्हें जड़ से पोषण देकर मजबूत और घना भी बनाएगा. आपको बस कुछ दिनों तक दही में एक चीज को मिलाकर अपने बालों में लगाना है.
बालों को तेजी से बढ़ाने का घरेलू नुस्खा |
बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए मुल्तानी मिट्टी और दही को थोड़े से नींबू के रस के साथ मिलाएं और फिर इसे स्कैल्प पर लगाएं. धोने से पहले इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें. अगर आपको बालों की समस्या है तो इस लोकप्रिय घरेलू पैक को आजमाएं. अपने क्लीजिंग गुणों के अलावा मुल्तानी मिट्टी हेयर इलास्टिसिटी को भी बनाए रख सकती है. ये बालों को हाइड्रेटेड और बाउंसी भी बनाता है और स्कैल्प से अशुद्धियों को दूर करता है.
बालों के लिए मुल्तानी मिट्टी के फायदे:
मुल्तानी मिट्टी का हेयर पैक से बालों की सभी प्रकार की समस्याओं को ठीक किया जा सकता है क्योंकि ये कंडीशनर की तरह काम करता है. बालों के लिए मुल्तानी मिट्टी का उपयोग और फायदे कुछ इस तरह हैं:
स्कैल्प को साफ करता है.
ब्लड फ्लो को बढ़ावा देता है.
स्कैल्प को हाइड्रेट रखता है.
ड्राईनेस को रोकता है.
एक्स्ट्रा ऑयल जमा नहीं होने देता.
स्कैल्प से एक्जिमा, रूसी और खुजली को दूर करता है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /आजकल बालों का झड़ना एक आम समस्या है. कम उम्र में ही लोग गंजे हो जाते हैं. गंजापन हम सभी के लिए एक बुरे सपने जैसा है. लंबे, घने और मजबूत बाल कौन नहीं पाना चाहता है, लेकिन कई कारक हैं जो बालों के झड़ने का कारण बनते हैं और अंत में गंजेपन का शिकार हो जाते हैं. बालों के झड़ने या गंजेपन की वजह से व्यक्ति शर्मिंदगी, निराशा और आत्मविश्वास की कमी महसूस कर सकता है, लेकिन, अच्छी खबर यह है कि आप गंजे हिस्से पर फिर से बाल उगा सकते हैं. बहुत से लोग जो सवाल करते हैं कि बालों का झड़ना कैसे रोकें? बालों का झड़ना रोकने के उपाय क्या हैं या बालों का झड़ना रोकने के घरेलू उपाय बताएं. हम यहां आपके लिए प्राकृतिक उपचार लेकर आए हैं कि गंजी खोपड़ी पर बाल कैसे उगाएं, कैसे घरेलू नुस्खों की मदद से बालों की ग्रोथ को बढ़ाया जा सके.
गंजेपन से छुटकारा पाने के लिए प्राकृतिक उपचार |
स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करके प्राकृतिक रूप से बाल दोबारा उगा सकते हैं. यह जड़ों को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करेगा और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देगा. यह बालों की क्वालिटी और हेल्थ को भी बढ़ावा देता है.
1. सिर की मालिश
ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देने के लिए अपनी उंगलियों को स्कैल्प पर दबाएं और रेलुगर पांच मिनट तक मालिश करें. सिर की मालिश करने से घने बाल उगते हैं. गंजे स्थानों पर बाल दोबारा उगाने के लिए आप अरंडी का तेल, पुदीना का तेल, नारियल का तेल, रोजमेरी तेल, जोजोबा तेल, कद्दू के बीज का तेल, कलौंजी या काले बीज का तेल का उपयोग कर सकते हैं.
2. गंजे धब्बों के लिए डाइट
कभी-कभी बालों का झड़ना डाइट में बालों के लिए जरूरी पोषक तत्वों के कम सेवन के कारण होता है. जब आप नीचे बताए गए डाइट चेंजेस अपनाते हैं, तो ये शरीर के पोषक तत्वों की पूर्ति करेगा और गंजेपन को दूर करने में मदद करेगा.
विटामिन सी के लिए खट्टे फूड्स खाएं.
प्रोटीन के लिए अपनी डइट में मांस, चिकन, मछली, दालें और बीन्स शामिल करें.
विटामिन ए के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकोली और खुबानी खाएं.
बालों की हेल्दी ग्रोथ के लिए दूध, दही, अंडे, स्ट्रॉबेरी, ओट्स, चावल और लाल मिर्च को शामिल करें.
रोजाना 8 से 9 लीटर पानी पिएं.
जंक और प्रोसेस्ड फूड से बचें.
3. हेयर केयर रूटीन
अपने बालों में बार-बार कंघी न करें क्योंकि इससे बालों के रोम कमजोर हो जाते हैं. गीले बालों में कंघी करने से बचें. बालों को सुखाने के लिए मुलायम तौलिये का प्रयोग करें. सिर की स्किन को जोर-जोर से न रगड़ें. अपने बालों को धोने के लिए सामान्य या ठंडे पानी का उपयोग करें. केमिकल फ्री प्रोडक्ट्स का प्रयोग करें. हेयर स्टाइलिंग के लिए हीटिंग टूल्स से बचें. सिर की त्वचा को साफ रखें और बालों को नियमित रूप से धोएं.
4. कोलेजन वाले प्रोडक्ट्स
हमारे शरीर में कोलेजन प्रोटीन होता है जो बालों की ग्रोथ और बालों को घना करने में मदद करता है. यह शैंपू, सीरम और कंडीशनर में एक जरूरी कॉम्पोनेंट है. आप हेयर केयर प्रोडक्ट्स खरीदते समय कोलेजन को चेक कर सकते हैं.
5. विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट
कुछ विटामिन और मिनरल की कमी बालों के झड़ने से जुड़ी है. इसलिए विटामिन और मिनरल या उनके सप्लीमेंट लेने से बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद मिलती है. उनमें शामिल हैं: विटामिन ए, बायोटिन, विटामिन सी, विटामिन डी, विटामिन ई, जिंक, आयरन.
व्रत त्यौहार /शौर्र्यपथ /नवरात्रि पर भक्त नौ दिन मां दुर्गा की अराधना करते हैं और उपवास रखते हैं. नवरात्रि के पहले दिन माता की अराधना के लिए घटस्थापना की जाती है. इसके लिए जल से भरे कलश पर आम के पत्ते और नारियल को स्थापित किया जाता है. कलश को चावल के ऊपर रखा जाता है. नवमी के बाद पूजा के लिए स्थापित कलश को उतनी ही श्रद्धा से हटाना चाहिए जितनी श्रद्धा से स्थापना की जाती है. पूजा के लिए उपयोग में लाई गई सभी चीजों पर माता की विशेष कृपा होती है. आइए जानते हैं नवरात्रि के बाद कलश, नारियल, चावल समेत पूजा सामग्री का क्या करना चाहिए.
नवरात्रि के बाद कलश का क्या करें
पूजा घर में रखें
नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए उपयोग में लाए गए नारियल को लाल रंग के वस्त्र में लपेटकर पूजा घर में रखना चाहिए. पूजा में उपयोग किए गए नारियल की कभी भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए इससे देवी की अराधना निष्फल रह जाती है. इसे सालभर घर में रखा जा सकता है. इस वर्ष के पूजा का नारियल रखने के पहले पिछले वर्ष के नारियल को सम्मानपूर्वक नदी में प्रवाहित कर दें.
प्रसाद के रूप में ग्रहण करें
नवरात्रि में कलशस्थापना के लिए उपयोग में लाए गए कलश, नारियल समेत सभी पूजा सामग्री को पूरे सम्मान से हटाएं. नारियल को प्रसाद के रूप में कन्याओं को खिलाएं और उसके बाद पूरे परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें.
जल में प्रवाहित करें
पूजा के बाद पूजा में उपयोग आए सामग्री को श्रद्धापूर्वक हटाकर बहते जल में प्रवाहित करना चाहिए. नारियल व उसके नीचे रखे अक्षत को भी जल में प्रवाहित कर देना चाहिए. ऐसा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है और माता रानी प्रसन्न हो आशीर्वाद देती हैं.
घर के हर कोने में छिड़कें
नवरात्रि के आखिरी दिन कलश हटाने के बाद उसके नीचे रखे चावल को घर के हर कोने में छिड़क देना चाहिए. कलश के नीचे रखे चावल को घर में छिड़कने से कभी धन की तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है.
कलश का जल
नवरात्रि के बाद कलश में भरे जल को घर के सभी सदस्यों और घर के हर कोने में छिड़क देना चाहिए. खासकर अपने अपने काम से संबंधित चीजों पर जरूर इस जल को छिड़कना चाहिए. विद्यार्थी पठन-पाठन की सामग्री पर और व्यापारी अपने व्यवसाय की जगह पर इस पवित्र जल का छिड़काव करें.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / आज 24 अक्टूबर, मंगलवार के दिन विजयदशमी का पर्व मनाया जा रहा है. इस दिन को दशहरा के नाम से जाना जाता है और दशमी कहकर भी पुकारते हैं. दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत माना जाता है. इस दिन श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था जिसके बाद से हर वर्ष दशहरा को विजय पर्व के रूप में मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार, दशहरा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है. आप भी इस खास दिन पर अपने दोस्तों, परिवार, नाते-रिश्तेदारों और परिचितों को दशहरा के शुभकामना संदेश भेजकर बधाई दे सकते हैं.
दशहरा के शुभकामना संदेश |
रावण की तरह मन के विकारों का नाश हो,
प्रभु श्रीराम का हृदय में सर्वदा वास हो.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
रामजी की कृपा से आप पर हो खुशियों की बौछार,
ऐसी शुभकामनाएं हमारी, आप करो स्वीकार.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
जैसे श्रीराम ने जीत ली थी लंका,
वैसे आप भी जीतें सारी दुनिया
इस दशहरा मिल जाएं आप को,
दुनिया भर की सारी खुशियां.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
हर खुशी आपकी कदम चूमे,
कभी ना हो दुखों का सामना.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
हर पल हो आपका जीवन सुनहरा
घर आपके रहे सदा खुशियों का पहरा
मुबारक हो आपको यह पावन दशहरा.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
भीतर के रावण को
जो आग खुद लगाएंगे,
सही मायने में वो ही दशहरा मनाएंगे.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
इस दशहरे हर मनुष्य बस एक नेक काम करे
अंतर्मन में पनप रही हर बुराई का सर्वनाश करे.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
रावण का सर्वनाश हो,
हर हृदय में श्री राम का वास हो.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
बुराई पर अच्छाई की जीत, दशहरा लाता है एक उम्मीद,
रावण की तरह हमारे दुखों का अंत हो,
एक नई शुरुआत हो एक नए सवेरे के साथ शुभ दशहरा.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
रावण के संहार पर दशहरा,
अयोध्या वापसी पर मनाते दिवाली हैं,
दुनिया सारे गुण उनके गाती,
मेरे श्रीराम की हर बात निराली है.
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं. सालभर में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं जिनमें से एक है पापांकुशा एकादशी. इस एकादशी के दिन व्रत रखने पर मान्यतानुसार पापों से मुक्ति मिल जाती है. कहते हैं जो भक्त श्रीहरि के लिए पापांकुशा एकादशी का व्रत रखता है और विधिवत पूजा करते हैं तो उन्हें 100 सूर्य यज्ञ और एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है. इस एकादशी की पूजा से माना जाता है कि जातक को मोक्ष की प्राप्ति होती है. जानिए इस साल किस दिन पड़ रही है पापांकुशा एकादशी और किस तरह किया जा सकता है भगवान विष्णु का पूजन.
पापांकुशा एकादशी 2023 |
पापांकुशा एकादशी इस साल आश्विन माह में 25 अक्टूबर, बुधवार के दिन मनाई जा रही है. इसी दिन एकादशी का व्रत रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, एकादशी की तिथि 24 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर शुरू हो जाएगी और इस तिथि का अंत 25 अक्टूबर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर हो जाएगा. एकादशी का व्रत इस चलते 25 अक्टूबर के दिन ही रखा जाएगा और व्रत का पारण अगले दिन 26 अक्टूबर को होगा.
एकादशी की पूजा किसी भी समय की जा सकती है लेकिन इस दिन राहूकाल भी लग रहा है और राहूकाल में एकादशी की पूजा नहीं की जाती है. राहुकाल दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त के अलावा बाकी दिन एकादशी की पूजा की जा सकती है.
एकादशी की पूजा विधि
पापांकुशा एकादशी के दिन सुबह उठकर निवृत्त होने के बाद स्नान किया जाता है और स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं. इसके बाद, घर के मंदिर में दीप प्रज्जवलित किया जाता है. भक्त भगवान विष्णु पर गंगाजल छिड़कते हैं और पुष्प व तुलसी दल विष्णु भगवान के समक्ष अर्पित किए जाते हैं. इस दिन व्रत रखने वाले भक्त भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद आरती करते हैं और दिनभर विष्णु ध्यान में लीन रहते हैं. भगवान विष्णु को भोग लगाने के बाद सभी में प्रसाद बांटा जाता है. एकादशी के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / यूरिक एसिड की समस्या से आज के समय में कई लोग जूझ रहे हैं. यूरिक एसिड हर किसी की बॉडी में पाया जाता है लेकिन जब ये बढ़ जाता है तो परेशानी बढ़ने लग जाती है. शरीर में यूरिक एसिड के लेवल के बढ़ने से ज्वाइंट्स पेन बढ़ जाता है. यहां तक कि उठने, बैठने और चलने में भी परेशानी होने लग जाती है. इसके अलावा जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बढ़ जाता है तो यह किडनी पर भी असर डाल सकता है. इस समस्या को गाउट भी कहा जाता है. यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने के लिए जरूरी है कि हम अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें. इसके साथ ही इसको कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर भी दवाइयां देते हैं. शरीर में मौजूद प्यूरिन की मात्रा बढ़ने पर शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है, ऐसे में जरूरी है कि हम अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें. कई ऐसी चीजे हैं जिनका सेवन करने से हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है. बता दें कि कुछ बीज हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.
यूरिक एसिड में धनिया और मेथी बीज के फायदे
धनिया के बीजों की बात करें तो इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो यूरिक एसिड में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसके अलावा टिश्यू को पहुंचने वाले नुकसान से भी बचा सकते हैं. ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके, धनिया के बीज हाई यूरिक एसिड से संबंधित लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं.
वहीं बात करें मेथी बीजों की तो मेथी की बाज शरीर में यूरिक एसिड मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं. वहीं इसमें पाए जाने वाले एंटी इंफ्लामेट्री गुण हाई यूरिक एसिड को कम करने और इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं.
अब जब इन बीजों के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में जान गए हैं तो चलिए अब जानते हैं कि इनका सेवन कैसे करना है कि ये यूरिक एसिड लेवल को कम करने में मदद कर सकें.
यूरिक एसिड में मेथी और धनिया के बीजों को कैसे यूज करें -
आपको 1 चम्मच मेथी और 1 चम्मच धनिया के दानों को एक गिलास पानी में रात भर के लिए भिगो कर रख दें. सुबह इस पानी को छानकर खाली पेट पी लें. इस पानी का सेवन कुछ हफ्तों तक करें, ऐसा करने से यूरिक एसिड कों कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ / किचन में मौजूद लौंग को हर भारतीय घर में मसाले के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन आपको बता दें यह छोटा सा दिखने वाला मसाला औषधीय गुणों से भरा होता है. आयुर्वेद में लौंग को एक हर्ब के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. लौंग में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. लौंग में पाया जाने वाला यूजेनॉल तनाव और पेट की बीमारियों से बचाने में मददगार माना जाता है. लौंग में पाए जाने वाले गुण शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं. लौंग के तेल के इस्तेमाल से दांतों के दर्द को दूर किया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं लौंग से होने वाले फायदे.
2 लौंग खाने क फायदे-
1. सर्दी-खांसी-
मौसम में बदलाव होने पर सर्दी जुकाम, सूखी खांसी, गले में खरास, बुखार आदि होना आम बात है. सर्दियों की शुरूआत हो गई है. ऐसे में अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूर है. सर्दी-खांसी से बचने के लिए आप रात को खाना खाने के बाद एक चम्मच शहद में 2 लौंग को पीसकर मिला लें और इसका सेवन करें, इससे सर्दी-जुकाम की समस्या में आराम मिल सकता है.
2. पेट के लिए-
कब्ज, डायरिया, एसिडिटी आदि समस्याओं से राहत पाने के लिए आप रात में सोने से पहले 2 लौंग को गुनगुने पानी के साथ सेवन कर सकते हैं. इससे पाचन को बेहतर बनाया जा सकता है. लेकिन ध्यान रखें लौंग की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें.
3. इम्यूनिटी-
बदलते मौसम में इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है. क्योंकि अगर इम्यूनिटी कमजोर है तो हम वायरल संक्रमण की चपेट मेंं जल्दी आ सकते हैं. इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए आप गुनगुने पानी के साथ 2 लोग का सेवन कर सकते हैं.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / शरीर के कई हिस्सो में स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं. इनकी कई वजह होती हैं. महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान पेट पर स्ट्रेच मार्क्स पड़ जाते हैं. वहीं बात करें पुरूषों की तो मसल्स के पास और एक्सरसाइज करने के दौरान बॉडी के फैलने और सिकुड़ने की वजह से भी शरीर में ये मार्क्स पड़ जाते हैं. जो दिखने में अजीब लगते हैं. इसलिए हर कोई इनसे छुटकारा पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है. वैसे तो मार्केट में ऐसी कई क्रीमें पाई जाती हैं जो इनको हमेशा के लिए खत्म करने की गारंटी लेती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप बिना एक भी पैसा खर्च किए इनसे छुटकारा पा सकते हैं. आपके घर में पाया जाने वाला एलोवेरा जेल स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए उपयोगी माना जाता है. इसके साथ ही यह शरीर पर पड़ने वाले स्ट्रेच मार्क्स को हटाने में भी लाभदायी होता है. एलोवेरा जेल स्किन को पोषण और हाइड्रेट करने में मदद करता है, जो स्ट्रेच के निशान वाली जगहों पर बार-बार लगाने पर इसकी कोमलता को बढ़ा सकता है.
इसके अलावा, इस जेल में कई ऐसे पोषक तत्व और विटामिन पाए जाते हैं जो स्किन को एक्टिव करने और स्ट्रेच मार्क्स को हटाने में मदद कर सकते हैं. एलोवेरा जेल मास्क उन लोगों के लिए एक अच्छा ऑप्शन है जिनकी स्किन बहुत सेंसटिव होती है और केमिकल्स का इस्तेमाल करने पर खराब हो जाती है. तो आइए जानते हैं एलोवेरा जेल से बनने वाले मास्क जो स्ट्रेच मार्क्स को हटाने में आपकी मदद कर सकते हैं.
एलोवेरा और ग्लिसरीन मास्क
ग्लिसरीन और एलोवेरा मास्क बनाने के लिए 1 चम्मच ग्लिसरीन और 1 बड़ा चम्मच ताजा एलोवेरा जेल लें. दोनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. मास्क को अपने स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं और इसे पूरी रात के लिए छोड़ दें.बेहतर रिजल्ट के लिए इस मास्क को दिन में दो बार इस्तेमाल जरूर करें.
दही और एलोवेरा मास्क
एलोवेरा और दही का मास्क तैयार करने के लिए एक बड़ा चम्मच दही और एक बड़ा चम्मच ताजा एलोवेरा जेल लें. दोनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. अपने स्ट्रेच मार्क्स पर लगाकर लगभग 15 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर नॉर्मल पानी से धोकर उस जगह पर कोई क्रीम लगा लें.
एलोवेरा और नींबू के रस का मास्क
स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पाने के लिए सबसे अच्छे मास्क में से एक है नींबू और एलोवेरा मास्क. इसमें एक बड़ा चम्मच ताजा एलोवेरा जूस और लगभग आधा चम्मच नींबू का रस मिलाना चाहिए. दोनों को मिला कर पेस्ट बनाएं और स्ट्रेच मार्क्स पर लगाने के बाद सूखने दें. इसे लगभग 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर तुरंत धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे दिन में दो बार लगाएं.
शहद, तेल और एलोवेरा मास्क
एलोवेरा, तेल और शहद का मास्क बनाने के लिए आपको केवल 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल, 1 बड़ा चम्मच नारियल/जैतून या बादाम का तेल और 1 बड़ा चम्मच शहद चाहिए/ इन सभी को एक डिश में एक साथ मिला लें. अब इस मास्क को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धोलें.
गुलाब जल और एलोवेरा मास्क
इस मास्क को तैयार करने के लिए 2 बड़े चम्मच ताजा एलोवेरा और 1 बड़ा चम्मच गुलाब जल मिलाकर अपने स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं. लगभग 30 मिनट के बाद, इसके पूरी तरह से सूख जाने के बाद पानी से धोलें. बेहतर रिजल्ट के लिए इस मास्क को दिन में दो बार लगाएं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों का सफेद होना आज कम समय में एक ऐसी समस्या बन गया है जिससे अमूमन लोग परेशान हैं. पुराने समय में बालों के सफेद होने को उम्र दराज लोगों की निशानी माना जाता है, लेकिन अगर आज के समय पर इस बात पर अनल करेंगे तो परेशानी हो जाएगी. दरअसल इसका कारण यह है कि आज के समय में टीएनजर्स से लेकर, बच्चों और बड़े सभी के बाल सफेद हो रहे हैं. जिसकी एक वजह केमिकल युक्त चीजों का ज्यादा इस्तेमाल, जेनेटिक और आज कल की लाइफस्टाइल और खानपान है.
ये तो हुई बालों के सफेद होने की वजह अब बात करें इनसे छुटकारा पाने की तो इनको छुपाने के लिए लोग मेंहदी, हेयर डाई और हेयर कलर जैसी चीजों को इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. जिससे बाल काले तो होते हैं लेकिन ये बालों को डैमेज भी कर सकते हैं और कई बार ऐसा भी हुआ है कि इसको लगाने के बाद बाल और तेजी से सफेद होते हैं. अगर आप अपने बालों का ऐसा हाल नहीं करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि इसके लिए आप कुछ घरेलु नुस्खों को आजमाएं. आज हम आपको ऐसा घरेलु नुस्खा बताएंगे जो आपके बालों को जड़ों से काला करने में मदद करेगा और साथ ही उनको शाइनी भी बनाएगा.
सफेद बालों को काला करने का घरेलु नुस्खा
बालों को काला करने के लिए आपको जो नुस्खा हम बताने जा रहे हैं इसके लिए आपको सारी चीजें आपके किचन मे ही मिल जाएंगी. आपको कुछ भी बाहर से जाकर नहीं लेना होगा. बालों को काला करने वाले इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको चाहिए आमला का पाउडर और हल्दी
इसके लिए आप 2 चम्मच आंवला पाउडर और 1 चम्मच हल्दी लीजिए. अब इन दोनों चीजों के लोहे की कढ़ाही में रोस्ट कर लेना है. इन दोनों चीजों को आपको तब तक रोस्ट करना है जब तक इनका रंग काला ना हो जाए. एक बार काला हो जाने के बाद इसे एक बर्तन में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें. अब आप इस पाउडर में एलोवेरा जेल को डालकर मिक्स कर लें और अपने बालों की जड़ों से लेकर सिरे तक अच्छे से लगा लें. इसको बालों पर आधे से एक घंटे तक लगा रहने के बाद पानी से धोलें. अगर आपके पास एलोवेरा जेल नही है तो आप इसमें सरसों का तेल मिलाकर भी लगा सकते हैं और इसको धुलने के लिए किसी माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करें. हफ्ते में 2 बार इस रेमेडि के इस्तेमाल से आप अपने बालों को काला, घना और लंबा बना सकते हैं. इसके साथ ही आपके बाल शाइनी और मुलायम भी बनेंगे.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /मौसम में बदलाव होते ही सबसे ज्यादा असर बालों पर पड़ता है. सर्द हवाएं बालों में नमी का कारण बनती हैं. जिससे बालों में ड्रैंड्रफ की समस्या काफी देखने को मिलती है. ड्रैंड्रफ के चलते बालों में खुजली, बाल झड़ना बालों का पतला होना आदि साफ देखा जा सकता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि बालों को बढ़ाने और मजबूत बनाने के लिए आपकी डाइट कितनी जरूरी है. असल में जैसे हमारे शरीर को सेहतमंद रखने के लिए पोषण की जरूरत होती है. वैसे ही बालों को हेल्दी रखने के लिए पोषण जरूरी होता है. क्योंकि हम बाहर से तो मार्केट में मिलने वाले हेयर प्रोड्क्ट का इस्तेमाल कर बालों को हेल्दी रख सकते हैं. लेकिन उनको अंदर से कैसे रखेंगे. तो बालों की ग्रोथ के लिए आप अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं,
इन चीजों को डाइट में करें शामिल-
1. अंडा-
अंडे को प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. आपको बता दें कि अंडे का सेवन सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. अंडे में प्रोटीन के अलावा कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के अलावा बालों की ग्रोथ के लिए अच्छा माना जाता है. आप बालों में अंडे का पैक बना कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
2. एवोकाडो-
एवोकाडो एक ऐसा फ्रूट है जिसे ब्रेकफास्ट में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. एवोकाडो में विटामिन ई पाया जाता है, जो पीएच लेवल को बैलेंस करने और बालों को हेल्दी रखने में मददगार है. आप ब्रेकफास्ट में एवोकाडो को शामिल कर बालों को लंबा और मजबूत बना सकते हैं.
3. संतरा-
संतरा एक ऐसा फल है जो हर मौसम में आसानी से आपको मार्केट में मिल जाएगा. संतरे को विटामिन सी का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. विटामिन सी शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के साथ आपके बालों को भी मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. आप संतरे के फल, जूस को डाइट में शामिल कर सकते हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
