October 10, 2026
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    जांजगीर - चांपा

    जांजगीर - चांपा (260)

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत 25 एवं 26 जनवरी को जांजगीर-चांपा जिले के भ्रमण पर रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार वे 25 जनवरी को प्रातः 11 बजे स्पीकर हाऊस रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 2.30 बजे ग्राम सारागांव पहुंचेंगे। वे यहां आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 3.30 बजे सारागांव से प्रस्थान कर दोपहर 4 बजे चांपा आएंगे। वे भोजपुर (चांपा) में पेट्रोल पंप के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। दोपहर 4.30 बजे चांपा से सिवनी (चांपा) से प्रस्थान कर सायं 5 बजे सिवनी (चांपा ) पहुंचेंगे। वे यहां आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। सायं 5.15 में सिवनी से प्रस्थान कर 5.45 उनका चांपा आगमन होगा। इसके बाद उनका समय आरक्षित रहेगा। सायं 6.30 बजे चांपा से रवाना होंगे और 7 बजे जांजगीर सर्किट हाउस पहुंचेंगे। रात्रि विश्राम सर्किट हाउस जांजगीर में करेंगे।
    डॉ महंत 26 जनवरी को प्रातः 8.40 बजे सर्किट हाउस जांजगीर से प्रस्थान कर 8.59 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक- 1 मैदान जांजगीर पहुंचेंगे और गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मिलित होंगे। वे 11 बजे जांजगीर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / एक दिवसीय जांजगीर प्रवास पर पहुंची राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे ने आज स्थानीय विश्राम गृह में प्रदेश में बच्चों के विरुद्ध होने वाले शोषण और अपराधों से निपटने के लिए एक रणनीति बनाकर मुहिम चलाई जाने की आवश्यकता बताई । उन्होंने इसके लिए समीक्षा बैठक में कार्यवाही हेतु आवश्यक मार्गदर्शन व निर्देश दिए।
    उन्होंने बच्चों के विरुद्ध हो रही घटनाओं की बढ़ती संख्या के प्रति अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि घटनाओं को रोकने जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति ,पुलिस प्रशासन, चाइल्ड हेल्प लाइन, महिला एवं बाल विकास विभाग को मिलकर बेहतर कार्य योजना बनानी होगी।
    श्रीमती दुबे ने कहा कि बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में लाना होगा। उन्होंने कहा कि फीस के आभाव में किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाये। अगर ऐसा होता है तो उन स्कूलों पर सख्त कार्यवाही जिला शिक्षा अधिकारी करें। उन्होंने ऐसी कार्यवाहियों को प्रमुखता से प्रचारित करने के निर्देश दिए। श्रीमती दुबे ने आश्वस्त किया कि ऐसी कार्रवाई में बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी उपस्थित रहेगा और हर प्रकार से सहायता करेगा। उन्होंने पाॅक्सो एक्ट के तहत प्रकरणों में की गई कार्यवाही और राहत, चिकित्सकीय सहायता व मुआवजा राशि देने तथा अन्य बिंदुओं की समीक्षा की।
    सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक के अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारूल माथुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रीति खोखर चखियार, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर/ के प्रतिनिधि, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्यों सहित जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल सहित जिला बाल संरक्षण इकाई का अमला उपस्थित थे।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / बिलासपुर संभाग के कमिश्नर डाॅ संजय अलंग ने आज जिला भ्रमण के दौरान सऱखों के धान उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खरीदे गए धान की आद्रता की जांच अपने सामने करवाकर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार की गई व्यवस्था के अनुसार ही धान खरीदी संपादित करें। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले में 93 प्रतिशत से अधिक की धान खरीदी पूरी हो गई है, शेष धान खरीदी में भी सावधानी बरतें।
    कमिश्नर ने समिति प्रबंधकों से चर्चा करते हुए कहा कि समिति केवल धान खरीदी तक ही सीमित ना रहें। समिति के द्वारा अन्य व्यवसायिक गतिविधियां भी प्रारंभ करे जिससे समिति आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सके। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि समिति बकरी पालन, सब्जी उत्पादन जैसे अधिक लाभ वाले व्यवसाय में रुचि लें। निरीक्षण के दौरान धान उपार्जन केंद्र परिसर पर स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना भी की।
    कलेक्टर ने अवगत कराया कि जिले में 93 प्रतिशत से अधिक की धान की खरीदी हो गई है। सरकार के निर्देशानुसार टोकन व्यवस्था बनायी गयी है। जिसमें छोटे किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पहले टोकन जारी किया जा रहा है। धान की सुरक्षा के संबंध में भी निर्देशित कर कैप कव्हर, डबल लेयर तिरपाल आदि की व्यवस्था करवाई गई है। धान उठाव एवं बारदान की उपलब्धता पर भी सतत निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमिश्नर सुश्री अर्चना मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, खाद्य अधिकारी श्री अमृत कुजूर, एसडीएम श्रीमती मेनका प्रधान, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी श्री अश्वनी पांडे, पंजीयक श्री जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    जांजगीर - चांपा / शौर्यपथ / कमिश्नर से चर्चा के दौरान त्रिवेणी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती बबीता विश्वकर्मा ने राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस योजनाओं से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं अब केवल रसोई घर तक सीमित नहीं है। चूल्हा चैका के अलावा भी परिवार की आर्थिक रूप से मददगार साबित हो रही है। महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उनका आत्म सम्मान बढ़ा है। समिति के पदाधिकारियों की मांग पर कमिश्नर के निर्देश पर कलेक्टर ने तत्काल सिलाई मशीन स्वीकृति दी।
    निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमिश्नर सुश्री अर्चना मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, एसडीएम श्रीमती मेनका प्रधान, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी श्री अश्वनी पांडे, पंजीयक श्री जायसवाल जिला खाद्य अधिकारी श्री अमृत कुजुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / बिलासपुर संभाग के कमिश्नर डाॅ. संजय अलंग ने आज जिला भ्रमण के दौरान बलौदा ब्लॉक के औराईकला आदर्श गौठान का निरीक्षण किया एवं वहां संलग्न महिला स्व सहायता समूहों के सदस्यो से चर्चा की। कमिश्नर ने समूहों के द्वारा संचालित गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अधिक लाभ वाले व्यवसाय में भी संलग्न रहे। व्यवसाय विस्तार व स्वयं के आर्थिक उन्नति पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से कहा कि समिति के सदस्यों को शासन की योजना के तहत निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था करें। प्रशिक्षण से ही गतिविधियां बेहतर ढंग से संपादित की जा सकेगी।
    कमिश्नर ने मशरूम उत्पादन केंद्र, मछली पालन केंद्र, वर्मी कंपोस्ट, गोबर गैस प्लांट, कुक्कुट पालन, सब्जी बाड़ी आदि का निरीक्षण किया। परिसर में लगाए गए फलदार पौधों की प्रशंसा की। उन्होंने समिति के सदस्यों से कहा कि कम लागत और अधिक आमदनी के लिए बकरी पालन जैसे व्यवसाय में रुचि लें। ऐसे व्यवसाय से आर्थिक उन्नति होगी। इसके लिए शासन की योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। शासन की योजना के तहत कमनी राईस मील, तेलघानी मशीन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। पात्रता अनुसार इन योजनाओं का भी लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते है।

    जांजगीर-चाम्पा / शौर्यपथ / कलेक्टर यशवंत कुमार केे मार्ग निर्देशन में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में पंजीकृत 1,88,425 कृषकों में से अब तक लगभग 1,77,965 किसानों से लगभग 7,68,567.12 मे.टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। गत वर्ष इसी अवधि में 1,25,892 किसानों से 5,80,135.89 मे.टन धान का उपार्जन किया गया था। इस प्रकार गतवर्ष की तुलना में अब तक लगभग 42 प्रतिशत अधिक कृषकों से धान का उपार्जन किया जा चुका है।
    जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में अब तक लगभग 95 प्रतिशत पंजीकृत कृषक अपने धान का विक्रय कर चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी हेतु निर्धारित अंतिम तिथि तक जिले के शेष किसानों से धान उपार्जन की प्रक्रिया जारी रहेगी। जिले में धान बेचने वाले कृषकों को विक्रय किये गये धान के एवज में अब तक 14.36 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
    खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु जिले में कुल 1,88,425 किसानों का पंजीयन किया गया, जो गतवर्ष पंजीकृत कृषक संख्या 1,73,239 की तुलना में लगभग 15,186 अधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जिले में कुल 2,20,302.96 हेक्टेयर धान के रकबे का पंजीयन किया गया है, जो गतवर्ष पंजीकृत रकबे 2,19,606.90 हेक्टेयर रकबे की तुलना में लगभग 696.06 हेक्टेयर अधिक है। इस वर्ष गिरदावरी के माध्यम से जिले में लगभग 20,226 नवीन किसानों के 14,059.06 हेक्टेयर नवीन रकबे का भी पंजीयन किया गया है।
    धान उपार्जन के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध - जिला खाद्य अधिकारी
    खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में 8 लाख मे.टन धान का उपार्जन अनुमानित है। उक्त अनुमान के विरूद्ध जिले में अब तक लगभग 0.30 लाख मे.टन धान का उपार्जन किया जाना शेष है। उक्त शेष धान के उपार्जन हेतु लगभग 1,550 गठान बारदानों की आवश्यकता होगी, जिसके विरूद्ध पर्याप्त (2900 गठान) बारदाने की व्यवस्था् जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित कर ली गई है। पीडीएस दुकानों से अतिरिक्त बारदानों की आपूर्ति करने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह फरवरी 2021 के खाद्यान्न् आबंटन का वितरण माह जनवरी में किया जा रहा है। इस प्रकार जिले में शेष खरीदी हेतु आवश्यक बारदानों की शतप्रतिशत उपलब्धता जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा चुकी है।
    उपरोक्ता व्यवस्था के बावजूद यदि किसी समिति में बारदानों की आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो इस हेतु किसान के बारदानों में धान खरीदी की अनुमति भी राज्य शासन द्वारा प्रदाय की गई है। इस प्रकार जिले में धान खरीदी हेतु बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था है। धान खरीदी हेतु जितने बारदाने की आवश्याकता है उससे अधिक बारदाने जिले में उपलब्ध हैं। धान बेचने हेतु शेष बचे कृषकों से आग्रह है कि वे समितियों में आकर अपने धान का विक्रय करें।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कोरोना का संक्रमण कम हुआ है लेकिन मृत्यु की संख्या कम नही हो रही है। 8 जनवरी से 14 जनवरी के सप्ताह में 79 मृत्यु हुई जिसमें 71 प्रतिशत पुरूष और 23 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।
    राज्य स्तरीय डेथ आडिट रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि 68 प्रतिशत मृत्यु कोमार्बिडिटी के कारण हुई जबकि 32 प्रतिशत कोविड के कारण हुई। इसमें भी 60 वर्ष से अधिक उम्र में केस फेटलिटी दर 5.02 और 45-59 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में 2.38 सी एफ आर दर्ज किया गया।
    समिति ने यह भी रिव्यू किया कि 27 प्रतिशत मरीजों की मृत्यु अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटो के अंदर ही हो गई और 9 प्रतिशत मरीज 48 घंटे के अंदर तथा 14 प्रतिशत मृत्यु 2 से 3 दिनों के अंदर हो जाती है।
    चिकिेत्सकों का कहना है कि लक्षण आने पर भी लोग कोरोना की जांच नही करा रहे हैं। सूरजपुर के 52 वर्ष के पुरूष को 1 जनवरी से बुखार ,सांस में तकलीफ हो रही थी लेकिन 6 जनवरी को जांच कराने के बाद पाजिटिव आने पर अंबिकापुर अस्पताल में भर्ती हुए और इलाज के बाद भी स्वस्थ नही हुए। उनकी मृत्यु 14 जनवरी को हुई । समय पर अस्पताल नही पहुंचने के कारण उनकी मृत्यु हुई। रायपुर की 52 वर्षीय महिला को 2 जनवरी से बुखार, शरीर में दर्द,खांसी आदि की शिकायत थी लंेकिन सांस फूलने पर 7 जनवरी को मेकाहारा में भर्ती हुई। लेकिन इलाज के बाद भी उन्हे बचाया नही जा सका । विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गाें को सर्दी,खांसी , बुखार, थकान आदि लक्षण होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं और कोरोना जांच कराएं।

      जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में कोरोना वैैैक्सीनेशन के तीसरे दिन आज डाॅ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के आई सी यू के प्रमुख डाॅ ओ पी सुंदरानी और पल्मोनरी मेडिसिन के प्रमुख चिकित्सक डॉ आर के पांडा ने आज कोरोना का वैक्सीन लगवाया । दोनों चिकित्सक स्वस्थ हैं और टीका लगाने के बाद वापस अस्पताल कार्य पर आ गए। दोनों ने चिकित्सा कर्मियों से आग्रह किया कि वे अवश्य टीका लगवाएं क्योंकि यह पूरी तरह सुरक्षित है और आम जनता के सामने मिसाल रखें।
    छत्तीसगढ़ में कोरोना की दस्तक के साथ ही दोनों डाॅक्टर लगातार बिना रूके कोरोना मरीजों के इलाज में मेकाहारा के अन्य चिकित्सकों और स्टाफ के साथ जुटे रहे। इसके अलावा रिफरल केन्द्र होने के कारण प्रदेश के अन्य अस्पतालों के चिकित्सकों को भी मार्गदर्शन देते रहे। चिकित्सकों को आन लाइन प्रशिक्षण भी दिया । मरीजों की सेवा करने और उनके ठीक होकर घर जाने पर उन्हे, मरीजों के परिजनों के बराबर ही खुशी होती थी। डाॅ सुंदरानी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान उन्होने कोई अवकाश नही लिया। डाॅ पांडा ने कहा कि त्योहारों में भी वे ड्यूटी करते रहे ताकि मरीज स्वस्थ हो सकें । इसी से उन्हे अत्यंत खुशी मिलती है।
       विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन लगाने के बाद भी सभी को कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना मास्क लगाना ,सुरक्षित दूरी रखना और हाइजिन का ध्यान रखना होगा और वे रख भी रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार वैक्सीन की दूसरी डोज के 14 दिन के बाद ही शरीर में प्रतिरक्षात्मक तंत्र विकसित होता है। विशेषज्ञ अभी भी इसीलिए कह रहे हैं कि संक्रमण कम होने का अर्थ यह नही है कि यह और नही फैल सकता। सबको सचेत रहने की जरूरत है अभी भी ,तभी कोरोना के संक्रमण से बच सकते हैं। प्रदेश में कोरोना वैैक्सीनेशन मंगलवार,शुक्रवार और रविवार को छोड़कर बाकी सभी दिन प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक पूर्व निर्धारित सेशन साइट में होगा।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / अब शिक्षकों के वेतन देयक के साथ खंड और जिला शिक्षा अधिकारी से सत्यापित उपस्थिति पंजी की छायाप्रति संलग्न करने पर ही वेतन का आहरण किया जा सकेगा। कलेक्टर यशवंत कुमार ने जिले के सभी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और हाई स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि प्राचार्य और शिक्षक संबंधित विद्यालय में उपस्थित होकर नियमित रूप से पंजी में हस्ताक्षर करेंगे।
    कलेक्टर द्वारा जारी पत्र के अनुसार सभी विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों को प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित होकर पंजी में हस्ताक्षर करना अनिवार्य किया गया है। स्वीकृत सेटअप के अनुसार उपस्थिति पंजी में प्राचार्य एवं सभी स्टाफ का नाम का उल्लेख करना होगा। प्रवास और अवकाश के लिए प्राचार्य को सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। जिसका उल्लेख उपस्थिति पंजी में करना होगा। माह के अंत में उपस्थिति पंजी की छाया प्रति संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी और विकास खंड शिक्षा अधिकारी से सत्यापित करा कर वेतन देयक के साथ कोषालय में प्रस्तुत करेंगे। इसके उपरांत ही वेतन देयक पारित किया जाएगा।

    जांजगीर-चापा/ शौर्यपथ / बिलासपुर संभाग के कमिश्नर डॉ संजय अलंग गुरुवार 21 जनवरी को जिले के एक दिवसीय प्रवास पर आएंगे।
    डॉ. अलंग 21 जनवरी को बिलासपुर से प्रस्थान कर प्रातः 10:30 बजे अकलतरा पहुंचेंगे। वे यहां अंग्रेजी माध्यम स्कूल का निरीक्षण करेंगे। स्कूल निरीक्षण के उपरांत ग्राम खटोला के गौठान, बलौदा अंग्रेजी माध्यम स्कूल, औराईकला आदर्श गौठान, ग्राम सरखों के धान खरीदी केंद्र और जांजगीर के अंग्रेजी माध्यम स्कूल का निरीक्षण करने के बाद वे जांजगीर सर्किट हाऊस पहुंचेंगे।

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