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राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण से लोगों राहत देने विभिन्न संगठनों द्वारा कोविड सेंटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवा, इंजेक्शन के अलावा खाद्य सामाग्री, राहत सामाग्री का सहयोग कोरोना पीड़ितों एवं गरीब लोगों के लिये किया जा रहा है। इसी कड़ी में कांटे्रेक्टर संघ के सदस्य विकास एवं विनय ने महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख एवं निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी को कोरोना राहत के लिये मेयर केयर फंड में 51 हजार रूपये का चेक सौंपा।
महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने बताया कि कोरोना संक्रमण की भयानक स्थिति से निपटने शासन-प्रशासन के अलावा समाजसेवी संस्थाओं द्वारा कोरोना पीड़ितों के स्वास्थ्य लाभ तथा गरीब परिवारों को राहत देने विभिन्न प्रकार के सहयोग दिये जा रहे है। इसी कडी में कांट्रेक्टर संघ के सदस्य विकास एवं विनय ने व्यक्तिगत रूप से कोरोना राहत के लिये 51 हजार रूपये का चेक प्रदान किये है। इसके लिये मैं इन्हें साधुवाद देते हुये इनका हृदय से आभार व्यक्त करती हूॅ।
आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि विभिन्न संगठनों एवं लोगों द्वारा सामूहिक व व्यक्तिगत रूप से कोरोना राहत के लिये प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया जा रहा है। इस प्रकार के सहयोग के लिये नगर निगम में मेयर केयर रिलिव फंड खोला गया है। जिसमें इस प्रकार से सहयोग करने वालों का राशि फंड में जमा किया जायेगा और इसे आवश्यकता अनुसार कोरोना आपदा में राहत देने एवं अन्य कार्यो के व्यय किया जायेगा। जिसका प्रारंभ महापौर जी की उपस्थिति में कांट्रेक्टरों द्वारा दिये गये मेयर केयर फंड में 51 हजार रूपये के चेक से किया जा रहा है।
० रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर 3 दिनों बाद भी नही आ रहे मैसेज
० रिपोर्ट के लिए कई दिनों तक करना पड़ रहा इंतजार
० मरीज और उनके परिजन रिपोर्ट के लिए चक्कर लगाने मजबूर
० लेटलतीफी के कारण रोज जा रही हैं जाने
० रिपोर्ट के बिना उपचार नहीं हो पा रहा शुरू, अस्पताल भी नहीं ले रहे भर्ती
राजनांदगांव / शौर्यपथ / हिन्दू युवा मंच जिला इकाई ने जिम्मेदार विभाग द्वारा कोरोना की जाँच रिपोर्ट देने में टालमटोल करने की शिकायत ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से की है। अपनी शिकायत में कहा कि, संबंधित विभाग द्वारा जाँच रिपोर्ट के लिए गुमराह कर भटकाया जा रहा है। ऐसे नाज़ुक समय में मरीज और उनके परिजनों की कीमती समय की नाहक बर्बादी हो रही है। इनके इस गैर-जिम्मेदाराना रवैय्ये से रोज जाने जा रही है।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मँच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी ने बताया कि जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा एक ओर कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने जनसमान्य से अधिक से अधिक जांच कराने की अपील की जा रही है। कोविड जांच तो तुरंत किया जा रहा है, लेकिन उसकी रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जांच करा लेने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए पुराना जिला अस्पताल के रेडक्रॉस भवन में भेजा जा रहा है। वहां पर भी रिपोर्ट देने में आना-कानी की जा रही है। रिपोर्ट लेने आम आदमी के पसीने छूट रहे हैं। वहीं जिम्मेदार विभाग द्वारा रिपोर्ट देने में टालमटोल कर गुमराह किया जा रहा है, जिसके कारण मरीज और उनके परिजन दफ्तर के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। कोरोना जाँच करने जिला मुख्यालय में लगभग आधा दर्जन कोविड जांच केन्द्र बनाये गए हैं। जिस कोविड जांच केन्द्र में जांच कराओ वहां पर रिपोर्ट तत्काल नहीं दी जाती।
जांच दल और अधिकारियों द्वारा मोबाईल पर मैसेज के माध्यम से रिपोर्ट भेज देने की बात कही जाती है, रिपोर्ट न आने की स्थिति में पुराना जिला अस्पताल स्थित रेडक्रॉस भवन भेजा जाता है। रेडक्रॉस भवन जाने पर एक आवेदन भराया जाता है, आवेदन भराने के बाद भी घंटो इंतजार कराया जाता है। घंटों इंतजार कराने के बाद आखरी में कह दिया जाता है कि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में जाकर पता पता कर लीजिए अथवा आपने जहां पर जांच कराई है, वहीं पर एक बार जाकर पता करने की बात कही जाती है, तो इस प्रकार जनसमान्य को दर-दर भटकने के लिए विवश किया जा रहा है, और ऐसे नाज़ुक समय मे उनके कीमती समय की नाहक बर्बादी की जा रही है। पॉजिटिव रिपोर्ट के बिना सिटी स्कैन में रियायत भी नहीं मिल पा रही है। सिटी स्कैन कराने में दिक्कतें आ रही है, और बिना सिटी स्कैन के ईलाज आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
बिना पॉजिटिव रिपोर्ट के शासकीय अथवा निजी अस्पतालों में मरीज को भर्ती भी नहीं किया जा रहा है। निगेटिव और पॉजिटिव मरीजों दोनों के लिए ही रिपोर्ट जरूरी है। शासकीय सेवकों को अपनी निगेटिव रिपोर्ट विभाग में दिखानी है, तो वहीं बिना निगेटिव रिपोर्ट के जरूरी कार्य के लिए बाहर भी नहीं जा सकते। संबंधित विभाग के इसी गैरजिम्मेदाराना और लापरवाहीपूर्ण रवैय्ये से रोज सैकड़ों मरीजों की जान जा रही है। हिन्दू युवा मंच ने कोविड जाँच की रिपोर्ट तत्काल प्रदान करने और इसे सरलता से सुलभ कराने की मांग की है, ताकि हम विलंब के कारण बेवजह हो रही मौतों पर अंकुश लगाया जा सके।
- वैक्सीनेशन के मिल रहे सकारात्मक परिणाम, कोरोना योद्धा हो रहे शीघ्र स्वस्थ
- जिले में 15 हजार 129 स्वास्थ्य कर्मी तथा 11 हजार 426 अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को लगा वैक्सीन
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। जिले में हमारे अग्रिम पंक्ति के कोरोना वारियर्स का वैक्सीनेशन हो चुका है। कोरोना की पहली लहर के बाद से ही हमारे कोरोना वारियर्स जनसामान्य की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने जब रफ्तार पकड़ी तब हमारे स्वास्थ्य कर्मी एवं अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं राजस्व, पुलिस, नगर निगम एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले योद्धाओं ने पुन: ड्यूटी की कमान संभाली।
ड्यूटी के दौरान हमारे स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी तथा अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा दुबारा कोरोना संक्रमित हो रहे हैं लेकिन इस बार स्थितियां अलग हैं। वैक्सीनेशन से उन्हें सुरक्षा मिली है और कोविड-19 संक्रमण से जल्दी रिकवरी हो रही है। किसी तरह के गंभीर प्रकरण सामने नहीं आए हैं। जिले में अब तक 15 हजार 129 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज तथा 12 हजार 537 को दूसरा डोज लग चुका है। वहीं अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं में 11 हजार 426 को पहला डोज तथा 7 हजार 897 को दूसरा डोज लग चुका है।
जिले में कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पूरी टीम रात-दिन लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के कोरोना योद्धा विभिन्न मोर्चे पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 हॉस्पिटल, कोविड केयर सेंटर में इलाज के अलावा सैम्पलिंग, वैक्सीनेशन एवं अन्य सुविधाओं की भी दरकार है, जिसे उन्हें पूरा करना है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने नागरिकों से टीकाकरण के लिए अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना से सुरक्षा के लिए टीकाकरण अवश्य कराएं। यह वैक्सीन हमारे लिए सुरक्षा कवच है। जिले में टीकाकरण कार्य प्रगति पर है। टीकाकरण होने की स्थिति में कोरोना संक्रमित होने पर गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं होती है और जनसामान्य होम आइसोलेशन में ठीक हो जाते हैं।
वैक्सीनेशन के कारण इजराईल में लोगों ने कोरोना को मात दी है और वहां जिन्दगी की गाड़ी फिर से पटरी पर आ गई है। इसी तरह अमेरिका में वैक्सीनेशन से कोविड-19 के केस 80 प्रतिशत तक कम हुए है। स्पेन, फ्रांस और जर्मनी एवं ब्रिटेन में स्थिति में सुधार आया है। हमारे देश में वैक्सीनेशन से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की जानकारी के अनुसार लोग कम संक्रमित हो रहे हैं और कोविड संक्रमित होने पर शीघ्र स्वस्थ भी हो रहे हैं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ के 62 वर्ष शेख सईद कुरैशी कोरोना संक्रमित हुए और इसके बाद बाद निमोनिया की बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया था। उन्होंने बताया कि कोरोना से लडऩे के लिए आंतरिक शक्ति मजबूत होना बहुत जरूरी है। दृढ़ इच्छाशक्ति से ही इस बीमारी का सामना किया जा सकता है। श्री शेख सईद कुरैशी ने बताया कि वे लगभग एक सप्ताह से बीमार थे और वायरल फीवर समझ रहे थे। सिटी स्कैन कराने पर निमोनिया बढ़ा हुआ था और वे 12 अप्रैल को कोविड-19 ट्रिटमेंट हॉस्पिटल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोमनी में एडमिट हुए थे। इलाज शुरू होते ही राहत मिली और ऑक्सीजन सेचुरेशन भी ठीक रहा।
शेख सईद कुरैशी एवं उनके बेटे वसीम कुरैशी ने कहा हॉस्पिटल में इलाज उम्मीद से ज्यादा अच्छा था और वहां ड्यूटी पर उपस्थित डॉ. राहुल त्रिपाठी ने लगातार उनके इलाज के साथ ही उनके स्वास्थ्य के संबंध में पूरी जानकारी दी एवं उन्हें हौसला दिया। शेख सईद कुरैशी ने डॉक्टर एवं वहां के स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में भोजन एवं अन्य व्यवस्था अच्छी थी।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग की सदस्य वा एआईसीसी सदस्य क्रांति बंजारे कहा कि भाजपाईयो को धरना देना है तो मोदि और केन्द्र के खिलाफ दे जिन्होने देश के लोगों को बेसहारा छोड़ दिया है देश मे जिस दल की सरकार हो जिस देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तरप्रदेश ,मध्यप्रदेश महाराष्ट्र जैसे अनेको राज्यो में ऑक्सीजन और दवाई की कमी होऔर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही हो वहां पर देश की सत्ता रूढ़ दल के एक राज्य इकाई के नेता के राज्य सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने की बेशर्म नौटंकी कर रहे है।आज देश के लोगो को ऐसा लग ही नही रहा की उनकी एक केंद्र सरकार भी है।मोदी सरकार अपने संघीय दायित्व को भूल गयी।यही है भाजपा और संघ का राष्ट्रवाद ।देश की सारी राज्य सरकारें अकेले के दम पर अपने राज्य की जनता की जान बचाने में लगी है ।केंद्र सरकार सिर्फ मीटिंग की औपचारिकता निभा रही है।
भाजपा नेताओं को धरने में बैठने का इतना ही शौक है तो अपने दल से बने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ धरने पर बैठे ,जो एक राष्ट्र के रूप में पूरे देश मे कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने की इच्छा शक्ति नही दिखा पा रहे ।धरने में बैठे केंद्र क्यो राज्यो को दवाई नही उपलब्ध करवा पा रहा ।धरने में बैठे देश के एक राज्य से दूसरे राज्यो तक ऑक्सीजन की एयर लिफ्टिंग करने के लिए वायु सेना की सहायता लेने में मोदी सरकार को क्यो महीनों लग गए ?धरने में बैठे क्यो केंद्र एक ही देश मे तीन तीन दामों में वैक्सीन बेचने की अनुमति दे रहा ?धरने में बैठे क्यो केंद्र रेडमिसिवर इंजेक्शन की सप्लाई नही करवा पा रहा ?धरने में बैठे क्यो राज्यो को टेस्टिंग किट केंद्र नही दे पा रहा ? धरने में बैठे कई देश मे सिर्फ पांच करोड़ लोगों को वैक्सीन लग पाई और 6करोड़ बेक्सिन के डोज निर्यात कैसे हो गयी ?
भाजपाई मोदी से पूछे जब देश एक है महामारी पूरे देश छाई हुई है फिर इसके खिलाफ लड़ाई अलग अलग राज्यो में अलग तरीके से कैसे होगी ।
एआईसीसी सदस्य क्रांति बंजारे ने कहा कि भाजपाईयो वास्तव में धरना देना है तो मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ धरना दे जहाँ पर भाजपा के संस्थापक और पूर्व रास्ट्रीय अध्यक्ष के दो दो परिजन दवाई और ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ दिए ।
भाजपाई धरना उस केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के खिलाफ धरना देने का साहस दिखाए जिन्होंने अस्पताल में भर्ती परिजन के लिए ऑक्सीजन मांगने पर एक युवक को तमाचा मारने की धमकी दी ।
कांग्रेस नेत्री ने कहा आज देश मे सबसे असंवेदनशील लोग केंद्र की सत्ता में बैठे है जिनका मकसद सिर्फ सत्ता हथियाना मात्र है ।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नाकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के वनस्पतिशास्त्र विभाग द्वारा इकोलॉजी स्टेबिल्टी एण्ड मैनेजमेन्ट विषय पर एकदिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार में विषय विशेषज्ञ के रूप में शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सतीश सेन उपस्थित थे। बेबीनार का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल ने कहा कि हमारे पर्यावरण में प्रदुषण कार्बन का उत्सर्जन और वृक्षों की कटाई दिनों दिन बढ़ रही हैं। जिसके कारण हमारे परितंत्र में इसका बहुत बुरा असर पड़ है। इसका असर इकोसिस्टम के पोषण लेवल पर भी धीरे-धीरेे दिखाई दे रहा है। उन्होंने असंतुलित इकोसिस्टम क ो रोकने के लिए छात्राओं को ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने एवं गैसों के उत्सर्जन करने वाली वस्तुओं का कम से कम उपयोग करने कहा।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ डॉ. सतीश सेन ने अपना सेमीनार पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पाये जाने वाले विविधता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही भारत में पाये जाने वाले विभिन्न प्रकार के इकोसिस्टम के बारे में बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में आयोजित हुये गिधवा पक्षी महोत्सव में आये विभिन्न प्रकार के पक्षियों के बारे में भी जानकारी दी। डॉ. सेन ने बताया कि वर्तमान में हो रहे कार्बन उत्सर्जन और खनिज उत्खन्न के दुरूपयोग के कारण पत्तियों पर फलाय ऐश के जमा होने के कारण मेटाबालिक एक्टीविटी कम हो रहे है। जिसका प्रभाव पूरे पौधों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इनके बचाव के लिए वनों का विनाश नहीं होना चाहिए तथा जल स़्त्रोत को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। डॉ. सेन में इकोसिस्टम के अंतगर्त आने वाले समस्त प्वांइट की विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर दिए। कैरियर गांइडेस के बारे में बताते हुए छात्राओं को नेट और सेट की परीक्षा की तैयारी के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रभात कुमार बैस ने किया। इस दौरान वनस्पतिशास्त्र विभाग के डॉ. चेतना गुप्ता एवं सुश्री अर्पणा तिवारी सहित एमएससी पूर्व और अंतिम वर्ष की छात्राएं उपस्थित थी।
SHOURYAPATH राजनांदगांव। संभावना है कि किसी भी वक्त राजनांदगांव जिला प्रशासन लॉकडाऊन को आगे बढ़ाने का आदेश कभी भी जारी कर सकता है। बताया जा रहा है कि अन्य जिलों की तरह यहां भी लॉकडाऊन को 5 मई तक के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। कोरोना संक्रमण के रफ्तार को देखते हुए 10 अप्रैल से 19 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया था मगर स्थिति में कोई सुधार नही हुआ था इसलिये जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन को 26 अप्रैल तक बढ़ाने का आदेश जारी किया गया था । कोरोना संक्रिमित मरीजो की संख्या अब भी घटते नज़र नहीं आ रहे हैं। राज्य सरकार भी लॉकडाऊन के पक्ष में नज़र रही है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि राज्य सरकार चाहती है कि राज्य के सभी जिलों में लॉकडाऊन बढ़ा दिया जाए जिसकी जिम्मेदारी सभी जिलों के कलेक्टर को सौपदी गई है। लॉकडाऊन की अवधि पूरी होने को है लेकिन संक्रमण की स्थिति में कोई सुधार होता नजर नही आ रहा है ।प्रशाशन की लाख कोशिशों के बाद भी रोज संक्रिमित मरीजो के नए आंकड़े सामने आ रहे है जिसे देखते हुए कलेक्टर लॉकडाउन आगे बढ़ाने का आदेश जारी कर सकते है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले में बढ़ते हुए कोविड-19 के प्रकोप के कारण मरीजों को मदद करने के लिए तथा ऑक्सीजन सिलेण्डर देने के लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स व बढ़ते कदम के उत्साही युवकों ने मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है। चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश मंत्री राजा मखीजा, गुरमुखदास वाधवा, अनिल बरडिया, सूरज खंडेलवाल, घनश्याम वाधवानी, शरद अग्रवाल, डॉ. करतार सिंह कंजवानी, अर्जुन वाधवानी, हरीश मोटलानी, सुनील लेखवानी, कौशल शर्मा आदि उत्साही युवकों की टीम ने सक्रिय होकर यह कार्य अपने हाथ में लिया। टीम के रेखचन्द जैन ने बताया कि संस्था के सदस्यों व नगरवासियों के सहयोग से शुरू में 25 ऑक्सीजन सिलेंडर व दो ऑक्सीजन कन्संट्रेटर लाकर यह सेवा कार्य आरंभ किया गया। अब तक 80 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवा कर यह सुविधा प्रदान की जा रही है।
प्रतिदिन विभिन्न जरूरतमंदों द्वारा इस सुविधा का लाभ उठाया जा रहा है अभी तक 375 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है और संस्था के इस कार्य की सभी प्रशंसा कर रहे हैं। सिलेंडर की व्यवस्था हेतु जरूरतमंद मरीज के परिजन सूरज खंडेलवाल 9827166444, घनश्याम वाधवानी 7000501956, सुनील लेखवानी 8319230092 अथवा बढ़ते कदम के लालबाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। 30 लीटर व 10 लीटर दोनों सिलेंडर उपलब्ध हैं आवश्यकतानुसार मरीज के परिजनों को सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने रेमडेसिविर इंजेक्शन व अन्य जीवनरक्षक औषधियों की उपलब्धता के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। वर्तमान में राजनांदगांव जिले में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है जिसमें मरीजों के इलाज हेतु इंजेक्शन रेमडेसिविर व अन्य जीवनरक्षक औषधियों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में स्थानीय प्रशासन द्वारा शासकीय, निजी अस्पतालों को कोविड-19 मरीजों के इलाज की अनुमति प्रदान की गई है। प्रायः देखने में यह आ रहा है कि भर्ती मरीजों के परिजनों को चिकित्सालय में औषधि उपलब्ध नहीं होने पर चिकित्सक पर्ची में दवाई लिखकर बाहर से लाने हेतु सलाह दे रहे हैं, जिसके कारणवश मरीज के परिजन अनावश्यक रूप से औषधि के अभाव में इधर-उधर भटक रहे हैं।
मरीजों को समय पर औषधि उपलब्ध कराने एवं उनके परिजनों को अनावश्यक रूप से परेशानी ना हो इस आशय से संबंधितों को निर्देशित किया जाता है कि शासकीय, निजी अपस्ताल, नर्सिंग होम में कोविड से संक्रमित मरीजों के लिए आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों की उपलब्धता एवं आवश्यकता हेतु अस्पताल संचालक से समन्वय कर भर्ती मरीज हेतु आवश्यक दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जिससे संक्रमण की कठिन परिस्थितियों में मरीज को तत्काल जीवनरक्षक औषधि उपलब्ध हो सके एवं उनके परिजनों को अनावश्यक रूप से औषधि हेतु भागदौड़ ना करना पड़े।
इस हेतु उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला राजनांदगांव अपने अमले के सहयोग से स्थानीय स्टाकिस्ट से समन्वय स्थापित कर निजी कोविड-19 अस्पतालों को रेमडेसिविर व अन्य जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता एवं आवश्यकता के आधार पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता के पश्चात् मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा अपने स्तर पर शासकीय कोविड-19 अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में इंजेक्शन रेमडेसिविर व अन्य जीवनरक्षक औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
अस्पताल अधीक्षक सह संयुक्त संचालक भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय राजनांदगांव द्वारा अपने स्तर पर कोविड अस्पताल पेंड्री में इंजेक्शन रेमडेसिविर व अन्य जीवनरक्षक औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। इंजेक्शन रेमडेसिविर का क्रय-विक्रय कोविड-19 अस्पताल द्वारा मेडिकल एजेंसी से लेकर अस्पताल के कोविड-19 मरीजों को किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शासकीय, निजी अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा मरीज अथवा उनके परिजनों को कोई भी औषधि के लिए पर्ची अथवा बाहर से औषधि लाने के लिए बाध्य नहीं करेंगे एवं शिकायत पाये जाने पर विधिसम्मत् कार्रवाई की जाएगी। शासकीय, निजी अस्पताल प्रबंधन संबंधित से आपसी समन्वय कर व्यवस्था करें।
हमर युवा, हमर अभिमान, फ्री म टिका छत्तीसगढ़ के पहचान
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने कहां कि छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में जन कल्याणकारी फैसले लेने वाला प्रथम राज्य बन कर सामने उभर रहा है। वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा 18 वर्ष से 45 वर्ष के लोगों को कोरोना वैक्सीन मुफ्त में लगाने की बात कहकर जनहित फैसले की ओर एक और कदम बढ़ाया है। यह फैसला लेकर माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने छत्तीसगढ़ प्रदेश का जिम्मेदार मुखिया होने का अपना कर्तव्य निभाया है। साथ ही जिला अध्यक्ष पदम कोठारी ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मोदी सरकार युवा विरोधी, गरीब विरोधी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा था कि वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है और स्वास्थ्य पर कुल 2.4 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान किया था। अब सवाल यह उठता है कि केंद्र सरकार के 35,000 करोड़ के वैक्सीनेशन बजट से 18 वर्ष से 45 वर्ष की आयु वर्ग के वैक्सीनेशन का खर्च केंद्र सरकार क्यों वहन नहीं कर रही है ? एक ही कंपनी के कोविशिल्ड वैक्सीन की कीमत केंद्र के लिए ₹150/डोज राज्य के लिए ₹400/डोज एवं निजी अस्पतालो के लिए ₹600/डोज अलग अलग रखना समझ से परे है।
क्या मोदी जी आपदा में अवसर तलाश कर रहे हैं ? जबकि कोरोना से लड़ने के नाम पर इकट्ठा किए गए एक लाख करोड़ के पीएम केयर्स फंड से वैक्सीनेशन की राशि खर्च की जा सकती थी। पीएम केयर्स फंड को सूचना के अधिकार से भी बाहर रखकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गैर जिम्मेदाराना रवैये का परिचय दिया है।
*राजनांदगांव। Shouryapath । जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष पार्षद दल के प्रवक्ता शिव भजन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल मैं 7 घंटे तक बिजली बंद होना प्रदेश सरकार की नाकामी है। उन्होंने कहा कि आखिर प्रदेश सरकार राजनांदगांव के प्रति उदार दिल क्यों नहीं है। इसीलिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह कहते हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बदलापुर की राजनीति कर रहे हैं। श्री वर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री, या प्रभारी मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री राजनांदगांव आऐ या ना आऐ इसका कोई मतलब नहीं है। परंतु जनहित को ध्यान रखते हुए व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 7 घंटे बिजली बंद होना। जनरेटर खराब होगा उस समय कोरोना से पीड़ित मरीजों की दशा क्या होगी मरीज तड़पते रहे चीखते चिल्लाते रहे वेंटिलेटर पर जो मरीज थे उनकी क्या हालत होगी यह प्रदेश की सरकार आंखें खोल कर सोचे। स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों को प्रदेश सरकार हर माह वेतन नहीं देते हैं, कभी-कभी तो 2 से 3 माह में इन लोगों का पेमेंट होता है जिसके वजह से इन कर्मचारियों का मनोबल मरीजों के प्रति कम होते जा रहा है, उन्होंने यह भी कहा कि किसी अधिकारी को हटाने या ना हटाने से कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा। सरकार सिस्टम में बदलाव करें। 500 करोड़ का मेडिकल कॉलेज जहां पर व्यवस्था जीरो है इतनी बड़ी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर नर्स स्टाफ की कमी व्यवस्था की कमी वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर नर्स स्टाफ को दो तीन महीने तक इनको पेमेंट नहीं हो पाता ऐसे अनेकों उदाहरण है जिसे सुधार किया जाना जरूरी है, इसी प्रकार सरकारी अस्पतालों में खाने की नहीं की व्यवस्था भी चरमराई हुई है जिला प्रशासन इन सब कमियों को पूरा करने के बजाए अपने वाहवाही करने में लगे हुए हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जो खाना दिया जा रहा है वह खाना मुंह में डालने लायक भी नहीं है जिससे खाने की कमी के वजह से मरीजों की हालत दिन-ब-दिन खराब होते जा रही है जबकि कोविड-19 को देखते हुए मरीजों को दवाई के साथ अच्छी खाना देने में जिला प्रशासन सहित राज्य सरकार विफल होते हुए नजर आ रहे हैं। महापौर को महापौर निधि से प्रभारी मंत्री के द्वारा पचास लाख रुपए खर्च करने का अधिकार दिया है,और वही मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था आपको स्वयं सुधारना था, और वही एक रूम में कोविड-19 खोलने की जरूरत नहीं था, क्योंकि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कोविड-19 मरीजों को ही देखेंगे, मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर और अन्य कोई भी समान नहीं है, तो फिर यह दोहोरी नीति महापौर क्यों चला रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के महापौर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ना सुविधा है, न स्टाफ है और भोजन व्यवस्था पूरी तरह खराब है। साथ ही इस बात को भी स्वीकार किया कि वेंटीलेटर भी अभी तक चालू नहीं कर पाए।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज दिग्विजय स्टेडियम स्थित डिस्ट्रिक वार रूम में कोविड-19 समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि कोविड-19 हॉस्पिटल में मरीज स्वस्थ होने के बाद भी डॉक्टर द्वारा डिस्चार्ज करने पर घर नहीं जा रहे है। जिसके कारण कोरोना से संक्रमित जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीलेटेड बेड नहीं मिल पा रहा है। स्वस्थ हुए मरीजों द्वारा ऐसा करना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने ऐसे करने वाले मरीजों पर कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मरीज के स्वस्थ होने के बाद घर नहीं जाने से अन्य जरूरतमंद मरीजों को हॉस्पिटल में जगह नहीं मिल पा रही है। साथ ही इन मरीजों के ठीक होने के बाद भी हॉस्पिटल में रहने से अन्य संक्रमित मरीजों से फिर से संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे मरीज जो स्वस्थ हो गए हैं और जिनको हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, वे घर जाएं, जिससे अन्य मरीजों को ऑक्सीलेटेड बेड उपलब्ध होगा।
कलेक्टर वर्मा ने शासकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप ऑक्सीजन सिलेण्डर की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले की सीमा क्षेत्रों को सील करके कड़ी निगरानी रखें। बाहर से आने वाले सभी लोगों का कोविड टेस्ट करें। उन्होंने रेल्वे स्टेशन में कोविड टेस्ट की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से कोविड संक्रमण के अधिक केस आ रहे है। वहां लोगों को आइसोलेट करने की जरूरत है। कोरोना से मृत्यु होने पर प्रोटोकाल का पालन करते हुए शव का अंतिम संस्कार करें। जिन घरों में कोरोना से मृत्यु हो रही है, वहां के सभी सदस्यों का अनिवार्य रूप से कोरोना टेस्ट जरूर कराएं।
कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने जिले में कोविड-19 के टेस्ट की जानकारी लेते हुए कहा कि टेस्टिंग किट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है। कोविड केयर सेंटर में होने वाली मृत्यु तथा वहां से डिस्चार्ज लोगों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। जिले में कोविड निगेटिव और पॉजिटिव आने वाले लोगों की एन्ट्री करें। साथ ही संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों का डाटा भी रखें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर राहुल रजक, डीएसपी लोकेश देवांगन, डीपीएम गिरीश कुर्रे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे, जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम, ईडीएम सौरभ मिश्रा, शासकीय मेडिकल कालेज के अरविंद चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज दिग्विजय स्टेडियम स्थित डिस्ट्रिक वार रूम में कोविड-19 समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि कोविड-19 हॉस्पिटल में मरीज स्वस्थ होने के बाद भी डॉक्टर द्वारा डिस्चार्ज करने पर घर नहीं जा रहे है। जिसके कारण कोरोना से संक्रमित जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीलेटेड बेड नहीं मिल पा रहा है। स्वस्थ हुए मरीजों द्वारा ऐसा करना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने ऐसे करने वाले मरीजों पर कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मरीज के स्वस्थ होने के बाद घर नहीं जाने से अन्य जरूरतमंद मरीजों को हॉस्पिटल में जगह नहीं मिल पा रही है। साथ ही इन मरीजों के ठीक होने के बाद भी हॉस्पिटल में रहने से अन्य संक्रमित मरीजों से फिर से संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे मरीज जो स्वस्थ हो गए हैं और जिनको हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, वे घर जाएं, जिससे अन्य मरीजों को ऑक्सीलेटेड बेड उपलब्ध होगा।
कलेक्टर वर्मा ने शासकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप ऑक्सीजन सिलेण्डर की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले की सीमा क्षेत्रों को सील करके कड़ी निगरानी रखें। बाहर से आने वाले सभी लोगों का कोविड टेस्ट करें। उन्होंने रेल्वे स्टेशन में कोविड टेस्ट की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से कोविड संक्रमण के अधिक केस आ रहे है। वहां लोगों को आइसोलेट करने की जरूरत है। कोरोना से मृत्यु होने पर प्रोटोकाल का पालन करते हुए शव का अंतिम संस्कार करें। जिन घरों में कोरोना से मृत्यु हो रही है, वहां के सभी सदस्यों का अनिवार्य रूप से कोरोना टेस्ट जरूर कराएं।
कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने जिले में कोविड-19 के टेस्ट की जानकारी लेते हुए कहा कि टेस्टिंग किट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है। कोविड केयर सेंटर में होने वाली मृत्यु तथा वहां से डिस्चार्ज लोगों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। जिले में कोविड निगेटिव और पॉजिटिव आने वाले लोगों की एन्ट्री करें। साथ ही संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों का डाटा भी रखें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर राहुल रजक, डीएसपी लोकेश देवांगन, डीपीएम गिरीश कुर्रे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे, जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम, ईडीएम सौरभ मिश्रा, शासकीय मेडिकल कालेज के अरविंद चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-गोमय यज्ञ भष्म से हो सकती है ऑक्सीजन की पूर्ति, धन भी बचेगा और पर्यावरण भी
- पंचगव्य यानि देशी गाय का गोघृत, दूध, दही, गोवर व गोमूत्र से निर्मित वस्तुओं का उपयोग करने वाला सुरक्षित है कोरोना वायरस से
- राजनांदगांव व डोंगरगढ़ में अनेकों लोग पंचगव्य सेवन करके अपने को सुरक्षित व निर्भय कर रहे महसूस ,दैनिक यज्ञ से वायरस संक्रमण घटेगा, रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और बढ़ती मृत्युदर पर चिंता व्यक्त करते हुए माँ पंचगव्य अनुसंधान केन्द्र प्रभारी व पंचगव्य चिकित्सक आर्य प्रमोद अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को नजरअंदाज करने व सही जानकारी के अभाव में आज कोरोना वायरस का संक्रमण व मृत्युदर दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है। अत: हमें अपनी पारम्परिक वैदिक चिकित्सा की ओर लौटना ही होगा। आर्य प्रमोद नें बताया कि जो चिकित्सा बड़े-बड़े अस्पतालों में हो रही है, वह चिकित्सा आपके पास ही उपलब्ध है।
वैज्ञानिक शोधों के आधार पर व स्वयं के अनुभव के आधार पर भी यह बात सिद्ध हो चुकी है कि गोमय के यज्ञ भस्म में 46 प्रतिशत तक ऑक्सीजन है। दो चम्मच भस्म 1 लीटर पानी में डालकर सेवन करें तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सकता है। पारम्परिक चिकित्सा से अनजान लोग ऑक्सीजन सिलेण्डर के लिए भटक रहे हैं, महंगी राशि का भुगतान कर रहे हैं और व्यवस्था न मिलने पर अपनी जान भी गंवा रहे हैं।
पंचगव्य चिकित्सक आर्य प्रमोद ने बताया कि राजनांदगांव व डोंगरढ़ में पंचगव्य आधारित चिकित्सा सुविधा पिछले पांच वर्षों से निरंतर संचालित है। यहां गौमूत्र का सेवन करने वाले लोगों में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है। जिससे वे अनेक गंभीर व जटिल रोगों से मुक्त हो चुके हैं। साथ ही वे वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण से भी मुक्त हैं व भयरहित होकर लोगों के लिए प्रेरक बने हुऐ हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए वेक्सीनेशन की सरकार की मुहिम के बाद भी वायरस से संक्रमण व मृत्युदर बढ़ रही है, इसका मुख्य कारण है कि आज हर व्यक्ति के मन में डर घर कर गया है। जैसा कि मनोवैज्ञानिक सिद्धान्त है कि भय से हमरा इम्युन सिस्टम काफी कमजोर होने लगता है और विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होनें वैज्ञानिक व धार्मिक आधार पर बताया कि पंचगव्य उत्पादों में यदि हम प्रतिदिन गोवर के कंड़े में चावल व गौघृत मिलाकर मंत्र के साथ आहुति दें तो निश्चित रूप से वायरस इंफेकशन से बचेंगे और हम भयमुक्त भी हो सकेंगे।
पंचगव्य औषधि के लिए सुकुदैहान में सिद्धि पैथोलॉजी लैब, गौ प्रचार रथ सुभाष द्वार पोष्ट ऑफिस चौक राजनांदगांव, गुरूकृपा जलाराम मंदिर कैलाश नगर, गौ नेचुरल कमला कॉलेज त्रिपाठी टॉवर, रेमन शॉप कौरीनभाठा, गौमूत्र चिकित्सा केंद्र स्टेट बैंक के पास सेठ पारा डोंगरगढ़ व माँ पंचगव्य अनुसंधान केन्द्र ग्राम लीटिया राजनांदगांव से पंचगव्य औषधि प्राप्त कर सकते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
