September 10, 2026
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    राजनांदगांव

    राजनांदगांव (1782)

    ० पुलिस व परिजनों को गुमराह करने थाना खड़गांव में पत्नि के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराया
    ० हत्या के खुलासे के बाद आरोपी पिता, पुत्र गिरफ्तार

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, अति. पुलिस अधीक्षक मानपुर जयप्रकाश बढई तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मानपुर हरिश पाटिल के मार्गदर्शन पर थाना खडगांव पुलिस द्वारा हत्या के खुलासा के बाद आरोपी पिता पुत्र को गिरफ्तार किया गया। मामले का विवरण इस प्रकार है कि आरोपी जयपाल जामडे पिता हेमलाल उम्र 29 साल एवं हेमलाल जामडे पिता रामसाय उम्र वर्ष साकिनान ग्राम परसघाट थाना खडगांव के 3 अप्रैल 2021 को तुलेश्वरी जामडे पति जयपाल जामडे उम्र 26 वर्ष को लकड़ी काटने जंगल जाने की बात कहकर सुबह पाण्डरवानी जबकसा जंगल ले गए, जहां करीब 12-1 बजे जयपाल व तुलेश्वरी के खाना खाने के समय विवाद होने से जयपाल द्वारा पास रखे टंगिया से तुलेश्वरी के सिर पर कुल्हाड़ी के बेट से वार किया गया एवं पुनः कुल्हाड़ी के धार वाले हिस्से से गले पर प्राण घातक वार किया, जिससे तुलेश्वरी का गला कटने से मृत्यु हो गई। बाद दोनों आरोपियों द्वारा झरन नाला के गड्ढे मे मृतिका के शव को छिपाने के लिए मिट्टी, पत्थर, पत्तों और टहनियों से ढक दिये, ताकि किसी को पता न चले और वापस गांव के अपने बाडी में आकर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और गैंती को धोकर छुपा दिये और घर में मृतिका के शादी में जाना बता दिये एवं पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए 8 अप्रैल 2021 को आरोपी जयपाल द्वारा थाना खडगांव मे आकर अपनी पत्नि के 3 अप्रैल 2021 के सुबह से बिना बताए कही चले जाने बाबत् गुम इंसान रिपोर्ट दर्ज कराया गया।
    10 अप्रैल 2021 को मृतिका के मायके पक्ष वाले ग्राम परसघाट आए और पुछताछ कर शंका जाहिर किये, जिससे गांव मे मीटिंग होने पर आरोपियों द्वारा मृतिका का हत्या करना स्वीकार करने बाद आरोपियों को थाना लाया गया। थाना में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मृतिका की हत्या कर जंगल में शव को छुपाने की बात बतायी। बाद एसडीओपी मानपुर हरिश पाटिल के नेतृत्व में थाना प्रभारी कार्तिकेश्वर जॉगड़े, उप निरी. एमएल साहू, प्र.आर. पुरूषोत्तम निर्मलकर, आर. नरेन्द्र धु्रव, आर. 457 मिथुन वर्मा, आरक्षक रामनारायण चंदेल के आरोपियों के निशानदेही पर पाण्डरवानी, जबकसा के जंगल पहुचे। जहां एसडीएम मोहला से अनुमति प्राप्त कर नायब तहसीलदार चुम्मन लाल धु्रव व मेडिकल स्टाफ के समक्ष शव उत्खनन किया गया। मृतिका का शव गल चुका था एवं केवल कंकाल शेष था, जिसे पंचनामा कार्यवाही बाद मोहला हास्पिटल भेजा गया। बाद घटना में प्रयुक्त टंगिया व गैती को आरोपियों के निशानदेही पर बरामद कर जप्त किया गया। घटना स्थल मे देहाती मर्ग इंटीमेशन व देहाती नालसी लिया गया। बाद थाना वापस आकर घटना स्थल क्षेत्र थाना मोहला का होने से अपराध 0/21 धारा 302, 201, 34 भादंवि कायम कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

    ० ऑक्सीजन की आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए
    ० रेल यात्रा से आने वाले यात्रियों का कोविड-19 परीक्षण किया जाएगा
    ० कलेक्टर ने लॉकडाउन की समीक्षा की
    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने दिग्विजय स्टेडियम स्थित सेन्टर वार रूम (कंट्रोल रूम) में कोविड-19 लॉकडाउन के संबंध में गहन समीक्षा की। कलेक्टर की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम में सेन्टर वार रूम का गठन किया गया है। कलेक्टर द्वारा लॉकडाउन की समीक्षा, कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्य, वैक्सीनेशन एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंतर्विभागीय समन्वय के लिए नियमित रूप से बैठक ली जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य में उत्पादित होने वाली आक्सीजन का 80 प्रतिशत अब मेडिकल आक्सीजन गैस के रूप में राज्य के अस्पतालों को प्रदान किया जायेगा। राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में आक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी अधिनियम के तहत इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई हैं। अत्यंत आवश्यक स्थिति में उद्योगों को प्रदान की जाने वाली 20 प्रतिशत आक्सीजन भी अस्पतालों को प्रदान की जायेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को ऑक्सीजन की आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेल यात्रा के माध्यम से प्रदेश में आने वाले यात्रियों के लिए कोविड टेस्ट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है। जिसका कड़ाई से पालन करना है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए रेल यात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने से पूर्व 72 घंटे के भीतर कराये गये कोरोना जांच टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा। जारी दिशा-निर्देश के अनुसार ऐसे यात्री जिनके पास निर्धारित समयावधि की कोरोना जांच टेस्ट रिपोर्ट नहीं होगी, उनकी कोविड जांच रेल्वे स्टेशन पर की जाएगी। कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर उन्हें संस्थागत क्वारेनटाइन, कोविड केयर सेन्टर, अस्पताल में रखा जाएगा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ट्रेन के समय के अनुसार कोविड-19 टेस्ट के लिए टीम की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। वहीं व्यवस्था के लिए रेल्वे पुलिस की ड्यूटी रहेगी।
    कलेक्टर ने सोमनी में बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर में मेडिकल कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज से पैरामेडिकल स्टॉफ की सेवाएं ले सकते हंै। मानव संसाधन की कमी को दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांव में यह देखना है कि सभी अनुशासन बनाए रखें एवं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। सरपंच यह जिम्मेदारी लें। सेनेटाइजेशन करने के लिए ड्यूटी लगाए। जिले में वैक्सीनेशन बढ़ाने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड केयर सेंटर बढ़ाने की जरूरत है। कोविड संक्रमण से हुई मृत्यु के बाद शव के प्रबंधन में दिक्कत आ रही है। उन्होंने पीपीई कीट पहनकर प्रोटोकॉल के अनुसार शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा। कव्हर की व्यवस्था करने के साथ ही पर्याप्त स्टाफ रखें। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मृत्यु होने पर संबंधित थानों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल का होना आवश्यक है। कलेक्टर ने रेमडीशिविर इंजेक्शन की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। शासकीय मेडिकल कालेज के अरविंद चौधरी ने बताया कि शीघ्र ही रेमडीशिविर इंजेक्शन प्राप्त हो जाएगा और स्टॉक में भी उपलब्ध है।
    कलेक्टर ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रेमडीशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी न हो और उचित कीमत पर उपलब्ध हो तथा लोगों को आसानी से मिल जाए। उन्होंने दवाईयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने उप पुलिस अधीक्षक कविलाश टंडन को वैक्सीनेशन में ड्यूटी करने वालों को अनुमति देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय मेडिकल कॉलेज में 10 वैटींलेटर रात तक पहुंच जाएगा। उन्होंने अरविंद चौधरी को वैटींलेटर लगाने के कार्य को शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कोविड केयर सेंटर बढ़ाने तथा मानव संसाधन की व्यवस्था करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए।
    जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत ने कहा कि वैक्सीनेशन का कार्य महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे ने कहा कि 200 से 300 की बड़ी जनसंख्या वाले गांव में वैक्सीनेशन के लिए सत्र लगाए। बीएमओ एवं सीएमओ ऐसे गांव का चिन्हांकन करें एवं योजनाबद्ध तरीके से रोस्टर बनाकर कार्य करें। नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी ने नगर पालिक निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, राहुल रजक, सीएसपी लोकेश देवांगन, डीपीएम गिरीश कुर्रे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रेणु प्रकाश, जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम, ईडीएम सौरभ मिश्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने चेट्री चन्द्र, गुडीपडवा, बैसाखी व हिन्दू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नगरवासियों को शुभकामनाएं दी है तथा लॉक डाउन का पालन करते हुये घर में त्यौहार मनाने की अपील की है।
    शुभकामना संदेश में महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने कहा कि जहां नवरात्रि हमें माता की अराधना व उपासना का संदेश देती है, वहीं चेतीचांद, गुडीपडवा एवं बैसाखी त्यौहार हमारी शानदार सांस्कृतिक विरासत पर जोर देते है और सामाजिक सद्भाव व अखंडता को बढ़ावा देने की दिशा में काफी योगदान करते है तथा चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन से हिन्दू नव वर्ष का भी शुभारंभ होता है, जो हमारे जीवन में खुशहाली लाती है। उन्होंने नगरवासियों से अपील करते हुये कहा कि इस कोरोना काल के संकट की घड़ी में घर में रहकर अपने परिवार के साथ त्यौहार की खुशियां बांटकर माता की अराधना करना है और लॉक डाउन का पूरा पालन करना है। मॉस्क लगाना है, हर घंटे साबून से हाथ धोना है, दो गज दूरी का पालन करना है, 45 वर्ष से अधिक के व्यक्तियों को कोरोना वैक्शीन लगवाना है, तभी हम इस कोरोना की भयावकता से बच कर कोरोना को हरा सकते है।
    निगम अध्यक्ष हरिनाराण पप्पू धकेता, निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य मधुकर बंजारी, सतीश मसीह, गणेश पवार, श्रीमती सुनीता अशोक फ़डनवीस, राजा तिवारी, श्रीमती बैना बाई टुरहाटे, संतोष पिल्ले, भागचंद साहू, विनय झा, राजेश गुप्ता चम्पू, वरिष्ठ सभापति अब्दुल समद खान, कनिष्ठ सभापति गामेन्द्र नेताम अपील समिति के सदस्यों श्रीमती शकीला बेगम, श्रीमती मधु बैद, ऋषि शास्त्री, जिला योजना समिति के सदस्य सिद्धार्थ डोंगरे व अमीन हुड्डा एवं पार्षदों व नामांकित पार्षदों ने नागरिकों को चेतीचांद, गुडीपडवा, बैसाखी व हिन्दू नव वर्ष, चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नगरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि हमारी हजारों वर्ष पुरानी भारतीय संस्कृति के त्यौहारों को मनाकर अपने जीवन में खुशहाली लाना है और वर्तमान में कोरोना महामारी को देखते हुये लॉक डाउन का पालन कर घर में ही सभी त्यौहारों को मनाना है।

    ० टीकाकरण से महिलाओं की प्रजनन क्षमता को नहीं होता कोई नुकसान
    ० कोविड टीकाकरण व सुरक्षित प्रसव से जुड़ी बातों को समझना जरूरी
    ० कोविड टीकाकरण के बाद महिलाएं करा सकती हैं शिशु को स्तनपान


    राजनांदगांव / शौर्यपथ / एक महिला के लिए गर्भवती होना उत्साह से भरा होता है। गर्भावस्था का यह समय उसके जीवनकाल में सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन कोविड 19 महामारी के इस समय में भावी माताओं में डर, चिंता और अनिश्चितता व्याप्त है। संक्रमण काल का सामना करने के लिए सभी महिलाओं को कोविड-19 टीकाकरण तथा गर्भावस्था व सुरक्षित प्रसव से जुड़ी हर बात को जानने एवं समझने की जरूरत है, ताकि उनके मन में किसी प्रकार का संशय नहीं हो। इसको लेकर यूनिसेफ ने एक मार्गदर्शिका के माध्यम से विस्तार में जानकारी दी है।

    गर्भवती महिलाओं में संक्रमण का खतरा अधिक
    यूनिसेफ के अनुसार कोविड-19 संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए टीकाकरण सुरक्षित और प्रभावकारी है। कोविड काल में महिलाओं के मन में यह सवाल उठते होंगे जैसे कि क्या गर्भवती महिलाओं को कोविड संक्रमण का जोखिम अधिक है? इसके जवाब में यूनिसेफ ने कहा है अन्य महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं में संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। विशेषकर जब कोई महिला स्वास्थ्यकर्मी या फ्रंटलाइन वर्कर्स हों, ऐसी महिलाओं को कोविड टीकाकरण से पूर्व चिकित्सीय परामर्श जरूर लेना चाहिए। वर्तमान में गर्भवती महिलाओं में कोविड टीकाकरण के असर व प्रभाव को समझने के लिए शोध जारी है।
    प्रजनन क्षमता को नहीं पहुंचता है कोई नुकसान
    गर्भवती महिलाओं के मन में कोविड टीकाकरण से उनकी प्रजनन क्षमता को होने वाले नुकसान को लेकर कई संशय हो सकते हैं। ऐसी भ्रांतियों को लेकर यूनिसेफ ने बताया है यह महज एक अफवाह है। ऐसी बातों का ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। कोविड टीकाकरण के कारण महिलाओं की प्रजनन क्षमता को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता है, यदि आप गर्भवती होना चाहती हैं तो कोविड टीकाकरण करा कर आसानी से गर्भवती हो सकती हैं।
    स्तनपान बच्चों को कोविड से रख सकता है सुरक्षित
    स्तनपान कराने वाली महिलाओं के मन में कोविड टीकाकरण कराने एवं टीकाकरण के बाद अपने बच्चे को स्तनपान जारी रखने को लेकर भी कई सवाल है। इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है स्तनपान करा रही महिला यदि टीकाकरण कराये जाने वाले प्राथमिक समूह जैसे स्वास्थ्यकर्मी या फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में शामिल हैं तो उनका कोविड टीकाकरण जरूरी है। टीकाकरण के बाद स्तनपान कराया जा सकता है। शिशु को कोविड संक्रमण से दूर रखने का यह बेहतर तरीका है।
    चिकित्सक से संपर्क कर जरूर करायें प्रसव पूर्व जांच
    कोविड-19 एक नये प्रकार का वायरस है और इस विषय पर लगातार शोध किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी कई भावी माताएं संक्रमण को लेकर डरी हुई हैं और इस ख्याल से वह घर पर ही रह रही हैं। ऐसे में वह डॉक्टरों के संपर्क में कम आ पाती हैं। यूनिसेफ के अनुसार ऐसे समय में चिकित्सकों के सलाह से नियमित प्रसव पूर्व जांच आवश्यक है। शिशु के जन्म के बाद भी उनके नियमित टीकाकरण के लिए भी चिकित्सकों के संपर्क में रहना जरूरी है। चिकित्सक से मिलने के समय के सुरक्षित तरीकों पर बात कर प्रसव पूर्व जांच अवश्य करायें।
    गर्भवती महिलाएं बीमार हों तो लें चिकित्सीय परामर्श
    संक्रमण काल में गर्भवती महिलाओं में यह भी डर हैं कि यदि वह कोविड संक्रमित हुई तो क्या यह संक्रमण उनके बच्चे को भी हो सकता है। यूनिसेफ ने जानकारी दी है कि कोविड-19 वायरस गर्भनाल, स्तन से निकलने वाले दूध या योनि द्रव में मौजूद नहीं होता है, फिर भी एक गर्भवती महिला संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा के सभी उपायों का सख्ती से पालन करें, यदि महिला गर्भवती हैं या हाल ही में शिशु को जन्म दिया है और बीमार महसूस कर रहीं हों तो उन्हें चिकित्सीय परामर्श जरूर लेनी चाहिए।
    संस्थागत प्रसव है सही एवं सुरक्षित विकल्प
    महिलाओं में संक्रमण को लेकर डर का असर उनके प्रसव को भी प्रभावित कर सकता है। कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रसार के मद्देनजर कई बार महिलाएं अस्पताल जाने से इंकार करने लगती है, लेकिन अस्पताल में ही प्रसव कराये जाने की योजना सुरक्षित एवं सही विकल्प है। प्रसव के लेकर मन में किसी तरह की चिंता और डर नहीं रखा जाना चाहिए। अस्पतालों में प्रसव को लेकर होने वाले डर और तनाव को दूर करने के लिए गर्भवती महिलाओं को नियमित हल्के व्यायाम करें तथा अच्छी नींद के साथ पौष्टिक आहार व खानपान पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने गर्भवती होने का आनंद लेना चाहिए। प्रसव के तुरंत बाद स्वयं व नवजात को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए घर पर ही रहें तथा मिलने के लिए रिश्तेदारों को कुछ समय तक रूकने के लिए कहें।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, अति. पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश बढ़ई मानपुर तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी हरिश पाटिल मानपुर के मार्गदर्शन पर प्रकरण का मुख्य फरार आरोपी संजीत साना उर्फ लंबू पिता रंजीत साना उम्र 41 साल निवासी बोड़ेगांव को उसके घर से रेड कार्यवाही कर 11 अप्रैल 2121 के प्रातः घर से घेराबंदी कर पकडा गया। घटना दिनांक से फरार था, जो थाना औंधी पुलिस के हत्थे चढ़ा। जानकारी हो कि पुलिस थाना औधी के द्वारा अवैध शराब परिवहन बिक्री पर अपराध क्रमांक. 01/2021, धारा-34 (2) आबकारी एक्ट कायम किया गया था, जिसमें आरोपीगणों मनुतोष मंडल पिता मनोरजन मंडल निवासी पीण्व्ही 103 अशुतोष नगर, थाना बांदे, जिला कांकेर, एक विधि से संघर्षरत बालक, जयराम दुग्गा पिता स्व. मसरू राम दुग्गा, उम्र 21 साल, निवासी-मेढ़ाखुर्द, मास्टर माइंड संजीत साना उर्फ लंबू साना, निवासी बोड़ेगांव थाना औंधी, जिला राजनांदगांव 26 जनवरी 2021 को अवैध शराब परिवहन करते ग्राम मेढ़ाखुर्द में ग्राम जयराम दुग्गा के घर सामने स्लेटी कलर बोलेरो क्रमांक सीजी 13-यु 7183 में रखे 20 पेटी व जयराम दुग्गा के घर आंगन में 58 पेटी को डंप करने के समय पकड़ा गया।
    इस तरह से कुल 78 पेटी 3900 पौवा मध्यप्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की शराब कुल 702000 एमएल कीमती 5,07,000 रूपये एवं पुरानी इस्तेमाली वाहन बोलेरो कीमती 3,00,000 रूपये, कुल जुमला कीमती 8,07000 (आठ लाख सात हजार रूपये) बरामद किया गया था। प्रकरण का चौथा मुख्य फरार आरोपी तथा मास्टर माइंड संजीत साना उर्फ लंबु साना ए निवासी बोड़ेगांव घटना दिनांक से फरार था, जिसकी तलाश पुलिस तीन महीनों से कर रहा था जो 11 अप्रैल 2021 को अपने घर परिवार से मिलने आया था, जिसे मुखबीर सूचना मिलने पर उसके घर प्रातः 5 बजे उसके घर से गिरफ्तार करने से पुलिस थाना औधी को सफलता मिला, जिसे विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस रेड कार्यवाही में थाना औंधी प्रभारी तारन दास डहरिया, उप निरीक्षक मकरध्वज प्रधान, प्रधान आरक्षक शंकर कारूपिक, प्रधान आरक्षक तेजकुमार किसपोट्टा, प्रधान आरक्षक लुकडू सिंह कोर्राम, आरक्षक कमलेश कौशल, आरक्षक बेदराम राज, आरक्षक छन्नुलाल खूटे, आरक्षक देवलाल का सराहनीय योगदान रहा।

    राजनांदगांव/शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण के कुशल मार्गदर्शन एवं जय प्रकाश बढ़ई अति. पुलिस अधीक्षक डोंगरगढ़, चंद्रेश ठाकुर अनु. अधिकारी डोंगरगढ़ के दिशा-निर्देशन में जिला राजनांदगांव में थाना हुरिया प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में लगातार अपराधों की रोकथाम व क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु कार्यवाही की जा रही है।
    इसी दरम्यान 10 अप्रैल 2021 को रात्रि प्रार्थीथा पीड़िता ने थाना छुरिया उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि आरोपी खिलावन साहू के द्वारा पीड़िता को विगत 7 वर्षों से प्रेम प्रसंग होने के कारण लगातार शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाता था तथा 9 अप्रैल 2021 के रात्रि 9.30 बजे अपने मोबाईल नंबर 6260669443 से पीड़िता के मोबाईल नंबर पर फोन करके कहकर गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ बांह-पकड़कर शारीरिक संबंध बनाने के लिए जोर पर धारा सदर का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
    विवेचना के दौरान आरोपी खिलावन साहू के लगातार पता तलाश के दौरान बिघोला रोड पेट्रोल पंप के पास मिला जिसे पूछताछ हेतु हिरासत में लेकर थाना छुरिया लाकर पूछताछ किया, जिन्होंने बताया कि पीड़िता के साथ प्रेम प्रसंग था, जिसके चलते पीड़िता को शादी करने का प्रलोभन देकर दबाव पूर्वक शारीरिक संबंध बनाना तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देना स्वीकार करने पर आरोपी खिलावन साहू पिता समारू राम साहू उम्र 29 साल निवासी ग्राम वार्ड नं. 1, नगर पंचायत छुरिया थाना छुरिया जिला राजनांदगांव को 10 अप्रैल 21 के 11.55 बजे विधिवत गिरफ्तार किया जाकर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
    इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में उप निरी. कमलेश देवागन, प्रधान आरक्षक संतोष नायक, आरक्षक रोहित मंडावी, राजाराम यादव भानुप्रताप वर्मा, प्रकाश कुरे, महिला आरक्षक खिलेश्वरी साहू का विशेष सराहनीय योगदान रहा।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / राजनांदगांव में वर्तमान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला राजनांदगांव में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुये पात्रतानुसार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को समस्त नियमों का पालन करते हुये घर पर रहकर ईलाज करने हेतु होम आईसोलेशन की सुविधा प्रदाय की जा रही है। डॉ. मिथलेश चौधरी ने नागरिकों से अपील की है कि होम आईसोलेशन में रहते हुये संपूर्ण होम आईसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन करें।
    कोविड-19 पॉजिटिव मरीज जो कि बिना लक्षण या कम लक्षण वाले हो, उन्हें होम आईसोलेशन में रखकर ईलाज की अनुमति दी जायेगी। होम आईसोलेशन वाले मरीज को पल्स आक्सीमीटर एवं थर्मामीटर रखना होगा तथा प्रतिदिन नियमित स्वास्थ्य जांच आक्सीजन सैचुरेशन/तापमान जांच कर कंट्रोल रूम/चिकित्सक को बताना होगा। होम आईसोलेशन के दौरान आक्सीजन की कमी/सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल नजदीकी कोविड केयर सेंटर अथवा कोविड हास्पिटल में भर्ती होकर उपचार ले। सामान्यतः शरीर का आक्सीजन सैचुरेशन 94 या उससे अधिक होना चाहिए तथा पल्स रेट 60 से 72 बिट्स प्रति मिनट एवं तापमान 97.7-99.5 फेरेंहाईट होता है। होम आईसोलेशन में रहते हुए आक्सीजन की कमी/सांस लेने में तकलीफ तापमान में वृद्धि होने पर तत्काल 108/खंड चिकित्सा अधिकारी से टेलीफोन/होम आईसोलेशन कंट्रोल रूम के नंबर 7440203333 से संपर्क कर कोविड केयर सेंटर /कोविड हॉस्पिटल में उपचार लें। घर पर अकेले रहने वाले मरीज को होम आईसोलेशन की पात्रता नहीं होगी। होम आईसोलेशन के दौरान निर्धारित सभी नियमों का पालन करना होगा। इसके अंतर्गत पूर्ण 17 दिवस की अवधि तक घर से मरीज/रिश्तेदार बाहर नहीं जा पायेंगे। अन्य बाहरी व्यक्ति घर में नहीं आ पायेंगे। मरीज को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग हवादार अटैच बाथरूम वाले कमरे में रहना होगा। प्रतिदिन नियमित स्वास्थ्य जांच ऑक्सीजन सैचुरेशन /तापमान कर कंट्रोल रूम/चिकित्सक को बताना होगा। नियमानुसार दवाईयों का नियमित सेवन करना होगा। होम आईसोलेशन में रहते हुये मरीजों को सावधानियां बरतनी चाहिए। मरीज होम आईसोलेशन के दौरान अपने कमरे में ही रहें, घर के अन्य कमरों में ना जायें। मरीज केवल अपने लिये चिन्हित शौचालय का ही प्रयोग करें। मरीज हर समय ट्रीपल लेयर मास्क पहनें तथा आठ घंटे उपयोग के बाद मॉस्क को फेंक दें। हाइपो सोडियम क्लोराईड में डुबाने के पश्चात इसे डिस्पोज कर दें। 20 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर को (01 चम्मच/टेबल स्पून) को 01 लीटर पानी में घोल कर हाइपो सोडियम क्लोराईड घोल बनाया जा सकता है। मरीज तरल चीजें लेते रहें और हाईड्रेड रहें। मरीज समय-समय पर साबुन और पानी से कम से कम 40 सेकंड तक हाथ धोते रहें या एल्कोहॉलयुक्त सैनेटाईजर से साफ करें। मरीज की उपयोग की समस्त सामग्री अलग से मरीज के कक्ष में ही रखा जायें। घर के अन्य लोगों के साथ व्यक्तिगत वस्तु जैसे बर्तन, तौलिये आदि को साझा ना करें। मरीज डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें एवं दवाईयां नियमित लेते रहें। कमरा तथा शौचालय साफ करें।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के निर्देशानुसार 10 अप्रैल 2021 को दोपहर 12 बजे से सम्पूर्ण राजनांदगांव जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। विकासखंड डोंगरगांव के अनुविभागीय अधिकारी हितेश पिस्दा, राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा नगर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोपहर 12 के बाद खुले दुकान पाए जाने पर अर्थदण्ड की कार्रवाई की गई। जिसके अंतर्गत आज आदेश का पालन नहीं करते पाए जाने पर विभिन्न दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए 4000 रूपए का अर्थदण्ड लगाया गया और दुकानें बंद करवाई गई। नगर के सभी दुकादारों, व्यवसायिक एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि सभी घर में रहें, सुरक्षित रहें। मास्क का उपयोग करें व समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहे व सेनेटाईजर का उपयोग करते रहें। लॉकडाउन में प्रशासन का सहयोग करें। इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी आरबी तिवारी, थाना प्रभारी मरकाम सहित पुलिस बल व नगर पंचायत कर्मचारी उपस्थित थे।  

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिलाधीश टीके वर्मा के निर्देश एवं महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख की अनुशंसा पर नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने नागरिकों की सुविधा के लिये होम आईसोलेशन में सहायता के लिये एवं लॉक डाउन के उल्लंघन की शिकायत के अलावा मूलभुत सुविधा बिजली,पानी सफाई सहित सेनेटाईजेशन हेतु अधिकारियों को दायित्व सौपा है।
    आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि केारोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये शासन निर्देश के अनुक्रम में शहर में जिलाधीश द्वारा लॉकडाउन लगाया गया है। लॉक डाउन के समय होम आईसोलेशन, पॉजिटीव मरीजों को दवा वितरण, लॉकडाउन के उल्लंघन की शिकायत सहित मूलभुत सुविधा बिजली पानी सफाई व सेनेटाईजेशन हेतु जिलाधीश के निर्देश एवं महापौर के अनुशंसा पर अधिकारियों को दायित्व सौपा गया है। जिसमें होम आईसोलेशन व कन्टेमेंट जोन के नियमों का उल्लंघन होने पर टोल फ्री नं. 112 में शिकायत दर्ज करा सकते है। इसी प्रकार होम आईसोलेशन में कोविड पॉजिटिव मरीजो के दवाई वितरण एवं स्टीकर चस्पा हेतु जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे मो. नं. 98271-74966 से, आईसोलेशन उपचार के दौरान मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार हेतु समाज कल्याण अधिकारी भूपेन्द्र वाडेकर मो. नं. 93007-63925 से, लॉकडाउन के दौरान व्यवसायिक प्रतिष्ठान व दुकान खोले जाने पर शिकायत हेतु राजस्व अधिकारी संजय भीमटे मो. नं. 70003-28569 से, साफ सफाई हेतु स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव मो. नं. 94241-16018 से, स्ट्रीट लाईट से संबंधित शिकायत हेतु सहायक अभियंता अतुल चोपडा मो. नं. 88151-90725 से, सेनेटाईजेशन हेतु उप अभियंता प्रणय मेश्राम मो. नं. 83197-26288 से, पेयजल सुविधा हेतु प्रभारी अधिकारी सुरेन्द्र साव मो. नं. 93028-92162 से एवं अन्य जानकारी हेतु प्र. जनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र सोनी मो. नं. 98271-96768 से संपर्क कर सकते है। साथ ही अन्य शिकायत हेतु निदान 1100 एवं मेयर हेल्प लाईन नं. 07744 222214 में कॉल कर संपर्क कर सकते है।
    आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि होम आईसोलेशन में प्रशासन के नियमों का पालन करना अनिर्वाय है उल्लंघन की दशा में भारतीय दंड संहिता की धारा 269, 270 एवं 188, एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट 1987 के तहत 6 माह की सजा एवं जुर्माना की कार्यवाही होगी। उन्होंने सतर्क रहकर घर में रहकर सुरक्षित रहने की अपील की है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में छात्राओं के लिए विवाह पूर्व परामर्श कार्यक्रम का अयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। इसी कड़ी में 6 अप्रैल 2021 ए दिन मंगलवार को ऑनलाईन विवाह पूर्व परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉण्सुमन सिंह बघेल द्वारा किया गया। उन्होंने इस अवसर पर विवाह पूर्व परामर्श के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला महाविद्यालय में इस प्रकार के कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छात्राओं को इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम में 22 छात्राओं ने भाग लिया और विवाह से संबंधित आशंकाओं का समाधान प्राप्त किया। छात्राओं के कुछ प्रश्न थे क्या बच्चे होने के बाद शादी-शुदा जीवन में कोई अंतर आता है? प्रेम विवाह अधिक सफल होता है कि माता-पिता द्वारा तय किया गया विवाह? विवाह के पश्चात परिवार में कैसे समयोजन करें? कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत कुमार सोनबेर उपस्थित थे। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए विवाहित जीवन को सफलतापूर्वक जीने में मनोविज्ञान की महत्ता को समझाया।
    परामर्शदाता के रूप में स्थानीय मनोवैज्ञानिक डॉ. मोना माखिजा आमंत्रित थी। उन्होंने आपसी सामंजस्य और बातचीत द्वारा समस्याओं को हल करने पर जोर देते हुए कहा कि पति-पत्नी को एक-दूसरे के भावनाओं का निरंतर सम्मान करना चाहिए। यही सफल वैवाहिक जीवन का आधार है। मनोविज्ञान विभाग भविष्य में ऐसे अन्य कार्यक्रम भी आयोजित करता रहेगा, ताकि छात्राओं को अधिक से अधिक लाभ हो।

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