November 02, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    18 महीने की शहरी सरकार पर भेदभाव के आरोप, कचरा, गड्ढे, अंधेरे मार्ग और बदहाल बाजार से जनता परेशान; सत्ता पक्ष के पार्षद भी उठा रहे सवाल शौर्यपथ विशेष दुर्ग।…

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्ड क्रमांक 39 में उद्यानों के संधारण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अब जमीनी रूप लेने जा रहा है। वार्ड पार्षद गुलाब वर्मा के प्रयासों से 41.37 लाख रुपये की लागत से होने वाले इन विकास कार्यों का भूमिपूजन महापौर अलका बाघमार ने किया। इस पहल से वार्ड के उद्यानों की स्थिति बेहतर होने के साथ नागरिकों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।

    भूमिपूजन कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्याम शर्मा, लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, पर्यावरण विभाग प्रभारी काशीराम कोसरे, एमआईसी सदस्य ज्ञानेश्वर ताम्रकर, पार्षद मनीष कोठारी, उपअभियंता पंकज साहू सहित वार्ड के नागरिक उपस्थित रहे।

    उद्यानों के संधारण एवं सौंदर्यीकरण से बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को सुबह-शाम घूमने, बैठने तथा समय बिताने के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा। साथ ही हरित क्षेत्रों का रखरखाव बेहतर होने से वार्ड की सुंदरता बढ़ेगी और नागरिकों को स्वास्थ्य एवं मनोरंजन के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।

    इस अवसर पर महापौर अलका बाघमार ने कहा कि शहर के विकास के साथ नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। उद्यान नागरिकों के स्वास्थ्य, मनोरंजन और शहर की सुंदरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि नागरिकों को इनका लाभ मिल सके।

    वार्ड क्रमांक 39 में उद्यानों के विकास की दिशा में इस पहल को पार्षद गुलाब वर्मा के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद वार्डवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

    फिटनेस शुल्क ₹800, वसूली ₹5,000 तक! परिवहन विभाग में कथित वसूली पर कांग्रेस का सरकार से सवाल

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग में वाहन फिटनेस से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन स्वामित्व हस्तांतरण तक निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त रकम मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब वाहन फिटनेस का निर्धारित शुल्क 800 रुपये है, तो वाहन मालिकों से 5,000 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतों पर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही है और अतिरिक्त रकम आखिर किसके पास जा रही है?

    फिटनेस जांच या सिर्फ प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया?

    धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वाहन फिटनेस का उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि तकनीकी रूप से खराब, जर्जर टायरों और खराब लाइटों वाले वाहनों को भी पैसे लेकर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने फिटनेस जांच की वास्तविक प्रक्रिया और निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने फिटनेस जांच का ठेका लेने वाली निजी कंपनी के विरुद्ध सामने आ रही शिकायतों की स्वतंत्र जांच पर भी जोर दिया।

    परिवहन कार्यालयों से नाकों तक वसूली के आरोप

    कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि परिवहन कार्यालयों, सड़कों और परिवहन नाकों पर भी अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। वाहन चालकों के हवाले से उन्होंने कहा कि रात के समय वाहनों को रोककर निजी व्यक्तियों के माध्यम से पैसे मांगे जाने तथा इनकार करने पर दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें हैं।

    उन्होंने सवाल उठाया कि निजी व्यक्तियों को किस अधिकारी के आदेश पर वाहनों को रोकने, जांच करने या पैसे वसूलने का अधिकार दिया गया है। कांग्रेस ने परिवहन उड़नदस्तों और नाकों पर निजी व्यक्तियों की भूमिका तथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी की जांच करने की मांग की है।

    लाइसेंस और वाहन ट्रांसफर में भी परेशानी का आरोप

    ठाकुर ने कहा कि आम नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन का स्वामित्व हस्तांतरित कराने और अन्य परिवहन संबंधी कार्यों के लिए निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिरिक्त रकम दिए बिना काम नहीं होने की शिकायतें सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती हैं।

    कांग्रेस की मांग—शुल्क और भुगतान का ब्योरा सार्वजनिक हो

    कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि फिटनेस शुल्क और वाहन मालिकों से ली जा रही वास्तविक राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। प्रत्येक परिवहन कार्यालय, फिटनेस केंद्र और नाके पर निर्धारित शुल्क की सूची प्रदर्शित हो तथा हर भुगतान की अनिवार्य रसीद दी जाए।

    धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अवैध वसूली में संलिप्त पाए जाने वाले निजी व्यक्तियों, कंपनी संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का निष्पक्ष पालन कराने की मांग भी की। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि और परिवहन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु शिविर नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हुई। विकासखंड एवं विधानसभावार आयोजित इन शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई, ताकि नागरिकों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
    इसी कड़ी में श्री शांति लाल यादव को भवन निर्माण की अनुमति से संबंधित प्रक्रिया के लिए भूमि के दस्तावेजों की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने सेवा सेतु शिविर में बी-1 (खतौनी) एवं पी-2 (खसरा) की प्रतिलिपियां प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर में संबंधित अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। इससे उन्हें दस्तावेजों के लिए अलग-अलग राजस्व कार्यालयों में जाने और अनावश्यक समय व्यतीत करने से राहत मिली।
    इसी तरह श्री कमल नारायण एवं श्री संतराम पटेल ने भी अपने अलग-अलग कार्यों के लिए भू-अभिलेख संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने हेतु सेवा सेतु शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया। संबंधित अधिकारियों ने उनके आवेदनों पर कार्यवाही करते हुए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की। श्री कमल नारायण ने बताया कि भूमि से संबंधित बी-1 (खतौनी) और पी-2 (खसरा) की प्रतिलिपियां विभिन्न राजस्व एवं अन्य शासकीय प्रक्रियाओं में उपयोगी होती हैं। इन दस्तावेजों के माध्यम से भूमि खाते और संबंधित खसरे में दर्ज विवरण की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु शिविर में इन दस्तावेजों की उपलब्धता से नागरिकों को आवश्यक जानकारी और सेवाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज मिलने से समय और श्रम बच रहा है। उन्होंने इस सुविधा के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

    डिजिटल तकनीक से न्यायिक प्रक्रिया हुई सुगम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर रहा नागरिकों को जागरूक

    दुर्ग / शौर्यपथ / न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग से दूरी और आवागमन की बाधाओं को कम करने की दिशा में दुर्ग न्यायालय में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक जमानत आवेदन पर सुनवाई कर उसका निराकरण किया गया। वहीं, मुंबई और चेन्नई में मौजूद महत्वपूर्ण गवाहों के बयान एवं प्रतिपरीक्षण की कार्यवाही भी पूरी कराई गई।
    एक प्रकरण में अधिवक्ताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर जमानत आवेदन पर अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आवेदन का निराकरण किया। इस व्यवस्था से आवागमन में लगने वाले समय और संसाधनों की बचत में मदद मिली।
    इसी तरह, एक अन्य विचाराधीन प्रकरण में मुंबई और चेन्नई में निवासरत महत्वपूर्ण गवाहों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। निर्धारित तकनीकी एवं विधिक प्रक्रियाओं के तहत उनके बयान दर्ज किए गए और प्रतिपरीक्षण पूरा कराया गया। इससे लंबी दूरी की यात्रा की आवश्यकता कम हुई और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

    डिजिटल न्याय के साथ विधिक जागरूकता पर जोर
    प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन और प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार भागवतकर के निर्देशन में डिजिटल न्याय एवं विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
    इसके तहत नागरिकों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों को न्यायिक एवं विधिक सेवाओं में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों से परिचित कराया जा रहा है।
    इस पहल का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के साथ तकनीक के लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाना है।

    भिलाईनगर / शौर्यपथ / सुपेला स्थित आकाशगंगा व्यावसायिक परिसर में दुकानों के सामने बने बरामदों पर अवैध कब्जों को लेकर नगर पालिक निगम भिलाई ने कार्रवाई की पहल की है। निगम आयुक्त के निर्देश पर अमले ने परिसर का निरीक्षण कर अतिक्रमण वाले स्थानों की मार्किंग की, ताकि सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित बरामदों को कब्जामुक्त कराया जा सके।
    आकाशगंगा शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। दुकानों के सामने बने बरामदे आम नागरिकों और ग्राहकों के आवागमन के लिए निर्धारित हैं। इन स्थानों पर कब्जे के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है और बाजार की व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
    निगम प्रशासन ने चिह्नित अतिक्रमणों पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने की तैयारी की है। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कर आवागमन सुगम बनाना है।
    निगम ने व्यापारियों और दुकानदारों से सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित स्थानों पर कब्जा नहीं करने तथा शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

    भिलाईनगर / शौर्यपथ / डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर पालिक निगम भिलाई और जिला मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम ने जोन-2 वैशाली नगर के वार्ड क्रमांक 25, जवाहर नगर में विशेष अभियान चलाया। के.एच. मेमोरियल स्कूल के आसपास घर-घर सर्वेक्षण कर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की जांच और नियंत्रण की कार्रवाई की गई।
    अभियान के दौरान 95 घरों का सर्वेक्षण कर 158 प्रजनन स्रोतों की जांच की गई। इनमें 21 स्थानों पर जमा पानी मिला, जिसे खाली कराया गया। इन स्थानों में छह कूलर, पांच टंकियां और 10 अन्य कंटेनर शामिल थे।
    मच्छरों के लार्वा नियंत्रण के लिए 45 कूलरों में एक्यूगार्ड तथा वयस्क मच्छरों के नियंत्रण के लिए 55 कूलरों में मेलाथियान का छिड़काव किया गया। इसके अलावा 85 घरों के अंदर-बाहर, सीढ़ियों के नीचे, अंधेरे व नमी वाले स्थानों तथा शौचालय-बाथरूम में भी दवा का छिड़काव किया गया। क्षेत्र की पक्की और कच्ची नालियों में जमा पानी का भी उपचार किया गया।
    संयुक्त टीम ने नागरिकों को डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपाय बताए और जागरूकता पंपलेट वितरित किए। निगम प्रशासन ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकियों, गमलों व अन्य जलपात्रों की नियमित सफाई करने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।

    संचालक के कथित कबूलनामे और पुलिस के पास शिकायत नहीं पहुंचने के दावे में विरोधाभास? महिलाओं की निजता से जुड़े गंभीर मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जांच की मांग भिलाई…

    ₹4,334 करोड़ PBT वृद्धि का दिया हवाला, अधिकारियों का मनोबल बनाए रखने अग्रिम भुगतान की मांग

    भिलाई / शौर्यपथ / स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधिकारियों को त्योहारों से पहले वित्त वर्ष 2025-26 के परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) का अग्रिम भुगतान मिलने की उम्मीद जगी है। स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने SAIL के चेयरमैन (CMD) को पत्र लिखकर PRP के विरुद्ध अग्रिम राशि जारी करने की मांग की है।

    SEFI चेयरमैन एनके बंछोर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के प्रदर्शन और प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 4,334 करोड़ रुपये की वृद्धि को देखते हुए अधिकारियों को PRP की कुछ राशि अग्रिम दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की एमओयू रेटिंग की प्रक्रिया में समय लग सकता है, जबकि नियमित PRP भुगतान मार्च 2027 तक किया जाना है। ऐसे में अग्रिम भुगतान से अधिकारियों को राहत मिल सकती है।

    SEFI ने पत्र में कहा है कि इस्पात उत्पादन एक सामूहिक प्रक्रिया है, जिसमें अधिकारियों की टीम का योगदान महत्वपूर्ण होता है। कंपनी के बेहतर प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना जरूरी है। संगठन ने त्योहारों के मद्देनजर अंतरिम व्यवस्था के तहत अग्रिम भुगतान करने का अनुरोध किया है।

    अब CMD के फैसले पर नजर

    SEFI की मांग पर SAIL प्रबंधन के निर्णय का इंतजार है। फिलहाल अग्रिम भुगतान की राशि और तारीख तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है। यह प्रस्ताव स्वीकार होने पर अधिकारियों को नियमित PRP भुगतान से पहले कुछ राशि मिल सकती है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के पद्मनाभपुर हॉकी ग्राउंड में आयोजित गरबा उत्सव के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बर्बरता मां-बहनों के सामने सरेआम गाली-गलौज और अभद्रता पर भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की निकम्मेपन और कायरतापूर्ण निष्क्रियता को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।डॉ. प्रतीक उमरे ने अत्यंत आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और धर्म की रक्षा के नाम पर महिलाओं के सामने अश्लील गालियां देना,उनके सामने झूमाझटकी करना और आतंक का माहौल बनाना किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।गरबा जैसे पावन उत्सव में जहां साक्षात शक्ति स्वरूप मां दुर्गा की आराधना होती है, वहां हमारी माताओं-बहनों के सामने गुंडागर्दी का नग्न नाच किया गया।बजरंग दल के नाम पर कुछ अराजक तत्वों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं।यह कृत्य धर्म की रक्षा नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से गुंडागर्दी और मानसिक दिवालियापन है।स्थानीय प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि जब पंडाल में सरेआम महिलाओं के सामने गाली-गलौज और मारपीट हो रही थी तब दुर्ग पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही थी।पुलिस की यह निष्क्रियता यह साफ करती है कि स्थानीय स्तर पर कानून का इकबाल खत्म हो चुका है।ऐसा प्रतीत होता है कि इन उपद्रवियों और हुड़दंगियों को स्थानीय स्तर पर मूक संरक्षण प्राप्त है तभी ये सरेआम कानून हाथ में लेने की हिम्मत कर रहे हैं।अगर स्थानीय पुलिस मुस्तैद होती तो आज हमारी बहनों को यह अपमान नहीं झेलना पड़ता।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज है और हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग किया है कि दुर्ग पुलिस की इस लचर कार्यप्रणाली का संज्ञान लें।जिन भी कथित कार्यकर्ताओं ने संगठन के नाम की आड़ लेकर महिलाओं के सामने अभद्रता की है और शहर की शांति भंग की है उन्हें तुरंत चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।सुशासन में ऐसे अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

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