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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की सदस्यों से मिले उप मुख्यमंत्री, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात पर दिया जोर
रायपुर, 15 अक्टूबर। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की महिला सदस्यों को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) का प्रमाणन मिलने पर बधाई दी। दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में हुई मुलाकात के दौरान कंपनी के ‘दण्डक ब्रांड’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने, बेहतर पैकेजिंग तथा निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद दण्डक ब्रांड के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने दण्डक ब्रांड को छत्तीसगढ़ के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड से जोड़कर नई पहचान दिलाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था मजबूत करने के साथ विदेशों में निर्यात के लिए आवश्यक तैयारियां करने को कहा। उन्होंने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक वनोपज की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं, जिनका लाभ स्थानीय महिलाओं और वनोपज संग्राहकों को मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को बढ़ावा दे रही है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर के ऐसे गांवों के कृषि उत्पादों और वनोपज को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। इससे उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
प्रदेश की पहली एनपीओपी प्रमाणित महिला किसान उत्पादक कंपनी
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन प्राप्त करने वाली यह प्रदेश की पहली महिला किसान उत्पादक कंपनी है। प्रमाणन से कंपनी के जैविक वनोपज के देश के बड़े बाजारों और विदेशों तक पहुंचने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
कंपनी से वर्तमान में 1,080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। इसके अलावा जिले के 60 उत्पादक समूहों से संबद्ध 2,100 वनोपज संग्राहक महिलाएं भी इसकी गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी संग्रहण, खरीदी-बिक्री, मूल्य संवर्धन और विपणन के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रही है। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है।
स्थानीय उत्पादों को दण्डक ब्रांड से पहचान
कंपनी द्वारा शुरू किए गए दण्डक ब्रांड के तहत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर विपणन किया जा रहा है। दंतेवाड़ा में विशेष बिक्री केंद्र भी शुरू किया गया है, जहां विभिन्न स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाओं द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। बिहान मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में उत्साह है। इससे उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम. भार्गव, कंपनी की कोषाध्यक्ष सरिता ठाकुर, सचिव मीना ठाकुर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
दहिकोंगा में दो बाइकों की भिड़ंत में चार लोगों की मौत, बनियागांव में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की गई जान
कोंडागांव। नेशनल हाईवे-30 पर एक ही रात में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने पांच लोगों की जान ले ली। दहिकोंगा में दो बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बनियागांव में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। इन हादसों में अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। एक घायल को बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर रेफर किए जाने की बात कही जा रही है।
दहिकोंगा में दो बाइकों की भिड़ंत, चार की मौत
जानकारी के अनुसार, दहिकोंगा क्षेत्र में दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में छह लोग घायल हुए थे। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान चार लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बनियागांव में अज्ञात वाहन की टक्कर, कृष्णा समरथ की मौत
वहीं, कोंडागांव के बनियागांव में बालाजी ढाबा के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। इस हादसे में बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
कोंडागांव पुलिस ने मृतक की जेब में रखे पहचान पत्र के आधार पर उसकी पहचान कृष्णा समरथ निवासी के रूप में की है। बताया जा रहा है कि कृष्णा समरथ खाना पार्सल करवाने के बाद अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
एक ही रात में पांच मौतों से उठे सड़क सुरक्षा पर सवाल
नेशनल हाईवे-30 पर एक ही रात में हुए इन दो हादसों में पांच लोगों की मौत की खबर ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होने की बात कही जाती रही है। हालांकि, दोनों हादसों के कारणों और घायलों की स्थिति को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
पुलिस घायलों और मृतकों से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ हादसों की जांच में लगी हुई है। बनियागांव में टक्कर मारकर फरार हुए अज्ञात वाहन की पहचान करना भी जांच का अहम हिस्सा होगा।
शौर्यपथ समाचार की अपील: धीमी गति से चलें, सुरक्षित घर पहुंचें
शौर्यपथ समाचार सभी वाहन चालकों से अपील करता है कि नेशनल हाईवे-30 पर सफर करते समय अपनी गति नियंत्रित रखें। रात के अंधेरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और यातायात नियमों का पालन करें।
याद रखें, आपकी मंजिल से ज्यादा जरूरी आपकी जिंदगी है। घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। इसलिए जल्दबाजी न करें, सुरक्षित चलें और सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचें।
चोटिया टोल प्लाजा के पास दो ट्रेलरों की टक्कर के बाद राहत कार्य में हुई देरी; क्रेन ऑपरेटर और ईंधन की कमी से बाधित रहा यातायात
बिलासपुर । राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-अंबिकापुर खंड में सड़क दुर्घटना के बाद राहत कार्य में देरी और निर्धारित परिचालन मानकों की अनदेखी के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने संबंधित संचालन एवं रखरखाव एजेंसी मेसर्स रविंद्र सिंह आनंद पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को तड़के लगभग 3 बजे चोटिया टोल प्लाजा के निकट दो ट्रक-ट्रेलरों के बीच टक्कर हुई थी। दुर्घटना के बाद वाहनों को हटाने में देरी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित रहा। घटना की समीक्षा के दौरान दुर्घटना प्रबंधन और आपातकालीन सहायता व्यवस्था में कई गंभीर कमियां सामने आईं।
क्रेन ऑपरेटर नहीं मिला, उपकरणों में भी ईंधन की कमी
जांच में पाया गया कि दुर्घटनास्थल पर एजेंसी का परियोजना प्रबंधक मौजूद नहीं था। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए आवश्यक क्रेन ऑपरेटर की अनुपलब्धता और रिकवरी उपकरणों में पर्याप्त ईंधन नहीं होने के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
आपातकालीन व्यवस्था में लापरवाही पर कार्रवाई
NHAI ने इन कमियों को दुर्घटना प्रबंधन, राजमार्ग पेट्रोलिंग और आपातकालीन सहायता से जुड़े निर्धारित दायित्वों के पालन में लापरवाही मानते हुए संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है।
प्राधिकरण के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित एवं सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के लिए दुर्घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता और आवश्यक उपकरणों का तैयार रहना अनिवार्य है। निर्धारित मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट दिव्यांग कर्मचारियों, नियोक्ताओं और स्वैच्छिक संस्थाओं को किया जाएगा सम्मानित
राजनांदगांव । अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 3 दिसंबर को दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को दिव्यांगजन राज्यस्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने इच्छुक एवं पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं से 25 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित प्रारूप में प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं।
इच्छुक आवेदक अपनी प्रविष्टियां जिला कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, संयुक्त जिला कार्यालय भवन, कक्ष क्रमांक 5, राजनांदगांव में जमा कर सकते हैं। पुरस्कार के अंतर्गत दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, अस्थिबाधित, प्रमस्तिष्क अंगाघात एवं बहुदिव्यांगता से संबंधित श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांग कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सर्वोत्तम नियोक्ताओं और सर्वोत्तम स्वैच्छिक संस्थाओं को भी पुरस्कार प्रदान कर उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण, रोजगार के अवसरों और उनके कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करना है।
पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, राजनांदगांव तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। पात्र आवेदकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किफायती और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर को आवासीय विकास की बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अटल विहार योजना के अंतर्गत कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार और जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में कुल 51 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से दो आधुनिक आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी। इन परियोजनाओं में कुल 225 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से इन योजनाओं को गति मिली है। इनका उद्देश्य विभिन्न आय वर्गों के परिवारों को बेहतर अधोसंरचना और आवश्यक नागरिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी 33 जिलों में आवासीय योजनाओं के विस्तार पर काम कर रही है।
गिनाबहार में 17.15 करोड़ से बनेंगे 97 आवास
कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार में लगभग 7 एकड़ भूमि पर 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की लागत से आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। इसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। परियोजना में कुल 97 आवास बनाए जाएंगे, जिनमें 91 आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए निर्धारित हैं।
राज्य शासन ने इस योजना के लिए मंडल को मात्र एक रुपये प्रति वर्गफुट की दर से भूमि उपलब्ध कराई है। पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को 80 हजार रुपये और एलआईजी हितग्राहियों को 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। कुनकुरी-बगीचा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस कॉलोनी में आंतरिक सड़कें, सुरक्षा व्यवस्था, हरित क्षेत्र और जल निकासी सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बालाछापर में 34.32 करोड़ से विकसित होगी आधुनिक कॉलोनी
जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में लगभग 7 एकड़ भूमि पर 34 करोड़ 32 लाख 25 हजार रुपये की लागत से 128 आवासों वाली कॉलोनी विकसित की जाएगी। इसमें उच्च आय वर्ग के 11, मध्यम आय वर्ग के 20, जूनियर मध्यम आय वर्ग के 4, निम्न आय वर्ग के 55 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 38 आवास शामिल हैं। परियोजना में व्यावसायिक दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के रायगढ़ रोड पर लगभग 200 मीटर की दूरी पर विकसित होने वाली इस कॉलोनी को आधुनिक कवर्ड कैंपस के रूप में तैयार किया जाएगा। यहां बस स्टॉप, सामुदायिक भवन, बॉक्स क्रिकेट, गार्डन, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और व्यावसायिक दुकानों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
अन्य क्षेत्रों में भी आवासीय योजनाओं का विस्तार
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न आय वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवासीय योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
जशपुर जिले के महुआटोली, कडोरा और पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम मदनपुर में भी आवासीय योजनाओं के विस्तार की तैयारी है। मंडल के जशपुर स्थित कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे के अनुसार, ग्राम मदनपुर की आवासीय योजना में बुकिंग जारी है। इसके लिए बुकिंग प्रक्रिया 6 अक्टूबर से शुरू हुई है और प्रथम चक्र की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
किफायती आवास से साकार होगा अपने घर का सपना
जशपुर और कुनकुरी में प्रस्तावित दोनों परियोजनाओं से जिले में आवासीय अधोसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आधुनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्रों और व्यवस्थित सड़कों से युक्त इन कॉलोनियों के माध्यम से विभिन्न आय वर्गों के परिवारों को अपना घर पाने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए अनुदान की व्यवस्था आवास खरीदने में आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण महोत्सव का किया शुभारंभ, नगरपालिका बनाने सर्वे और राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत विकास की घोषणा
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ करते हुए क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगातें देने की घोषणा की। उन्होंने महानदी पर 63 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नया पुल बनाने, नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने तथा राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण का विकास करने की घोषणा की। साथ ही शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में सर्वे कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले शिवरीनारायण में अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता से किया जाएगा। नए पुल से आवागमन सुगम होगा, जबकि एसटीपी प्लांट से गंदे पानी के शोधन और महानदी के संरक्षण में मदद मिलेगी। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के विकास से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
माता शबरी की धरती पर आना सौभाग्य : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने गौमाता की पूजा और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में शामिल होकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण आस्था, भक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यहां की धार्मिक परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
आवास, किसान और महिला कल्याण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वीकृत 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों में से लगभग साढ़े 11 लाख पूरे हो चुके हैं। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं। वहीं, बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।
सुशासन और जल संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सेवा सेतु पोर्टल के जरिए 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। लगभग छह हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भी शुरू किए जा चुके हैं।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए जनभागीदारी का आह्वान किया। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने नदियों, जलस्रोतों और वर्षाजल के संरक्षण पर जोर दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, श्रीमती कौशल्या देवी साय, सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक रामसुंदर दास, नारायण चंदेल, पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
6 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत, दूरस्थ क्षेत्रों में वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था और त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की सघन जांच के निर्देश
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमियां दूर करने और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिला अस्पतालों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सकों, दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खराब चिकित्सा उपकरणों की समयबद्ध मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षित संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
डायलिसिस और चिकित्सा शिक्षा का होगा विस्तार
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं तथा 25 नए डायलिसिस केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुए हैं। शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 17 और फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या 7 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन दुर्गम क्षेत्रों में एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती, वहां मरीजों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए। अस्पतालों में मृत्यु होने पर परिजनों को शव वाहन की सुविधा भी समय पर उपलब्ध कराई जाए।
त्योहारों में मिलावट पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिठाई, दुग्ध उत्पाद और अन्य खाद्य पदार्थों की सघन जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए और नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।
बैठक में आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सिकल सेल और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सेवाओं में संवेदनशीलता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्य सचिव श्री विकास शील सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
लोरमी जनदर्शन में 520 से अधिक लोगों ने रखीं मांगें और समस्याएं, हितग्राही को तत्काल मिला श्रवण यंत्र
रायपुर, । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोरमी रेस्ट हाउस में आयोजित जनदर्शन में 520 से अधिक आवेदकों की समस्याएं और मांगें सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों को प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की प्राथमिकता है।
जनदर्शन में ग्राम तुलसाघाट निवासी श्री लाल दास खाण्डेकर को उनकी मांग पर तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। वहीं, ग्राम लाखासार निवासी श्री हितेश साहू को आय प्रमाण पत्र दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनदर्शन जैसे कार्यक्रमों से नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है तथा समस्याओं के निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल की जा सकती है।
श्री साव ने क्षेत्र में विकास एवं निर्माण कार्यों को गति देने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने धान खरीदी का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को धान बेचने के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
इस अवसर पर मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ श्री गोकुल रावटे, वनमंडलाधिकारी श्री तन्यम कौशिक, लोरमी एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के क्रियान्वयन को लेकर गठित राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय समिति ने पुराने सर्किट हाउस में विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाज प्रमुखों के साथ परामर्श बैठक की। समिति के सदस्यों ने विवाह-तलाक, उत्तराधिकार, विरासत, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर प्रतिनिधियों के सुझाव सुने। इस दौरान पीपीटी के माध्यम से संबंधित नियमों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।
बैठक में रानी दुर्गावती जागृति महिला मंडल की प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय को समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का अनुरोध किया।
दूसरे सत्र में मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, गोंडवाना और सतनामी समाज के प्रतिनिधियों ने विवाह एवं तलाक के अनिवार्य पंजीयन, संपत्ति, वसीयत और लिव-इन संबंधों से जुड़े प्रावधानों पर अपने विचार रखे।
समिति में भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार और श्रीमती ज्योतिरानी सिंह शामिल हैं। समिति सदस्यों ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि प्राप्त विचारों और व्यावहारिक पहलुओं का गहन विश्लेषण कर समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार करने की दिशा में विचार किया जाएगा।
खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के 70वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
रायपुर, / छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककलाओं जैसे पंडवानी, पंथी, राउत नाचा, सुवा नृत्य, कर्मा और बस्तर की जनजातीय नृत्य परंपराओं का जिक्र करते हुए उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश की इस सांस्कृतिक थाती को मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाना चाहिए। राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय का 70वां स्थापना दिवस समारोह राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की 70 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक योगदान का परिणाम बताया।
राज्यपाल श्री डेका ने दानवीर राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती द्वारा अपनी पुत्री राजकुमारी इंदिरा सिंह की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि संगीत मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है, जबकि नृत्य, चित्रकला और शिल्प समाज के इतिहास व संस्कृति को अभिव्यक्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि कला के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ धैर्य, निरंतर अभ्यास और समर्पण बहुत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने कला को आजीविका और व्यवसाय से जोड़ने की संभावनाओं पर भी बल दिया।
सांसद श्री संतोष पांडे ने राजपरिवार के योगदान को बताया अनुकरणीय
सांसद श्री संतोष पांडे ने कहा कि राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती द्वारा अपनी पुत्री की स्मृति में दिया गया दान अद्वितीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जमीन दान करना भी कठिन है, लेकिन राजपरिवार की दूरदर्शी सोच ने खैरागढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने शिक्षा, कला-कौशल, परिश्रम और राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने दिया। इस गरिमापूर्ण आयोजन में राजपरिवार की सदस्य राजकुमारी शताक्षी सिंह, सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह, प्रभारी कुलसचिव आर. वेंकट रमण गुड़े, जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में प्राध्यापक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दुर्ग, / प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत दुर्ग जिले में विभिन्न कारणों से अपात्र पाए गए 170 हितग्राहियों की सूची पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026 को शाम 5.30 बजे तक निर्धारित की गई है।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार स्थायी प्रतीक्षा सूची, आवास प्लस सूची तथा मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची में शामिल ऐसे हितग्राहियों, जो विभिन्न कारणों से अपात्र हैं और जिन्हें योजना के नियमानुसार लाभान्वित किया जाना संभव नहीं है, उनके नाम संबंधित ग्रामसभा एवं जिला स्तरीय अपीलीय समिति के अनुमोदन के बाद विलोपित किए जाने हैं।
दुर्ग जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की आवास प्लस सूची के 31 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची के 139, इस प्रकार कुल 170 अपात्र हितग्राहियों की सूची का प्रकाशन दावा-आपत्ति के लिए किया जा रहा है। संबंधित ग्रामसभाओं एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर जिला स्तरीय अपीलीय समिति से अनुमोदन प्राप्त किया गया है। प्रकाशित सूची का अवलोकन संबंधित ग्राम पंचायत भवन, दुर्ग जिले की आधिकारिक वेबसाइट एचटीटीपीएसः//डीयूआरजीडाटसीजीडाटजीओभीडाटइन तथा जिला पंचायत दुर्ग की वेबसाइट जेडपीडीयूआरजीडाटकाम पर किया जा सकता है। हितग्राही अथवा संबंधित व्यक्ति अपना दावा-आपत्ति जिला पंचायत दुर्ग के प्रथम तल स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण शाखा या जिला पंचायत की आवक-जावक शाखा में प्रस्तुत कर सकते हैं। दावा-आपत्ति साधारण डाक, पंजीकृत डाक अथवा स्वयं उपस्थित होकर जमा की जा सकती है। निर्धारित समय के बाद प्राप्त किसी भी प्रकार के दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- दो लाख के ऋण से डेली नीड्स दुकान को आगे बढ़ाने की दिशा में बढ़ाए कदम
दुर्ग, / शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री सक्षम योजना से लाभान्वित दुर्ग निवासी श्रीमती कमलेश्वरी यादव भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। श्रीमती कमलेश्वरी यादव डेली नीड्स की दुकान का संचालन करती हैं। अपने व्यवसाय को और बेहतर बनाने तथा दुकान का विस्तार करने के उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री सक्षम योजना के तहत ’दो लाख का ऋण’ प्राप्त किया है। इस आर्थिक सहायता से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और स्वरोजगार को नई मजबूती देने का अवसर मिला है। कमलेश्वरी यादव का प्रयास है कि उनकी दुकान का व्यवसाय और बेहतर हो तथा वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। शासन की इस पहल से उन्हें अपने सपनों को साकार करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। इस सहयोग के लिए श्रीमती कमलेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्यमंत्री सक्षम योजना उनके लिए स्वरोजगार को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।
दुर्ग / न्यायालय से किसी आदेश या निर्णय की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में दुर्ग न्यायालय में ई-टिकट जनरेशन एवं ई-प्रमाणित प्रतिलिपि (ई-सर्टिफाइड कॉपी) विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर की ई-कमेटी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल कर्मचारियों को नई तकनीकी प्रक्रिया से परिचित कराना नहीं, बल्कि न्यायालयीन सेवाओं को इस तरह विकसित करना था कि तकनीक का लाभ अंततः आम नागरिक, पक्षकार और अधिवक्ता तक पहुँचे।
कागजी प्रक्रिया से डिजिटल सुविधा की ओर
कार्यशाला में ई-टिकट तैयार करने की प्रक्रिया, ऑनलाइन सत्यापन तथा प्रमाणित प्रतिलिपि से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। उच्च न्यायालय के तकनीकी विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए यह समझाया कि डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग न्यायालयीन कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने और प्रतिलिपि संबंधी सेवाओं को सुगम करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है। प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि कर्मचारियों को केवल प्रक्रिया की जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनके व्यावहारिक प्रश्नों और कार्य के दौरान सामने आने वाली तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
एक सभागार से कई न्यायालयों तक पहुँचा प्रशिक्षण
जिला न्यायालय दुर्ग परिसर स्थित सभागार से जिला न्यायालय एवं कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के प्रतिलिपि अनुभाग के कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ सहित कुल 15 प्रतिभागियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहीं, पाटन, भिलाई-3 एवं धमधा स्थित बाह्य तालुका न्यायालयों के संबंधित कर्मचारी भी अपने-अपने न्यायालय परिसरों से ऑनलाइन जुड़े। इस व्यवस्था ने प्रशिक्षण को एक स्थान तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग न्यायालयों के कर्मचारियों को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ने का अवसर दिया। इससे तकनीकी जानकारी के आदान-प्रदान और प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित करने में सहायता मिली।
तकनीक का वास्तविक उद्देश्य नागरिक को सुविधा
प्रशिक्षण के दौरान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (कम्प्यूटरीकरण) / सी.पी.सी. की उपस्थिति में तकनीकी विशेषज्ञों ने कर्मचारियों की व्यावहारिक शंकाओं का समाधान किया। इससे प्रतिभागियों को ई-टिकट जनरेशन और ई-प्रमाणित प्रतिलिपि से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक स्पष्टता से समझने का अवसर मिला। डिजिटल न्याय व्यवस्था की सफलता केवल नई तकनीक अपनाने में नहीं, बल्कि उसके माध्यम से नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने में निहित है। इस दृष्टि से ऐसे प्रशिक्षण न्यायालयीन कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ प्रतिलिपि संबंधी सेवाओं को अधिक सहज और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
घास भूमि पर कब्जे के बावजूद जारी निर्माण की शिकायत, शासकीय नाले का रास्ता बदलने से फसलों को नुकसान का आरोप
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सड़क निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार और आर्थिक सहायता सहित विभिन्न विषयों पर 84 आवेदन प्राप्त हुए।
हटाने के आदेश के बाद भी निर्माण जारी
पाटन तहसील के ग्राम बोदल में शासकीय घास भूमि पर अतिक्रमण कर मकान निर्माण किए जाने की शिकायत सामने आई। शिकायतकर्ता के अनुसार, अतिक्रमण के कारण आम रास्ते की चौड़ाई पहले के लगभग 20 फीट से घटकर करीब 3.4 मीटर रह गई है। दोनों पक्षों के दस्तावेजों और पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी होने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया और निर्माण दोबारा शुरू कर दिया गया। कलेक्टर ने तहसीलदार पाटन को त्वरित कार्रवाई कर प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए।
मोबाइल टावर लगाने पर मोहल्लेवासियों की आपत्ति
भिलाई के वार्ड क्रमांक 25 स्थित हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के निवासियों ने छत पर पहले से मोबाइल टावर लगे होने के बावजूद दोबारा टावर लगाने के कार्य पर आपत्ति जताई। उन्होंने बिना अनुमति निर्माण किए जाने और विद्युतचुंबकीय विकिरण के संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की। कलेक्टर ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नाले का रास्ता बदलने से खेतों में जलभराव
ग्राम पंचायत मेड़ेसरा, तहसील अहिवारा के ग्रामीण ने शासकीय नाले का प्राकृतिक मार्ग बदलकर संकरा करने और शेष भूमि पर खेती किए जाने की शिकायत की। उनका कहना है कि इससे बारिश और बाढ़ का पानी खेतों में भर रहा है, जिससे फसलों को नुकसान और खेतों की मेड़ों का कटाव हो रहा है। कलेक्टर ने तहसीलदार अहिवारा को मौके पर जांच एवं नाप कराकर अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
