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श्रीमती तिजकुंवर के पति श्री राम चरण ने बताया कि ग्राम मातेखेड़ा स्थित उनकी पत्नी की भूमि का खाता विभाजन होने के बाद भी उन्हें ऋण पुस्तिका प्राप्त नहीं हुई थी। इसके अभाव में खाद, बीज एवं कृषि दवाइयों की खरीदी, कृषि ऋण लेने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्होंने अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रखी और ऋण पुस्तिका जारी करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर त्वरित कार्रवाई की और शिविर में ही उन्हें ऋण पुस्तिका उपलब्ध करा दी।
ऋण पुस्तिका मिलने से अब श्रीमती तिजकुंवर को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। वे कृषि ऋण, खाद-बीज वितरण तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से ले सकेंगी। इससे खेती-किसानी के कार्यों को नई गति मिलने के साथ उनकी आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर श्रीमती तिजकुंवर ने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे बिना किसी बाधा के कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगी।
सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को नई मजबूती मिल रही है।
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दुर्ग, । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय वी.वाई.टी. पीजी स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग परिसर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी के 30 कैडेटों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की। महाविद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों ने न केवल हरित वातावरण का संदेश दिया, बल्कि युवाओं की प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष ही मानव जीवन, जैव विविधता और सतत विकास के सबसे मजबूत आधार हैं।
एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रशांत दुबे ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन पौधे लगाना नहीं, बल्कि युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक चेतना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कार्यक्रम में शासकीय संगीत महाविद्यालय दुर्ग की प्राचार्य डॉ. रिचा ठाकुर, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. संजू सिन्हा, डॉ. सीतेश्वरी चन्द्राकर, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. मीना मान एवं डॉ. मोतीराम साहू सहित अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह आयोजन पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा शक्ति की सकारात्मक भागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
बड़ेगौरी गांव में जल अर्पण दिवस पर जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल को लेकर जागरूकता अभियान, जल बहिनी टीम के प्रयासों की हुई सराहना
कांकेर। जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के बड़ेगौरी गांव में इस योजना का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है, जहां अब प्रत्येक घर तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
गांव के भ्रमण के दौरान जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत का अवलोकन किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सुबह और शाम नियमित रूप से नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान हुआ है। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों को अब दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाने की कठिनाई से मुक्ति मिल गई है।
इस दौरान एक परिवार की बुजुर्ग महिला एवं घर की अन्य सदस्य से आत्मीय संवाद किया गया। उन्होंने बताया कि घर तक नल कनेक्शन पहुंचने से दैनिक जीवन काफी सरल और सुविधाजनक हो गया है। अब पेयजल के लिए अतिरिक्त समय और श्रम खर्च नहीं करना पड़ता।
जल अर्पण दिवस के अवसर पर ग्रामीणों के साथ वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल के महत्व पर सार्थक चर्चा भी की गई। ग्रामीणों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
गांव में सक्रिय जल बहिनी टीम द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पेयजल सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष सराहना की गई। टीम के प्रयासों से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है।
जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बड़ेगौरी गांव इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
*मेडिकल कॉलेज बनेगा वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य का आधार - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा*
*बोड़ला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, तरेगांव में 2.50 करोड़ से बनेगा सीएचसी, राजा नवागांव में 75 लाख से अपग्रेड होगा सब सेंटर*
*पीएम जनमन से बैगा अंचलों तक पहुंच रही सड़क और विकास योजनाएं, बन रही 56 सड़कें*
रायपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में शामिल हुए। यहां उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिये। शिविर के दौरान उन्होंने विभिन्न हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित भी किया।
शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीते दिनों यहां 7 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया गया है। 1.5 करोड़ की लागत से यहां तालाब के सौंदर्यीकरण की स्वीकृति मिली है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य काम दस बीस सालों के लिये होते हैं लेकिन मेडिकल कॉलेज जैसा काम सौ साल का होता है। उन्होंने बताया कि काम तेजी से हो रहा है। हर शुक्रवार निर्माण कार्य में हुई प्रगति का अपडेट लिया जाता है। उन्होंने कहा कि बोड़ला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। तरेगांव जंगल के पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन के लिए 2.50 करोड़ की स्वीकृति मिली है। राजा नवागांव सब सेंटर 75 लाख की लागत से पीएचसी में अपग्रेड होने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भोरमदेव कॉरिडोर में मंदिर परिसर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुंवा के साथ सरोदा बांध का उन्नयन किया जा रहा है। भोरमदेव मंदिर के इतिहास से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए संग्रहालय का निर्माण, सरोवर का सौंदर्यीकरण, कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना है। इसके लिए स्वदेश दर्शन योजना से 146 करोड़ रुपए मिले हैं। यह न सिर्फ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि पर्यटकों के आने से क्षेत्रवासियों के लिए आर्थिक विकास की राह भी खोलेगा। किसानों की सुविधा के लिए बोड़ला में ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है। नया सब स्टेशन का काम चल रहा है। फीडर अलग करने का काम भी जारी है। घरेलू कनेक्शन और खेतों में गया फीडर अलग किया जा रहा है। ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारु रहे।
लोरमी विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में इस पूरे क्षेत्र के समुचित विकास की ठोस आधारशिला रखी जा रही है जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा। उनके मार्गदर्शन में कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। जिसका लाभ पूरे जिले के मरीजों को मिलेगा। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन और सोनोग्राफी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। अटल आरोग्य लैब से कई प्रकार की जांच निःशुल्क होती है। उनके नेतृत्व में भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण होने जा रहा है। यह परियोजना भोरमदेव मंदिर को देश के पर्यटन मानचित्र पर मजबूती अंकित करने का रहा है। यह सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं होगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी आगे बढ़ाएगा। उन्होंने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संकल्प और सतत प्रयासों से संभव हुआ है।
*पीएम जनमन से बैगा बसाहटों को जोड़ने बन रही 56 सड़कें*
पीएम जनमन से प्रदेश की 2.25 लाख विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए करीब 800 सड़कें बनाई गई। जिले में बैगा बाहुल्य बसाहटों के 56 सड़कें बन रही हैं, जिनमें से अधिकांश सड़कें पूरी हो चुकी हैं। पीएमजीएसवाय फेज-4 से बोड़ला विकासखंड में 16 सड़कें बन रही हैं। विभिन्न सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है। दूरस्थ अंचलों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए विशेष रूप से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, महिला एवं बाल विकास के साथ अन्य महत्वपूर्ण योजना का लाभ पहुंचाने का काम हो रहा है। जिससे जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।
*महतारी वंदन योजना की 28 वीं किश्त जारी*
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कल ही महतारी वंदन की 28 वीं किश्त जारी किया है। हर हितग्राही माता बहनों को हर माह 1-1 हजार रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 27 किश्तों में जिले की महिलाओं करीब 633 करोड़ रूपये से अधिक जारी हो चुके हैं।
*2.5 वर्षों में पूरे देश में सर्वाधिक आवास किये पूरे*
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार गठन के बाद पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति और उसे पूर्ण करने का काम पूरी तेजी से किया गया। उन्होंने बताया कि बीते 2.5 वर्षों में पूरे प्रदेश में 10 लाख 60 हजार पीएम आवास पूरा किया है। यह इस अवधि में पूरे देश में सर्वाधिक है। जनवरी 2025 से अक्टूबर तक प्रदेश में 2 हजार आवास प्रतिदिन पूर्ण हो रहे थे। यह देश में सबसे अधिक था। आज भी देश में सबसे ज्यादा 1600 आवास प्रतिदिन पूरा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी आवास निर्माण की गति बढ़ाई जा रही है।
*उप मुख्यमंत्री ने सौंपी आवास की चाबी, हितग्राहियों को किया लाभन्वित*
सुशासन तिहार के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी सौंपी गई। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री द्वारा नवीन राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, एचआईवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र का भी वितरण किया। साथ ही कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समाधान शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
महतारी वंदन की 28वीं किस्त जारी, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के लिए आधुनिक पुनर्वास केंद्रों का शिलान्यास
बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर, पांच मंगल भवनों की घोषणा
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन, विकास और जनकल्याण राज्य सरकार की कार्यशैली और पहचान है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत हेमूनगर में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की तथा आमजनों के हित में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की। ट्राईसाइकिल प्राप्त कर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशील नीतियों का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबियां भी सौंपीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने एसईसीएल के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद से 22 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। इस भवन में वरिष्ठ नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी तथा समग्र पुनर्वास जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 18 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र का शिलान्यास किया। यह केंद्र दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल विकास, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑडिटरी ट्रेनिंग तथा पुनर्वास की समग्र सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनेंगे और रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर एवं जटिल बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी और मरीजों को बेहतर, त्वरित तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन तिहार केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के पराक्रम और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता प्राप्त हो रही है। बस्तर में अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत 400 से अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। आमजनों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सुविधा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। जनता की भलाई और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास सुशासन का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार, रेलवे अधोसंरचना विकास तथा अरपा परियोजना के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का जीवंत उदाहरण है। समाधान शिविरों में उमड़ रही भीड़ सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला की मांग पर बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के नगर निगम क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना पर कार्य कर रही है और जिले से जुड़े सभी आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।
प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की
सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, योजनाओं की जमीनी स्थिति की ली जानकारी
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भिखमपुरा पहुंचकर स्वामी शिवानंद विद्यापीठ एवं गौसेवा आश्रम परिसर स्थित श्री पंचमुखी दक्षिणाभिमुख सिद्ध हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और राज्य की निरंतर प्रगति की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इन दिनों सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों का सतत दौरा कर रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से वे सीधे आमजन से संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं और सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं तथा समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।
भिखमपुरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने गौसेवा आश्रम परिसर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए प्रशासन सीधे लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक, आश्रम से जुड़े सदस्य तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजना का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधोसंरचना परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान एवं अवसरों का केंद्र बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर पहले से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां पहुंचते हैं।
ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एजुकेशन हब युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा और बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
“यह परियोजना युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।”
— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
? नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी
? 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास
? आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक
? डिजिटल अध्ययन एवं शोध सुविधाएं
? प्रतियोगी परीक्षा तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण
? 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
एक ही परिसर में लाइब्रेरी, छात्रावास, अध्ययन कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता से विद्यार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित तैयारी का अवसर मिलेगा।
विशेष रूप से दूरस्थ जिलों से आने वाले छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परिसर में बनाए जा रहे 48 रेंटल हॉल भविष्य में नगर निगम के लिए नियमित आय का स्रोत बनेंगे।
यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जा रही है, जिससे इसका संचालन वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर रहेगा और नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर और एजुकेशन हब केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों को साकार करने वाला एक सशक्त “ज्ञान केंद्र” होगा।
परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान केवल संभागीय मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह शहर प्रदेश और देश के उभरते शैक्षणिक केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एजुकेशन हब आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए सफलता का आधार बनेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।
120 करोड़ रुपये की यह परियोजना केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि मानव संसाधन निर्माण में निवेश है। यदि निर्धारित समय में यह एजुकेशन हब पूर्ण हो जाता है, तो बिलासपुर छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है, जिससे युवाओं को महानगरों की ओर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी।
रायपुर, । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शासन और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रशासन जवाबदेही के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह निर्देश सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के विकास कार्यों, राजस्व मामलों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था तथा खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ये मामले सीधे आम नागरिकों के जीवन और आजीविका से जुड़े होते हैं।
उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि राजस्व न्याय व्यवस्था में अनावश्यक विलंब से जनता का विश्वास प्रभावित होता है।
“राजस्व प्रकरणों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।”
— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए और अधिकारियों को लगातार निगरानी रखनी होगी।
वहीं आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम, दवा उपलब्धता और उपचार व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए।
पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि:
जैसे विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए, जिससे लागत कम हो और उत्पादन बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों में भाग लेकर आम नागरिकों से सीधा संवाद किया है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायत निवारण अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा—
“शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है। यही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव बनेगा।”
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, सांसद कमलेश जांगड़े, विभिन्न विधायकगण, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा पांचों जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के साथ-साथ मुख्यमंत्री विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों में भी सहभागिता करेंगे।
मुख्यमंत्री सुबह 11:25 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन रायपुर से प्रस्थान कर पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर पहुंचेंगे। यहां वे पूर्व दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित है।
चिकित्सा शिक्षा से जुड़े इस आयोजन में भावी चिकित्सकों और चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों को संबोधित करने की संभावना है। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान करती है।
दोपहर बाद मुख्यमंत्री न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन रायपुर पहुंचेंगे, जहां वे "मुख्यमंत्री चौपाई एवं मेधावी शिक्षा सहायता योजना" कार्यक्रम में शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम राज्य के प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार द्वारा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए विभिन्न सहायता योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम अरण्य भवन, नया रायपुर में आयोजित होगा। यहां वे शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक आयोजित "विश्व पर्यावरण दिवस-2026" कार्यक्रम में शामिल होंगे।
पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, जल संरक्षण और हरित विकास को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के मद्देनजर यह कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नए संदेश या पहल की घोषणा की भी संभावना जताई जा रही है।
इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 6 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर पहुंचेंगे। यहां निर्धारित कार्यक्रम में सहभागिता के बाद वे पुनः मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।
मुख्यमंत्री के पूरे दिन के कार्यक्रम का विश्लेषण करें तो स्पष्ट होता है कि उनका फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगा। एक ओर जहां चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को संबोधित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मेधावी छात्रों के लिए सहायता योजनाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी सरकार की सक्रियता दिखाई देगी।
विशेष रूप से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री की सहभागिता राज्य में हरित विकास और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।
शौर्यपथ विश्लेषण:
आज का दौरा कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की उन प्राथमिकताओं को भी प्रदर्शित करता है जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं का सशक्तिकरण प्रमुख स्थान रखते हैं। मुख्यमंत्री का दिन इन चारों क्षेत्रों से जुड़े कार्यक्रमों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहने वाला है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
