
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
राजनांदगांव /शौर्यपथ / जिले में शराब व्यवस्था को लेकर हालात चिंताजनक नजर आ रहे हैं। अधिकृत दुकानों में सीमित उपलब्धता के बीच शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की बिक्री तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। यह स्थिति न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी परेशानी का कारण बन गई है। जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर लोग निर्धारित दुकानों से शराब नहीं मिलने पर अवैध विक्रेताओं का सहारा लेने को मजबूर हैं। यहां उन्हें तय दर से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, जिससे जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
0 कोचियों का नेटवर्क हावी…
शहर के कई इलाकों और आसपास के गांवों में अवैध विक्रेताओं की सक्रियता किसी से छिपी नहीं है। चर्चा है कि इन तक नियमित रूप से सप्लाई पहुंच रही है, जिससे यह संदेह और गहराता है कि कहीं न कहीं सिस्टम की पकड़ कमजोर पड़ रही है। आम लोगों के लिए जहां उपलब्धता संकट बनी हुई है, वहीं अवैध चैनल बिना रोकटोक चल रहे हैं।
0 अतिरिक्त रकम लेकर सप्लाई की चर्चा…
सूत्रों के हवाले से यह कहा जा रहा है कि कथित तौर पर प्रति पेटी 200 से 300 रुपये तक अतिरिक्त लेकर कुछ कोचियों को प्राथमिकता के साथ शराब दी जाती है। इससे आम उपभोक्ता जहां खाली हाथ लौट रहा है, वहीं अवैध विक्रेताओं के पास पर्याप्त स्टॉक बने रहने की बात सामने आ रही है।
0 गठुला भट्टी पर केंद्रित गतिविधियां…
शहर के गठुला क्षेत्र की एक शराब दुकान/भट्टी का नाम विशेष रूप से चर्चा में है, जहां से बड़े पैमाने पर सप्लाई होने की बातें कही जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से शहर के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ आसपास के इलाकों तक शराब पहुंचने की कड़ियां जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इस स्थान की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 0
0 चखना सेंटर भी बना रहे मौका…
अब इस पूरे मामले में एक और पहलू सामने आया है। लोगों का कहना है कि लाइसेंसी चखना दुकानों वाले भी इस सूखे का फायदा उठा रहे हैं। आरोप है कि जहां अधिकृत दुकानों पर शराब उपलब्ध नहीं होती, वहीं कुछ चखना सेंटरों में अधिक कीमत लेकर शराब आसानी से मिल जाती है। इससे अवैध बिक्री के नेटवर्क को और मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।
0 चौकी के सामने से आवाजाही
बताया जा रहा है कि संबंधित क्षेत्र के पास ही पुलिस चौकी मौजूद है, इसके बावजूद कथित रूप से शराब का परिवहन निर्बाध जारी रहने की चर्चाएं हैं। इससे निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। हालांकि कुछ मामलों में कार्रवाई होने के बाद भी बड़े स्तर पर संचालित चैन पर अपेक्षित असर नहीं दिख रहा, जिससे कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कुल मिलाकर, अधिकृत दुकानों में कमी और अवैध चैनलों की सक्रियता ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इस पर किस तरह ठोस कार्रवाई करता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने जिले में होने वाले नगरपालिका उप-निर्वाचन 2026 के लिए रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की है। छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्तियाँ भिलाई और रिसाली नगर पालिक निगम के रिक्त वार्डों में चुनाव संपन्न कराने हेतु की गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 01 (जुनवानी) के लिए नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल (आईएएस) को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उनकी सहायता के लिए नगर निगम दुर्ग के उपायुक्त श्री मोहेन्द्र साहू को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार, नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 02 एवं 39 के लिए नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय को रिटर्निंग ऑफिसर और उपायुक्त श्री नरेन्द्र बंजारे को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पदाभिहित किया गया है। यह आदेश तत्कालशील हो गया है। निर्वाचन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियाँ शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जिले में ‘सुशासन तिहार 2026’ का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसे जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अभियान दो चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 30 अप्रैल 2026 तक राजस्व से जुड़े लंबित प्रकरणों—जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन—के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर रहेगा। इसके साथ ही मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जारी करना, बिजली व्यवस्था, ट्रांसफार्मर और हैंडपंप सुधार जैसे मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन की प्रमुख योजनाएं—उज्ज्वला, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन—का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दूसरे चरण में 1 मई से 10 जून 2026 के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जन समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15-20 पंचायतों के समूह पर और नगरीय क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में न केवल समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासकीय योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाते हुए पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर कर प्रत्येक आवेदक को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा।
अभियान की गंभीरता को देखते हुए स्वयं मुख्यमंत्री साय, मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद जिला मुख्यालय में समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्यों की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया जाएगा, वहीं मुख्यमंत्री द्वारा प्रेसवार्ता के माध्यम से भी जानकारी साझा की जाएगी।
पूरे अभियान के सुचारू संचालन के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ को और नगरीय क्षेत्रों में संबंधित निगम आयुक्त व मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सौंपी गई है।
‘सुशासन तिहार 2026’ को शासन की जनकेंद्रित कार्यप्रणाली का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाकर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह और डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी मौजूद रहे। जनदर्शन में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार और आर्थिक सहायता जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।
सबसे प्रमुख मुद्दा गोड़पेन्ड्री के किसानों द्वारा उठाया गया, जहां भारतमाला परियोजना के तहत बन रही सिक्सलेन सड़क ने करीब 100 किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों ने बताया कि सड़क खेतों के बीच से गुजरने के कारण उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। अब उन्हें खेत तक पहुंचने के लिए करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि सड़क किनारे की जा रही घेराबंदी से स्थिति और गंभीर हो जाएगी, जिससे खेती प्रभावित होगी। किसानों ने ग्राम छाटा और मानिकचौरी के बीच अंडरपास या पुलिया निर्माण की मांग की। इस पर कलेक्टर ने एनएच और एसडीओ पाटन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं भिलाई के मदर टेरेसा नगर (वार्ड क्रमांक 31) के निवासियों ने जाम सीवरेज की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि गटर पाइपलाइन बार-बार जाम हो जाती है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और दुर्गंध व मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। नगर निगम में शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिला। वार्डवासियों ने पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई सीवरेज लाइन डालने की मांग की। कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को स्थल निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ग्राम हनोदा के एक निवासी ने आबादी भूमि का पट्टा न मिलने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि 1980 से पहले बना उनका मकान अब जर्जर हो चुका है, जबकि 2017 के सर्वे के बाद गांव के अन्य लोगों को पट्टा मिल चुका है। उन्होंने पड़ोसियों द्वारा रास्ता बाधित कर प्रताड़ित करने की भी बात कही। कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में सामने आई इन समस्याओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों के साथ जमीनी जरूरतों और नागरिक सुविधाओं के संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है।
दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई 2026 से 3 जून 2026 तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
-शासकीय अशासकीय सभी विद्यालयों में हो ग्रीष्म कालीन अवकाश
-1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार
-संभाग आयुक्त ने ली संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक
दुर्ग, 21अप्रैल 2026/ संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि संभाग अंतर्गत फसलों की पैदावारी बढ़ाने हेतु जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। इसी प्रकार मिलेट्स फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि की पैदावारी के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर इनके प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग पर भी कृषि विभाग द्वारा आवश्यक पहल की जाए। बालोद स्थित मां दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाने में गन्ने की आपुर्ति हेतु गन्ने के फसल की पैदावारी हेतु दुर्ग जिले के किसानों को भी अनुदान राशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संभाग मुख्यालय दुर्ग स्थित कृषि विभाग के प्रशिक्षण केन्द्र भवन का सदुपयोग हेतु कृषकों का प्रशिक्षण एवं भ्रमण आदि होते रहना चाहिए। उक्त भवन अन्य विभागों के प्रशिक्षण हेतु भी निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जाए। संभाग आयुक्त श्री राठौर आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक कृषि को उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक स्कूलों के लिए ग्रीष्म कालीन अवकाश घोषित किया गया है। संभाग अंतर्गत सभी शासकीय-अशासकीय स्कूलों में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा को निर्देशित किया कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में समर कैम्प आदि का आयोजन स्कूल प्रबंधन द्वारा नहीं कराये जाए।
संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सभी कार्यालयों में फाइल मूवमेंट ई-ऑफिस प्रक्रिया के तहत और अधिकारी/कर्मचारियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक प्रक्रिया अपनाने की जानकारी ली। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने अधिकारियों को अवगत कराया कि शासन द्वारा आगामी 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार 2026 संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह पर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं वरिष्ठ प्रशानिक अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों का औचक निरीक्षण पश्चात् जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठक आयोजित किए जाएंगे। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सभी संभागीय अधिकारियों को सुशासन तिहार हेतु विभागीय तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालयों के चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों हेतु ड्रेस कोड पर जोर देते हुए अधिकारियों को गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए। संभाग आयुक्त ने शासकीय सीसीएम कॉलेज कचांदुर में पीडब्ल्यूडी एवं विद्युत यांत्रिकी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली एवं अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुमलाल यादव और उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर एवं समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
धमतरी।
जिला पुलिस में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ आरक्षकों के लिए पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में एक बड़ा और सुव्यवस्थित स्थानांतरण अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत कुल 192 आरक्षकों का तबादला किया गया है, जो पिछले एक वर्ष में जिले की सबसे बड़ी स्थानांतरण सूची मानी जा रही है।
इस प्रक्रिया की खास बात इसकी पूर्ण पारदर्शिता और सहभागिता आधारित प्रणाली रही। धमतरी, कुरुद और नगरी अनुभागों के साथ-साथ पुलिस लाइन, यातायात, कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय, साइबर थाना, अजाक एवं महिला सेल में दो वर्ष से अधिक समय से कार्यरत आरक्षकों का एक खुले मंच पर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रत्येक आरक्षक से उनकी इच्छानुसार तीन पसंदीदा थाना/चौकी विकल्प भरवाए गए।
प्राप्त विकल्पों और कार्य प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर दो अलग-अलग सूचियों में क्रमशः 121 और 71 आरक्षकों का स्थानांतरण विभिन्न थाना/चौकियों एवं रक्षित केंद्रों में किया गया।
? स्थानांतरण प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताएं:
प्रत्येक आरक्षक से गृह थाना और पिछली पोस्टिंग को छोड़कर तीन विकल्प मांगे गए
कार्यकुशलता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए कुछ आरक्षकों को प्रशासनिक कारणों से यथावत रखा गया
बच्चों के शैक्षणिक सत्र पूर्ण होने के बाद सूची जारी कर परिवारिक संतुलन का ध्यान रखा गया
पिछले एक वर्ष में यह पहली व्यापक सूची, पूर्व में केवल शिकायत आधारित छोटे तबादले हुए थे
इस पहल से न केवल पुलिस बल में संतुलन और कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि आरक्षकों का मनोबल और कार्य संतुष्टि भी बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।
? निष्कर्ष:
धमतरी पुलिस की यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है, जो भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप के सेक्टर-6 (पश्चिम), वार्ड क्रमांक-63 में प्रस्तावित नई शराब दुकान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों के विरोध के बीच, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
आवासीय और शैक्षणिक क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल
विधायक देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोलने का निर्णय लिया गया है, वह सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से पूरी तरह अनुचित है। पत्र में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
शैक्षणिक संस्थान: प्रस्तावित स्थल के निकट स्कूल और कॉलेज स्थित हैं, जहाँ विद्यार्थियों का लगातार आना-जाना बना रहता है।
आवासीय कॉलोनी: यह क्षेत्र पूरी तरह से आवासीय है, जहाँ बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं।
चिकित्सकीय क्लिनिक: क्षेत्र के मुख्य बाजार में डॉक्टरों के क्लिनिक हैं, जहाँ मरीजों का आना-जाना लगा रहता है।
धार्मिक स्थल: स्थान के समीप ही धार्मिक स्थल होने के कारण क्षेत्र की संवेदनशीलता और भी अधिक बढ़ जाती है।
शांति-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका
विधायक ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थल पर शराब की दुकान खुलने से न केवल क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी असुविधा की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने इसे मानवीय दृष्टिकोण से पूर्णतः अव्यवहारिक करार दिया है।
सीएम से त्वरित कार्यवाही की उम्मीद
विधायक देवेंद्र यादव ने वार्डवासियों और आम नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस जनहित के मुद्दे पर संज्ञान लें। उन्होंने मांग की है कि उक्त शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से आवासीय क्षेत्र से हटाकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि टाउनशिप की शांति और गरिमा बनी रहे।
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
