July 23, 2026
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       रायपुर / शौर्यपथ / रायपुर टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के आदेश तथा नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के सामने स्थित उद्यान परिसर में बकाया लाइसेंस शुल्क की वसूली के लिए कार्रवाई की गई।
    नगर निगम उद्यान विभाग की टीम ने नगर निवेश उड़नदस्ता दल एवं यातायात पुलिस बल के सहयोग से उद्यान परिसर में संचालित 14 दुकानों को सीलबंद किया। यह कार्रवाई उपायुक्त उद्यान श्रीमती जागृति साहू के मार्गदर्शन एवं उप अभियंता उद्यान सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में संपन्न हुई।
    नगर निगम उद्यान परिसर की 14 दुकानों के संचालन हेतु गणपति इंफ्रा को पांच वर्ष के लिए लाइसेंस प्रदान किया गया था, जिसकी अवधि अगस्त 2026 में समाप्त हो रही है। संबंधित एजेंसी द्वारा दुकानों का संचालन किया जा रहा था, किन्तु नियमानुसार लाइसेंस शुल्क की बकाया राशि जमा नहीं की गई थी।
    बकाया राशि के भुगतान नहीं किए जाने पर नगर निगम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए टीम प्रहरी अभियान के तहत नगर निवेश उड़नदस्ता, यातायात पुलिस एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में 14 दुकानों को सीलबंद किया गया।

       राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भाजपा पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा के निवास पहुँचकर उनके पूज्य पिताश्री, सेवानिवृत्त इंजीनियर स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
    डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
    इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा का जीवन सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण था। उनका व्यक्तित्व समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
    शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान परिवार के सदस्य भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत नमिताब जैन दीपक कुमार सिन्हा योगेश सारथी रामकिशुन जायसवाल आभा जायसवाल पूर्णिमा साव संजय चौरसिया राजा माखीजा एवं अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित रहे। परिवार ने इस दुःख की घड़ी में पहुँचकर सांत्वना प्रदान करने के लिए डॉ. रमन सिंह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

       राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भाजपा पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा के निवास पहुँचकर उनके पूज्य पिताश्री, सेवानिवृत्त इंजीनियर स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
    डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
    इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा का जीवन सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण था। उनका व्यक्तित्व समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
    शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान परिवार के सदस्य भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत नमिताब जैन दीपक कुमार सिन्हा योगेश सारथी रामकिशुन जायसवाल आभा जायसवाल पूर्णिमा साव संजय चौरसिया राजा माखीजा एवं अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित रहे। परिवार ने इस दुःख की घड़ी में पहुँचकर सांत्वना प्रदान करने के लिए डॉ. रमन सिंह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

    2,446 अधिवक्ता चुनेंगे नई कार्यकारिणी, महिला आरक्षण ने बढ़ाई चुनावी दिलचस्पी; बड़े बार नेताओं के बीच अध्यक्ष पद पर कड़ा मुकाबला

    बिलासपुर / शौर्यपथ / जिला बार एसोसिएशन चुनाव-2026 का चुनावी परिदृश्य पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 14 पदों के लिए 49 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 25 जुलाई को होने वाले मतदान में 2,446 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। मतगणना 26 जुलाई को होगी।

    इस बार मतदाताओं की संख्या पहले की तुलना में अधिक होने के कारण प्रत्याशियों के लिए सभी अधिवक्ताओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर प्रचार करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। जिला न्यायालय परिसर में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म है और प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं।

    चुनावी कार्यक्रम

    निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच में सभी 50 नामांकन वैध पाए गए। 17 जुलाई को नाम वापसी के बाद एक प्रत्याशी के हटने से अब 49 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। 21 जुलाई को डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के लिए आवेदन लिए जाएंगे, 23 जुलाई को पोस्टल बैलेट से मतदान होगा, जबकि 25 जुलाई को सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक सामान्य मतदान कराया जाएगा।

    किस पद पर कितने उम्मीदवार
    अध्यक्ष – 4 प्रत्याशी
    उपाध्यक्ष – 6 प्रत्याशी
    उपाध्यक्ष (कनिष्ठ महिला आरक्षित) – 2 प्रत्याशी
    सचिव – 8 प्रत्याशी
    कोषाध्यक्ष – 4 प्रत्याशी
    सहसचिव – 5 प्रत्याशी
    ग्रंथालय सचिव – 3 प्रत्याशी
    सांस्कृतिक सचिव – 3 प्रत्याशी
    कार्यकारिणी सदस्य – 11 प्रत्याशी
    महिला कार्यकारिणी सदस्य – 3 प्रत्याशी
    महिला आरक्षण ने बढ़ाई चुनावी सरगर्मी

    इस बार महिला आरक्षण चुनाव का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। महिला उपाध्यक्ष पद पर दीपाली मजूमदार और राधा रजक के बीच सीधा मुकाबला है। वहीं कोषाध्यक्ष पद महिला आरक्षित होने के कारण इस पद पर चार महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं। सचिव पद पर नूपुर पाल एकमात्र महिला उम्मीदवार हैं, जिससे यह मुकाबला भी विशेष चर्चा में है।

    अध्यक्ष पद पर दिग्गज आमने-सामने

    बार चुनाव का सबसे प्रतिष्ठित मुकाबला अध्यक्ष पद पर माना जा रहा है। इस पद पर चार उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें अनुराग बाजपेई और चंद्रशेखर बाजपेई पहले भी जिला बार एसोसिएशन का नेतृत्व कर चुके हैं। अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के कारण यह मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है।

    गैर-राजनीतिक चुनाव, लेकिन राजनीतिक चर्चा भी तेज

    औपचारिक रूप से जिला बार एसोसिएशन का चुनाव गैर-राजनीतिक माना जाता है, लेकिन अधिवक्ता परिषद के पिछले चुनावों के बाद विभिन्न विचारधाराओं और समूहों की सक्रियता इस चुनाव में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिवक्ताओं के बीच समर्थन जुटाने के लिए विभिन्न पैनल और समूह लगातार संपर्क अभियान चला रहे हैं।

    अब सभी की निगाहें 25 जुलाई के मतदान और 26 जुलाई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं, जो जिला बार एसोसिएशन की नई नेतृत्व टीम का फैसला करेंगे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा इस वर्ष का भव्य सावन मेला छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सहभागिता का अनूठा उत्सव बनने जा रहा है। महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण समिति की प्रभारी हर्षिका संभव जैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस बार सावन मेले को पहले से अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और जनभागीदारी से परिपूर्ण बनाया जाएगा।
    समिति ने निर्णय लिया कि मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं पारंपरिक प्रतियोगिताओं का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रमों की तिथियां, आयोजन स्थल, पंजीयन प्रक्रिया और व्यवस्थाओं की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार की जाएगी।

    लोक संस्कृति और पारंपरिक खेल होंगे मुख्य आकर्षण
    सावन मेले में पारंपरिक खेलों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिनमें फुगड़ी, रस्सीकूद, रस्साकशी, कंची दौड़, मटका फोड़ तथा दौड़ प्रतियोगिताएं शामिल रहेंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अरसा, ठेठरी-खुर्मी, फरा और चीला जैसे पारंपरिक व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
    मेले में छत्तीसगढ़ी वेशभूषा प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ी मॉडलिंग, लोक गायन प्रतियोगिता तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समिति का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

    'सावन मेला हमारी संस्कृति का उत्सव है'
    समिति की प्रभारी हर्षिका संभव जैन ने कहा कि सावन मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी समिति सदस्यों से समन्वय, सक्रिय सहभागिता और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ आयोजन को सफल एवं यादगार बनाने का आह्वान किया।
    बैठक में पार्षद विद्यावती सिंह, मनीष कोठारी, युवराज कुंजाम, लोकेश्वरी ठाकुर, शरद निर्मलकर, रामचंद सेन, लिपिक लता यादव, विकल निर्मलकर सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए अपने सुझाव दिए तथा विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।

    *बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत दी* 

    रायपुर / राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। राज्य के विद्यालयों में छात्रों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से जोड़ने के लिए शालाओं में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश किया गया है। उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत 

            रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

    *संकल्प से ही प्राप्त होती है सिद्धि*

          देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के विचारों को रेखांकित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वे हैं जो हमें सोने ही नहीं देते। सफलता की आधारशिला बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प पर टिकी होती है। जिस प्रकार एक अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का, शिक्षक अपने विद्यालय की उत्कृष्टता का और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास का सपना देखते हैं; ठीक उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से सिद्धि के मंत्र को दोहराते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

    *दृष्टिकोण बदलता है जीवन की दिशा*

        कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों में असीम ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया गया। एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि एक ही कार्य को करने वाले लोगों का दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकता है। जैसे बाँध निर्माण में लगे तीन मजदूरों में से सकारात्मक सोच वाले मजदूर ने अपने कार्य को जन-कल्याण और समृद्धि से जोड़कर देखा, ठीक उसी तरह विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई का उद्देश्य तय करना होगा। जब दृष्टिकोण स्पष्ट होता है, तो लक्ष्य प्राप्ति निश्चित हो जाती है।

    *नई शिक्षा नीति 2020- भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों का समावेश*

          मंत्री  वर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार द्वारा शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए जा रहे है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य में शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा (वेद, शास्त्र, रामायण एवं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर) से जोड़ा गया है। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों में नैतिक मूल्य, विनम्रता, अनुशासन और अपने माता-पिता व बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का माध्यम बन रही है।

    *बलौदाबाजार के विद्यालयों को मॉडल बनाने 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति*

             क्षेत्रीय अधोसंरचना विकास पर राजस्व मंत्री  ने कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था और बैठक व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है। बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक व बौद्धिक विकास हेतु एक आधुनिक एवं भव्य रंगमंच के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई।

    *2047 तक छत्तीसगढ़ देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनेगा*

             कार्यक्रम में राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महतारी वंदन योजना और कृषक उन्नति योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ अधोसंरचनात्मक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जब वर्ष 2047 में भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तब हमारा छत्तीसगढ़ भी देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनकर उभरेगा। कार्यक्रम में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर सभी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर अभिनंदन किया गया तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

    पर्यटन मंडल मुख्यालय में योजनाओं और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा, आगामी पर्यटन गतिविधियों के रोडमैप पर हुआ मंथन

       रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की 38 वीं बैठक सोमवार को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास, वर्तमान योजनाओं की प्रगति, नई पर्यटन पहलों तथा आगामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

    बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन (भा.प्र.से.), छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य (भा.व.से.), अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्य तथा पर्यटन मंडल के विभिन्न शाखा प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और हरित पहल के संकल्प के साथ हुई। प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा ने विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्यों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।

    बैठक के दौरान पर्यटन मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक एवं सुविधायुक्त बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी पर्यटन कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार गतिविधियों, निवेश संभावनाओं तथा पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

    बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करने तथा भविष्य में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने की रणनीति पर सर्वसम्मति बनी। संचालक मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से प्रदेश की पर्यटन पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।

    रायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। योजनागत उपलब्धियों के आधार पर राजनांदगांव प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

    जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 120 हितग्राहियों के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रकरणों में दस्तावेजों के सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

    योजना के तहत अब तक 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ मिल चुका है। वहीं 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। ये परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुरूप सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। कई हितग्राही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।

    योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से 'पीएम सूर्य सभा' आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी की जानकारी तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी मौके पर ही प्राप्त किए जा रहे हैं।

    प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली व्यय में कमी लाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना है।

     

    राजनांदगांव जिले की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभावी जनजागरूकता, समयबद्ध क्रियान्वयन और हितग्राही-केंद्रित प्रयासों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति का आधार बन रही है।

    रायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकास शील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के कमजोर बिंदुओं को चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी श्री अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से मौजूद थे।

    *स्टेट स्कोरकार्ड में मिले 64.97 अंक, प्रशासनिक सुधार में पूर्ण अंक*

             बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने 'प्रशासनिक सुधार' और 'मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल' के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं।

    *जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट को सुदृढ़ करने पर जोर*

             मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जाए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'न्याय श्रुति प्रणाली' को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्धारित 60 एवं 90 दिवस के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को देखते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

              डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पुलिस और गृह विभाग के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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