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March 10, 2026
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राज्यसभा चुनाव: छत्तीसगढ़ से भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा तो कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम पर जताया भरोसा, 9 अप्रैल को होगा मतदान

दुर्ग/रायपुर। आगामी 9 अप्रैल को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी ओर से लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है, वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (कांग्रेस) ने अपनी वर्तमान सांसद फूलो देवी नेताम को एक बार फिर मैदान में उतारते हुए उन पर भरोसा जताया है। दोनों दलों की ओर से घोषित इन नामों के साथ राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक समीकरण लगभग स्पष्ट माना जा रहा है।

भाजपा की उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा: संगठन और सामाजिक समीकरण का संतुलन

भाजपा ने छत्तीसगढ़ से खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों में से एक के लिए लक्ष्मी वर्मा के नाम की घोषणा की है। लक्ष्मी वर्मा वर्तमान में छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और पूर्व में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं।

राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से उनका चयन भाजपा की रणनीतिक सोच को भी दर्शाता है। लक्ष्मी वर्मा कुर्मी समाज (ओबीसी वर्ग) से आती हैं, जिसे प्रदेश में एक प्रभावशाली सामाजिक वर्ग माना जाता है। पार्टी के इस निर्णय को ओबीसी वर्ग और महिला मतदाताओं यानी “मातृ शक्ति” को संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक अनुभव की बात करें तो लक्ष्मी वर्मा रायपुर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए भाजपा के विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती रही हैं।

कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम पर दोबारा जताया भरोसा

वहीं कांग्रेस ने अपनी मौजूदा राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम को दूसरी बार उम्मीदवार बनाकर उन पर भरोसा दोहराया है। फूलो देवी नेताम का वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है।

फूलो देवी नेताम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से आती हैं और कांग्रेस की ओर से एक प्रमुख आदिवासी महिला चेहरा मानी जाती हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और इसके बाद उन्होंने संगठन व जनप्रतिनिधि के रूप में कई जिम्मेदारियां निभाईं।

वह छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और पूर्व में विधायक के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। आदिवासी समाज और महिला नेतृत्व के प्रतिनिधित्व के लिहाज से कांग्रेस का यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्यसभा चुनाव का गणित लगभग स्पष्ट

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें के.टी.एस. तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 31 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक और कांग्रेस के 35 विधायक हैं। इस संख्या बल को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों प्रमुख दलों का एक-एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है।

राजनीतिक संदेश भी अहम

राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस बार के उम्मीदवार चयन में दोनों दलों ने सामाजिक प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी है। भाजपा ने ओबीसी महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है, वहीं कांग्रेस ने आदिवासी महिला नेतृत्व को पुनः राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया है।

ऐसे में 9 अप्रैल को होने वाला राज्यसभा चुनाव भले ही गणितीय रूप से लगभग तय दिखाई दे रहा हो, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक संदेश के लिहाज से यह चुनाव प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मृणेन्द्र चौबे राजनांदगांव/शौर्यपथ /होली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस द्वारा शहर में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया। आगामी त्योहार को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आ रहा है। फ्लैग मार्च के माध्यम से आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के साथ-साथ असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फ्लैग मार्च में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारी, महिला पुलिस बल, यातायात पुलिस तथा बड़ी संख्या में जवान शामिल हुए।

पुलिस बल ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों, संवेदनशील वार्डों और भीड़भाड़ वाले स्थानों से होकर मार्च किया। इस दौरान पुलिस वाहनों के साथ पैदल मार्च भी किया गया, जिससे लोगों में कानून-व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी तथा पेट्रोलिंग लगातार जारी रहेगी। शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार बाइक चलाने, जबरन रंग लगाने, हुड़दंग करने और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया गया है।

फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे होली का त्योहार आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव के साथ मनाएं। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास कायम करना और असामाजिक तत्वों को कानून का कड़ा संदेश देना है। राजनांदगांव पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

 

ROMESHWAR DAS SINHA (CHIEF RIPORTER)

धमतरी।
होली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस द्वारा जिले भर में गुंडा, निगरानी बदमाशों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सघन प्रतिबंधात्मक अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 39 उपद्रवियों के विरुद्ध वैधानिक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

धमतरी पुलिस द्वारा यह कार्यवाही धारा 170, 126 एवं 135(3) बीएनएसएस के तहत की गई। पुलिस को इन व्यक्तियों के विरुद्ध शांति भंग की आशंका, पूर्व आपराधिक प्रवृत्ति एवं लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाना पड़ा।

समझाइश के बाद भी नहीं सुधरे, इसलिए भेजे गए जेल

पुलिस के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में समझाइश दी गई थी, बावजूद इसके उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया। लोक शांति भंग होने की प्रबल संभावना को देखते हुए सभी 39 आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

होली से पहले 35 आदतन बदमाशों की परेड

उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व धमतरी पुलिस द्वारा जिले के 35 आदतन गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की पुलिस लाइन में विधिवत परेड कराई गई थी। परेड के दौरान सभी बदमाशों को कानून का पालन करने, शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं किसी भी अवैधानिक गतिविधि से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई।

साथ ही उनसे विधिवत शपथ दिलाई गई कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार की हुड़दंग, मारपीट, शराब सेवन कर उत्पात, जबरन रंग लगाने अथवा शांति भंग करने जैसी गतिविधियों में संलिप्त नहीं होंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शपथ के उल्लंघन की स्थिति में कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

होली में हुड़दंग पर जीरो टॉलरेंस

धमतरी पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होली पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, शराब पीकर उत्पात, जबरन रंग लगाना, मारपीट या शांति भंग करने वालों के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

पुलिस की जनता से अपील

जिला पुलिस धमतरी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे होली का पर्व भाईचारे, सौहार्द एवं शांति के साथ मनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, हुड़दंग या अवैध कृत्य की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें।

धमतरी पुलिस का यह अभियान जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और होली पर्व को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सख्त एवं प्रभावी कदम माना जा रहा है।

 

जेल भेजे गए गुंडा/निगरानी बदमाशों के नाम

  1. धर्मेंद्र कुमार ओगरे

  2. गिरवर साहू

  3. नागेश्वर उर्फ नागेश पटेल

  4. डोमन हिरवानी

  5. सोमन सिन्हा

  6. हर्ष कुमार साहू

  7. तुषार साहू

  8. परसराम साहू

  9. कृष्णा उर्फ बिट्टू नायक

  10. गुलशन गर्ग

  11. लोमस साहू

  12. चंद्रहास दीवान

  13. सुखदेव साहू

  14. गजेंद्र उर्फ रावन निषाद

  15. दीपक कुमार मिर्झा उर्फ भोकवा

  16. भूपेंद्र कुमार ध्रुव

  17. टकेश्वर ध्रुव उर्फ टक्कू

  18. निविन ध्रुव

  19. अमन दीवान

  20. गजानन मिर्झा

  21. साहिल निर्मलकर

  22. रोहन जांगड़े

  23. राहुल कुर्रे

  24. मधुशंकर लहरे

  25. साहिल अली

  26. विकास आडील

  27. चांद कुर्रे

  28. पृथ्वीराम नेताम

  29. भावेश कुमार यादव

  30. राजकमल नेताम

  31. टिकेश्वर यादव उर्फ बुच्चु

  32. धीरज बिसेन उर्फ मोटु

  33. जागेन्द्र उर्फ राजा उर्फ जादू भट्ट

  34. डिकेश्वर उर्फ सुक्सी

  35. लक्की गुप्ता

  36. तामेन्द्र यादव उर्फ सोनू

  37. शुभम साहू

  38. रवि मरकाम

  39. पुष्पजीत खरे

कृषक उन्नति योजना: किसानों की खुशहाली का मनाया गया त्यौहार
 

   बालोद / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी सरकार ने किसानों की समृद्धि के अपने संकल्प को पूरा करते हुए आज प्रदेश के किसानों के बीच उनकी खुशहाली का त्यौहार मनाया दिया। कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के 24.75 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 10 हजार करोड़ रुपय से अधिक की अंतर राशि का सीधा हस्तांतरण किसानों के बैंक खाते में किया गया। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, बल्कि लाखों किसानों के अनगिनत सपने अब साकार होने जा रहे हैं।
बालोद जिले में इस कृषक उन्नति योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिला है। जिले के 01 लाख 48 हजार से अधिक किसानों के बैंक खातों में 511 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है। इस बड़ी आर्थिक मदद ने जिले के किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। अपने बैंक खाते में राशि अंतरण होने के बाद जिले के विभिन्न गांवों के किसानों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बड़े भाई के रूप में संबोधित करते हुए ’’धन्यवाद विष्णु भैया’’ के नारे लगाए। किसानों का मानना है कि साय सरकार का सुशासन और पारदर्शिता उनके जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है। एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था से बिचैलियों की भूमिका खत्म हुई है और सीधे मेहनत का फल किसानों के खातों में पहुंच रहा है।
जिले के ग्राम बगदई के किसान लक्ष्मीचंद साहू के बैंक खाते में कृषक उन्नति योजना के तहत 01 लाख 91 हजार रुपये अंतरित हुआ है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे इस राशि का उपयोग घर में होने वाली आगामी शादी के खर्चों के लिए करेंगे। इसी तरह ग्राम कोचेरा के किसान महेन्द्र साहू ने भी प्राप्त राशि 01 लाख 10 हजार रूपए को अपनी बेटी के विवाह की तैयारियों में करेंगे, राशि मिलने पर अब वे निश्चिंत होकर विवाह कार्य सम्पन्न करेंगे। ग्राम टेंगना बरपारा के किसान श्री चमन लाल साहू को 1 लाख 28 रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसे वे अपने नए घर के निर्माण में लगाएंगे। वहीं ग्राम डोकला के किसान श्री टोकेश्वर और बोरतरा के जीवनलाल साहू भी आज प्राप्त हुई राशि का उपयोग अपने निर्माणाधीन मकानों को पूरा करने और प्लास्टर कार्य में करेंगे।
किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में हमें एकमुश्त राशि मिल रही है, जिससे बड़े काम भी आसानी से हो जाते हैं। हमें अब कर्ज लेने की जरूरत नहीं है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से दी गई यह राशि केवल एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के किसानों के स्वाभिमान और उनके बेहतर भविष्य की गारंटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब किसानों की खुशहाली का प्रदेश बनता जा रहा है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत कबीरदास जी के विचार, संदेश और उनकी वाणी आज के समय में भी समाज को सही दिशा देने वाली, मार्गदर्शक और पूर्णतः प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री शनिवार को डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत कबीर मठ धाम नादिया (खुज्जी) में श्री कबीर साहेब मठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन में शामिल हुए।
फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने देशभर से पधारे संतों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सम्मेलन की गरिमा की सराहना करते हुए कहा कि कबीर मठ धाम नादिया में फाल्गुन महोत्सव के रूप में चौका आरती, सात्विक महायज्ञ एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करता है।

संत सम्मेलन हेतु प्रतिवर्ष 11 लाख रुपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री साय ने अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन के नियमित आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 11 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में इस आयोजन हेतु बजट में स्थायी प्रावधान किया जाएगा।

नादिया में डोम, मिनी स्टेडियम और राजनांदगांव में प्रवेश द्वार की घोषणा
मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में डोम निर्माण एवं मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने राजनांदगांव में संत कबीर साहेब के नाम से प्रवेश द्वार के निर्माण की भी घोषणा की, जिससे कबीर साहेब के विचारों और परंपरा को स्थायी पहचान मिलेगी।

कबीर पंथ और आदिवासी समाज का ऐतिहासिक योगदान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कबीरधाम नादिया संत कबीरदास जी की प्रेरणास्थली है, जहां दानवीर भक्त मालगुजार मंगतू ठाकुर, जो हल्बा आदिवासी समाज से थे, ने स्वयं को कबीर पंथ को समर्पित किया। उन्होंने हल्बा समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के शहीद गैंद सिंह के योगदान को स्मरण किया।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में संत कबीर की वाणी का गहरा प्रभाव है और प्रदेश का एक जिला कबीरधाम संत कबीर के नाम पर स्थापित है। जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया एवं कुनकुरी आश्रम से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कबीर पंथ की परंपराओं से भली-भांति परिचित हैं।

सरकारी योजनाओं और जनकल्याण का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों को 10,324 करोड़ रुपये की सहायता ,महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये ,प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख आवास स्वीकृत, जिनमें से 8 लाख से अधिक पूर्ण , किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस , तेंदूपत्ता, चरण पादुका, श्रीरामलला अयोध्या दर्शन योजना जैसी योजनाओं से आमजन लाभान्वित .उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और आत्मनिर्भर बनाने हेतु नई औद्योगिक नीति पर कार्य कर रही है तथा शीघ्र ही 500 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

अतिथियों ने संत परंपरा को बताया समाज की दिशा
कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद संतोष पाण्डेय, महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी एवं धर्माधिकारी सत्येंद्र साहेब ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने संत कबीर साहेब की वाणी, त्याग, सेवा और समरसता के संदेश को आज के समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पंथ श्री हुजूर मंगल साहेब, संतगण, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, कबीर पंथ के अनुयायी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

 

रायपुर ।
छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, रायपुर के प्रदेश अध्यक्ष पद हेतु नामांकन कार्यक्रम शनिवार को दोपहर 1 बजे कर्मचारी भवन, रायपुर में शांतिपूर्ण एवं संगठनात्मक उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए परशुराम धनेंद्र ठाकुर (पदनाम – भृत्य, विकासखंड शिक्षा विभाग, डौंडी) ने विधिवत रूप से अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। उनके नामांकन के प्रस्तावक कौशल कुमार अग्रवाल (पत्रवाहक, जल संसाधन विभाग) एवं समर्थक शेर सिंह भुवार्थ (चौकीदार, आदिम जाति विभाग, कुसुमलता) रहे।

नामांकन कार्यक्रम में संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्यगण गरिमामयी उपस्थिति में शामिल हुए। प्रमुख रूप से उदय शंकर छविराम यादव (संभागीय अध्यक्ष, रायपुर), देवनाथ यादव, सुरेश ढीढी (अध्यक्ष, इंद्रावती भवन), संगठन सचिव लोकेश वर्मा, डीडी सिंह, नरेंद्र साहू, देवेंद्र साहू, ईश्वर साहू, मोतीलाल खिलाड़ी (जिला अध्यक्ष, दुर्ग), शंभू गुप्ता (जिला अध्यक्ष, बलरामपुर) एवं राजू रवि (जिला मीडिया प्रभारी, बलरामपुर) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन निर्वाचन अधिकारी घनश्याम शर्मा एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी विनोद यादव द्वारा किया गया, जिन्होंने नामांकन पत्र प्रदान कर नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कराई। पूरा कार्यक्रम अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं संगठनात्मक एकता के वातावरण में सम्पन्न हुआ।

उक्त जानकारी लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, जिला दुर्ग के अध्यक्ष मोती राम खिलाड़ी द्वारा दी गई।

रायपुर । शौर्यपथ। जनसंपर्क विभाग में निरंतर 36 वर्षों तक उल्लेखनीय सेवाएं देने के बाद अपर संचालक श्री जवाहर लाल दरियो के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर आज नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे और श्री दरियो को भावभीनी विदाई दी।

इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने श्री दरियो की कार्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और विभाग के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर श्री दरियो के स्वस्थ, सुदीर्घ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा ने श्री दरियो के साथ कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अविभाजित मध्यप्रदेश के इंदौर से स्थानांतरण के पश्चात उन्होंने ही कार्यभार ग्रहण किया था। वहीं अपर संचालक श्री संजीव तिवारी ने श्री दरियो की सरलता, सहज व्यवहार और दायित्वों के प्रति उनके समर्पण की प्रशंसा की।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपर संचालक श्री आलोक देव ने श्री दरियो के सेवा जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्री दरियो ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त मार्गदर्शन एवं सहकर्मियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही वे अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सके।

दुर्ग। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने संगठन को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऊर्जावान नेत्री निकिता मिलिंद को दुर्ग शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी में महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

इस नियुक्ति को संगठन में नई ऊर्जा और महिला नेतृत्व को सशक्त करने के रूप में देखा जा रहा है। निकिता मिलिंद की सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया है।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नवनियुक्त महामंत्री निकिता मिलिंद ने कहा कि वे वरिष्ठ नेतृत्व की हृदय से आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें संगठन की सेवा का अवसर प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

निकिता मिलिंद ने आगे कहा कि महामंत्री का यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने तथा कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सतत कार्य करेंगी।

दुर्ग। शौर्यपथ। 

शहर को सुंदर, स्वच्छ और अतिक्रमण-मुक्त बनाने को लेकर दुर्ग नगर निगम और शहरी सरकार की मुखिया महापौर श्रीमती अलका बाघमार द्वारा जारी की जा रही प्रेस विज्ञप्तियाँ देखने-पढ़ने में जितनी प्रशंसनीय लगती हैं, जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। नगर निगम के अतिक्रमण विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दुर्ग में कानून सभी के लिए समान है या फिर यह अमीर-गरीब देखकर लागू किया जा रहा है?

शहरी सरकार के निर्देश पर हाल ही में गरीब पसरा व्यापारियों और फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई। उनका सामान जब्त कर लिया गया, वर्षों से चला आ रहा छोटा-सा व्यवसाय छीन लिया गया। दो वक्त की रोटी कमाने वाले इन लोगों को “अतिक्रमण-मुक्त शहर” के नाम पर बेरोजगार कर दिया गया।

परंतु इसी शहर के इंदिरा मार्केट स्थित गणेश मंदिर के सामने एक बिल्कुल अलग तस्वीर देखने को मिलती है। यहां सड़क की जमीन पर बड़े पैमाने पर ‘राम रसोई’ का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। जनहित का नाम लिया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यहां एक होटलनुमा व्यावसायिक संचालन हो रहा है, जहां बाकायदा ₹20 प्रति थाली की तय कीमत रखी गई है।

जनहित के कार्यों पर किसी को आपत्ति नहीं, बल्कि यह सराहनीय है कि शहर के बड़े व्यापारी समाजसेवा में आगे आए हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या जनहित के नाम पर सड़क की जमीन पर कब्जा जायज हो जाता है?

अगर यही नियम है, तो शहर में दर्जनों संस्थाएं हैं जो जनसेवा करती हैं—क्या सभी को सड़कों पर कब्जा करने की छूट दी जाएगी?

संविधान की नजर में अमीर और गरीब एक समान हैं, फिर दुर्ग में यह भेदभाव क्यों?

क्या नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ गरीबों के लिए है और प्रभावशाली लोगों के लिए नियम बदल जाते हैं?

इतना ही नहीं, निगम कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार महापौर अलका बाघमार ने नगर निगम के व्यावसायिक परिसरों के बरामदों में व्यापार करने की अनुमति भी दे दी है। बड़ा सवाल यह है कि—

➡️ क्या किसी महापौर को यह संवैधानिक अधिकार है कि वह आम जनता के लिए बने बरामदों को दुकानों में तब्दील करने की अनुमति दे?

➡️ क्या दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में संविधान चलेगा या महापौर का निजी आदेश?

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