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April 24, 2026
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दुर्ग। शौर्यपथ।

छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा हज यात्रियों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन स्वामी विवेकानंद सभागार, दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि Vijay Baghel, अध्यक्षता Mirza Ejaz Beg तथा विशिष्ट अतिथि Alka Baghmar रहीं।

कार्यक्रम में सुरेन्द्र कौशिक, रजा खोखर, गायत्री वर्मा, हाजी कासिम, आरिफ अली, ज्योति वर्मा, हैदर अली, खालिद रिजवी, अमजद अली सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने कहा कि हज यात्रा के दौरान नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में हाजी यात्रा पर जा रहे हैं, जिनमें दुर्ग जिले से लगभग 260 यात्री शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से आवेदन की प्रक्रिया सरल हुई है तथा राज्य सरकार द्वारा यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

महापौर अलका वाघमार ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी हाजियों की सफल एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की। सुरेन्द्र कौशिक ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य हाजियों को स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।

मुख्य अतिथि विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता में निहित है। उन्होंने हज यात्रियों से देश और परिवार की खुशहाली के लिए दुआ करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है और भारतीयों को विश्वभर में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी हाजियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी यात्रा के सफल एवं सुरक्षित होने की कामना की गई।

पंडरिया। शौर्यपथ।

भारत की नारी ने सदियों से समाज को दिशा दी है, संस्कारों को संजोया है और हर परिवर्तन की धुरी बनकर अपनी अहम भूमिका निभाई है। इसके बावजूद नीति और निर्णय के सर्वोच्च मंचों पर उनकी भागीदारी लंबे समय तक सीमित रही। अब यह स्थिति बदलने जा रही है।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में पारित "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाएगा।

उन्होंने कहा कि जब संसद से लेकर विधानसभा तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, तब देश के विकास में नारीशक्ति का योगदान और अधिक प्रभावी रूप से सामने आएगा। यह निर्णय न केवल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में समानता और न्याय के नए आयाम भी स्थापित करेगा।

भावना बोहरा ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नव युग का आरंभ है—नव संकल्प और नव शक्ति का उद्घोष। अब महिलाएं केवल कानून का पालन ही नहीं करेंगीं, बल्कि कानून निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। वे केवल इतिहास पढ़ेंगी नहीं, बल्कि इतिहास रचकर देश को नई दिशा देंगी।

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के अंतर्गत आगामी जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज जोन क्रमांक 4, खुर्सीपार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्वामी आत्मानंद स्कूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी अमरनाथ दुबे के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

खुर्सीपार क्षेत्र के लिए कुल 99 प्रगणकों को प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों को जनगणना के दौरान डेटा प्रविष्टि, प्रपत्र भरने की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना, ताकि गणना कार्य त्रुटिहीन हो सके।

प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और गंभीरता बनाए रखने हेतु निगम प्रशासन पूरी तरह सख्त है। आज के सत्र में कुल 99 प्रगणकों में से 94 उपस्थित रहे, जबकि 5 प्रगणक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।

"जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।"

— अमरनाथ दुबे, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी (जोन-4)

ड्यूटी से नदारद रहने वाले इन 5 प्रगणकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी के निर्देशानुसार उन्हें तत्काल 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अन्य जोनों में भी इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

राजनांगांव /शौर्यपथ / प्रदेश का किसान खरीफ सीज़न की तैयारी में है , सरकार सोसायटियों के माध्यम से खरीफ सीजन की खेती की तैयारियों के लिए किसानों को खाद व ऋण उपलब्ध कराना प्रारंभ कर चुकी है किंतु भाजपा सरकार के निर्देश पर किसानों को दिए जा रहें ऋण पर पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि खेती की लागत दिनों दिन बढ़ रही है और सरकार किसानों को दिए जाने वाले ऋण की राशि में लगातार कम कर रही है जो कि सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को स्पष्ट करती है, अनेक सोसायटी से लगातार शिकायत प्राप्त हो रही है कि सोसायटियों में दी जाने वाली ऋण की राशि मे कटौती करते हुए राशि दी जा रही है जो कि किसान विरोधी निर्णय है, जिसका दूरगामी परिणाम सरकार को भुगतने होंगे, ऐसा निर्णय लेकर सरकार लगातार किसानों को हतोत्साहित कर रही है। छन्नी साहू ने भाजपा सरकार से मांग किया है कि पूर्व की तरह सरकार किसानों को खरीफ सीजन की खेती के लिए प्रति एकड़ बीस हजार से अधिक की राशि व पर्याप्त खाद व बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

0ऋण अनुदान की राशि से बचना चाह रही है भाजपा सरकार

खुज्जी विस पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कहा है कि पूर्व में रबी व खरीफ सीजन में सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में लिमिट के अनुसार प्रति एकड़ बीस हजार से अधिक की राशि किसानों को उपलब्ध कराते आई है, रबी सीजन के लिए ली गई ऋण की राशि 22 जून से पहले अदा कर खरीफ के लिए पुनः उतना ही राशि उपलब्ध कराते रही है, किन्तु किसान विरोधी भाजपा सरकार रबी और खरीफ को एकसाथ जोड़कर मात्र 13860 रुपये की राशि अभी सोसाइटी के माध्यम से उपलब्ध करा रही है जो कि खेती पर बढ़ते लागत मूल्य से बहुत कम है, यह पुरा खेल ऋण अनुदान की राशि को बचाने के चक्कर मे किया जा रहा है, जिससे खेती और किसान सकंट में दिखाई देते हुए दिख रहे है, पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार के दौरान किसानों का बहुत बुरा अनुभव रहा है बीते दो वर्षों में किसानों को न तो समय पर खाद मिल पाया और न ही बीज उपलब्ध हो पाया है जिसपर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए कार्य करना चाहिए, पूर्व विधायक छन्नी साहू ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अब समय आ चुका है जब सरकार को उनके किये जा रहे कृत्य का किसानों द्वारा एकजुट होकर माकूल जवाब दिया जाए।

0 राजनांदगाँव में शिक्षा की नई क्रांति: रुद्राक्षम् इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एजुकेशन देगा वैश्विक स्तर की पढ़ाई, वो भी कम शुल्क में

राजनांदगाँव।शौर्यपथ / शहर के शिक्षा जगत में एक नई क्रांति की शुरुआत करते हुए रुद्राक्षम इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एजुकेशन का भव्य उद्घाटन आज क्षेत्र के माननीय सांसद संतोष पांडे जी के करकमलों से संपन्न हुआ। यह विद्यालय विशेष रूप से कम फीस में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है, जिससे क्षेत्र के प्रत्येक वर्ग के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा सुलभ हो सके।

अपने उद्बोधन में सांसद संतोष पांडे ने कहा कि राजनांदगाँव में “रुद्राक्षम्” एक ऐसा नाम है जिस पर पूरा शहर विश्वास करता है। उन्होंने इस पहल को एक नए सोपान, मजबूत नींव और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताते हुए कहा कि यहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी क्षेत्र और देश का नाम रोशन करेंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी रेखा संतोष पांडे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल जाना केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह जीवन और करियर को बेहतर बनाने वाला अनुभव होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि रुद्राक्षम इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एजुकेशन में छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ एक संतुलित और शानदार जीवनशैली का प्रशिक्षण मिलेगा। रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा खेल, शिक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं नशे से दूरी जैसे पाँच प्रमुख उद्देश्यों पर सतत कार्य किया जा रहा है।

संस्था द्वारा खेल, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं नशे से दूरी के क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से कार्य किया जा रहा था, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में अब इस विद्यालय के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से कम फीस में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने कहा कि इस विद्यालय में अध्ययन करने वाले छात्र एक मिलनसार और जीवंत शैक्षणिक समुदाय का हिस्सा बनेंगे, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं वरिष्ठ पार्षद सुनील कन्हैया साहू ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए एक आदर्श मंच सिद्ध होगा। स्कूल मे पढ़ाई के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। विद्यालय में म्यूजिक, डांस, शतरंज, आर्ट्स, रोबोटिक्स जैसे आधुनिक एवं रचनात्मक विषयों में भी छात्रों को दक्ष बनाया जा रहा है। एक अच्छा विद्यालय ही एक सशक्त और संस्कारित समाज की नींव रखता है, और रुद्राक्षम इसी दिशा में एक सार्थक पहल है। पटरीपार क्षेत्र में स्थापित यह विद्यालय नई पीढ़ी के लिए शिक्षा का एक नया आयाम प्रस्तुत करेगा। उद्घाटन समारोह में आशुतोष सिंग, देवेश वैष्णव, गेमू कुंजाम, स्कूल की प्राचार्या सरिता चौबे, शिक्षिका जान्हवी साहू, पूजा वासनिक, नम्रता ध्रुव, डॉली साहू सहित विद्यालय के छात्र-छात्राओं के पालकगण एवं क्षेत्र के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं शिक्षा के नए युग की शुरुआत के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

बालोद।

दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री अभिषेक शांडिल्य का बालोद जिले में प्रथम आगमन हुआ, जहां उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान गुरूर में नवीन एसडीओपी कार्यालय का विधिवत शुभारंभ भी किया गया।

पुलिस कार्यालय बालोद में आयोजित समीक्षा बैठक में आईजी शांडिल्य ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से परिचय प्राप्त कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने जिले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

? संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग पर जोर

आईजी ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष और प्रभावी पुलिसिंग सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। थाना स्तर पर शिकायतों की त्वरित सुनवाई, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

? अपराध नियंत्रण में सख्ती के निर्देश

संज्ञेय अपराधों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने पर जोर

गंभीर मामलों की विवेचना वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में करने के निर्देश

60 से 90 दिनों के भीतर चालान पेश करने की सख्त हिदायत

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा व नशीले पदार्थों पर कड़ी कार्रवाई

चौक-चौराहों पर हुड़दंग व गुंडागर्दी करने वालों पर सख्ती

? बीट सिस्टम और कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूती

आईजी ने बीट प्रभारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर ग्रामीणों से संवाद बढ़ाने, सूचना तंत्र मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत कर “विजिबल पुलिसिंग” बढ़ाने पर जोर दिया।

? तकनीकी सुदृढ़ीकरण और साइबर जागरूकता

बैठक में CCTNS, NCCRP, e-Summons, Netgrid और JCCTP जैसे पोर्टलों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए। एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ऑनलाइन भेजने की प्रक्रिया को भी सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों के प्रति आमजन में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

? सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान

आईजी शांडिल्य ने महिला कमांडो के साथ समन्वय स्थापित कर हेलमेट उपयोग और यातायात नियमों के पालन हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

? रात्रि गश्त और सघन चेकिंग

अपराधों की रोकथाम के लिए रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन और सरप्राइज चेकिंग को नियमित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, डीएसपी श्रीमती माया शर्मा, श्री बोनिफास एक्का, श्री राजेश बागड़े, रक्षित निरीक्षक श्रीमती रेवती वर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ उपस्थित रहे।

निष्कर्ष:

आईजी का यह पहला दौरा बालोद पुलिस के लिए स्पष्ट संदेश लेकर आया है—पुलिसिंग में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपराध पर निर्णायक प्रहार।

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ में सुशासन, संवेदनशीलता और पारदर्शिता को लेकर सरकार लगातार अपनी प्रतिबद्धता जताती रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं खनिज साधन (माइनिंग) विभाग की कमान संभाले हुए हैं और अवैध खनन पर सख्ती के संकेत भी समय-समय पर देते रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है, जहां सुशासन के दावों को जिम्मेदारों की कार्यशैली धीरे-धीरे कुशासन की ओर धकेलती नजर आ रही है।

जिले के ग्राम छोटे कड़मा में संचालित खदानों से निकलने वाली गिट्टी का खेल अब खुलेआम चल रहा है। बिना फिट-पास के गाड़ियों में गिट्टी का परिवहन धड़ल्ले से जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध परिवहन को रोकने के लिए जिन सिपाहियों की तैनाती की गई थी, वहीं अब इस पूरे ‘सिस्टम’ के केंद्र में नजर आ रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो बिना फिट-पास गाड़ियों से प्रति ट्रिप 500 रुपये की ‘सेटिंग’ तय कर दी गई है। यानी नियमों का पालन कराने वाली व्यवस्था ही अब नियमों को ‘दरकिनार’ करने की सुविधा शुल्क वसूल रही है। दिनदहाड़े यह खेल चल रहा है और जिम्मेदार विभाग मानो आंखें मूंदे बैठा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विभाग के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी, जो खुद को सुशासन का प्रहरी बताते हैं, वास्तव में सिर्फ “ईमानदारी का चोला” ओढ़े हुए हैं? क्योंकि जमीनी सच्चाई तो यह बताती है कि उस चोले के पीछे ‘हिस्सेदारी’ का खेल बेखौफ जारी है।

हैरानी की बात यह भी है कि विभाग के जिम्मेदारों को इस बात का जरा भी भय नहीं दिखता कि राज्य के मुखिया स्वयं माइनिंग विभाग की कमान संभाले हुए हैं। ऐसे में यह लापरवाही या मिलीभगत कहीं न कहीं मुख्यमंत्री के सुशासन के दावों को भी सीधा नुकसान पहुंचा रही है।

इस अवैध परिवहन से सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी का भारी नुकसान हो रहा है। एक ओर शासन सख्ती की बात करता है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ‘500 रुपये प्रति ट्रिप’ का सिस्टम ही असली नियम बनता नजर आ रहा है।

अब सीधे सवाल:

क्या छोटे कड़मा में चल रहा यह खेल विभागीय संरक्षण के बिना संभव है?

क्या जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत काम कर रहे हैं?

क्या सुशासन के नाम पर केवल दावे ही किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर ‘सेटिंग राज’ हावी है?

क्या इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

जिले की जनता अब यह जानना चाहती है कि सुशासन का मॉडल कागजों तक सीमित रहेगा या छोटे कड़मा जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर उसकी साख बचाई जाएगी।

दुर्ग। शौर्यपथ /
शुक्रवार दोपहर दुर्ग जिले में मानवता को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक दरिंदे ने साढ़े 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने बच्ची को बोरे में बंद कर अपने घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया।
बताया जा रहा है कि बच्ची शुक्रवार दोपहर अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित दुकान से खाने का सामान लेने गई थी। इसी दौरान रास्ते में अकेली बच्ची को देखकर आरोपी ने कुछ खाने का लालच दिया और अपने घर में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब मासूम ने विरोध किया, तो आरोपी घबरा गया और पकड़े जाने के डर से बच्ची को बोरे में बंद कर अपने घर के पीछे स्थित बाड़ी में फेंक दिया।
कुछ देर बाद बोरे के अंदर से आ रही बच्ची की कराहने और तड़पने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही उतई पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को बोरे से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया है और पूरे मामले की जांच शुरु कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

दैनिक शौर्यपथ महासमुंद जिला ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद जिले के पिथोरा विकासखंड के अंतर्गत सबसे बड़े ग्राम गौरव ग्राम बुंदेली आज भी विकास को तरस रहा है, यहां पर विकास के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति किया जा रहा है, यहां पर विकास के नाम पर कार्य स्वीकृति दी जाती है लेकिन न शासन न प्रशासन द्वारा जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं है, कांग्रेस कमेटी के मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व उप सरपंच पूनम मानिकपुरी ने कहा कि पूर्व में शासन प्रशासन द्वारा कई काम स्वीकृति प्रदान करने के बाद भी गौरव ग्राम का बुरा हाल है कई बार कई समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारी को सूचित करने के बाद भी कार्यवाही शून्य है शासन सत्ता किसी भी पार्टी की हो गांव का विकास नहीं हो रहा सिंचाई की बात करे तो आज भी, गज गिधनी जलाशय में नहर लाइनिंग की स्वीकृति की बात कही गई लेकिन आज 1साल से कोई काम प्रमांभ नहीं पटियापली में नहर निर्माण की मांग भालू मूत्र री में स्टॉप डेम की मांग आज तक स्वीकृति नहीं न कोई कार्यवाही वही सड़क की बात करे तो बुंदेली से ठाकुर दिया वन मार्ग जो कई बार डामरीकरण की मांग करने के बाद भी आज तक स्वीकृति नहीं, शिक्षा की दयनीय स्थिति स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित वही बुंदेली में कॉलेज खोलने की मांग, स्वास्थ विभाग की बात करे तो यहां पर उप स्वास्थ केंद्र भवन नहीं है भवन के लिए पूर्व में 22 लाख स्वीकृति होने की बात कही गई लेकिन आज तक भवन नहीं बना बुंदेली नर्स डाक्टर की कमी, , बुंदेली में पूर्व में देना बैंक संचालित था उसके पिथोरा शिफ्ट होने के बाद आज एक भी कोई बैंक नहीं खुला कई बार मांग करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं , बुंदेली को शासन के तरफ से गौरव ग्राम का दर्जा तो मिला लेकिन सिर्फ कागजों पर जमीनी हकीकत तो कुछ और है, , करोड़ों का पानी टंकी बना लेकिन लोगों के घरों तक सही तरीके से पानी नहीं पहुंचा, सिर्फ शो फीस के लिए बना पानी टंकी, कलेक्टर से शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, जर्जर स्कूलों की नए भवन की मांग स्वास्थ विभाग में नर्स की नियुक्ति, वन मार्ग में डामरीकरण की मांग, पटियापली में नहर निर्माण की मांग स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक की मांग, नहर लाइनिंग की मांग 20 सालों से यह मांग लगातार उठाने पर भी शासन प्रशासन द्वारा इस गौरव ग्राम बुंदेली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनन्द दास मानिकपुरी के नाम पर यहां पर देसी शराब दुकान बंद किया गया, शाहिद कमलेश्वर सोनवानी के नाम पर विद्यालय का नाम रखा गया, और इस ग्राम को गौरव ग्राम का दर्जा मिला लेकिन इस की सुध लेना वाला कोई नहीं आगामी दिनों में, इस गौरव ग्राम का इन सभी मांगो का स्वीकृति या निराकरण नहीं किया गया तो बुंदेली के ग्रामीणों के साथ एक बड़ी बैठक आयोजित कर, सरकार को जगाने का प्रयास किया जाएगा या फिर बड़ा आंदोल करने विवश होंगे

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