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May 31, 2026
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भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग के डीजीएम जैकब कूरियन ने सेल के हवाले से बताया कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने जून, 2020 में, अब तक के किसी भी जून महीने के मुकाबले सर्वाधिक विक्रय दर्ज किया है। सेल ने जून, 2020 में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 12.77 लाख टन का घरेलू विक्रय और निर्यात किया है। इसी के साथ कंपनी ने जून, 2020 में अब तक के किसी भी महीने के मुकाबले सर्वाधिक निर्यात करने की भी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने जून, 2020 के दौरान  3.4 लाख टन स्टील का निर्यात किया। इसी जून महीने के दौरान, सेल ने भारतीय रेलवे को अब तक के किसी भी जून महीने के मुकाबले सर्वाधिक  रेल  की  आपूर्ति की है। यही नहीं, सेल ने भारत में पहली बार भारतीय रेलवे को आर 260 ग्रेड की वैनेडियम अलॉयड स्पेशल ग्रेड प्राइम रेल की पहली खेप की आपूर्ति की है, जो और अधिक स्पीड एवं एक्सल लोड को संभालने में सक्षम है। इसके साथ ही सेल ने जून, 2020 में 42 हजार टन पिग आयरन का भी विक्रय किया है। केंद्रीय इस्पात मंत्री  धर्मेन्द्र प्रधान ने इस उपलब्धि के लिए सेल परिवार को समूहिक रूप से बधाई दी और कहा सेल के जून महीने की रिकार्ड बिक्री और निर्यात देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रहे सुधार और उछाल को दर्शाता है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस्पाती इरादे के साथ प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदलेगा और सफल आत्मनिर्भर भारत की गाथा लिखेगा।
     सेल अध्यक्ष अनिल कुमार चैधरी ने कहा, देश के अनलॉक-2 के फेज में पहुँचने से धीरे-धीरे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने लगी है। इस समय बाजार मांग और खपत को लेकर आशान्वित है। सेल अपनी पूरी क्षमता के साथ देश की जरूरतों और बाजार की मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। इसी दौरान, सेल के निर्यात बाजार का भी विस्तार हुआ है, जिसे सेल अपने समर्पित कार्यबल और योजनागत उत्पादन के जरिये पूरा करने में लगातार जुटा हुआ है।
श्री चौधरी ने आगे कहा, चुनौतियां हमारे लिए कई बार अवसरों के नए राह भी खोल देती हैं। हम चुनौतियों को कितना अवसर में बदल पाते हैं, दरअसल उसी से हमारी असली क्षमता पता चलती है। हम बाजार की मांग के अनुरूप धीरे-धीरे अपना उत्पादन बढ़ा रहे हैं। सेल कार्मिक कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते उत्पादन गतिविधियों में लगातार लगे हुए हैं, जिससे हम मौजूदा चुनौतियों के बावजूद लगातार आगे बढ़ रहे हैं। हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित हैं। सेल का यह शानदार प्रदर्शन आत्मनिर्भर भारत के लिए कंपनी की प्रतिबध्द्ता की गवाही है और वोकल फॉर लोकल में योगदान सबूत है।

 रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना के कारण लगाये गये लॉकडाउन पीरियड में समाज के बुजुर्गो, दिव्यांगजनों और निराश्रितों को राहत पहंुचाने छत्तीसगढ़ सरकार ने विशेष प्रयास किये हैं। पूरे राज्य के साथ बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भी नियमित पेंशन राशि समय पर उपलब्ध कराने के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत भी 44 हजार 978 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्रति हितग्राही एक हजार रूपये के मान से 5-5 सौ रूपये दो किश्तों में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रूपये हितग्राहियों के खाते में जमा किये गये हैं। समाज के संवेदनशील तबके से जुड़े होने की वजह से उन्हें नगद संगवारी के सहयेाग से उनके गांव एवं घर पर जाकर राशि मुहैया कराई गई है। लॉकडाउन अवधि में सहज तरीके से घर पहंुच पेंशन सेवा प्रदाय करने वाले जिले के नगद संगवारी परियोजना को काफी सराहना मिली है।

     लॉकडाउन की अवधि में लोगों के लिए बैंक जा कर पैसा आहरण करना कठिन था। ऐसी स्थिति में नगद संगवारी पेंशनधारियों के लिए लाईफलाईन साबित हुए हैं। जिले में सक्रिय 320 नगद संगवारियों ने कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति में भी पेंशनधारियों के घर-घर जाकर लगभग 5 करोड़ 60 लाख रू राशि का नगद भुगतान किया है। जिससे दिव्यांग एव बुर्जुग पंेशनधारियों को आवागमन में होने वाली परेशानियों तथा बैंको के बाहर लम्बी-लम्बी कतारो से छुटकरा मिला है।
कोरोना काल में समाज कल्याण विभाग के संरक्षण में जिले के दिव्यांग समूह भी जागरूकता फैलाने में समान रूप से सक्रिय रहे। संगी-साथी दिव्यांग समूह, लाहोद, अन्नपूर्णा दिव्यांगसमूह, लटुवा, सक्षम दिव्यांग समूह, ताराशिव ने कोरोना से बचाव के लिए ढेरों मास्क सिलाई कर तैयार किये। उन्होंने गांव में घर-घर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, किराना दुकानदारों, सब्जीवालो, कोटवार आदि को लगभग 3 हजार 500 मास्क का निःशुल्क वितरण किया गया। विभाग की पहल पर मास्क की बेहतर क्वालिटी को देखते हुए सरकारी विभागों द्वारा दिव्यांग समूह से 17 हजार से अधिक मास्क की खरीददारी की गई है, जिससे समूहों का लगभग 1 लाख 90 हजार रूपये का व्यवसाय हुआ है। दिव्यांग समूह के संचालक श्री राम पटेल का कहना है कि प्रशासन के इस प्रकार सहयोग से दिव्यांग साथियों को लॉकडाउन अवधि में संकट के समय में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुआ और आत्मनिर्भरता मिली है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थानीय निकायों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से 1लाख 70 हजार से अधिक निराश्रितों, जरूरतमंदों एवं प्रवासी श्रमिकों हेतु सूखा राशन सामग्री एवं भोजन पैकेट की व्यवस्था की गई। इनमें 212 दिव्यांगजन एवं 46 तृतीय लिंग समुदाय के लोग शामिल थे। इन्हें 15 किलो चॉवल, 02 किलो दाल,तेल,साबुन,मसाले और हरी सब्जी का पैकेट बना कर प्रदान किया गया। कोरोना अवधि में विभागीय योजनार्गत 67 परिवारो को राष्टीªय परिवार सहायता के तहत 13 लाख 40 हजार रू का बैंक खाते के माध्यम से वितरण किया गया। 11 दिव्यंाग नवदम्पत्ति को निःशक्त विवाह प्रोत्साहन अन्तर्गत 6 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदाय की गई। नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 का वृ़द्धजनो में तेजी से होने वाले संक्रमण को ध्यान मे रखते हुए वृद्धाश्रम मे विशेष सावधानी बरती गई हेै।

 

रायपुर / शौर्यपथ / हौसले और स्वावलंबन से शारीरिक अक्षमता को भी हराया जा सकता है। जगदलपुर के गंगानगर वार्ड निवासी निवासी दिव्यांग संतोष के इसी हौसले को मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार का संबल मिला और अब उन्होंने दिव्यांगता को अपने हौसले के सामने विफल कर दिया है। दोनों पैरों से दिव्यांग संतोष कुमार शर्मा ने हिम्मत की और अपने वार्ड में ही किराना दुकान को अपनी आय का जरिया बनाया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना के तहत प्रशिक्षण और एक लाख का ऋण देकर उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग किया। इससे दिव्यांग संतोष का जीवन आत्मनिर्भर हो गया है। वह खुद के साथ अपने परिवार का भी पालन-पोषण करने में सक्षम बन गए हैं।
संतोष जन्म से एक वर्ष बाद से ही दोनों पैरों से चलने में असमर्थ हो गए। उनकेे पिता श्री रामजुलन मजदूरी कर परिवार का पूरे पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पैसों की तंगी देखते हुए श्री संतोष ने 12 वीं तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद 06 हजार की जमा पूंजी से एक किराना दुकान शुरू किया। कम बजट के कारण व्यवसाय कम चलता था। इसी बीच संतोष शर्मा को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संचालित मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना की जानकारी मिली, उन्होंने उद्योग केंद्र से संपर्क किया। उद्योग अधिकारियों ने उन्हें मार्गदर्शन दिया और उनके निवेदन पर किराना व्यवसाय के लिए ऋण प्रकरण तैयार कर बैंक को प्रेषित किया। बैंक से एक लाख का ऋण स्वीकृत किया गया।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा संतोष को एक सप्ताह का उद्यमिता प्रशिक्षण भी दिया गया जिससे उन्हें व्यवसाय चलाने संबंधी नई जानकारियां मिली। प्रशिक्षण के बाद योजना के अनुसार उद्योग विभाग ने 15 हजार मार्जिन मनी अनुदान स्वीकृत किया। बैंक द्वारा फरवरी 2020 में उन्हें 01 लाख रूपए का ऋण दिया गया। एक लाख रूपये की लागत से उन्होंने किराना एवं डेली नीड्स का शहर के गीदम रोड़ में प्रारंभ किया। व्यवसाय से अब उन्हें पर्याप्त आय हो रही है। इससे वे बैंक को 26 सौ रूपए की ऋण की किश्त नियमित जमा करते हुए अपने परिवार का भरण पोषण भी कर रहे हैं। युवाओं हेतु स्वरोजगार योजना को लाभकारी बताते हुए श्री संतोष कहते है कि ’काम ढूंढने वाले नहीं, काम देने वाले बनें’।

रायपुर / शौर्यपथ / खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने प्रदेश की सभी शासकीय उचित मुल्य की दुकानों में सी.सी.टी.व्ही कैमरा शीघ्र लगाने के निर्देश दिए हैं। श्री भगत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित सभी जिलों के खाद्य अधिकारियों की बैठक में खाद्यान्न भण्डारण और वितरण की समीक्षा की। उन्होंने राज्य के सभी पहुंचविहीन क्षेत्रों की राशन दुकानों में खाद्यान्न भण्डारण और वितरण की जानकारी ली और तीन दिन के भीतर चार माह के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न भण्डारण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी राशन कार्डधारी परिवारों के सदस्यों की आधार सिडिंग शीघ्र करने को कहा है, ताकि अगस्त माह में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना छत्तीसगढ़ मंे भी शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी राशन दुकानों की दीवारों को तिरंगा कलर से पोताई करने के निर्देश दिए गए थे। जिन दुकानों में पोताई का कार्य नहीं हो पाया है, उन दुकानों में एक सप्ताह के भीतर पोताई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तिरंगा कलर में पोताई होने से प्रदेश की राशन दुकानों में एकरूपता आएगी और अंजान व्यक्ति भी देखकर पहचान जाएगा राशन दुकान को।
मंत्री ने राशन दुकानों का युक्तियुक्तकरण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 8 लाख से अधिक एपीएल परिवारों के राशन कार्ड बनाए गए हैं। राशन कार्डाें की संख्या बढ़ने से राशन दुकानों की संख्या भी बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक-एक राशन दुकान एवं शहरी क्षेत्रों के वार्डाें में आवश्यकता के अनुरूप एक या दो राशन दुकान खोले जाए, जहां नए राशन दुकान खोलने की जरूरत हो उसका प्रस्ताव शीघ्र देने को कहा है। मंत्री भगत ने कहा कि नए राशन दुकान में तिरंगा कलर से पोताई और सीसीटीव्ही कैमरा लगाने के बाद ही दुकान का संचालन शुरू किया जाए। श्री भगत ने प्रदेश के जिन उचित मूल्य की दुकानों की शिकायतें आयी है, उसका तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। श्री भगत ने खाद्य विभाग द्वारा कोरोना काल में लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के कार्य को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी नागरिकों एवं प्रवासी श्रमिकों को समय पर राशन उपलब्ध कराया गया वह बड़ी उपलब्धि है।
खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि राज्य के शहरी क्षेत्रों के 50 प्रतिशत से अधिक उचित मूल्य की दुकानों में सीसीटीव्ही कैमरा लगाए जा चुके हैं। सभी दुकानों में एक सप्ताह के भीतर सीसीटीव्ही कैमरा लगवाने के निर्देश जिला खाद्य अधिकारियों को दिए गए हैं। राशन दुकानों में सीसीटीव्ही कैमरा लगने के बाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपभोक्ता मोबाईल पर अपने राशन दुकानों को देख सकेेंगे और राशन दुकान खुली या बंद होने की जानकारी घर बैठे ले सकेंगे। इसके माध्यम से सभी उचित मूल्य की दुकानों में होने वाली गतिविधियोें की जानकारी भी मिलेगी और इसकी मॉनिटरिंग भी आसानी से हो सकेगी। बैठक में विशेष सचिव मनोज सोनी, एमडी मार्कफेड सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

आजकल लोग बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाने के बजाए गूगल की शरण में जा रहे हैं। यहां वे अपने लक्षणों के आधार पर बीमारी के बारे में सर्च कर रहे हैं और उसका निदान जानने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन एक शोध में खुलासा किया गया है कि तीन में से दो लोगों को गूगल पर गलत जानकारी मिलती है।

यह ट्रेंड उनकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह शोध ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में स्थित एडिथ कोवान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया। इसके लिए उन्होंने 36 से अधिक अंतरराष्ट्रीय वेब-आधारित लक्षण की जांच करने वाली वेबसाइट्स का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि लक्षण के आधार पर रोग की पहचान वाले मामले केवल 36 फीसदी ही सही पाए गए। यही नहीं सिर्फ 52 फीसदी मामलों में ही बीमारी की सही जानकारी को सर्च रिजल्ट में शीर्ष तीन में दर्शाया गया।

गूगल द्वारा चिकित्सकों के पास जाने की चेतावनी भी आधे से ज्यादा मामलों में गलत पाई गई। केवल 49 फीसदी मामलों में ही डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी गई।

49 % लोगों को ही डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी गई
36 % लक्षण के आधार पर रोग की पहचान वाले मामले सही मिले

कई बीमारी पता नहीं होती-
शोध बताता है कि ऐसी वेबसाइटों के पास स्थानीय बीमारियों का डाटा नहीं होता। ऑस्ट्रेलिया में वे रॉस रिवर फीवर और हेंड्रा वायरस को नहीं पहचान पाते। डाटा के आधार पर शोधकर्ताओं ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान चिकित्सकों से मिलने की सलाह सिर्फ 60 फीसदी मामलों में ही सही पाई गई।

यह एक सिंड्रोम है-
अधिकांश लोग साइबरक्रॉ्ड्रिरयाक सिंड्रोम के शिकार होते हैं। इसके तहत सिरदर्द या बीमारी का पहला लक्षण दिखते ही गूगल पर सर्च करना शुरू कर देते हैं। लेकिन, हकीकत यह है कि इन वेबसाइट या एप को बहुत सावधानी से देखना चाहिए, क्योंकि आपकी मेडिकल हिस्ट्री इन्हें नहीं पता होती।

कोरोना के बाद इजाफा-
कोरोना संकट के बाद छोटी-मोटी बीमारियों जैसे पेट दर्द या हल्के जुकाम से पीड़ित लोग भी डॉक्टरों के पास जाने से बच रहे हैं। वे गूगल पर ही लक्षणों की पहचान करवाने वाले लोगों से बीमारी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इनकी संख्या में अचानक इजाफा हुआ है।

डॉक्टर का कोई विकल्प नहीं-
शोधकर्ता मिशेला हिल ने कहा, ये प्लेटफॉर्म डॉक्टर का विकल्प नहीं हो सकते। ये सिर्फ सुरक्षा की झूठी भावना प्रदान कर सकते हैं।

इन्हें सबसे ज्यादा खोजा गया-
-लगातार खांसी और बुखार
-डायबिटीज के लक्षण
-उच्च रक्तचाप के लक्षण
-पेट दर्द

 

धर्म संसार /शौर्यपर्थ / आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के दिन माता पार्वती को समर्पित जया-पार्वती व्रत किया जाता है। विशेष रूप से महिलाओं द्वारा किए जाने वाले इस व्रत के प्रभाव से अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त होता है। अविवाहित लड़कियों द्वारा इस व्रत के रहने से शीघ्र ही विवाह होता है और भरा पूरा परिवार मिलता है। सुखमय जीवन के लिए विवाहित स्त्रियों को यह व्रत अवश्य रखना चाहिए। इस पावन व्रत का पुण्य वट सावित्री व्रत के समान माना जाता है। इस व्रत को विजया पार्वती व्रत भी कहा जाता है।

मान्यताओं के अनुसार इस व्रत का रहस्य भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को बताया था। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना करें। मां पार्वती का ध्यान कर सुख-सौभाग्य और गृह शांति के लिए सच्चे मन से प्रार्थना करें। घर के मंदिर में भगवान शिव-माता पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। इस व्रत में नमक का सेवन पूरी तरह से वर्जित माना जाता है। व्रत में गेहूं का आटा, सब्जियां भी नहीं खानी चाहिए। व्रत के दौरान फलाहार कर सकते हैं। इस व्रत के प्रभाव से संतान की प्राप्ति होती है। श्रद्धापूर्वक जया पार्वती व्रत का विधि-विधान से पालन करने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। व्रत समाप्ति के एक रात पहले रात्रि जागरण करना चाहिए। इसे जयापार्वती जागरण कहते हैं।

 

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / कहते हैं आप जीवन के किसी भी कठिन दौर से क्यों न गुजर रहे हो लेकिन आपको संभालने के लिए उम्मीद की एक किरण ही काफी है। जैसे, आपका मूड कितना भी खराब क्यों न हो लेकिन कुछ विचार या छोटी-छोटी बातें ऐसी होती हैं, जिन्हें देखकर हमारी उदासी हट जाती है और हम सकारात्मकता से भर जाते हैं। एक नजर डालते हैं ऐसे ही ऊर्जावान विचारों पर जो जीवन की किसी भी तरह की निराशा हावी होने पर आपको सकारात्मकता से भर देगी-

 आपकी कल्पना ही आपकी सीमा है
कहते हैं आपको जब तक कोई नहीं रोक सकता जब तक कि आप अपनी सीमा निर्धारित न कर लें। ऐसे में आपको अपनी कल्पनाओं में हमेशा कुछ बड़ा सोचना है, जिससे कि आपमें कुछ अच्छा करने और आगे बढ़ने की ललक बने रहे।

छोटी-छोटी चीजें आपके अच्छे दिन लाती हैं
आज जो काम आपको छोटा लग रहा है, वो एक दिन आपको दुनिया भर में पहचान दिलाएगा।ऐसे में छोटे-छोटे प्रयासों को बिल्कुल बंद न करें। हमेशा जीवन की छोटी-छोटी चीजों को पूरा करते हुए बड़े अर्थ साधें।

 संघर्ष में अपनी ताकत तलाशें
आप जीवन में संघर्षों को परेशानियां नहीं बल्कि अपनी ताकत तलाशने के मौकों के रूप में देंखे। आप पाएंगे कि हर संघर्ष को पार करने के बाद आपका व्यक्तित्व काफी अच्छा हो जाएगा।

 बीते हुए कल को आज पर हावी न होने दें
आपको बीते हुए कल को आज पर हावी नहीं होने देना है। हरिवंशराय बच्चन की कविता ‘जो बीत गई वो बात गई’ पर अमल करते हुए नए सिरे से हर दिन जीवन की नई शुरुआत करें।

 


चिकन या मटन बिरयानी तो आपने कई बार खाई होगी, अब अपनी बिरयानी डिश में कुछ नई रेसिपीज को जोडऩा चाहते हैं, तो आप फिश बिरयानी भी ट्राई कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इसकी रेसिपी-
सामग्री :
मछली 750 ग्राम,
बासमती चावल 500 ग्राम (30 मिनट तक भीगे हुए),
दही– 01 कप (फेंटा हुआ),
प्याज 04 (बारीक कटा हुआ),
हरी मिर्च 06 (बारीक कटे हुए),
हरी धनिया 01 गड्डी (कटी हुई),
नींबू का रस 01 छोटा चम्मच,
अदरक-लहसुन पेस्ट 02 छोटे चम्मच,
तेल आवश्यकतानुसार।
विधि :
फिश बिरयानी बनाने के लिए सबसे पहले मछली को अच्छी तरह से साफ करके धो लें। उसके बाद आधा दही एक बाउल में निकालें और उसमें नींबू का रस और अदरक लहसुन का पेस्ट मिला लें। तैयार मिश्रण को मछलियों के ऊपर डाल कर उसे अच्छी तरह से लपेट लें और ढक कर रख दें।
अब भीगे हुए चावल को धो कर एक बर्तन में निकाल लें। उसमें जरूरत भर का पानी और थोड़ा सा नमक मिलाएं और उसे 75 त्न तक पका लें।
एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल डाल कर उसे गर्म करें। तेल गर्म होने पर उसमें प्याज डालें और सुनहरा होने तक भून लें। इसके बाद कड़ाही में टमाटर और बचा हुआ दही डालें और पांच मिनट तक पका लें।
जब टमाटर नरम हो जाए, उसमें मछली के पीस और हरी मिर्च डाल दें और आंच को धीमी करके चलाते हुए पकाएं। जब मछली अच्छी तरह से सिक जाए, कड़ाही को गैस से उतार कर अलग रख दें।
अब एक पैन लेकर उसे गैस पर धीमी आंच पर रखें। पैन में सबसे पहले एक तिहाई पका हुआ चावल डालें। उसके ऊपर से आधी मछली और आधी धनिया की पत्ती डालें और बराबर फैला दें। फिर उसके ऊपर से एक तिहाई चावल की लेयर बना कर डाल दें।
अब चावल के ऊपर बची हुई मछली डाल कर ऊपर से बचे हुए चावल की लेयर लगा दें। अब पैन को ढक कर लगभग 15 मिनट तक पकाएं उसके बाद बिरयानी को अच्छी तरह से चला कर मिक्स कर लें और गैस को बंद कर दें।
आपकी आपकी बिरयानी तैयार है। बस इसे हरी धनिया से गार्निश करें और अचार अथवा चटनी के साथ गर्मा-गरम परोसें।

सेहत /शौर्यपथ / कब्ज एक छोटा-सा शब्द है लेकिन जिन लोगों को अक्सर कब्ज की समस्या रहती है, वो बेहतर तरीके से जानते हैं कि यह किस तरह आपकी लाइफ डिस्टर्ब करती है। पेट साफ न होने से शारीरिक परेशानियों के साथ कई स्किन प्रॉब्लम्स भी हो जाती हैं। ऐसे में आपको अपना ख्याल रखने के लिए अपनी कुछ आदतों में सुधार करना चाहिए। कुछ ऐसी आदते होती हैं जिसकी वजह से आपको कब्ज की परेशानी होती रहती है। कब्ज की बात करें, तो आम कब्ज से लेकर गंभीर तरह की कब्ज की बीमारी इसमें शामिल है. जैसे कभी-कभार होने वाला कब्ज, क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन (कब्ज बहुत ज्यादा बढ़ जाने पर), यात्रा या उम्र से संबंधित कब्ज। कब्ज में हमारी आंतें मल को छोड़ नहीं पातीं। कब्ज होने के आम कारण हैं-
खानपान
खानपान में किसी भी तरह का बदलाव कब्ज का कारण बन सकता है, जैसे अचानक बहुत ज्यादा तैलीय खाना खाने या वजन घटाने के लिए खाने पर नियंत्रण करने की वजह से भी कब्ज हो जाता है। इसके अतिरिक्त यदि आप बहुत ज्यादा वसायुक्त चीजें पसंद करते हैं या शराब और कॉफी पीते हैं तो भी कब्ज के शिकार हो सकते हैं।
कम पानी पीना
कुछ लोग बहुत कम पानी पीते हैं। ऐसे लोग मानते हैं कि दिन में दो गिलास पानी पी लें तो भी उनका काम चल जाएगा, लेकिन इससे हमारे पाचन तंत्र और शरीर की जरूरतें पूरी नहीं होतीं।
व्यायाम
क्या आप रोजाना कसरत करते हैं? रोजाना न सही, सप्ताह में चार दिन तो करते होंगे। नहीं? पाचन तंत्र के बिगडऩे या कब्ज होने की यह सबसे बड़ी वजह है। शारीरिक व्यायाम के अभाव में हमारा मेटाबॉलिज्म खराब हो जाता है। मेटाबॉलिज्म के कमजोर पड़ते ही हमारी पाचन क्रिया गड़बड़ हो जाती है।
दवाएं
कुछ दवाओं के सेवन से भी कब्जियत हो जाती है। ज्यादातर मामले पेन किलर्स की वजह से देखने को मिले हैं। कुछ विटामिन और आयरन की खुराक से भी यह समस्या हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर से राय लेकर आप इन दवाओं के साथ स्टूल सॉफ्टनर दवाएं ले सकते हैं।
यह है उपचार
नीबू पानी
नीबू हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। अगर कभी कब्ज हो जाए तो एक गिलास गर्म पानी में एक नीबू का रस और शहद मिलाएं और पी लें।
दूध और दही
कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए पेट में अच्छे बैक्टीरिया का भी होना जरूरी है। सादे दही से आपको प्रोबायोटिक मिलेगा, इसलिए आप दिन में एक से दो कप दही जरूर खायें। इसके अलावा यदि बहुत परेशान हैं तो एक गिलास दूध में एक से दो चम्मच घी मिला कर रात को सोते समय पिएं, लाभ होगा।
आयुर्वेद
सोने से पहले दो या तीन त्रिफला टैबलेट गर्म पानी के साथ लें। त्रिफला हरड़, बहेड़ा और आंवले से बना होता है। ये तीनों पेट के लिए लाभकारी हैं। त्रिफला रात में अपना काम शुरू कर देता है।
खाने में फाइबर
एक दिन में एक महिला को औसतन 25 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है, वहीं एक पुरुष को 30 से 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। अपने पाचन तंत्र को दोबारा ट्रैक पर लाने के लिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप हर दिन अपनी जरूरत के अनुसार फाइबर की खुराक ले रहे हैं।

 शौर्यपथ / बॉलीवुड इंडस्ट्री की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान के निधन से मजोरंजन जगत को तगड़ा झटका लगा है। उन्हें सांस लेने की तकलीफ के चलते 20 जून को मुंबई के बांद्रा में स्थित गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टर्स की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका। सरोज को शुक्रवार सुबह मलाड के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उनके परिवारवाले और कुछ रिश्तेदार ही मौजूद थे। सरोज खान के प्रति शोक प्रकट करने के लिए प्रार्थना सभा तीन दिन बाद होगी।

सरोज खान डायबिटीज और इससे संबंधित बीमारियों से जूझ रही थीं। इसके चलते उन्होंने बीच में अपने काम से एक लंबा ब्रेक लिया था। साल 2019 में सरोज ने 'कलंक' और 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' में एक-एक गाने को कोरियॉग्राफ किया था। 'कलंक' में उन्होंने 'तबाह हो गए' गाने को कोरियोग्राफ किया था, जिसमें माधुरी दीक्षित ने बेहतरीन डांस कर सभी का दिल जीत लिया था।

गौरतलब है कि सरोज खान पिछले 40 साल में दो हजार से भी ज्यादा गानों को कोरियोग्राफ किया था। उन्होंने फिल्म देवदास के गाने 'डोला रे डोला', 'श्रृंगारम' के सारे गाने, 'जब वी मेट' के 'ये इश्क हाये' के लिए नैशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। फिल्म 'गुरु', 'देवदास', 'खलनायक', 'हम दिल दे चुके सनम', 'बेटा', 'सैलाब', 'चालबाज' और 'तेजाब' के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

सरोज के निजी जीवन की बात करें उन्होंने 13 साल की उम्र में इस्लाम धर्म कबूल कर 43 साल के बी. सोहनलाल से शादी कर ली थी। दोनों की उम्र में 30 साल का फासला था। सरोज ने हालांकि सोहनलाल की ये दूसरी शादी थी। पहली शादी से उनके चार बच्चे थे। एक इंटरव्यू में सरोज ने बताया था कि मैंने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कबूल किया था। उस वक्त मुझसे कई लोगों ने पूछा कि मुझ पर कोई दबाव तो नहीं है लेकिन ऐसा नहीं था। मुझे इस्लाम धर्म से प्रेरणा मिलती है।
निधन से भावुक हुईं माधुरी दीक्षित, ट्वीट कर कहा- मैं बिखर गई हूं
साल 2020 में बॉलीवुड के कई सितारे दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। शुक्रवार को कोरियोग्राफर सरोज खान का निधन हो गया है। वह काफी समय से बीमारी चल रही थीं। हाल ही में उन्हें बांद्रा स्थित हॉस्पिटल में ए़डमिट कराया गया था, जहां पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से बॉलीवुड को गहरा सदमा लगा है। 2000 गानों को कोरियोग्राफ कर चुकी सरोज को बॉलीवुड सेलेब्स श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अब एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने अपना दुख बयां किया है।

माधुरी ने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा, ''मैं दोस्त और गुरु सरोज खान के निधन से बिखर गई हूं। डांस में अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने में मेरी मदद करने के लिए मैं हमेशा उनकी आभारी रहूंगी। दुनिया ने आज एक अद्भुत प्रतिभाशाली इंसान को खो दिया। मैं आपको बहुत मिस करूंगी। परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करती हूं।''

इसके अलावा जेनेलिया डिसूजा, रितेश देशमुख, मनोज बाजपेयी, सुनील ग्रोवर, निमरत कौर ने सरोज खान को याद करते हुए इमोशनल ट्वीट किया है। मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सरोज खान के साथ अपनी कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ''मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे आपके साथ डांस करने का मौका मिला। मुझे इतना सबकुछ सिखाने के लिए आपको दिल से शुक्रिया। आपको हमेशा याद किया जाएगा। आप हमेशा हमारे दिल में रहेंगी।


रितेश देशमुख ने ट्वीट किया कि रेस्ट इन पीस सरोज खान जी। यह नुकसान बॉलीवुड और फिल्म प्रेमियों के लिए अकल्पनीय है। मुझे फिल्म अलादीन में आपने द्वारा कोरियोग्राफ किए जाने का सुख मिला। जेनेलिया डिसूजा ने लिखा, आरआईपी सरोज जी। मैं भगवान की शुक्रगुजार हूं कि मुझे आपके द्वारा कोरियोग्राफ किए जाने का मौका मिला। भगवान इस दुख की घड़ी में आपके परिवार को ताकत दें। वहीं, एक्टर सुनील ग्रोवर ने ट्वीट करते हुए लिखा, ''सरोज खान जी की निधन की खबर से शॉक्ड हूं। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

 

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