Google Analytics —— Meta Pixel
March 10, 2026
Hindi Hindi
बस्तर

बस्तर (1106)

दीपक वैष्णव की ख़ास रिपोर्ट
कोंडागांव / शौर्यपथ / कोंडागांव के दक्षिण वनमण्डल में हुई अवैध कटाई और भ्रष्टाचार ने आखिरकार प्रशासन की नींद उड़ा दी है। शौर्यपथ समाचार द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने नारंगी रेंज के अधिकारियों—नरेन्द्र साहू, घनश्याम सिंह तारम और सुभाष नाग को निलंबित कर दिया है।
मिली जानकारी अनुसार इनके खिलाफ (कार्य में लापरवाही ) लकड़ी की अंधाधुंध कटाई करके उसे मिलों में बेचने का मामला प्रकाश में आया था, जिसका खुलासा शौर्यपथ टीम के वीडियो सबूतों से भी हुआ। वन मंत्री केदार कश्यप की सख्त टिप्पणियों और वनमंडलाधिकारी चूणामणि सिंह के आदेश से जांच दल का गठन कर जाँच हुई, जिसने भ्रष्ट अधिकारियों की पहचान सुनिश्चित की।
कोंडागांव मुख्यालय के जोगेंदर सॉ मिल एवं शारदा विजय सॉ मिल को भी उड़नदस्ता टीम ने सील किया है। लेकिन सवाल अब भी बना हुआ है कि भ्रष्टाचार के ऐसे गंभीर मामलों में कार्रवाई क्यों चयनात्मक होती है।
गैरजरूरी एंट्री गेट निर्माण पर कार्यवाही का इंतज़ार ...
शौर्यपथ की पुरानी खबरों के अनुसार डोंगरीगुड़ा पहाड़ी पर गैरजरूरी एंट्री गेट निर्माण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले डामर मिक्सर प्लांट की अनदेखी अभी तक क्यों हो रही है? दहिकोंगा रेंजर बीजन शर्मा के खिलाफ कब कार्रवाई होगी, यह रहता है प्रशासन के लिए चुनौती।


क्या है पूरा मामला ...
बता दे कि कुछ समय पहले शौर्यपथ ने डोंगरीगुड़ा पहाड़ी पर हुए भ्रष्टाचार की खबर प्रकाशित किया था जहाँ अधिकारी द्वारा एन्ट्री गेट के होते हुए कुछ दूरी पर एक और एंट्री गेट लाखों रुपये का बना दिया गया, जो किसी कार्य का नही है सिर्फ पैसों की बर्बादी ही कह सकते हैं। साथ बन रहे बाई पास के लिए डामर मिक्सर प्लांट नया बस स्टैंड के पीछे लगा दिया गया है जो पूरे पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है मगर इसके बाद भी दहिकोंगा रेंज के जिम्मेदार अधिकारी बीजन शर्मा के ऊपर कब कार्यवाही किया जाएगा ये देखने वाली बात है।


शौर्यपथ समाचार के बस्तर संभाग प्रमुख दीपक वैष्णव द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दों ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। जनहित की लड़ाई में प्रेस की भूमिका साफ दिख रही है।यह घटना स्पष्ट करती है कि जब मीडिया, जनता और सरकार मिलकर सच को सामने लाते हैं तब ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगती है। अब बारी है कि वन विभाग भ्रष्टाचार के समस्त स्तरों को नियंत्रित कर दहिकोंगा रेंजर समेत अन्य दोषियों पर भी गाज गिराए।

जगदलपुर, शौर्यपथ। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा 2025 के अंतर्गत संपूर्ण बस्तर जिले में चलाए जा रहे यातायात जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को दंतेश्वरी फ़ार्मेसी कॉलेज, बोरपदर (जगदलपुर) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ सिन्हा के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) जगदलपुर संतोष जैन, यातायात प्रभारी मधुसूदन नाग एवं प्रकाश देवांगन ने कॉलेज के लगभग 100 छात्र-छात्राओं, अध्यापक एवं स्टाफ को सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। इनमें ट्रैफिक नियमों का पालन, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण, रोकथाम के उपाय, गुड सेमेरिटन लॉ तथा बस्तर क्षेत्र में पूर्व में हुई दुर्घटनाओं के उदाहरण शामिल थे।

छात्रों एवं स्टाफ ने गम्भीरता से जानकारी को सुना तथा भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प व्यक्त किया।

कॉलेज प्राचार्य ने भी सभी छात्रों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने की अपील की और स्पष्ट कहा कि बिना हेलमेट किसी भी विद्यार्थी को कॉलेज गेट से प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राचार्य की इस पहल पर सभी छात्रों ने सहमति जताई।

कार्यक्रम में कॉलेज के अध्यापक, स्टाफ तथा यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ।

राशन दुकान व आंगनबाड़ी तक पहुंचा कचरे का कहर, प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा गंदगी का कारोबार!

By - नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ । शहर में स्वच्छता का नारा बुलंद करने वाले अधिकारी और जनप्रतिनिधि अगर सच्चाई देखना चाहते हैं तो एक बार सिविल लाइन वार्ड क्रमांक 07 लालबाग स्थित SLRM सेंटर का हाल जरूर देखें। यहां शहर भर का कचरा लाकर डंप किया जाता है, जिसे महिला समूह के माध्यम से छांटा जाता है, लेकिन सफाई के नाम पर यह केंद्र अब दुर्गंध, मक्खियों और बीमारी का गढ़ बन चुका है।

बदबू से त्रस्त जनता, और वहीं पास में चल रहा राशन दुकान व बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्र, दोनों ही इस कचरे के दुष्प्रभाव झेल रहे हैं। बच्चों को पोषण देने के बजाय यहां संक्रमण और प्रदूषण का ज़हर परोसा जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सेंटर से उठने वाली सड़ी दुर्गंध पूरे इलाके में फैल चुकी है। “सुबह से शाम तक बदबू से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को बाहर खेलना तो दूर, आंगनबाड़ी भेजना भी खतरे से खाली नहीं,” लोगों ने नाराज़गी जताई।

शिकायतों के बावजूद नगर निगम और स्वच्छता मिशन अधिकारी बेखबर हैं, जैसे किसी को जनता की सेहत की कोई परवाह ही नहीं। हर साल “स्वच्छता रैंकिंग” में नंबर बढ़ाने की होड़ में लगे अधिकारी, ज़मीनी गंदगी और जनता की परेशानी को पूरी तरह अनदेखा कर रहे हैं।

स्वच्छ भारत मिशन का असली चेहरा लालबाग में साफ दिखाई दे रहा है — जहां मिशन सिर्फ पोस्टर और भाषणों तक सीमित रह गया है, जबकि हकीकत में नागरिक बदबू, मच्छर और बीमारी के बीच जीने को मजबूर हैं।

वार्डवासियों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे या तो SLRM सेंटर को आबादी से दूर हटाया जाए, या फिर वहां दुर्गंध नियंत्रण, कीटाणुनाशक छिड़काव और सफाई की स्थायी व्यवस्था की जाए। अन्यथा वार्ड के लोग आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि अब यह मामला सिर्फ बदबू का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक लापरवाही का बन चुका है।

राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी लगातार तीन वर्षों से प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं

कोंडागांव / शौर्यपथ /
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़े बेंदरी के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर की प्रतियोगिता में शानदार सफलता प्राप्त की है। जशपुर में आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में विद्यालय के बाल वैज्ञानिकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय ठाकुर के संरक्षण तथा व्याख्याता श्री अंकित गुप्ता एवं श्री दिलीप कश्यप के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर नवाचार आधारित मॉडल प्रस्तुत किए।"स्वच्छता एवं स्वास्थ्य" उप-विषय में जिज्ञासा मानिकपुरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वहीं "अपशिष्ट प्रबंधन एवं प्लास्टिक के विकल्प" विषय में गीतांजलि कोर्राम ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के दम पर प्रथम स्थानअर्जित किया।
विशेष उल्लेखनीय है कि विद्यालय ने अपशिष्ट प्रबंधन विषय में लगातार तीसरी बार राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर हैट्रिक बनाई है, जो पर्यावरण संरक्षण एवं कचरा प्रबंधन के प्रति विद्यार्थियों की समझ, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
विद्यालय विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर शानदार प्रदर्शन करता आया है। यहां के विद्यार्थी अपनी तकनीकी दक्षता, नवाचार और परिश्रम के दम पर हर वर्ष राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान मेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हैं।
इस उल्लेखनीय सफलता पर प्राचार्य श्री संजय ठाकुर, शिव कुमार तिवारी, नरेंद्र लोंहरे, अली बक्श शेख, राजकुमार तिग्गा, सरिता मांझी, तनुजा देवांगन, मदन सोनेवारा, निर्मल सिन्हा, धनपत नेताम, किरण पोया, दिगपाल दास मानिकपुरी, कमलेश साहू, कल्पना पैकरा, रुपाली शुक्ला, वंदना भोय, अमर मरकाम, भूनश्वर सूर्यवंशी, अनंत चौरे, अमजद पोयाम, दीपक ध्रुव सहित समस्त स्टाफ ने विजयी विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
विद्यालय परिवार को पूर्ण विश्वास है कि विद्यार्थी आगामी प्रतियोगिताओं में भी अपनी उत्कृष्टता जारी रखते हुए जिले और संस्था का नाम ऊँचाइयों पर पहुँचाएँगे।

जगदलपुर में पत्रकारों के बीच पहला शो—बस्तर की वास्तविकता, दर्द और उम्मीद का संजीव चित्रण

 

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फिल्म “माटी” शुक्रवार को पूरे प्रदेश में रिलीज होते ही चर्चा का केंद्र बन गई। बस्तर में लंबे समय से प्रतीक्षित यह फिल्म अपने पहले ही दिन जगदलपुर के स्थानीय बिनाका मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स में बस्तर जिला पत्रकार संघ के सदस्यों के लिए विशेष शो के रूप में प्रदर्शित की गई। बड़ी संख्या में पहुंचे पत्रकारों ने फिल्म देखकर बस्तर की वास्तविकताओं से रूबरू होने का अनुभव साझा किया।

फिल्म माटी न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि बस्तर की मिट्टी, संस्कृति, लोकजीवन और संघर्ष को पहली बार इतने सजीव, भावनात्मक और संवेदनशील रूप में बड़े पर्दे पर सामने लाती है। घने जंगलों, घाटियों, झरनों और दूरस्थ गांवों की प्राकृतिक सुंदरता को कैमरे ने एक ऐसी दृष्टि दी है, जिसने दर्शकों को अपनी ही मिट्टी से नए सिरे से जोड़ दिया।

फिल्म की कहानी नक्सलवाद की छाया में जी रहे बस्तरवासियों की पीड़ा, भय, प्रशासनिक तंत्र की जटिलताओं और आम लोगों के संघर्ष को बिना किसी आडंबर के पेश करती है। हिंसा और अनिश्चितता के बीच पनपती एक शांत, सच्ची और मासूम प्रेम कहानी इस फिल्म की भावनात्मक धड़कन बनकर उभरती है, जो अंधेरे परिस्थितियों में भी उम्मीद और जिंदगी की किरण दिखाती है।

फिल्म की खासियत यह है कि इसमें बस्तर के स्थानीय कलाकारों ने बड़ी संख्या में अभिनय किया है। उनका बोली-बानी, हावभाव और जीवनशैली कहानी को वास्तविक और भरोसेमंद आयाम देती है। निर्देशक ने कलाकारों को सिर्फ अभिनय नहीं कराया, बल्कि उन्हें अपनी ही कहानी को जीने का अवसर दिया है।

चन्द्रिका फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित फिल्म के निर्माता व कथाकार सम्पत झा ने कहा कि “माटी सिर्फ एक फिल्म नहीं, यह बस्तर की पहचान और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यहां की खुशबू, दर्द और उम्मीद को दुनिया के सामने लाना ही मकसद था।” उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में नक्सलवाद के डर के कारण स्थानीय लोग शामिल होने से हिचकिचा रहे थे, लेकिन बाद में वे खुद इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करने लगे।

फिल्म में 1000 से अधिक स्थानीय लोगों ने छोटी-बड़ी भूमिकाओं में काम किया है, जिससे इसका प्रत्येक दृश्य बस्तर की सच्चाई के और करीब नजर आता है।

फिल्म के निर्देशक अविनाश प्रसाद, जिन्होंने वर्षों तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्य किया है, ने बस्तर के सामाजिक ताने-बाने को बेहद जीवंत निर्देशन के साथ परदे पर उतारा है।

छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लोकप्रिय संगीतकार अमित प्रधान ने बैकग्राउंड स्कोर से फिल्म को गहराई दी है, वहीं मनोज पांडेय के लिखे गीत कहानी के संवेदनशील पहलुओं को और प्रभावी बनाते हैं।

फिल्म की संपूर्ण शूटिंग बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों, नदी-घाटियों, पहाड़ों, जंगलों और दुर्गम गांवों में की गई है। इन प्राकृतिक दृश्यों की मौलिक सुंदरता ने फिल्म को दृश्यात्मक रूप से और भी आकर्षक बना दिया है।

मुख्य कलाकारों में महेन्द्र ठाकुर (भीमा), भूमिका साहा (उर्मिला) सहित भूमिका निषाद, राजेश मोहंती, आशुतोष तिवारी, दीपक नाथन, संतोष दानी, निर्मल सिंह राजपूत, जितेन्द्र ठाकुर, नीलिमा, लावण्या मानिकपुरी, पूर्णिमा सरोज, श्रीधर राव, बादशाह खान और कई स्थानीय कलाकारों ने दमदार अभिनय कर दर्शकों का दिल जीता है।

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। कलेक्टर कार्यालय के नए भवन की लाखों रुपये की लिफ्ट अब शोपीस बन चुकी है। कुछ ही दिन चलने के बाद से यह बंद पड़ी है, और महीनों बीत जाने के बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। जनता और कर्मचारी रोज़ाना इस लापरवाही की सज़ा भुगत रहे हैं।

कार्यालय में रोज़ सैकड़ों लोग अपने कार्यों से आते हैं — जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग नागरिक भी शामिल हैं। लेकिन लिफ्ट बंद होने से सबको मजबूरी में ऊँची मंज़िलों तक सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ रही हैं। सबसे ज़्यादा परेशानी उन कर्मचारियों को हो रही है जिनका रोज़ का काम ऊपर की मंज़िलों पर है।

लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने करोड़ों खर्च कर शानदार भवन बनवाया, तो उसकी सुविधा भी टिकाऊ होनी चाहिए थी। परंतु हकीकत यह है कि दिखावे की चमक के पीछे रखरखाव की जिम्मेदारी कहीं गुम हो गई है।

जनता अब सवाल उठा रही है — “क्या कलेक्टर कार्यालय की यह लिफ्ट जनता की सुविधा के लिए थी या सिर्फ़ उद्घाटन के दिन फोटो खिंचवाने के लिए?”

अगर जल्द ही मरम्मत नहीं कराई गई, तो यह ‘लिफ्ट’ नहीं, प्रशासन की लापरवाही का प्रतीक बन जाएगी?

नगरनार पुलिस की सटीक योजना से पकड़ा गया 56 किलो गांजा, स्कार्पियो वाहन में ‘POLICE’ लिखकर कर रहे थे तस्करी

जगदलपुर, शौर्यपथ। नगरनार पुलिस ने अपनी सजगता और त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, क़ानून की पकड़ से बचना नामुमकिन है। उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे तस्करों की स्कार्पियो वाहन से 56.605 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है। पुलिस की इस बड़ी सफलता से पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

मुखबिर की सूचना पर ग्राम धनपुंजी फॉरेस्ट नाका (NH-63) में पुलिस ने देर रात नाकाबंदी की थी। इसी दौरान सफेद रंग की स्कार्पियो (क्रमांक CG-04-PW-8248) तेज रफ़्तार में आती दिखी, लेकिन पुलिस को देखकर चालक और उसका साथी वाहन छोड़कर अंधेरे में भाग निकले। वाहन की तलाशी लेने पर 11 पैकेट गांजा, कुल कीमत ₹5.66 लाख, और वाहन कीमत ₹5 लाख सहित कुल ₹10.66 लाख का माल जब्त किया गया।

तस्करों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए वाहन में ‘POLICE’ लिखी प्लेट, लाल-नीली बत्ती और सायरन लगाया हुआ था, ताकि वाहन पुलिस पेट्रोलिंग जैसा प्रतीत हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता और ठोस रणनीति के आगे उनकी सारी चालाकी धरी की धरी रह गई।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, और नगर पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार डी. धोत्रे के निर्देशन में की गई। टीम में निरीक्षक संतोष सिंह, स.उ.नि. महेन्द्र ठाकुर, महिला प्रधान आरक्षक पीलेश्वरी साहू, आरक्षक दशरू नाग, चंद्रकुमार कंवर, डीएसएफ आर. विरेन्द्र ठाकुर, तथा सैनिक जगन्नाथ नाग की प्रमुख भूमिका रही।

पुलिस ने फरार आरोपियों के विरुद्ध धारा 20 (ख) ii (ग) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

नगरनार पुलिस की इस सटीक और साहसिक कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब पुलिस दृढ़ संकल्प और ईमानदारी से काम करे, तो अपराध की कोई सीमा नहीं टिकती।

जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर संभाग के सबसे बड़े और सक्रिय पत्रकार संगठन बस्तर जिला पत्रकार संघ के भवन का शुक्रवार को भव्य उद्घाटन किया गया। सन् 1980 में स्थापित यह ऐतिहासिक भवन अब 45 वर्ष पूरे कर चुका है। लंबी यात्रा के बाद इस भवन को आधुनिक स्वरूप में पुनर्निर्मित किया गया है, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सभागार, बैठक कक्ष एवं तकनीकी उपकरणों को शामिल किया गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश, मां दंतेश्वरी, मां लक्ष्मी एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना तथा हवन पूजन के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे परिसर में आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा। इस अवसर पर बस्तर जिला पत्रकार संघ के सदस्यों ने नए भवन के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

पूजा अर्चना उपरांत भवन का शुभारंभ संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता,सचिव धर्मेंद्र महापात्र, कोषाध्यक्ष सुब्बा राव, उपाध्यक्ष शिव प्रकाश सीजी, निरंजन दास, सह सचिव प्रदीप गुहा एवं बादशाह खान ने संयुक्त रूप से सभी सदस्यों की मौजूदगी मेँ फीता काटकर किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे। सभी ने भवन के नए स्वरूप की खुलकर सराहना की और कहा कि यह भवन सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि बस्तर की पत्रकारिता की अस्मिता, संघर्ष और एकता का प्रतीक है।

वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि बस्तर जिला पत्रकार संघ ने सदैव सामाजिक सरोकारों और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्राथमिकता दी है। आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस यह भवन पत्रकारों के लिए एक नई ऊर्जा का स्रोत बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान वर्तमान पदाधिकारियों ने संघ के दिवंगत संस्थापक सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अमूल्य योगदान को याद किया। कहा गया कि उन्हीं की दूरदृष्टि और परिश्रम के कारण आज यह भवन बस्तर की पत्रकारिता का गौरव बना है।

अंत में संघ केअध्यक्ष मनीष गुप्ता,सचिव धर्मेंद्र महापात्र एवं पदाधिकारियों ने आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन आने वाले समय में पत्रकारिता के प्रशिक्षण, संवाद, विमर्श और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।

रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने 24 अक्टूबर को अपने बीजापुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में उन्होंने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तारपूर्वक जायजा लिया।


? पुनर्वास केंद्र में सुविधाओं की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों की बुनियादी आवश्यकताओं पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि उनके लिए निम्नलिखित सुविधाओं का सुनिश्चित प्रावधान होना चाहिए:

  • नाश्ता और भोजन की नियमित व्यवस्था

  • वस्त्र और खेलकूद की सामग्री

  • योगाभ्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उपलब्धता

  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन-प्रशासन से नियमित संवाद


? कौशल विकास और मुख्यधारा में पुनर्संयोजन

श्री शर्मा ने कहा कि कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

“पुनर्वासित व्यक्तियों की रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।”

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित व्यक्तियों को कम से कम एक बार रायपुर भ्रमण (एक्सपोज़र विज़िट) कराया जाए।


? स्वास्थ्य और परिवार से संपर्क

उप मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए निम्नलिखित कदम सुझाए:

  • परिजनों से मिलने की तिथि सुनिश्चित करना

  • यदि परिवारजन किसी जेल में हैं, तो उनसे मिलने की सुविधा प्रदान करना

  • प्रत्येक पुनर्वासित सदस्य को निःशुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराना, ताकि परिवार से नियमित संपर्क बना रहे


? बैठक में उपस्थित प्रमुखजन

बैठक में उपस्थित थे:
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन वाय, एवं अन्य जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी।


? मुख्य बिंदु संक्षेप में

  • उप मुख्यमंत्री ने बीजापुर में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली

  • पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों की सुविधाओं का विस्तारपूर्वक निरीक्षण

  • कौशल विकास और मुख्यधारा में पुनर्संयोजन पर विशेष निर्देश

  • स्वास्थ्य, परिवार से संपर्क और मोबाइल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश

  • जिला अधिकारियों को संवेदनशील और सतत निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी


? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: बीजापुर, छत्तीसगढ़

Page 6 of 123

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)